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चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही होना चाहिए, सबूतों की कमी पूरी करने के लिए इसे वापस नहीं भेजा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि चुनाव याचिका का फैसला रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर ही किया जाना चाहिए। अपीलीय अदालत के लिए यह स्वीकार्य नहीं है कि वह चुनाव याचिकाओं को दोबारा विचार के लिए वापस भेज दे, सिर्फ इसलिए कि नए सबूत पेश किए जा सकें या गवाहों को बुलाकर विशेषज्ञों से जांच कराई जा सके, जबकि ये मुद्दे चुनाव ट्रिब्यूनल के सामने उठाए ही नहीं गए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता के 'दोहरे मतदान' (Double...
गडचिरोली आगजनी मामले में सुनवाई से जस्टिस चंदुरकर अलग, सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर टली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में गडचिरोली आगजनी मामले से जुड़े एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल चंदुरकर ने खुद को मामले से अलग कर लिया।यह मामला जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। इससे पहले जस्टिस एमएम सुंदरश भी इस मामले की सुनवाई से अलग हो चुके हैं।मामला वर्ष 2016 के गडचिरोली आगजनी कांड से जुड़ा है, जिसमें सुरेंद्र गाडलिंग ने बॉम्बे हाइकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया था।गाडलिंग पर आरोप है...
ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट में खरीदारों के दावे न सुलझाने पर सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह निर्णय जमानत की शर्तों के उल्लंघन और फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के आरोपों के मद्देनज़र लिया।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने पाया कि भसीन ने न केवल फ्लैट खरीदारों के दावों के निपटारे की शर्त का पालन नहीं किया, बल्कि जमानत के लिए निर्धारित ₹50 करोड़ की राशि भी अपने व्यक्तिगत खाते से जमा करने के बजाय अपनी कंपनी Bhasin Infotech and...
West Bengal SIR | क्वालिफ़ाइंग तारीख के बाद फ़ॉर्म 6 से शामिल हुए नए वोटरों को वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा: जस्टिस बागची
पश्चिम बंगाल स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि किसी व्यक्ति को फ़ॉर्म 6 (नए वोटर के लिए रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म) के ज़रिए वोटर लिस्ट में शामिल करने से उसे मौजूदा विधानसभा चुनाव में वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा, अगर उसे चुनाव आयोग द्वारा नोटिफ़ाई की गई 'क्वालिफ़ाइंग तारीख' के बाद शामिल किया गया।जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 14(b) के अनुसार, वोटर लिस्ट तैयार करने या उसमें बदलाव करने के लिए क्वालिफ़ाइंग...
विभागीय जांच में कर्मचारी द्वारा स्वीकार न किए गए दस्तावेज़ों को गवाह के ज़रिए साबित करना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 अप्रैल) को यह टिप्पणी की कि जब कोई कर्मचारी अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं करता है तो उसे नियोक्ता के बिना साबित हुए दस्तावेज़ी सबूतों के आधार पर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि नियोक्ता को ऐसे दस्तावेज़ी सबूतों को गवाहों के ज़रिए साबित करना होगा ताकि कर्मचारी को गवाह से जिरह करने का मौका मिल सके।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वे यूपी कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के कर्मचारी की बर्खास्तगी रद्द कर रहे थे।...
S. 197 CrPC | मंजूरी की ज़रूरत का बाद में विस्तार उस समय लिए गए संज्ञान को अमान्य नहीं करेगा, जब कोई रोक नहीं थी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (1 अप्रैल) को कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 197 के तहत मंजूरी सुरक्षा का बाद में किया गया विस्तार, उन कार्यवाहियों को रोकने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, जो उस समय शुरू की गई थीं, जब ऐसी कोई रोक मौजूद नहीं थी।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कलकत्ता पुलिस बल के अधीनस्थ अधिकारी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को सही ठहराया। इस अधिकारी के खिलाफ अपराध का संज्ञान उस समय लिया गया था, जब कलकत्ता पुलिस के सभी अधीनस्थ अधिकारियों को CrPC...
Karnataka Stamp Act | कोर्ट के पास कम पड़ी ड्यूटी के दस गुना से कम जुर्माना लगाने का कोई विवेकाधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जब अदालतें 'कर्नाटक स्टाम्प अधिनियम, 1957' के तहत स्टाम्प ड्यूटी में किसी कमी का निर्धारण करती हैं तो उनके पास कम पड़ी ड्यूटी के दस गुना से कम जुर्माना लगाने का कोई विवेकाधिकार नहीं होता है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने यह टिप्पणी की, “जब किसी दस्तावेज़ को डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर के पास भेजे बिना कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश करने की कोशिश की जाती है, तो जुर्माने की रकम तय करने में कोई छूट नहीं होती।” बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस...
