ताज़ा खबरें
सुप्रीम कोर्ट ने जालसाजी मामले में सपा नेता आजम खान और उनके बेटे को जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला खान को जालसाजी के एक मामले में जमानत दे दी है। शीर्ष न्यायालय ने साथ निर्देश दिया है कि निचली अदालत द्वारा पूर्व का बयान दर्ज करने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए, जिसे चार सप्ताह के भीतर किया जाना है।जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की खंडपीठ ने दोनों नेताओं को जमानत दी है। पीठ 26 नवंबर, 2020 को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पिता-पुत्र की जमानत याचिका खारिज़ करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर ये फैसला दिया...
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की अनुमति के बिना सांसदों/विधायकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा वापस लेने पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि संबंधित राज्य के हाईकोर्ट की अनुमति के बिना सांसदों और विधायकों के खिलाफ कोई मुकदमा वापस नहीं लिया जाएगा।कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि विशेष न्यायालयों में सांसदों/विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय के अगले आदेश तक अपने वर्तमान पदों पर बने रहें। यह निर्देश विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई कर रहे न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति या मृत्यु के अधीन होगा।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना, न्यायमूर्ति विनीत सरन और...
दावेदार पर निर्भर नहीं रहने वाले रिश्तेदार मुआवजे और पुनर्वास के उद्देश्य से अलग परिवार का गठन करेंगे: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो रिश्तेदार दावेदार पर निर्भर नहीं हैं, वे मुआवजे और पुनर्वास के लिए एक अलग परिवार का गठन करेंगे। मौजूदा मामला यह यह था कि क्या अनादिनाथ बनर्जी एक त्रिपक्षीय समझौते के आधार पर भूमि के अधिग्रहण की एवज में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा दिए गए रोजगार के हकदार हैं।उक्त समझौते के अनुसार, एक दावेदार रोजगार का पात्र होगा यदि परियोजना के प्रयोजनों के लिए अधिग्रहित भूमि कम से कम 2.0 एकड़ है। उच्च न्यायालय ने उनकी रिट याचिका को तब अनुमति दी जब यह पाया गया कि उनके पास न्यूनतम...
पेगासस जासूसी मामला : सॉलिसिटर जनरल ने निर्देश के लिए समय मांगा, सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच की याचिका पर सुनवाई 16 अगस्त तक टाली
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को उनके अनुरोध पर पेगासस जासूसी विवाद की जांच की मांग वाली नौ याचिकाओं पर सरकार से निर्देश लेने के लिए सोमवार तक का समय दिया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने ऐसा करते हुए याचिकाकर्ताओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अदालत के बाहर "समानांतर बहस" में शामिल होने से बचने के लिए कहा,"यह मेरा और मेरे दोनों भाइयों का संदेश है। सभी याचिकाकर्ताओं से अदालत में बहस के माध्यम से अदालत के सवालों का...
"प्रणाली का दुरुपयोग": सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की हत्या के आरोपी पुलिस कांस्टेबल पर, ट्रायल को 14 साल से अधिक समय तक 'घसीटने' के कारण एक लाख का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पत्नी की हत्या के आरोपी पुलिस कांस्टेबल पर कानूनी व्यवस्था का दुरुपयोग करने और अपने मामले की सुनवाई को 14 साल तक खींचने के लिए एक लाख का जुर्माना लगाया।सीजेआई ने कहा, "आपने 14 साल तक अपने मामले को घसीटा है, एक हत्या का मामला, जहां आप पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप था और दो बार सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर आया। यह बेरहम मामला है! यह दुरुपयोग है, इस प्रणाली का दुरुपयोग है।"चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना, जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस सूर्यकांत उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के...
सीजेएआर ने सीजेआई एनवी रमाना से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेगासस जासूसी मामले की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग करने का अनुरोध किया
न्यायिक जवाबदेही और सुधार अभियान (सीजेएआर) ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पेगासस जासूसी मामले की सुनवाई को लाइव स्ट्रीम करें।पत्र हाल के खुलासे के बारे में गहरी चिंता को संदर्भित करता है कि पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल जाहिर तौर पर भारत सरकार के इशारे पर भारतीय नागरिकों के फोन को हैक करने के लिए किया गया।पत्र में महत्वपूर्ण रूप से लिखा है कि, "लोगों के निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन के अलावा संवैधानिक अधिकारियों, राजनीतिक...
'राजनीतिक दलों को अपने चयनित उम्मीदवारों के आपराधिक पृष्ठभूमि को उनके चयन के 48 घंटों के भीतर प्रकाशित करना होगा': सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजनीति को अपराध मुक्त करने के उद्देश्य से निर्देश दिया कि राजनीतिक दलों को अपने चयनित उम्मीदवारों के आपराधिक पृष्ठभूमि को उनके चयन के 48 घंटों के भीतर प्रकाशित करना होगा।जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने इस संबंध में अपने 13 फरवरी, 2020 के फैसले को संशोधित किया।कोर्ट ने फरवरी 2020 के फैसले के पैराग्राफ 4.4 में आदेश दिया था कि विवरण उम्मीदवार के चयन के 48 घंटे के भीतर या नामांकन दाखिल करने की पहली तारीख से कम से कम दो सप्ताह पहले, जो भी पहले हो, प्रकाशित...
