ताज़ा खबरें
जमानत याचिकाओं पर फैसले में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की चिंता, सभी हाईकोर्ट से लंबित मामलों का ब्योरा तलब
जमानत याचिकाओं के लंबे समय से लंबित रहने पर गंभीर चिंता जताते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सभी उच्च न्यायालयों से रिपोर्ट तलब की है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने यह निर्देश उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक जमानत याचिका के लगातार स्थगन का मुद्दा उठाया गया था।सुप्रीम कोर्ट ने सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वे 1 जनवरी 2025 के बाद दायर सभी जमानत याचिकाओं—चाहे नियमित जमानत...
NEET-PG 2025: कट-ऑफ प्रतिशत घटाने के खिलाफ जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने आज NEET-PG 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ प्रतिशत घटाने के निर्णय को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस पी. श्री नरसिंहा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को करेगी।याचिका में 13 जनवरी को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBEMS) द्वारा जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसके तहत क्वालिफाइंग कट-ऑफ को असामान्य रूप से कम—यहां तक कि शून्य और नकारात्मक प्रतिशताइल तक—घटा दिया गया।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पोस्टग्रेजुएट मेडिकल...
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A अवैध रिश्वत की मांग के मामलों पर लागू नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17-A का संरक्षण लोक सेवकों द्वारा अवैध रिश्वत की मांग के मामलों में लागू नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि यह प्रावधान केवल उन मामलों तक सीमित है, जहाँ अपराध सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान लिए गए निर्णय या दी गई सिफारिशों से संबंधित हो।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस एस.सी. शर्मा की खंडपीठ ने कहा—“धारा 17-A एक विशेष उद्देश्य से लाई गई है। यह उन अपराधों पर लागू होती है जो लोक सेवक द्वारा अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन...
ADAG बैंक ऋण घोटाले की जांच में ED-CBI पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी; अनिल अंबानी ने देश न छोड़ने का आश्वासन दिया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) की कंपनियों से जुड़े कथित ₹40,000 करोड़ से अधिक के बैंक ऋण घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की “अस्पष्ट और अनुचित देरी” पर कड़ी नाराज़गी जताई।अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभिन्न बैंकों की शिकायतों के बावजूद केवल एक ही एफआईआर दर्ज करना प्रक्रियात्मक कानून के अनुरूप नहीं है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ, पूर्व केंद्रीय सचिव...
सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप : जनवरी, 2026
सुप्रीम कोर्ट में जनवरी, 2026 में क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप। जनवरी महीने के सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।Companies Act | धोखाधड़ी के खिलाफ प्राइवेट शिकायत मान्य नहीं, सिर्फ़ SFIO ही फाइल कर सकता है: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (9 जनवरी) को कहा कि कंपनी एक्ट, 2013 के तहत धोखाधड़ी के आरोपों वाली शिकायतें प्राइवेट शिकायतों के ज़रिए शुरू नहीं की जा सकतीं, क्योंकि स्पेशल कोर्ट सिर्फ़ सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के...
प्रतिस्पर्धा अधिनियम के तहत फ्लिपकार्ट के खिलाफ जांच की जरूरत पर सुप्रीम कोर्ट ने NCLT को नया फैसला लेने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने फ्लिपकार्ट के खिलाफ प्रतिस्पर्धा अधिनियम के कथित उल्लंघन की जांच के लिए 2020 में राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अधिकरण (NCLAT) द्वारा पारित आदेश को मंगलवार को रद्द कर दिया। अदालत ने यह मामला नए सिरे से विचार के लिए एनसीएलएटी को वापस भेज दिया है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने यह आदेश उस दलील के बाद पारित किया, जिसमें फ्लिपकार्ट ने कहा कि एनसीएलएटी का आदेश आयकर कार्यवाही में असेसिंग ऑफिसर की टिप्पणियों पर आधारित था, जिन्हें बाद में...
पत्नी ने पति की USA में तलाक की कार्यवाही रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की
एक भारतीय महिला ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें उसने संयुक्त राज्य अमेरिका के रोड आइलैंड राज्य में फैमिली कोर्ट में अपने पति द्वारा शुरू की गई तलाक की कार्यवाही को चुनौती दी। महिला का आरोप है कि विदेशी कार्यवाही अधिकार क्षेत्र से बाहर है और अनुच्छेद 14 और 21 के तहत उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।याचिका में कहा गया,"विदेशी तलाक की कार्यवाही साफ तौर पर अधिकार क्षेत्र से बाहर, दमनकारी और संवैधानिक रूप से अस्वीकार्य है। इनका इस्तेमाल जबरदस्ती, उगाही और...
