पटना हाईकोट

कस्टम्स एक्ट में उल्लंघन की आशंका होने पर जांच के लिए असीमित शक्तियां प्राप्त: पटना हाईकोर्ट
कस्टम्स एक्ट में उल्लंघन की आशंका होने पर जांच के लिए असीमित शक्तियां प्राप्त: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने अपने हालिया निर्णय में कहा कि कस्टम्स एक्ट, 1962 उस स्थिति में असीमित जांच शक्ति प्रदान करता है, जब इसके प्रावधानों के उल्लंघन की आशंका हो।जस्टिस मोहित कुमार शाह ने इस मामले की सुनवाई करते हुए टिप्पणी की,“केवल कुछ तकनीकी आधारों पर जांच को प्रारंभिक चरण में ही रोका नहीं जा सकता। कस्टम्स एक्ट उस स्थिति में पूर्ण जांच शक्ति प्रदान करता है, जब यह विश्वास करने का कारण हो कि इसके प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।”यह निर्णय सिविल रिट क्षेत्राधिकार मामले में दिया गया था, जो विशाल रोडवेज...

IPC की धारा 307 | आरोप तय करने के लिए इरादा या ज्ञान का प्रत्यक्ष प्रमाण आवश्यक नहीं, परिस्थितियों से अनुमान लगाया जा सकता है: पटना हाईकोर्ट
IPC की धारा 307 | आरोप तय करने के लिए इरादा या ज्ञान का प्रत्यक्ष प्रमाण आवश्यक नहीं, परिस्थितियों से अनुमान लगाया जा सकता है: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत आरोप तय करने के चरण पर यह आवश्यक नहीं है कि अभियुक्त के मृत्यु करने के इरादे या ज्ञान को प्रत्यक्ष प्रमाण से सिद्ध किया जाए। इसके बजाय, यदि उपलब्ध साक्ष्यों से इरादा या ज्ञान परिस्थितियों से अनुमानित हो सकता है तो वह पर्याप्त है।जस्टिस विवेक चौधरी ने इस मामले में कहा,“अब सवाल यह उठता है कि इरादे या ज्ञान को कैसे सिद्ध किया जा सकता है। आरोप तय करने की प्रारंभिक अवस्था में और यहां तक कि मुकदमे के दौरान...

पटना हाईकोर्ट ने शिक्षा के व्यवसायीकरण के आरोपों पर बिरला एजु-टेक के खिलाफ याचिका खारिज की, कहा- CBSE उप-नियमों के उल्लंघन का कोई ठोस साक्ष्य नहीं
पटना हाईकोर्ट ने शिक्षा के व्यवसायीकरण के आरोपों पर बिरला एजु-टेक के खिलाफ याचिका खारिज की, कहा- CBSE उप-नियमों के उल्लंघन का कोई ठोस साक्ष्य नहीं

पटना हाईकोर्ट ने बिरला एजु-टेक लिमिटेड पर शिक्षा के व्यवसायीकरण का आरोप लगाते हुए जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के Birla Open Minds के तहत चलने वाले सभी स्कूलों के खिलाफ कोई व्यापक या सामान्य जांच नहीं की जा सकती।जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा ने अपने आदेश में कहा,"इस न्यायालय का मत है कि Birla Open Minds School के नाम पर चल रहे सभी स्कूलों के खिलाफ कोई भी सामान्य जांच निर्देशित नहीं की जा सकती। हालांकि यदि किसी विशेष साक्ष्य के माध्यम से CBSE के...

पटना हाईकोर्ट ने 16 साल बाद पंचायत शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया
पटना हाईकोर्ट ने 16 साल बाद पंचायत शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने 2009 में पंचायत शिक्षक के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को निर्देश दिया कि वे नियोजन इकाई से संबंधित सेवा विवरण प्राप्त करें और जिला अपीलीय प्राधिकारी एवं राज्य अपीलीय प्राधिकारी द्वारा दिए गए पूर्व आदेशों का पालन करते हुए नियुक्ति पत्र जारी करें।जस्टिस पूर्णेन्दु सिंह ने अपने आदेश में कहा,“मेरे पास कोई अन्य विकल्प नहीं है, सिवाय इसके कि जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला...

