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EPF वेतन सीमा लिमिट में बदलाव पर सक्रिय रूप से विचार करने की ज़रूरत है: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 4 महीने में फैसला लेने को कहा
EPF वेतन सीमा लिमिट में बदलाव पर सक्रिय रूप से विचार करने की ज़रूरत है: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 4 महीने में फैसला लेने को कहा

एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक याचिकाकर्ता को कर्मचारी भविष्य निधि योजना (EPFO) के तहत वेतन सीमा लिमिट में बदलाव के लिए केंद्र सरकार के पास एक रिप्रेजेंटेशन देने की अनुमति दी।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चदुरकर की बेंच ने मामले की सुनवाई की और आदेश दिया कि प्रतिवादी-सरकारें 4 महीने के भीतर फैसला लें। याचिकाकर्ता 2 हफ़्ते के भीतर रिप्रेजेंटेशन दाखिल कर सकता है, जिसके बाद सरकारें तय समय में फैसला लेंगी।बेंच ने आगे कहा,"हम पाते हैं कि इस याचिका में बताए...

राज्य को औपनिवेशिक मानसिकता छोड़नी होगी: सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगों को दिए गए आश्वासनों से पीछे हटने के लिए सरकारों की आलोचना की
राज्य को औपनिवेशिक मानसिकता छोड़नी होगी: सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगों को दिए गए आश्वासनों से पीछे हटने के लिए सरकारों की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों से किए गए वादों से पीछे हटने के लिए राज्यों की कड़ी आलोचना की। साथ ही कहा कि औद्योगिक प्रोत्साहन नीतियों की व्याख्या उदारतापूर्वक और उद्देश्यपूर्ण तरीके से की जानी चाहिए। राज्य तकनीकी बातों या पिछली तारीख से किए गए संशोधनों के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धताओं से बच नहीं सकता है, क्योंकि ऐसा व्यवहार निवेशक का विश्वास कम करता है और औद्योगिक नीतियों के मूल उद्देश्य को ही खत्म कर देता है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा,"जहां सरकार ने किसी नए उद्योग...

Customs Act | कस्टम क्लासिफिकेशन में आम बोलचाल की भाषा पर वैधानिक टैरिफ हेडिंग और HSN नोट्स हावी रहेंगे: सुप्रीम कोर्ट
Customs Act | कस्टम क्लासिफिकेशन में आम बोलचाल की भाषा पर वैधानिक टैरिफ हेडिंग और HSN नोट्स हावी रहेंगे: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (6 जनवरी) को कहा कि मशरूम की खेती के लिए इंपोर्ट किए गए 'एल्युमिनियम शेल्फ' को 'कृषि मशीनरी के पार्ट्स' के रूप में क्लासिफाई नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें 'एल्युमिनियम स्ट्रक्चर' के रूप में क्लासिफाई किया जाएगा, जिस पर कस्टम ड्यूटी लगेगी।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने मशरूम फार्म में इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम शेल्विंग सिस्टम के क्लासिफिकेशन पर लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाया ताकि एल्युमिनियम शेल्विंग के इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी लगाई जा...

संस्थानों में आवारा कुत्तों की ज़रूरत क्यों है? क्या कोई पहचान सकता है कि कौन-सा कुत्ता काटने के मूड में है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा
'संस्थानों में आवारा कुत्तों की ज़रूरत क्यों है? क्या कोई पहचान सकता है कि कौन-सा कुत्ता काटने के मूड में है?' सुप्रीम कोर्ट ने पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के मामले पर विस्तार से सुनवाई की, मुख्य रूप से संस्थागत परिसरों में आवारा कुत्तों के मुद्दे की जांच की, जिसमें बेंच ने सवाल किया कि क्या अदालतों, स्कूलों और अस्पतालों जैसी जगहों पर कुत्तों की मौजूदगी होनी चाहिए।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच ने दिन के पहले आधे हिस्से में पूरे मामले की सुनवाई की। सुनवाई में कुत्तों के हमलों के पीड़ितों, पशु कल्याण संगठनों, वरिष्ठ कानून अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के...

