मुख्य सुर्खियां
दिल्ली सीएए प्रोटेस्ट : सत्र न्यायाधीश ने हिंसा में आरोपियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस से सीसीटीवी फुटेज पेश करने को कहा
तीस हजारी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (अवकाश न्यायाधीश) मनीष यदुवंशी ने शनिवार को 20 दिसंबर की रात को सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसा में 15 आरोपी व्यक्तियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए दरियागंज पुलिस से सीसीटीवी फुटेज पेश करने क कहा है। कोर्ट ने दरियागंज में 15 आरोपियों की जमानत की अर्जी पर सुनवाई 07.01.2020 तक के लिए स्थगित कर दी। सोमवार को तीस हजारी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा उनकी जमानत अर्जी खारिज करने के बाद आरोपी व्यक्तियों ने सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। ...
गड्ढे के कारण युवक की मौत का मामला : केरल हाईकोर्ट ने ''सिस्टम की विफलता'' के लिए मृतक के परिवार से मांगी माफी
गड्ढे के कारण हुई दुर्घटना में एक युवक की मौत हो जाने के मामले में गहरी पीड़ा और दुख जताते हुए केरल हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन के माध्यम से खेद व्यक्त किया। साथ ही कोच्चि शहर में विभिन्न सड़कों और पैदल पथों की पहचान करने के लिए वकीलों के एक समूह का गठन किया है।मृतक, यदु लाल घटना के समय मोटरसाइकिल चला रहा था। रास्ते में वह पलारीवट्टोम राजमार्ग के किनारे पर स्थित एक गड्ढे के कारण गिर गया और फिर एक लॉरी ने उसे बेरहमी से कुचल दिया था जिससे उसी समय उसकी मृत्यु हो गई थी। इस घटना...
सीमापुरी हिंसा मामला : अदालत ने आरोपी का बोन टेस्ट कराने की अनुमति दी
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को पुलिस को नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ दिल्ली के सीमापुरी इलाके में हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी की उम्र का पता लगाने के लिए अस्थि परीक्षण (बोन टेस्ट) कराने की अनुमति दी। दावा किया जा रहा है कि आरोपी नाबालिग है। पुलिस द्वारा अदालत के सामने यह प्रस्तुत किया कि आरोपी के पास कोई वैध आयु प्रमाण नहीं है और उसे परीक्षण आयोजित करने की आवश्यकता है। इसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गीता ने आरोपी के बोन टेस्ट कराने का निर्देश दिया। अदालत...
मुख्यमंत्री के कहने पर बीबीएमपी के कर्मचारी के ट्रांसफ़र की कर्नाटक हाईकोर्ट ने की आलोचना, आदेश निरस्त किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिके (बीबीएमपी) के एक ट्रांसफ़र आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि आयुक्त ने एक बाहरी अथॉरिटी के निर्देश पर काम किया जिसे प्रशासनिक क़ानून के पहले सिद्धांत में नहीं मानने को कहा गया है। बीबीएमपी के आयुक्त ने मुख्यमंत्री से निर्देश मिलने पर एक कार्यपालक अभियंता का समय से पहले ही ट्रांसफ़र कर दिया। न्यायमूर्ति कृष्णा दीक्षित ने केएम वासु की इस बारे में याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। वासु को बीबीएमपी में मार्च 2020 तक का डेप्युटेशन मिला था पर 24...
एक मामले में दी गई जमानत अन्य मामले में दर्ज FIR के आधार पर रद्द नहीं हो सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ ताजा एफआईआर दर्ज करना, किसी अन्य मामले में पहले से दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता जहां पहले से ही ट्रायल चल रहा है। न्यायमूर्ति बीए पाटिल ने कहा, "एकमात्र आधार जो बनाया गया है वह यह है कि दो नए आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। ट्रायल के रास्ते में उक्त मामले किस तरह से आते हैं, यह भी नहीं बताया गया है। ऐसी परिस्थितियों में, जमानत रद्द करने का ये आदेश कानून में ठहरने वाला नहीं है। " दरअसल खाजिम @ खजिमुल्ला खान ने सत्र...
एनजीटी ने यूपी जल निगम को राहत देने से इनकार किया, गंगा को गंदा करने के लिए एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने को कहा
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यूपी जल निगम को किसी भी तरह का राहत देने से मना करते हुए उसे गंगा नदी को गंदा करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है। उसको ट्रंक सीवर की सफ़ाई के आधार पर भारी मात्रा में बिना साफ़ किए गंदे पानी को गंगा में बहाने के लिए यह मुआवज़ा देने को कहा गया है। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल ने बोर्ड की पुनर्विचार याचिका को ख़ारिज कर दिया। यह आदेश अधिकरण ने 15 नवंबर को दिया था। बोर्ड ने कहा था,...
अदालत ने CAA विरोध प्रदर्शन में घायल व्यक्ति का फौरन इलाज कराने के निर्देश दिए
कड़कड़डूमा अदालत के ड्यूटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ऋचा परिहार ने मंगलवार को जेल प्रशासन को सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए मोइनुद्दीन को तत्काल चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया। मोइनुद्दीन कथित हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक है, जिन्हें पिछले सप्ताह सीलमपुर में हुए सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए लोगों के लिए चिकित्सा उपचार के प्रावधान के लिए कड़कड़डूमा जिला अदालत में मंगलवार को एक आवेदन दायर किया गया। ...
एहतियातन हिरासत निजी स्वतंत्रता का अतिक्रमण, इसमें लापरवाही की इजाज़त नहीं दी जा सकती : इलाहाबाद हाईकोर्ट
एहतियात के तौर पर किसी को हिरासत में लेना उसकी निजी स्वतंत्रता पर हमला है और इसमें लापरवाही की इजाज़त नहीं दी जा सकती जैसा कि इस मामले में हुआ है। यह कहना था इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शाबिहुल हसनैन और रेखा दीक्षित की पीठ का।यह मामला राज्य सरकार के एक आदेश से संबंधित है जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत जारी किया गया था। इसमें याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि यह आदेश ग़ैरक़ानूनी और है और इसका कोई अस्तित्व नहीं है। याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि यह आदेश राजनीति और हिरासत में लेने वाले...
CAA के विरोध में NLSIU और NUALS के पूर्व छात्रों ने बयान जारी किए
नागरिकता संशोधन अधिनियम को "असंवैधानिक" करार देते हुए इस कानून के खिलाफ छात्रों के विरोध पर पुलिस की हिंसक कार्रवाई की निंदा करते हुए, नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू), बैंगलोर के 538 पूर्व छात्र और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस लीगल स्टडीज (एनयूएएलएस), कोच्चि के 432 पूर्व छात्रों ने बयान जारी किए हैं। एनएलएसआईयू के पूर्व छात्रों के बयान ने कहा: "कानून में प्रशिक्षित पेशेवरों के रूप में हम नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए) और प्रस्तावित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी)...
लखनऊ की अदालत ने सदफ ज़फर की ज़मानत याचिका खारिज की
एक्टिविस्ट और इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) के कार्यकर्ता सदफ ज़फर की ज़मानत याचिका को विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ, सुदेश कुमार ने सोमवार को खारिज कर दिया। सदफ को 19 दिसंबर को लखनऊ में हो रहे सीएए के विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। वह फेसबुक लाइव वीडियो रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया में थी जब पुलिस ने उन्हें उठाया। वीडियो में सदफ को पुलिस से पूछते हुए दिखाया गया था कि उसे गिरफ्तार क्यों किया जा रहा है? सदफ की बहन नाहिद ने आरोप लगाया है कि सदफ को पुरुष पुलिस वालों ने...
असंज्ञेय अपराधों की जांच पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किए
किसी थाने के एसएचओ जब किसी असंज्ञेय अपराध के बारे में जांच करने की अनुमति मांगती है तो उस संदर्भ में न्यायिक मजिस्ट्रेट को किस तरह से आदेश देना चाहिए इसको लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किया है। न्यायमूर्ति पीजीएम पाटिल ने कहा, "सीआरपीसी की धारा 155 की उपधारा 2 में स्पष्ट कहा गया है कि मजिस्ट्रेट ऐसा आदेश देगा जो तर्कसंगत है। दूसरी ओर कई मामलों में में मजिस्ट्रेट पुलिस की इस तरह की अर्ज़ी पर सिर्फ़ एक शब्द लिख देते हैं "अनुमति है" और यह धारा 155(2) की शर्तों को पूरा नहीं करता और...
राज्य उपभोक्ता आयोग के एक तरफा आदेश को भी दी जा सकती है चुनौती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा पारित एक तरफा आदेश (ex-parte order) को राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के समक्ष चुनौती दी जा सकती है। इस मामले में (शिउर सखार करखाना प्रा. लिमिटेड बनाम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना था कि राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा पारित एक तरफा आदेश के खिलाफ दायर रिट याचिका पर विचार किया जा सकता है। साथ ही कहा कि अधिनियम की धारा 21 के तहत राष्ट्रीय आयोग के समक्ष अपील नहीं हो सकती है, इस वजह से कोई वैकल्पिक उपाय उपलब्ध नहीं था। अपील में...
आरोप तय करने के चरण में ट्रायल के अंतिम बिंदु लागू नहीं कर सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोहराया है कि आरोप तय करने के प्रारंभिक चरण में अपराध के अंतिम परीक्षण को लागू नहीं किया जाना चाहिए और अदालत को केवल इस मज़बूत संदेह के अस्तित्व से संतुष्ट होना होगा कि अभियुक्त ने अपराध किया है और यदि इसका ट्रायल होता है तो उसे दोषी साबित किया जा सकता है। एक पुननिरीक्षण याचिका का निपटारा करते हुए न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने कहा, "कानून अच्छी तरह से तय है कि डिस्चार्ज के आवेदन पर विचार करते समय या आरोप तय करते समय न्यायालय को केवल यह पता लगाने के लिए आवश्यक है कि...
