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विधायी विशेषाधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट के रेफरेंस में दखल को लेकर पत्रकार अजीत अंजुम ने दायर की याचिका

सीनियर पत्रकार अजीत अंजुम ने सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की। इसमें उन्होंने विधायी विशेषाधिकारों के दायरे और सीमाओं से जुड़े 7 जजों की बेंच के लंबित रेफरेंस में दखल देने की इजाज़त मांगी। उनका कहना है कि विधायी विशेषाधिकार और मौलिक अधिकार एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने ऐसे मानक तय करने की मांग की, जिनसे यह साफ हो सके कि विधायी कार्यवाही की निष्पक्ष आलोचना कब विशेषाधिकार का उल्लंघन मानी जाएगी।सीनियर पत्रकार ने इस रेफरेंस से जुड़े व्यापक संवैधानिक मुद्दों पर ज़ोर दिया, जैसे कि विधायी...

सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच ने CAPF अवमानना ​​मामले की लिस्टिंग के तरीके की आलोचना की, केंद्र ने कहा- CJI से अनुरोध किया गया था

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस तरीके की आलोचना की, जिससे सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPFs) में IPS अधिकारियों की डेप्युटेशन से जुड़ी अवमानना ​​याचिकाओं को रेगुलर बेंच की कॉज़ लिस्ट से हटाकर बाद में स्पेशल बेंच के सामने लिस्ट किया गया।मंगलवार को जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच की कॉज़ लिस्ट से अवमानना ​​याचिकाओं को अचानक हटाने के बाद जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की स्पेशल बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की। ये याचिकाएं CAPF कैडर में IPS डेप्युटेशन पदों को धीरे-धीरे...

प्रधानमंत्री की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और डिग्री का खुलासा करने में कोई जनहित नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री की एजुकेशनल डिग्री का खुलासा करने में कोई जनहित नहीं है, क्योंकि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और संवैधानिक पद पर उनके चुनाव से उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन का कोई लेना-देना नहीं है। [2026 LiveLaw (Guj) 263]कोर्ट ने यह बात केजरीवाल की उस अपील को खारिज करते हुए कही, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी के खुलासे के मामले में उन पर ₹25,000 का जुर्माना लगाने के आदेश को चुनौती दी थी।केजरीवाल ने मार्च 2023 के सिंगल जज...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट में CEC कानून पर आए फ़ैसले को वापस लेने की मांग, जस्टिस एससी शर्मा के बेटे का ECI से जुड़ाव बना वजह

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' की वैधता पर 23 सितंबर को आए बंटे हुए फ़ैसले (Split Verdict) को वापस लेने की मांग की गई।यह याचिका न्यायिक मर्यादा से जुड़ी चिंताओं के कारण दायर की गई। यह चिंता तब पैदा हुई, जब पता चला कि जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा—जो उस बेंच का हिस्सा थे, जिसने यह बंटा हुआ फ़ैसला सुनाया—के बेटे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चुनाव आयोग के स्टैंडिंग काउंसिल (सरकारी वकील) हैं।बता दें,...

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस प्रत्याशी को राहत: जमानत के खिलाफ याचिक पर सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल पुलिस की उस याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार किया, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को हाईकोर्ट की ओर से दी गई अंतरिम जमानत को चुनौती दी गई। प्रधान नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। राज्य सरकार ने अनुरोध किया था कि मामले की सुनवाई गुरुवार को ही की जाए, क्योंकि शुक्रवार को गांधी जयंती के कारण अदालत बंद रहेगी और सोमवार को नंदीग्राम में उपचुनाव होना है।मामले का उल्लेख चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की...

CAPF में IPS प्रतिनियुक्ति से जुड़े अवमानना मामले की सुनवाई अब विशेष पीठ करेगी, जस्टिस मिश्रा और जस्टिस भुयान की बेंच के समक्ष मामला सूचीबद्ध

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से जुड़े अवमानना मामले को सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच के समक्ष भेज दिया गया। जस्टिस मनोज मिश्रा की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ में जस्टिस उज्जल भुयान भी शामिल हैं। पीठ आज दोपहर 2 बजे मामले की सुनवाई करेगी।यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब बुधवार को जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव के खिलाफ दायर अवमानना याचिकाओं को सूची से हटाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा था।ये अवमानना याचिकाएं मई...

