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केंद्र को राज्यों को अधीनस्थ नहीं समझना चाहिए, किसी राज्य के नागरिकों के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता: जस्टिस बी.वी. नागरत्ना
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने शनिवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि केंद्र-राज्य संबंध संवैधानिक शासन पर आधारित होने चाहिए और यह इस बात पर निर्भर नहीं कर सकता कि सत्ता में कौन-सी राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि किसी राज्य के नागरिकों के साथ विकास या शासन के मामलों में भेदभाव नहीं किया जा सकता।पटना के चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में "अधिकारों से परे संवैधानिकता: संरचना क्यों मायने रखती है?" विषय पर आयोजित पहले डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मारक व्याख्यान में बोलते हुए...
कानूनी सुधारों और प्रगति के बावजूद दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जारी, पितृसत्ता अब भी हावी: सुप्रीम कोर्ट
यह देखते हुए कि दशकों के कानूनी सुधारों, कल्याणकारी योजनाओं और न्यायिक हस्तक्षेपों के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अपराध अभी भी बड़े पैमाने पर जारी हैं, सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि घरेलू हिंसा और लिंग-आधारित अपराधों का लगातार बने रहना एक गहरी जड़ें जमा चुकी पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था को दर्शाता है।कोर्ट ने गौर किया कि जहां एक ओर भारत ने आर्थिक विकास, बेहतर साक्षरता और शिक्षा तथा कार्यबल में महिलाओं की अधिक भागीदारी देखी है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के खिलाफ हिंसा अभी भी व्यापक है, विशेष रूप से...
ऊंचे पद पर बैठे कर्मचारी को अपने जूनियर कर्मचारियों जैसी हल्की सज़ा नहीं मिल सकती: सुप्रीम कोर्ट ने बैंक मैनेजर की बर्खास्तगी बहाल की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऊंचे पद पर बैठा कोई भी दोषी अधिकारी, उसी गलत काम के लिए अपने से नीचे के रैंक वाले कर्मचारियों जैसी सज़ा की मांग नहीं कर सकता।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने पंजाब एंड सिंध बैंक के सीनियर मैनेजर की नौकरी से बर्खास्तगी को सही ठहराया। इस मैनेजर ने अपने जूनियर बैंक अधिकारी और एक गनमैन के साथ मिलकर, ग्राहकों के पैसे का अपने निजी फायदे के लिए गलत इस्तेमाल किया था।कोर्ट ने बैंक की अपील मान ली और दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसमें आरोपी की सज़ा...
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान SI चयन परीक्षा पर आदेश में बदलाव के लिए गुड फ्राइडे को की विशेष सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी गुड फ्राइडे (शुक्रवार) को एक विशेष सुनवाई में अपने गुरुवार के आदेश में बदलाव किया। गुरुवार के आदेश में याचिकाकर्ता और इसी तरह के अन्य उम्मीदवारों को राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर पुलिस/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2025 में बैठने की अनुमति दी गई थी। यह परीक्षा 5 अप्रैल को होनी है। कोर्ट ने अब यह लाभ केवल मौजूदा याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा तक ही सीमित कर दिया।संक्षेप में मामला याचिकाकर्ता सूरज लाल मीणा ने 2021 की अधिसूचना के तहत सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।...
पे कमीशन के फ़ायदे अतिरिक्त शर्तें लगाकर नहीं रोके जा सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल को यह टिप्पणी की कि सेंट्रल पे कमीशन की सिफ़ारिशों की मनमानी व्याख्या करके किसी कर्मचारी को पे कमीशन के फ़ायदों से वंचित करने के लिए कोई अतिरिक्त शर्त नहीं लगाई जा सकती।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। यह मामला उन याचिकाकर्ताओं से जुड़ा था, जिन्होंने शुरू में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन में जूनियर इंजीनियरिंग कैडर में नौकरी शुरू की थी। बाद में कैडर के विलय के बाद उन्हें 'जूनियर इंजीनियर' के तौर पर नया पदनाम दिया गया।लेवल 8 पर...
सबरीमाला संदर्भ मामला: जैन संगठनों ने कहा—धार्मिक प्रथाओं में दखल न दे राज्य, आस्था के अनुयायी ही करें निर्णय
सुप्रीम कोर्ट में लंबित सबरीमाला संदर्भ मामले में विभिन्न जैन संगठनों ने महत्वपूर्ण दलीलें पेश करते हुए कहा है कि किसी भी धर्म की प्रथाओं के नियमन का अधिकार केवल उस धर्म के अनुयायियों के पास होना चाहिए। किसी अन्य धर्म के व्यक्ति को दूसरे धर्म की प्रथाओं को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।आवेदकों ने तर्क दिया कि संविधान के Article 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता में किसी धर्म को अपनी प्रथाओं को परिभाषित और संचालित करने की स्वायत्तता शामिल है। उन्होंने कहा कि कोई प्रथा धार्मिक है या...
