सुप्रीम कोर्ट

न्यायिक अधिकारी के रूप में अनुभव को सिविल जज परीक्षाओं के लिए तीन साल की प्रैक्टिस में नहीं गिना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
न्यायिक अधिकारी के रूप में अनुभव को सिविल जज परीक्षाओं के लिए 'तीन साल की प्रैक्टिस' में नहीं गिना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल की प्रैक्टिस नियम पर अपने पहले के आदेश में संशोधन करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया। उक्त आदेश में कहा गया था कि न्यायिक अधिकारी के अनुभव को एक प्रैक्टिसिंग वकील के समकक्ष माना जाए। कोर्ट ने कहा कि इससे भानुमती का पिटारा खुल जाएगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ हाल ही में आए उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें न्यायिक सेवा में प्रवेश स्तर के पदों के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवार के लिए...

BREAKING| वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की सूची प्रकाशित करें, नाम हटाने का कारण भी बताएं: सुप्रीम कोर्ट का ECI को निर्देश
BREAKING| वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की सूची प्रकाशित करें, नाम हटाने का कारण भी बताएं: सुप्रीम कोर्ट का ECI को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 अगस्त) को भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) को निर्देश दिया कि वह बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद प्रकाशित वोटर लिस्ट से हटाए गए लगभग 65 लाख मतदाताओं की जिलावार सूची जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर प्रकाशित करे। न्यायालय ने यह भी कहा कि नाम हटाने के कारण जैसे मृत्यु, प्रवास, दोहरा पंजीकरण आदि, स्पष्ट किए जाने चाहिए।यह जानकारी बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जानी चाहिए। दस्तावेजों को EPIC नंबरों के आधार पर सर्च किया...

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाली मुस्लिम कामगारों को बांग्लादेशी बताकर हिरासत में रखने का आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाली मुस्लिम कामगारों को बांग्लादेशी बताकर हिरासत में रखने का आरोप लगाने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि पश्चिम बंगाल के प्रवासी मुस्लिम कामगारों को बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में कई राज्यों में हिरासत में रखा जा रहा है।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और केंद्र के साथ-साथ प्रतिवादी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल) से जवाब तलब किया। मौखिक रूप से खंडपीठ ने सवाल किया कि मांगे गए निर्देशों...

जब सड़क खराब हालत में हो, तो टोल कैसे वसूला जा सकता है?: सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से NH 544 के पलियेक्कारा में टोल वसूली पर पूछा
'जब सड़क खराब हालत में हो, तो टोल कैसे वसूला जा सकता है?': सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से NH 544 के पलियेक्कारा में टोल वसूली पर पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 अगस्त) को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से दायर उस याचिका पर विचार करने में अनिच्छा व्यक्त की, जिसमें केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग 544 पर स्थित त्रिशूर जिले के पलियेक्कारा टोल प्लाजा पर राजमार्ग की खराब स्थिति के कारण टोल संग्रह निलंबित कर दिया गया था। दो जजों की पीठ के सदस्य, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन, दोनों ने कहा कि उन्होंने सड़क की खराब स्थिति का व्यक्तिगत रूप से अनुभव...

मध्यस्थता कार्यवाही में हस्ताक्षर न करने वालों को भाग लेने का कोई अधिकार नहीं, उनकी उपस्थिति गोपनीयता का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट
मध्यस्थता कार्यवाही में हस्ताक्षर न करने वालों को भाग लेने का कोई अधिकार नहीं, उनकी उपस्थिति गोपनीयता का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (13 अगस्त) को कहा कि मध्यस्थता समझौते पर हस्ताक्षर न करने वाला पक्ष मध्यस्थता कार्यवाही में भाग नहीं ले सकता, क्योंकि मध्यस्थता समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले पक्ष केवल मध्यस्थता कार्यवाही में उपस्थित रहने के हकदार हैं।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की खंडपीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया, जिसमें मध्यस्थता समझौते पर हस्ताक्षर न करने वालों को अपने वकीलों की उपस्थिति में मध्यस्थता कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी गई थी।इस प्रकार, न्यायालय ने इस...

