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गड्ढे के कारण युवक की मौत का मामला : केरल हाईकोर्ट ने ''सिस्टम की विफलता'' के लिए मृतक के परिवार से मांगी माफी 

LiveLaw News Network
29 Dec 2019 4:17 AM GMT
गड्ढे के कारण युवक की मौत का मामला : केरल हाईकोर्ट ने सिस्टम की विफलता के लिए मृतक के परिवार से मांगी माफी 
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गड्ढे के कारण हुई दुर्घटना में एक युवक की मौत हो जाने के मामले में गहरी पीड़ा और दुख जताते हुए केरल हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन के माध्यम से खेद व्यक्त किया। साथ ही कोच्चि शहर में विभिन्न सड़कों और पैदल पथों की पहचान करने के लिए वकीलों के एक समूह का गठन किया है।

मृतक, यदु लाल घटना के समय मोटरसाइकिल चला रहा था। रास्ते में वह पलारीवट्टोम राजमार्ग के किनारे पर स्थित एक गड्ढे के कारण गिर गया और फिर एक लॉरी ने उसे बेरहमी से कुचल दिया था जिससे उसी समय उसकी मृत्यु हो गई थी।

इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए अदालत ने कहा कि विभिन्न हितधारकों जैसे जीसीडीए, कोच्चि निगम और लोक निर्माण विभाग के बीच समन्वय/ उचित निगरानी तंत्र की कमी के कारण शहर में विभिन्न सड़कों और गड्ढों का समय पर मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा है।

अदालत ने पहले के एक आदेश का हवाला भी दिया, जिसमें यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित इंजीनियरों और अधिकारियों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी डाली गई थी कि सड़कों का रख-रखाव किया जाएगा और गड्ढों को एक नियमित और उचित तरीके से भरा जाएगा।

पीठ ने कहा कि इस युवा की मृत्यु ने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया है कि इस दिशा या संबंध में कोई बदलाव नहीं हुआ है। न्यायालय के समक्ष अधिकारियों/ इंजीनियरों द्वारा किए गए आश्वासनों ने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया है कि विभिन्न हितधारकों या स्टेकहोल्डर के अछूत और अभाववादी दृष्टिकोण के कारण किसी भी उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो पाई थी।

युवा की मौत को ''प्रणालीगत विफलता'' करार देते हुए अदालत ने समाज की ओर से मृतक के माता-पिता के प्रति गहरी माफी व्यक्त की या मांगी।

न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने विचार व्यक्त किया कि-

''निस्संदेह प्रणालीगत विफलता - जिसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की निश्चित रूप से एक उचित जांच के माध्यम से पहचान करने की आवश्यकता होगी-वहीं इस न्यायालय को भी मजबूर किया है कि वह असहाय माता-पिता के प्रति समाज की ओर से कोर्ट के रिकाॅर्ड पर तहे दिल से माफी मांगे। मुझे यकीन है,कम से कम हम उनके लिए यह तो कर ही सकते हैं।''

कोर्ट ने वकीलों के एक समूह का गठन किया है और उनसे कहा है कि वह कोच्चि सिटी में विभिन्न सड़कों और पैदल रास्तों की पहचान करें और समय-समय पर इस संबंध में रिपोर्ट दायर करें।"




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