मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

क्या फ़रार आरोपी गिरफ़्तारी के बाद सप्लीमेंट्री चार्जशीट न दाखिल होने पर डिफ़ॉल्ट ज़मानत का दावा कर सकता है? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिया जवाब
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी आरोपी के फ़रार रहने के दौरान उसके ख़िलाफ़ चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है तो उसकी गिरफ़्तारी के बाद सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने की कोई ज़रूरत नहीं है। [2026 LiveLaw (MP) 252]जस्टिस द्वारकाधीश बंसल की बेंच ने आरोपी को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने से इनकार करते हुए कहा,"सिर्फ़ इसलिए कि जांच एजेंसी ने आगे की जांच के लिए समय मांगा या याचिकाकर्ता की गिरफ़्तारी के बाद सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल नहीं की, यह नतीजा नहीं निकाला जा सकता कि जांच अधूरी रह गई और...

अगर शिकायतकर्ता की उम्र साबित नहीं होती है तो सिर्फ़ POCSO के तहत सज़ा के लिए पॉज़िटिव DNA रिपोर्ट काफ़ी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ पॉज़िटिव DNA रिपोर्ट के आधार पर POCSO Act के तहत सज़ा का आदेश सही नहीं ठहराया जा सकता, खासकर तब जब शिकायतकर्ता/पीड़िता की उम्र साबित न हुई हो। [2026 LiveLaw (MP) 251]जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र सिंह की डिवीज़न बेंच ने देखा कि पीड़िता के पिता ने कहा था कि उनकी शादी घटना की तारीख से उन्नीस साल पहले हुई और शादी के एक साल बाद उनकी पहली संतान, यानी पीड़िता का जन्म हुआ। हालांकि, माँ ने कहा कि उनकी शादी घटना की तारीख से बीस साल पहले हुई थी और उसके दो साल...

ट्रायल कोर्ट पति की आय साबित करने का पूरा बोझ पत्नी पर नहीं डाल सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुजारा-भत्ता मंज़ूर किया
पत्नी को गुजारा-भत्ता देने और नाबालिग बच्चे के गुजारा-भत्ते की रकम बढ़ाने के साथ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने पति की आय साबित करने का पूरा बोझ गलत तरीके से पत्नी पर डाल दिया था। [2026 LiveLaw (MP) 250]इस बात पर ज़ोर देते हुए कि CrPC की धारा 125 एक सामाजिक कल्याण की कार्यवाही है, जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने कहा कि पति से उसकी आय से जुड़ी सभी ज़रूरी बातें बताने के लिए कहा जाना चाहिए था।बेंच ने कहा:"ट्रायल कोर्ट के आदेश से पता चलता है कि पति की आय का स्रोत साबित करने का पूरा...

GST अधिकारी को बदनाम करने और ₹1 करोड़ की उगाही के आरोप में पत्रकार बताने वाले व्यक्ति को अग्रिम जमानत से इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिस पर GST आवेदन खारिज होने के बाद सहायक आयुक्त (GST) को सोशल मीडिया पर बदनाम करने और उनसे ₹1 करोड़ की उगाही करने का आरोप है।जस्टिस रत्नेश कुमार गुप्ता की पीठ ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर हैं। प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि उसने आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अपना GST पंजीकरण कराने का दबाव बनाया और मना किए जाने पर सरकारी अधिकारी को सोशल मीडिया पर झूठी और अपमानजनक खबरें प्रकाशित...

धर्म परिवर्तन के कथित प्रचार में उपकरण उपलब्ध कराने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी, FIR रद्द करने से एमपी हाईकोर्ट का इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धर्म परिवर्तन के कथित प्रलोभन के प्रचार-प्रसार में इस्तेमाल किए गए उपकरण उपलब्ध कराने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया।अदालत ने कहा कि जांच के दौरान एकत्र सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपियों की संलिप्तता दर्शाती है, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने कहा कि आरोप तय करने के चरण में अदालत का काम केवल यह देखना होता है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। इस...

कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले में दो आरोपियों को जमानत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दी राहत
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप में जहरीले रसायन डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) की मौजूदगी के कारण कथित तौर पर 30 बच्चों की मौत से जुड़े मामले में दो आरोपियों को जमानत दे दी है। अदालत ने डाइएथिलीन ग्लाइकोल की आपूर्ति करने वाली फर्म के मालिक शैलेश पंडिया और कोल्ड्रिफ सिरप बेचने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा को राहत प्रदान की।जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने कहा कि शैलेश पंडिया न तो रसायन के निर्माता थे और न ही उनके द्वारा आपूर्ति किया गया उत्पाद प्रथम दृष्टया घटिया गुणवत्ता का पाया...

