बॉम्बे हाईकोर्ट

POSH Act पर अहम फैसला: ICC रिपोर्ट के आधार पर ही सजा दे सकता है नियोक्ता, अलग जांच जरूरी नहीं- बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि नियोक्ता आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की रिपोर्ट के आधार पर ही कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इसके लिए अलग से विभागीय जांच या चार्जशीट जरूरी नहीं है।जस्टिस आर आई छागला और जस्टिस अद्वैत एम सेठना की खंडपीठ ने यह फैसला IIT Bombay के एक प्रोफेसर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें उन्होंने यौन उत्पीड़न के आरोप साबित होने के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को चुनौती दी थी।हाईकोर्ट ने स्पष्ट...

ग्राम पंचायतों पर अंतरिम व्यवस्था: सरपंच रहेंगे प्रशासक, पर बड़े फैसलों पर रोक- बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में ग्राम पंचायतों से जुड़े एक अहम मामले में अंतरिम राहत देते हुए कहा कि कार्यकाल पूरा कर चुके सरपंच फिलहाल प्रशासक के रूप में काम कर सकते हैं, लेकिन वे कोई नीतिगत या बड़े वित्तीय फैसले नहीं ले सकेंगे।जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस अभय मंत्री की खंडपीठ ने 18 मार्च को यह आदेश देते हुए राज्य सरकार के उस निर्णय पर रोक नहीं लगाई, जिसके तहत करीब 14,500 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने तक मौजूदा या पूर्व सरपंचों को प्रशासक नियुक्त किया गया।अदालत ने कहा कि विशेष परिस्थितियों...

प्रधानमंत्री पर पोस्ट मामले में यूट्यूबर को राहत, बॉम्बे हाइकोर्ट ने हलफनामा दाखिल करने की दी अनुमति
बॉम्बे हाइकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आरोपी डॉक्टर और यूट्यूबर डॉ. संग्राम पाटिल को राहत देते हुए उन्हें हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी।जस्टिस अश्विन भोबे की एकल पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता विदेश (UK) लौटना चाहते हैं तो उन्हें यह आश्वासन देना होगा कि वे जांच में लगातार सहयोग करते रहेंगे। अदालत ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि इस अनुरोध पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट ने दलील दी कि डॉ. पाटिल पहले से ही जांच...

जांच करें कि क्या मुंबई की सड़कों पर बांग्लादेशी प्रवासी फेरी लगा रहे हैं, कानून के अनुसार कार्रवाई करें: हाईकोर्ट ने BMC और पुलिस को निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (23 मार्च) को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और मुंबई पुलिस को आदेश दिया कि वे शहर की सड़कों पर फेरी लगाने वाले सभी लोगों की पहचान का 'पूरी तरह' से सत्यापन करें। साथ ही यह भी जांच करें कि क्या इनमें कोई 'बांग्लादेशी' या अन्य 'प्रवासी' शामिल हैं जो फेरी लगाने के काम में लगे हैं। यदि ऐसे लोग मिलते हैं, तो अधिकारियों को उनके खिलाफ 'उचित' कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की खंडपीठ ने महाराष्ट्र हॉकर संघ (फेरीवालों का एक संगठन) द्वारा उनके समक्ष...

ग्राम पंचायत से नगर निगम में शामिल किए गए कर्मचारियों को 'समान काम के लिए समान वेतन' का अधिकार: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि ग्राम पंचायतों से नगर निगम में शामिल किए गए कर्मचारी, यदि नियमित कर्मचारियों के समान ही काम करते हैं, तो वे वेतन में समानता (बराबरी) के हकदार हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसी परिस्थितियों में 'समान काम के लिए समान वेतन' से इनकार करना भेदभाव के समान है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है।जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की डिवीज़न बेंच 28 कर्मचारियों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इन कर्मचारियों को मूल रूप से ग्राम...

