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सीपीसी ऑर्डर-VIII नियम-6ए) मुद्दा तय हो जाने के बाद प्रतिदावे नहीं किये जा सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि विवाद के मुद्दे तय हो जाने के बाद जवाबी दावा दायर नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने इस विवादित मुद्दे को उठाने वाली एक विशेष अनुमति याचिका खारिज करते हुए 'अशोक कुमार कालरा बनाम विंग कमांडर सुरेन्द्र अग्निहोत्री' मामले में पिछले वर्ष दिये गये अपने फैसले का उल्लेख किया।'अशोक कुमार कालरा' मामले में, कोर्ट ने कहा था कि कोई कोर्ट अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकता है और लिखित बयान के बाद से लेकर ट्रायल के मुद्दे तय होने तक प्रतिदावा दायर करने की अनुमति दे सकता है।...
(निश्चित अदायगी) वादी को यह साबित करना होगा कि उसके पास बकाया भुगतान के लिए संसाधन उपलब्ध है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की निश्चित अदायगी से संबंधित मुकदमे में वादी को यह साबित करना अनिवार्य है कि उसके पास बकाये भुगतान के लिए संसाधन उपलब्ध है।न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ निश्चित अदायगी संबंधी मुकदमे से उत्पन्न एक अपील पर विचार कर रही थी। ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि वादी यह साबित करने में असफल रहा था कि वह करार पर अमल करने को तैयार है और इच्छुक भी। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील स्वीकार कर ली थी, जिसके बाद...
मद्रास हाईकोर्ट ने देरी से रिटर्न के लिए शुल्क लगाने वाली आईटी एक्ट की धारा 234एफ को जायज ठहराया
मद्रास हाईकोर्ट ने देरी से भरे जाने वाले आयकर रिटर्न के लिए फीस निर्धारित करने से संबंधित आयकर अधिनियम 1961 की धारा 234(एफ) की संवैधानिकता को वैध ठहराया है। वित्त अधिनियम 2018 के माध्यम से किये गये इस प्रावधान की वैधता को इस आधार पर चुनौती दी गयी थी कि देरी से रिटर्न भरने के लिए 'फीस' लगाया जाना छद्म रूप में 'जुर्माना' है। याचिकाकर्ता के अनुसार, संबंधित धारा में वर्णित शुल्क 'जुर्माना' की प्रकृति के हैं और यह तथ्यान्वेषण प्रक्रिया के बाद ही लगाया जा सकता है। यह भी दलील दी गयी थी कि शुल्क को...
" सेना में महिलाओं को कमांड नियुक्ति ना देने पर उनका गौरव और साहस प्रभावित होंगे" : सुप्रीम कोर्ट में लिखित दलीलें
केंद्र सरकार द्वारा भारतीय सेना में महिलाओं को कमांड नियुक्ति नहीं देने के कारणों पर महिला अधिकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर लिखित दलीलों में 'अत्यधिक प्रतिगामी' के रूप में आलोचना की गई है।"यह प्रस्तुत किया गया है कि महिला अधिकारी कमांड नियुक्ति से इनकार करने के संबंध में भारत संघ की ओर से सौंपे गए नोट में दिए गए औचित्य / कारण न केवल अत्यधिक प्रतिगामी हैं बल्कि पूरी तरह से प्रदर्शित रिकॉर्ड और आंकड़ों के विपरीत हैं," मामले में वरिष्ठ वकील ऐश्वर्या भट द्वारा प्रस्तुत लिखित प्रस्तुतियों...
बलात्कार के आरोपी ने दायर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका, 'लापता' शिकायतकर्ता को पेश करने की मांग की
सुप्रीम कोर्ट में दायर एक दुर्लभ याचिका में एक बलात्कार के आरोपी ने उस पर आरोप लगाने वाली महिला का पता लगाने और उसे अदालत में पेश करने के लिए निर्देश दिए जाने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने अपना मूल नाम छिपाते हुए खुद को 'निर्दोषी' नाम दिया है और बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कार्पस) याचिका दायर की। याचिकाकर्ता ने बताया है कि वह वर्ष 2017 में दर्ज एक फर्जी बलात्कार की शिकायत का पीड़ित है। अब शिकायत करने वाली महिला गायब हो गई है और इसलिए अब आरोपों को गलत साबित करना असंभव हो गया है। याचिका के...
