ताज़ा खबरें

सुप्रीम कोर्ट ने यौन अपराध के मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता पर गाइडलाइंस को मंज़ूरी दी, सभी अदालतों को इनका पालन करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने यौन अपराध के मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता पर गाइडलाइंस को मंज़ूरी दी, सभी अदालतों को इनका पालन करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी की एक्सपर्ट कमेटी की ओर से पेश की गई उस रिपोर्ट को मंज़ूरी दी, जिसमें यौन अपराध के मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता से जुड़ी गाइडलाइंस शामिल हैं।इसके अलावा, कोर्ट ने देश की सभी अदालतों को निर्देश दिया कि वे मंज़ूर की गई गाइडलाइंस/हैंडबुक में इस्तेमाल की गई बातों का सख्ती से पालन करें।आदेश के मुताबिक, मंज़ूर की गई गाइडलाइंस/हैंडबुक को सुप्रीम कोर्ट, सभी हाईकोर्ट और ज़िला अदालतों (जहां ऐसी वेबसाइटें मौजूद हैं) की वेबसाइटों पर अपलोड किया जाएगा। इन्हें नेशनल और...

वकीलों के विज्ञापन और क्लाइंट बनाने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को रेगुलेट करने की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने BCI से जवाब मांगा
वकीलों के विज्ञापन और क्लाइंट बनाने के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को रेगुलेट करने की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने BCI से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को PIL पर नोटिस जारी किया। इस PIL में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को निर्देश देने की मांग की गई कि वे उन वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो कथित तौर पर डिजिटल तरीके से क्लाइंट बनाने (digital solicitation), सोशल मीडिया पर विज्ञापन, इन्फ्लुएंसर के साथ मिलकर काम करने और प्रमोशनल कंटेंट बनाने जैसे काम कर रहे हैं। ये काम 'एडवोकेट्स एक्ट, 1961' और 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स' का उल्लंघन हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की...

वृंदा करात ने की हेट स्पीच मामले में अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से मिली क्लीन चिट पर पुनर्विचार की मांग
वृंदा करात ने की हेट स्पीच मामले में अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से मिली क्लीन चिट पर पुनर्विचार की मांग

CPI(M) नेता वृंदा करात ने सुप्रीम कोर्ट में 29 अप्रैल के उस फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए याचिका दायर की, जिसमें कहा गया था कि 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के कथित हेट स्पीच (नफरत भरे भाषण) से कोई संज्ञेय अपराध (cognizable offence) नहीं बनता।पुनर्विचार याचिका में फैसले के उस हिस्से को चुनौती दी गई, जिसमें कोर्ट ने यह तो माना कि मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 156(3) के तहत FIR दर्ज करने का आदेश देने के लिए CrPC की धारा 196 के तहत पूर्व...

हाईकोर्ट ने अब तक की सबसे ज़्यादा मौत की सज़ाओं पर मुहर लगाई: 2008 अहमदाबाद धमाकों के फ़ैसले में जानिए कारण
हाईकोर्ट ने अब तक की सबसे ज़्यादा मौत की सज़ाओं पर मुहर लगाई: 2008 अहमदाबाद धमाकों के फ़ैसले में जानिए कारण

गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल धमाकों के मामले में 38 दोषियों को सुनाई गई मौत की सज़ा पर मुहर लगाई। यह किसी एक फ़ैसले में हाई कोर्ट द्वारा मंज़ूर की गई मौत की सज़ाओं की सबसे बड़ी संख्या है। कोर्ट ने कहा कि दोषियों ने अपने कामों के लिए "कोई पछतावा नहीं" दिखाया और "कानून के शासन के प्रति बहुत कम सम्मान" दिखाया।26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में कई जगहों पर बम धमाके हुए थे। इनमें राज्य सरकार द्वारा संचालित सिविल अस्पताल, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित एलजी अस्पताल, बसें, खड़ी...

