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विवादित सम्पत्ति को छोड़कर कंप्रोमाइज डिक्री को पंजीकृत कराने की आवश्यकता नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिस सम्पत्ति पर कोई विवाद नहीं है उसके लिए समझौता हुक्मनामे (कंप्रोमाइज डिक्री) के पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने गैर-पंजीकृत कंप्रोमाइज डिक्री की स्वीकार्यता पर वादी द्वारा उठायी गयी आपत्तियों को सही ठहराया था। वादी ने बचाव पक्ष द्वारा कंप्रोमाइज डिक्री को साक्ष्य के तौर पर शामिल करने की मांग पर यह कहते हुए सवाल खड़े किये थे कि यह कंप्रोमाइज डिक्री पंजीकृत नहीं थी। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि डिक्री को रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 17 के प्रावधान के...
न्यायिक सेवा के लिए उपयुक्त पाए गए व्यक्ति की नियुक्ति पर रोक नहीं लगा सकतेः त्रिपुरा हाईकोर्ट
यह स्पष्ट करते हुए कि हाइकोर्ट न्यायिक सेवा ग्रेड- 1 में नियुक्ति के लिए उम्मीदवार के नाम को बिना किसी विशेष कारण के रोक नहीं सकता है, त्रिपुरा हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वह खाली पड़े अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को एक उम्मीदवार का नाम सुझाए। चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस अरिंदम लोध की पीठ ने यह भी कहा कि अभ्यर्थी की योग्यता के बारे में एक बार लिखित और मौखिक परीक्षाओं के माध्यम से निर्णय हो जाने के बार फुल कोर्ट भी...
पुनर्विचार याचिका में पारित किसी आदेश की समीक्षा नहीं हो सकती : सुप्रीम कोर्ट
पुनर्विचार याचिका में पारित किसी आदेश की समीक्षा नहीं हो सकती है, सुप्रीम कोर्ट ने एनजीओ लोक प्रहरी द्वारा पुनर्विचार याचिका में पारित आदेश को वापस लेने के लिए दायर एक आवेदन को खारिज करते हुए ये टिप्पणी की।दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 में एनजीओ लोक प्रहरी द्वारा एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें मांग की गई थी कि चूंकि कानून दोषसिद्धि पर रोक प्रदान नहीं करता है, यहां तक कि इस मामले में अपीलीय अदालत द्वारा एक अपराध के लिए इस पर रोक लगाई गई हो तो भी जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 8...
बीमा पॉलिसी के लाभार्थी भी 'उपभोक्ता', भले ही वो पार्टी न होंः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीमाधारक द्वारा ली गई बीमा पॉलिसी के लाभार्थी भी उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत 'उपभोक्ता' हैं, भले ही वे बीमा अनुबंध के पक्षकार न हों। इस मामले में, किसानों ने श्रीदेवी कोल्ड स्टोरेज नामक एक साझेदारी फर्म के तहत संचालित कोल्ड स्टोर में अपनी उपज का भंडारण किया था। कोल्ड स्टोरेज फर्म का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ किया गया था। राज्य और राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी द्वारा कोल्ड स्टोर के दावे को निरस्त करने के खिलाफ किसानों द्वारा दायर...
सबरीमला संदर्भ : 9 जजों की पीठ ने पुनर्विचार में संदर्भ के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रखा, आदेश 10 फरवरी को
सबरीमला पुनर्विचार मामले में गुरुवार पूरे दिन की मैराथन सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की संविधान पीठ ने उल्लिखित सवालों के जवाब पर फैसला सुरक्षित रख लिया कि क्या एक पुनर्विचार याचिका में संदर्भ संभव है।"क्या यह अदालत किसी पुनर्विचार याचिका में कानून के सवालों को एक बड़ी पीठ के पास भेज सकती है?" - यह न्यायालय द्वारा माना गया प्रारंभिक मुद्दा था। पीठ ने कहा कि वो दस फरवरी को इस पर फैसला सुनाएगी। पीठ ने संकेत दिया कि मामले में सुनवाई 12 फरवरी से शुरू होने की संभावना है।गुरुवार को सॉलिसिटर...
निर्भया केस : दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी करने की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों से मांगा जवाब
निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में तिहाड़ जेल प्रशासन एक बार फिर पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचा है। जेल प्रशासन ने अदालत से दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी करने का अनुरोध किया है।एडिशनल सेशन जज धर्मेंद्र राणा ने इस याचिका पर चारों दोषियों को नोटिस जारी किया है और तिहाड़ प्रशासन से भी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। अदालत इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी।अपनी अर्जी में जेल प्रशासन और अभियोजन ने कहा है कि तीसरे दोषी अक्षय कुमार सिंह की राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भी खारिज हो...