BREAKING| मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लिंचिंग केस के फ़ैसले के बाद जज को मिली धमकियों पर स्तव:संज्ञान लिया, सुरक्षा के निर्देश दिए
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (1 जुलाई) को उन खबरों पर खुद संज्ञान लिया, जिनमें लिंचिंग केस में 'गो-रक्षकों' (cow vigilantes) के खिलाफ़ फ़ैसला सुनाने वाली जज को सांप्रदायिक धमकियां मिलने की बात कही गई थी।यह देखते हुए कि ऐसी धमकियां "हमारे न्यायिक अधिकारियों की न्यायिक स्वतंत्रता और निडर होकर काम करने की क्षमता में सीधे तौर पर बाधा डालती हैं", कोर्ट ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव (गृह) से नर्मदापुरम ज़िले की एडिशनल ज़िला एवं सेशन जज तबस्सुम खान की...

यौन उत्पीड़न शिकायतकर्ता को 35 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश रद्द, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा- पहले अपील पर हो फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNPEI) के कुलपति को योग प्रशिक्षक को 35 लाख रुपये मुआवजा देने का एकल पीठ का आदेश रद्द किया।अदालत ने कहा कि जब आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की रिपोर्ट के खिलाफ कुलपति की विभागीय अपील अभी लंबित है तब मुआवजे का आदेश देना उचित नहीं है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस आशीष श्रोती की खंडपीठ ने कहा कि अपील का अधिकार एक मौलिक वैधानिक अधिकार है और पहले विभागीय अपीलीय प्राधिकारी को मामले...

हमें शक है कि POCSO मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति ने ट्रायल को खराब करने के लिए बहरेपन का नाटक किया: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि कोई आरोपी बहरे और गूंगे होने का "नाटक" करके ट्रायल को खराब करने की कोशिश में क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 313 के तहत ज़रूरी पूछताछ से बच नहीं सकता। [2026 LiveLaw (MP) 244]जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की डिवीज़न बेंच ने यह बात तब कही जब उन्हें शक हुआ कि POCSO मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति ने, शुरुआती तौर पर, क्रिमिनल जस्टिस प्रोसेस से बचने के लिए अपनी सुनने की अक्षमता को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था।संक्षेप में मामलाट्रायल कोर्ट ने रेस्पॉन्डेंट (आरोपी)...

PNB के ₹1 करोड़ करेंसी चेस्ट में गड़बड़ी की जांच की मांग: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बैंक अधिकारी की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में मंदसौर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करेंसी चेस्ट में ₹1 करोड़ की कथित कैश गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच की मांग की गई।जस्टिस संदीप एन भट्ट की बेंच ने कहा:"प्रतिवादी नंबर 2 के वकील ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। प्रतिवादी नंबर 6-10 की ओर से पेश वकील ने दो दिनों के भीतर वकालतनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा है। इस पर विचार किया गया। प्रतिवादी नंबर 2 और प्रतिवादी नंबर 6-10 के वकील तीन सप्ताह के भीतर अपना...

गोवंश वध के आरोपों के बाद बेदखली पर हाईकोर्ट की रोक, खंडवा के परिवारों को अंतरिम राहत
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खंडवा जिले के उन मुस्लिम परिवारों को अंतरिम राहत दी, जिन्हें गोवंश वध के आरोपों के बाद घरों से बेदखल किए जाने का नोटिस जारी किया गया था।अदालत ने अगली सुनवाई तक बेदखली नोटिस के अमल पर रोक लगाते हुए प्रशासन को याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।रविवार को हुई आपात सुनवाई में जस्टिस मनींदर एस. भट्टी की पीठ ने आदेश दिया,"अगली सुनवाई तक 25 जून 2026 के विवादित नोटिस का प्रभाव और क्रियान्वयन स्थगित रहेगा तथा इस नोटिस के आधार पर याचिकाकर्ताओं...

धार्मिक पहचान छिपाकर शादी करने वाले पति की पत्नी को मिलेगा भरण-पोषण, अवैध विवाह बताकर दावा खारिज करना 'पीड़िता का दोबारा उत्पीड़न': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि किसी महिला ने पुरुष द्वारा धार्मिक पहचान छिपाकर की गई शादी के आधार पर वैवाहिक जीवन बिताया हो, तो केवल इस आधार पर कि विवाह कानूनी रूप से वैध नहीं था, उसे भरण-पोषण (मेंटेनेंस) से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना महिला का "दोबारा उत्पीड़न" (Further Victimisation) होगा।जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकलपीठ ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें महिला के भरण-पोषण के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि वह पति की...

