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छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच करेगी 5 सदस्य कमेटी: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में किया गठन
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने नई दिल्ली के जंतर-मंतर और देश भर की अन्य जगहों पर छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच करने के लिए पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) का गठन किया।कमेटी से कहा गया कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स द्वारा ज़रूरत से ज़्यादा और अनुपातहीन बल प्रयोग के आरोपों, और साथ ही सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित हिंसा और उन्हें लगी चोटों की जांच करे।HPEC की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के...

CBSE की 3-लैंग्वेज पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल, केंद्र से पुनर्विचार को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की तीन-भाषा नीति को लेकर अंग्रेजी को “non-native language” मानने और भारतीय भाषाओं के लिए teachers व textbooks की उपलब्धता पर चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र, NCERT और CBSE से नीति के implementation पर दोबारा विचार करने को कहा।CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ CBSE की 2026-27 से लागू होने वाली तीन-भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।जस्टिस बागची ने कहा कि भारत में अंग्रेजी के ऐतिहासिक महत्व और कई राज्यों में इसके official...

PMLA Review Petitions: सुप्रीम कोर्ट ने बदली बेंच, CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना करेंगे सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने Vijay Madanlal Choudhary फैसले को चुनौती देने वाली review petitions की सुनवाई कर रही बेंच का पुनर्गठन किया है। अब CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना इन याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे।इससे पहले बेंच में CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह शामिल थे। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि यदि पिछली बेंच मामले की सुनवाई जारी रखती है तो तीन बेंचों का पुनर्गठन करना पड़ेगा। उन्होंने पक्षकारों से इस संबंध में उनकी राय मांगी।Review petitioners की...

BREAKING| बेंगलुरु वॉटर सप्लाई मामले में दी गई 'इंडस्ट्री' की परिभाषा ही लंबित मामलों पर लागू होगी: सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच
सुप्रीम कोर्ट ने 5:4 के बहुमत से 'बेंगलुरु वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड बनाम ए. राजाप्पा' मामले में 1978 के फैसले में तय किए गए "ट्रिपल टेस्ट" (तीन शर्तों वाले परीक्षण) को फिर से परिभाषित किया। यह परीक्षण यह तय करने के लिए था कि क्या कोई गतिविधि 'इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947' की धारा 2(j) के तहत "इंडस्ट्री" (उद्योग) की परिभाषा में आएगी या नहीं। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नया फॉर्मूला केवल भविष्य के मामलों पर लागू होगा और इससे पहले के फैसलों या लंबित कार्यवाही पर कोई असर नहीं...

वसीयत की गई संपत्ति पर टेस्टेटर के मालिकाना हक को चुनौती देने पर प्रोबेट रद्द हो सकता है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किया एमिक्स क्यूरी
सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वपूर्ण सवाल पर सहायता के लिए राजस्थान के अतिरिक्त महाधिवक्ता पद्मेश मिश्रा को amicus curiae नियुक्त किया है कि क्या वसीयत के तहत दी गई संपत्तियों पर टेस्टेटर के स्वामित्व को चुनौती देकर probate रद्द कराने की मांग की जा सकती है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसकी वापसी की तारीख 21 सितंबर 2026 तय की गई है।विवाद एक वसीयत से जुड़ा है, जिसके तहत टेस्टेटर ने कुछ संपत्तियां वसीयत...

जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने बताया 'समाधान समारोह' का उद्देश्य, बोले- मध्यस्थता को स्थायी व्यवस्था बनाने की जरूरत
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने 'समाधान समारोह' (Samadhan Samaroh) पहल को लंबित मामलों के निपटारे और विवादों के आसान, सहमति-आधारित समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।आकाशवाणी के News On AIR को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों की बड़ी संख्या को कम करना और बिना अधिक तकनीकी प्रक्रिया के विवादों का समाधान करना है। 21 अप्रैल से शुरू हुई यह पहल 21 से 23 अगस्त तक होने वाली Special Lok Adalat के साथ समाप्त होगी।जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि mediation में...

तरुण तेजपाल ने 2013 के रेप केस में दोषी ठहराए जाने को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
'तहलका' के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। उन्होंने 2013 के रेप केस में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर सज़ा सुनाई गई।यह कदम गोवा सरकार द्वारा सज़ा को बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है, हालांकि सरकार ने दोषी ठहराए जाने के फैसले को चुनौती नहीं दी थी।बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच (जिसमें जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसंडेकर शामिल थे) ने 6 अगस्त को ट्रायल कोर्ट द्वारा...

UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर फिर से विचार किया जा रहा है: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
सॉलिसिटर जनरल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस में इक्विटी को बढ़ावा देने वाले) रेगुलेशन, 2026 पर फिर से विचार कर रही है। इन रेगुलेशन को कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव से निपटने के लिए बनाया गया।इस बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने 2026 के रेगुलेशन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई चार हफ़्ते के लिए टाल दी। जनवरी में कोर्ट ने 2026 के रेगुलेशन के लागू होने पर रोक लगाई थी, क्योंकि शुरुआती तौर पर पाया गया कि...

PC-PNDT Act के तहत अपराधों के लिए पुलिस FIR दर्ज नहीं कर सकती, न ही जांच कर सकती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस 'प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स (लिंग चयन पर रोक) एक्ट, 1994' (PC & PNDT Act) के तहत अपराधों के लिए FIR दर्ज नहीं कर सकती और न ही मुख्य जांच एजेंसी के तौर पर काम कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि एक्ट के तहत बनी 'उचित अथॉरिटी' (Appropriate Authority) शिकायतों की जांच के लिए जिम्मेदार है, जबकि पुलिस ज़्यादा से ज़्यादा तब सहायक भूमिका निभा सकती है जब उचित अथॉरिटी को इसकी ज़रूरत हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने PC & PNDT...

बैंक और इंश्योरेंस प्रमोशन के लिए ऑटो डीलरों को मिले रेफरल चार्ज पर सर्विस टैक्स लगेगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (19 अगस्त) को कहा कि ऑटोमोबाइल डीलरों को बैंकों और इंश्योरेंस कंपनियों से गाड़ी का लोन और इंश्योरेंस पॉलिसी दिलाने के लिए मिलने वाले रेफरल चार्ज पर फाइनेंस एक्ट, 1994 के तहत "बिज़नेस ऑक्सिलरी सर्विस" (व्यावसायिक सहायक सेवा) के तौर पर टैक्स लगेगा।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा,"आसेसी (टैक्स देने वाला) बैंकों और इंश्योरेंस कंपनी के कारोबार को बढ़ावा दे रहा है, जिसके लिए उन्हें एग्रीमेंट में तय रकम मिलती है।" ऑटोमोबाइल डीलर TVS मोटर कंपनी...

Motor Accident Claim | आपराधिक मामले में बरी होने से लापरवाही न होने का सबूत नहीं मिलता: सुप्रीम कोर्ट ने बताए सिद्धांत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपराधिक अदालत में बरी होने से MACT की कार्यवाही के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ता या वह उसे तय नहीं करता। कोर्ट ने दोहराया कि आपराधिक कार्यवाही और मोटर दुर्घटना मुआवज़े के दावे अलग-अलग कानूनी दायरे में आते हैं और उनके लिए सबूत के मानक भी अलग-अलग होते हैं।कोर्ट ने कहा,"बाद में किसी आपराधिक मामले में बरी होने से एमवी एक्ट के तहत टॉरटियस लायबिलिटी (गलती या लापरवाही के लिए कानूनी ज़िम्मेदारी) के आकलन पर कोई असर नहीं पड़ता... आपराधिक अदालत के निष्कर्ष, मामला रद्द करना या बरी करना...

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन करने वाले बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वालों की बिजली और पानी की सप्लाई काटें: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 अगस्त) को देश भर के ज़िला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे छह हफ़्ते के अंदर अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वालों (BWGs) की पहचान करें। साथ ही ऐसी संस्थाओं को चेतावनी दी कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2026 का पालन न करने पर सख़्त कार्रवाई हो सकती है, जिसमें बिजली या पानी की सप्लाई को कुछ समय के लिए काटना भी शामिल है।जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम, 2026 को लागू करने से जुड़े एक मामले की...

'अगर पुरुषों के लिए सिस्टम है तो महिलाओं के लिए क्यों नहीं?' : परमानेंट कमीशन न देने पर सुप्रीम कोर्ट का कोस्ट गार्ड से सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन कोस्ट गार्ड से कहा कि वे शॉर्ट सर्विस कमीशन वाली महिला अधिकारी प्रियंका त्यागी को परमानेंट कमीशन दें। कोर्ट ने कहा कि अगर ICG ऐसा नहीं करता है, तो कोर्ट उचित आदेश जारी करेगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी के सामने अपनी राय रखी। वे त्यागी की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें डिप्टी कमांडेंट के तौर पर काम जारी रखने...

