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Order XII Rule 6 CPC | आपराधिक मामले में की गई स्वीकारोक्ति का इस्तेमाल सिविल कार्यवाही में किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
Order XII Rule 6 CPC | आपराधिक मामले में की गई स्वीकारोक्ति का इस्तेमाल सिविल कार्यवाही में किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश XII नियम 6 के तहत स्वीकारोक्ति पर आधारित फैसला, उन स्वीकारोक्तियों पर भी आधारित हो सकता है, जो लिखित दलीलों (Pleadings) के बाहर की गई हों।ट्रायल कोर्ट, पहली अपीलीय अदालत और हाईकोर्ट के एक जैसे फैसलों में दखल देने से इनकार करते हुए जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने प्रतिवादी (Defendant) की याचिका खारिज की। इस प्रतिवादी को आपराधिक कार्यवाही के दौरान की गई स्वीकारोक्तियों के आधार पर विवादित जगह खाली करने का...

AoR परीक्षा रद्द करने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, वकीलों को CJI से गुहार लगाने की छूट
AoR परीक्षा रद्द करने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, वकीलों को CJI से गुहार लगाने की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2026 में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AoR) परीक्षा आयोजित नहीं करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया। हालांकि अदालत ने नाराज वकीलों को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के समक्ष प्रशासनिक स्तर पर प्रतिनिधित्व देने की अनुमति दी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी बी वराले की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले पर न्यायिक पक्ष से विचार नहीं किया जा सकता।खंडपीठ ने कहा,“न्याय के हित में यही उचित होगा कि याचिकाकर्ता CJI को विस्तृत प्रतिनिधित्व दें। हमें विश्वास है कि चीफ...

बिना लाइसेंस सूदखोरी का मुद्दा उठाकर चेक बाउंस सजा से बचने की कोशिश, सुप्रीम कोर्ट ने लगाया एक लाख का जुर्माना
बिना लाइसेंस सूदखोरी का मुद्दा उठाकर चेक बाउंस सजा से बचने की कोशिश, सुप्रीम कोर्ट ने लगाया एक लाख का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराई गई एक महिला की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह अदालत की प्रक्रिया का “स्पष्ट दुरुपयोग” है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि याचिका का उद्देश्य पहले से अंतिम रूप ले चुके आपराधिक दोषसिद्धि आदेश को दोबारा चुनौती देना था।याचिकाकर्ता एस. गायत्री ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर कर तमिलनाडु में कथित बिना लाइसेंस धन उधार देने की प्रथा पर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने अदालत से ऐसे मामलों के लिए दिशा-निर्देश बनाने,...

दलित-आदिवासी आरोपियों को थाने साफ करने की जमानत शर्त मामला: सुप्रीम कोर्ट बोला- हमारी टिप्पणी किसी जज के खिलाफ नहीं
दलित-आदिवासी आरोपियों को थाने साफ करने की जमानत शर्त मामला: सुप्रीम कोर्ट बोला- हमारी टिप्पणी किसी जज के खिलाफ नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा की अदालतों द्वारा दलित और आदिवासी समुदाय के आरोपियों को जमानत की शर्त के रूप में पुलिस स्टेशन साफ करने का निर्देश देने वाले मामले में स्पष्ट किया है कि उसकी पिछली टिप्पणियों को किसी हाईकोर्ट जज या न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने कहा कि यदि ऐसा समझा गया तो इससे न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिर सकता है। अदालत ने यह टिप्पणी ओडिशा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दाखिल अनुपालन...

गुरुग्राम 4 वर्षीय बच्ची रेप मामला: SIT ने जांच पूरी की, अस्पताल की लापरवाही और पीड़िता मुआवजे पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
गुरुग्राम 4 वर्षीय बच्ची रेप मामला: SIT ने जांच पूरी की, अस्पताल की लापरवाही और पीड़िता मुआवजे पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में 4 वर्षीय बच्ची से रेप मामले में सोमवार को कहा कि वह अस्पतालों की कथित लापरवाही/मिलीभगत और पीड़िता को मुआवजा दिए जाने के मुद्दे पर विचार करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अब चार्जशीट सक्षम अदालत के समक्ष दाखिल की जाए।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ पीड़ित बच्ची के माता-पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में हरियाणा पुलिस की जांच को असंतोषजनक बताते हुए CBI...

यतिन ओझा को सुप्रीम कोर्ट की अंतिम माफी, अवमानना दोषसिद्धि और सजा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
यतिन ओझा को सुप्रीम कोर्ट की 'अंतिम माफी', अवमानना दोषसिद्धि और सजा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट यतिन ओझा को बड़ी राहत देते हुए गुजरात हाईकोर्ट द्वारा 2020 के आपराधिक अवमानना मामले में दी गई दोषसिद्धि और सजा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (In Abeyance) कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि उन्होंने इसी तरह का कोई आचरण दोहराया, तो गुजरात हाईकोर्ट की सजा और दोषसिद्धि फिर से प्रभावी की जा सकती है।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। मामला कोविड-19 अवधि के दौरान गुजरात हाईकोर्ट प्रशासन के खिलाफ यतिन ओझा...