शेल्टर होम्स में आवारा कुत्तों के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए, गोद लेने पर विचार किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
शेल्टर होम्स में आवारा कुत्तों के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए, गोद लेने पर विचार किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

निर्देश जारी करने के दो दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय जारी किया, जिसमें उसने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम्स/डॉग्स में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।अपलोड किए गए निर्णय में न्यायालय ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी शामिल किए कि आश्रय गृहों में कुत्तों के साथ दुर्व्यवहार न हो। न्यायालय ने कहा कि वह उनके जीवन के प्रति "सहानुभूति" रखता है और स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर कुत्तों के साथ दुर्व्यवहार या क्रूरता नहीं की जाएगी।जस्टिस जेबी पारदीवाला और...

Bihar SIR| सुप्रीम कोर्ट का याचिकाकर्ताओं के सवाल, क्या ECI के पास विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार नहीं है?
Bihar SIR| सुप्रीम कोर्ट का याचिकाकर्ताओं के सवाल, 'क्या ECI के पास विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार नहीं है?'

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (13 अगस्त) को बिहार की मतदाता सूचियों के चुनाव आयोग द्वारा किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं से पूछा कि क्या चुनाव आयोग के पास इस तरह की प्रक्रिया को उचित तरीके से करने का अधिकार नहीं है?जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि "चुनाव आयोग किसी भी समय, दर्ज किए जाने वाले कारणों से किसी भी निर्वाचन क्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए मतदाता सूची के विशेष...

कांचा गच्‍चीबावली | आईटी साइट के लिए नए प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, जिसमें पर्यावरण हितों के साथ संतुलन हो: तेलंगाना सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
कांचा गच्‍चीबावली | आईटी साइट के लिए नए प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, जिसमें पर्यावरण हितों के साथ संतुलन हो: तेलंगाना सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

सुप्रीम कोर्ट बुधवार (13 अगस्त) को कांचा गच्चीबावली वनों की कटाई मामले की सुनवाई की, जिस दरमियान तेलंगाना सरकार ने कोर्ट को बताया कि सतत विकास को ध्यान में रखते हुए अपने आईटी स्थल के लिए एक बेहतर प्रस्ताव लाने की योजना बना रही है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ हैदराबाद के बाहरी इलाके कांचा गच्चीबावली क्षेत्र में तेलंगाना सरकार की ओर से 1,000 पेड़ों की कटाई के स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी।राज्य की ओर से सीनियर एडवोकेट एएम सिंघवी ने जवाब दाखिल करने के लिए...

अनन्य क्षेत्राधिकार का स्थान मध्यस्थता की सीट माना जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
अनन्य क्षेत्राधिकार का स्थान मध्यस्थता की 'सीट' माना जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता समझौते में मध्यस्थता के लिए कोई सीट या वैन्यू न होने पर, वह स्थान जहां समझौते के अनुसार अनन्य अधिकार क्षेत्र निहित है, मध्यस्थता का 'सीट' माना जाएगा। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की पीठ ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक ऐसे विवाद में मध्यस्थ की नियुक्ति के लिए आवेदन स्वीकार किया गया था, जहा मध्यस्थता समझौते ने बॉम्बे हाईकोर्ट को न्यायनिर्णयन का अनन्य अधिकार क्षेत्र प्रदान किया था।ब्राह्मणी रिवर पेलेट्स लिमिटेड...