RTI Act की धारा 19(8)(b) के तहत मुआवजा केवल वास्तविक क्षति या हानि सिद्ध होने पर ही मिलेगा: पटना हाईकोर्ट
RTI Act की धारा 19(8)(b) के तहत मुआवजा केवल वास्तविक क्षति या हानि सिद्ध होने पर ही मिलेगा: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने सूचना के विलंबित प्रेषण के कारण मुआवजे की मांग करने वाली याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (RTI Act) की धारा 19(8)(b) के तहत मुआवजा केवल उसी स्थिति में दिया जा सकता है, जब याचिकाकर्ता यह सिद्ध कर सके कि उसे सूचना में हुई देरी के कारण वास्तविक क्षति या हानि हुई है।जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा,"याचिकाकर्ता ने मुआवजे की मांग के लिए अपने द्वारा झेली गई हानि या क्षति का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इसके...

पटना हाईकोर्ट ने पब्लिक टेंडर में जाली अनुभव प्रमाण पत्र देने के लिए फर्म को ब्लैक लिस्ट करने का फैसला बरकरार रखा
पटना हाईकोर्ट ने पब्लिक टेंडर में जाली अनुभव प्रमाण पत्र देने के लिए फर्म को ब्लैक लिस्ट करने का फैसला बरकरार रखा

पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में अपने एक फैसले में कहा कि सार्वजनिक निविदा में जाली प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना एक गंभीर मामला है, जो निगम के विश्वास को खतरे में डालता है।न्यायालय ने आगे कहा कि ऐसे व्यक्तियों के बारे में अन्य विभागों को चेतावनी देना प्रत्येक निगम का कर्तव्य है।एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा,"जाली प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना जिसके कारण FIR दर्ज हो जाती है, भले ही उससे संबंधित जांच लंबित हो, एक गंभीर मामला है। यह निगम के विश्वास को...

Section 12 JJ Act| कानून का उद्देश्य संघर्षरत बच्चों को सुधारना, उन्हें दंडित करना समाज के लिए आत्मघाती होगा: पटना हाईकोर्ट
Section 12 JJ Act| कानून का उद्देश्य संघर्षरत बच्चों को सुधारना, उन्हें दंडित करना समाज के लिए आत्मघाती होगा: पटना हाईकोर्ट

कानून के साथ संघर्ष करने वाले (सीआईसीएल) कथित बच्चे को जमानत देते समय पटना हाईकोर्ट ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 12 का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि किशोर को जमानत देना एक नियम है और जमानत देने से इनकार करना अपवाद है। ऐसा करते हुए न्यायालय ने कहा कि कानून के साथ संघर्ष करने वाले किशोर को जमानत देने से केवल कुछ परिस्थितियों में ही इनकार किया जा सकता है, जिसमें यह भी शामिल है कि अगर जमानत पर किशोर किसी ज्ञात अपराधी के संपर्क में आ सकता है या किशोर शारीरिक, मनोवैज्ञानिक खतरे में पड़...

जांच के दौरान गिरफ्तारी नहीं की गई तो ED के पास संज्ञान लेने के बाद PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं: पटना हाईकोर्ट
जांच के दौरान गिरफ्तारी नहीं की गई तो ED के पास संज्ञान लेने के बाद PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने माना कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) विशेष न्यायालय द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद किसी आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकता है, यदि जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया हो। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस सत्यव्रत वर्मा ने कहा, "प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश विद्वान वकील याचिकाकर्ता की ओर से पेश विद्वान वकील की इस दलील का खंडन करने की स्थिति में नहीं हैं कि जांच के दौरान ईडी ने...

पटना हाईकोर्ट के जस्टिस अंजनी कुमार शरण रिटायर: वादकारी तब अदालत आता है जब हर जगह हार चुका होता है, उसे त्वरित न्याय मिलना चाहिए
पटना हाईकोर्ट के जस्टिस अंजनी कुमार शरण रिटायर: 'वादकारी तब अदालत आता है जब हर जगह हार चुका होता है, उसे त्वरित न्याय मिलना चाहिए'

पटना हाईकोर्ट के जज जस्टिस अंजनी कुमार शरण 9 अप्रैल को छह वर्षों की न्यायिक सेवा और 28 वर्षों की वकालत के बाद रिटायर हो गए।रिटायरमेंट के अवसर पर उन्होंने कहा,"अदालत न्याय का मंदिर है और इसे हर उस व्यक्ति के लिए सुलभ होना चाहिए, जो अपनी पीड़ा का समाधान चाहता है।"पटना हाईकोर्ट के सेंटेनरी हॉल में दिए गए अपने विदाई भाषण में जिसे उन्होंने हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में दिया, जस्टिस शरण ने अपने सहकर्मियों, विधिक समुदाय और अपने परिवार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।उन्होंने अपने कानूनी सफर को याद...

