मुख्य सुर्खियां
ट्रेडमार्क के रूप में भगवान के नाम का पंजीकरण नहीं हो सकता, इस बारे में कोई सटीक सिद्धांत नहीं : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है इस बारे में कोई सटीक सिद्धांत नहीं है कि भगवान के नाम का ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकरण नहीं हो सकता। न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी और न्यायमूर्ति मोहम्मद निज़ामुद्दीन ने श्याम शीतल इण्डस्ट्रीज लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा। श्याम शीतल इण्डस्ट्रीज 'श्याम' ट्रेडमार्क का पंजीकरण करा रखा है। इस मामले में श्याम शीतल इण्डस्ट्रीज ने श्याम सेल और पावर लिमिटेड पर ट्रेडमार्क के उल्लंघन का आरोप लगाया है। अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील की कि 'श्याम' भगवान कृष्ण का...
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात रियल एस्टेट अपीली ट्रिब्यूनल के कोरम को लेकर दायर पीआईएल पर जारी किया नोटिस
गुजरात रियल एस्टेट अपीली अथॉरिटी के कोरम को दी गई चुनौती पर गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य का पक्ष जानने के लिए उसको नोटिस जारी किया है। इस अथॉरिटी में सिर्फ़ एक ही न्यायिक सदस्य है और कोई तकनीकी या प्रशासनिक सदस्य नहीं है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और एजे शास्त्री ने राज्य सरकार और गुजरात रियल एस्टेट अपीली अथॉरिटी को एक पीआईएल पर नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि गुजरात रियल इस्टेट अपीली ट्रिब्यूनल की न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है। यह पीआईएल निपुण प्रवीण सिंघवी ने दायर...
"मैं स्कूल के पास सड़कों पर गड्ढे के कारण स्कूल जाने से डरता हूं",केरल हाईकोर्ट ने स्कूली छात्र के पत्र के बाद दिए निर्देश
एक स्कूली छात्र के पत्र पर संज्ञान लेते हुए केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति देवन रामचन्द्रन ने कोच्चि नगर निगम को तत्काल क़दम उठाकर स्कूल के नज़दीक उन गड्ढों को भरने का निर्देश दिया है, जिनकी शिकायत पत्र में छात्र द्वारा की गई है। हाईकोर्ट ने इससे पहले सरकार और स्थानीय प्रशासन को आदेश जारी कर राज्य की सभी सड़कों को 31 जनवरी 2020 तक मोटर वाहन के चलने लायक़ बनाने को कहा था। यह पत्र आरव एम कामत नामक एक स्कूली छात्र ने लिखा था जो सेंट जूलियानस पब्लिक स्कूल, पेरूमपमदप्पू, कोच्चि में तीसरी कक्षा का...
कर्नाटक में जिला अदालतें अतिरिक्त घंटे काम करेंगी
कर्नाटक में जिला और तालुका अदालतें 1 जनवरी, 2020 से अतिरिक्त घंटे काम करेंगी। रजिस्ट्रार जनरल द्वारा सोमवार, 30 दिसंबर को जारी अधिसूचना में हा गया था कि, " दिनांक 18 दिसंबर, 2019 को पूर्ण अदालत के प्रस्ताव के मद्देनजर अदालतों का पहला सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक शुरू होगा। दोपहर के भोजन के बाद दूसरा सत्र दोपहर 2.45 से शाम 5.45 बजे के बीच होगा। कार्यालय के कर्मचारियों के काम के घंटे भी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संशोधित किए जाते हैं। दोपहर का भोजन दोपहर 2 से 2.45 बजे के बीच होगा। ...
