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हाथ से मैला साफ करना : जान का खतरा उठाने को मजबूर सफाई कर्मचारी (मैनुअल स्कैवेंजिंग पर वीडियो)
हाथ से गटर का मैला साफ करना (मैनुअल स्कैवेंजिंग) न केवल मानवीय गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि इसमें जीवन का खतरा भी बना रहता है। मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा जाति, वर्ग और आय के विभाजन से प्रेरित है। हालांकि इसके खिलाफ सफाई कर्मचारी आंदोलन चलाए जा रहे हैंऔर सरकारें भी अपनी ओर इसके लिए प्रयास कर रही हैं।लाइव लॉ रिपोर्ट चारू सिंह ने इस मामले में ज़मीनी हकीकत जानने की कोशिश की और सफाई कर्मचारियों सहित सफाई कर्मचारी आंदोलन से जुड़े लोगों से बात की।देखिए वीडियो
आर्थिक या धन संबंधी लाभ के अलावा अन्य लाभ हासिल करने के उद्देश्य से गैरकानूनी गतिविधि जारी रखना भी मकोका के तहत एक "संगठित अपराध" है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आर्थिक या धन संबंधी लाभ के अलावा अन्य लाभ हासिल करने के उद्देश्य से गैरकानूनी गतिविधि जारी रखना भी महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 के तहत एक "संगठित अपराध है।जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि अपराध करने वाले व्यक्ति को लाभ हो सकता है, जो सीधे तौर पर धन लाभ या अन्य लाभ की ओर नहीं ले जा रहा है, लेकिन समाज में या यहां तक कि सिंडिकेट में भी एक मजबूत पकड़ या वर्चस्व प्राप्त करने का हो सकता है।पृष्ठभूमिअतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और...
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में छात्रों के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए दिशा-निर्देशों की याचिका पर केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रिट याचिका में नोटिस जारी कर बच्चों को शैक्षणिक संस्थानों में किए जा रहे यौन उत्पीड़न सहित किसी भी तरह के उत्पीड़न से बचाने की मांग की।जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने केंद्र और राज्य सरकारों से जवाब मांगा।नक्खीरन तमिल द्वि-साप्ताहिक के संपादक, प्रकाशक और प्रिंटर नक्खीरन गोपाल द्वारा दायर याचिका में बच्चों की सुरक्षा के लिए और मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों के लिए दिशा-निर्देश भी दिए जाने की मांग की।याचिका में...
"हज 2022 के लिए आदेश पारित करने के लिए इच्छुक नहीं": सुप्रीम कोर्ट ने हज समूह आयोजक के रूप में सूचीबद्ध करने की मांग वाली टूर ऑपरेटर की याचिका पर विचार करने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ऑल इंडिया टूर्स कॉरपोरेशन द्वारा दायर एक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें वर्ष 2022 के हज के लिए प्राइवेट टूर ऑपरेटर (पीटी) को हज समूह आयोजक के रूप में विचार करने और हज की सूची में नाम शामिल करने के लिए भारत सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी।जस्टिस अब्दुल नजीर और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि इस तरह की याचिकाओं को अदालत पहले भी खारिज कर चुकी है और इस स्तर पर कोई राहत नहीं दी जा सकती है।पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता को कानून...
सशस्त्र बल कर्मी सरकारी सेवा में फिर से आने पर सशस्त्र बल में अपने अंतिम वेतन के बराबर वेतन पाने के हकदार नहीं होंगे : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सशस्त्र बल (Armed Force) कर्मचारी सरकारी सेवा में पुनर्नियोजन (Reemployed) पर अपने वेतनमान के लिए सशस्त्र बल में अपने अंतिम आहरित वेतन (last drawn pay) के बराबर का हकदार नहीं होगा।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा , सशस्त्र बलों में अंतिम आहरित वेतन का संदर्भ केवल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि केंद्रीय सिविल सेवा (पुनर्नियुक्त पेंशनभोगियों के वेतन का निर्धारण ) आदेश, 1986 के पैरा 8 में परिकल्पित तरीके से सिविल पद पर वेतन की गणना सशस्त्र बलों में...