जेसिका लाल मर्डर केस- मनु शर्मा की समय से पहले रिहाई की याचिका पर दिल्ली सरकार ने दायर किया जवाब
दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष हत्या के मामले में सजा काट रहे मनु शर्मा की सजा में छूट की मांग वाली याचिका पर अपना जवाब दायर किया है। मनु शर्मा वर्तमान में आईपीसी की धारा 302, 201 और 120 बी और शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। वह पहले ही 16 साल और 7 महीने की वास्तविक सजा काट चुका है और उसने लगभग 6 साल और 27 दिनों की छूट भी हासिल कर ली है। जेल रिकॉर्ड के अनुसार, मनु शर्मा ने जीएनसीटी/ दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई 11 पैरोल और महानिदेशक...
पुलिस हिरासत में मौत का मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8 पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा चलाने के निर्देश दिए
बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को वडाला रेलवे पुलिस से आठ पुलिस अधिकारियों को 25 साल के एगनेलो वाल्डारिस की हत्या के मामले में आठ पुलिस अधिकारियों को बुक करने का निर्देश दिया। वाल्डारिस की चोरी के आरोपों के बाद पांच साल पहले पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति बीपी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति एसएस जाधव की खंडपीठ ने वाल्डारिस के पिता लियोनार्ड द्वारा दायर याचिका को अनुमति दी और निचली अदालत को धारा 302 (हत्या), धारा 201 (अपराध के सबूतों को गायब करने, या गलत जानकारी देना) और धारा 295A...
पति की मृत्यु पर मुआवजे का दावा करने वाली एक विधवा का अधिकार पुनर्विवाह पर समाप्त नहीं होगा : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना है कि मोटर वाहन दुर्घटना के कारण पति की मृत्यु पर मुआवजे का दावा करने वाली एक विधवा का अधिकार पुनर्विवाह पर समाप्त नहीं होगा और वह मृतक के माता-पिता के समान ही अधिकार की हकदार है। ट्रिब्यूनल ने मृतक के दावेदार अर्थात, उसकी विधवा और उसके माता-पिता को रुपए 1,68,39,642 दिए गए। हालांकि मृतक की विधवा को केवल 3,91,054.47 रुपए ही मिले। अदालत ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने पत्नी को "प्यार और आकर्षण की हानि" और "सह व्यवस्था और सहयोग के नुकसान" के लिए मुआवजा नहीं दिया।...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालत कक्ष के अंदर हुई फ़ायरिंग पर लिया स्वतः संज्ञान; अतिरिक्त मुख्य सचिव और डीजीपी को कोर्ट में पेश होने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनोर ज़िला के एक अदालत कक्ष में तीन लोगों ने जो फ़ायरिंग की उस पर स्वतः संज्ञान लिया है।मंगलवार को तीन लोग सीजेएम, बिजनोर के अदालत कक्ष में घुस आए और ताबड़तोड़ फ़ायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में कोर्ट के एक व्यक्ति की मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, सीजेएम किसी तरह अदालत से निकलने में सफल रहे और अन्य स्टाफ़ के साथ अपने कमरे में पहुंच गए।इस नींदनीय घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने कहा : "अब शीघ्र कोई क़दम उठाने का समय आ गया...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने जेल, थाना और अदालतों को शीघ्र वीडियो से लिंक करने को कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जेलों, अदालतों और थानों को विडियो लिंक से शीघ्र कनेक्ट करने को कहा है। न्यायमूर्ति सुव्रा घोष और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची ने कहा कि बुनियादी सुविधाओं जैसे विचाराधीन क़ैदियों को पेशी के लिए अदालत लाने के लिए कर्मचारी और वाहन के अभाव के कारण होनेवाली देरी को देखते हुए विचाराधीन क़ैदियों की अदालत में जल्द पेशी के लिए यह प्रक्रिया ज़रूरी है। पीठ को बताया गया कि अभी तक राज्य के 18 जेलों को 19 ज़िला अदालतों से लिंक कराया गया है जबकि अंडमान एवं निकोबार...
अगर कोई सदस्य सम्मिलित परिवार को छोड़कर अपना अलग परिवार बसाता है तो घरेलू हिंसा का अधिनियम लागू नहीं होगा : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने माना है कि अगर परिवार की कोई सदस्य साझा घर छोड़कर अपना घर बसाती है तो वह घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला दायर नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति बीए पाटिल की पीठ ने एक मां और बेटे की याचिका स्वीकार कर लिया जिसमें निचली अदालत के फ़ैसले को चुनौती दी गई थी। अदालत ने कहा, "हमारी राय में प्रतिवादी ने ऐसा कोई आधार नहीं बताया है कि उसे घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कोई राहत दी जाए। मैंने निचली अदालत के आदेश और फ़ैसले पर ग़ौर किया है। दोनों न्यायालय उक्त तथ्यों पर ग़ौर किए...


















