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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर राज्य को आठ सप्ताह के भीतर सफाई कर्मचारियों का बकाया भुगतान करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर राज्य को आठ सप्ताह के भीतर सफाई कर्मचारियों का बकाया भुगतान करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को उन सफाईकर्मियों के न्यूनतम वेतन का बकाया 8 सप्ताह के भीतर चुकाने का निर्देश दिया है, जो मार्च, 2015 से 100/- रुपये प्रति माह (3 रुपये दिन) के मासिक वेतन पर टिके हुए हैं। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने मई, 2022 से सफाईकर्मियों को बिना किसी ब्रेक के नियमित रूप से मासिक वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया।शीर्ष अदालत ने एसएलपी पर विचार करते हुए जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट के 15 मई, 2019 के आदेश पर विचार करते हुए...

ज्ञानवापी विवाद: वाराणसी कोर्ट के समक्ष अंजुमन समिति ने  हिंदू उपासकों के मुकदमे की स्थिरता का विरोध किया, अगली सुनवाई 30 मई को होगी
ज्ञानवापी विवाद: वाराणसी कोर्ट के समक्ष अंजुमन समिति ने हिंदू उपासकों के मुकदमे की स्थिरता का विरोध किया, अगली सुनवाई 30 मई को होगी

वाराणसी जिला कोर्ट ने आज ज्ञानवापी मस्जिद-काशी विश्वनाथ मंदिर विवाद पर पांच हिंदू महिलाओं (वादी) द्वारा दायर मुकदमे की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए प्रतिवादियों (अंजुमन इस्लामिया समिति सहित) द्वारा दायर आदेश 7 नियम 11 सीपीसी आवेदन पर सुनवाई की। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने अब सुनवाई की अगली तारीख 30 मई तय की है।24 मई को, कोर्ट ने आदेश 7 नियम 11 सीपीसी आवेदन पर 20 मई को जारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सुनवाई करने का निर्णय लिया था जिसमें कहा गया था कि अंजुमन इस्लामिया समिति द्वारा...

वयस्कों द्वारा स्वैच्छिक यौन कार्य पर कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं ? केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट पैनल की सिफारिशों पर आपत्ति जताई
वयस्कों द्वारा स्वैच्छिक यौन कार्य पर कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं ? केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट पैनल की सिफारिशों पर आपत्ति जताई

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को सेक्स वर्कर्स के लिए अपने पैनल की कुछ सिफारिशों का सख्ती से पालन करने के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार सेक्स वर्कर्स को सम्मान के साथ जीने के लिए शर्तें अनुकूल हैं। 19 मई को, इस तथ्य पर ध्यान दिया गया कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में पैनल की अन्य सिफारिशों के साथ आपत्ति व्यक्त की थी। जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ए एस बोपन्ना ने केंद्र सरकार को छह सप्ताह की अवधि के भीतर पैनल द्वारा...

कानून के खिलाफ कोई रोक नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल में उचित मूल्य की दुकान की रिक्तियों को रद्द करने के फैसले को रखा बरकरार
'कानून के खिलाफ कोई रोक नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल में उचित मूल्य की दुकान की रिक्तियों को रद्द करने के फैसले को रखा बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के कार्यान्वयन के मद्देनजर उचित मूल्य की दुकान की रिक्तियों की घोषणा को रद्द करने के खिलाफ चुनौती को खारिज कर दिया। जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि रिक्ति अधिसूचना को वापस लेते हुए सरकार ने क़ानून को लागू करने का प्रयास किया और एक क़ानून के खिलाफ कोई रोक नहीं हो सकता है।दिनांक 30.01.2014 को जारी एक राजपत्र अधिसूचना के जरिये अलीपुरद्वार जिले में एफपीएस डीलरशिप के लिए रिक्ति घोषित की गई थी। प्रतिवादी ने चयन...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
विशिष्ट अदायगी की सहमति डिक्री में भी बिक्री प्रतिफल के भुगतान का समय बढ़ाया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विशिष्ट अदायगी की सहमति डिक्री में भी बिक्री प्रतिफल के भुगतान का समय बढ़ाया जा सकता है।अदालत ने कहा कि विशिष्ट राहत अधिनियम, 1963 की धारा 28, न केवल निर्णय देनदारों को अनुबंध को रद्द करने की अनुमति देती है, बल्कि अदालत द्वारा राशि का भुगतान करने के लिए समय बढ़ाने की भी अनुमति देती है।जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा," एक डिक्री के पारित होने पर विशिष्ट प्रदर्शन के लिए एक वाद समाप्त नहीं होता है और जिस अदालत ने विशिष्ट प्रदर्शन के लिए डिक्री पारित की...