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 10 मार्च तक एसिड अटैक पीड़ितों को बकाया मुआवजा जारी करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एसिड अटैक पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए फंड जारी करने का निर्देश दिया, जिनके आवेदन पहले ही मंजूर हो चुके हैं। कोर्ट को बताया गया कि सरकारों द्वारा फंड जारी न करने के कारण मुआवजे की अनुमति देने वाले कोर्ट के आदेश अप्रभावी बने हुए।कोर्ट ने आदेश दिया,"जहां भी एसिड अटैक पीड़ितों को मुआवजा देने की मंजूरी दी गई और जिला/राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण या केंद्र शासित प्रदेश कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा राज्य सरकार के संबंधित विभागों को सूचना दी गई, वहां...
'इसे ठीक करना होगा': CJI सूर्यकांत ने फैसले सुनाने में देरी पर कहा, हाईकोर्ट चीफ जस्टिस कॉन्फ्रेंस में उठाएंगे मुद्दा
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने मंगलवार को कुछ हाईकोर्ट जजों द्वारा कई महीनों तक फैसले सुरक्षित रखने के बाद सुनाने में हो रही देरी पर अपनी चिंता दोहराई।CJI सूर्यकांत ने कहा कि वह 7-8 फरवरी को होने वाली हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की आगामी कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे को उठाएंगे।CJI सूर्यकांत ने कहा,"यह भी एजेंडा में से एक है जिसे हमने पहले ही उठाया है और इस पर चर्चा करना चाहेंगे।" CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच चार दोषियों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो...
'क्या चश्मदीदों को चोटों को मापना होता है?': हत्या के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के जमानत देने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश की आलोचना की, जिसमें ज़मीन विवाद को लेकर अनुसूचित जाति के सदस्य पर हमला करने और उसकी मौत का कारण बनने के आरोपी 2 लोगों को जमानत दी गई।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच मृतक की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी को दी गई जमानत को चुनौती दी गई। दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस मेहता ने टिप्पणी की,"हाईकोर्ट ने क्या कारण बताया? कोई खास आरोप नहीं हैं? ऐसे मामले में जमानत...
आर्बिट्रेटर का कार्यकाल खत्म होने के बाद दिया गया अवार्ड तब तक अमान्य नहीं होगा, जब तक कोर्ट समय बढ़ा दे: सुप्रीम कोर्ट
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (3 फरवरी) को कहा कि जहां धारा 29A के तहत तय कानूनी अवधि के बाद कोई आर्बिट्रल अवार्ड दिया जाता है तो ऐसा अवार्ड भले ही ट्रिब्यूनल का कार्यकाल तकनीकी रूप से खत्म होने के बाद दिया गया हो, उसे लागू किया जा सकता है, अगर धारा 29A के तहत सक्षम कोर्ट में आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए आवेदन किया गया हो।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने कहा,"...हमारी राय है कि एक्ट के प्रावधानों, खासकर धारा 29A की व्याख्या इस...
आरोपी ट्रायल कोर्ट के आदेशों को कानूनी तौर पर चुनौती देकर ट्रायल में देरी नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से कहा कि किसी आरोपी को ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को कानूनी तौर पर चुनौती देने के कदम उठाने से ट्रायल में देरी करने वाला नहीं कहा जा सकता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच शराब घोटाले के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।बेंच ने जब याचिकाकर्ता के एक साल से ज़्यादा समय से जेल में होने और ट्रायल शुरू होने में देरी को देखते हुए अंतरिम...
देर से अदालत आने वाले, दूसरों की सफलता देखकर समान राहत का अधिकार नहीं जता सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल इस आधार पर कि समान स्थिति वाले कुछ अन्य कर्मचारियों को राहत मिल गई है, लंबे समय बाद समानता (parity) के आधार पर राहत की मांग नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि ऐसे विलंबित दावे पहले से निपट चुके मामलों को दोबारा खोलने का प्रयास होते हैं।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा:“जो लोग लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद, केवल यह देखकर कि अन्य लोग सफल हो गए हैं, समान लाभ की मांग करते हैं, वे स्वाभाविक रूप से ऐसी राहत का दावा नहीं कर सकते।”मामले...
