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विवादित भूमि वक़्फ़ की है कि नहीं इसका निर्णय वक़्फ़ ट्रिब्यूनल ही कर सकता है दीवानी अदालत को इस बारे में कोई अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
विवादित भूमि वक़्फ़ की है कि नहीं इसका निर्णय वक़्फ़ ट्रिब्यूनल ही कर सकता है दीवानी अदालत को इस बारे में कोई अधिकार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर मामले का मुद्दा यह है कि विवादित भूमि वक़्फ़ की परिसंपत्ति है कि नहीं तो फिर इसका निर्णय न्यायाधिकरण करेगा और दीवानी अदालत का इस पर कोई न्यायाधिकार नहीं होगा। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति केएम जोसफ़ की पीठ ने पंजाब वक़्फ़ बोर्ड की दो अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह कहा। इस अपील में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के दो अलग अलग मामलों में दिए गए फ़ैसलों को चुनौती दी गई है। पहले मामले को पंजाब वक़्फ़ बोर्ड ने दीवानी अदालत में दायर किया था जिसमें प्रतिवादियों के...

अगर पत्नी अपने पति के रिश्तेदारों के व्यवहार से ख़ुश नहीं है तो उसका अलग रहना और गुज़ारा ख़र्च माँगना जायज़ है : बॉम्बे हाईकोर्ट
अगर पत्नी अपने पति के रिश्तेदारों के व्यवहार से ख़ुश नहीं है तो उसका अलग रहना और गुज़ारा ख़र्च माँगना जायज़ है : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर पत्नी पति के मां-बाप के व्यवहार से ख़ुश नहीं है और उनके साथ रहने में असुविधा महसूस कर रही है तो उसका अलग रहना और इस पर आने वाले ख़र्च की माँग करना जायज़ है। न्यायमूर्ति वीके जाधव ने एक पति की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमें उसने फ़ैमिली कोर्ट के फ़ैसले को चुनौती दी थी। फ़ैमिली कोर्ट ने उसकी शादी के अधिकारों की बहाली की माँग संबंधी याचिका ख़ारिज कर दी थी और उसको अपनी पत्नी को गुज़ारा भत्ता देने का आदेश दिया था। पति के वक़ील ने हाईकोर्ट में कहा कि इस मामले...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 23 सालों से जेल में बंद हत्या के आरोपी को अवधि से पहले छोड़े जाने पर राज्य सरकार को ग़ौर करने को कहा [निर्णय पढ़े]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 23 सालों से जेल में बंद हत्या के आरोपी को अवधि से पहले छोड़े जाने पर राज्य सरकार को ग़ौर करने को कहा [निर्णय पढ़े]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गत माह हत्या के एक अभियुक्त को राहत दी और कहा जेल में 24 साल बिताने के बाद उसे जेल से समय से पहले रिहा करने पर ग़ौर किया जाएगा।विट्ठल पुंडलिक जेंदगे ने हाईकोर्ट में आपराधिक रिट याचिका दायर कर समय से पहले जेल से रिहा किए जाने की माँग की थी। उसकी याचिका पर न्यायमूर्ति एएस ओक और एएस गड़करी ने ग़ौर किया।अदालत ने 15 मार्च 2010 को पारित सरकार के एक प्रस्ताव का हवाला दिया जिसमें क़ैदियों को मियाद पूरी होने से पहले रिहा किए जाने के बारे में दिशानिर्देश दिए गए हैं। ऐसा सीआरपीसी, 1973...

अवमानना के मामले में कोर्ट को उस आदेश की चारदिवारी में रहना होगा जिसकी अवज्ञा हुई है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
अवमानना के मामले में कोर्ट को उस आदेश की चारदिवारी में रहना होगा जिसकी अवज्ञा हुई है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अवमानना के ख़िलाफ़ अपने न्यायाधिकार का प्रयोग करते हुए कोर्ट को उस आदेश की चारदिवारी में ही रहना है जिसकी 'अवज्ञा' हुई है। न्यायमूर्ति आर बनुमती और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने Er. K. Arumugam vs. V. Balakrishnan में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ अपील पर सुनवाई के दौरान यह कहा। आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट ने जिस आदेश की अवज्ञा हुई उसके बाहर जाकर यह आदेश दिया। बालाकृष्णन ने अपनी याचिका में कहा है कि हाईकोर्ट ने एक आदेश में ज़िला कलक्टर को यह...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
सिर्फ़ इसलिए कि ऑपरेशन के बाद घर पहुँचकर मरीज़ की मौत हो गई, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को दोषी नहीं माना जा सकता : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सरकारी डॉक्टर के ख़िलाफ़ मामले को यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि सिर्फ़ इसलिए कि ऑपरेशन के बाद घर पहुँचने पर मरीज़ की मौत हो गई, इसे डॉक्टर की लापरवाही नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह ने कहा, "डॉक्टर योग्य है और वह एमबीबीएस और एमएस (जनरल सर्जरी) है। यह नहीं कहा गया है कि वह नशे में था और उसने ऐसे उपकरणों का प्रयोग किया जिनसे सर्जरी नहीं की जा सकती है। उसने कई मामलों में सर्जरी किया है… …आईपीसी की धारा 304A, के तहत यह साबित करना ज़रूरी है...

