बॉम्बे हाईकोर्ट

भारतीय जब विदेश में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं? सड़क दुर्घटना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल
जब विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीय वहाँ के ट्रैफिक से जुड़े नियमों और कानूनों का पालन कर सकते हैं तो वे यहां भारत में सड़क नियमों का पालन क्यों नहीं कर सकते? बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सड़क दुर्घटना मुआवज़ा मामले का निपटारा करते हुए यह सवाल उठाया। इस मामले में पार्किंसन बीमारी से पीड़ित एक पुजारी की मौत ठाणे म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TMTC) की बस की टक्कर लगने से हो गई।सिंगल बेंच जज जितेंद्र जैन ने इस बात पर नाराज़गी ज़ाहिर की कि भारतीय लोग सड़क पार करते समय सुरक्षा नियमों का पालन...

बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL: 'गॉडमैन' अशोक खरात केस के बाद अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत नियमों की मांग
महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोपी खुद को 'गॉडमैन' कहने वाले अशोक खरात के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच में PIL दायर की गई। इस PIL में दावा किया गया कि 'महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2013' का क्रियान्वयन 'असरदार नहीं' है।इस अधिनियम को 'अंधविश्वास विरोधी कानून' के नाम से भी जाना जाता है।यह याचिका 'महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति' के 11 सदस्यों द्वारा वकील असीम सरोदे के माध्यम से दायर की...

'आम पुलिसवाले कंटेंट हटाने का निर्देश दे रहे हैं': IT Rules संशोधन के खिलाफ फिर हाईकोर्ट पहुंचे कुणाल कामरा
कॉमेडियन कुणाल कामरा ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने दावा किया कि केंद्र के Sahyog पोर्टल की वजह से हालात ऐसे हो गए हैं कि एक आम पुलिसवाला भी ऐसे कंटेंट को हटाने का आदेश दे रहा है, जिसे वह "आपत्तिजनक" मानता है। यह पोर्टल IT Rules में 2025 के संशोधन के ज़रिए लाया गया था।कामरा ने SAHYOG पोर्टल और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) में 2025 के संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की।सुनवाई के दौरान, कामरा की ओर से...

'धुरंधर' की स्क्रिप्ट को लेकर संतोष कुमार और आदित्य धर आमने-सामने: हाईकोर्ट ने मानहानिकारक टिप्पणी करने पर लगाई रोक
हाल ही में रिलीज़ हुई बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' के डायरेक्टर आदित्य धर को थोड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को फिल्ममेकर संतोष कुमार को फिल्म के बारे में कोई भी ऐसी टिप्पणी करने से रोक दिया, जो मानहानिकारक हो सकती है।सिंगल-जज जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने सीनियर वकील डॉ. बीरेंद्र सराफ की संक्षिप्त दलीलें सुनीं, जो धर की तरफ से पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से गुज़ारिश की कि कम-से-कम अंतरिम आदेश जारी किया जाए, क्योंकि कुमार मीडिया में फिल्म और अपने क्लाइंट (धर) के खिलाफ लगातार मानहानिकारक बयान दे रहे...

महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत अधिकारियों को किसी ट्रस्ट के नाम में बदलाव करने का अधिकार नहीं: बॉम्बे हाइकोर्ट का अहम फैसला
बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट अधिनियम के तहत अधिकारियों को किसी ट्रस्ट के नाम में बदलाव करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि कानून की व्यवस्था में ट्रस्ट के नाम की उपयुक्तता की जांच का कोई प्रावधान ही नहीं है।जस्टिस शर्मिला यू. देशमुख ने यह फैसला नेशनल एग को-ऑर्डिनेशन कमेटी की याचिका पर सुनाया, जिसमें संयुक्त धर्मादाय आयुक्त के उस आदेश को चुनौती दी गई। इसमें ट्रस्ट के नाम से नेशनल शब्द हटाने का निर्देश दिया गया था।यह आदेश 14 सितंबर, 2023 को...

गोवा सरकार पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, 'शिवाजी महाराज' की अवैध मूर्ति हटाने का आदेश
गोवा में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे तुरंत हटाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने कहा कि यह मूर्ति स्थानीय कानूनों का घोर उल्लंघन करते हुए मुरमुगांव पोर्ट प्राधिकरण की जमीन पर अवैध रूप से स्थापित की गई है।जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जमसांडेकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान गोवा सरकार और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि राज्य इस पूरे मामले में मात्र मूक दर्शक बना रहा जो बेहद चिंताजनक है।अदालत...