धारा 151 CPC के तहत निष्फल मुकदमों को समाप्त कर सकती है सिविल कोर्ट: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी मुकदमे का मूल कारण (cause of action) बाद की घटनाओं के चलते समाप्त हो जाता है, तो सिविल कोर्ट अपनी निहित शक्तियों (Section 151 CPC) का प्रयोग करते हुए ऐसे मुकदमे को निष्फल (infructuous) घोषित कर खारिज कर सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मुकदमों को केवल अंतरिम आदेश बनाए रखने या भविष्य की संभावनाओं के आधार पर लंबित नहीं रखा जा सकता।यह टिप्पणी जस्टिस संदीप वी. मार्ने ने भारत संघ द्वारा दायर सिविल रिवीजन आवेदन पर सुनवाई करते हुए की। याचिका सिटी सिविल कोर्ट के...

RTE Act के तहत 25% सीटें आरक्षित करने की योजना का इस्तेमाल एक ही बच्चे के एडमिशन के लिए बार-बार नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के तहत वंचितों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की योजना इसलिए बनाई गई ताकि ज़्यादा से ज़्यादा योग्य बच्चों को शिक्षा के अवसर मिल सकें, लेकिन यह योजना किसी माता-पिता को यह अधिकार नहीं देती कि वे एक ही बच्चे के लिए बार-बार सीट की मांग करें। बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में यह फैसला सुनाया।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस हितेन वेनेगांवकर की डिवीज़न बेंच ने पिता की याचिका खारिज की। पिता ने अपने घर के पास के एक स्कूल में अपने बच्चे के लिए सीट देने की 'ज़िद' की थी,...

“नाम में हुई क्लर्क की गलती कानूनी अधिकार को खत्म नहीं कर सकती”: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे दुर्घटना में मौत के मुआवज़े के दावे पर फिर से विचार करने का आदेश दिया
बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रेलवे दुर्घटना से जुड़े मुआवज़े के दावे को सिर्फ़ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि सीज़न टिकट पर यात्री के नाम में कोई छोटी-मोटी गलती है, जबकि टिकट पर लिखा पहचान पत्र (ID) नंबर यात्री की पहचान की पुष्टि करता हो। कोर्ट ने कहा कि अगर यात्री की पहचान रेलवे अधिकारियों द्वारा जारी पहचान पत्र जैसे भरोसेमंद सबूतों से साबित हो जाती है तो टिकट पर नाम में हुई क्लर्क की गलती या अधूरा नाम छपा होने से मुआवज़े का दावा करने का कानूनी अधिकार खत्म नहीं हो जाता।जस्टिस जितेंद्र...

75 साल पुराना पारिवारिक विवाद खत्म: बॉम्बे हाइकोर्ट ने यरवड़ा संपत्ति के बंटवारे का दिया आदेश
बॉम्बे हाइकोर्ट ने पुणे के यरवड़ा क्षेत्र की एक संपत्ति के बंटवारे का आदेश देकर 75 साल पुराने पारिवारिक विवाद को आंशिक रूप से समाप्त कर दिया।जस्टिस फरहान पी. दबाश इस लंबे समय से लंबित दीवानी मामले की सुनवाई कर रहे थे, जो वर्ष 1950 में मिया मोहम्मद हाजी जनमोहम्मद छोटानी के वारिसों द्वारा दायर किया गया। याचिका में संपत्ति में हिस्सेदारी तय करने और बंटवारे की मांग की गई।मामले में शुरुआत में ही हाइकोर्ट ने संपत्ति के प्रबंधन के लिए कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया था। बाद में वारिसों के हिस्से तय करते हुए...

वेतन को अफसरशाही की देरी का बंधक नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट सख्त, 60 दिन की समयसीमा तय
बॉम्बे हाइकोर्ट ने शिक्षकों के वेतन में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण वेतन रोका नहीं जा सकता। अदालत ने शालार्थ प्रणाली से जुड़े मामलों में 60 दिनों की समयसीमा तय की।जस्टिस विभा कंकणवाड़ी और जस्टिस हितेन एस. वेनेगावकर की खंडपीठ सहायक शिक्षक विजय उत्तम चव्हाण की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने शालार्थ प्रणाली में नाम शामिल कर वेतन जारी करने की मांग की थी।अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति और सहायता प्राप्त पद पर स्थानांतरण पहले ही सक्षम...

