इलाहाबाद हाईकोट

सुल्तानपुर बार एसोसिएशन चुनाव: हाईकोर्ट ने महिलाओं के लिए 30% आरक्षण का आदेश दिया, अहम पदों के लिए रोटेशन तय किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में सुल्तानपुर बार एसोसिएशन को निर्देश दिया कि वह अपनी एग्जीक्यूटिव कमेटी और गवर्निंग काउंसिल में महिला वकीलों के लिए 30% आरक्षण लागू करे। कोर्ट ने आदेश दिया कि आने वाले चुनावों में अहम पद रोटेशन के आधार पर महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने यह निर्देश एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिए। यह याचिका बार एसोसिएशन में महिला वकीलों के प्रतिनिधित्व के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऑर्डर-शीट और पुलिस रिकॉर्ड के बीच समन और वारंट से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट की ऑर्डर-शीट और पुलिस को असल में मिले दस्तावेजों के बीच अंतर पाए जाने के बाद समन, जमानती वारंट और गैर-जमानती वारंट जारी करने, भेजने और तामील करने से जुड़ी गड़बड़ियों की शुरुआती जांच का आदेश दिया।कोर्ट ने कहा कि ऐसी गड़बड़ियां न केवल आरोपी व्यक्तियों के अधिकारों को प्रभावित करती हैं, बल्कि "न्यायिक रिकॉर्ड के रखरखाव और उसकी पवित्रता" पर भी गंभीर सवाल उठाती हैं।जस्टिस जय प्रकाश तिवारी की बेंच ने महेंद्र कुमार दुबे को ज़मानत देते हुए यह...

Fertilizer (Control) Order 1985 | डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पास खाद के वितरण की निगरानी करने का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'फर्टिलाइजर (कंट्रोल) ऑर्डर, 1985' के तहत डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) को खाद के वितरण के लिए सुपरवाइजिंग अथॉरिटी (निगरानी करने वाला अधिकारी) के तौर पर काम करने का अधिकार नहीं दिया गया।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने मिर्जापुर में याचिकाकर्ता 'मरिहान एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' को डायअमोनियम फॉस्फेट (DAP) की सप्लाई से जुड़ी एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही।याचिकाकर्ता ने खाद की सप्लाई के संबंध में निर्देश देने की मांग की,...

जले शव का 'बॉक्सर जैसा' मुड़ना अकेले यह साबित नहीं करता कि मौत से पहले जलाया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी जले हुए शव का हाथ-पैर मुड़कर बॉक्सर जैसी स्थिति में आ जाना अकेले यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति को जिंदा रहते जलाया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तेज गर्मी के कारण शव में इस तरह की स्थिति बन सकती है, चाहे आग लगने के समय व्यक्ति जिंदा हो या उसकी पहले ही मौत हो चुकी हो।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की पीठ ने यह टिप्पणी एक आपराधिक अपील खारिज करते हुए की।अपीलकर्ता को वर्ष 1990 में अपनी पत्नी की मौत के मामले में दोषी ठहराया गया। पत्नी की वर्ष 1986 में...

ट्रेन से गिरकर यात्री की मौत, शव के टुकड़ों में मिलने से मुआवजे का दावा खारिज नहीं हो सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि ट्रेन से गिरने के बाद यात्री का शव कई टुकड़ों में मिला हो, तो केवल इस आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मौत रेलवे एक्ट की धारा 124-A में दिए गए अपवादों के अंतर्गत हुई थी। रेलवे को आत्महत्या, स्वयं को चोट पहुंचाने या यात्री के अपने आपराधिक कृत्य जैसी परिस्थितियों को ठोस और विश्वसनीय साक्ष्यों से साबित करना होगा।जस्टिस सैयद कमर हसन रिजवी ने रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल, लखनऊ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें शिव नारायण सिंह की विधवा के मुआवजे के दावे को खारिज...

Lucknow Fire Tragedy | हाईकोर्ट ने बिल्डिंग गिराने के आदेश के खिलाफ बिल्डिंग मालिक की याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को लखनऊ के अलीगंज इलाके की बिल्डिंग मालिक की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। इस बिल्डिंग में इस साल जून में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी। मालिक ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के बिल्डिंग गिराने के आदेश और उसके बाद की गई कार्रवाई को चुनौती दी थी।हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता और बिल्डिंग के सह-मालिक 62 वर्षीय वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला को कानून के तहत अपील करने का कानूनी विकल्प इस्तेमाल करने की इजाज़त दी।शुक्ला ने LDA के 10 जुलाई, 2026 के बिल्डिंग गिराने के...

Noida Workers' Protest | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'मज़दूर बिगुल दस्ता' के सदस्य को दी ज़मानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 'मज़दूर बिगुल दस्ता' (मज़दूरों का संगठन) के सदस्य हिमांशु ठाकुर को ज़मानत दी। यह ज़मानत नोएडा में अप्रैल 2026 में हुए औद्योगिक मज़दूरों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी दो FIR के सिलसिले में दी गई।दोनों FIR (केस क्राइम नंबर 164 और 165, साल 2026) गौतम बुद्ध नगर/नोएडा में सार्वजनिक जगहों और कंपनियों में कथित भीड़ द्वारा की गई हिंसा से जुड़ी थीं। इन घटनाओं में बड़ी संख्या में मज़दूर इकट्ठा हुए और उन्होंने कथित तौर पर पत्थरबाज़ी की थी तथा सार्वजनिक और कंपनी की संपत्ति को...

मकान गिराने पर तीन सरकारी अधिकारियों के विरोधाभासी दावे से हाईकोर्ट हैरान, पूछा- फिर तोड़फोड़ किसने की?
वाराणसी में अदालत के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के बावजूद मकान गिराए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों के विरोधाभासी दावों पर हैरानी जताई। अवमानना की कार्यवाही का सामना कर रहे तीनों अधिकारियों ने शपथपत्र देकर मकान गिराने से इनकार किया। हालांकि, इनमें से एक अधिकारी ने यह स्वीकार किया कि 11 जून 2026 को पुलिस बल के साथ वह मौके पर मौजूद था, जबकि उसी दौरान मकान गिराने की कार्रवाई हुई।जस्टिस विकास बुधवार ने इस विरोधाभास पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बेहद हैरानी वाली बात है कि...

सात साल तक की सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी-रिमांड पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, नाबालिग को जेल भेजने पर पुलिस-न्यायिक अधिकारियों को चेताया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात साल तक की अधिकतम सजा वाले अपराधों में गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के मामलों में पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को लापरवाही से बचने की कड़ी चेतावनी दी है। एक नाबालिग को ऐसे मामले में बार-बार न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पुलिस को पूरी तरह पालन करना होगा और रिमांड देते समय न्यायिक अधिकारियों को भी अपने विवेक का इस्तेमाल करना होगा।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की पीठ ने मामले...

Krishna Janmabhoomi Case | इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया गया: 'कार सेवा' की चिंता के बीच मथुरा प्रशासन ने सुरक्षा के इंतज़ाम किए
इलाहाबाद हाईकोर्ट को जानकारी दी गई कि मथुरा प्रशासन ने विवादित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर में सुरक्षा के इंतज़ाम किए हैं। यह कदम उस जगह पर 'कार सेवा' की संभावना को लेकर जताई गई चिंताओं के मद्देनजर उठाया गया।जस्टिस अवनीश सक्सेना की बेंच को इन इंतज़ामों के बारे में तब बताया गया, जब उन्होंने मथुरा के ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) द्वारा सीलबंद लिफ़ाफ़े में सौंपी गई रिपोर्ट को देखा।25 अगस्त को दिए अपने आदेश में कोर्ट ने दर्ज किया कि उसके पिछले आदेश के मुताबिक,...

स्वयं अपना केस लड़ने वाले व्यक्ति ने जज के खिलाफ 'अपमानजनक' भाषा का इस्तेमाल किया, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना का केस दर्ज किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक अवमानना का केस दर्ज करने का आदेश दिया। यह आदेश तब दिया गया जब पाया गया कि उसने खुद अपना केस लड़ने वाले व्यक्ति (party-in-person) के तौर पर एक रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर की थी, जिसमें हाईकोर्ट के मौजूदा जज के खिलाफ 'अपमानजनक' भाषा का इस्तेमाल किया गया।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने यह निर्देश तब दिया, जब वे बेंच के 9 जुलाई, 2026 के पिछले आदेश के खिलाफ दायर रिव्यू पिटीशन पर विचार कर रहे थे। उस पिछले आदेश...

आपराधिक मामलों में मेडिकल और फोरेंसिक रिकॉर्ड तक अदालतों की सीधी पहुंच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
आपराधिक मामलों में जांच से जुड़े मेडिकल और फोरेंसिक रिकॉर्ड तक अदालतों की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम निर्देश जारी किए।कोर्ट ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को ऐसी व्यवस्था तैयार करने को कहा, जिससे संबंधित अदालत या मजिस्ट्रेट मेडिकल और फोरेंसिक रिकॉर्ड को सीधे डिजिटल माध्यम से देख सकें। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने 19 अगस्त को यह निर्देश जारी किया। पीठ दहेज हत्या के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी।कोर्ट ने आरोपी को जमानत तो दे दी लेकिन...

3 महीने में कार्रवाई करें: हाईकोर्ट ने हाथरस पीड़िता के परिवार को दूसरी जगह बसाने में 'बेवजह रुकावट' डालने पर यूपी सरकार को फटकार लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह हाथरस गैंगरेप और हत्या की पीड़िता के परिवार को 3 महीने के भीतर गाजियाबाद या नोएडा में बसाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करे। कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार उसके पहले के निर्देशों का पालन करने में "बेवजह रुकावट" डाल रही थी।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने कहा कि 22 फरवरी 2025 को राज्य सरकार का जो फैसला आया था, जिसमें परिवार को कासगंज, एटा या अलीगढ़ में बसाने की पेशकश की गई, उसमें गाजियाबाद या नोएडा में बसाने की...

अर्ध-न्यायिक आदेश रद्द करने से ही उस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हो सकती, जिसने उसे पारित किया था: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि रिट कोर्ट द्वारा किसी अर्ध-न्यायिक आदेश रद्द करने से ही उस अधिकारी के खिलाफ 'ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1968' के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का आधार नहीं बनता, जिसने वह आदेश पारित किया। ऐसी कार्यवाही का निर्देश तभी दिया जा सकता है जब स्पष्ट, ठोस और सत्यापन योग्य तथ्य कदाचार को साबित करें।जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने कहा,"हम पाते हैं कि किसी सफल रिट याचिका के मामले में, जहां निचली अथॉरिटी का आदेश रद्द कर दिया जाता है तो केवल...

शिकायत के बाद लेकिन फ़ैसले से पहले जारी स्पष्टीकरण वाला सर्कुलर, लंबित पब्लिक टेंडर शिकायत पर लागू होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोई स्पष्टीकरण वाला सर्कुलर (Clarificatory Circular) जो किसी सह-बोलीदाता (Co-Bidder) के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज होने के बाद, लेकिन उस शिकायत पर अंतिम फ़ैसला होने से पहले लागू होता है, वह आम तौर पर लंबित शिकायत पर लागू होता है।कोर्ट ने कहा कि ऐसा सर्कुलर तब लागू नहीं होगा, जब यह किसी ऐसे अधिकार को प्रभावित करे जो पहले ही तय हो चुका हो, या जब यह साबित हो जाए कि इसे किसी खास शिकायत को नाकाम करने के लिए बनाया गया।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने...

हाईकोर्ट ने लखनऊ में ई-रिक्शा ट्रैफिक की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई, सरकार से नीति बनाने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने लखनऊ में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि शहर की सड़कों पर इनकी बढ़ती मौजूदगी से "ट्रैफिक की बड़ी समस्या" पैदा हो रही है और सरकार इस मुद्दे पर "सो नहीं सकती"।जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने कहा कि यह मुद्दा 'गंभीर' है और एक सही पॉलिसी बनाकर इसे जल्द-से-जल्द हल करने की ज़रूरत है।कोर्ट लखनऊ में ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रहा था।सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिस का एक अलग कैडर...

बेदखली के खिलाफ अपील में देरी को माफ़ करने से पहले भी किरायेदार को अंतरिम सुरक्षा दी जा सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अपीलीय अदालत की अपील में अंतरिम सुरक्षा देने की शक्ति केवल इसलिए खत्म नहीं होती कि उस अपील के साथ देरी को माफ़ करने (Condonation of Delay) की अर्ज़ी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि प्रस्तावित अपील के विषय-वस्तु (Subject Matter) को सुरक्षित रखने का आदेश, उस अपील को सुनने या उस पर फैसला करने के आदेश से अलग होता है।जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा,"देरी को माफ़ करने की अर्ज़ी का लंबित होना, अपने आप में अपीलीय अदालत को उचित सुरक्षात्मक आदेश पारित...

गार्जियन बनने के लिए अयोग्य ठहराये जाने तक पिता को नाबालिग बेटी की कस्टडी देने से मना नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 की धारा 6 के तहत अपनी नाबालिग बेटी का स्वाभाविक गार्जियन (अभिभावक) होने के नाते पिता को उसकी कस्टडी देने से तब तक मना नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसे गार्जियन बनने के लिए अयोग्य न साबित कर दिया जाए।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की बेंच ने कहा,"हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 की धारा 6 के प्रावधानों को देखते हुए बच्चों की कस्टडी का मुख्य अधिकार पिता का होता है; उसे नाबालिग बच्चे की कस्टडी से तब तक...

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के विपरीत फर्म को हमेशा के लिए प्रतिबंधित करना, अनुच्छेद 144 की 'घोर उपेक्षा': इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि राज्य प्राधिकारी जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून के तहत किसी फर्म को अनिश्चित काल के लिए काली सूची में डालते हैं, वह संविधान के अनुच्छेद 144 के तहत संवैधानिक जनादेश की घोर अवहेलना करते हैं।अनुच्छेद 144 में प्रावधान है कि भारत के क्षेत्र में सभी प्राधिकरण, नागरिक और न्यायिक, सुप्रीम कोर्ट की सहायता में कार्य करेंगे। न्यायालय ने माना कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधिकारिक तौर पर घोषित कानून, उस आदेश के आधार पर, राज्य और उसके अधिकारियों पर बाध्यकारी है।इरूसियन...

पुलिस मुठभेड़ की कहानी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट को संदेह, CBI जांच के आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कथित पुलिस मुठभेड़ की कहानी पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया।कोर्ट ने पुलिस मुठभेड़ों में सामने आने वाले उस कथित पैटर्न पर भी सवाल उठाया जिसमें पुलिसकर्मी अक्सर बिना घायल हुए बच निकलते हैं और पुलिस की गोली आरोपी के घुटने या उससे नीचे जाकर लगती है। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने आरोपी की ओर से दायर आपराधिक पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस के दावे पर प्रथम दृष्टया गंभीर संदेह जताया। आरोपी पर हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम समेत...