Air India Plane Crash | AAIB की शुरुआती रिपोर्ट में फ्यूल कट-ऑफ की जानकारी मांग करने वाली इंजीनियर की PIL खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने वह याचिका खारिज की, जिसमें पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट को "हल्का करने" (Reading Down) की मांग की गई। इस हादसे में 270 लोगों की जान चली गई।याचिकाकर्ता ने रिपोर्ट को उस हद तक हल्का करने की मांग की थी, जिस हद तक उसमें घटनाओं का पूरा क्रम और समय-सारिणी (Time Chart) शामिल नहीं था। उन्होंने AAIB की रिपोर्ट में बदलाव की भी मांग की ताकि उसमें फ्लेम-आउट (इंजन का बंद होना) और स्विच के कट-ऑफ से 'रन' (चालू) मोड में जाने की समय-सारिणी...
बाद में मिलने वाली EC अपने-आप नहीं मिलती, गलत प्रोजेक्ट्स को गिराया जा सकता है: केंद्र सरकार ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 'वनशक्ति' की उस याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें बाद में पर्यावरण मंज़ूरी देने वाली व्यवस्था को चुनौती दी गई।चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच उन कई रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें बाद में पर्यावरण मंज़ूरी देने को चुनौती दी गई। यह मामला कोर्ट के पिछले फ़ैसले से जुड़ा है, जिसमें कोर्ट ने अपने ही उस आदेश को वापस ले लिया था, जिसने पिछली तारीख से पर्यावरण मंज़ूरी देने पर रोक लगाई।पिछली...
नस्लीय भेदभाव | सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से संवेदनशील मामलों में जल्द सुनवाई के लिए नीतिगत फ़ैसला लेने का आग्रह किया
पूर्वोत्तर के लोगों के ख़िलाफ़ नस्लीय भेदभाव को चुनौती देने वाली PIL पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने आज संवेदनशील मामलों में जल्द सुनवाई की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि वे इस मुद्दे को प्रशासनिक स्तर पर देखें और एक व्यापक नीतिगत फ़ैसला लेने पर विचार करें।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने यह आदेश एडवोकेट मोदोइया कायिना द्वारा दायर और सीनियर एडवोकेट प्रदीप राय द्वारा बहस की गई एक जनहित...
भोजशाला-कमाल मौला विवाद: ASI सर्वे की वीडियो में दर्ज आपत्तियों पर हाईकोर्ट करेगा विचार, सुप्रीम कोर्ट को भरोसा
सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में बुधवार को कहा कि उसे इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ASI सर्वे के दौरान वीडियोग्राफी में दर्ज आपत्तियों पर उचित रूप से विचार करेगा।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।मामला मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। सोसाइटी ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर ASI सर्वे की वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटो प्रस्तुत करने की मांग की थी।...
तमिलनाडु मंत्री दुरई मुरुगन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में ट्रायल पर रोक: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरई मुरुगन के खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति मामले में ट्रायल कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ ने मुरुगन की विशेष अनुमति याचिका (SLP) और देरी माफी आवेदन पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक मामले में कोई आगे की कार्यवाही नहीं की जाएगी। अदालत ने मामले को 20 अप्रैल 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने मुरुगन की ओर से दलील दी कि उन्हें एक...
'ट्रस्ट संपत्ति सार्वजनिक चिंता का विषय'—CSI चर्च जमीन बिक्री मामले में आपराधिक केस बहाल: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने चर्च ऑफ साउथ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन (CSITA) की भूमि की कथित धोखाधड़ी से बिक्री से जुड़े मामले में आपराधिक कार्यवाही बहाल कर दी है। कोर्ट ने कहा कि ट्रस्ट की संपत्ति को निजी मामला नहीं माना जा सकता और उसके हस्तांतरण में किसी भी अनियमितता को सार्वजनिक चिंता का विषय माना जाएगा।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को समाप्त कर दिया गया था।मामला आंध्र प्रदेश के...
'सरकार सबसे बड़ी वादी, पेंडेंसी बढ़ा रही'—CISF मामले में अनावश्यक अपील पर फटकार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार (Union of India) पर ₹25,000 का जुर्माना लगाते हुए उसकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी। यह याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें CISF के एक कांस्टेबल की बर्खास्तगी रद्द करते हुए उसे 25% बैक वेजेस देने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की इस अपील पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह समझ से परे है कि हाईकोर्ट के सुविचारित आदेश को क्यों चुनौती दी गई।अदालत...