जस्टिस यशवंत वर्मा जांच समिति के गठन में कुछ खामी पाई गई, क्या यह इतनी गंभीर है — सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
जस्टिस यशवंत वर्मा जांच समिति के गठन में 'कुछ खामी' पाई गई, क्या यह इतनी गंभीर है — सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने आज यह मौखिक टिप्पणी की कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच के लिए गठित की गई समिति के गठन में “कुछ खामी” (infirmity) दिखाई देती है, और अदालत इस बात पर विचार करेगी कि क्या यह खामी इतनी गंभीर है कि संपूर्ण कार्यवाही को ही समाप्त करना पड़े। मामला कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ, इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा द्वारा दायर उस रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने Judges (Inquiry)...

मणिपुर हिंसा मामला: पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह से जुड़े पूरे ऑडियो की फॉरेंसिक जांच के आदेश
मणिपुर हिंसा मामला: पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह से जुड़े पूरे ऑडियो की फॉरेंसिक जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में वर्ष 2023 की जातीय हिंसा से जुड़े अहम मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से कथित रूप से संबंधित 48 मिनट के पूरे ऑडियो रिकॉर्ड और उनकी स्वीकृत वॉइस सैंपल की फॉरेंसिक जांच कराने का आदेश दिया।न्यायालय ने निर्देश दिया कि यह सामग्री गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय को भेजी जाए।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।न्यायालय ने...

प्रधानमंत्री और पहलगाम आतंकी हमले पर पोस्ट मामले में लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम संरक्षण
प्रधानमंत्री और पहलगाम आतंकी हमले पर पोस्ट मामले में लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम संरक्षण

सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। न्यायालय ने यह राहत उस FIR के संबंध में दी है, जो उनके विरुद्ध दर्ज की गई।जस्टिस जे. के. महेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने नेहा सिंह राठौर की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि उनके विरुद्ध कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।यह याचिका इलाहाबाद हाइकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत...

केवल इस आधार पर जज को पक्षपाती नहीं माना जा सकता कि वादी का रिश्तेदार पुलिसकर्मी या न्यायालय कर्मी है: सुप्रीम कोर्ट
केवल इस आधार पर जज को पक्षपाती नहीं माना जा सकता कि वादी का रिश्तेदार पुलिसकर्मी या न्यायालय कर्मी है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्थानांतरण याचिकाओं से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि मात्र इस कारण से किसी जज पर पक्षपात का आरोप नहीं लगाया जा सकता कि मुकदमे के किसी पक्षकार का रिश्तेदार पुलिस विभाग या न्यायालय में कार्यरत है।न्यायालय ने तेलंगाना हाइकोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत एक आपराधिक मामले को संगारेड्डी से हैदराबाद स्थानांतरित किया गया था।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने पत्नी की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि बिना ठोस और प्रासंगिक...

अनुशासनात्मक कार्यवाही में बरी होने से हर मामले में आपराधिक मुकदमा स्वतः समाप्त नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट
अनुशासनात्मक कार्यवाही में बरी होने से हर मामले में आपराधिक मुकदमा स्वतः समाप्त नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही में किसी लोक सेवक के बरी हो जाने मात्र से आपराधिक मुकदमे को स्वतः निरस्त नहीं किया जा सकता, खासकर उन भ्रष्टाचार मामलों में जो ट्रैप (रिश्वत-पकड़) कार्रवाइयों से उत्पन्न होते हैं। अदालत ने दोहराया कि दोनों प्रक्रियाएँ एक-दूसरे से स्वतंत्र हैं और सबूत के अलग-अलग मानकों पर संचालित होती हैं।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने कर्नाटक लोकायुक्त की अपील स्वीकार करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के उस निर्णय...

पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन मामला | सुप्रीम कोर्ट ने खून के सैंपल बदलने के आरोपित दो व्यापारियों की जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया
पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन मामला | सुप्रीम कोर्ट ने खून के सैंपल बदलने के आरोपित दो व्यापारियों की जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने आज 2024 पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन केस में आरोपित व्यवसायियों आशीष मित्तल और आदित्य सूद की जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जब कथित तौर पर शराब के नशे में एक नाबालिग द्वारा चलाई जा रही अन्‍रजिस्टर्ड Porsche Taycan कार ने उन्हें टक्कर मार दी थी।मित्तल और सूद पर आरोप है कि उन्होंने कार में मौजूद दो अन्य नाबालिग आरोपियों (कथित चालक को छोड़कर), जो शराब के प्रभाव में थे, उनके ब्लड सैंपल्स अपने सैंपल्स से बदलवाए। उन पर आईपीसी और भ्रष्टाचार...

यह हमारा संवैधानिक कर्तव्य है कि चुनावी लिस्ट में विदेशी न हों, SIR NRC नहीं: ECI ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
यह हमारा संवैधानिक कर्तव्य है कि चुनावी लिस्ट में विदेशी न हों, SIR NRC नहीं: ECI ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

राज्यों में चल रहे चुनावी लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने के मामले में भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भारतीय संविधान 'नागरिक-केंद्रित' है। इसलिए यह ECI का संवैधानिक कर्तव्य है कि यह सुनिश्चित करे कि चुनावी लिस्ट में कोई भी विदेशी न रहे। ECI ने यह भी कहा कि उसे इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों द्वारा की जा रही 'बयानबाजी' से कोई लेना-देना नहीं है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच SIR की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं...

S. 138 NI Act | समय-सीमा पार हो चुकी चेक डिसऑनर शिकायत पर देरी माफ किए बिना संज्ञान नहीं लिया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
S. 138 NI Act | समय-सीमा पार हो चुकी चेक डिसऑनर शिकायत पर देरी माफ किए बिना संज्ञान नहीं लिया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देर से दायर की गई चेक डिसऑनर शिकायत पर तब तक संज्ञान नहीं लिया जा सकता, जब तक कोर्ट द्वारा देरी माफ न कर दी जाए।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया था, जिसमें देरी माफ किए बिना ही देर से दायर की गई चेक डिसऑनर शिकायत पर संज्ञान लिया गया।कोर्ट ने कहा,"हमें यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि माननीय मजिस्ट्रेट ने NI Act की धारा 138 के तहत प्रतिवादी की शिकायत पर संज्ञान लेने में गलती...

OBC युवक को दूसरे के पैर धोने के लिए मजबूर किया गया | सुप्रीम कोर्ट ने NSA के तहत हिरासत में लिए गए आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया
OBC युवक को दूसरे के पैर धोने के लिए मजबूर किया गया | सुप्रीम कोर्ट ने NSA के तहत हिरासत में लिए गए आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया

OBC समुदाय के एक युवक से जुड़े मामले में, जिसे कथित तौर पर जातिगत भेदभाव के कारण दूसरे के पैर धोने के लिए मजबूर किया गया, सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिए गए एक आरोपी को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने याचिकाकर्ता-आरोपी की हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें राज्य पुलिस को घटना के समय मौजूद सभी लोगों के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया...

गंभीर अपराध का हवाला देकर त्वरित सुनवाई के अधिकार से इंकार नहीं किया जा सकता, लम्बी प्री-ट्रायल हिरासत सज़ा के समान: सुप्रीम कोर्ट
गंभीर अपराध का हवाला देकर त्वरित सुनवाई के अधिकार से इंकार नहीं किया जा सकता, लम्बी प्री-ट्रायल हिरासत सज़ा के समान: सुप्रीम कोर्ट

अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त त्वरित सुनवाई के अधिकार को अपराध के प्रकार के आधार पर कम नहीं किया जा सकता, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि बिना मुकदमे की शुरुआत या उसकी सार्थक प्रगति के, एक आरोपी को लम्बे समय तक न्यायिक हिरासत में रखना, पूर्व-विचारण बंदी को दण्ड का रूप दे देता है। यह टिप्पणी न्यायालय ने अमटेक ऑटो के पूर्व प्रवर्तक अरविंद धाम को मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत देते हुए की।न्यायालय ने जावेद गुलाम नबी शेख बनाम महाराष्ट्र राज्य के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यदि राज्य,...

MBBS/BDS में स्पोर्ट्स कोटा एडमिशन: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब 2024 सेशन के बीच में पॉलिसी बदलने को रद्द किया
MBBS/BDS में स्पोर्ट्स कोटा एडमिशन: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब 2024 सेशन के बीच में पॉलिसी बदलने को रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में MBBS और BDS कोर्स में स्पोर्ट्स कोटा एडमिशन के लिए विचार क्षेत्र के बीच में किए गए विस्तार को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद एडमिशन के नियमों को बदलना संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत निष्पक्षता, पारदर्शिता और मनमानी न करने के तय सिद्धांतों का उल्लंघन है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों से जुड़ी सिविल अपीलों के एक बैच को अनुमति दी, जिसमें 2024 सेशन के दौरान एडमिशन के लिए क्लास XI और XII...

एक ही साज़िश से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के मामलों में एक FIR दर्ज करना कानूनी तौर पर सही: सुप्रीम कोर्ट
एक ही साज़िश से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के मामलों में एक FIR दर्ज करना कानूनी तौर पर सही: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां एक ही आपराधिक साज़िश के कारण बड़ी संख्या में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी हुई हो, वहां एक FIR दर्ज करना और दूसरी शिकायतों को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 161 के तहत बयान के तौर पर मानना ​​कानूनी तौर पर सही है। कोर्ट ने 2019 में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा लिया गया विपरीत फैसला रद्द कर दिया, जिसमें हर निवेशक के लिए अलग-अलग FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने राज्य (दिल्ली NCT) द्वारा दायर अपील को मंज़ूरी दी...

सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए कोर्ट/ट्रिब्यूनल और बार निकायों में कमेटियों के गठन पर मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए कोर्ट/ट्रिब्यूनल और बार निकायों में कमेटियों के गठन पर मांगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अलग-अलग हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से स्टेटस रिपोर्ट मांगी कि क्या महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के लिए हाई कोर्ट, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और बार एसोसिएशन में जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटियां और इंटरनल कंप्लेंट कमेटियां (ICC) बनाई गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (CJI) और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच देश भर के हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इंटरनल कंप्लेंट कमेटियां बनाने सहित विशाखा गाइडलाइंस को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश...

अगर नियमों में साफ़ तौर पर इजाज़त न हो तो पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज रिटायर्ड कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
अगर नियमों में साफ़ तौर पर इजाज़त न हो तो पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज रिटायर्ड कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (6 जनवरी) को फैसला सुनाया कि एक पब्लिक-सेक्टर कॉर्पोरेशन अपने सर्विस रेगुलेशन में साफ़ तौर पर इजाज़त देने वाले प्रावधान के अभाव में रिटायरमेंट के बाद किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रख सकता।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने महाराष्ट्र स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के पूर्व कर्मचारी के रिटायरमेंट के लगभग ग्यारह महीने बाद उसके खिलाफ की गई रिटायरमेंट के बाद की अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द कर दी।यह देखते हुए कि महाराष्ट्र...

प्रीलिम्स में छूट का फायदा उठाने वाला आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार फाइनल रैंक के आधार पर अनारक्षित सीट का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
प्रीलिम्स में छूट का फायदा उठाने वाला आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार फाइनल रैंक के आधार पर अनारक्षित सीट का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (6 जनवरी) को इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अनारक्षित कैडर में अनुसूचित जाति श्रेणी के उम्मीदवार की नियुक्ति पर विचार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उम्मीदवार ने प्रारंभिक परीक्षा के चरण में छूट का फायदा उठाया था।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा,"एक बार जब आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार ने छूट ले ली है तो उसे अनारक्षित रिक्तियों के लिए नहीं माना जा सकता है।"यह फैसला यूनियन ऑफ इंडिया की उस याचिका को स्वीकार करते हुए दिया गया, जो कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले...