मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षिका पर हमला और जातिवादी टिप्पणी करने के आरोपी 'पत्रकारों' को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें अनुसूचित जाति की स्कूल शिक्षिका पर हमला करने और जातिवादी टिप्पणी करने के आरोप में पत्रकार बताए जा रहे दो लोगों को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया था।अदालत ने यह भी कहा कि शिक्षिका के संबंध में प्रकाशित समाचार लेख में उन्हें 'चिंदी चोर' यानी छोटी चोर बताया गया था। इस प्रकार, FIR से शिकायतकर्ता का अपमान करने के इरादे का अनुमान लगाया जा सकता है।जस्टिस गजेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि FIR की विषयवस्तु अपीलकर्ताओं के खिलाफ...
बिना इरादे के शरीर के किसी महत्वपूर्ण अंग को चोट पहुंचाना हत्या का प्रयास नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ताओं के सिर पर लकड़ी के लट्ठे से वार करके 'हत्या के प्रयास' के आरोपी दो लोगों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट का फैसला बरकरार रखा और कहा कि हत्या के इरादे के बिना शरीर के किसी महत्वपूर्ण अंग को चोट पहुंचाना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 के तहत नहीं आता।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की खंडपीठ ने कहा;"अपीलकर्ताओं और अभियुक्तों के बीच पहले से कोई दुश्मनी नहीं थी। विवाद अचानक हुआ। विवाद बहुत मामूली था, इसलिए किसी कठोर और कुंद वस्तु से वार करने के...
एमपी हाईकोर्ट ने आयुर्वेदिक डॉक्टर के खिलाफ स्वास्थ्य अधिकारियों के पक्ष में दिया फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आयुर्वेदिक डॉक्टर द्वारा दायर की गई अपील खारिज की। डॉक्टर ने उन स्वास्थ्य अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति देने की मांग की थी, जिन्होंने उज्जैन में उनके क्लिनिक की तलाशी ली थी। कोर्ट ने कहा कि यह शिकायत अधिकारियों को परेशान करने का एक प्रयास मात्र है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों का निर्वहन करते समय सुरक्षा देना आवश्यक है। इसलिए सिंगल बेंच के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं...
हैबियस कॉर्पस केवल विदेशी अदालत के आदेश को लागू करने के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हैबियस कॉर्पस की असाधारण शक्ति केवल उन मामलों में प्रयोग की जा सकती है, जहां किसी बच्चे को माता-पिता या अन्य व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से कस्टडी में रखा गया हो। हालांकि, यह शक्ति केवल विदेशी अदालत के आदेश को लागू कराने के लिए नहीं इस्तेमाल की जा सकती।मामले में पिता ने कोर्ट का रुख किया और आरोप लगाया कि उसकी पत्नी ने उनकी बेटी को उसके हिरासत से अवैध रूप से हटा लिया। पिता ने बच्चे को कनाडा वापस लाने की मांग की, जहां उसका पूरा पालन-पोषण हुआ है और जिसके लिए...
चुनाव याचिकाओं में पांच साल तब लगते हैं, जब सत्तारूढ़ दल इसमें शामिल हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तब कड़ी मौखिक फटकार लगाई, जब राज्य के एक मंत्री से संबंधित चुनाव याचिका की जानकारी निर्वाचन आयोग (ECI) को भेजने में हो रही देरी को सही ठहराने के लिए सरकारी वकील ने दलील दी कि चुनाव याचिकाओं का निपटारा होने में आमतौर पर पांच साल लग जाते हैं।कोर्ट ने मौखिक रूप से तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव याचिकाओं में पांच साल तब लगते हैं, जब सत्तारूढ़ दल शामिल हो और जब ऐसा न हो तो वे केवल पांच महीने में निपटा दी जाती हैं।पूरा मामलाराजकुमार सिंह नामक याचिकाकर्ता ने...
पुलिसकर्मियों में 'सोशल मीडिया का नशा': ड्यूटी के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल पर अंकुश लगाया जाए- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
गार्ड ड्यूटी के दौरान नशे में सोने के कारण दी गई अनिवार्य रिटायरमेंट के खिलाफ पुलिसकर्मी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'वर्दीधारी पुलिस कर्मियों' में बढ़ते मोबाइल/सोशल मीडिया के 'नशे' की ओर इशारा किया और सुझाव दिया कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया पर मौजूदगी पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने कहा;"यह न्यायालय पुलिस विभाग के सीनियर पुलिस अधिकारियों का ध्यान पुलिस जैसे वर्दीधारी विभागों में व्याप्त अन्य नशे की ओर...
विजयदशमी पर सोनम रघुवंशी का पुतला जलाने की मांग, हाईकोर्ट ने लगाई रोक, कहा- लोकतंत्र में पूरी तरह अस्वीकार्य
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार (26 सितंबर) को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि विजयदशमी/दशहरे पर सोनम रघुवंशी का पुतला रावण के स्थान पर न जलाया जाए। सोनम रघुवंशी पर अपने पति की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या करने का आरोप है।जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा, “याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत पैम्फलेट और अन्य दस्तावेजों से स्पष्ट है कि प्रतिवादी नंबर 6 विजयदशमी पर 02.10.2025 को याचिकाकर्ता की पुत्री का पुतला रावण के स्थान पर जलाने का इरादा रखता है। यदि ऐसा है तो यह लोकतांत्रिक देश भारत में पूरी तरह...
