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लखीमपुर खीरी केस: गवाहों को डराने-धमकाने में आशीष मिश्रा और अजय मिश्रा शामिल नहीं - UP Police ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
लखीमपुर खीरी केस: गवाहों को डराने-धमकाने में आशीष मिश्रा और अजय मिश्रा शामिल नहीं - UP Police ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनकी जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे यह पता चले कि आशीष मिश्रा या उनके पिता, पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गवाहों को डराने-धमकाने में शामिल थे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच मिश्रा की ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। वह अभी भी कोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत पर बाहर हैं, और कोर्ट इस मामले की सुनवाई की प्रगति पर नज़र रख रहा है।बेंच को राज्य द्वारा...

अपीलीय अदालतों को स्वतंत्र कारण बताने होंगे, वे सिर्फ़ ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को गलत बताकर उसे पलट नहीं सकतीं: सुप्रीम कोर्ट
अपीलीय अदालतों को स्वतंत्र कारण बताने होंगे, वे सिर्फ़ ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को गलत बताकर उसे पलट नहीं सकतीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहली अपीलीय अदालत, सबूतों का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन किए बिना और अपने कारण दर्ज किए बिना, केवल ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले को गलत बताकर उसे पलट नहीं सकती। तथ्यों से जुड़े निष्कर्षों को बदलते समय अपीलीय अदालतों की ज़िम्मेदारी पर ज़ोर देते हुए कोर्ट ने कहा कि उन्हें निचली अदालतों के प्रति "दोस्त, दार्शनिक और मार्गदर्शक" की तरह काम करना चाहिए, न कि केवल गलतियाँ बताने वाला वरिष्ठ अधिकारी जैसा रवैया अपनाना चाहिए।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने केरल हाईकोर्ट...

वोटर लिस्ट से नाम हटने के बावजूद, आप कुछ फायदों के हकदार हैं: सुप्रीम कोर्ट ने SIR के तहत हटाए गए व्यक्ति से राशन के लिए हाईकोर्ट जाने को कहा
'वोटर लिस्ट से नाम हटने के बावजूद, आप कुछ फायदों के हकदार हैं': सुप्रीम कोर्ट ने SIR के तहत हटाए गए व्यक्ति से राशन के लिए हाईकोर्ट जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पश्चिम बंगाल में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से हटाए गए लोग कुछ फायदों (जैसे राशन) के हकदार बने रहते हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच मोहिबुल्ला मंडल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग के जून के आदेश के बाद अपने राशन कार्ड को हटाने/रद्द करने/सस्पेंड करने से रोकने के लिए निर्देश मांगे थे।याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया कि उन्हें...

सुप्रीम कोर्ट ने 1979 के मर्डर केस में 3 लोगों को बरी किया, अभियोजन पक्ष की कमियों का ज़िक्र किया
सुप्रीम कोर्ट ने 1979 के मर्डर केस में 3 लोगों को बरी किया, अभियोजन पक्ष की कमियों का ज़िक्र किया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के 1977 के एक मर्डर केस में दोषी ठहराए गए तीन लोगों को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि वे दोषी थे। कोर्ट को अभियोजन पक्ष के मामले में गंभीर कमियां मिलीं, जैसे कि FIR को मजिस्ट्रेट तक भेजने में बिना वजह देरी, FIR दर्ज करने में विसंगतियां और ऐसे हालात जिनसे कथित चश्मदीद गवाहों की मौजूदगी पर शक पैदा होता है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सूबेदार, हीरा लाल और राज बक्स की अपील को मंज़ूरी दी और ट्रायल...

क्या देश को एक ही जगह रुके रहना चाहिए?: सुप्रीम कोर्ट ने कुकरेल रिज़र्व फ़ॉरेस्ट में यूपी सरकार के नाइट सफारी और ज़ू प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी
'क्या देश को एक ही जगह रुके रहना चाहिए?': सुप्रीम कोर्ट ने कुकरेल रिज़र्व फ़ॉरेस्ट में यूपी सरकार के नाइट सफारी और ज़ू प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी

सुप्रीम कोर्ट ने कुकरेल रिज़र्व फ़ॉरेस्ट में उत्तर प्रदेश सरकार के नाइट सफारी और ज़ूलॉजिकल पार्क प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी।इस प्रोजेक्ट का विरोध करने वालों की आलोचना करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने सवाल किया कि क्या देश को एक ही जगह रुके रहना चाहिए, जबकि ज़ू अब "पुराने" हो चुके हैं।CJI कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच यूपी सरकार की उस अर्ज़ी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए मंज़ूरी मांगी गई। राज्य ने बताया कि कोर्ट ने सेंट्रल...