आप यह नहीं कह सकते कि जब आप पत्नी बनती हैं तो आप समानता का अधिकार खो देती हैं: इंदिरा जयसिंह ने मैरिटल रेप पर दिल्‍ली हाईकोर्ट के फैसले पर कहा
'आप यह नहीं कह सकते कि जब आप पत्नी बनती हैं तो आप समानता का अधिकार खो देती हैं': इंदिरा जयसिंह ने मैरिटल रेप पर दिल्‍ली हाईकोर्ट के फैसले पर कहा

सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने हाल ही में एक बातचीत में मैरिटल रेप पर दिल्ली हाईकोर्ट के विभाजित फैसले अपनी राय व्यक्त की। ऑनलाइन शो 'बिहाइंड द बार' में हुई चर्चा में उन्होंने न्यायपालिका के महिलाओं के मसले पर संवेदनशील होने पर भी अपनी बात रखी। जयसिंह ने कहा, दिल्ली हाई कोर्ट का मैरिटल रेप पर बंटा हुआ फैसला 'बेहद गलत और बहुत ही समस्याग्रस्त है कि कोई भी जज किसी महिला को पति की संपत्ति के रूप में समझने के मामले में फैसला करने के लिए आगे बढ़ सकता है।जयसिंह ने कहा, "दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
पुलिस को यौनकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए, छापे और रेस्‍क्यू ऑपरेशन के दौरान मीडिया को उनकी तस्वीरें प्रकाशित नहीं करनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए कि मानव शालीनता और गरिमा की बुनियादी सुरक्षा यौनकर्मियों के लिए भी उपलब्‍ध है, निर्देश दिया कि पुलिस को यौनकर्मियों के साथ सम्मान का व्यवहार करना चाहिए। मौखिक या शारीरिक रूप से उनके साथ दुव्यवहार नहीं करना चा‌हिए।इसके अलावा, कोर्ट ने निर्देश दिया कि मीडिया को रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन की रिपोर्ट करते समय यौनकर्मियों की तस्वीरें प्रकाशित नहीं करनी चाहिए, या उनकी पहचान का खुलासा नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने कहा, यदि मीडिया ग्राहकों के साथ यौनकर्मियों की तस्वीरें प्रकाशित करता है...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने यूआईडीएआई को निवास के प्रमाण पर जोर दिए बिना यौनकर्मियों को आधार कार्ड जारी करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को यौनकर्मियों को आधार कार्ड जारी करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि नाको में राजपत्रित अधिकारी या स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी में प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ओर से से दिए गए प्रोफार्मा प्रमाणन के आधार पर यौनकर्मियों को आधार कार्ड जारी करे।जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एएस बोपन्ना ने यूआईडीएआई से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में यौनकर्मियों की गोपनीयता बनी रहे।"इस...

सुनवाई की कोई जल्दी नहीं: तलाक-ए-हसन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से अगले सप्ताह उल्लेख करने को कहा
"सुनवाई की कोई जल्दी नहीं": तलाक-ए-हसन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से अगले सप्ताह उल्लेख करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ के समक्ष बुधवार को तलाक-ए-हसन की मुस्लिम पर्सनल लॉ प्रथा के जरिए तलाक की मुस्लिम पर्सनल लॉ प्रथा को चुनौती देने वाली एक याचिका सुनवाई के लिए बुधवार को पेश किया गया। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बेला त्रिवेदी की अवकाश पीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट पिंकी आनंद ने पत्रकार बेनज़ीर हीना द्वारा दायर याचिका का उल्लेख करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को तलाक का दूसरा नोटिस मिला है।तलाक-ए-हसन के अनुसार, एक मुस्लिम व्यक्ति तीन महीने की अवधि में महीने में एक बार "तलाक" का उच्चारण...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
मध्यस्थता अधिनियम -एक साल से ज्यादा से लंबित धारा 11 (5) और 11 (6) के तहत आवेदनों का निपटारा 6 महीने के भीतर करें : सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से कहा