LPG कमी पर बॉम्बे हाइकोर्ट ने याचिका बंद की, केंद्र के आश्वासन पर जताया भरोसा
बॉम्बे हाइकोर्ट ने एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी को लेकर दायर याचिका को बंद कर दिया है क्योंकि केंद्र सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि स्थिति को घरेलू और कूटनीतिक स्तर पर संभाला जा रहा है।जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वाकोड़े की खंडपीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा दायर हलफनामे पर विचार करते हुए यह फैसला सुनाया।केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में हो रहे बदलावों के बावजूद नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।अदालत को...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'चमत्कारी इलाज' के दावों पर ईसाई प्रार्थना कार्यक्रम को आधी रात में रद्द करने का आदेश रद्द किया, 'काला जादू एक्ट' के पालन का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते आदेश रद्द किया, जिसके तहत सांगली पुलिस ने 'होप ऑफ़ ग्लोरी मिनिस्ट्री ट्रस्ट' को 13 मार्च से 15 मार्च तक 'महाराष्ट्र प्रार्थना महोत्सव' आयोजित करने के लिए दी गई अनुमति 'अचानक' रद्द कर दी थी। इस कार्यक्रम में मशहूर प्रचारक पॉल दिनाकरन ने 50,000 से ज़्यादा लोगों के सामने 'भविष्यवाणी वाले' संदेश दिए थे और रोज़ाना प्रार्थनाएं करवाई थीं।पुलिस ने कार्यक्रम के पहले दिन (13 मार्च) के बाद अनुमति रद्द करते हुए आरोप लगाया कि 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और...

'प्रथम दृष्टया सबूत दिखाते हैं कि भारतीयों की विदेश में तस्करी की गई': बॉम्बे हाईकोर्ट ने नौकरी रैकेट मामले में कथित 'मास्टरमाइंड' को ज़मानत देने से किया इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में 46 वर्षीय एक व्यक्ति को ज़मानत पर रिहा करने से इनकार किया। इस व्यक्ति पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक अंतरराष्ट्रीय नौकरी रैकेट का 'मास्टरमाइंड' होने का आरोप लगाया। इस रैकेट के तहत भारत के शिक्षित युवाओं की विदेश में 'तस्करी' की जाती थी और फिर उन्हें लाओस में नकली कॉल सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था, जहां वे अमेरिकियों और ब्रिटिश नागरिकों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए मनाकर ठगी करते थे।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की खंडपीठ ने...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गैस वितरकों की घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई बढ़ाने की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने गुरुवार को केंद्र सरकार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड को छह LPG वितरकों द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडरों की सप्लाई अपर्याप्त है।जस्टिस अनिल एस. किलोर और जस्टिस राज डी. वाकोडे की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब वे कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड से जुड़े छह वितरकों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में घरेलू LPG सिलेंडरों की...

वकील का काम विवाद सुलझाना है, मुवक्किल को 'लूटना' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि समाज में वकील की भूमिका लोगों के विवादों का समाधान निकालने में मदद करना है, न कि उनसे पैसे लूटना। अदालत ने यह टिप्पणी उस समय की जब उसने एक वकील के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के की एकल पीठ ने अकोला के मुरतिजापुर निवासी अधिवक्ता सचिन वानखेड़े द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। वानखेड़े पर आरोप है कि उन्होंने अपने मुवक्किल को यह कहकर 1.25 लाख रुपये रिश्वत देने के लिए राजी किया कि जेल में...