PC Act | रिश्वत की मांग का सबूत न होने पर सिर्फ़ रिश्वत की रकम बरामद होना काफ़ी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (19.08.2026) को एक ग्राम पंचायत के पूर्व तलाटी-सह-मंत्री और चपरासी को बरी किया, जिन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (PCA) के तहत दोषी ठहराया गया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष रिश्वत की शुरुआती मांग को बिना किसी संदेह के साबित करने में नाकाम रहा। कोर्ट ने यह भी कहा कि सह-आरोपी से सिर्फ़ करेंसी नोट बरामद होने के आधार पर दोषसिद्धि को बरकरार नहीं रखा जा सकता।जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने गुजरात हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसमें अपीलकर्ताओं...

मैजिस्ट्रेट द्वारा CrPC की धारा 156(3) के तहत एप्लीकेशन खारिज करने के बावजूद पुलिस FIR दर्ज कर सकती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (19 अगस्त) को कहा कि Cr.P.C. की धारा 156(3) / BNSS की धारा 175(3) के तहत FIR दर्ज करने के लिए मैजिस्ट्रेट के पास दी गई एप्लीकेशन खारिज होने के बाद भी पुलिस FIR दर्ज कर सकती है।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा,"CrPC की धारा 156(3) के तहत एप्लीकेशन खारिज होने से CrPC की धारा 154 के तहत पुलिस पर डाली गई स्वतंत्र कानूनी जिम्मेदारी कम या खत्म नहीं हो सकती।" यह बेंच इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें...

फांसी की तुलना में जानलेवा इंजेक्शन से मौत की सज़ा देना ज़्यादा मानवीय, इसका कोई सबूत नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि उसके सामने ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि फांसी की तुलना में जानलेवा इंजेक्शन (मौत के लिए नसों के ज़रिए दवा देना) से मौत की सज़ा देना ज़्यादा बेहतर या मानवीय तरीका है।कोर्ट ने कहा,"इसलिए उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि फांसी की तुलना में जानलेवा इंजेक्शन से मौत की सज़ा देने का कोई अतिरिक्त फ़ायदा है। इसलिए याचिकाकर्ता की यह दलील कि जानलेवा इंजेक्शन मौत की सज़ा देने का बेहतर और ज़्यादा मानवीय तरीका है, बिल्कुल भी ठोस नहीं...

Shiv Sena Row | क्या हम आज एकनाथ शिंदे को अयोग्य घोषित कर सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने UBT गुट से पूछा
शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने आज (बुधवार) उद्धव ठाकरे गुट से पूछा कि क्या संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल विरोधी कानून के अनुसार एकनाथ शिंदे (और अलग हुए गुट के अन्य विधायकों) को अयोग्य घोषित किया जा सकता है, अगर महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष का उन्हें अयोग्य न ठहराने का आदेश रद्द कर दिया जाए।जज ने UBT गुट की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिबल के साथ पेश हुए सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत से पूछा कि क्या कोर्ट आज ऐसा फैसला दे सकती है, जिससे शिंदे अयोग्य हो जाएं, भले ही...

NEET परीक्षा सुधार: FAIMA ने NTA के हलफनामे पर उठाए सवाल, राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें लागू न करने का आरोप
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में NTA के परीक्षा सुधारों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की कई महत्वपूर्ण सिफारिशें अब तक लागू नहीं की गई हैं।FAIMA ने सवाल किया कि राधाकृष्णन समिति के रहते नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में नई हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित करने की जरूरत क्यों पड़ी। समिति ने अक्टूबर 2024 में परीक्षा सुधारों को लेकर 101 सिफारिशें दी थीं।FAIMA ने कहा कि समिति ने पेपर लीक की संभावनाओं को कम करने के लिए...

RPF Rules | आपराधिक मामला छिपाने वाले कर्मचारी को कभी भी नौकरी से निकाला जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) के उन कॉन्स्टेबलों को नौकरी से हटाने के फैसले को सही ठहराया, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं दी थी।कोर्ट ने फिर से कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में ज़रूरी जानकारी जानबूझकर छिपाना कर्मचारी के चरित्र पर असर डालता है और नौकरी से हटाने का सही कारण बनता है।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि RPF नियमों के अनुसार, आपराधिक मामलों...

ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड: दारा सिंह की समयपूर्व रिहाई पर 2 सितंबर तक फैसला करे ओडिशा Sentence Review Board, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दारा सिंह उर्फ रवींद्र कुमार पाल की समयपूर्व रिहाई की याचिका पर ओडिशा Sentence Review Board को 2 सितंबर तक फैसला लेने का निर्देश दिया है।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि बोर्ड फैसला नहीं लेता है, तो कोर्ट खुद याचिका पर निर्णय करेगा। कोर्ट ने कहा, “हम निर्णय लेने से बचने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं कर सकते।”दारा सिंह 26 साल से अधिक समय से जेल...