जज और युवा वकील के बीच विवाद: युवा वकीलों के प्रति जजों को धैर्य और प्रोत्साहन दिखाना चाहिए- सुप्रीम कोर्ट
जज और युवा वकील के बीच विवाद: युवा वकीलों के प्रति जजों को धैर्य और प्रोत्साहन दिखाना चाहिए- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में जज और युवा वकील के बीच हुए विवाद पर सुनवाई करते हुए कहा कि न्यायपालिका के सभी स्तरों पर जजों को विशेष रूप से युवा वकीलों के प्रति धैर्य, संवेदनशीलता और प्रोत्साहन का भाव रखना चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा था, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस टी राजशेखर राव एक युवा वकील को पुलिस हिरासत में भेजने की चेतावनी देते दिखाई दिए थे।सुप्रीम कोर्ट ने...

धार्मिक शिक्षा देने वाले संस्थानों के नियमन की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के फैसले का इंतजार करने को कहा
धार्मिक शिक्षा देने वाले संस्थानों के नियमन की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के फैसले का इंतजार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों के पंजीकरण, मान्यता और निगरानी की मांग वाली याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार करने को कहा।जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय स्वयं अदालत में पेश हुए। याचिका में दावा किया गया कि देशभर में बड़ी संख्या में गैर-पंजीकृत संस्थान बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने के नाम पर कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे हैं।...

पत्नी को जानवर की तरह नहीं रख सकता पति, उसे सम्मान के साथ जीने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
पत्नी को जानवर की तरह नहीं रख सकता पति, उसे सम्मान के साथ जीने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा के आरोपी एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि पति अपनी पत्नी के साथ जानवरों जैसा व्यवहार नहीं कर सकता और उसे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।मामले में आरोप है कि आरोपी ने शराब के नशे में अपनी पहली पत्नी के साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, उसने पत्नी को जमीन पर फेंक दिया,...

सुप्रीम कोर्ट ने केवल पत्नी को मिले तलाक के विशेष अधिकार को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने केवल पत्नी को मिले तलाक के विशेष अधिकार को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वह जनहित याचिका खारिज की, जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम की ऐसी धारा को चुनौती दी गई, जो केवल पत्नी को तलाक मांगने का विशेष अधिकार देती है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13(2)(iii) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।यह प्रावधान पत्नी को यह अधिकार देता है कि यदि पति के खिलाफ भरण-पोषण का आदेश पारित होने के बाद एक वर्ष या उससे अधिक समय तक साथ रहना दोबारा शुरू नहीं होता तो वह तलाक की मांग कर...

सुप्रीम कोर्ट में वन केस, वन डाटा प्रणाली शुरू, अब देशभर की अदालतों का रिकॉर्ड होगा एकीकृत
सुप्रीम कोर्ट में वन केस, वन डाटा प्रणाली शुरू, अब देशभर की अदालतों का रिकॉर्ड होगा एकीकृत

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वन केस, वन डाटा प्रणाली की शुरुआत की। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य देशभर की अदालतों के मामलों से जुड़ा डाटा एकीकृत कर न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि पहली बार सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, जिला अदालतों और तहसील स्तर की अदालतों का डाटा एक-दूसरे से जुड़ सकेगा।उन्होंने कहा,“यह पहल अदालत की केस प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए शुरू की गई। पहली बार ऐसा हो रहा है कि पूरा डाटा एकीकृत...

जमानत याचिकाओं के जल्द निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट्स को दिए अहम सुझाव
जमानत याचिकाओं के जल्द निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट्स को दिए अहम सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाइकोर्ट्स में लंबित जमानत याचिकाओं पर चिंता जताते हुए उनके त्वरित निपटारे के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अदालत ने कहा कि जमानत मामलों की सुनवाई और सूचीबद्ध करने में हो रही देरी गंभीर चिंता का विषय है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें पहले देश के सभी हाइकोर्टों से लंबित जमानत याचिकाओं का ब्योरा मांगा गया था।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अधिकांश हाइकोर्ट्स ने समय पर जानकारी उपलब्ध कराई और जमानत मामलों के...