सोशल मीडिया की टिप्पणियां हमें चुटकी भर नमक की तरह स्वीकार: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों की कार्यवाही के लाइव-स्ट्रीम से बनाए गए रील्स और मीम्स के जरिए न्यायपालिका पर की जाने वाली सोशल मीडिया टिप्पणियों को नियंत्रित करना संभव नहीं है। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे कमेंट्स को वह चुटकी भर नमक के साथ लेती है और इनके साथ जीना सीख लिया है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सारफ की खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता एडवोकेट अरिहंत तिवारी ने दलील दी कि लाइव-स्ट्रीम कार्यवाही से बने वीडियो और मीम्स लोगों को न्यायपालिका...
क्या आप बुद्धिमत्ता को रोकना चाहते हैं: 10 वर्षीय स्टूडेंट के कक्षा 9 में एडमिशन पर CBSE की अपील में एमपी हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगी नीति
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को 10 वर्षीय स्टूडेंट को कक्षा 9 में अस्थायी एडमिशन दिए जाने के खिलाफ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की अपील पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि प्रतिभाशाली बच्चों को लेकर उनकी क्या नीति है।यह मामला उस समय उठा जब सिंगल बेंच ने एक पिता की याचिका पर आदेश देते हुए CBSE को स्टूडेंट को कक्षा 9 में अस्थायी एडमिशन देने पर विचार करने को कहा था। पिता ने दावा किया कि उनके पुत्र ने कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाई पूरी की। हालांकि, उसे कक्षा 9 में एडमिशन देने से इनकार कर...
रेलवे भूमि पर बने दुर्गा पंडाल मामले में एमपी हाईकोर्ट का निर्देश, याचिकाकर्ता आयोजकों को बनाए पक्षकार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (24 सितंबर) को एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि रेलवे भूमि पर कथित रूप से अवैध रूप से बनाए गए दुर्गा पंडाल मामले में याचिकाकर्ता आयोजकों को पक्षकार बनाए।यह याचिका जबलपुर के ग्वारीघाट क्षेत्र में सार्वजनिक और रेलवे भूमि पर अवैध ढांचे खड़े करने के खिलाफ सीनियर सिटीजन द्वारा दायर की गई। याचिकाकर्ता का आरोप है कि पुरानी बस्ती और ब्रह्मऋषि कॉलोनी जाने वाली सड़क पर तथा रामलला मंदिर चौक स्थित खाली पड़ी रेलवे भूमि पर पंडाल बनाया गया।याचिका में यह भी उल्लेख...
सेशन जज के विरुद्ध अपने ही जज की "निंदापूर्ण और अपमानजनक" टिप्पणी का हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
एक दुर्लभ कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार से संबंधित ज़मानत मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट जज के विरुद्ध "निंदापूर्ण" टिप्पणी करने वाले अपने ही जज के "निंदापूर्ण" आदेश पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की।12 सितंबर के अपने आदेश में सिंगल बेंच ने ₹5 करोड़ के सरकारी धन के गबन के आरोपी सरकारी कर्मचारी के विरुद्ध कथित रूप से आरोप हटाने के लिए सेशन जज के विरुद्ध जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया। सिंगल बेंच ने टिप्पणी की कि सेशन जज ने मामले के तथ्यों पर ठीक से...
MP हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को वकील का नाम बिना फीस रजिस्टर्ड करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में वकील रोहित पाठक के नाम को राज्य बार काउंसिल में अस्थायी रूप से रजिस्टर्ड करने का निर्देश दिया। इस दौरान किसी फीस का भुगतान नहीं करने का निर्देश भी दिया।यह आदेश उस याचिका पर आया, जिसमें एडवोकेट ने दावा किया था कि उन्होंने अपनी प्रैक्टिस दिल्ली से जबलपुर ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया था। बार काउंसिल ऑफ मध्य प्रदेश ने रजिस्ट्रेशन स्वीकार करने की शर्त के रूप में 15,000 रुपये का अत्यधिक फीस मांगी।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय साराफ की खंडपीठ ने...
हाथ पर हाथ धरे बैठी है पुलिस: एमपी हाईकोर्ट ने बजाज फाइनेंस की कथित जबरन वसूली पर प्रारंभिक जांच के आदेश दिए
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बजाज फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर पुलिस की निष्क्रियता को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया। कंपनी पर आरोप है कि उसने 25.69 लाख के व्यवसायिक ऋण की वसूली के लिए धमकाने, दुर्व्यवहार करने और जबरन तरीकों का सहारा लिया।जस्टिस प्रणय वर्मा की सिंगल बेंच ने कहा कि पुलिस अधिकारी मामले पर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।अदालत ने कहा,“अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे...