कस्टडी में मौत के मामले में 7 पुलिसवालों पर हत्या का आरोप बरकरार: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'घिनौने' यौन शोषण के आरोपों पर भी किया गौर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (7 अप्रैल) को शहर की एक स्पेशल कोर्ट के लिए रास्ता साफ किया। अब यह कोर्ट मुंबई पुलिस के सात अधिकारियों पर हत्या और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप तय कर सकेगी। इन अधिकारियों के नाम 2014 के एग्नेलो वाल्डारिस की कस्टडी में हुई मौत के मामले में आए थे।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीज़न बेंच ने 17 सितंबर, 2022 को स्पेशल POCSO कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को सही ठहराया। इस आदेश में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध), 302 (हत्या),...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर का DNA टेस्ट कराने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट शिपिंग के डायरेक्टर जनरल को आदेश दिया कि वे उस भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर को जिसकी ओमान तट के पास ईरानी मिसाइल हमले में मौत हो गई, मुंबई के कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के डायरेक्टर को सौंप दें, ताकि उसका DNA टेस्ट किया जा सके।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की डिवीज़न बेंच ने अधिकारियों को आगे आदेश दिया कि वे FSL कलिना से DNA रिपोर्ट प्राप्त करें और उसकी एक कॉपी दीक्षित सोलंकी के परिवार वालों को सौंप दें। दीक्षित सोलंकी MKD व्योम जहाज के इंजन रूम में...

ईरानी मिसाइल हमले में नाविक की मौत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवशेषों के DNA टेस्ट की याचिका पर DG शिपिंग से जवाब मांगा
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल) को केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के तहत स्थापित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग को निर्देश दिया कि वह एक याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करे। इस याचिका में एक भारतीय नाविक के अवशेषों के DNA टेस्ट की मांग की गई, जिसकी ओमान तट के पास ईरानी मिसाइल हमले में मौत हो गई थी।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की खंडपीठ को बताया गया कि MKD व्योम नामक जहाज, जिस पर दीक्षित सोलंकी इंजन रूम में 'ऑयलर' के तौर पर काम करते थे, वहां से केवल कुछ "जली हुई...

ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर की वापसी की मांग, बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका
बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दाखिल कर ओमान तट पर ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय नाविक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की मांग की गई है।याचिका अमरतलाल गोकलाल सोलंकी द्वारा दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि उनके पुत्र दिक्षित सोलंकी जहाज “MKD Vyom” पर इंजन रूम में ऑइलर के रूप में कार्यरत थे। 1 मार्च को जहाज के ऑपरेशंस मैनेजर कैप्टन सैडलर रिबेरो ने परिवार को बताया कि मिसाइल हमले में उनके बेटे घायल हो गए और जहाज में छेद होने के कारण लापता हो गए।याचिका में कहा गया है कि बाद में जानकारी दी...

'ग्राम रोज़गार सेवक' का पद 'महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम' के तहत कोई 'वेतनभोगी पद' या 'लाभ का पद' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि 'ग्राम रोज़गार सेवक' का पद 'महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1958' के तहत कोई "वेतनभोगी पद" या "लाभ का पद" नहीं माना जाएगा। इसलिए इस पद पर काम करने वाले चुने हुए सदस्य को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत का कोई भी चुना हुआ सदस्य, जो अपने पद पर रहते हुए 'ग्राम रोज़गार सेवक' के तौर पर भी काम करता है, उसे 'महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1958' की धारा 14(1)(f) या (g) के तहत अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस अजीत बी. कडेथंकर एक रिट...

'हद पार मत कीजिए': हाईकोर्ट ने Republic TV से अनिल अंबानी से जुड़े मामलों की कवरेज में नरमी बरतने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को Republic TV और उसके एडिटर-इन-चीफ़ अर्णब गोस्वामी से मौखिक रूप से कहा कि वे उद्योगपति अनिल अंबानी और Reliance ग्रुप की कंपनियों से जुड़ी जाँच की रिपोर्टिंग करते समय अपमानजनक विशेषणों का इस्तेमाल करने से बचें।चैनल के ख़िलाफ़ रोक लगाने की मांग करने वाले अंबानी के मानहानि के मुक़दमे की सुनवाई करते हुए जस्टिस मिलिंद जाधव ने हालिया कवरेज में इस्तेमाल की गई सनसनीखेज़ टैगिंग और तीखी टिप्पणी के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणियां कीं।जज ने चैनल की तरफ़ से पेश वकील से कहा,"अपनी बयानबाज़ी...

अनीता आडवाणी का दावा खारिज, राजेश खन्ना संग संबंध को 'विवाह' मानने से इनकार: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेत्री अनीता आडवाणी की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना के साथ अपने संबंध को विवाह का दर्जा देने की मांग की थी।जस्टिस शर्मिला देशमुख की एकल पीठ ने अनीता आडवाणी द्वारा दायर प्रथम अपील को खारिज करते हुए 2017 में मुंबई के डिंडोशी सिविल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। सिविल कोर्ट ने उनके मुकदमे को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था।अनीता आडवाणी का दावा था कि वह राजेश खन्ना के साथ लगभग एक दशक तक लिव-इन संबंध में रहीं और वर्ष 2012 में उनके निधन तक...