ईयरली राउंड अप : क्रिमिनल लॉ पर सुप्रीम कोर्ट के साल 2019 के ये अहम फैसले
साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के क्रिमिनल लॉ पर दिए गए खास जजमेंट/ऑर्डर पर एक नज़र।मजिस्ट्रेट ट्र्रायल शुरू होने से पहले तक मामले में आगे की जांच के आदेश दे सकते हैं, पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की एक बेंच ने वस्तुतः एक 43 साल पुरानी मिसाल को बदल दिया। न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने गुजरात उच्च न्यायालय के एक आदेश को पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि मजिस्ट्रेट के पास एक अपराध की जांच करने का आदेश देने की...
सुप्रीम कोर्ट मंथली डाइजेस्ट : दिसंबर 2019
अगर किसी नॉन-स्पीकिंग आदेश से विशेष अनुमति याचिका को ख़ारिज किया गया हो तो उस पर विलय का सिद्धांत लागू नहीं होता : सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी विशेष अनुमति याचिका को निरस्त करने के लिए कोई नॉन-स्पीकिंग आदेश संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत क़ानून का उद्घोष नहीं है और न ही यह विलय का सिद्धांत इस पर लागू होता है। पी सिंगरवेलन बनाम ज़िला कलेक्टर, तिरुपुर का यह मामला तमिलनाडु सरकार के एक आदेश की व्याख्या से जुड़ा था। अदालत ने पाया कि ऐसे बहुत सारे आदेश आए हैं जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने...
बचाव पक्ष अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट को स्वीकार कर लेता है तो इसे महत्वपूर्ण सबूत माना जा सकता है : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बचाव पक्ष अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जायज़ बताकर स्वीकार कर लेता है तो उसके बाद इसे महत्त्वपूर्ण सबूत माना जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ ने कहा, "अगर बचाव पक्ष ने निचली अदालत के समक्ष पेश पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सही मान लिया है तो इस दस्तावेज़ की वास्तविकता साबित हो चुकी है और उसे सीआरपीसी की धारा 294 के तहत सबूत माना जा सकता है।" निचली अदालत में सुनवाई के दौरान इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के औपचारिक सबूत कोई...
जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा, एनजेएसी मामले में अपने फैसले पर पछतावा
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि अब चीजें देखने के बाद उन्हें एनजेएसी मामले में अपने फैसले पर पछतावा है। उन्होंने कहा, "अब चीजें देखने के बाद मुझे एनजेएसी फैसले का हिस्सा होने पर अफसोस है।" न्यायमूर्ति जोसेफ उस संविधान पीठ का हिस्सा थे, जिसने 4: 1 के बहुमत ने 99वें संविधान संशोधन को निरस्त कर दिया था, जिसने न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली को बदलने के लिए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) बनाया था। वह 28 दिसंबर को कोच्चि में आयोजित अखिल...
एक ग़लत निर्णय किसी व्यक्ति को ग़लत आदेश लागू कर समानता का दावा करने का अधिकार नहीं देता : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इस बारे में क़ानून पूरी तरह स्पष्ट है कि क़ानून की नज़र में समानता एक सकारात्मक परिकल्पना है और इसको नकारात्मक रूप में लागू नहीं किया जा सकता। अगर किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह के पक्ष में कोई ग़ैरक़ानूनी काम हुआ है या अनियमितता बरती गई है तो दूसरे लोग क़ानून के समक्ष समानता के सिद्धांत के आदेश का दावा नहीं कर सकते। इस मामले में याचिकाकर्ता ने औद्योगिक ट्रिब्यूनल के फ़ैसले को चुनौती दी थी जिसने प्रतिवादी को सेवा से हटाए जाने पर लगाए गए जुर्माने को निरस्त कर...