"जूनियर वकील को धमकाने की अनुमति नहीं", दिल्ली हाईकोर्ट ने मुकदमे की लागत के एक लाख रुपए वकील को देने का आदेश दिया
हाईकोर्ट के आदेशों का कथित रूप से पालन न करने के आरोप में एक जूनियर वकील के खिलाफ दायर अवमानना याचिका को खारिज करते हुए, दिल्ली हाईकोर्ट ने जूनियर वकीलों को दी गई धमकियों पर नाराज़गी व्यक्ति की है। अटॉर्नी की कुछ शक्तियों की वैधता का निर्धारण करने के एक मामले के संबंध में सितंबर और दिसंबर 2019 में हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन की मांग करते हुए याचिकाकर्ता ने एक जूनियर वकील पर आवमानना का आरोप लगाया था। याचिकाकर्ता ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का...
हिंसा में शामिल होने के सबूत नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए प्रोटेस्ट के दौरान बस जलाने के आरोप में गिरफ़्तार हुए व्यक्ति को ज़मानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने 49 दिनों तक हिरासत में रहने के बाद सोमवार को दानिश जाफ़र को ज़मानत दे दी। जाफ़र को जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के पास सीएए के ख़िलाफ़ 15 दिसंबर 2019 को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बस जलाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। जाफ़र के ख़िलाफ़ जामिया नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया था, जिसमें कहा गया था कि नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 और एनपीआर के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों ने बसें जला दीं, वाहनों को क्षति पहुंचाया और पत्थर फेंककर...
शरजील इमाम के समर्थन में नारेबाजी करने वाली छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका मुंबई की अदालत ने खारिज की
मुम्बई की एक सत्र अदालत ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में एक फरवरी को एलजीबीटीक्यू समुदाय के लिए आयोजित एक रैली के दौरान जेएनयू छात्र शरजील इमाम के समर्थन में कथित रूप से नारे लगाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (देशद्रोह), 153 बी (देश की अखंडता को प्रभावित करने की कोशिश) और धारा 34 के साथ धारा 505 के तहत आरोपी 22 वर्षीय छात्रा उर्वशी चूड़ावाला की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत राजवैद्य ने उर्वशी को गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान करने से मना कर दिया...
" ये कहने का मतलब नहीं था कि महिला सीनियर से पुरुष कमांड नहीं ले सकते" : SG ने सेना में महिला अफसरों पर कहा
"मेरा किसी भी तरह से यह कहने का मतलब नहीं था कि पुरुष महिला सीनियर से आज्ञा नहीं ले सकते हैं, " सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने बुधवार को भारतीय सेना में लैंगिक असमानता पर सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलीलों को स्पष्ट किया। "मैं खुद हैरान था जब मैंने यह खबर देखी। मैं इससे सहमत नहीं हो सका... यह संदर्भ से बाहर था ..., " जवाब में न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की। "महिलाओं को पुरुषों के बराबर आने का प्रयास नहीं करना पड़ता है। वे पुरुषों से बहुत ऊपर हैं ..." SG ने कहा किया। ...
निर्भया केस : दोषियों को अलग- अलग फांसी देने की केंद्र की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को करेगा सुनवाई
निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट केंद्र और दिल्ली सरकार की उस याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए तैयार हो गया है जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषियों के अलग- अलग फांसी देने से इनकार कर दिया था। केंद्र और दिल्ली सरकार ने बुधवार शाम को ही हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी थी। केंद्र की ओर से गुरुवार को जस्टिस एन वी रमना की पीठ को बताया गया कि इस मामले में दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकी है। इसलिए पीठ शीघ्र याचिका पर सुनवाई करे। जस्टिस रमना ने याचिका पर शुक्रवार को...
सुप्रीम कोर्ट ने फिर दोहराया, मोटर दुर्घटना के मामलों में कैसे तय करें मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट ने एक दुर्घटना में 100 फीसदी विकलांग हो गई एक लड़की के मुआवजे को बढ़ाते हुए मोटर एक्सिडेंट क्लेम के मामलों में मुआवजे के अनुदान के कुछ सिद्धांतों को पर जोर दिया है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत उचित मुआवजे के भुगतान की आवश्यकता है और अदालत का यह कर्तव्य है कि वह यह सुनिश्चित करे कि पीड़ित को उचित मुआवजा दिया जाए। पीठ ने विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए कहाः "मानवीय पीड़ा और निजी क्षति को धन में बराबर रखना असंभव है।...
