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"पुरुषों और महिला के लिए विवाह की असमान उम्र स्टीरियोटाइप रूढ़ियों पर आधारित": SC में शादी की उम्र एक करने और हाईकोर्ट से याचिकाएं ट्रांसफर करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें राजस्थान उच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित उन याचिकाओं को स्थानांतरित करने की मांग की गई है, जिसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए विवाह की एक समान उम्र की मांग की गई है। अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि यह याचिका अनुच्छेद 14, 15 और 21 की व्याख्या पर मुकदमों की बहुलता और परस्पर विरोधी विचारों से बचने के लिए दायर की गई है और इसमें लैंगिक न्याय और समानता से संबंधित निर्णय शामिल हैं।याचिकाकर्ता ने...
बीमाकर्ता को पहले से मौजूद बीमारियों की जानकारी देना प्रस्तावक का कर्तव्यः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि एक प्रस्तावक जीवन बीमा की पॉलिसी लेने से पहले से, अपनी मौजूदा बीमारियों की जानकारी बीमाकर्ता को देना के लिए कर्तव्यबद्ध है।मौजूदा मामले में, बीमा प्रस्ताव फॉर्म में प्रस्तावक के स्वास्थ्य और चिकित्सा इतिहास से संबंधित प्रश्न थे और इस बात का विशेष रूप से खुलासा करना था कि क्या प्रस्तावक को किसी भी प्रकार की बीमारी है, या अस्पताल में भर्ती किया गया है या उपचार किया गया है और उसे अपने अच्छे स्वास्थ्य की घोषणा करनी थी। प्रस्तावक ने प्रश्नों का उत्तर नकारात्मक दिया,...
सरकार ने किसान संबंधी कानूनों के तहत विवाद निपटारे के लिए नियम अधिसूचित किये
केंद्र सरकार ने 'फार्मर्स एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज (डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन) रूल्स, 2020 को अधिसूचित कर दिया है। केंद्र सरकार ने ये नियम मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) समझौता अधिनियम, 2020 की धारा 22 तथा धारा 14 की उपधारा आठ एवं नौ के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करके तैयार किये हैं।इस कानून की धारा 14 विवाद निवारण के लिए तंत्र उपलब्ध कराती है। इसमें प्रावधान किये गये हैं कि, जहां कृषि समझौते के अंतर्गत धारा 13 की उपधारा (1) के तहत जरूरी...
आपराधिक मामले में पहली अपील की सुनवाई कर रहे कोर्ट को खुद की राय बनाने की जरूरत होती है, सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि आपराधिक मामलों में पहली अपील की सुनवाई कर रहे कोर्ट को रिकॉर्ड में दर्ज साक्ष्य और ट्रायल कोर्ट की राय के आधार पर खुद की राय बनाने की आवश्यकता होती है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका पर विचार करते हुए महसूस किया कि ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि के फैसले के खिलाफ अपील को खारिज करने का हाईकोर्ट का आदेश केवल साक्ष्यों का प्रस्तुतीकरण है, जिसमें हाईकोर्ट ने अपील में दोषसिद्धि के पुष्टीकरण...
क्या तलाकशुदा पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत निवास के अधिकार का दावा कर सकती है?
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में [सतीश चंदर आहूजा बनाम स्नेहा आहूजा] यह माना कि एक महिला रिश्तेदारों के स्वामित्व वाले घरों में भी निवास करने के अधिकार का दावा कर सकती है। इसका मतलब यह है कि वह संपत्ति के संबंध में निवास आदेश की मांंग कर सकती है जो ससुराल से संबंधित है, अगर वह और उसका पति शादी के बाद कुछ स्थायित्व के साथ वहां रहते थे। शादीशुदा जोड़े के तलाक के बाद क्या होता है? क्या कोई महिला तलाक के बाद घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करा सकती है? क्या शादी खत्म होने के बाद भी वह निवास आदेश...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह। आइए जानते हैं 12 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।''क्या आप ये कह रहे हैं कि जब से एक बॉलीवुड अभिनेता की मौत हुई है, संविधान का पालन नहीं किया जा रहा है'' : सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग वाली याचिका खारिज कीसुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है, जिसमें महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली राज्य सरकार को बर्खास्त करने और राज्य में राष्ट्रपति...
दहेज हत्या मामले में कार्रवाई में 21 साल की देरी क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने मांगा बिहार के डीजीपी, पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से स्पष्टीकरण
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पुलिस महानिदेशक और पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को यह स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है कि दहेज हत्या के एक मामले में अभियुक्त व्यक्ति को गिरफ्तार करने में 21 साल क्यों लग गये?मृतक महिला के भाई ने दो फरवरी, 1999 को एक प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि मृतका के पति और उसके परिवार वालों ने दहेज के लिए उसका उत्पीड़न किया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि मृतका के पति और उसके परिवार वालों ने महिला के शव का अंतिम संस्कार उनलोगों (मृतका के परिजनों) को...