अदालत को दिए गए वचन का जानबूझकर उल्लंघन अवमानना : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत को दिए गए वचन का जानबूझकर उल्लंघन अदालत की अवमानना अधिनियम की धारा 2 (बी) के तहत अवमानना की श्रेणी में आ सकता है।न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि किसी पक्षकार द्वारा दिए गए वचन को उस संदर्भ में देखा जाना चाहिए जिसमें इसे बनाया गया था और (i) वचन देने वाले पक्षकार को होने वाले लाभ; और (ii) प्रतिपक्ष को हुई क्षति/चोट को देखते हुए।हालांकि, पीठ ने पहले के एक फैसले में की गई टिप्पणी के बारे में संदेह व्यक्त किया कि सहमति...
विशेष विवाह अधिनियम के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शादी पंजीकृत हो सकती है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हरियाणा राज्य द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र देने के आदेश को चुनौती दी गई थी, क्योंकि पत्नी यात्रा संबंधी प्रतिबंध के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका से भारत की यात्रा करने में असमर्थ थी।न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने मौखिक रूप से कहा, "कानून को प्रौद्योगिकी के साथ आगे बढ़ना है।"पीठ ने मौखिक रूप से...
पेंडेंसी कॉलेजियम की मंजूरी के बाद वर्षों तक हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति नहीं करने के केंद्र के 'अड़ियल रवैये' का सीधा परिणाम: सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट ने केंद्र से अपने अप्रैल 2021 के आदेश में न्यायिक नियुक्तियों के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन करने का आग्रह किया।देश भर के हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की बढ़ती रिक्तियों को भरने में केंद्र सरकार की ओर से हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर नाराजगी व्यक्त की है।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 अगस्त) को पारित एक आदेश में, कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा सिफारिशों को मंजूरी देने के वर्षों बाद भी हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति नहीं करने में सरकार के "अड़ियल रवैये" के कारण मामलों के...
रेस ज्यूडिकाटा सीपीसी के आदेश VII नियम 11 (डी) के तहत एक वाद को खारिज करने का आधार नहीं है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रेस ज्यूडिकाटा नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश VII नियम 11 (डी) के तहत वाद को खारिज करने का आधार नहीं हो सकता है।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा, "चूंकि रेस ज्यूडिकाटा की याचिका के निर्णय के लिए 'पिछले मुकदमे' में दलीलों, मुद्दों और निर्णय पर विचार करने की आवश्यकता होती है, इस तरह की याचिका आदेश 7 नियम 11 (डी) के दायरे से बाहर होगी, जहां केवल वाद में बयान पर विचार करना होगा।"वादी द्वारा दायर मुकदमे में, प्रतिवादी ने सीपीसी के...
ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल संसद में पारित, उन्हीं प्रावधानों को शामिल किया गया, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने किया था खारिज
राज्यसभा ने सोमवार को ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2021 पारित किया, जिसमें विभिन्न ट्रिब्यूनल के सदस्यों की सेवा और कार्यकाल के लिए नियम और शर्तें को निर्धारित किया गया है। बिल में ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स (रेशनलाइजेशन एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस) ऑर्डिनेंस, 2021 के उन्हीं प्रावधानों को शामिल किया गया है, जिन्हें मद्रास बार एसोसिएशन केय में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।धारा 3 के प्रावधान के अनुसार, 50 वर्ष की न्यूनतम आयु को विधेयक में शामिल किया गया है। इसी प्रकार, ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष और...
'इस अदालत का सब्र अब कमजोर पड़ रहा है', राजस्व मामलों में मुकदमे की निगरानी के लिए प्रस्ताव जमा नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राजस्व मामलों के मुकदमे की निगरानी के लिए एक ठोस कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा कोई ठोस प्रतिक्रिया पेश करने में विफलता से इस न्यायालय का धैर्य अब कमजोर पड़ रहा है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि सभी स्तरों पर राजस्व कार्यवाही और मुकदमों की निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधान अपनाने का प्रस्ताव अंततः राजस्व के वैध हितों को प्रभावित...
