इलाहाबाद हाईकोट

हमीरपुर के 200 से अधिक स्कूली बच्चों के लिए सड़क का मामला: हाईकोर्ट ने वन विभाग से जल्द NOC देने को कहा
हमीरपुर में स्कूल तक सड़क नहीं होने के कारण परेशान 200 से अधिक स्कूली बच्चों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वन विभाग को सड़क निर्माण के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र जल्द जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि वन विभाग को अपनी सामान्य गति से नहीं बल्कि तेजी से यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की पीठ सोमवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने सड़क निर्माण के लिए 1.81 करोड़ रुपये मंजूर किए...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलाशी और ज़ब्ती के दौरान BNSS की धारा 105 के तहत वीडियो बनाने के नियम का पालन न करने पर पुलिस की आलोचना की
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 105 के तहत कानूनी नियम का पालन न करने पर पुलिस की आलोचना की। इस नियम के तहत तलाशी और ज़ब्ती की कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करना ज़रूरी है।जस्टिस राजीव भारती की बेंच ने सुल्तानपुर के गोसाईगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज यूपी गो-हत्या रोकथाम अधिनियम (U.P. Prevention of Cow Slaughter Act) की धारा 3/5A/8 के तहत एक मामले में चार आरोपियों को अंतरिम अग्रिम ज़मानत देते हुए यह टिप्पणी की।कोर्ट ने गौर किया कि...

'हिजाब इस्लामिक आस्था का ज़रूरी हिस्सा नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल यूनिफ़ॉर्म के साथ हिजाब पहनने की मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते एक नाबालिग मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज की, जिसमें उसने स्कूल यूनिफ़ॉर्म के साथ हिजाब (सिर पर स्कार्फ़) पहनने की इजाज़त मांगी थी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश करने में नाकाम रही कि सिर पर स्कार्फ़ पहनना इस्लामिक आस्था की एक ज़रूरी धार्मिक प्रथा है।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने यह भी कहा कि कोई छात्रा तय ड्रेस कोड में बदलाव की ज़िद नहीं कर सकती, खासकर तब जब वह कोड "एक जैसा, सही नीयत वाला,...

अंतरिम जमानत पर आरोपी को अतिरिक्त धाराएं जुड़ने पर सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकती पुलिस: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अंतरिम जमानत पर चल रहे आरोपी को जांच के दौरान अतिरिक्त धाराएं जुड़ने के आधार पर पुलिस सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकती। पुलिस को पहले संबंधित अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश कर उचित आदेश प्राप्त करना होगा।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने अंतरिम जमानत के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी को मनमाना करार देते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के आचरण की जांच के भी निर्देश दिए।मामला आजमगढ़ के दुर्गेश यादव से जुड़ा है। उसके खिलाफ 27 मार्च 2026 को एक चाय की दुकान पर शिकायतकर्ता की पत्नी के साथ कथित...

यूपी के 2021 किरायेदारी कानून के प्रमुख प्रावधान रद्द, 1972 का कानून जरूरत के अनुसार फिर होगा लागू
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के किरायेदारी कानून को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 के कई प्रमुख प्रावधानों को रद्द किया। कोर्ट ने किराए में संशोधन, किराया निर्धारण और मकान खाली कराने से जुड़े प्रावधानों को संसद द्वारा बनाए गए कानूनों से असंगत पाया।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने 16 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 2021 के कानून की धारा 8, 9 और 10 तथा किराया प्राधिकारी के आदेश से बेदखली से संबंधित...

STF हिरासत में मौत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायिक जांच का दिया आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने STF की हिरासत में एक व्यक्ति की मौत के मामले में न्यायिक जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर मौत से पहले लगी चोटों (antemortem injuries) का उल्लेख पाए जाने के बाद दिया।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की खंडपीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मामले की जांच CBI या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की मांग की गई थी।कोर्ट ने पाया कि मृतक की मौत STF की हिरासत में हुई थी और परिवार ने आरोप लगाया था कि...

कोर्ट के आदेशों की अवहेलना पर हाईकोर्ट सख्त, UP DGP को व्यक्तिगत रूप से किया तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों की ओर से कोर्ट के आदेशों का पालन करने में कथित लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (UP DGP) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने DGP से पूछा कि आखिर पुलिस अधिकारी इन दिनों कोर्ट के आदेशों का पालन करने में क्यों हिचक रहे हैं।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने हत्या के आरोप से जुड़े मामले में पुष्पराज सिंह उर्फ बबलू की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।मामले में कोर्ट ने 16 जुलाई 2026 को राज्य...