Hindu Succession Act | धारा 22 के तहत क्लास-I उत्तराधिकारियों का प्राथमिकता वाला अधिकार कृषि भूमि पर भी लागू होती है: सुप्रीम कोर्ट
Hindu Succession Act | धारा 22 के तहत क्लास-I उत्तराधिकारियों का प्राथमिकता वाला अधिकार कृषि भूमि पर भी लागू होती है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 जुलाई) को फैसला सुनाया कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 22, जो क्लास-I उत्तराधिकारियों को किसी अन्य सह-उत्तराधिकारी द्वारा ट्रांसफर की जाने वाली संपत्ति को खरीदने का प्राथमिकता वाला अधिकार देता है, कृषि भूमि पर भी समान रूप से लागू होती है।हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 22 के कृषि भूमि पर लागू होने को चुनौती देने वाली अपील खारिज करते हुए जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा।...

Arms Act | सिर्फ़ हथियार मिलने से ही अपराध साबित नहीं होता, अगर यह साबित न हो कि आरोपी को उसकी जानकारी थी और उसका उस पर कंट्रोल था: सुप्रीम कोर्ट
Arms Act | सिर्फ़ हथियार मिलने से ही अपराध साबित नहीं होता, अगर यह साबित न हो कि आरोपी को उसकी जानकारी थी और उसका उस पर कंट्रोल था: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को कहा कि किसी के घर से हथियार मिलने मात्र से ही उसे आर्म्स एक्ट के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि यह साबित न हो जाए कि आरोपी को उन हथियारों के बारे में जानकारी थी और उन पर उसका कंट्रोल था।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने एक आदिवासी व्यक्ति को बरी करने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा,"हाईकोर्ट का यह कहना सही था कि प्रतिवादी/आरोपी के घर से हथियार समेत कुछ सामान मिलने मात्र से ही उसे अपराध का दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि...

सुप्रीम कोर्ट में पटना हाईकोर्ट के फ़ैसला का ज़िक्र, जिसमें कहा गया- सलवार उतारना और छाती दबाना रेप की कोशिश नहीं
सुप्रीम कोर्ट में पटना हाईकोर्ट के फ़ैसला का ज़िक्र, जिसमें कहा गया- 'सलवार उतारना और छाती दबाना' रेप की कोशिश नहीं

सीनियर वकील शोभा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने पटना हाईकोर्ट के आदेश का ज़िक्र किया। इस आदेश में कहा गया कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश करने और उसकी छाती दबाकर छेड़छाड़ करने के आरोप 'रेप की कोशिश' (attempt to rape) के दायरे में नहीं आते।इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फ़ैसले पर स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच को इस आदेश के बारे में बताया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फ़ैसले में कहा गया कि...

सुप्रीम कोर्ट ने 1971 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों के बंटवारे पर लगी रोक को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने 1971 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों के बंटवारे पर लगी रोक को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने परिसीमन संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिका वापस लेने की अनुमति दी, अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का सुझाव दिया।सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार किया। इस याचिका में संसदीय और राज्य विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन से जुड़े 84वें और 87वें संविधान संशोधनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई। कोर्ट ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता पहले संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रखे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस...

नागरिकता तय करने की प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए, केवल अनुपस्थिति के आधार पर किसी को विदेशी नहीं ठहराया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
नागरिकता तय करने की प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए, केवल अनुपस्थिति के आधार पर किसी को विदेशी नहीं ठहराया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति की नागरिकता या विदेशी होने का निर्धारण निष्पक्ष, कानूनी और उचित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए। अदालत ने गौहाटी हाईकोर्ट के उन फैसलों को रद्द कर दिया, जिनमें 27 लोगों को विदेशी घोषित करने वाले विदेशी न्यायाधिकरणों के आदेश बरकरार रखे गए थे।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि राज्य का यह वैध हित है कि कोई व्यक्ति अवैध रूप से भारतीय नागरिकता प्राप्त न करे, लेकिन यह उद्देश्य प्रक्रियात्मक निष्पक्षता की कीमत पर हासिल नहीं किया जा...

कोर्ट को गुमराह किया: सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
'कोर्ट को गुमराह किया': सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉमेडियन समय रैना पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' (India's Got Latent) विवाद के दौरान विकलांग लोगों का मज़ाक उड़ाने वाले असंवेदनशील जोक्स के मामले में दिए गए वादों को पूरा न करके "कोर्ट को गुमराह किया"।कोर्ट ने चार अन्य कॉमेडियन विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर - पर भी इतना ही जुर्माना लगाया।इससे पहले, कोर्ट ने उनका यह वादा स्वीकार किया कि वे अपने असंवेदनशील जोक्स के लिए सुधार करेंगे।...

