अनुच्छेद 227 के तहत हाईकोर्ट वाद (Plaint) खारिज नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

5 Feb 2026 4:18 PM IST

  • अनुच्छेद 227 के तहत हाईकोर्ट वाद (Plaint) खारिज नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत हाईकोर्ट अपने पर्यवेक्षणीय अधिकारों का प्रयोग करते हुए किसी वाद (plaint) को खारिज नहीं कर सकता, जब इसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) में विशेष प्रावधान मौजूद हो।

    जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ ने कहा कि

    “जब Order VII Rule 11 CPC के तहत वाद खारिज करने का स्पष्ट प्रावधान उपलब्ध है, तब हाईकोर्ट अनुच्छेद 227 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग कर plaint को खारिज या strike off नहीं कर सकता।”

    मामले की पृष्ठभूमि यह थी कि अपीलकर्ता ने विरासत के आधार पर संपत्ति का स्वामित्व बताते हुए स्थायी निषेधाज्ञा (permanent injunction) के लिए सिविल वाद दायर किया था। प्रतिवादियों ने दावा किया कि वादी द्वारा जिस बिक्री विलेख (sale deed) पर भरोसा किया गया है, वह जाली है और पूरा मुकदमा ही धोखाधड़ी पर आधारित है।

    हालांकि, प्रतिवादियों ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष Order VII Rule 11 CPC के तहत plaint खारिज करने का आवेदन देने के बजाय सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अनुच्छेद 227 का सहारा लिया। हाईकोर्ट ने आरोपों की जांच करते हुए अपने पर्यवेक्षणीय अधिकारों का प्रयोग किया और पूरे plaint को ही खारिज कर दिया।

    इस आदेश से आहत होकर वादी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

    सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि जब CPC के तहत वैकल्पिक और प्रभावी उपाय उपलब्ध हो, तो अनुच्छेद 227 का प्रयोग लगभग पूरी तरह वर्जित माना जाएगा, सिवाय उन असाधारण परिस्थितियों के जहां पर्यवेक्षणीय हस्तक्षेप बिल्कुल आवश्यक हो।

    कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने plaint को खारिज कर “स्पष्ट त्रुटि” की है और उसे प्रतिवादियों को CPC के तहत उपलब्ध वैधानिक उपाय अपनाने के लिए कहना चाहिए था।

    अंततः सुप्रीम कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए वाद को उसके मूल रूप में बहाल कर दिया और पक्षकारों को आगे की कार्यवाही के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया। साथ ही, प्रतिवादियों को यह स्वतंत्रता दी गई कि वे कानून के अनुसार Order VII Rule 11 CPC के तहत आवेदन दायर कर सकते हैं।

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