हाईकोर्ट द्वारा मध्यस्थों की नियुक्ति के लिए आवेदनों को जल्द से जल्द तय करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणियां की हैं। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा है कि यदि मध्यस्थों की जल्द से जल्द नियुक्ति नहीं की जाती है और मध्यस्थों की नियुक्ति के लिए मध्यस्थता अधिनियम की धारा 11 (5) और 11 (6) के तहत आवेदनों को वर्षों तक लंबित रखा जाता है तो यह अधिनियम के उद्देश्य और लक्ष्य को विफल कर देगा और यह एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के महत्व को खो...

व्यवसायिक मामलों की लंबितता : सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की रिपोर्ट पर असंतुष्टि जताई, यूपी सरकार को अतिरिक्त वाणिज्यिक अदालतों के प्रस्ताव पर विचार करने को कहा
व्यवसायिक मामलों की लंबितता : सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की रिपोर्ट पर असंतुष्टि जताई, यूपी सरकार को अतिरिक्त वाणिज्यिक अदालतों के प्रस्ताव पर विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी राज्य सरकार को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा चार जिलों में अतिरिक्त वाणिज्यिक अदालतें बनाने के प्रस्ताव पर विचार करने और चार सप्ताह की अवधि के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से रजिस्ट्रार जनरल के निर्देश पर उपस्थित एडवोकेट द्वारा प्रस्तुत किये जाने पर विचार करते हुए ये निर्देश दिया गया है कि अब गौतमबुद्धनगर, मेरठ, आगरा और लखनऊ के चार जिलों में अतिरिक्त वाणिज्यिक न्यायालय बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है।जस्टिस एमआर शाह और...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
पीठासीन अधिकारी-एमएसीटी के सामने एडवोकेट ने कठोर भाषा का इस्तेमाल किया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना ​​नोटिस जारी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, हरदोई के पीठासीन अधिकारी/जिला न्यायाधीश की अदालत में दिसंबर 2021 में भद्दे और कठोर शब्दों का इस्तेमाल करने वाले एक वकील को अवमानना ​​नोटिस जारी किया है। जस्टिस अरविंद कुमार मिश्रा- I और जस्टिस मनीष माथुर की खंडपीठ ने पाया कि प्रथम दृष्टया, एडवोकेट (शरद कुमार गुप्ता) का कार्य न्यायालय के अधिकार को बदनाम करने वाला है।मामला रवींद्र कुमार-IV द्वारा पीठासीन अधिकारी/जिला न्यायाधीश, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, हरदोई द्वारा भेजी गई सूचना/पत्र दिनांक...

सुप्रीम कोर्ट ने भूजल के दोहन के लिए कोका कोला बॉटलिंग यूनिट पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के एनजीटी के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने भूजल के दोहन के लिए कोका कोला बॉटलिंग यूनिट पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के एनजीटी के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में बॉटलिंग प्लांट के लिए भूजल के दोहन के दोषी कोका कोला की बॉटलिंग यूनिट मून बेवरेजेज लिमिटेड (एमबीएल) पर लगभग 15 लाख का जुर्माना लगाने के एनजीटी के आदेश पर रोक लगा दी है।जस्टिस एलएन राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने आदेश में कहा,"नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच द्वारा पारित निर्णय और आदेश दिनांक 25.02.2022 के संचालन पर रोक लगाई जाती है।"एनजीटी से पहले, प्रतिवादी सुशील भट्ट ने मून बेवरेजेज लिमिटेड के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई...

सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों को उनकी रजिस्टर्ड लाइफ तक चलाने की अनुमति को लेकर याचिका दायर करने वाले वकीलों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों को उनकी रजिस्टर्ड लाइफ तक चलाने की अनुमति को लेकर याचिका दायर करने वाले वकीलों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दो वकीलों द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में वाहनों को उनकी रजिस्टर्ड लाइफ के अंत तक डीजल और पेट्रोल दोनों रूपों में चलाने की अनुमति देने की मांग की गई थी।सुप्रीम कोर्ट याचिकाकर्ताओं पर 50,000/- रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि जुर्माना की राशि लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को भुगतान की जाए।जस्टिस एलएन राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने अपने आदेश में कहा,"हम पाते हैं कि वर्तमान याचिका कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग के अलावा और कुछ नहीं...