"पूजा स्थल अधिनियम, गारंटीकृत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन": सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मामले में हस्तक्षेप आवेदन दायर
सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मामले में हस्तक्षेप आवेदन दायर करते हुए कहा गया कि पूजा स्थल अधिनियम, 1991 भारतीय संविधान के तहत गारंटीकृत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है।आवेदक भाजपा नेता और एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय ने प्रस्तुत किया है कि अनुच्छेद 14 के तहत गारंटीकृत न्याय का अधिकार, अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार, अनुच्छेद 25 के तहत गारंटीकृत धर्म के अभ्यास का अधिकार, अनुच्छेद 26 के तहत गारंटीकृत धार्मिक स्थलों को बहाल करने का अधिकार और अनुच्छेद 29 के...
'कड़े शब्दों में निंदा': SCAORA ने 10 साल की प्रैक्टिस का अनुभव रखने वाले वकीलों को AoR परीक्षा से छूट देने की SCBA प्रेसिडेंट की मांग पर आपत्ति जताई
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के प्रेसिडेंट, सीनियर एडवोकेट विकास सिंह द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्र पर आपत्ति जताई।इस पत्र में सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने सीजेआई से अनुरोध किया है कि 10 साल से अधिक प्रैक्टिस वाले वकीलों को सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (एओआर) के चयन के लिए होने वाली परीक्षा से छूट दी जानी चाहिए। विकास सिंह के इस सुझाव का सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने विरोध किया है।सिंह ने एओआर...
किसी उम्मीदवार के पास यह आग्रह करने का कानूनी अधिकार नहीं है कि भर्ती प्रक्रिया को उसके तार्किक अंत तक ले जाया जाए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी उम्मीदवार के पास यह आग्रह करने का कानूनी अधिकार नहीं है कि भर्ती प्रक्रिया को उसके तार्किक अंत तक ले जाया जाए। जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने कहा कि यहां तक कि चयन सूची में एक उम्मीदवार को शामिल करने से उम्मीदवार को ऐसा अधिकार नहीं मिल सकता है। पीठ ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि नियोक्ता मनमाने ढंग से कार्य करने के लिए स्वतंत्र है।पृष्ठभूमिईएसआई निगम (अपीलकर्ता) द्वारा संचालित महाविद्यालयों में एसोसिएट प्रोफेसर के अन्य पदों सहित...
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम- एचयूएफ संपत्ति का विशेष कब्जा एक अनुमान पैदा करेगा कि ऐसी संपत्ति को उसके भरण-पोषण के टलिए निर्धारित किया गया था : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक विधवा द्वारा हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) की संपत्ति का विशेष कब्जा एक अनुमान पैदा करेगा कि ऐसी संपत्ति को उसके पहले से मौजूद भरण-पोषण के अधिकार की प्राप्ति के लिए निर्धारित किया गया था। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा, यह विशेष रूप से तब होता है जब जीवित सहदायिक ने भरण-पोषण के अपने पूर्व-मौजूदा अधिकार को मान्यता देने के लिए कोई वैकल्पिक संपत्ति निर्धारित नहीं की,वादी दौलालजी ने प्रतिवादी भोनरी देवी, स्वर्गीय धन्नालालजी की विधवा और...
दावों का निपटान करते समय बीमा कंपनी को उन दस्तावेजों के लिए नहीं पूछना चाहिए, जो बीमाधारक अपने नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण पेश करने की स्थिति में नहीं है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दावों का निपटान करते समय, बीमा कंपनी को बहुत अधिक तकनीकी नहीं होना चाहिए और उन दस्तावेजों के लिए नहीं पूछना चाहिए, जो बीमाधारक अपने नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण पेश करने की स्थिति में नहीं है। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि कई मामलों में यह पाया गया है कि बीमा कंपनियां मामूली आधार और/या तकनीकी आधार पर दावे से इनकार कर रही हैं। पृष्ठभूमिइस मामले में चूंकि बीमा कंपनी एक चोरी बीमा दावे का निपटान करने में विफल रही, बीमाधारक ने जिला...
कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 - कॉपीराइट उल्लंघन एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत कॉपीराइट उल्लंघन का अपराध एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि यदि अपराध तीन साल से लेकर सात साल तक की सजा के योग्य है तो अपराध एक संज्ञेय अपराध है।पृष्ठभूमिअपीलकर्ता ने सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत एक आवेदन दायर किया था और आईपीसी की धारा 420 के साथ पठित कॉपीराइट अधिनियम की धारा 51, 63 और 64 के तहत अपराधों के लिए प्रतिवादी-आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए मुख्य...
सभी आपराधिक मामलों में अभियोजन पक्ष बयानों, दस्तावेजों, सामग्री एग्जिबिट की सूची प्रस्तुत करेगा, जिन पर जांच अधिकारी भरोसा नहीं कर रहा है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिए गए एक फैसले में कहा कि सभी आपराधिक मामलों में अभियोजन पक्ष बयानों, दस्तावेजों, सामग्री वस्तुओं और एग्जिबिट की सूची प्रस्तुत करेगा, जिन पर जांच अधिकारी भरोसा नहीं कर कर रहा है।जस्टिस उदय उमेश ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने टिप्पणी की, लोक अभियोजक की भूमिका आंतरिक रूप से निष्पक्ष ट्रायल के लिए समर्पित है, न कि " मामले में दोषसिद्धि तक पहुंचने की प्यास" के लिए। अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत दोषी व्यक्तियों...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (16 मई, 2022 से 20 मई, 2022 तक ) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।धारा 106 साक्ष्य अधिनियम उन मामलों पर लागू होता है, जहां अभियोजन ने घटनाओं की श्रृंखला सफलतापूर्वक स्थापित की है: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 उन मामलों पर लागू होती है, जहां अभियोजन ने घटनाओं की श्रृंखला को सफलतापूर्वक स्थापित किया हो, जिससे आरोपी के खिलाफ एक...
मृत्युदंडः सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ट्रायल कोर्ट को राज्य और अभियुक्तों से शमनकारी परिस्थितियों की जानकारी लेनी चाहिए, दिशानिर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने यह देखते हुए कि निचली अदालतें अक्सर मौत की सजा प्रतिशोध की भावना से देती हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कई व्यावहारिक दिशा-निर्देशों जारी किए कि अभियुक्तों की शमनकारी परिस्थितियों पर मुकदमे के चरण में ही ठीक से विचार किया जाए।अदालत ने कहा कि ज्यादातर मामलों में, शमनकारी परिस्थितियों से संबंधित जानकारी अपील के स्तर पर एकत्र की जाती है, और ऐसी जानकारी ज्यादातर दोषसिद्धि के बाद की परिस्थितियों से संबंधित होती है।कोर्ट ने कहा,"दुर्भाग्यपूर्ण वास्तविकता यह है कि ट्रायल के स्तर पर...
जस्टिस राव मद्रास बार एसोसिएशन फैसले में यह सुनिश्चित करने के पीछे की ताकत थे कि भारत में ट्रिब्यूनल स्ट्रक्चर बरकरार रखा जाए : सीजेआई रमना
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस नागेश्वर राव के लिए आयोजित विदाई समारोह में बोलते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने शुक्रवार को कहा कि जस्टिस राव यह सुनिश्चित करने के पीछे की ताकत थे कि भारत में ट्रिब्यूनल स्ट्रक्चर को मद्रास बार एसोसिएशन बनाम भारत भारत संघ में अपने फैसले के माध्यम से बरकरार रखा गया।"मैं सरकार की आलोचना या कुछ भी नहीं कह रहा हूं। हाईकोर्ट की शक्ति छीन ली गई और हमने ट्रिब्यूनल सिस्टम बनाया और बाद में हम सिस्टम को कमजोर देखते हैं। उस समय उन्होंने मद्रास बार...