MMDR Act | लीज़ डीड में रॉयल्टी में बदलाव के बारे में कुछ न कहे जाने के बावजूद सरकार रॉयल्टी की दर बदल सकती है: सुप्रीम कोर्ट
MMDR Act | लीज़ डीड में रॉयल्टी में बदलाव के बारे में कुछ न कहे जाने के बावजूद सरकार रॉयल्टी की दर बदल सकती है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को कहा कि माइनिंग लीज़ डीड में खनिजों की माइनिंग पर रॉयल्टी में बदलाव के बारे में कुछ न कहे जाने का मतलब यह नहीं है कि सरकार 'माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957' के तहत समय-समय पर रॉयल्टी की दर बदलने की अपनी शक्ति खो देगी।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा,"माइनिंग लीज़ एक कानूनी ग्रांट है, जबकि रॉयल्टी कानूनी लेवी (शुल्क) है। समय-समय पर रॉयल्टी में बदलाव करने की शक्ति MMDR Act की धारा 15 और उसके तहत बने नियमों...

कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता: सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की 3-भाषा नीति पर रोक लगाने से इनकार किया
'कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता': सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की 3-भाषा नीति पर रोक लगाने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 जुलाई) को सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 3-भाषा नीति पर रोक लगाने से इनकार किया। यह नीति मौजूदा 2026-27 एकेडमिक ईयर से लागू की गई। कोर्ट ने बोर्ड के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई अगले हफ़्ते स्थगित की।याचिकाकर्ताओं ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने कहा कि नई नीति के अनुसार, छात्रों को क्लास 9 से दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। इसका मतलब यह होगा कि उन्हें वे भाषाएं छोड़नी...

क्या ज़िला जजों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 61-62 साल की जानी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्यों और हाईकोर्ट से मांगी राय
क्या ज़िला जजों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 61-62 साल की जानी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्यों और हाईकोर्ट से मांगी राय

'ऑल इंडिया जजेज़ एसोसिएशन' मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल केंद्र सरकार, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और हाईकोर्ट को ज़िला जजों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 61-62 साल करने के मुद्दे पर नोटिस जारी किया।एक अंतरिम उपाय के तौर पर कोर्ट ने निर्देश दिया कि जो याचिकाकर्ता न्यायिक अधिकारी 60 साल की उम्र पूरी होने पर रिटायर होने वाले हैं, वे 61 साल की उम्र तक सेवा में बने रहेंगे (जब तक कि उन्हें पहले ही सेवा से मुक्त न कर दिया गया हो)।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस...

BREAKING| भोजशाला को मंदिर घोषित करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपीलों पर सुनवाई के करेगा सुप्रीम कोर्ट, नमाज की इजाज़त देने से इनकार
BREAKING| भोजशाला को मंदिर घोषित करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपीलों पर सुनवाई के करेगा सुप्रीम कोर्ट, नमाज की इजाज़त देने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं पर नोटिस जारी किया जिनमें मध्य प्रदेश के धार में ऐतिहासिक भोजशाला-कमल मौला कॉम्प्लेक्स को देवी सरस्वती का मंदिर घोषित करने और वहां नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाने वाले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फ़ैसले को चुनौती दी गई।हालांकि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने याचिकाकर्ताओं की उस अंतरिम आदेश की मांग को ठुकरा दिया, जिसमें पुरानी स्थिति (status quo ante) बहाल करने को कहा गया। इस पुरानी व्यवस्था के तहत, मुसलमानों को तय...

राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा पर मस्जिदों और दरगाहों को जारी बेदखली नोटिस के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं
'राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला': राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा पर मस्जिदों और दरगाहों को जारी बेदखली नोटिस के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को जारी 'कारण बताओ' (show-cause) और बेदखली नोटिस को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसमें धार्मिक भेदभाव का कोई पहलू नहीं है। [2026 LiveLaw (Raj) 279]कोर्ट कई मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें राज्य अधिकारियों द्वारा जारी बेदखली/खाली करने और 'कारण बताओ' नोटिस की वैधता को चुनौती दी गई। ये...