BNSS लागू होने के बाद संज्ञान लेने पर आरोपी की बात सुनना ज़रूरी, भले ही शिकायत पहले दर्ज की गई हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जहां मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) के लागू होने के बाद ही न्यायिक विवेक का इस्तेमाल किया और प्रथम दृष्टया मामला पाया तो उस तारीख को ही संज्ञान लिया हुआ माना जाएगा। इसलिए आरोपी की बात पहले सुनी जानी चाहिए थी, जैसा कि BNSS की धारा 223 के प्रावधान में ज़रूरी है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने स्पेशल जज का वह आदेश रद्द किया, जिसमें प्रथम दृष्टया मामला पाया गया और संज्ञान लिया गया।कोर्ट ने इस मुद्दे को इस तरह तय...

आरोपी ट्रायल के सही स्टेज पर प्रॉसिक्यूशन के उन डॉक्युमेंट्स को पेश करने की मांग कर सकता है, जिनका इस्तेमाल प्रॉसिक्यूशन ने नहीं किया: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि कोई आरोपी जांच के दौरान ज़ब्त किए गए उन डॉक्युमेंट्स को कैसे मांग सकता है, जिनका इस्तेमाल प्रॉसिक्यूशन ने नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि हालांकि आरोपी को अपना बचाव तैयार करने के लिए प्रॉसिक्यूशन एजेंसी के पास मौजूद डॉक्युमेंट्स पाने का अधिकार है, लेकिन ऐसे डॉक्युमेंट्स की मांग किस स्टेज पर की जा सकती है, यह उन डॉक्युमेंट्स की प्रकृति पर निर्भर करेगा।कोर्ट ने यह बात स्पेशल कोर्ट और हाईकोर्ट के उन आदेशों को रद्द करते हुए कही, जिनमें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI)...

संभल हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज की रासुका के तहत हिरासत रद्द की, यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को संभल हिंसा मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 (NSA) के तहत की गई निवारक हिरासत रद्द की। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को भी निरस्त किया, जिसमें हिरासत आदेश बरकरार रखा गया था।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस हिरासत में कथित तौर पर दिए गए कबूलनामे के आधार पर निवारक हिरासत का आदेश पारित नहीं कर सकती थी। कोर्ट ने हिरासत का आदेश गैरकानूनी पाए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये...

सिर्फ़ कस्टडी में दिए गए कबूलनामे के आधार पर प्रिवेंटिव डिटेंशन नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अधिकारी सिर्फ़ आरोपी के कबूलनामे के आधार पर प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) का आदेश जारी नहीं कर सकते। कोर्ट ने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट, 1980 के तहत मुल्ला अफ़रोज़ की हिरासत रद्द की, जिस पर 2024 की संभल हिंसा का मास्टरमाइंड होने का आरोप है।"इसलिए हमारी राय है कि पुलिस अधिकारी के सामने दिया गया कबूलनामा, अकेले और किसी स्वतंत्र सबूत के समर्थन के बिना प्रिवेंटिव डिटेंशन के आदेश को बनाए रखने के लिए ज़रूरी 'व्यक्तिगत संतुष्टि' (Subjective Satisfaction) का आधार नहीं बन सकता।...

CAPF से जुड़ा अवमानना ​​का मामला लिस्ट से क्यों हटाया गया: सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री से पूछा कि 46 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में डेप्युटेशन पर भेजने से जुड़ी अवमानना ​​याचिकाओं के एक बैच को कॉज़ लिस्ट से क्यों हटा दिया गया, जबकि इन मामलों को दोपहर 2 बजे लिस्ट करने का न्यायिक आदेश था। कोर्ट ने आदेश दिया कि अवमानना ​​याचिकाओं को बुधवार दोपहर 2 बजे फिर से लिस्ट किया जाए और रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा है कि इसे आज की कॉज़ लिस्ट से क्यों हटाया गया।यह मामला दोपहर 2 बजे जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस एएस...

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपी व्यक्ति को ज़मानत दी

सुप्रीम कोर्ट ने एक 30 साल के सिक्योरिटी गार्ड को ज़मानत दी। उसने झारखंड हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसे ज़मानत देने से इनकार किया गया। यह मामला झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय से मौजूदा विधायक कल्पना सोरेन के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील और अपमानजनक फ़ेसबुक पोस्ट करने से जुड़ा है।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने देखा कि वह एक साल से ज़्यादा समय से जेल में है और उस पर लगे आरोपों के लिए अधिकतम सज़ा तीन साल की जेल है। कोर्ट ने माना कि...