धारा 106 साक्ष्य अधिनियम उन मामलों पर लागू होता है, जहां अभियोजन ने घटनाओं की श्रृंखला सफलतापूर्वक स्थापित की है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 उन मामलों पर लागू होती है, जहां अभियोजन ने घटनाओं की श्रृंखला को सफलतापूर्वक स्थापित किया हो, जिससे आरोपी के खिलाफ एक उचित निष्कर्ष निकाला जाए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना, जस्टिस कृष्णा मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने कहा, परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित मामले में, जब भी अभियुक्त से कोई दोष ठहराने योग्य प्रश्न किया जाता है और वह या तो प्रतिक्रिया से बचता है या ऐसी प्रतिक्रिया देता है जो सत्य नहीं होती तो ऐसी प्रतिक्रिया अपने...
जब जस्टिस नागेश्वर राव ने फिल्म में पुलिसकर्मी के रूप में अभिनय किया
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एल नागेश्वर राव के बारे में एक छोटा-सा दिलचस्प तथ्य शुक्रवार को उनके विदाई समारोह के दौरान सामने आया कि उन्होंने वर्षों पहले फिल्मों में अभिनय किया है।सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सीनियर एडवोकेट प्रदीप राय ने विदाई समारोह में कहा,"उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर के रूप में कई फिल्मों में अभिनय किया है। उन्होंने कादर खान और संजय दत्त के साथ" कानून अपना अपना "नामक फिल्म में अभिनय किया है।"फिल्म "क़ानून अपना अपना" 1989 में रिलीज़ हुई थी।राय के यह कहने पर जस्टिस राव...
"प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत" : सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी से साझा ना करते हुए प्रारंभिक रिपोर्ट को सील कवर में रखने पर मद्रास हाईकोर्ट की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एआईएडीएमके के कार्यकाल के दौरान तमिलनाडु के पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि को भ्रष्टाचार के एक मामले में उनके खिलाफ दायर प्रारंभिक रिपोर्ट की प्रति रखने की अनुमति नहीं देने के लिए मद्रास हाईकोर्ट की आलोचना की।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की पीठ ने हाईकोर्ट को प्रारंभिक रिपोर्ट की प्रति वेलुमणि को देने का आदेश देते हुए कहा, "जब राज्य ने किसी विशिष्ट विशेषाधिकार का अनुरोध नहीं किया है जो पहले की प्रारंभिक जांच में उपयोग की गई सामग्री के प्रकटीकरण को रोकता है, तो...
बीबीएपी चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को वार्ड परिसीमन और ओबीसी आरक्षण प्रतिशत पर अधिसूचना जारी करने के लिए आठ हफ्ते का वक्त दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक राज्य की इस दलील को स्वीकार कर लिया कि बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी- ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम) के लिए वार्डों के परिसीमन या ओबीसी आरक्षण प्रतिशत का निर्धारण करने के लिए आवश्यकअधिसूचनाएं आज से आठ सप्ताह के भीतर पूरी और अधिसूचित की जानी चाहिए।कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग को वार्डों के परिसीमन की अधिसूचना और/या ओबीसी के लिए आरक्षण के निर्धारण की तारीख से एक सप्ताह के भीतर नव निर्वाचित निकाय को स्थापित करने के लिए चुनाव कराने की तैयारी...
ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आयोग की रिपोर्ट के सिलेक्टिव लीक बंद होने चाहिए, प्रेस में चीज़ें लीक न करें
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आयोग की रिपोर्ट की चुनिंदा बातें बाहर आने (सिलेक्टिव लीक) से रोका जाना चाहिए। तीन-न्यायाधीशों की पीठ के पीठासीन न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, "आयोग की रिपोर्ट के सिलेक्टिव लीक को रोकना चाहिए।"जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा,"हमें दूसरे पक्ष को बताना चाहिए कि सिलेक्टिव लीक बंद होनी चाहिए। एक बार आयोग की रिपोर्ट आने के बाद, इसे अदालत में पेश किया जाना चाहिए। प्रेस को चीजें लीक न करें। आपको इसे न्यायाधीश के...



