सुप्रीम कोर्ट ने अपने केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड तक पहुंच की मांग वाली PIL को खारिज किया
सुप्रीम कोर्ट ने अपने केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के सोर्स कोड तक पहुंच की मांग वाली PIL को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें नागरिकों को कोर्ट के केस मैनेजमेंट सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले 'फ्री और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर' (FOSS) का अध्ययन करने की अनुमति मांगी गई।सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताओं को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता के पास सुरक्षा पहलुओं को प्रभावित किए बिना सोर्स कोड साझा करने का कोई प्रस्ताव है, तो वह उसे साझा कर सकता है।कोर्ट ने आदेश दिया,"हम अनुच्छेद 32 के तहत इस याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। हालांकि, अगर याचिकाकर्ता...

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने का रास्ता साफ़ किया
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने का रास्ता साफ़ किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट के 2024 के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के लिए राज्य सरकार की ओर से वैकल्पिक ज़मीन देने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये मामले प्रशासनिक स्तर पर तय किए जाने चाहिए, न कि न्यायिक स्तर पर।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने आदेश दिया कि हल्द्वानी में हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के लिए अलॉट की गई ज़मीन का कब्ज़ा जल्द से जल्द हाई कोर्ट को...

Air India Crash | AAIB ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की ज़रूरत का विरोध किया, कहा- उसकी जांच अंतरराष्ट्रीय संधि के अनुसार हो रही है
Air India Crash | AAIB ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की ज़रूरत का विरोध किया, कहा- उसकी जांच अंतरराष्ट्रीय संधि के अनुसार हो रही है

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 12 जून, 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया AI171 क्रैश (जिसमें 260 लोगों की जान गई) की कोर्ट की निगरानी में जांच की कोई ज़रूरत नहीं है। ब्यूरो का कहना है कि उसकी जांच अंतरराष्ट्रीय एविएशन संधियों के तहत भारत की ज़िम्मेदारियों को पूरा करते हुए की जा रही है।AAIB के अनुसार, बाकी जांच का काम लगभग छह हफ़्तों में पूरा होने की उम्मीद है, बशर्ते बाहरी चीज़ों पर निर्भरता के कारण कोई देरी न हो। इसके बाद अक्टूबर 2026 के आसपास एक...

अगर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाती है तो मजिस्ट्रेट पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
अगर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाती है तो मजिस्ट्रेट पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फिर से कहा कि पुलिस से क्लोजर रिपोर्ट मिलने पर मजिस्ट्रेट जांच एजेंसी को अपनी राय के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश नहीं दे सकता।कोर्ट ने दोहराया कि यह तय करने की राय बनाना कि क्या मामले में ट्रायल (मुकदमा) चलाया जा सकता है, पूरी तरह से जांच अधिकारी का काम है। हालांकि मजिस्ट्रेट के पास रिपोर्ट स्वीकार करने, उसे खारिज करने और मामले का संज्ञान लेने, या आगे की जांच का आदेश देने का अधिकार है, लेकिन वह पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश नहीं दे सकता।जस्टिस संजय कुमार और...

ओपन कोर्ट में फैसला सुनाना अंतिम निर्णय नहीं, हस्ताक्षर से पहले जज बदल सकते हैं फैसला: सुप्रीम कोर्ट
ओपन कोर्ट में फैसला सुनाना अंतिम निर्णय नहीं, हस्ताक्षर से पहले जज बदल सकते हैं फैसला: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि खुली अदालत (Open Court) में किसी फैसले का मौखिक उच्चारण (Oral Pronouncement) मात्र से वह अंतिम निर्णय नहीं बन जाता। जब तक संबंधित न्यायाधीश उस फैसले पर हस्ताक्षर नहीं कर देते, तब तक उसमें बदलाव किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध (Re-list) भी किया जा सकता है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ यह टिप्पणी कर्नाटक के श्री आंजनेय मंदिर के प्रधान पुजारी...

पैगंबर मोहम्मद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाले वीडियो हटाने की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
पैगंबर मोहम्मद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाले वीडियो हटाने की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ सोशल मीडिया प्रभावक द्वारा कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों वाले वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी याचिकाओं का उद्देश्य मामले को सनसनीखेज बनाना प्रतीत होता है।जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट का अधिकार क्षेत्र इस्तेमाल किया जाए।.याचिकाकर्ता की ओर से वकील पुलकित...

NEET-UG 2026 दोबारा परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा- अब मामला निष्प्रभावी
NEET-UG 2026 दोबारा परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा- अब मामला निष्प्रभावी

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराने के राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका मंगलवार को निष्प्रभावी मानते हुए खारिज की। कोर्ट ने कहा कि चूंकि दोबारा परीक्षा पहले ही हो चुकी है, इसलिए अब इस याचिका पर सुनवाई का कोई औचित्य नहीं रह गया।जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि परीक्षा संपन्न हो चुकी है, इसलिए यह विवाद अब समाप्त हो चुका है।इस पर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि याचिका में केवल...

जब देश में जन्म दर घट रही है तो दो बच्चों की शर्त क्यों?: स्थानीय निकाय चुनावों पर लगे प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल
जब देश में जन्म दर घट रही है तो दो बच्चों की शर्त क्यों?: स्थानीय निकाय चुनावों पर लगे प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को पंचायत और अन्य स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने से रोकने वाले कानून की संवैधानिक वैधता पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि देश में लगातार घटती जन्म दर के बीच ऐसे कानूनों की आवश्यकता और वैधता पर नए सिरे से विचार किए जाने की जरूरत है।जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1959 की धारा 14(1)(जे-1) से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रही थी। इस प्रावधान के तहत 13 सितंबर, 2000 के बाद...