क्या 50 साल से अधिक उम्र की महिलाएं ART सेवाएं ले सकती हैं? कोर्ट करेगा फैसला: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट यह तय करने जा रहा है कि क्या 50 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं सहायक प्रजनन तकनीक (ART) के माध्यम से गर्भधारण कर बच्चे को जन्म देने के लिए चिकित्सकीय रूप से सक्षम मानी जा सकती हैं।यह मुद्दा जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस अभय मंत्री की खंडपीठ के समक्ष दो याचिकाओं के माध्यम से उठा, जिन्हें 55 वर्ष और 53 वर्ष की महिलाओं ने दायर किया है। दोनों याचिकाओं में Assisted Reproductive Technology Act, 2021 की धारा 21(g) की वैधता को चुनौती दी गई है।उक्त प्रावधान के तहत महिलाओं के लिए ART सेवाओं...

आपराधिक मामले में कर्मचारी के बरी होने से उसे सस्पेंशन की अवधि के लिए पूरी सैलरी और बकाया वेतन का अपने-आप अधिकार नहीं मिल जाता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी आपराधिक मामले में कर्मचारी के बरी होने से उसे सस्पेंशन की अवधि के लिए पूरी सैलरी और बकाया वेतन का अपने-आप अधिकार नहीं मिल जाता। कोर्ट ने कहा कि पूरी सैलरी का अधिकार हर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर, और लागू सर्विस नियमों के तहत सक्षम अधिकारी द्वारा इस्तेमाल किए गए विवेक पर निर्भर करता है।जस्टिस एस.एम. मोदक और जस्टिस संदीप वी. मार्ने की डिवीज़न बेंच एक नगर निगम कर्मचारी द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने अपनी सस्पेंशन अवधि को...

'किसी निजी व्यक्ति द्वारा सरकारी कर्मचारियों पर हमला 'नैतिक पतन' का अपराध': बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि किसी निजी व्यक्ति द्वारा सरकारी कर्मचारियों पर हमला, खासकर किसी गैर-कानूनी आंदोलन के दौरान, 'नैतिक पतन' (Moral Turpitude) से जुड़ा अपराध माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि ऐसे काम सामाजिक कर्तव्य का उल्लंघन दिखाते हैं और सार्वजनिक व्यवस्था को कमज़ोर करते हैं। इसलिए ये 'दुराचार' और समाज के मान्य मानकों के विपरीत आचरण की श्रेणी में आते हैं।जस्टिस रजनीश आर. व्यास एक आरोपी द्वारा दायर आपराधिक अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे। आरोपी ने दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने और...

मुकेश अंबानी की रिलायंस के खिलाफ कथित 'गैस चोरी' की याचिका प्रक्रिया का दुरुपयोग, इससे प्रतिष्ठा को नुकसान होता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
कथित 'गैस चोरी' मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और उसके निदेशक मुकेश धीरूभाई अंबानी के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी याचिकाएं इन संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और उनकी वर्तमान या भविष्य की व्यावसायिक साझेदारियों के लिए खतरा बन सकती हैं।गौरतलब है कि जितेंद्र मारू नाम के कार्यकर्ता ने RIL और अंबानी के खिलाफ CBI जांच की मांग की थी। आरोप था कि उन्होंने आंध्र प्रदेश के तट से दूर कृष्णा...

रिलायंस के खिलाफ CBI जांच की मांग खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका ठुकराई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके निदेशक मुकेश धीरूभाई अंबानी के खिलाफ CBI जांच की मांग वाली याचिक खारिज की।बता दें, उक्त याचिका में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने ओएनजीसी के गैस क्षेत्रों से अवैध रूप से प्राकृतिक गैस निकाली।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की खंडपीठ ने यह आदेश सुनाया।याचिका में आरोप था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 2004 से 2013-14 के बीच आंध्र प्रदेश के कृष्णा-गोदावरी बेसिन में अपने कुओं से तिरछी ड्रिलिंग कर ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन के गैस भंडार...

भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी को जेल कंप्यूटर उपयोग की अनुमति पर विचार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले में आरोपी सुरेंद्र गाडलिंग को साक्ष्यों की समीक्षा के लिए जेल में कंप्यूटर उपयोग की अनुमति देने के सवाल पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की पीठ ने गाडलिंग को निजी लैपटॉप इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, लेकिन यह संकेत दिया कि जेल में उपलब्ध कंप्यूटर के उपयोग पर विचार किया जा सकता है।अदालत ने कहा,“लैपटॉप के उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे जेल सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हैं और यह गलत...

मजिस्ट्रेट द्वारा केस भेजे बिना सेशंस कोर्ट ड्रग्स एंड कॉस्मैटिक्स एक्ट के तहत अपराधों का संज्ञान नहीं ले सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि सेशंस कोर्ट ड्रग्स एंड कॉस्मैटिक्स एक्ट के तहत अपराधों का सीधा संज्ञान तब तक नहीं ले सकता, जब तक कि मैजिस्ट्रेट द्वारा केस उसे न भेजा जाए, जैसा कि CrPC की धारा 193 के तहत ज़रूरी है। कोर्ट ने पाया कि एक्ट में ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था न होने के कारण, जो सीधे संज्ञान की अनुमति देती हो, CrPC के तहत वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।जस्टिस एन.जी. जमादार एक फार्मास्युटिकल फर्म और उसके पार्टनर्स द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें ड्रग्स एंड...