WB SIR: जजों के घेराव के वक्त मुख्य सचिव से नहीं हो पाया था संपर्क: सुप्रीम कोर्ट ने जताई निराशा
पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों के घेराव पर प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह "बेहद निराश" है कि संकट के दौरान राज्य के मुख्य सचिव कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की पहुंच से बाहर रहे। कोर्ट ने यह भी कहा कि उन्होंने संचार को संभव बनाने के लिए WhatsApp सुविधा वाला कोई मोबाइल नंबर साझा नहीं किया था।कोर्ट राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) से संबंधित कार्य के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़े एक स्वतः संज्ञान...
कंपनी आम बैठक में विशेष प्रस्ताव के बिना डायरेक्टर को लोन नहीं दे सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (2 अप्रैल) को बिजनेसमैन सतिंदर सिंह भसीन की ज़मानत रद्द की, क्योंकि उन्होंने कोर्ट द्वारा लगाई गई ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया था। लगाई गई शर्तों में से एक यह थी कि भसीन को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में 50 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। हालांकि, यह बात सामने आई कि इस शर्त को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी कंपनी भसीन इन्फोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (BIIPL) के फंड का गलत इस्तेमाल किया था।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की बेंच ने कहा कि भसीन को इस शर्त...
कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर ब्लैकलिस्टिंग अपने आप नहीं होती, इसके लिए अलग से सोच-समझकर फैसला लेना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुनाया कि किसी कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने से अपने आप ब्लैकलिस्टिंग सही साबित नहीं हो जाती। ब्लैकलिस्टिंग के लिए एक अलग से 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) देना और ठीक से सोच-समझकर फैसला लेना ज़रूरी है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने झारखंड हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें पेयजल और स्वच्छता विभाग द्वारा जारी किए गए कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने और ब्लैकलिस्ट करने के आदेश को सही ठहराया गया था। यह आदेश अपीलकर्ता (कॉन्ट्रैक्टर) की तरफ से निर्माण...
कारण बताओ नोटिस को असाधारण मामलों में रिट अधिकार क्षेत्र में चुनौती दी जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि यद्यपि अदालतें आमतौर पर कारण बताओ नोटिस (SCN) को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं पर विचार नहीं करती हैं। फिर भी यह सिद्धांत पूर्ण नहीं है और असाधारण परिस्थितियों में नोटिस के चरण पर हस्तक्षेप की अनुमति है।अदालत ने टिप्पणी की कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा का सहारा तब लिया जा सकता है, जब कारण बताओ नोटिस में ऐसी मौलिक कानूनी कमियां हों, जिनके परिणामस्वरूप स्पष्ट अन्याय हो सकता है।अदालत ने कहा कि यद्यपि सामान्य नियम कारण बताओ नोटिसों को चुनौती देने को...
सुप्रीम कोर्ट ने चंबल अभयारण्य के कुछ इलाकों को संरक्षित क्षेत्र से हटाने के राजस्थान सरकार के फैसले पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार की उस अधिसूचना पर रोक लगाई, जिसके तहत कोर्ट की पहले से मंज़ूरी लिए बिना राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के 732 हेक्टेयर इलाके को संरक्षित क्षेत्र से हटा दिया गया था। बेंच ने कहा कि राज्य सरकार "यह फैसला अपने आप नहीं ले सकती थी।"जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और घड़ियालों समेत संकटग्रस्त जलीय जीवों पर मंडरा रहे खतरे को लेकर खुद से संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए इस मामले की सुनवाई कर रही थी।इससे पहले बेंच ने राजस्थान,...
FEMA | S.37A के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा ज़ब्ती की पुष्टि न होना, निर्णय प्रक्रिया पर असर डालता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल को फैसला सुनाया कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA Act) की धारा 37A के तहत ज़ब्ती आदेश की पुष्टि न होने का बाद की निर्णय प्रक्रियाओं पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है। साथ ही अधिकारी इस तरह से आगे नहीं बढ़ सकते, जिससे लंबित वैधानिक अपील प्रभावी रूप से रद्द हो जाए या उस पर पहले से ही फैसला सुना दिया जाए।हालांकि, कोर्ट ने ऐसे हर मामले में निर्णय प्रक्रियाओं को अपने आप 'अमान्य' (non est) घोषित करने से परहेज़ किया, लेकिन उसने फैसला दिया कि ज़ब्ती की पुष्टि करने से...
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने SIR ड्यूटी के दौरान जजों पर हमले को लेकर पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को फटकारा, केंद्रीय बलों के इस्तेमाल का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में हुए विरोध प्रदर्शन का गंभीर संज्ञान लिया। इस प्रदर्शन के दौरान, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के काम में लगे न्यायिक अधिकारियों को बुधवार दोपहर से आधी रात तक प्रदर्शनकारियों ने बंधक बनाकर रखा और आधी रात के बाद जब उन्हें वहां से निकाला जा रहा था, तो उनके वाहनों पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया।कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मिले उस पत्र का हवाला दिया, जिसमें मालदा जिले के एक गांव में हुई घटना का ज़िक्र था। इस घटना में सरकारी ड्यूटी...
