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S. 25 Hindu Succession Act | हत्या का आरोपी, मारे गए व्यक्ति की संपत्ति पर उत्तराधिकार का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक वादी को किसी मृतक द्वारा बनाई गई वसीयत के आधार पर संपत्ति का उत्तराधिकार पाने से अयोग्य घोषित किया। कोर्ट ने यह पाया कि वह वादी, उस मृतक की हत्या के मामले में आरोपी के तौर पर नामजद है।कोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 (Hindu Succession Act) की धारा 25 के तहत मिली शक्ति का इस्तेमाल करते हुए वादी को अयोग्य घोषित किया। यह धारा यह प्रावधान करती है कि जो व्यक्ति किसी की हत्या करता है, या हत्या करने में किसी की मदद करता है, वह मारे गए व्यक्ति की संपत्ति का...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (04 मई, 2026 से 08 मई, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।बेनामी लेन-देन में खरीदी गई संपत्ति पर असली मालिक, बेनामीदार द्वारा बनाई गई वसीयत के आधार पर दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि कोई भी व्यक्ति बेनामी लेन-देन में खरीदी गई संपत्ति पर, केवल उसके नाममात्र के मालिक (Ostensible Owner) द्वारा बनाई गई वसीयत के आधार पर मालिकाना हक का...
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की ऐतिहासिक स्थलों को प्राइवेट पार्टियों को लीज़ पर दिए जाने पर हैरानी जताई
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली की ऐतिहासिक और विरासत वाली इमारतों को दिल्ली गोल्फ क्लब और पंचशील स्कूल जैसी निजी संस्थाओं को सौंपे जाने पर हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि रोक लगाने वाले आदेशों और संरक्षण की ज़िम्मेदारियों के बावजूद, ऐसे कई स्मारक "पूरी तरह से उपेक्षित" लग रहे हैं।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने दिल्ली पुलिस को स्मारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए। बेंच ने चेतावनी दी कि अगर ऐतिहासिक जगहों पर अतिक्रमण, तोड़फोड़ या चोरी की...
UAPA-NDPS मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अदालतें स्थापित हों: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने UAPA, NDPS जैसे विशेष कानूनों के तहत लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों को विशेष अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि NIA Act की धारा 11 के तहत विशेष अदालतें बनाई जाएं, जहां केवल ऐसे मामलों की सुनवाई हो और कोई अन्य मुकदमा न सौंपा जाए।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें विशेष कानूनों के तहत मामलों के लिए एक्सक्लूसिव कोर्ट स्थापित करने का मुद्दा उठाया...
सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप : अप्रैल, 2026
सुप्रीम कोर्ट में अप्रैल, 2026 में क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप। अप्रैल महीने के सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।स्वतंत्र सहकारी समितियां अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' नहीं हैं; उनकी चुनाव प्रक्रिया रिट अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं: सुप्रीम कोर्टराजस्थान में जिला दुग्ध संघों की प्रबंधन समिति के चुनाव से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि जिला दुग्ध संघ स्वतंत्र सहकारी समितियां हैं, जो हाईकोर्ट के रिट अधिकार क्षेत्र के अधीन...
बिहार और झारखंड पुलिस में अलग-अलग नामों से कर रहा था नौकरी, सुप्रीम कोर्ट ने कांस्टेबल के खिलाफ दिया आपराधिक कार्रवाई का आदेश
यह देखते हुए कि सरकारी नौकरी को धोखाधड़ी का ज़रिया नहीं बनाया जा सकता, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (8 मई) को एक पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया। इस कांस्टेबल पर झारखंड और बिहार पुलिस में अलग-अलग पहचानों के तहत दोहरी नियुक्तियाँ पाने का आरोप है।दोषी अधिकारी की बर्खास्तगी बहाल करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि उसके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही भी शुरू की जानी चाहिए, क्योंकि इस मामले में प्रतिरूपण (किसी और का रूप धारण करना) और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराध शामिल थे।जस्टिस...
बेनामी लेन-देन में खरीदी गई संपत्ति पर असली मालिक, बेनामीदार द्वारा बनाई गई वसीयत के आधार पर दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि कोई भी व्यक्ति बेनामी लेन-देन में खरीदी गई संपत्ति पर, केवल उसके नाममात्र के मालिक (Ostensible Owner) द्वारा बनाई गई वसीयत के आधार पर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की वसीयत संबंधी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल 'बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम, 1988' केतहत मौजूद कानूनी रोक को खत्म करने के लिए नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने शुक्रवार (8 मई) को यह भी फैसला दिया कि किसी व्यावसायिक अनुबंध के तहत किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दिए गए...