किसी व्यक्ति को गोद लिए जाने से पहले जन्मे उसके बच्चों को दत्तक परिवार से मिली संपत्ति में अधिकार मिलेगा : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गोद लिए गए किसी व्यक्ति के ऐसे बच्चे जो उसके गोद लेने से पहले जन्मे हैं, उन्हें गोद लेने वाले परिवार से अपने पिता को मिली संपत्ति में अधिकार मिलेगा। मामले के तथ्य दिलचस्प हैं। लक्ष्मण और उनकी पत्नी पद्मावती के पहले से ही तीन बेटे थे, जब उन्हें वर्ष 1935 में एक सरस्वती नामक महिला को गोद दिया गया था। गोद लिए जाने के बाद लक्ष्मण और पद्मावती के घर एक बेटी का जन्म हुआ। लक्ष्मण की मृत्यु के बाद विभाजन का एक मुकदमा उनके तीन बेटों में से एक बेटे ने दायर किया था। लक्ष्मण...
संस्थागत मध्यस्थता को बढ़ावा देने के लिए संगठित प्रयास जरूरी: सीजेआई बोबडे
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) शरद अरविंद बोबडे ने देश में संस्थागत मध्यस्थता को बढ़ावा देने के लिए सभी अंशधारकों, खासकर कानूनी पेशे से जुड़े लोगों के संगठित प्रयास की आवश्यकता जतायी है, साथ ही अदालतों पर मुकदमे के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए वाद-पूर्व मध्यस्थता को बढ़ावा देने पर बल भी दिया। न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि देश की अदालत पर मुकदमों का दिनोंदिन बोझ बढ़ता जा रहा है, जिसे कम करने के लिए मुकदमा शुरू होने से पहले (वाद-पूर्व) मध्यस्थता की ओर पक्षकारों को आकर्षित करने का उपयुक्त समय आ गया...
कठुआ रेप और हत्या : सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग आरोपी पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची से रेप की के बाद हत्या के मामले में नाबालिग आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने शुक्रवार को ये रोक जम्मू-कश्मीर प्रशासन की उस याचिका पर लगाई जिसमें कहा गया था कि 2018 में अपराध के वक्त आरोपी बालिग था और जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश की पुष्टि कर गलती की है।मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को सूचीबद्ध की गई है। ...
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से पंजाब DGP की नियुक्ति रद्द करने के CAT के फैसले पर सुनवाई में तेजी लाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से कहा कि वो पंजाब सरकार की केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (चंडीगढ़ बेंच) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई को तेज करे जिसमें दिनकर गुप्ता की राज्य के पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी। न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि वो उच्च न्यायालय से मामले की सुनवाई में तेज़ी लाने का अनुरोध करते हैं क्योंकि...
जम्मू और कश्मीर बार एसोसिएशन अध्यक्ष की हिरासत बरकार, हाईकोर्ट ने खारिज़ की याचिका
जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता और जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां अब्दुल क़यूम के प्रिवेंटिस डिटेंशन को चुनौती दी गई थी। वह 5 अगस्त से नजरबंद है, जब केंद्र सरकार ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति को समाप्त कर दिया था।जस्टिस ताशी राबस्तान, जिन्होंने याचिका पर फैसला दिया, ने कहा कि क़यूम को हिरासत में लेने की आवश्यकता के संबंध में अधिकारियों की संतुष्टि के लिए...
पदों की मंज़ूरी नहीं होने के बाद भी क्या श्रम/औद्योगिक अदालत कर्मियों को नियमित करने का आदेश दे सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट ने मामले को एक बड़ी पीठ को सौंपा
श्रम और औद्योगिक अदालतों को स्वीकृत पद नहीं होने के बावजूद किसी कर्मी को नियमित करने के बारे में आदेश देने का अधिकार है कि नहीं इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट की एक बड़ी पीठ को सौंप दिया है।न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड बना पेट्रोलियम कोल लेबर यूूनियन में आए फ़ैसले पर ग़ौर किए जाने की ज़रूरत है। औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 2(ra) को पाँचवीं अनुसूची के आइटम 10 के साथ पढ़ने के बाद इनके तहत अनुचित श्रम के चलन के अर्थ और इसके कंटेंट के...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CAA के विरोध प्रदर्शन की अनुमति की मांग करने वाली याचिका खारिज की
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध की अनुमति देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने इसे 'राष्ट्रीय हित' में शामिल नहीं मानते हुए याचिका खारिज कर दी।यह याचिका फिरोजाबाद के निवासी मोहम्मद फुरकान द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने दावा किया था कि फिरोजाबाद के जिला अधिकारियों ने सीएए के खिलाफ विरोध करने के लिए कुछ छात्रों के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और...
राज्य सेवाओं में पदोन्नति में SC/ST आरक्षण ना देने के निर्णय को सही ठहराने के लिए मात्रात्मक डेटा देना आवश्यक नही : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार को पदोन्नति में आरक्षण ना देने के अपने निर्णय को सही ठहराने के लिए मात्रात्मक डेटा के आधार पर ये दर्शाने की आवश्यकता नहीं है कि राज्य सेवाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है।न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने माना कि सार्वजनिक सेवाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व की पर्याप्तता से संबंधित मात्रात्मक डेटा एकत्र करने के लिए न्यायालय द्वारा राज्य को कोई...
शाहीन बाग में बच्चे की मौत : सुप्रीम कोर्ट ने धरने में बच्चों की भागीदारी पर संज्ञान लिया
सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन में 30 जनवरी को एक शिशु की मौत के मद्देनजर प्रदर्शन और आंदोलन में बच्चों और शिशुओं को शामिल करने के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान ले लिया है।यह संज्ञान एक छात्रा द्वारा देश के मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्र पर लिया गया है जिसमें इस मुद्दे पर अदालत के हस्तक्षेप का आग्रह किया गया है।यह मामला 10 फरवरी को CJI एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है।दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में 12 साल की ज़ेन गुणरत्न सदावर्ते, जिसने ICCW राष्ट्रीय वीरता...
यौन उत्पीड़न और अन्य अपराधों के पीड़ित बच्चों के लिए मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से मांगा हलफनामा
यौन शोषण और अन्य बाल आपराधों के नाबालिग पीड़ितों के लिए मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति का मुद्दा उठाते हुए, कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य के मुख्य सचिव को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें विभिन्न चिकित्सा संस्थानों और महिला और बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग और राज्य के विभिन्न जिलों में उपलब्ध प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों की संख्या का खुलासा करने के लिए कहा गया है। जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस सुव्रा घोष की पीठ ने एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोपी की जमानत याचिका पर...
PMC घोटाला : सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के HDIL की संपत्ति की नीलामी के फैसले पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी है जिसमें निर्देश दिया गया था कि हाउसिंग डेवेलमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की संपत्ति की नीलामी की जाए। ये आदेश भारतीय रिजर्व बैंक की याचिका पर आया है। शुक्रवार को RBI की ओर से वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की पीठ को बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने संपत्ति की नीलामी के आदेश जारी करते समय उसका पक्ष नहीं सुना। इससे पहले 16 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले पर भी रोक लगा दी थी,...
मद्रास हाईकोर्ट ने जिला जज की परीक्षा में शामिल होने के लिए ओबीसी उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट देने से इनकार किया
मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को जिला न्यायाधीश की परीक्षा में शामिल होने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में छूट देने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस एपी साही और जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने उन याचिकाओं के बैच को खारिज कर दिया, जिनमें ओबीसी उम्मीदवारों की ऊपरी आयु सीमा को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/ एसटी) के उम्मीदवारों की ऊपरी आयु सीमा के बराबद करने की मांग की गई थी। मतलब यह कि ओबीसी उम्मीदवार की ऊपरी आयु सीमा को 45 वर्ष से बढ़ाकर 48 वर्ष करने की...
सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर के आभूषणों की सूची तैयार करने के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज का पैनल बताया
सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला में भगवान अय्यप्पा के पवित्र आभूषणों की एक विस्तृत सूची तैयार करने के लिए केरल हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज जस्टिस सीएन रामचंद्रन नायर को नियुक्त किया है। पीठ ने कहा है कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश इस काम के लिए किसी जौहरी की मदद ले सकते हैं। पीठ ने न्यायाधीश को चार सप्ताह में आभूषणों की सूची सील कवर में दाखिल करने को कहा है। पीठ ने कहा, "हम केवल गहनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सूची को हम सील कवर में रखेंगे।" शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने...
विवादित सम्पत्ति को छोड़कर कंप्रोमाइज डिक्री को पंजीकृत कराने की आवश्यकता नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिस सम्पत्ति पर कोई विवाद नहीं है उसके लिए समझौता हुक्मनामे (कंप्रोमाइज डिक्री) के पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने गैर-पंजीकृत कंप्रोमाइज डिक्री की स्वीकार्यता पर वादी द्वारा उठायी गयी आपत्तियों को सही ठहराया था। वादी ने बचाव पक्ष द्वारा कंप्रोमाइज डिक्री को साक्ष्य के तौर पर शामिल करने की मांग पर यह कहते हुए सवाल खड़े किये थे कि यह कंप्रोमाइज डिक्री पंजीकृत नहीं थी। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि डिक्री को रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 17 के प्रावधान के...

