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब घोटाले के मामलों में दी अंतरिम जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और मौजूदा कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में अंतरिम जमानत दी।कोर्ट ने उन्हें आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा संभाले जा रहे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच किए जा रहे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी राहत दी।जमानत की शर्तों के तहत लखमा को कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश करने से रोक दिया गया।...
सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मानहानि मामला वापस लेने पर सहमति जताई
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दायर उस याचिका का निपटारा कर दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले को रद्द करने की मांग की थी। यह आदेश दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते (settlement) के मद्देनज़र पारित किया गया।जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने विवेक तन्खा द्वारा कार्यवाही वापस लेने को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले को बंद कर दिया।सुनवाई के दौरान सीनियर...
POSH Act के तहत ICC की रिपोर्ट के खिलाफ अपील सुन सकता है, सशस्त्र बल अधिकरण: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला दिया कि POSH अधिनियम के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee – ICC) की रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों से आहत कोई भी सैन्य कर्मी, सशस्त्र बल अधिकरण (Armed Forces Tribunal – AFT) के समक्ष अपील दायर कर सकता है।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने यह कहते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि POSH अधिनियम की धारा 18 के तहत सैन्य कर्मी को ICC की रिपोर्ट के खिलाफ AFT में जाने का कोई अधिकार नहीं...
मंदिर ट्रस्ट उद्योग नहीं: सुप्रीम कोर्ट, बर्खास्त अकाउंटेंट को 12 लाख रुपये मुआवजा
सुप्रीम कोर्ट ने हालिया फैसले में स्पष्ट किया कि कोई मंदिर ट्रस्ट औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत “उद्योग” की श्रेणी में नहीं आता।इसी आधार पर कोर्ट ने एक मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत अकाउंटेंट की सेवा समाप्ति को वैध ठहराया हालांकि न्याय के हित में उसे एकमुश्त मुआवजा देने का आदेश भी दिया।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने कहा,“प्रतिवादी ट्रस्ट एक मंदिर है। इस कारण यह 'उद्योग' की परिभाषा के चारों कोनों के भीतर नहीं आता।”मामले में अपीलकर्ता को वर्ष 1977 में लक्ष्मीनारायण देव ट्रस्ट...
नोएडा में मुस्लिम मौलवी पर हमले के मामले में FIR में हेट क्राइम धाराएँ न जोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस से सवाल किया
नोएडा के एक मुस्लिम मौलवी द्वारा दायर कथित हेट क्राइम से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि वर्ष 2021 में दर्ज एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 153B और 295A जैसे प्रावधान क्यों नहीं लगाए गए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ काज़ीम अहमद शेरवानी की याचिका पर विचार कर रही थी, जिनका आरोप है कि उन पर उनकी मुस्लिम पहचान के कारण हमला किया गया। याचिकाकर्ता ने अदालत से निष्पक्ष जांच और शिकायत पर कार्रवाई से इनकार करने वाले...
7 साल में सिर्फ 7 गवाह: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर यूटी को लगाई फटकार, लंबित आपराधिक मामलों का ब्योरा तलब
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश में आपराधिक मुकदमों की धीमी सुनवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि एक विचाराधीन कैदी को सात साल तक जेल में रखना और इस दौरान सिर्फ सात गवाहों की गवाही कराना संविधान के अनुच्छेद 21 और त्वरित सुनवाई के अधिकार का खुला उल्लंघन है।कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को जमानत देते हुए जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव को अगली सुनवाई में ऑनलाइन पेश होने का निर्देश दिया m।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने यह भी आदेश दिया कि गृह सचिव उन सभी...
'आप भारतीयों के डेटा से खिलवाड़ नहीं कर सकते': प्राइवेसी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट ने Meta और WhatsApp से किए तीखे सवाल
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने Meta Platforms और WhatsApp LLC की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत भारतीय नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा के शोषण की अनुमति नहीं देगी।अदालत Meta और WhatsApp द्वारा दायर उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा व्हाट्सऐप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी पर लगाए गए ₹213.14 करोड़ के जुर्माने को बरकरार रखा था। इस मामले में CCI की ओर से...




