सुनवाई के दौरान फेंकीं केस की फाइलें: सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले दो लॉ स्टूडेंट गिरफ्तार
सुनवाई के दौरान फेंकीं केस की फाइलें: सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले दो लॉ स्टूडेंट गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा करने और अदालत की कार्यवाही बाधित करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के दो लॉ स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इनमें से एक स्टूडेंट ने सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, अदालत कक्ष में केस की फाइलें उछाल दीं और जमकर हंगामा किया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय प्रबल प्रताप सिंह, जो लखनऊ यूनिवर्सिटी में लॉ के तृतीय वर्ष के स्टूडेंट हैं और 23 वर्षीय चंद्रभान जो द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट...

Land Acquisition Act | जो ज़मीन मालिक सुनवाई का मौका नहीं ले पाए, वे बाद में सुनवाई न मिलने का आरोप नहीं लगा सकते: सुप्रीम कोर्ट
Land Acquisition Act | जो ज़मीन मालिक सुनवाई का मौका नहीं ले पाए, वे बाद में सुनवाई न मिलने का आरोप नहीं लगा सकते: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 जुलाई) को जयपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन अधिग्रहण की कार्यवाही को चुनौती देने वाली ज़मीन मालिकों की अपील खारिज की। कोर्ट ने कहा कि ज़मीन मालिकों ने ज़मीन अधिग्रहण अधिकारी (LAO) के सामने पेश न होकर और उसके बाद चुप रहकर ज़मीन अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 5A के तहत सुनवाई का अपना अधिकार छोड़ दिया था।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा,"9 अप्रैल, 2012 को अपीलकर्ताओं (ज़मीन मालिकों) की अनुपस्थिति और उसके बाद उनकी चुप्पी से LAO को यह...

Arbitration | आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल द्वारा धारा 16 के तहत आवेदन खारिज करने को चुनौती देने के लिए अनुच्छेद 227 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
Arbitration | आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल द्वारा धारा 16 के तहत आवेदन खारिज करने को चुनौती देने के लिए अनुच्छेद 227 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 जुलाई) को कहा कि हाईकोर्ट के लिए अपने सुपरवाइजरी अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के उस फैसले में दखल देना सही नहीं है, जिसमें ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने वाले आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन एक्ट की धारा 16 के तहत आवेदन को खारिज कर दिया गया।जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा,"...हमारा मानना ​​है कि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत चुनौती पर विचार करना और आर्बिट्रेशन की कार्यवाही पर रोक लगाना हाईकोर्ट के लिए...

एविडेंस एक्ट की धारा 68- रजिस्टर्ड सेल डीड के लिए गवाहों के सर्टिफिकेशन (अटेस्टेशन) के सबूत की ज़रूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट
एविडेंस एक्ट की धारा 68- रजिस्टर्ड सेल डीड के लिए गवाहों के सर्टिफिकेशन (अटेस्टेशन) के सबूत की ज़रूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (14 जुलाई) को फैसला सुनाया कि इंडियन एविडेंस एक्ट, 1872 की धारा 68 का प्रोविज़ो (शर्त) रजिस्टर्ड सेल डीड पर लागू नहीं होता है, क्योंकि कानून के तहत सेल डीड के लिए गवाहों से सर्टिफिकेशन ज़रूरी नहीं है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द करते हुए यह बात कही, जिसमें सेल डीड ट्रांज़ैक्शन पर धारा 68 के प्रोविज़ो को गलत तरीके से लागू किया गया।बेंच ने कहा, "धारा 68 का प्रोविज़ो कहता है कि किसी भी डॉक्यूमेंट (वसीयत को...

जुडिशियल सर्विस के लिए 3 साल की प्रैक्टिस की शर्त में लॉ ऑफिसर्स के अनुभव को शामिल करने की अर्ज़ी पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
जुडिशियल सर्विस के लिए 3 साल की प्रैक्टिस की शर्त में लॉ ऑफिसर्स के अनुभव को शामिल करने की अर्ज़ी पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट एक ऐसी अर्ज़ी पर विचार करने के लिए सहमत हो गया, जिसमें मांग की गई कि पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स में लॉ ऑफिसर्स के काम के अनुभव को भी जुडिशियल सर्विस में शामिल होने के लिए 3 साल की प्रैक्टिस की शर्त में गिना जाए।इस अर्ज़ी का ज़िक्र 13 जून को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने 'ऑल इंडिया जजेज़ एसोसिएशन' केस की सुनवाई के दौरान किया गया था। इसे AoR अनुजा पेठिया ने दायर किया था और एडवोकेट वंशजा शुक्ला ने इस पर दलीलें दीं।CJI...