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हम्पी क्षेत्र में अवैध निर्माण: सुप्रीम कोर्ट ने वीरुपपुरा गद्दी में निर्मित अवैध रेस्तरां, होटल और गेस्ट हाउसों को ढहाने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक सरकार को हम्पी विश्व विरासत स्थल के पश्चिम में तुंगभद्रा नदी के पास वीरुपपुरा गद्दी में निर्मित अवैध रेस्तरां, होटल और गेस्ट हाउसों को एक महीने के भीतर ढहाने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि ये निर्माण विजयनगर साम्राज्य के ऐतिहासिक स्मारकों के लिए खतरा बना हुआ है और 2009 में यूनेस्को की एक बैठक में वहां बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों का हवाला दिया था।जस्टिस मोहन एम शांतनगौदर और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने कहा कि 22 अक्टूबर, 1988 को जारी...
राजीव गांधी हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा, राज्यपाल से जानकारी लें, दोषियों की दया याचिका पर क्या कदम उठाया
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को कहा है कि वो राज्यपाल से संपर्क कर जानकारी ले कि दोषियों द्वारा राज्यपाल के समक्ष अनुच्छेद 161 के तहत दाखिल दया याचिका पर उन्होंने क्या कदम उठाया है। पीठ इस मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद करेगी। इससे पहले राज्य सरकार ने सोमवार को जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ को बताया था कि सरकार ने 2018 में दोषियों की दया याचिका को राज्यपाल के पास विचार के लिए भेज दिया था। पीठ ने कहा कि अदालत राज्यपाल को नोटिस जारी नहीं कर...
" पदोन्नति में SC/ST आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं " सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल
सुप्रीम कोर्ट में सात फरवरी को दिए गए सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण पर उस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है जिसमें कहा गया है कि पदोन्नति में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। इस संबंध में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और बहादुर अब्बास नकवी ने उत्तराखंड के मामले में दिए गए इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर कहा है कि ये निर्णय रिकॉर्ड के चेहरे पर स्पष्ट त्रुटि से ग्रस्त है। न्यायिक निर्णय ने न केवल संवैधानिक प्रावधानों को कमजोर किया है, और इस तरह से माननीय न्यायालय की दो...
निर्भया मामला : दोषी विनय ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, मानसिक बीमारी का हवाला दिया
2012 के दिल्ली गैंगरेप और हत्या केस में मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों में से एक विनय शर्मा ने मंगलवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा उनकी दया याचिका की अस्वीकृति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की है गौरतलब है कि दोषियों को फांसी की सजा के खिलाफ कानूनी उपायों को समाप्त करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एक सप्ताह के समय का मंगलवार को ही अंतिम दिन है। वकील ए पी सिंह के माध्यम से दायर याचिका में, विनय शर्मा ने दावा किया कि जेल में क्रूर और अमानवीय व्यवहार के कारण...
निर्भया केस : दोषियों को अलग- अलग फांसी देने की केंद्र की याचिका पर SC ने दोषियों को नोटिस जारी किया
निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार की उस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों को नोटिस जारी किया है जिसमें दोषियों को अलग- अलग फांसी देने का अनुरोध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 14 फरवरी को करेगा। पीठ ने ये साफ किया है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुनवाई का ट्रायल कोर्ट द्वारा नया डेथ वारंट जारी करने के मामले में असर नहीं डालेगा। जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता...
सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट प्रशांत भूषण के खिलाफ इंडियाबुल्स द्वारा दायर केस को रोहतक से दिल्ली ट्रांसफर किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एडवोकेट प्रशांत भूषण द्वारा दायर की गई एक ट्रांसफर याचिका को मंज़ूरी दे दी। इस याचिका में प्रशांत भूषण ने इंडियाबुल्स वेंचर कैपिटल मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले को रोहतक, हरियाणा से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्थानांतरण की अनुमति दी क्योंकि उत्तरदाता ने याचिका पर आपत्ति नहीं जताई है। भूषण ने याचिका में दावा किया था कि...
गंभीर एवं समाज के खिलाफ अपराध में पीड़ित और आरोपी के बीच समझौता प्राथमिकी/आरोप-पत्र निरस्त करने का वैध आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि जब कथित अपराध समाज के खिलाफ हो तथा जो निजी प्रकृति के न हो वैसे मामलों में आरोपी और पीड़ित के बीच किया गया समझौता प्राथमिकी निरस्त करने का वैध आधार नहीं हो सकता।इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहित की धारा 493 तथा दहेज निषेध कानून की धारा 3 और 4 के तहत आरोप दर्ज किये गये थे।न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने कहा कि यद्यपि अपराध नन-कंपाउंडेबल हैं फिर भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत ऐसे अपराधों में मुकदमों को...
दिल्ली और UP में नाबालिगों को हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों की CBI जांच की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, यूपी सरकार और दिल्ली सरकार को इस बात पर नोटिस जारी किया है कि वो कानून के तहत संघर्ष कर रहे बच्चों को किस तरह से और किन परिस्थितियों में बच्चों रखते हैं। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर शुरू किए गए " तमिलनाडु राज्य में अनाथालयों में बच्चों का शोषण बनाम भारत संघ मामले में एमिकस क्यूरी अपर्णा भट द्वारा दिए गए आवेदन पर पारित किया गया है जिसमें कहा गया है कि दिल्ली और यूपी पुलिस द्वारा पुलिस स्टेशनों में नाबालिगों को...
तीस हजारी झड़प : पुलिस के खिलाफ FIR की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, BCD को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को उस जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली, दिल्ली सरकार और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है जिसमें दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन के पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है जो बिना जिला जज की अनुमति के तीस हजारी अदालत परिसर में घुसे और वकीलों से हाथापाई की।भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने वकील रीपक कंसल की याचिका पर ये नोटिस जारी किया है। इस संबंध में तीस हजारी बार एसोसिएशन से भी जवाब मांगा गया...
स्वतंत्रता सेनानी ने फांसी पर लटकाकर मौत की सज़ा देने की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
निर्भया कांड में चार दोषियों को फांसी की सजा देने की संभावना के बीच सुप्रीम कोर्ट में एक 88 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी द्वारा एक रिट याचिका दायर की गई है जिसमें मौत की सजा देने के लिए फांसी पर लटकाने की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। एस परमेश्वरम नमपोथरी नामक स्वतंत्रता सेनानी द्वारा दायर याचिका में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 354 (5) को चुनौती दी गई है। इस धारा में कहा गया है कि जब किसी भी व्यक्ति को मौत की सजा दी जाती है, तो उसे तब तक गर्दन से लटकाए रखा जाए जब तक वह मर नहीं जाता। दंड...
खाद्य सुरक्षा : सुप्रीम कोर्ट ने रसोईघरों की याचिका पर जवाब दाखिल ना करने पर केंद्र पर लगाया 5 लाख का जुर्माना
सामुदायिक रसोई और खाद्य सुरक्षा कानून पर लापरवाही बरतने पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कानून और न्याय मंत्रालय, महिला और कल्याण, समाजिक न्याय और अधिकारिता, ग्रामीण विकास समेत कई मंत्रालयों व राज्यों पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया है।जस्टिस एन वी रमना की पीठ ने कहा कि इन उत्तरदाताओं ने PDS अलग बेघर और बिना आधार कार्ड वाले लोगों के लिए योजनाओं पर अदालत में हलफनामा दाखिल नहीं किया। ये गंभीर लापरवाही का मामला है और इससे पता चलता है कि सरकारें इसे लेकर गंभीर नहीं है। दरअसल नवंबर 2019 में सुप्रीम...
शाहीन बाग में बच्चे की मौत : सुप्रीम कोर्ट ने धरने में बच्चों की भागीदारी पर केंद्र को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन में 30 जनवरी को एक शिशु की मौत के मद्देनजर प्रदर्शन और आंदोलन में बच्चों और शिशुओं को शामिल करने के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान कार्रवाही में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।यह संज्ञान एक छात्रा द्वारा देश के मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्र पर लिया गया है जिसमें इस मुद्दे पर अदालत के हस्तक्षेप का आग्रह किया गया है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने उन दलीलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया जिसमें कहा गया कि...
शाहीन बाग : धरने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया, कहा, आप सार्वजनिक क्षेत्र में प्रदर्शन नहीं कर सकते
दिल्ली के शाहीन बाद में सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ 15 दिसंबर से चल रहे धरना- प्रदर्शन के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की एक पीठ ने हालांकि प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए अंतरिम निर्देश के लिए याचिकाकर्ताओं की प्रार्थना को अस्वीकार कर दिया।अमित साहनी और नंदकिशोर गर्ग द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कौल ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, "विरोध प्रदर्शन...