एसिड हमले की शिकार 4 वर्षीय बच्ची के इलाज का हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, निजी अस्पताल में मुफ्त उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एसिड हमले में गंभीर रूप से झुलसी चार वर्षीय बच्ची को तत्काल इंदौर के निजी बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इलाज का खर्च बच्ची के परिवार से नहीं लिया जाएगा और इसका भुगतान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य 'निरामयम' योजना के तहत किया जाएगा।जस्टिस दीपक खोत की पीठ ने 24 जून को अंतरिम आदेश पारित करते हुए बच्ची की गंभीर स्थिति और सरकारी अस्पताल में उपलब्ध सीमित उपचार सुविधाओं को देखते हुए यह निर्देश जारी...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गाँव के एकमात्र स्कूल को बंद करने से इनकार किया, कमियों को दूर करने के लिए रचनात्मक उपाय करने को कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उमरिया की ग्राम पंचायत को निर्देश दिया कि वह उस इलाके में चल रहे एकमात्र स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाए, जिसमें एक प्रस्ताव पारित करना भी शामिल है। [2026 LiveLaw (MP) 241]एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें निजी स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की गई। याचिका में कहा गया कि स्कूल में बैठने की व्यवस्था, शौचालय, पीने के पानी की सुविधा, ब्लैकबोर्ड, सुरक्षा...

केवल यह कहना कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई, साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B का पालन नहीं माना जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल यह दावा कर देना कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में कोई एडिटिंग या छेड़छाड़ नहीं की गई है, भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के तहत निर्धारित अनिवार्य कानूनी शर्तों का विकल्प नहीं हो सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तभी साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है, जब उसके साथ धारा 65B के अनुरूप विधिवत प्रमाणपत्र संलग्न हो।जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा एक सीडी को प्रदर्श...

'तुम जैसे हजार पति रख सकती हूं' कहना गंभीर और अचानक उकसावा, MP हाईकोर्ट ने हत्या नहीं बल्कि गैर-इरादतन मानव वध माना
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में पति की सजा में राहत देते हुए कहा कि पत्नी का यह कहना कि "वह उसके जैसे हजार पति रख सकती है" पति के लिए गंभीर और अचानक उकसावे (grave and sudden provocation) का कारण बन सकता है। कोर्ट ने माना कि आरोपी को अपने कृत्य से मौत होने की जानकारी थी, लेकिन उसकी पत्नी की हत्या करने का इरादा नहीं था।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने आरोपी की दोषसिद्धि को IPC की धारा 304 भाग-I से बदलकर धारा 304 भाग-II के तहत कर दिया और उसे सात...

बिना सुनवाई ताजिया जुलूस और मेले की अनुमति रद्द करना अनुचित: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने MIC का प्रस्ताव रद्द किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (MIC) द्वारा मुहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताजिया जुलूस और धोबी घाट पर तीन दिवसीय मेले की अनुमति रद्द करने संबंधी प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सक्षम अधिकारी द्वारा दी गई अनुमति को याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर दिए बिना रद्द करना उचित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की एकलपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता समिति ने 3 जून 2026 को अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन नगर निगम ने 25 जून को 26 से 28 जून तक...

क्या राज्य के माइनिंग नियम मुख्य MMDR Act से ज़्यादा जुर्माना तय कर सकते हैं? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट करेगा जांच
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक रिट याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका एमपी मिनरल (अवैध माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज की रोकथाम) नियम, 2022 के नियम 18 को चुनौती देती है। यह नियम मुख्य कानून - माइन्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट की धारा 21(2) में तय जुर्माने से ज़्यादा जुर्माना लगाने की इजाज़त देता है।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच ने कहा:"...नियम 2022 के नियम 18 को चुनौती देने के लिए प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला बनता है"।इस चुनौती पर ध्यान देते...

मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत: खेद जताने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामला बंद किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि का मामला बंद किया। यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि गांधी ने 2018 में एक चुनावी रैली के दौरान सिंह के खिलाफ झूठे और मानहानिपूर्ण बयान दिए। [2026 LiveLaw (MP) 235]गांधी ने ट्रायल कोर्ट के 2024 के उस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया, जिसमें मानहानि के मामले का संज्ञान लिया गया और उन्हें समन जारी किया गया।जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल...

कांग्रेस MLA के BJP में शामिल होने का कोई सबूत नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दल-बदल की कार्यवाही में तेज़ी लाने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस MLA उमंग सिंघार की याचिका खारिज की। उन्होंने स्पीकर के पास एक अर्ज़ी दी थी, जिसमें बीना निर्वाचन क्षेत्र की MLA निर्मला सप्रे को दल-बदल के आधार पर अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। [2026 LiveLaw (MP) 234]एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीज़न बेंच ने सप्रे (प्रतिवादी नंबर 4) की दलीलों पर ध्यान दिया। सप्रे ने कहा था कि न तो उन्होंने INC से इस्तीफ़ा दिया है और न ही BJP में शामिल हुई हैं, और उन्हें हाईकोर्ट और विधानसभा स्पीकर के सामने एक...