'महंगी बाइकों का आनंद लेते हुए अपनी ज़िम्मेदारियों से बच रहा है': हाईकोर्ट ने पति को पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करने का निर्देश देने वाला आदेश बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (22 सितंबर) को एक व्यक्ति की याचिका खारिज की, जिसमें उसने अपनी पत्नी और बच्चों के पक्ष में फैमिली कोर्ट के भरण-पोषण आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि पति महंगी बाइकों के साथ जीवन का आनंद लेते हुए अपनी ज़िम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रहा है।जस्टिस गजेंद्र सिंह ने कहा कि यह विवाद उनके छोटे बच्चे के जन्म के बाद उत्पन्न हुआ, जिसे गंभीर मेडिकल और विकासात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा:"यह माँ/प्रतिवादी नंबर 1 है, जो सभी प्रकार की चुनौतियों का सामना...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बेटी की भरण-पोषण की लड़ाई में पिता की आय के सत्यापन का आदेश दिया
इंदौर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक युवती की दुर्दशा पर गहरा दुःख व्यक्त किया, जो अपने पिता से भरण-पोषण के लिए बार-बार अदालतों का दरवाजा खटखटाने को मजबूर है।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ, मुंबई में ग्रेजुएट की पढ़ाई कर रही अपनी बेटी के खिलाफ एक पिता द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।खंडपीठ ने टिप्पणी की,"यह हमारे लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक है कि एक बेटी अपने पिता से भरण-पोषण पाने के लिए संघर्ष कर रही है। अपीलकर्ता-पिता ने प्रतिवादी-बेटी के खिलाफ इस...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना किसी स्पष्ट कारण के आदेश पारित करने पर ट्रायल कोर्ट की खिंचाई की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक पक्षकार द्वारा पक्षकारों के प्रतिस्थापन (सीपीसी के आदेश 1 नियम 10 के तहत) सहित कई आवेदनों को पक्षकार और उसके वकील की अनुपस्थिति के आधार पर खारिज करते हुए बिना किसी स्पष्ट कारण के आदेश पारित करने के लिए ट्रायल कोर्ट की कड़ी आलोचना की।ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने बिना किसी स्पष्ट कारण के आदेश पारित करके "प्रथम दृष्टया अवैधता" की, जो न्यायिक कर्तव्य से विमुख होने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।याचिका में ट्रायल कोर्ट के 21 अप्रैल, 2025 के आदेश को चुनौती दी...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ज़िम्मेदार नागरिकों से अनाथालयों और वृद्धाश्रमों का सामाजिक लेखा-परीक्षण करने का आग्रह किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार (19 सितंबर) को सामाजिक लेखा-परीक्षण की अवधारणा के विकास और प्रभावी कार्यान्वयन की वकालत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।अदालत एक रिट याचिका खारिज करने को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अपीलकर्ता ने अपने वकील के उपस्थित न होने के कारण पदोन्नति की मांग की थी।अपीलकर्ता ने दावा किया कि उसकी रिट याचिका 2011 से लंबित है। इसको 21 जुलाई, 2025 को सिंगल जज द्वारा अभियोजन पक्ष के अभाव में खारिज कर दी गई, क्योंकि उसके वकील मामले में उपस्थित नहीं हुए।...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी की आजीवन सजा निलंबित की, 10 पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की आजीवन कारावास की सजा निलंबित की। अदालत ने यह देखते हुए कि वह 10 साल से अधिक समय तक हिरासत में रह चुका है और उसके दो सह-आरोपियों, जिन्होंने इतनी ही अवधि हिरासत में बिताई, उसको पहले ही जमानत पर रिहा किया जा चुका है।अदालत ने अपीलकर्ता को 10 फलदार/नीम या पीपल के पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का भी निर्देश दिया।अदालत महेश शर्मा की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने 2021 के ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी,...
फर्जी मुठभेड़ मामले में दो पुलिसकर्मियों को मिली अग्रिम जमानत, कोर्ट ने जांच पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 2009 के फर्जी मुठभेड़ मामले में दो पुलिसकर्मियों को अग्रिम जमानत दी। इस मामले में वांछित अपराधी को मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि 2012 में वह जिंदा पाया गया था।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने अपने फैसले में कहा कि गवाहों ने आरोपी पुलिसकर्मी अनिल पाटीदार का नाम उस व्यक्ति के रूप में नहीं लिया, जिसने उन पर वांछित अपराधी बंसीलाल गुर्जर के रूप में शव की गलत पहचान करने का दबाव बनाया था। पीठ ने यह भी पाया कि दूसरा आरोपी पुलिसकर्मी, मुख्तार रशीद कुरैशी अन्य पुलिस स्टेशन में तैनात था और...
एमपी हाईकोर्ट का अहम सुझाव: कॉर्पोरेट क्लाइमेट रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड बनाएं
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर में कचरे के ढेर और खराब स्वच्छता की स्थिति को उजागर करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिया। कोर्ट ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को कॉर्पोरेट क्लाइमेट रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड (CCR Fund) बनाने पर विचार करना चाहिए, जिसका उपयोग विशेष रूप से पर्यावरण, स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए किया जाए।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने ग्वालियर नगर निगम द्वारा दायर अनुपालन रिपोर्ट, एमिक्स क्यूरी...