यूजी/पीजी ऊंची डिग्री हालांकि नियुक्ति मानदंड में बदलाव नहीं किया जा सकता: पटना हाईकोर्ट ने बिहार फार्मासिस्ट कैडर नियम को बरकरार रखा, जिसमें फार्मेसी में डिप्लोमा अनिवार्य किया गया
यूजी/पीजी ऊंची डिग्री हालांकि नियुक्ति मानदंड में बदलाव नहीं किया जा सकता: पटना हाईकोर्ट ने बिहार फार्मासिस्ट कैडर नियम को बरकरार रखा, जिसमें फार्मेसी में डिप्लोमा अनिवार्य किया गया

पटना हाईकोर्ट ने बिहार फार्मासिस्ट संवर्ग नियम, 2014 (संशोधित) के नियम 6(1) की संवैधानिक और वैधानिक वैधता को बरकरार रखा है, जिसके तहत राज्य स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी. फार्मा) के साथ प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। कई रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए न्यायालय ने कहा कि फार्मेसी में स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री उच्च योग्यता है, लेकिन जब संवर्ग नियम में फार्मेसी में डिप्लोमा की न्यूनतम योग्यता तय...

BPSC TRE-1: पटना हाईकोर्ट ने खाली पदों के लिए पूरक परिणाम घोषित करने का निर्देश खारिज किया, शेष उम्मीदवारों को पात्र नहीं माना
BPSC TRE-1: पटना हाईकोर्ट ने खाली पदों के लिए पूरक परिणाम घोषित करने का निर्देश खारिज किया, शेष उम्मीदवारों को पात्र नहीं माना

पटना हाईकोर्ट ने एकल जज के जुलाई 2024 के निर्देश खारिज कर दिया, जिसमें बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को 2023 की भर्ती प्रक्रिया के लिए प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के खाली पदों के लिए पूरक परिणाम घोषित करने को कहा गया था।एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने पाया कि शेष उम्मीदवारों ने कट-ऑफ अंक तो हासिल कर लिए लेकिन वे आयोग द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करते।उन्होंने कहा,"नियुक्ति का कोई कानूनी अधिकार नहीं है, बल्कि केवल विचार किए जाने का अधिकार है, जो...

वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर बच्चे की कस्टडी दी जा सकती है, कोर्ट बच्चे की कुंडली नहीं देख सकता: पटना हाईकोर्ट
वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर बच्चे की कस्टडी दी जा सकती है, कोर्ट बच्चे की कुंडली नहीं देख सकता: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने एक पिता की अपनी नाबालिग बेटी की कस्टडी की याचिका को खारिज कर दिया, यह देखते हुए कि वह लड़की जो बचपन से ही अपने नाना-नानी के साथ रह रही है, आज अपने पिता की संगति की तुलना में उनके साथ रहने पर अधिक स्नेह और सुरक्षा की भावना महसूस करेगी। हालांकि, न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि उसने यह नहीं कहा है कि पिता अपनी नाबालिग बेटी, जो अब 10 वर्ष की हो गई है, का कानूनी अभिभावक बनने के लिए अयोग्य है।जस्टिस पी.बी. बजंथरी और जस्टिस सुनील दत्त मिश्रा की खंडपीठ ने कहा, "वर्तमान में, नाना-नानी...

पटना हाईकोर्ट ने निजी संस्थान की मान्यता रद्द करने के बाद फाइनल ईयर की BDS स्टूडेंट को सरकारी कॉलेज में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया
पटना हाईकोर्ट ने निजी संस्थान की मान्यता रद्द करने के बाद फाइनल ईयर की BDS स्टूडेंट को सरकारी कॉलेज में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह मान्यता रद्द किए गए डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हॉस्पिटल पटना से चौथे वर्ष की BDS स्टूडेंट को चार सप्ताह के भीतर पटना डेंटल कॉलेज पटना में ट्रांसफर करे। यह निर्देश इस बात को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया कि स्टूडेंट अपना कोर्स पूरा करने वाली थी और न्याय उसके पक्ष में था।मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस अंजनी कुमार शरण ने फैसला सुनाया,"यह भी एक स्वीकृत तथ्य है कि याचिकाकर्ता BDS कोर्स के चौथे वर्ष की स्टूडेंट है इसलिए...

Sec. 125 CrPC | इद्दत अवधि के बावजूद यदि तलाकशुदा मुस्लिम महिला स्वयं का पालन-पोषण करने में असमर्थ हो, तो उसे भरण-पोषण का अधिकार: पटना हाईकोर्ट
Sec. 125 CrPC | इद्दत अवधि के बावजूद यदि तलाकशुदा मुस्लिम महिला स्वयं का पालन-पोषण करने में असमर्थ हो, तो उसे भरण-पोषण का अधिकार: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने अपने हालिया फैसले में दोहराया है कि यदि किसी मुस्लिम महिला के पूर्व पति ने इद्दत अवधि के दौरान या उसके बाद उसके जीवनयापन के लिए उचित प्रावधान नहीं किया है, तो वह Cr.PC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का दावा करने की हकदार होगी, भले ही उसे तलाक दिया जा चुका हो।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 की उपस्थिति Cr.PC की धारा 125 के तहत उपलब्ध कानूनी उपचारों को समाप्त नहीं करती।सुप्रीम कोर्ट के इस विषय पर पूर्व निर्णयों का हवाला देते...

जब एक ही संपत्ति से संबंधित दीवानी मुकदमा पहले से लंबित हो तो CrPC की धारा 145 के तहत समानांतर कार्यवाही नहीं चल सकती: पटना हाईकोर्ट
जब एक ही संपत्ति से संबंधित दीवानी मुकदमा पहले से लंबित हो तो CrPC की धारा 145 के तहत समानांतर कार्यवाही नहीं चल सकती: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने माना कि जब एक ही संपत्ति से संबंधित दीवानी मुकदमा पहले से लंबित हो तो CrPC की धारा 145 के तहत समानांतर कार्यवाही नहीं चल सकती और CrPC की धारा 146(1) के तहत कुर्की आदेश के लिए आपात स्थिति की आवश्यकता होती है, जो शांति भंग होने की आशंका से कहीं अधिक हो।जस्टिस जितेंद्र कुमार ने कहा,“यह भी बताना उचित है कि यदि किसी दीवानी न्यायालय में संबंधित संपत्ति के संबंध में शीर्षक और कब्जे से संबंधित दीवानी मुकदमा लंबित है तो CrPC की धारा 145 के तहत समानांतर कार्यवाही स्वीकार्य नहीं है। यह...

जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद नई अनुशासनात्मक जांच अनुचित: पटना हाईकोर्ट
जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद नई अनुशासनात्मक जांच अनुचित: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट की जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल की एकल पीठ ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 2005 के तहत सरकारी कर्मचारी के खिलाफ नई अनुशासनात्मक जांच के आदेश को अनुचित पाते हुए खारिज कर दिया।अदालत ने कहा कि जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद अनुशासनात्मक प्राधिकारी के पास सीमित विकल्प होते हैं। वह नए सिरे से जांच शुरू नहीं कर सकता। अदालत ने अनुशासनात्मक प्राधिकारी को दो सप्ताह के भीतर नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया।मामलाप्रद्युम्न कुमार प्रसाद को जिला कल्याण कार्यालय, पश्चिम...

वेतन वेरिफिकेशन सेल यूनिवर्सिटी द्वारा कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को एकतरफा तरीके से रद्द नहीं कर सकता: पटना हाईकोर्ट
वेतन वेरिफिकेशन सेल यूनिवर्सिटी द्वारा कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को एकतरफा तरीके से रद्द नहीं कर सकता: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट की जस्टिस हरीश कुमार की एकल पीठ ने फैसला सुनाया कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत वेतन वेरिफिकेशन सेल यूनिवर्सिटी की वैधानिक समिति द्वारा किए गए वेतन निर्धारण निर्णयों को एकतरफा तरीके से रद्द नहीं कर सकता। न्यायालय ने कहा कि वेतन वेरिफिकेशन सेल की आपत्तियों को लेखापरीक्षा आपत्तियों के रूप में माना जाना चाहिए; उन्हें यूनिवर्सिटी को प्रभावित कर्मचारियों को सूचित करने और कोई भी कार्रवाई करने से पहले उनकी प्रतिक्रियाएं मांगने की आवश्यकता होती है। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि वेतन निर्धारण पर...

पटना हाईकोर्ट ने हनी सिंह के गाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर आदेश पारित करने से किया इनकार
पटना हाईकोर्ट ने हनी सिंह के गाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर आदेश पारित करने से किया इनकार

पटना हाईकोर्ट ने मशहूर गायक यो यो हनी सिंह के नवीनतम चार्टबस्टर गाने मैनियाक में कथित अश्लीलता के खिलाफ एक्ट्रेस नीतू चंद्रा द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई की।एक्ट्रेस ने गाने को हटाने सहित हनी सिंह के नए गाने के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।मामले पर आदेश पारित करने के लिए तारीख तय की गई। हालांकि शुरू में एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ कोई आदेश पारित करने के लिए इच्छुक नहीं थी बल्कि उन्होंने कहा कि मामला जनहित के...