असामान्य बीमारियों के बारे में राष्ट्रीय नीति का कोई अता-पता नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजा
असामान्य बीमारियों के बारे में राष्ट्रीय नीति का कोई अता-पता नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस भेजकर असामान्य बीमारी के इलाज की राष्ट्रीय नीति, 2017 (National Policy for Treatment of Rare Diseases, 2017) के तहत इस तरह की बीमारियों से ग्रस्त लोगों को वित्तीय मदद के लिए समिति गठित किए जाने और उनके लिए अस्पतालों की पहचान के मुद्दे पर उनका रूख क्या है, यह पूछा है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पीठ ने 'ऑर्गनायज़ेशन ऑफ़ रेयर डिजीज इंडिया (ORDI) नामक एनजीओ की जनहित याचिका पर यह नोटिस...

यौन व्यापार से छुड़ाए गए महिलाओं को किसी मध्यवर्ती क़ैद में तीन सप्ताह से ज़्यादा समय तक नहीं रखा जा सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट
यौन व्यापार से छुड़ाए गए महिलाओं को किसी मध्यवर्ती क़ैद में तीन सप्ताह से ज़्यादा समय तक नहीं रखा जा सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में उन दो महिलाओं को बरी कर दिया जिन्हें कथित रूप से वेश्यावृत्ति के धंधे से मुक्त कराया गया था। कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा 21 के दिनों के भीतर इनके पुनर्वास के बारे में कोई आदेश पास नहीं कर पाने के कारण इन्हें तीन सप्ताह से ज़्यादा समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता है। न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर ने इमॉरल ट्रैफ़िक (निवारण) अधिनियम (PITA), 1956 की धारा 17(3) के प्रावधान के तहत यह आदेश दिया। इन महिलाओं ने अदालत में याचिका दायर कर उन्हें नवजीवन महिला संस्था...

DJS-2018: दिल्ली हाईकोर्ट ने संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया, अब 111 और उम्मीदवार दे सकेंगे मुख्य परीक्षा
DJS-2018: दिल्ली हाईकोर्ट ने संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया, अब 111 और उम्मीदवार दे सकेंगे मुख्य परीक्षा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है। 30 जनवरी को हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद ऐसा किया गया है। फ़ैसले में कहा गया था कि दो प्रश्नों को हटा दिया जाए और एक प्रश्न के दो सम्भावित उत्तर कर दिए जाएँ। इससे पहले 17 जनवरी को इसका परीक्षा परिणाम जारी किया गया था जिसमें 564 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया था। अब जब संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया गया है, अब इस सफल उम्मीदवारों की सूची में 111 लोग और जुड़ गए हैं। इसकी मुख्य परीक्षा 9 और 10 फ़रवरी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने DJS-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दुबारा तैयार करने को कहा; दो प्रश्नों को हटाने और एक के लिए दो सही उत्तर जोड़ने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने DJS-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम दुबारा तैयार करने को कहा; दो प्रश्नों को हटाने और एक के लिए दो सही उत्तर जोड़ने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा का परिणाम दुबारा निकालने का आदेश दिया है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया है कि वह DJS-2018 की प्रारंभिक परीक्षा का दुबारा परिणाम निकाले और इसके प्रशनपत्र सिरीज़ B से दो प्रश्नों को हटा दे, उत्तर कुंजी (answer key) में से एक प्रश्न के उत्तर को संशोधित करे और एक विशेष प्रश्न के उत्तर को संशोधित कर उसके चार में से दो उत्तरों को 'सर्वाधिक उचित उत्तर' बताए। यह फ़ैसला न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति प्रतीक जलान ने DJS-2018 की परीक्षा में...

राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलवाने से भूमि पर क़ब्ज़े का अधिकार नहीं बन जाता और इसका कोई आनुमानिक महत्व भी नहीं है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलवाने से भूमि पर क़ब्ज़े का अधिकार नहीं बन जाता और इसका कोई आनुमानिक महत्व भी नहीं है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी ज़मीन के राजस्व रेकर्ड में नाम बालवाने से उस व्यक्ति का उस ज़मीन पर क़ब्ज़ा नहीं हो जाता है और जिस व्यक्ति की ज़मीन है उसका अधिकार ख़त्म नहीं हो जाता है और न ही इसका कोई आनुमानिक (presumptive) महत्व भी नहीं है। सिर्फ़ इतना होता है कि जिस व्यक्ति का नाम राजस्व रेकर्ड में डाला गया है वह राजस्व का भुगतान कर सकता है। न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह बात कही।...

लेटर पैड कॉलेजों से क़ानून की डिग्री ख़रीदने वालों पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल को जारी किया नोटिस
'लेटर पैड कॉलेजों' से क़ानून की डिग्री ख़रीदने वालों पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल को जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने लेटर पैड कॉलेजों द्वारा बेची जाने वाली क़ानून की डिग्री पर रोक लगाने की एक याचिका पर बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI)को नोटिस जारी किया है। याचिका में इस मुद्दे की जाँच की माँग की गई है जो कि क़ानूनी पेशे की पवित्रता को समाप्त कर रहा है। न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने एम वसंत राजा की याचिका पर BCI को नोटिस जारी किया। अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने राजा की ओर से इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष अपना पक्ष रखा। इस याचिका में याचिकाकर्ता ने...

बीमा कंपनियाँ पॉलिसी की शर्तों को एकतरफ़ा कार्रवाई कर बदल नहीं सकतीं और कवरेज को कम नहीं कर सकतीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
बीमा कंपनियाँ पॉलिसी की शर्तों को एकतरफ़ा कार्रवाई कर बदल नहीं सकतीं और कवरेज को कम नहीं कर सकतीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारी बीमा कंपनियाँ मनमाना ढंग से काम नहीं कर सकती और उसने न्यू इंडिया एश्योरेंश कंपनी लिमिटेड के उस क़दम को निरस्त कर दिया जिसके तहत उसने पॉलिसी की शर्तों को समाप्त कर कवरजे को घटा दिया था। यह मामला Twenty First Century Media Pvt Ltd को बेची गई बीमा योजना का है। यह एक खेल विपणन और प्रबंधन कंपनी है और यह बीमा बाढ़, बारिश आदि के कारण क्रिकेट मैच के रद्द होने से बचाव के लिए है। अक्टूबर 17, 2010 में कोच्चि में खेला जाने वाला एक मैच बारिश के कारण रद्द हुआ और कंपनी ने...

अगर शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत हुआ है तो अंग्रेज़ी निजी क़ानून के तहत राहत का दावा नहीं किया जा सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
अगर शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत हुआ है तो अंग्रेज़ी निजी क़ानून के तहत राहत का दावा नहीं किया जा सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्त्वपूर्ण फ़ैसले में यूके में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को मैनचेस्टर के एक फ़ैमिली अदालत में चल रहे तलाक़ के मामले को जारी रखने से मना करदिया और कहा कि अगर कोई शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पंजीकृत है तो राहत अंग्रेज़ी निजी क़ानून के तहत नहीं माँगी जा सकती।न्यायमूर्ति आरडी धानुका अरुणिमा टाकीयर की याचिका पर यह निर्णय दिया। अरुणिमा ने अपने पति नवीन टाकीयर की यूके की अदालत में दायर तलाक़ की अर्ज़ी पर रोकआदेश की माँग की है।पृष्ठभूमिवादी के अनुसार, अरुणिमा की शादी हिंदू...