NCPCR का प्रमुख कौन है? वह इतने लापरवाह कैसे हो सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने 25% RTE कोटा मामले में NCPCR को फटकार लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) की आलोचना की। यह आलोचना प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों के लिए 25% कोटा लागू करने से जुड़े मामले पर NCPCR के लापरवाह रवैये को लेकर की गई।इसलिए कोर्ट ने NCPCR के चेयरपर्सन और डायरेक्टर को 'राइट टू फ्री एंड कम्पलसरी एजुकेशन एक्ट, 2009' (RTE Act) की धारा 12(1)(c) को असरदार ढंग से लागू करने से जुड़ी अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया। इस धारा के तहत प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाले स्कूलों...

S. 53 Patents Act | क्या पेटेंट एप्लीकेशन पर फ़ैसला लेने में देरी होने पर पेटेंट टर्म ग्रांट की तारीख से गिनी जानी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट ने भारत में पेटेंट टर्म एडजस्टमेंट (PTA) के लिए एक सिस्टम पर विचार करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। इसमें यह सवाल उठाया गया कि क्या पेटेंट होल्डर को अतिरिक्त पेटेंट सुरक्षा मिलनी चाहिए, अगर पेटेंट देने में देरी के कारण कानूनी तौर पर तय 20 साल की अवधि का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो जाता है।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने पेटेंट्स एक्ट, 1970 की धारा 53 को सही...

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन और चुनाव आयोग के फैसलों को कथित तौर पर एकतरफा लिए जाने से जुड़े मामले में दायर याचिका को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने की अनुमति दी है।सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मामले का उल्लेख कर जल्द सुनवाई की मांग की। चीफ़ जस्टिस ने इसे अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने पर सहमति दी।याचिका राकेश कुमार सिंह ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग की...

दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूछा- खुदरा विक्रेता मूल्य से 16% से ज्यादा MRP क्यों?

कैंसर की दवाओं समेत अन्य औषधियों की कीमतों में भारी अंतर पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से सवाल किया कि MRP को खुदरा विक्रेता मूल्य से अधिकतम 16 प्रतिशत तक सीमित करने का एक समान नियम क्यों नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ दवाओं की कीमतों के नियमन, जेनेरिक दवाएं लिखने और मेडिकल डिवाइस की कीमतों पर नियंत्रण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। मामला दवाओं के मूल्य नियंत्रण आदेश, 2013 के तहत कीमतों के नियमन से संबंधित है।सुनवाई के दौरान जस्टिस...

पंजाब नगर निकाय चुनाव: हिंसा प्रभावित सभी वार्डों में दोबारा होगा मतदान, सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब में नगर निकाय चुनाव के दौरान जिन वार्डों में तथ्य जांच आयोग ने हिंसा होने की पुष्टि की, उन सभी वार्डों में दोबारा चुनाव कराया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ पंजाब में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के पार्षदों एवं सदस्यों के चुनाव से जुड़े विवादों पर सुनवाई कर रही थी। अलग-अलग राजनीतिक दलों के सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और हिंसा के आरोप लगाते हुए याचिकाएं दायर की...

राजस्थान क्रिकेट संघ चुनाव के नतीजे घोषित करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, सीलबंद लिफाफे में रखे जाएंगे परिणाम

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के चुनाव पर रोक लगाने से इनकार किया लेकिन चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई। कोर्ट ने निर्देश दिया कि मतदान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो सकता है, लेकिन परिणाम सीलबंद लिफाफे में रखे जाएं और आगे के आदेश तक घोषित न किए जाएं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मेघा गौर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि राजस्थान क्रिकेट संघ की चुनाव प्रक्रिया से महिलाओं को पूरी...

जस्टिस दीपांकर दत्ता ने दिवंगत लॉ क्लर्क को श्रद्धांजलि दी, फैसला उनकी स्मृति को किया समर्पित

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को फैसला सुनाने का क्षण भावुक हो गया, जब जस्टिस दीपांकर दत्ता ने अपने दिवंगत लॉ क्लर्क ऋत्विक देसवाल को श्रद्धांजलि देते हुए फैसला उनकी स्मृति को समर्पित किया। ऋत्विक का 27वां जन्मदिन आने से महज चार दिन पहले निधन हो गया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत एक व्यक्ति की निवारक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुना रही थी। खंडपीठ ने हिरासत को गैरकानूनी ठहराते हुए उसे रद्द किया और उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख...