राज�थान हाईकोट
अतिक्रमणकारियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों को अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया, पुलिस को कार्रवाई की चेतावनी दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमणकारियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं हो सकती। न्यायालय ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे विभिन्न शहरों और कस्बों के नगर निगमों और नगर परिषदों को शहर/कस्बों की सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश जारी करें।मनोज टिबरेवाल आकाश मामले का हवाला देते हुए जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित ने कहा,"अतिक्रमण हटाने का ऐसा अभियान राज्य स्तर पर चलाया जाना चाहिए...
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: चैरिटेबल ट्रस्ट की 700 दिन की देरी माफ, कोर्ट बोला- कोई दुर्भावना नहीं थी
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट दाख़िल करने में हुई 700 दिन की देरी को माफ कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब संस्था समाजोपयोगी चैरिटेबल गतिविधियां कर रही है। इसके अलावा, देरी में कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं है तो केवल समयसीमा की तकनीकी अड़चन के कारण कर छूट का लाभ नहीं रोका जा सकता।जस्टिस के.आर. श्रीराम और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर कानून ने विलंब को माफ करने के लिए व्यापक विवेकाधिकार दिया है। ऐसे मामलों में संतुलित व...
राजस्थान हाईकोर्ट ने मृतक की पत्नी की आपत्ति के बावजूद विधवा उम्मीदवारों के लिए आयोजित परीक्षा में महिला को बैठने की अनुमति दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक पुरुष की विधवा होने का दावा कर रही एक महिला को अनुसूचित जनजाति (विधवा) श्रेणी के अंतर्गत प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा कोर्ट पूरा करने की अनुमति दी, जबकि मृतक की पत्नी ने उसकी "विधवा" स्थिति को चुनौती दी थी।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि याचिकाकर्ता की मृतक की "विधवा" या "तलाकशुदा पत्नी" के रूप में स्थिति पर न्यायालय निर्णय नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक विवादित तथ्यात्मक प्रश्न है। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि चूंकि उसे एक अंतरिम आदेश के आधार पर कोर्स जारी रखने की अनुमति...
स्कूल ने स्टूडेंट का फॉर्म CBSE को नहीं भेजा, कोर्ट ने जताई नाराज़गी: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक स्कूल को तीन बार याद दिलाने के बावजूद सुधार परीक्षा लिखने के लिए एक छात्र का परीक्षा फॉर्म सीबीएसई को नहीं भेजने पर हैरानी जताई है।इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि स्कूल ने पहले ही छात्र को 1.10 लाख रुपये का मुआवजा दिया था और छात्र को विषय के लिए रिपीट पेपर में उपस्थित होने की अनुमति दी गई थी, अदालत ने सीबीएसई को एक सप्ताह में परिणाम घोषित करने का निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने अपने आदेश में कहा, बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,...
'अंधा होना सपनों को नष्ट नहीं कर सकता': राजस्थान हाईकोर्ट ने कोर्स पूरा करने में MBBS छात्र की मदद के लिए पैनल का गठन किया, जिसने 2 साल बाद दृष्टि खो दी थी
राजस्थान हाईकोर्ट ने एम्स, दिल्ली में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो एक एमबीबीएस छात्रा की जांच करेगी जो दो साल का कोर्स पूरा करने के बाद दृष्टिहीन हो गई थी। समिति ने उसे कोर्स पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए उपयुक्त तौर-तरीकों और पद्धतियों की सिफारिश की है। जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि भारत और विदेशों में ऐसे कई लोग हैं जो दृष्टिबाधित होने के बावजूद सफल डॉक्टर बने। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का हवाला दिया और कहा कि दिशानिर्देश बनाते समय दिव्यांग डॉक्टरों पर भी विचार किया...
CrPC की धारा 102 | क्या सिर्फ़ पुलिस के पत्र पर बैंक खाते ज़ब्त किए जा सकते हैं? राजस्थान हाईकोर्ट ने बार के सदस्यों से सुझाव मांगे
राजस्थान हाईकोर्ट ने सामान्य नोटिस जारी कर बार के सभी सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया, क्या सिर्फ़ पुलिस (जांच एजेंसी) से प्राप्त पत्र के आधार पर CrPC की धारा 102, के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना खाताधारक का बैंक अकाउंट ज़ब्त किया जा सकता है?जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ऐसे व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसका बैंक अकाउंट बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने पुलिस से प्राप्त एक पत्र के आधार पर कथित तौर पर CrPC की धारा 102 के तहत निर्धारित किसी भी प्रक्रिया...
राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत 29 अगस्त तक बढ़ाई, मेडिकल बोर्ड को स्वास्थ्य जांच का दिया निर्देश
गुजरात हाईकोर्ट द्वारा मेडिकल आधार पर आसाराम बापू की अस्थायी जमानत 21 अगस्त तक बढ़ाने के आदेश के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने भी 2013 के दुष्कर्म मामले में उन्हें दी गई जमानत 29 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी।पिछले महीने 8 जुलाई, 2025 के आदेश में जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के 3 जुलाई के आदेश के आधार पर जमानत 12 अगस्त तक बढ़ाई थी। उस आदेश में गुजरात हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल आधार पर आगे जमानत बढ़ाने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट...
राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़कों से आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों को हटाने का आदेश दिया, बाधा पैदा करने वालों पर दर्ज होगी FIR
राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार (11 अगस्त) को नगर निकायों को शहर की सड़कों से आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों को हटाने का निर्देश दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि उन्हें कम से कम शारीरिक नुकसान हो।अदालत ने आगे कहा कि यदि कोई भी नगर निकायों को सड़कों/कॉलोनियों/सार्वजनिक रास्तों से आवारा जानवरों को हटाने से रोकता है तो नगर निगम के अधिकारी/कर्मचारी ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं, जिसमें लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने के लिए FIR दर्ज...
राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के पिता की टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी की याचिका खारिज की, अनिच्छा और अजन्मे बच्चे के जीवन के अधिकार का हवाला दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने कथित बलात्कार के बाद अपनी नाबालिग बेटी का टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कराने की पिता की याचिका इस आधार पर खारिज किया कि बेटी गर्भपात कराने के लिए तैयार नहीं थी। न्यायालय ने कहा कि अभिभावकों द्वारा दी गई सहमति गर्भवती पीड़िता की स्वायत्तता और निर्णय को प्रभावित नहीं कर सकती।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि माता-पिता द्वारा मांगी गई अनुमति देने से न केवल पीड़िता के जीवन के अधिकार का उल्लंघन होगा, बल्कि अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त भ्रूण/अजन्मे बच्चे के जीवन के अधिकार का भी...
ओवरलोडिंग के सबूत के बिना वाहन का रजिस्ट्रेशन निलंबित नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि खान विभाग द्वारा वाहनों में ओवरलोडिंग के आरोपों के आधार पर कोठपुतली के जिला परिवहन अधिकारी द्वारा वाहनों का वास्तविक वजन किए बिना ही पंजीकरण निलंबित करने के आदेश, जो कि वाहनों का वास्तविक वजन किए बिना ही पारित किए गए थे, टिकने योग्य नहीं हैं।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये आदेश केवल एक धारणा के आधार पर केवल खनन विभाग से प्राप्त रिपोर्ट पर निर्भर करते हुए और वाहनों का वास्तविक वजन मापे बिना ही पारित किए गए।आगे कहा गया,“वाहनों के रजिस्ट्रेशन...
विदेश में जन्मे भारतीय बच्चों की नागरिकता पर विचार करे केंद्र सरकार: राजस्थान हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय से कानूनों की समीक्षा की सिफारिश की
राजस्थान हाईकोर्ट ने विदेश में भारतीय माता-पिता से जन्मे बच्चों की नागरिकता से जुड़ी परेशानियों को देखते हुए केंद्र सरकार को इस विषय में मौजूदा कानूनों की समीक्षा करने और आवश्यक संशोधन पर विचार करने की सिफारिश की। कोर्ट ने कहा कि इन बच्चों के कल्याण और सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए लचीले और मजबूत अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे की जरूरत है।जस्टिस अनूप कुमार ढंड की एकल पीठ ने यह टिप्पणी पांच वर्षीय बच्ची सहर गोगिया द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जो ऑस्ट्रेलिया में भारतीय माता-पिता के यहां...
स्पोर्ट्स कोटे में नौकरी के लिए बॉडीबिल्डिंग सर्टिफिकेट वैध: IBBF को खेल मंत्रालय की मान्यता, राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि इंडियन बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन (IBBF) द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र वैध हैं। उन्हें खेल कोटे में भर्ती और अंकों की वेटेज के लिए मान्यता मिलनी चाहिए, क्योंकि यह फेडरेशन केंद्र सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है।जस्टिस कुलदीप माथुर और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस विशेष अपील की सुनवाई के दौरान की, जिसमें एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें IBBF के प्रमाण पत्र के आधार पर एक उम्मीदवार की खेल कोटे में...
राजस्थान हाईकोर्ट ने 2021 पटवारी भर्ती परीक्षा में महिला अभ्यर्थियों को 'करवा चौथ' के लिए दी गई सुविधा को बरकरार रखा
राजस्थान हाईकोर्ट ने पटवारी सीधी भर्ती परीक्षा 2021 के परिणाम को बरकरार रखते हुए कहा कि सामान्यीकरण प्रक्रिया कानून के अनुसार थी और करवा चौथ के कारण महिला उम्मीदवारों को एक दिन पहले परीक्षा में बैठने की सुविधा संविधान के अनुच्छेद 14 या 16 का उल्लंघन नहीं करती है। जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ अंतिम चयन सूची को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इस आधार पर कहा गया था कि परीक्षा बोर्ड द्वारा अपनाई गई सामान्यीकरण पद्धति पूर्वव्यापी प्रभाव...
मात्र स्कूल सर्टिफिकेट से ही तय नहीं हो सकती अपहरण पीड़िता की आयु: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोप से बरी करने के निचली अदालत का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि मात्र स्कूल द्वारा जारी सर्टिफिकेट यदि उसके पीछे कोई ठोस दस्तावेज या साक्ष्य न हो, तो वह किसी पीड़िता की आयु निर्धारित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।कोर्ट ने कहा कि स्कूल सर्टिफिकेट केवल उस स्थिति में स्वीकार्य हो सकता है, जब वह स्कॉलरशिप रजिस्ट्रेशन में दर्ज प्रविष्टियों पर आधारित हो और वह प्रविष्टियां एडमिशन फॉर्म में माता-पिता द्वारा दर्ज जानकारी पर आधारित हों। लेकिन इस...
धारा 17-A का संरक्षण भ्रष्ट अधिकारियों के लिए ढाल नहीं बन सकता यदि ऑडियो/वीडियो में प्रथम दृष्टया साक्ष्य मौजूद हो: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोप में ऑडियो या वीडियो जैसे प्रथम दृष्टया इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं तो केवल धारा 17-A, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पूर्वानुमति न मिलने के आधार पर उसके विरुद्ध अभियोजन न चलाना न्याय का उपहास होगा।धारा 17-A के अनुसार यदि कोई अपराध किसी सरकारी अधिकारी द्वारा अपने पद का दायित्व निभाते हुए किसी निर्णय या सिफारिश से संबंधित हो तो उस पर जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति आवश्यक है। हालांकि यदि व्यक्ति को...
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 2(2) आदिवासी महिलाओं के लिए पिता की संपत्ति पर दावा करने में बाधा: राजस्थान हाईकोर्ट ने संशोधन का सुझाव दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जब गैर-अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों की बेटियां पिता की संपत्ति में समान हिस्से की हकदार हैं तो ST समुदाय की बेटियों को समान अधिकार से वंचित करने का कोई कारण नहीं है।हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 2 अधिनियम के लागू होने का दायरा निर्धारित करती है। उक्त धारा 2(2) यह प्रावधान करती है कि अधिनियम में निहित कोई भी बात संविधान के अनुच्छेद 366 के खंड (25) के अर्थ में किसी भी अनुसूचित जनजाति के सदस्यों पर लागू नहीं होगी, जब तक कि केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना...
राजस्थान हाईकोर्ट ने कुत्तों के काटने और सार्वजनिक सड़कों पर आवारा पशुओं के 'खतरे' का स्वतः संज्ञान लिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में कुत्तों के काटने की घटनाओं और सार्वजनिक सड़कों व राजमार्गों पर आवारा पशुओं के आतंक के कारण राज्य में कई मौतों का स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायालय ने राजस्थान में कुत्तों के काटने की घटनाओं से संबंधित विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों पर ध्यान दिया, जिनमें से एक में प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, जो मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी पर आधारित है, जिसमें "भारत में कुत्तों के काटने के...
कृषि भूमि से संबंधित रद्द योग्य सेल डीड के विवाद सिविल कोर्ट ही सुलझा सकते हैं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि वादपत्र में लगाए गए आरोप यह संकेत देते हैं कि संपत्ति का हस्तांतरण रद्द योग्य है तो ऐसे मामलों में केवल सिविल कोर्ट को ही अधिकार होगा राजस्व कोर्ट को नहीं। चाहे विवादित संपत्ति कृषि भूमि ही क्यों न हो और भले ही राजस्थान भू-स्वामी अधिनियम 1955 की धारा 207 में इसके लिए राजस्व न्यायालय का उल्लेख हो।जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की पीठ ने यह टिप्पणी पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें याचिकाकर्ता ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में CPC की...
Illegal Title-Deeds | नगर परिषद प्रमुख की वह याचिका खारिज, जिसमें इस आधार पर सुरक्षा की मांग की गई कि प्रति-हस्ताक्षरकर्ता पर कोई कार्रवाई नहीं हुई
राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक नगर परिषद की अध्यक्ष की याचिका को खारिज कर दिया, जिन्हें अपने पद का दुरुपयोग कर अपने परिचित व्यक्तियों के पक्ष में "अवैध" तरीके से स्वामित्व-पत्र जारी करने के आरोप में निलंबित किया गया था। न्यायालय ने कहा कि अधिकारी इस आधार पर छूट का दावा नहीं कर सकती कि स्वामित्व-पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले किसी अन्य अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।राजस्थान हाईकोर्ट की पीठ ने नगर परिषद, करौली की अध्यक्ष द्वारा अपने निलंबन के विरुद्ध दायर याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका...
S. 498A IPC के तहत लंबित आपराधिक मामला हज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार करने का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत आरोपित एक अभियुक्त द्वारा हज के धार्मिक अनुष्ठानों के लिए दो महीने की अवधि के लिए मक्का-मदीना की यात्रा करने के लिए दायर आवेदन को स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने कहा कि इस प्रावधान के तहत आपराधिक मामला लंबित होने के कारण धार्मिक उद्देश्यों के लिए विदेश यात्रा की अनुमति न देना अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने सभी अधीनस्थ न्यायालयों को न्यायिक निर्देश जारी करते हुए कहा कि जब भी किसी अभियुक्त...
