नाबालिग़ का स्वेच्छा से आरोपी के साथ होना ज़मानत मिलने को आसान करनेवाला है : गुजरात हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
नाबालिग़ का स्वेच्छा से आरोपी के साथ होना ज़मानत मिलने को आसान करनेवाला है : गुजरात हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को एक व्यक्ति को ज़मानत दे दी जिस पर 17 साल की एक लड़की का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। ऐसा करते हुए न्यायमूर्ति एसएच वोरा ने कहा कि आरोपी और नाबालिग़ लड़की के बीच प्रेम संबंध है और यह लड़की अपनी इच्छा से इस आरोपी के साथ गई। "बार ने जो दलील दी है और एपीपी ने जो चार्जशीट के दस्तावेज़ पेश किए हैं और भाविकबेन के दर्ज बयान के अनुसार ऐसा लगता है कि आरोपी याचिकाकर्ता और लड़की के बीचक प्रेम संबंध है। इसमें संदेह नहीं कि पीड़ित लड़की आरोपी के साथ अपनी इच्छा से गई और...

NI अधिनियम की धारा 138 के तहत आरोपी और उसके गवाह हलफ़नामा दायर कर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं : गुजरात हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
NI अधिनियम की धारा 138 के तहत आरोपी और उसके गवाह हलफ़नामा दायर कर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं : गुजरात हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि Negotiable Instruments Act के तहत दायर मामलों में गवाहों की तरह ही, आरोपी भी धारा 145 के तहत हलफ़नामा दायर कर गवाही दे सकता है। न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला ने कहा, "आरोपी की ओर से दी गई गवाही में सीआरपीसी की धारा 315 के तहत आरोपी भी शामिल हो सकता है। अगर गवाह अपना साक्ष्य NI अधिनियम की धारा 145 के तहत हलफ़नामे के रूप में देता है, तो आरोपी की गवाही भी हलफ़नामे के रूप में हो सकती है। कोर्ट ने यह बात राकेशभाई मगनभाई बरोत नामक एक व्यक्ति की याचिका पर कही।...

सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कहा - हाईकोर्ट का आदेश सीपीसी के प्रावधानों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कहा - हाईकोर्ट का आदेश सीपीसी के प्रावधानों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एकपक्षीय अल्पकालिक आदेश पर चिंता जताई और कहा कि यह नागरिक प्रक्रिया संहिता का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है। टीटीएल हॉलिडेज़ की याचिका पर हाईकोर्ट ने उसी दिन एयर इंडिया लिमिटेड के ख़िलाफ़ एक आदेश पारित किया और उसको उस क़रार को जारी रखने का आदेश दिया जिससे वह हट गया था। ऐमडेयस हवाई टिकट आरक्षण के बारे में डाटा उपलब्ध कराने वाली कंपनी है और यह एयर इंडिया के साथ मिलकर 30 साल से काम कर रही थी। 4 दिसम्बर 2018 को इस कम्पनी ने इस क़रार को रद्द...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग़ लड़की से बलात्कार करने वाले शिक्षक की मौत की सज़ा को सही बताया [निर्णय पढ़े]
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग़ लड़की से बलात्कार करने वाले शिक्षक की मौत की सज़ा को सही बताया [निर्णय पढ़े]

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग़ से बलात्कार के आरोपी एक शिक्षक की मौत की सज़ा को बरक़रार रखा है। इस शिक्षक ने साढ़े चार साल की एक लड़की के साथ बलात्कार किया था। कोर्ट ने कहा कि इस सज़ा के लिए मौत से कम की सज़ा नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति पीके जायसवाल और न्यायमूर्ति अंजुली पालो ने निचली अदालत के फ़ैसले को सही ठहराया और सज़ा कम करने की उसकी अपील ठुकरा दी। 28 वर्षीय आरोपी ने निचली अदालत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी।इस शिक्षक के खिलाफ आरोप यह है कि उसने 1 जुलाई 2018 की रात को जब यह...

आधार में दी गई सूचना को आपराधिक मामलों के लिए निर्णयात्मक सबूत नहीं माना जा सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
आधार में दी गई सूचना को आपराधिक मामलों के लिए निर्णयात्मक सबूत नहीं माना जा सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि आधार कार्ड में जो सूचनाएँ संग्रहीत हैं जैसे के जन्म तिथि आदि को उसे किसी आपराधिक मामलों के लिए निर्णयात्मक सबूत नहीं माना जा सकता। यह ध्यान देने वाली बात है कि इससे पहले पिछले साल दिल्ली हाईकोर्ट इसके उलट फ़ैसला दे चुका है। न्यायमूर्ति अजय लांबा और न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की पीठ ने एक दम्पति की याचिका पर यह बात कही। इस दम्पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एक लड़की की माँ द्वारा एक लड़के और उसके परिवार के ख़िलाफ़ दायर आपराधिक मामले को ख़ारिज करने की माँग की।...