एसईबीसी की पहचान की राज्यों की शक्ति को बहाल करने के लिए केंद्र ने संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किया
केंद्र सरकार ने लोकसभा में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) की पहचान करने और उन्हें निर्दिष्ट करने की राज्य सरकारों की शक्ति को बहाल करने के लिए संविधान (एक सौ सत्ताईसवां संशोधन) विधेयक 2021 पेश किया। राज्यों की यह शक्ति सुप्रीम कोर्ट के मराठा आरक्षण मामले में पारित 3:2 के फैसले के बाद खो गई थी।उक्त मामले में, सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ ने 3:2 बहुमत से कहा था कि राज्यों के पास 102वें संविधान संशोधन के बाद SEBC की पहचान करने और उन्हें निर्दिष्ट करने की शक्ति नहीं है, और ऐसी...
COVID-19: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लिक्विड ऑक्सीजन के वैज्ञानिक आवंटन पर नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट को रिकॉर्ड में रखने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारत सरकार को निर्देश दिया कि वह COVID-19 की दूसरी लहर के बीच सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन के वैज्ञानिक आवंटन के लिए एक पद्धति तैयार करने के लिए उसके द्वारा नियुक्त नेशनल टास्क फोर्स (NDF)की अंतिम रिपोर्ट को रिकॉर्ड में रखे।यह 'कार्यवाही की रिपोर्ट' NDF की रिपोर्ट को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों को दर्शाती है।जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एम. आर. शाह ने दर्ज किया कि न्यायालय द्वारा नियुक्त NDF ने कई बैठकें की हैं और अपनी रिपोर्ट...
न्यायाधीश उत्तम आनंद हत्याकांड : सीबीआई रिपोर्ट में मकसद या कारण के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया, सुप्रीम कोर्ट ने कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि झारखंड के न्यायाधीश उत्तम आनंद की संदिग्ध हत्या पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में अपराध के पीछे मकसद या कारण के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है।"सीलबंद लिफाफे में कुछ भी नहीं है, " भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को मामले की सुनवाई के दौरान कहा।सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दिया कि सीबीआई में आने के बाद जो भी विकास हुआ है, वह सीलबंद लिफाफे में दिया गया है।सीजेआई ने टिप्पणी की,"मेहता, यह वह मुद्दा नहीं...
COVID टीकों के क्लीनिकल परीक्षण डेटा और टीकाकरण के बाद के प्रभाव के डेटा के सार्वजनिक प्रकटीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया, टीकाकरण के अनिवार्य जनादेश को रोकने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका ( पीआईएल) पर नोटिस जारी किया, जिसमें COVID टीकों के क्लीनिकल परीक्षण डेटा और टीकाकरण के बाद के प्रभाव के डेटा के सार्वजनिक प्रकटीकरण की मांग की गई, जैसा कि अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा मानदंडों द्वारा आवश्यक है, और विभिन्न सरकारों द्वारा जारी किए गए टीकाकरण के कठोर जनादेश को रोकने की मांग की गई।कोर्ट ने भारत संघ, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ( आईसीएमआर), ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया और वैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक लिमिटेड और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया...
सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम के तहत अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच पर रोक लगाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट और अमेज़ॅन को झटका देते हुए प्रतिस्पर्धा अधिनियम के तहत इनकी कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की जांच पर रोक लगाने से इनकार किया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेशों में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा उनके कथित प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों की प्रारंभिक जांच के आदेश में हस्तक्षेप करने...
'चयन प्रक्रिया अवैध': सुप्रीम कोर्ट ने केरल विश्वविद्यालय को 14 साल पुरानी नियुक्त प्रक्रिया में वंचित की गई उम्मीदवार को नियुक्त करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने केरल विश्वविद्यालय को एक ऐसे उम्मीदवार को नियुक्त करने का निर्देश दिया, जिसे 14 साल पहले हुई चयन प्रक्रिया में शिक्षा विभाग में व्याख्याता के पद पर नियुक्ति से अवैध रूप से वंचित किया गया था।जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस एस. रवींद्र भट की बेंच ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार बिंदू टीवी बकाया वेतन की हकदार नहीं होंगी, बल्कि सभी परिणामी वार्षिक वेतन वृद्धि आदि और इस आधार पर सेवा की निरंतरता के साथ एसिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति की तारीख से अपने ग्रेड में काल्पनिक निर्धारण और...
'कृपाण' धार्मिक विश्वास का हिस्सा; इसे हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, यह तथ्य इसे वास्तव में अपराध का हथियार नहीं बनाता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोप से एक आरोपी को बरी करते हुए कहा कि धार्मिक विश्वास के रूप में एक विशिष्ट समुदाय के सदस्यों द्वारा धारण किए गए कृपाण को अपराध के हथियार के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है, यह तथ्य इसे वास्तव में अपराध का हथियार नहीं बनाता है।मामला 1999 का है। अपीलकर्ता ओम प्रकाश सिंह और एक सह-आरोपी क्रिकेट खेलते समय आपस में लड़ रहे थे और मृतक ने उन्हें शांत कराने के लिए हस्तक्षेप करने की कोशिश की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसी रात पहले आरोपी द्वारा मृतक पर कृपाण से हमला किया गया...


