एक जज के लिए सभी दबावों और बाधाओं को झेलना और सभी बाधाओं के खिलाफ बहादुरी से खड़े होना महत्वपूर्ण गुण हैः जस्टिस एनवी रमना
जस्टिस एनवी रमना ने कहा है कि एक जज के लिए सभी दबावों और बाधाओं को झेलना और सभी बाधाओं के खिलाफ बहादुरी से खड़े होना महत्वपूर्ण गुण है।सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जज और भारत के आगामी चीफ जस्टिस, जस्टिस एनवी रमना सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, जस्टिस एआर लक्ष्मणन की स्मृति में आयोजित ऑनलाइन शोक समारोह में बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि ऐसे असंख्य गुण हैं, जिन्हें एक व्यक्ति को जीने की आवश्यकता है, जैसे विनम्रता, धैर्य, दया, ठोस कार्य नैतिकता और लगातार सीखने और सुधार करने का उत्साह। जस्टिस रमना...
निर्धारित सीमा अवधि की अनदेखी करने वाली सरकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट तफरीह की जगह नहीं हो सकतीः सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने कहा है कि निर्धारित सीमा अवधि को अनदेखा करने वाली सरकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट तफरीह की जगह नहीं हो सकती है।अदालत ने मध्य प्रदेश द्वारा 663 दिनों के विलंब के साथ दायर एक विशेष अवकाश याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ में जस्टिस दिनेश माहेश्वरी भी शामिल थे। पीठ ने राज्य पर पच्चीस हजार रुपये की लागत लगाई। अपने आवेदन में, राज्य ने कहा था कि इस प्रकार के असमान्य विलंब का कारण "दस्तावेज की अनुपलब्धता और दस्तावेज को व्यवस्थित...
सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के आदेश को उचित ठहराया, अग्रिम जमानत की शर्त के रूप में पति को बीस हजार रुपये प्रतिमाह पत्नी को देने होंगे
सुप्रीम कोर्ट ने एक पति की तरफ से पटना हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया है। पटना हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पति को अग्रिम जमानत देते हुए शर्त लगाई थी कि वह हर महीने अपनी पत्नी को बीस हजार रुपये दे। इस मामले में, पत्नी ने याचिकाकर्ता पति के खिलाफ एक घरेलू हिंसा की शिकायत दायर की थी। इसी मामले में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए पति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने इस अग्रिम जमानत याचिका का निपटारा करते हुए कहा था कि दोनों पक्षों के बीच तलाक का मामला लंबित है।...
सुप्रीम कोर्टकॉलेजियम ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के एडिशनल जज मनीष चौधरी को स्थायी करने का प्रस्ताव रखा
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनीष चौधरी को उस उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। जस्टिस चौधरी ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद 1999 में बार काउंसिल ऑफ असम में दाखिला लिया । उन्होंने मुख्य रूप से प्रिंसिपल सीट के साथ-साथ आइजोल बेंच, ईटानगर बेंच और गुवाहाटी हाईकोर्ट की कोहिमा बेंच में भी प्रक्टिस की ।वह 2009 से 2016 तक भूमि अभिलेख निदेशालय, असम के स्थायी वकील और 2014 से 2016 के...
संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के ऐसे कार्य न्यायिक स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं : एससीबीए ने जस्टिस रमना के खिलाफ आरोप वाले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के पत्र की कड़ी निंदा की
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की कार्यकारिणी समिति ने एक बयान जारी करके आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश को लिखे गये उस पत्र की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायिक प्रशासन में न्यायमूर्ति एन वी रमना के हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। समिति ने कहा है, "संवैधानिक पद पर बैठे ओहदेदारों के इस तरह के कार्य परिपाटी के विरुद्ध और गम्भीर दखलंदाजी है, जिससे भारतीय संविधान में न्यायपालिका को मिली आजादी प्रभावित होती है।"इसने पत्र...
''क्या आप ये कह रहे हैं कि जब से एक बॉलीवुड अभिनेता की मौत हुई है, संविधान का पालन नहीं किया जा रहा है'' : सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है, जिसमें महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली राज्य सरकार को बर्खास्त करने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका (पीआईएल) को सुना और कहा कि अदालत ऐसी प्रार्थनाओं पर विचार नहीं कर सकती। सीजेआई बोबडे ने याचिकाकर्ता विक्रम गहलोत को सूचित किया कि उनके पास राष्ट्रपति से संपर्क करने की...
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और यूपी में पराली जलाने से रोकने और कदम उठाने के लिए जस्टिस मदन बी लोकुर की एक सदस्यीय समिति नियुक्त की
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने को रोकने के लिए निगरानी करने और कदम उठाने के लिए जस्टिस (सेवानिवृत्त) मदन बी लोकुर की एक सदस्यीय समिति नियुक्त की है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने तीसरे साल के लॉ स्टूडेंट आदित्य दुबे की याचिका में सुझाव को स्वीकार कर लिया कि पराली जलाने से रोकने के लिए जस्टिस लोकुर की समिति नियुक्त की जाए, जिसमें पंजाब, हरियाणा और यूपी के मुख्य सचिव शामिल हों जो न्यायमूर्ति लोकुर को राज्यों...