हम क्रिकेट के बारे में ज्यादा नहीं जानते: सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को घरेलू टूर्नामेंटों के लिए कट-ऑफ तारीख बदलने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज की
"हम क्रिकेट के बारे में ज्यादा नहीं जानते": सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को 'घरेलू टूर्नामेंटों' के लिए कट-ऑफ तारीख बदलने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को 'घरेलू टूर्नामेंट' में पात्रता के लिए कट-ऑफ तारीख हर साल 1 सितंबर के बजाय 1 अप्रैल/मई तय करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।जस्टिस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने और सक्षम प्राधिकारी से संपर्क करने की स्वतंत्रता दी।जस्टिस नज़ीर ने कहा,"हम इस याचिका पर कैसे विचार कर सकते हैं? यह सब हमारे हाथ में नहीं है। हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने साथ...

घरेलू हिंसा अधिनियम में संयुक्त परिवार का अर्थ परिवार की तरह एक साथ रहना है, न कि जैसा हिंदू कानून में समझा जाता है : सुप्रीम कोर्ट
घरेलू हिंसा अधिनियम में 'संयुक्त परिवार' का अर्थ परिवार की तरह एक साथ रहना है, न कि जैसा हिंदू कानून में समझा जाता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने प्रभा त्यागी बनाम कमलेश देवी मामले में हाल के फैसले में घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 2 (एफ) में प्रयुक्त अभिव्यक्ति "संयुक्त परिवार" को विस्तारित अर्थ दिया है।अधिनियम की धारा 2 (एफ) "घरेलू संबंध" को "दो व्यक्तियों के बीच एक संबंध के रूप में परिभाषित करती है, जो किसी भी समय एक साझा घर में एक साथ रहते हैं, जब वे आम सहमति विवाह, या एक के विवाह माध्यम से या गोद लेने की प्रकृति में संबंध या संयुक्त परिवार के रूप में एक साथ रहने वाले परिवार के सदस्य...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
आईपीसी की धारा 405 – अगर आरोपी को संपत्ति नहीं सौंपी गई तो आपराधिक विश्वासघात का अपराध आकर्षित नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी को संपत्ति नहीं सौंपी गई तो आईपीसी की धारा 405 के तहत आपराधिक विश्वासघात का अपराध आकर्षित नहीं होगा।जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि आईपीसी की धारा 405 के तहत अपराध के लिए अनिवार्य शर्त आरोपी व्यक्तियों को संपत्ति सौंपना है। रामकी रिक्लेमेशन एंड रिसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड ने प्लास्टिक के पुनर्चक्रण के लिए बोलियां आमंत्रित करते हुए एक निविदा जारी की। शिकायतकर्ता ने अपनी कंपनी जेके वेस्ट रिसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से...

जमानत देने के आदेश के बावजूद आरोपी को रिहा नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी की निंदा की
जमानत देने के आदेश के बावजूद आरोपी को रिहा नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी की निंदा की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक न्यायिक अधिकारी के कृत्य की निंदा की, जिसने एक आरोपी को रिहा करने से इनकार कर दिया। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए, 304 बी और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी और कोर्ट ने उसकी रिहाई का निर्देश दिया था।न्यायिक अधिकारी ने इस बहाने आरोपी को रिहा करने से इनकार कर दिया कि आदेश में आईपीसी की धारा 304 बी और धारा 498 ए के तहत आरोपों का उल्लेख है, लेकिन इसमें दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3/4 का उल्लेख नहीं है।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"जज जितना मजबूत होगा, आरोप उतने ही बदतर होंगे": सुप्रीम कोर्ट ने जज के खिलाफ वकील के आचरण की निंदा की, अवमानना की सजा को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर एक अपील को खारिज कर दिया। मामले में एक वकील को अदालत की अवमानना ​​​​के लिए दंडित किया गया था।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की अवकाश पीठ के समक्ष मद्रास हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ एक विशेष अनुमति याचिका दायर कि गई थी, जिसमें एक वकील को अवमानना ​​का दोषी ठहराया गया था। उसे 2 सप्ताह की कैद की सजा सुनाई गई थी। साथ ही एक साल के लिए उसे प्रैक्टिस करने से रोक दिया गया था। उस पर हाईकोर्ट द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के...