सुप्रीम कोर्ट ने सीमा पार मानव तस्करी के आरोपी कथित बांग्लादेशी व्यक्ति को ज़मानत दी
लगभग ढाई साल की हिरासत अवधि को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे व्यक्ति को ज़मानत दी, जिस पर बांग्लादेशी नागरिक होने का आरोप है और जो कथित तौर पर बांग्लादेश और म्यांमार से लोगों की भारत में तस्करी करने के लिए भारतीय दंड संहिता के तहत अपराधों का सामना कर रहा है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। साथ ही याचिकाकर्ता-आरोपी पर कड़ी शर्तें लगाईं और ट्रायल कोर्ट से मुकदमे की सुनवाई में तेज़ी लाने का अनुरोध किया।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता पर...
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में VC की नियुक्तियों से जुड़ा मामला बंद किया, बाकी 3 यूनिवर्सिटीज़ के लिए उम्मीदवारों को मंज़ूरी दी
लगभग 2.5 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार पश्चिम बंगाल की यूनिवर्सिटीज़ में वाइस चांसलर (VC) की नियुक्ति से जुड़ा मामला बंद किया। कोर्ट ने बाकी 3 यूनिवर्सिटीज़ के लिए सुझाए गए उम्मीदवारों को मंज़ूरी दे दी और आदेश दिया कि गवर्नर की मंज़ूरी मिलते ही जल्द से जल्द उनकी नियुक्तियां की जाएं।इस आदेश के साथ ही पश्चिम बंगाल राज्य की 36 यूनिवर्सिटीज़ में वाइस चांसलर की नियुक्ति की "लंबी प्रक्रिया" (जैसा कि कोर्ट ने इसे नाम दिया था) का भी अंत हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और...
सुप्रीम कोर्ट में याचिका: विजय की TVK पार्टी को सरकार बनाने का आमंत्रित देने के लिए गवर्नर को निर्देश देने की मांग
सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई, जिसमें तमिलनाडु के गवर्नर को यह निर्देश देने की मांग की गई कि वे तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए अभिनेता और 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय के अलावा किसी और को आमंत्रित न करें।यह याचिका एडवोकेट एझिलारासी पी. ने दायर की, जिन्होंने खुद को TVK का सदस्य बताया। याचिका में तमिलनाडु के गवर्नर को यह निर्देश देने की मांग की गई कि वे विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें और उन्हें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाएं।हाल ही में हुए...
रेलवे, बिजली अधिनियम के तहत 'उपभोक्ता', 'डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी' नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (8 मई) को फैसला सुनाया कि रेलवे, बिजली अधिनियम, 2003 के अर्थ के तहत एक 'उपभोक्ता' है। इस फैसले के साथ ही रेलवे का वह दावा खारिज हो गया, जिसमें वह 'डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी' (माना गया वितरण लाइसेंसी) का दर्जा मांग रहा था, ताकि वह वितरण कंपनियों को क्रॉस-सब्सिडी सरचार्ज और अतिरिक्त सरचार्ज का भुगतान करने से बच सके।कोर्ट ने कहा कि भारतीय रेलवे एक बंद और आत्मनिर्भर बिजली नेटवर्क चलाता है, जिसका एकमात्र उद्देश्य उसकी अपनी आंतरिक परिचालन ज़रूरतों को पूरा करना है—जिसमें...
आरोपी की सुनवाई किए बिना चार्जशीट दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाना गैर-कानूनी: सुप्रीम कोर्ट ने दी UAPA आरोपी को डिफ़ॉल्ट ज़मानत
सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि अगर जाँच एजेंसी तय समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रहती है। अगर अनिवार्य प्रक्रियागत सुरक्षा उपायों का पालन किए बिना समय सीमा बढ़ाई जाती है तो आरोपी को CrPC की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट ज़मानत का एक ऐसा अधिकार मिल जाता है जिसे छीना नहीं जा सकता।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आरोपी को CrPC की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट ज़मानत का...
गैर-मिजो पुरुष से शादी करने वाली मिजो महिलाओं को बाहर करने वाले कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर The Mizo Marriage and Inheritance of Property (Amendment) Act, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह कानून गैर-मिजो पुरुषों से विवाह करने वाली मिजो महिलाओं और उनके बच्चों के साथ भेदभाव करता है।याचिका में कहा गया है कि संशोधित कानून के तहत अब यह अधिनियम केवल उन विवाहों पर लागू होगा, जहां दोनों पति-पत्नी मिजो हों या केवल पति मिजो हो। इसका प्रभाव यह होगा कि यदि कोई मिजो महिला गैर-मिजो पुरुष से विवाह करती है, तो वह इस कानून...
SCBA Election: महिला वकीलों को और प्रतिनिधित्व देने की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे उपाध्यक्ष पद का दिया सुझाव
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम सुझाव दिया।अदालत ने कहा कि वर्ष 2027-28 से महिलाओं के लिए विशेष रूप से आरक्षित दूसरा उपाध्यक्ष पद बनाया जा सकता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ SCBA चुनाव और बार एसोसिएशन में सुधारों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2026-27 के चुनाव में भी सचिव पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा।अदालत ने कहा, “बार के सदस्यों ने सहमति जताई है...
शृंगेरी वोट पुनर्गणना विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, टीडी राजे गौड़ा ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी
कर्नाटक के कांग्रेस नेता टीडी राजे गौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें श्रींगेरी विधानसभा क्षेत्र में डाक मतपत्रों (postal votes) की पुनर्गणना का निर्देश दिया गया था।पुनर्गणना के बाद 2023 विधानसभा चुनाव में जीते टीडी राजे गौड़ा अपनी सीट हार गए थे और भाजपा उम्मीदवार डीएन जीवराजा 52 वोटों से विजयी घोषित हुए थे।सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा...
पंजाब में नशे की स्थिति भयावह, पुलिस सिर्फ छोटे पेडलरों को पकड़ रही: CJI सूर्यकांत
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में बढ़ते नशे और ड्रग तस्करी के मामलों को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि राज्य की स्थिति बेहद चिंताजनक है और पुलिस केवल छोटे स्तर के ड्रग पेडलरों को पकड़कर प्रचार हासिल करने में लगी है, जबकि असली नेटवर्क चलाने वाले “बड़े मगरमच्छ” खुले घूम रहे हैं।सीजेआई ने सुनवाई के दौरान एक 60 वर्षीय महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने नशे की लत के कारण अपने पांचों बेटों को खो दिया। उन्होंने कहा, “पंजाब की हालत बहुत खराब है। यह दूसरी...
'हो सकता है मेरे साथ धोखा हुआ हो': अनिल अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, याचिकाकर्ता ने बैंक धोखाधड़ी मामले में उनकी गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई की, जिसमें अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कंपनियों द्वारा कथित तौर पर 40,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के लोन धोखाधड़ी की जांच की मांग की गई। इस दौरान, अनिल अंबानी की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि “हो सकता है” अधिकारियों ने उनके साथ धोखा किया हो। वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने सवाल उठाया कि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में गंभीर आरोप होने के बावजूद अंबानी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI)...
उपभोक्ताओं से उस अवधि के लिए मूल्यह्रास नहीं वसूला जा सकता, जिस दौरान उन्हें बिजली की सप्लाई न की गई: सुप्रीम कोर्ट
बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (7 मई) को यह टिप्पणी की कि बिजली उपभोक्ताओं पर उस पावर प्लांट के डेप्रिसिएशन की लागत चुकाने का बोझ नहीं डाला जा सकता, जिससे उन्हें अब बिजली की सप्लाई नहीं मिल रही है; भले ही उस एसेट (संपत्ति) की तकनीकी उपयोगिता अवधि अभी बाकी हो।जस्टिस पामिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने टिप्पणी की,"...यह स्वीकार्य है कि मार्च 2018 के बाद उपभोक्ताओं को बिजली की सप्लाई नहीं की गई। उपभोक्ताओं से ऐसी सेवा के लिए भुगतान करने की...
करियर की शुरुआत में ज्यूडिशियल सर्विस में नहीं गए, क्योंकि एक जज ने सलाह दी थी, "बार तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है": CJI सूर्यकांत ने किया याद
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत का एक निजी पल देखने को मिला। उन्होंने बताया कि कैसे एक सीनियर हाईकोर्ट जज ने उनके करियर की शुरुआत में उन्हें ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल न होने की सलाह दी थी। इसके बजाय उन्हें वकालत करने के लिए प्रोत्साहित किया था, यह कहते हुए कि "बार तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है।"CJI ने यह किस्सा दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान सुनाया। एडवोकेट प्रेरणा गुप्ता, जो खुद पेश हुईं, ने परीक्षा के अंकों में कथित बदलाव...
मंत्री विजय शाह शायद कर्नल सोफिया कुरैशी की तारीफ़ करना चाहते थे, लेकिन कुछ और ही कह बैठे: सुप्रीम कोर्ट में एसजी की दलील
सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से गुज़ारिश की कि मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह के ख़िलाफ़ कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े आपराधिक मामले में थोड़ी नरमी बरती जाए।सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि शायद मंत्री का इरादा अधिकारी की तारीफ़ करने का था, लेकिन वह अपनी बात ठीक से कह नहीं पाए और कुछ और ही कह बैठे। उन्होंने आगे कहा कि वह मंत्री के बयानों का बचाव नहीं कर रहे हैं, जिन्हें "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया गया।एसजी ने साफ़ किया कि यह उनका निजी...




