क़ानून की पुस्तकों के प्रकाशकों से मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, पुस्तकों में संशोधन पर रहें सतर्क, नहीं तो अदालत ले सकती है ग़लत फैसले
एक रिट याचिका को ख़ारिज करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने पुस्तक प्रकाशकों से कहा कि वे पुस्तकों में सभी अधिनियमों, नियमों और विनियमनों में हुए सभी संशोधनों को शामिल करें ताकि कोई भ्रम नहीं रहे और जजों को सही आदेश पास करने में मदद मिले। मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप साही और सुब्रमोनियम प्रसाद की बेंच ने कहा, "यह अदालत विभिन्न पुस्तक प्रकाशकों से अनुरोध करती है कि वे पुस्तकों में संशोधनों को शामिल करते हुए सावधान रहें नहीं तो अदालत कोई ग़लत निर्णय ले सकती है और यह लोगों के हितों के ख़िलाफ़...
विदेशी घोषित किए जाने के विदेशी ट्रिब्यूनल के आदेश से पहले ही गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हिरासत में ली गई महिला को डिटेंशन सेंटर से रिहा करने का आदेश दिया
न्यायमूर्ति सुमन श्याम और न्यायमूर्ति पार्थिवज्योति सैकिया की गुवाहाटी हाईकोर्ट की पीठ ने 17.12.2019 पुलिस अधीक्षक (सीमा), शिवसागर, को एक महिला को जोरहाट के डिटेंशन सेंटर (हिरासत केंद्र) से रिहा करने का आदेश दिया। पीठ ने कहा कि उसको विदेशी घोषित किए जाने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया है। विदेशी ट्रिब्यूनल ने 08.03.2019 को एक आदेश पास कर मुमताज़ बेग़म को विदेशी घोषित कर दिया था। याचिकाकर्ता ने यह दिखाने के लिए कि उसके पिता और दादा का नाम मतदाता सूची में शामिल था, 1951 का एनआरसी,...
दिल्ली सीएए प्रोटेस्ट : सत्र न्यायाधीश ने हिंसा में आरोपियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस से सीसीटीवी फुटेज पेश करने को कहा
तीस हजारी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (अवकाश न्यायाधीश) मनीष यदुवंशी ने शनिवार को 20 दिसंबर की रात को सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसा में 15 आरोपी व्यक्तियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए दरियागंज पुलिस से सीसीटीवी फुटेज पेश करने क कहा है। कोर्ट ने दरियागंज में 15 आरोपियों की जमानत की अर्जी पर सुनवाई 07.01.2020 तक के लिए स्थगित कर दी। सोमवार को तीस हजारी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा उनकी जमानत अर्जी खारिज करने के बाद आरोपी व्यक्तियों ने सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। ...
गड्ढे के कारण युवक की मौत का मामला : केरल हाईकोर्ट ने ''सिस्टम की विफलता'' के लिए मृतक के परिवार से मांगी माफी
गड्ढे के कारण हुई दुर्घटना में एक युवक की मौत हो जाने के मामले में गहरी पीड़ा और दुख जताते हुए केरल हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन के माध्यम से खेद व्यक्त किया। साथ ही कोच्चि शहर में विभिन्न सड़कों और पैदल पथों की पहचान करने के लिए वकीलों के एक समूह का गठन किया है।मृतक, यदु लाल घटना के समय मोटरसाइकिल चला रहा था। रास्ते में वह पलारीवट्टोम राजमार्ग के किनारे पर स्थित एक गड्ढे के कारण गिर गया और फिर एक लॉरी ने उसे बेरहमी से कुचल दिया था जिससे उसी समय उसकी मृत्यु हो गई थी। इस घटना...
सीमापुरी हिंसा मामला : अदालत ने आरोपी का बोन टेस्ट कराने की अनुमति दी
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को पुलिस को नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ दिल्ली के सीमापुरी इलाके में हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी की उम्र का पता लगाने के लिए अस्थि परीक्षण (बोन टेस्ट) कराने की अनुमति दी। दावा किया जा रहा है कि आरोपी नाबालिग है। पुलिस द्वारा अदालत के सामने यह प्रस्तुत किया कि आरोपी के पास कोई वैध आयु प्रमाण नहीं है और उसे परीक्षण आयोजित करने की आवश्यकता है। इसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गीता ने आरोपी के बोन टेस्ट कराने का निर्देश दिया। अदालत...
मुख्यमंत्री के कहने पर बीबीएमपी के कर्मचारी के ट्रांसफ़र की कर्नाटक हाईकोर्ट ने की आलोचना, आदेश निरस्त किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिके (बीबीएमपी) के एक ट्रांसफ़र आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि आयुक्त ने एक बाहरी अथॉरिटी के निर्देश पर काम किया जिसे प्रशासनिक क़ानून के पहले सिद्धांत में नहीं मानने को कहा गया है। बीबीएमपी के आयुक्त ने मुख्यमंत्री से निर्देश मिलने पर एक कार्यपालक अभियंता का समय से पहले ही ट्रांसफ़र कर दिया। न्यायमूर्ति कृष्णा दीक्षित ने केएम वासु की इस बारे में याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। वासु को बीबीएमपी में मार्च 2020 तक का डेप्युटेशन मिला था पर 24...
एक मामले में दी गई जमानत अन्य मामले में दर्ज FIR के आधार पर रद्द नहीं हो सकती : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ ताजा एफआईआर दर्ज करना, किसी अन्य मामले में पहले से दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता जहां पहले से ही ट्रायल चल रहा है। न्यायमूर्ति बीए पाटिल ने कहा, "एकमात्र आधार जो बनाया गया है वह यह है कि दो नए आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। ट्रायल के रास्ते में उक्त मामले किस तरह से आते हैं, यह भी नहीं बताया गया है। ऐसी परिस्थितियों में, जमानत रद्द करने का ये आदेश कानून में ठहरने वाला नहीं है। " दरअसल खाजिम @ खजिमुल्ला खान ने सत्र...
एनजीटी ने यूपी जल निगम को राहत देने से इनकार किया, गंगा को गंदा करने के लिए एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने को कहा
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यूपी जल निगम को किसी भी तरह का राहत देने से मना करते हुए उसे गंगा नदी को गंदा करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है। उसको ट्रंक सीवर की सफ़ाई के आधार पर भारी मात्रा में बिना साफ़ किए गंदे पानी को गंगा में बहाने के लिए यह मुआवज़ा देने को कहा गया है। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल ने बोर्ड की पुनर्विचार याचिका को ख़ारिज कर दिया। यह आदेश अधिकरण ने 15 नवंबर को दिया था। बोर्ड ने कहा था,...
अदालत ने CAA विरोध प्रदर्शन में घायल व्यक्ति का फौरन इलाज कराने के निर्देश दिए
कड़कड़डूमा अदालत के ड्यूटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ऋचा परिहार ने मंगलवार को जेल प्रशासन को सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए मोइनुद्दीन को तत्काल चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया। मोइनुद्दीन कथित हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक है, जिन्हें पिछले सप्ताह सीलमपुर में हुए सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए लोगों के लिए चिकित्सा उपचार के प्रावधान के लिए कड़कड़डूमा जिला अदालत में मंगलवार को एक आवेदन दायर किया गया। ...
एहतियातन हिरासत निजी स्वतंत्रता का अतिक्रमण, इसमें लापरवाही की इजाज़त नहीं दी जा सकती : इलाहाबाद हाईकोर्ट
एहतियात के तौर पर किसी को हिरासत में लेना उसकी निजी स्वतंत्रता पर हमला है और इसमें लापरवाही की इजाज़त नहीं दी जा सकती जैसा कि इस मामले में हुआ है। यह कहना था इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शाबिहुल हसनैन और रेखा दीक्षित की पीठ का।यह मामला राज्य सरकार के एक आदेश से संबंधित है जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत जारी किया गया था। इसमें याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि यह आदेश ग़ैरक़ानूनी और है और इसका कोई अस्तित्व नहीं है। याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि यह आदेश राजनीति और हिरासत में लेने वाले...



