शाहरुख खान के घर मन्नत में अतिरिक्त मंजिलें बनाने को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
शाहरुख खान के घर 'मन्नत' में अतिरिक्त मंजिलें बनाने को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक्टर शाहरुख खान के मुंबई स्थित घर 'मन्नत' में दो और मंजिलें बनाने के लिए मिली कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन (CRZ) मंज़ूरी को चुनौती देने वाली अपील खारिज की। कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के उस आदेश में दखल देने से इनकार किया, जिसने इस चुनौती को खारिज कर दिया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने NGT की पुणे स्थित वेस्टर्न ज़ोन बेंच के आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज की। NGT की बेंच ने मुंबई के एक्टिविस्ट संतोष...

सिक्योरिटी डिपॉज़िट पर ब्याज न देने वाला कॉन्ट्रैक्ट पब्लिक पॉलिसी के खिलाफ नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सिक्योरिटी डिपॉज़िट पर ब्याज न देने वाला कॉन्ट्रैक्ट पब्लिक पॉलिसी के खिलाफ नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को कहा कि कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट की किसी शर्त को सिर्फ़ इसलिए कानून और पब्लिक पॉलिसी के खिलाफ नहीं माना जा सकता, क्योंकि उसमें सिक्योरिटी डिपॉज़िट पर ब्याज देने की बात नहीं कही गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसमें कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट की एक शर्त को पब्लिक पॉलिसी के खिलाफ बताया गया, क्योंकि उसमें सिक्योरिटी डिपॉज़िट पर ब्याज देने का प्रावधान नहीं था।मुद्दा यह था कि "क्या...

सुप्रीम कोर्ट के वकील पर हमला: एससी ने जांच पर दिल्ली पुलिस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के वकील पर हमला: एससी ने जांच पर दिल्ली पुलिस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से राष्ट्रीय राजधानी में सुप्रीम कोर्ट के वकील पर कथित हमले की जांच के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी।कोर्ट ने निर्देश दिया कि स्टेटस रिपोर्ट, जिसमें पीड़ित की दूसरी शिकायत (जिसमें FIR वापस लेने की धमकी का आरोप है) पर की गई कार्रवाई का विवरण भी शामिल हो, उसे डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) के पद से नीचे के अधिकारी द्वारा दाखिल न किया जाए। बेंच ने यह भी निर्देश दिया कि वकील को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए।चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य...

चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा पर रोक रखी बरकरार, हाईकोर्ट से 6 महीने में फ़ैसला करने को कहा
चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा पर रोक रखी बरकरार, हाईकोर्ट से 6 महीने में फ़ैसला करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार किया, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की देवघर चारा घोटाले मामले में सज़ा पर रोक लगाई गई थी। साथ ही कोर्ट ने हाई कोर्ट से उनकी लंबित आपराधिक अपील पर 6 महीने के भीतर फ़ैसला करने का अनुरोध किया।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच झारखंड राज्य द्वारा दायर स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका झारखंड हाईकोर्ट के 12 जुलाई, 2019 के उस आदेश को चुनौती देने के लिए दायर की गई,...

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज के कारण हुई मौत के मामले में पति को बरी किया, 17 ससुराल वालों पर बिना सोचे-समझे मुकदमा चलाने की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट ने दहेज के कारण हुई मौत के मामले में पति को बरी किया, 17 ससुराल वालों पर बिना सोचे-समझे मुकदमा चलाने की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को दहेज के कारण हुई मौत के मामले में परिवार के 17 सदस्यों पर मुकदमा चलाने को "न्याय का खुला मज़ाक" बताया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें सिर्फ़ इसलिए आरोपी बनाया गया, क्योंकि वे मरने वाली महिला के ससुराल वाले थे, जबकि सबूतों से पता चलता है कि महिला की मौत शायद गलती से लगी आग में जलने से हुई।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने साल 2000 में अपनी पत्नी की दहेज के कारण हुई मौत के मामले में पति को बरी करते हुए कहा,"इस मामले को खत्म करने से पहले, हम इस...