वैवाहिक विवादों में शिकायत दर्ज करने में देरी घातक हो सकती है: सुप्रीम कोर्ट ने ससुराल वालों के खिलाफ 498A और दहेज उत्पीड़न मामला रद्द किया
इस बात पर ज़ोर देते हुए कि वैवाहिक विवादों में आपराधिक कार्यवाही शुरू करने में बिना किसी स्पष्टीकरण के देरी घातक हो सकती है, सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला के ससुराल वालों (माता-पिता और ननद) के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला रद्द कर दिया। कोर्ट ने माना कि लगभग सात साल की देरी, जिसके लिए कोई पर्याप्त स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, अभियोजन पक्ष के मामले पर गंभीर संदेह पैदा करती है।कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसने FIR रद्द करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि बिना किसी पुख्ता...
जज बनने के लिए सुझाए गए उम्मीदवारों के नामों को सरकार का मंज़ूरी न देना बड़ी समस्या: जस्टिस अभय ओक
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय ओक ने सोमवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा जज बनने के लिए सुझाए गए वकीलों के नामों को केंद्र सरकार द्वारा जल्दी मंज़ूरी न देना, हमारी व्यवस्था की एक बड़ी समस्या है। इसी वजह से 'न्यायपालिका' नागरिकों की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रही है।जज ने बताया कि उम्मीदवारों के नाम महीनों तक मंज़ूरी के लिए अटके रहते हैं, जिसका उनके पेशे पर बुरा असर पड़ता है और उनकी निजता को भी नुकसान पहुंचता है।जस्टिस ओक ने कहा,"एक और अहम मुद्दा हाईकोर्ट में जजों की...
सरकार को जनहित में उद्योगों को दी गई टैक्स छूट वापस लेने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा दी गई टैक्स छूट से पाने वाले का कोई ऐसा पक्का अधिकार नहीं बन जाता कि वह हमेशा के लिए उस छूट का दावा करता रहे, और सरकार जनहित में ऐसी छूट वापस ले सकती है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने महाराष्ट्र सरकार की अपील को मंज़ूर करते हुए यह बात कही। यह अपील कैप्टिव पावर जेनरेटरों के खिलाफ थी। बेंच ने सरकार के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें उसने कैप्टिव पावर (वह बिजली जो उद्योग अपनी ज़रूरत के लिए खुद बनाते हैं, बिना ग्रिड सप्लाई पर निर्भर रहे)...
रिमिशन याचिकाओं पर देरी पर गुजरात सरकार को चेतावनी, अवमानना कार्रवाई की चेतावनी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि दोषियों की समयपूर्व रिहाई (premature release) से जुड़े मामलों में तय समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि स्वतः संज्ञान लेकर अवमानना कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है।यह टिप्पणी जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें एक उम्रकैद कैदी की रिहाई पर निर्णय, आवश्यक अवधि पूरी होने के बावजूद लंबित था।अदालत ने पाया कि...
'कानून को सैनिक तक पहुंचना चाहिए': CJI सूर्यकांत ने लेह में सेना को किया संबोधित, सैनिक परिवारों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता योजना पर ज़ोर दिया
एक ऐतिहासिक पहल में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने लद्दाख के लेह सैन्य शिविर में सेना के जवानों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि न्याय तक पहुंच उन सैनिकों तक भी पहुंचनी चाहिए, जो दूरदराज और ऑपरेशन के लिहाज़ से संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं।रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा,"कानून को सैनिक तक पहुंचना चाहिए, क्योंकि सैनिक हमेशा कानून तक नहीं पहुंच सकता।"यह पहली बार है जब भारत के किसी मौजूदा चीफ...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (23 मार्च, 2026 से 27 मार्च, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।डिफ़ॉल्ट के कारण किसी मुक़दमे का खारिज होना 'रेस ज्यूडिकाटा' के तौर पर काम नहीं करता: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि डिफ़ॉल्ट के कारण किसी मुक़दमे का खारिज होना 'रेस ज्यूडिकाटा' (Res Judicata) के तौर पर काम नहीं करता, क्योंकि इसमें मामले के गुण-दोष पर कोई निर्णय नहीं होता। हालांकि,...




