जज को कॉल पर प्रभावित करने और धमकाने की कोशिश? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर IAS ऑफिसर के व्यवहार को क्रिमिनल कंटेम्प्ट के लिए भेजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीनियर IAS ऑफिसर और देवी पाटन मंडल कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल के व्यवहार को क्रिमिनल कंटेम्प्ट के मामलों को देखने वाली कोर्ट को भेज दिया, क्योंकि एक ज्यूडिशियल ऑफिसर ने आरोप लगाया कि कमिश्नर ने एक पेंडिंग सिविल केस के सिलसिले में उन्हें फोन कॉल पर प्रभावित करने और धमकाने की कोशिश की थी।जस्टिस सैयद कमर हसन रिज़वी की बेंच ने कहा कि कथित टेलीफोन पर हुई बातचीत के टोन और भाषा से "सीधा ऐसा आभास होता है कि कोर्ट के प्रेसाइडिंग ऑफिसर को प्रभावित करने की कोशिश की गई"।कोर्ट ने इसे...

FIR में नाम होना मात्र दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 40 साल पुराने हत्या मामले में दो आरोपियों को बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब चार दशक पुराने हत्या मामले में दो आरोपियों नागेंद्र और जुगेंद्र को बरी करते हुए कहा कि केवल FIR में नाम होना, बिना किसी विशिष्ट भूमिका या विश्वसनीय साक्ष्य के, दोषसिद्धि का आधार नहीं बन सकता।जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की पीठ ने दोनों की अपील स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर दिया। दोनों आरोपी उन आठ आरोपियों में शामिल थे, जिन्हें IPC की धाराओं 147, 148, 302/149, 325/149 और 323/149 के तहत दोषी ठहराया गया था।...

संविधान के बाद बनी असंवैधानिक सेवा नियमावली के आधार पर हुई बर्खास्तगी टिक नहीं सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने करीब चार दशक पुराने बैंक कर्मचारी की बर्खास्तगी के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान लागू होने के बाद बनाई गई ऐसी सेवा नियमावली, जिसे अदालत असंवैधानिक घोषित कर चुकी है, शुरुआत से ही शून्य मानी जाएगी। उसके आधार पर की गई बर्खास्तगी भी कानूनी रूप से कायम नहीं रह सकती।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने गोरखपुर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के एक क्लर्क की वर्ष 1983 में हुई बर्खास्तगी रद्द की।अदालत ने कहा कि जिस नियम के आधार पर कर्मचारी को...

फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र से नाबालिग दिखाकर POCSO Act के दुरुपयोग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, यूपी सरकार से दिशानिर्देश मांगे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने POCSO Act के कथित दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को स्कूलों की ओर से जारी होने वाले जन्मतिथि प्रमाणपत्रों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश बनाने का निर्देश दिया।अदालत ने ऐसे मामलों का उल्लेख किया, जहां पीड़िताओं को 18 वर्ष से कम उम्र का दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी स्थानांतरण प्रमाणपत्र या स्कूल प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया गया। अदालत के अनुसार इससे कई युवकों के खिलाफ गलत तरीके से POCSO कानून के तहत मामले दर्ज होने की स्थिति बनती है और उन्हें जमानत हासिल...

तलाक की एवज में पत्नी पर 1 करोड़ मांगने का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्यूडिशियल ऑफिसर की FIR रद्द की
तलाक के लिए पत्नी द्वारा एक करोड़ रुपये मांगने के आरोप में ज्यूडिशियल ऑफिसर की ओर से दर्ज कराई गई FIR को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द किया।हाईकोर्ट ने मामले में FIR दर्ज कराने में हुई देरी और तलाक की डिक्री पहले ही पारित हो जाने के बावजूद पत्नी पर तलाक की कार्यवाही में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाए जाने को महत्वपूर्ण विरोधाभास माना। जस्टिस राजीव मिश्रा और जस्टिस डॉ. अजय कुमार द्वितीय की खंडपीठ ने पत्नी और दो अन्य की ओर से दाखिल याचिका स्वीकार करते हुए इस साल जनवरी में दर्ज FIR और उससे जुड़ी...

Prayagraj Waterlogging | हाईकोर्ट ने प्रभावित इलाकों में पंप लगाने का आदेश दिया, पानी निकालने के लिए 24 घंटे की समय-सीमा तय की
प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज प्रयागराज नगर निगम को निर्देश दिया कि वे ज़मीन पर पर्याप्त वॉटर पंप लगाएं ताकि शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या को अगले 24 घंटों के भीतर दूर किया जा सके।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने प्रयागराज में जलभराव और नागरिक सुविधाओं की विफलता से संबंधित स्वतः संज्ञान कार्यवाही की सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए।कोर्ट...

धारा 34 IPC पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी: हर आरोपी पर हर अपराध की जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि IPC की धारा 34 के तहत common intention की जिम्मेदारी तय करने के लिए सह-आरोपी की भागीदारी का संबंधित अपराध से “functional relationship” होना जरूरी है। केवल इस आधार पर कि कई लोग एक ही घटना में शामिल थे, उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को घटना के दौरान किए गए हर अपराध के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने 1985 के हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपी जाबिर की आपराधिक अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।मामले में...