आरोपी पर पीड़िता से राखी बंधवाने की अदालती शर्त के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा एक अभियुक्त पर लगाई गई जमानत शर्त चुनौती देने वाली याचिका पर अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया जिसमें उसे शिकायतकर्ता से राखी बंधवाने के लिए कहा गया और उसके साथ उदारता दिखाने के आरोप लगाए थे। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कहा कि चूंकि याचिका इस तरह के आदेश पारित नहीं करने के लिए सभी उच्च न्यायालयों पर एक सामान्य घोषणा की मांग कर रही है, इसलिए इसे केवल अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी करने की जरूरत है।याचिकाकर्ताओं के लिए...
[घरेलू हिंसा अधिनियम] पत्नी पति के रिश्तेदारों से संबंधित साझा घर में रहने के अधिकार का दावा करने की भी हकदार है, सुप्रीम कोर्ट ने 2006 के 'एस आर बत्रा' फैसले को पलटा
एक पत्नी पति के रिश्तेदारों से संबंधित साझा घर में रहने के अधिकार का दावा करने की भी हकदार है, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2006 के एस आर बत्रा बनाम तरुणा बत्रा फैसले को पलटते हुए ये अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा, "घटना में, साझा घर पति के किसी रिश्तेदार का है, जिसके साथ घरेलू संबंध में महिला रह चुकी है, धारा 2 (एस) में उल्लिखित शर्तें संतुष्ट हैं और उक्त घर एक साझा घर बन जाएगा।" जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अधिनियम की धारा 2 (एस) में दी गई 'साझा...
CrPC की धारा 167 (2), के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत / वैधानिक जमानत के लिए अदालत पैसा जमा कराने की शर्त नहीं लगा सकती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत / वैधानिक जमानत देते समय, राशि जमा करने की शर्त नहीं लगाई जा सकती। CrPC की धारा 167 (2), के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत / वैधानिक जमानत पाने के लिए एकमात्र आवश्यकता ये है कि क्या आरोपी 60 या 90 दिनों से अधिक समय तक जेल में है, जैसा भी मामला हो, और 60 या 90 दिनों के भीतर, जैसा भी मामला हो, जांच पूरी नहीं हुई है और 60 वें या 90 वें दिन तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है और अभियुक्त डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए आवेदन करता...
विदेशी अवार्ड को मान्यता देने और लागू करने के हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका बहुत ही बारीक आधार पर टिकेगी : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विदेशी अवार्ड (आदेश) को मान्यता देने और उसे लागू करने से संबंधित हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) एक अत्यंत संकीर्ण आधार पर टिकी होगी। कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ रिस्पॉन्सिव इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका खारिज करते हुए कहा कि अपवाद के मामलों में मध्यस्थता कानून की धारा 48 की खुल्लमखुला अवहेलना अंधाधुंध इस्तेमाल किया जाने वाला मंत्र नहीं है।बेंच ने दलीलों पर विचार करते हुए...
[ हाथरस केस ] सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की निगरानी में SIT जांच की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हाथरस मामले की सीबीआई / एसआईटी जांच की निगरानी करने वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ को सूचित किया कि शीर्ष न्यायालय के पहले के आदेश के अनुपालन में गवाह संरक्षण योजना के साथ-साथ पीड़ितों के परिवार द्वारा कानूनी प्रतिनिधित्व के विकल्प के रूप में राज्य की ओर से हलफनामा दायर किया गया है।गवाहों और परिवार को दिए गए संरक्षण के बारे में राज्य एक द्वारा दायर...












![[घरेलू हिंसा अधिनियम] पत्नी पति के रिश्तेदारों से संबंधित साझा घर में रहने के अधिकार का दावा करने की भी हकदार है, सुप्रीम कोर्ट ने 2006 के एस आर बत्रा फैसले को पलटा [घरेलू हिंसा अधिनियम] पत्नी पति के रिश्तेदारों से संबंधित साझा घर में रहने के अधिकार का दावा करने की भी हकदार है, सुप्रीम कोर्ट ने 2006 के एस आर बत्रा फैसले को पलटा](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/10/16/500x300_382924-816dqbaxatlpoq65o53dxz9lsbxxcsr3pac8557804.jpg)



![[ हाथरस केस ] सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की निगरानी में SIT जांच की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा [ हाथरस केस ] सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की निगरानी में SIT जांच की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा ](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/10/14/500x300_382821-816c2uus2v5jwats0l1fg6ctb12nsvpiodt3802078.jpg)