केरल सरकार और राज्यपाल के बीच गतिरोध: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कुलपति की नियुक्तियों के लिए खोज समिति गठित की जाएगी
केरल सरकार और राज्यपाल के बीच गतिरोध: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कुलपति की नियुक्तियों के लिए खोज समिति गठित की जाएगी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (13 अगस्त) को केरल में विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के मुद्दे पर सूबे के राज्यपाल और सरकार के बीच जारी गतिरोध को देखते हुए दो राज्य विश्वविद्यालयों - एपीजे अब्दुल कलाम टेक्नोलॉज यूनिवर्सिटी और डिजिटल यूनिवर्सिटी- में कुलपतियों की नियुक्तियों के लिए नामों की सूची बनाने के लिए सर्च कमेटी के गठन का फैसला किया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की एटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया आर वेंकटरमणि और राज्य की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता से पांच सदस्यीय...

सुप्रीम कोर्ट ने नियोक्ताओं द्वारा POSH Act के अनुपालन का पता लगाने के लिए ज़िलावार सर्वेक्षण का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने नियोक्ताओं द्वारा POSH Act के अनुपालन का पता लगाने के लिए ज़िलावार सर्वेक्षण का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त को निर्देश दिया कि प्रत्येक राज्य के प्रत्येक ज़िले के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में आंतरिक समिति (पूर्व में आंतरिक शिकायत समिति) के गठन के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए 6 सप्ताह के भीतर एक व्यापक सर्वेक्षण किया जाए। न्यायालय ने प्रत्येक ज़िले के श्रम आयुक्त और प्रत्येक राज्य के मुख्य श्रम अधिकारी को पंजीकृत संस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया ताकि आंतरिक समिति के गठन की जानकारी उपायुक्त या समकक्ष अधिकारी को दी जा सके, जिनका उपयोग सर्वेक्षण के...

मुवक्किल द्वारा अपने मामले का निपटारा करने वाले वकीलों की नियुक्ति से इनकार करने पर सुप्रीम कोर्ट ने BCI को जांच के आदेश दिए
मुवक्किल द्वारा अपने मामले का निपटारा करने वाले वकीलों की नियुक्ति से इनकार करने पर सुप्रीम कोर्ट ने BCI को जांच के आदेश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को उस कार्यवाही की जांच करने का निर्देश दिया, जिसमें कुछ वकीलों ने याचिकाकर्ता और प्रतिवादी के बीच समझौता कराने के लिए कथित रूप से एक झूठा समझौता तैयार किया, जबकि प्रतिवादी का दावा है कि उसने अपने मामले का प्रतिनिधित्व करने के लिए कभी किसी वकील की नियुक्ति नहीं की।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की खंडपीठ के समक्ष अजीबोगरीब मामले में न्यायालय को यह विचार करना था कि क्या उसे अपने 13 दिसंबर, 2024 के आदेश को वापस लेना चाहिए, जिसके...

निश्चित अवधि के आजीवन कारावास की सजा पूरी करने वाला दोषी बिना छूट के रिहाई का हकदार: सुप्रीम कोर्ट
निश्चित अवधि के आजीवन कारावास की सजा पूरी करने वाला दोषी बिना छूट के रिहाई का हकदार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (12 अगस्त) को कहा कि बिना छूट के निश्चित अवधि के आजीवन कारावास की सजा पाने वाला दोषी बिना छूट के स्वतः रिहाई का हकदार है।यह कहते हुए जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने यह देखते हुए 2002 के नीतीश कटारा हत्याकांड के एक दोषी सुखदेव यादव को रिहा करने का आदेश दिया कि उसने बिना छूट के 20 साल की कारावास की निर्धारित अवधि पूरी कर ली है। न्यायालय ने कहा कि एक बार दोषी द्वारा सजा पूरी कर लेने के बाद सजा समीक्षा बोर्ड के समक्ष छूट के लिए आवेदन करने की कोई...

वादी आदेश 39 नियम 3 सीपीसी की शर्तों का पालन करने में विफल रहता है तो एकपक्षीय निषेधाज्ञा रद्द की जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
वादी आदेश 39 नियम 3 सीपीसी की शर्तों का पालन करने में विफल रहता है तो एकपक्षीय निषेधाज्ञा रद्द की जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आदेश 39 नियम 3 सीपीसी के तहत दी गई एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा रद्द की जा सकती है, यदि एकपक्षीय राहत प्रदान करने के कारणों को दर्ज करने और प्रतिपक्षी को दस्तावेज़ों की तामील करने की अनिवार्य आवश्यकताओं का पालन नहीं किया गया हो।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने एक ऐसे मामले की सुनवाई की, जिसमें एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा प्राप्त करने वाले अपीलकर्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी, जिसमें निचली अदालत के आदेश को पलट दिया गया। हाईकोर्ट ने...

चीफ जस्टिस अन्य जजों से सीनियर नहीं, अन्य बेंच के आदेशों पर पुनर्विचार नहीं कर सकते: सीजेआई बीआर गवई
चीफ जस्टिस अन्य जजों से सीनियर नहीं, अन्य बेंच के आदेशों पर पुनर्विचार नहीं कर सकते: सीजेआई बीआर गवई

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से ऋतु छाबड़िया बनाम भारत संघ मामले में 2023 के फैसले को वापस लेने के लिए दायर आवेदन पर सवाल किया। इस फैसले में कहा गया था कि जब जांच एजेंसी अधूरी चार्जशीट दाखिल करती है, तो आरोपी का डिफ़ॉल्ट ज़मानत मांगने का अधिकार समाप्त नहीं हो जाता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने यह भी कहा कि चीफ जस्टिस की बेंच अन्य बेंचों द्वारा पारित आदेशों में बदलाव नहीं कर सकती।हालांकि, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस सीटी...

क्रिकेट एसोसिएशन में गंदी राजनीति: सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस नागेश्वर राव को BCA का लोकपाल नियुक्त किया
'क्रिकेट एसोसिएशन में गंदी राजनीति': सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस नागेश्वर राव को BCA का लोकपाल नियुक्त किया

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार क्रिकेट संघ (BCA) के पदाधिकारियों की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूर्व जज जस्टिस एल. नागेश्वर राव को बिहार क्रिकेट संघ का लोकपाल नियुक्त किया। इसके बाद न्यायालय ने यह कहते हुए मामले का निपटारा कर दिया कि ऐसे संघों में गंदी राजनीति चल रही है और सरकारी राजस्व की बर्बादी हो रही है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ के उस आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एकल पीठ द्वारा पटना हाईकोर्ट के...

Bihar SIR एक गहन विलोपन प्रक्रिया: ECI द्वारा मृत घोषित किए गए दो लोगों के साथ सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए योगेंद्र यादव
'Bihar SIR एक गहन विलोपन प्रक्रिया': ECI द्वारा मृत घोषित किए गए दो लोगों के साथ सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए योगेंद्र यादव

बिहार की मतदाता सूची में चुनाव आयोग (ECI) द्वारा किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (Bihar SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं में पॉलिटिक्स एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दो ऐसे लोगों को पेश किया, जिन्हें चुनाव आयोग (ECI) की मसौदा मतदाता सूची में कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया था।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और कल (बुधवार) भी सुनवाई जारी रहेगी।यादव के आरोप का चुनाव आयोग के वकील और सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने विरोध किया और कहा कि इस...

Bihar SIR पर उठाई गई आपत्तियों पर भड़का ECI, कहा- कोर्ट में यह क्या नाटक चल रहा है; कल भी जारी रहेगी सुनवाई
Bihar SIR पर उठाई गई आपत्तियों पर भड़का ECI, कहा- 'कोर्ट में यह क्या नाटक चल रहा है'; कल भी जारी रहेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (12 अगस्त) को बिहार की मतदाता सूची के चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनीं।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने दिन के दूसरे पहर में मामले की सुनवाई की।सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल (राजद सांसद मनोज कुमार झा की ओर से) ने दलील दी कि 1 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से लगभग 65 लाख मतदाताओं को बिना किसी आपत्ति के बाहर करना अवैध है। हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि नियमों के अनुसार, बाहर किए...