पत्नी की जलने से मौत: परिवार की मौजूदगी में दर्ज dying declaration पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति को बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी को जलाकर मारने के आरोप में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बरी करते हुए कहा कि परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में दर्ज dying declaration पर सुरक्षित रूप से भरोसा नहीं किया जा सकता।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की पीठ ने जगराम द्वारा दायर आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए 2018 में Additional District & Sessions Judge, Fast Track Court No. 3, Moradabad द्वारा IPC की धारा 304 के तहत दी गई life imprisonment की सजा रद्द कर दी।मामला 23 दिसंबर 2015 का है। अभियोजन के...

Prayagraj Waterlogging | हाईकोर्ट का म्युनिसिपल कमिश्नर और DM को निर्देश: निचले इलाकों से बारिश का पानी पंप करके निकाला जाए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रयागराज के म्युनिसिपल कमिश्नर और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जमा बारिश का पानी मोरी गेट, दारागंज के रास्ते पंप करके निकाला जाए।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने प्रयागराज में जल-जमाव से जुड़ी एक स्वतः संज्ञान (suo motu) याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार के स्थानीय निकाय निदेशक (Director, Local Bodies) को भी निर्देश दिया कि वे...

'लिस पेंडेंस' ज़बरदस्ती या बिना मर्ज़ी के संपत्ति हस्तांतरण पर भी लागू होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'लिस पेंडेंस' का सिद्धांत कोर्ट की नीलामी से हुई बिक्री (जो बिना मर्ज़ी के संपत्ति हस्तांतरण है) पर भी लागू होता है और नीलामी में खरीदने वाला व्यक्ति उस संपत्ति को इस शर्त के साथ खरीदता है कि उस पर पहले से चल रहे मुकदमे का नतीजा क्या होगा।कोर्ट ने साफ़ किया कि इस सिद्धांत को लागू करने का आधार पहले से किए गए दावे या समझौते की जानकारी (नोटिस) नहीं है; यह सिद्धांत इसलिए लागू होता है, क्योंकि मुकदमा खुद लंबित होता है।'ट्रांसफर ऑफ़ प्रॉपर्टी एक्ट' की धारा 52 में 'लिस...

वेश्यालय में ग्राहक के तौर पर जाने वाले व्यक्ति पर अनैतिक व्यापार रोकथाम कानून के तहत मुकदमा नहीं चल सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि वेश्यालय में ग्राहक के तौर पर जाने वाले व्यक्ति पर केवल पैसे देकर यौन संतुष्टि प्राप्त करने के आधार पर अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3, 5 और 7 के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत संतुष्टि के लिए किसी यौनकर्मी को पैसे देना अधिनियम के तहत वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को उपलब्ध कराने या वेश्यावृत्ति के व्यावसायिक शोषण के समान नहीं है।जस्टिस डॉ. गौतम चौधरी ने एक आरोपी की याचिका स्वीकार करते हुए उसके खिलाफ लंबित...

लंबी सेवा और बाद की मान्यता से अवैध नियुक्ति वैध नहीं होती, सरकारी खजाने से वेतन का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सहायता प्राप्त संस्थान में लंबे समय तक सेवा करने या बाद में प्रशासनिक स्तर पर मिली मान्यता के आधार पर कर्मचारी सरकारी खजाने से वेतन का अधिकार नहीं मांग सकता, यदि सक्षम प्राधिकारी ने मूल नियुक्ति को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था और नए सिरे से चयन का निर्देश दिया था।जस्टिस इरशाद अली ने कहा कि सरकारी धन से वेतन के भुगतान का आदेश देने से पहले यह साबित होना जरूरी है कि जिस नियुक्ति के आधार पर वेतन का दावा किया जा रहा है, वह कानूनी रूप से वैध थी। केवल लंबे समय तक...

अधिकारी का नामित प्रतिनिधि चयन समिति में नहीं आया तो चयन रद्द नहीं होगा, इसी आधार पर वेतन भी नहीं रोका जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा चयन समिति में अपना नामित प्रतिनिधि नहीं भेजना चयन प्रक्रिया को अवैध नहीं बनाता। केवल इस आधार पर चयनित कर्मचारी का वेतन रोका नहीं जा सकता।जस्टिस इरशाद अली ने 1984 के उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल नियमों का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने चयनित कर्मचारी को वेतन देने का निर्देश देते हुए कहा कि यदि चयन समिति के बहुमत सदस्यों ने विधि के अनुसार निर्णय लिया है तो केवल अधिकारी के प्रतिनिधि की अनुपस्थिति से चयन अमान्य नहीं...