बहन ने दी उमर अब्दुल्ला की PSA के तहत हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
जम्मू- कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बहन ने पब्लिक सेफ्टी एक्ट ( PSA) के तहत अपने भाई की नजरबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।सोमवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस एन वी रमना की पीठ के समक्ष जल्द सुनवाई का आग्रह किया।पीठ ने कहा कि वो जल्द सुनवाई पर विचार करेंगे।याचिका में सारा अब्दुल्ला पायलट ने कहा है कि उनके भाई को अदालत में पेश किया जाए और रिहा किया जाए।याचिका में कहा गया है कि ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लेने के लिए कोई सामग्री उपलब्ध नहीं हो सकती...
सबरीमला संदर्भ : 9 जजों की पीठ का फैसला, पुनर्विचार में कानून का सवाल भी भेजा जा सकता है, 17 फरवरी से सुनवाई
सबरीमला संदर्भ मामले में सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि अदालत पुनर्विचार याचिकाओं में भी कानून के सवालों को बडी बेंच में भेज सकती है। पीठ ने कहा कि अब इस मामले में 17 फरवरी से रोजाना सुनवाई शुरू होगी। 9 जजों की बेंच ने 7 मुद्दे तय किए हैं : * धार्मिक स्वतंत्रता का दायरा क्या है * क्या धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संप्रदायों की मान्यताओं की स्वतंत्रता परस्पर विरोधी हैं * क्या धार्मिक आस्था , मौलिक अधिकारों के अधीन हैं * धार्मिक...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोर्ट का समय बर्बाद करने के आरोप में याचिकाकर्ता से वसूले लागत के 25 हजार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अकोला से चुने गए लोकसभा सदस्य संजय धोत्रे के निर्वाचन को चुनौती देने वाले श्रीकृष्ण अडबोले पर 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। उल्लेखनीय है कि संजय धोत्रे वर्तमान में केंद्र में सूचना तकनीकी और दूरसंचार राज्य मंत्री हैं। धोत्रे के निर्वाचन में खिलाफ दायर रिट याचिका में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में किए गए खर्च को छिपाया था। नागपुर पीठ के जस्टिस आरवी घुगे और जस्टिस एसएम मोदक की खंडपीठ ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि धारा 81 के तहत चुनाव...
सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST संशोधन कानून, 2018 को बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST संशोधन कानून, 2018 को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है। SC/ST संशोधन कानून, 2018 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस, विनीत सरन और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने सोमवार को ये फैसला सुनाया है। पीठ ने कहा कि एक्ट में अग्रिम जमानत का कोई प्रावधान नहीं है और न ही गिरफ्तारी से पहले अनुमति लेने की आवश्यकता है। हालांकि अदालत असाधारण मामलों में FIR रद्द कर सकती है।वहीं न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट ने अलग आदेश जारी...
सीपीसी ऑर्डर-VIII नियम-6ए) मुद्दा तय हो जाने के बाद प्रतिदावे नहीं किये जा सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि विवाद के मुद्दे तय हो जाने के बाद जवाबी दावा दायर नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने इस विवादित मुद्दे को उठाने वाली एक विशेष अनुमति याचिका खारिज करते हुए 'अशोक कुमार कालरा बनाम विंग कमांडर सुरेन्द्र अग्निहोत्री' मामले में पिछले वर्ष दिये गये अपने फैसले का उल्लेख किया।'अशोक कुमार कालरा' मामले में, कोर्ट ने कहा था कि कोई कोर्ट अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकता है और लिखित बयान के बाद से लेकर ट्रायल के मुद्दे तय होने तक प्रतिदावा दायर करने की अनुमति दे सकता है।...
(निश्चित अदायगी) वादी को यह साबित करना होगा कि उसके पास बकाया भुगतान के लिए संसाधन उपलब्ध है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की निश्चित अदायगी से संबंधित मुकदमे में वादी को यह साबित करना अनिवार्य है कि उसके पास बकाये भुगतान के लिए संसाधन उपलब्ध है।न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ निश्चित अदायगी संबंधी मुकदमे से उत्पन्न एक अपील पर विचार कर रही थी। ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि वादी यह साबित करने में असफल रहा था कि वह करार पर अमल करने को तैयार है और इच्छुक भी। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील स्वीकार कर ली थी, जिसके बाद...


