असफल उम्मीदवारों के अंकों को प्रकाशित न करने से यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि वे परीक्षा में पास हो गए: सुप्रीम कोर्ट
असफल उम्मीदवारों के अंकों को प्रकाशित न करने से यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि वे परीक्षा में पास हो गए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जहां भर्ती नियमों या विज्ञापन में उम्मीदवारों के अंकों को सार्वजनिक करने या प्रकाशित करने का प्रावधान नहीं है, वहां जिस उम्मीदवार का नाम मेरिट लिस्ट में नहीं है, वह केवल इस आधार पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता कि उसके अंक सार्वजनिक नहीं किए गए।जस्टिस पामिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने दुर्गापुर स्टील प्लांट द्वारा दायर अपील पर सुनवाई की। इस अपील में कलकत्ता हाईकोर्ट के उस निर्देश को चुनौती दी गई, जिसमें प्रतिवादियों को 'प्लांट अटेंडेंट'...

संविधान के विपरीत रीति-रिवाजों को रद्द किया जाना चाहिए: सबरीमाला मामले में ब्राह्मण स्कॉलर की सुप्रीम कोर्ट से दखल की मांग
'संविधान के विपरीत रीति-रिवाजों को रद्द किया जाना चाहिए': सबरीमाला मामले में ब्राह्मण स्कॉलर की सुप्रीम कोर्ट से दखल की मांग

केरल के 94 वर्षीय ब्राह्मण स्कॉलर और लेखक ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सबरीमाला मामले में चल रही सुनवाई में दखल देने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि जो रीति-रिवाज संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत हैं, उन्हें रद्द कर दिया जाना चाहिए।केरल के नंबूदिरी ब्राह्मण समुदाय से ताल्लुक रखने वाले स्वतंत्रता सेनानी, यात्री और लेखक एस. परमेश्वरन नंबूदिरी ने सबरीमाला मंदिर में प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी सुनवाई में दखल देने के लिए यह अर्जी दाखिल की। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान के अनुच्छेद 25...

राजस्थान ने दौसा में अवैध खनन की शिकायतों पर कार्रवाई न होने की बात मानी, सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बाद उच्च-स्तरीय समिति बनाई
राजस्थान ने दौसा में अवैध खनन की शिकायतों पर कार्रवाई न होने की बात मानी, सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बाद उच्च-स्तरीय समिति बनाई

राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने दौसा ज़िले में अवैध खनन और पत्थर तोड़ने की गतिविधियों पर कथित तौर पर कार्रवाई न करने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने के लिए उच्च-स्तरीय समिति बनाई। यह कदम तब उठाया गया, जब कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई गई तो मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ेगा।राज्य सरकार ने आगे यह भी माना है कि पहली नज़र में अवैध खनन और पत्थर तोड़ने के बारे में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों पर ज़मीनी स्तर के अधिकारियों द्वारा...

सुप्रीम कोर्ट का राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सवाल: RTE Act के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब छात्रों के लिए सीटें आरक्षित हुईं या नहीं?
सुप्रीम कोर्ट का राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सवाल: RTE Act के तहत प्राइवेट स्कूलों में गरीब छात्रों के लिए सीटें आरक्षित हुईं या नहीं?

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दस राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों से पूछा कि क्या उन्होंने 'बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2009' की धारा 12(1)(c) को लागू किया। अगर वे धारा 12(1)(c) को ईमानदारी से लागू करने का सबूत नहीं दे पाते हैं तो कोर्ट को इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिवों को तलब करना पड़ेगा।यह याचिका 2023 में मोहम्मद इमरान अहमद नाम के व्यक्ति ने दायर की, जिसमें इस प्रावधान को लागू करने की मांग की गई। धारा 12(1)(c) के तहत...

Order VII Rule 11 CPC | यह देखने के लिए कि क्या कानूनी रोक को चालाकी भरी ड्राफ़्टिंग से छिपाया गया, वाद-पत्र को ध्यान से पढ़ा जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
Order VII Rule 11 CPC | यह देखने के लिए कि क्या कानूनी रोक को चालाकी भरी ड्राफ़्टिंग से छिपाया गया, वाद-पत्र को ध्यान से पढ़ा जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

CPC के आदेश VII नियम 11 के दायरे पर महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट को वाद-पत्र की "ध्यान से और पूरी तरह" जांच करनी चाहिए ताकि यह देखा जा सके कि क्या किसी कानूनी रोक को चालाकी भरी ड्राफ़्टिंग के ज़रिए छिपाया गया।कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर तथ्यों को जान-बूझकर छिपाया गया हो तो वाद-पत्र को खारिज किया जा सकता है।कोर्ट ने कहा,"ट्रायल कोर्ट को ऐसे बेतुके मुकदमों को रोकना चाहिए, जो कानून द्वारा वर्जित हैं। साथ ही ऐसे मामलों को भी, जहां कार्रवाई का कारण (Cause of Action) केवल एक...