WB SIR: न्यायिक अधिकारियों पर हमले से नाराज़ सुप्रीम कोर्ट, कहा- इतना ध्रुवीकृत राज्य कभी नहीं देखा
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ड्यूटी कर रहे न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राज्य में अत्यधिक राजनीतिक ध्रुवीकरण है और हर कोई राजनीतिक भाषा में बात करता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने इस मामले की तत्काल सुनवाई की जबकि यह सूचीबद्ध नहीं था। यह कदम कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पत्र के बाद उठाया गया।मामला मालदा जिले के एक गांव का है, जहां सात न्यायिक...
NDTV की होल्डिंग कंपनी के खिलाफ री-असेसमेंट नोटिस रद्द करने को लेकर IT विभाग की चुनौती खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट की अपील खारिज की, जिसमें NDTV के प्रमोटर राधिका रॉय और प्रणय रॉय की कंपनी RRPR होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ री-असेसमेंट की कार्रवाई रद्द कर दी गई।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने देरी के आधार पर उक्त अपील खारिज की।साल 2009 में RRPR होल्डिंग्स ने विश्व प्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड से लोन लिया था। कंपनी ने दावा किया था कि लोन की रकम का इस्तेमाल ICICI बैंक के बकाया लोन चुकाने के लिए किया...
क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट लगने से बाहर किए गए कैडेट्स को नौकरी में आरक्षण के लिए पूर्व सैनिक माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या ट्रेनिंग के दौरान चोट या दिव्यांगता के कारण बाहर किए गए सैन्य कैडेट्स को सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठाने के उद्देश्य से पूर्व सैनिक माना जा सकता है।कोर्ट ने कहा,"बहस के दौरान, जिन पहलुओं पर चर्चा हुई, उनमें से एक यह था कि क्या बाहर किए गए कैडेट्स को भी विभिन्न सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों और पदों में ऐसे व्यक्तियों के लिए आरक्षण का लाभ पाने के उद्देश्य से पूर्व सैनिक या पूर्व सैन्य कर्मी माना जा सकता है। माननीय ASG...
हत्यारे को सुधारा जा सकता है, लेकिन साइबर अपराधी को नहीं बख्शा जाना चाहिए: CJI सूर्यकांत
एक साइबर अपराध मामले की सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि हो सकता है कि किसी हत्यारे को रिहा करके सुधारा जा सके, लेकिन साइबर अपराधियों को बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाना चाहिए।अदालत के सामने मौजूद आरोपी का ज़िक्र करते हुए—जिसका कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी का इतिहास रहा है—CJI ने कहा कि उसके जैसे साइबर अपराधी को एक अलग कोठरी में रखा जाना चाहिए, जहां उसे किसी भी तरह के मोबाइल फ़ोन आदि के इस्तेमाल की कोई गुंजाइश न हो।CJI ने टिप्पणी की, "इससे निपटने का यही एकमात्र...
जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों का आतंक: सुप्रीम कोर्ट ने 'बंदर भगाने वालों' को रखने के लिए टेंडर जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने टेंडर नोटिस जारी किया, जिसमें एजेंसियों से अपने जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों के आतंक को रोकने के लिए मैनपावर (कर्मचारी) उपलब्ध कराने के लिए बोलियां आमंत्रित की गईं।गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के ज़रिए जारी एक नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका इरादा खुले बाज़ार से वेंडरों और एजेंसियों से ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित करने का है। ये बोलियां ऐसे कर्मचारियों को उपलब्ध कराने के लिए मांगी गईं, जिन्हें "बंदर भगाने वाले/पकड़ने वाले/दूर हटाने वाले (Monkey Scarers)" के तौर...
West Bengal SIR | सुप्रीम कोर्ट ने INC उम्मीदवार से कहा - इलेक्टोरल रोल से नाम हटने पर अपीलीय ट्रिब्यूनल जाएं
सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के टिकट पर आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार महताब शेख को SIR प्रक्रिया के बाद इलेक्टोरल रोल से अपना नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता में हाल ही में बने अपीलीय ट्रिब्यूनल में जाने की इजाज़त दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता ने कोर्ट का दरवाज़ा इसलिए खटखटाया था, क्योंकि उसे 'एडजुडिकेशन डिलीशन लिस्ट' में डाल दिया गया, जिसके...
SARFAESI | अगर बकाया रकम समय सीमा के बाद चुकाई गई हो तो नीलामी बिक्री से कर्जदारों का संपत्ति वापस पाने का अधिकार खत्म नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Security Interest (SARFAESI) Act, 2002 के तहत अगर कोई नीलामी खरीदार तय समय के अंदर बिक्री की बकाया रकम जमा करने में नाकाम रहता है तो बिक्री अधूरी मानी जाती है और उसे अंतिम रूप नहीं मिलता। नतीजतन, अगर कर्जदार लेनदार को अपना पूरा बकाया कर्ज चुका देता है तो उससे उसकी संपत्ति छीनी नहीं जा सकती।कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर Security Interest (Enforcement) Rules, 2002 के Rule 9(4) में तय 3 महीने की समय...



