'रिश्तेदार को घर से निकालने के लिए सीनियर सिटिज़न का आवेदन, बिना किसी आर्थिक मदद की मांग के भी मान्य': बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि किसी सीनियर सिटिज़न द्वारा अपने बच्चे या रिश्तेदार को उस प्रॉपर्टी से निकालने के लिए दायर किया गया आवेदन मान्य है, जिसमें सीनियर सिटिज़न का अधिकार है, भले ही उसने किसी आर्थिक मदद की मांग न की हो। कोर्ट ने कहा कि 'माता-पिता और सीनियर सिटिज़न के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत "भरण-पोषण" की परिभाषा में सीनियर सिटिज़न के लिए एक सामान्य और गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए ज़रूरी रहने की जगह और सुरक्षा का प्रावधान भी शामिल है।जस्टिस एन. जे. जमादार भोलेनाथ मेवालाल...

यह दावा कि बेटी ने पढ़ाई बंद करने पर पिता पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाया, 'दूर की कौड़ी': बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO सजा बरकरार रखी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की अपने पिता पर बलात्कार जैसा गंभीर आरोप सिर्फ इस आशंका पर नहीं लगाएगी कि वह उसकी पढ़ाई बंद कर देगा और उसकी शादी कर देगा, जबकि उसने अपनी ही नाबालिग बेटी से बलात्कार के लिए दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति द्वारा उठाए गए गलत फंसाने का सिद्धांत खारिज किया।जस्टिस मनीष पिटाले और जस्टिस श्रीराम शिरसाट की खंडपीठ ने मुंबई के स्पेशल कोर्ट का 12 मार्च, 2020 का आदेश बरकरार रखा, जिसमें एक व्यक्ति को अपनी नाबालिग बेटी के साथ लगातार बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया और उसे उसके शेष...

वोटिंग के दिन स्टार कैंपेनर का सिर्फ़ रोडशो करना 'गलत असर' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिंदे सेना के नेता का चुनाव सही ठहराया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि वोटिंग के दिन किसी 'स्टार कैंपेनर' का किसी चुनाव क्षेत्र में सिर्फ़ जाना ही 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' के तहत 'गलत असर' या 'भ्रष्ट आचरण' मानने के लिए काफ़ी नहीं होगा। हाईकोर्ट ने यह मानने से भी इनकार किया कि 2025 के राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान, मुंबई के चांदिवली इलाके में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का वोटिंग के दिन सिर्फ़ जाना—जो बाद में एक 'रोडशो' में बदल गया था—चुनावों में दखल देने की कोशिश थी।सिंगल जज जस्टिस सोमशेखर सुंदरेशन ने मुंबई के...

बिना प्रथम दृष्टया अपराध के किसी आरोपी की तलाश में जांच जारी नहीं रखी जा सकती : बॉम्बे हाइकोर्ट
बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार का प्रथम दृष्टया अपराध सामने नहीं आता है तो केवल इस उम्मीद में कि आगे चलकर किसी आरोपी का पता लग सकता है। आपराधिक जांच को जारी नहीं रखा जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि आपराधिक कानून की प्रक्रिया को केवल रोविंग और फिशिंग इंक्वायरी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।यह टिप्पणी चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम ए. अंखड़ की खंडपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान की। यह याचिका जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड...

'सिर्फ़ Whatsapp चैट के आधार पर तलाक़ का आदेश नहीं दिया जा सकता': बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि बिना सबूत के सिर्फ़ Whatsapp चैट के आधार पर तलाक़ का आदेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 की धारा 13(1)(i-a) के तहत क्रूरता के आरोपों को कानूनी तौर पर मंज़ूर सबूतों से साबित किया जाना चाहिए। साथ ही विरोधी पक्ष को उस सामग्री का खंडन करने का मौका दिया जाना चाहिए, जिस पर भरोसा किया गया।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की एक डिवीजन बेंच पत्नी द्वारा दायर फैमिली कोर्ट अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें फैमिली कोर्ट द्वारा पास किए गए 27 मई...