सबरीमला मंदिर के आभूषणों को कैसे सुरक्षित रखा जाए" : सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार से पूछा
इधर सुप्रीम कोर्ट की 9 न्यायाधीशों की पीठ सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर धर्म बनाम अन्य मौलिक अधिकारों के मामले में सुनवाई को तैयार है तो दूसरी ओरन्यायमूर्ति एन वी रमना की अध्यक्षता वाली एक अन्य तीन जजों की पीठ भगवान अयप्पा के आभूषणों के स्वामित्व और संरक्षण पर सुनवाई कर रही है।दरअसल पीठ मंदिर के प्रशासन के लिए एक अलग समिति के मुद्दे पर 2011 में दाखिल वरिष्ठतम पंडाल परिवार के सदस्य रेवती नाल पी रामावरमा राजा की अपील पर सुनवाई कर रही थी।"फिलहाल, गहने सुरक्षित हैं?" अपीलकर्ताओं के लिए...
फ्रिंज बेनिफिट टैक्स लगाने के लिए नियोक्ता-कर्मचारी संबंध अनिवार्यः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के एक आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज करते हुए कहा है कि फ्रिंज बेनिफिट टैक्स लगाने के लिए नियोक्ता-कर्मचारी संबंध अनिवार्य शर्त है, और ऐसे संबंधों में कर्मचारियों को नियोक्ता द्वारा फ्रिंज बेनिफिट्स प्रदान किया जाना है। जस्टिस उज्जल भुयन और मिलिंद जाधव की खंडपीठ ने 25 जनवरी, 2017 को ITATद्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ आयकर अधिनियम की धारा 260A के तहत आयकर आयुक्त द्वारा दायर अपील पर सुनवाई की। वित्त अधिनियम, 2005 के जरिए आयकर पर फ्रिंज बेनिफिट्स...
सुप्रीम कोर्ट ने MP के श्रम कानूनों के तहत अपराधों पर आपराधिक अदालतों में मुकदमा चलाने के संशोधन को बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश श्रम कानून (संशोधन) और विविध प्रावधान अधिनियम, 2002 को बरकरार रखा है जिसमें श्रम कानूनों के तहत अपराधों पर नियमित आपराधिक न्यायालयों में मुकदमा चलाने की शक्ति को बहाल किया गया है। दरअसल 1981 में अधिनियम में संशोधन किया गया था और श्रम कानूनों के तहत अपराधों पर मुकदमा चलाने की शक्ति श्रम न्यायालयों की बजाए नियमित आपराधिक न्यायालयों को दी गई थी। बाद में 2002 में, एक और संशोधन द्वारा, इस प्रक्रिया को उलटा करने की मांग की गई थी।द लेबर बार एसोसिएशन, सतना और MP...
निर्भया केस : अब तीसरे दोषी अक्षय की दया याचिका भी राष्ट्रपति ने खारिज की
निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में दोषी अक्षय कुमार सिंह की राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भी खारिज हो गई है। बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ये याचिका खारिज कर दी।इसी के साथ ये ये तीसरी दया याचिका है जिसे राष्ट्रपति ने खारिज किया है। दोषी मुकेश और विनय की दया याचिका खारिज हो चुकी हैं जबकि चौथे दोषी पवन ने अभी तक दया याचिका के विकल्प का इस्तेमाल नहीं किया है।वैसे इस मामले में सजायाफ्ता मुकेश सिंह के सभी विकल्प जिसमें क्यूरेटिव याचिका और दया याचिका शामिल हैं, खत्म हो चुके हैं। दया याचिका...
निर्भया केस : अलग अलग फांसी देने की मांग ठुकराने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद गृह मंत्रालय के माध्यम से भारत संघ ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की है, जिसमें हाईकोर्ट के 2012 के दिल्ली गैंगरेप और हत्या मामले (निर्भया) के दोषियों की सज़ा अलग-अलग निष्पादित न करने के फैसले को चुनौती दी गई है। निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने बुधवार को अहम फैसला सुनाते हुए दोषियों को अलग- अलग फांसी देने के मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार...
हमें स्वीकार करना होगा कि भारत बहु-विचारों और बहु-संस्कृतियों का देशः जस्टिस चंद्रचूड़
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने विचारों और पहचानों में भारत की बहुलता को स्वीकार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। शनिवार को डॉ चिंतन चंद्रचूड़ की किताब 'द केसेज द इंडिया फॉरगॉट' के विमोचन समारोह में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा- "मुझे लगता है कि आज जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हमारे लिए राष्ट्र का वास्तविक मूल्य यह है कि हम यह स्वीकार करें कि भारत बहु-पहचानों का देश है, यह बहु-संस्कृतियों का देश है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, "बहु-संस्कृतियों, बहु-पहचानों और बहु-विचारों के बीच हो रहे...


















