मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
जबलपुर के प्राइवेट स्कूलों में विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के प्राइवेट स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।एक्टिंग चीफ संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा,“नोटिस जारी करें। प्रतिवादी नंबर 1 की ओर से पेश वकील और प्रतिवादी नंबर 2 से 4 की ओर से पेश एडवोकेट ने नोटिस स्वीकार कर लिया। प्रतिवादियों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है।”यह जनहित याचिका...
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण मामले में अचल मूल्य आधारित कोर्ट फीस को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक भूमि स्वामी द्वारा दायर अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013) के तहत पारित अवार्ड को चुनौती दी। इस अपील में उन्होंने अपील दाखिल करने में अचल मूल्य के आधार पर कोर्ट फीस लगाने को भी सवालों के घेरे में लिया है।जस्टिस विशाल धागत ने इस अपील पर नोटिस जारी करते हुए मामले को...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मुहम्मद गौस दरगाह पर उर्स और नमाज अदा करने की मांग वाली अपील खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह ग्वालियर में हजरत शेख मुहम्मद गौस की मजार पर उर्स (जलसा) और नमाज सहित धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की अनुमति मांगने वाली अंतर-न्यायालयीय अपील खारिज की। यह स्मारक राष्ट्रीय महत्व का घोषित किया गया है और प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत (1962 में) संरक्षित है।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस हिरदेश की खंडपीठ ने कहा कि स्मारक "अत्यंत सावधानी और सतर्कता के साथ संरक्षित किए जाने का हकदार है" और अपीलकर्ता द्वारा मांगी गई ऐसी किसी भी...
हाईकोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट नियम 2008 के तहत प्रावधान की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर जारी किया नोटिस
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट नियम 2008 के तहत प्रावधान की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें दोषसिद्धि आदेश को चुनौती देने के लिए दोषी व्यक्ति द्वारा पूर्व आत्मसमर्पण अनिवार्य करने की शर्त है।याचिका में दावा किया गया कि नियम 48 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) के विपरीत है, जो अपील या संशोधन दायर करने से पहले पूर्व आत्मसमर्पण की ऐसी कोई पूर्व शर्त नहीं लगाता है।यह तर्क दिया गया कि यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) और 21 के तहत...
NEET UG 2025 | परीक्षा केंद्रों पर बिजली कटौती से उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर असर नहीं पड़ा, दोबारा परीक्षा संभव नहीं: NTA ने MP हाईकोर्ट से कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (23 जून) को मेडिकल उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि NEET UG2025 परीक्षा के दौरान इंदौर के परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल होने से उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा।उम्मीदवारों ने तर्क दिया कि परीक्षा केंद्र ने कुप्रबंधन और पावर बैकअप की कमी के कारण बिजली कटौती का अनुभव किया। उम्मीदवार ने आगे दावा किया कि उन्हें आपातकालीन लैंप या मोमबत्तियों का उपयोग करके अपनी परीक्षा पूरी करनी थी। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) का...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका, नाबालिगों के लिए जैन अनुष्ठान 'संथारा' पर प्रतिबंध की मांग
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और अस्वस्थ व्यक्तियों के लिए 'संथारा' की रस्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। संदर्भ के लिए, संथारा एक जैन अनुष्ठान है जिसमें स्वेच्छा से मृत्यु तक उपवास किया जाता है। इस प्रथा के अनुसार, एक व्यक्ति आध्यात्मिक शुद्धि और दुनिया से अलगाव प्राप्त करने के साधन के रूप में धीरे-धीरे भोजन और पानी का सेवन कम करता है।याचिका में कहा गया है कि इस प्रथा में भोजन और पानी से परहेज करने का एक सचेत निर्णय शामिल है जो...
MP हाईकोर्ट ने खारिज की बच्चे की कस्टडी के लिए दायर पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका; CPC की धारा 13 के तहत वैकल्पिक उपाय सुझाया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ में अमेरिका में रहने वाले एक पिता की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया। पिता ने अपने नाबालिग बेटे की कस्टडी की मांग की थी। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की पीठ ने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि क्या विदेशी न्यायालय की ओर से पारित आदेश, जिसमें मां को बच्चे को उसके समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, नाबालिग की कस्टडी को गैरकानूनी ठहराएगा।न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास CPC की धारा 13 और 14 के रूप में एक...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायतकर्मी की बर्खास्तगी का आदेश रद्द किया; कहा- उसे सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (19 जून) को एक पंचायतकर्मी के बर्खास्तगी आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, निष्कासन/ बर्खास्तगी आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन था। याचिकाकर्ता को न तो लिखित बयान दाखिल करने का अवसर दिया गया और न ही सुनवाई का अवसर दिया गया।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की पीठ ने कहा,"याचिकाकर्ता को बचाव में लिखित बयान दाखिल करने का अवसर नहीं दिया गया और न ही व्यक्तिगत रूप से सुनवाई का मौका दिया गया (हालांकि कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, जिनका याचिकाकर्ता की ओर से...
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट क्लर्क के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई को सही ठहराया, जानकारी देने में देरी पर हुई थी कार्यवाही
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (19 जून) को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में कार्यरत एग्यीक्यूटेंट क्लर्क के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई बरकरार रखी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट द्वारा मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारी को समय पर न भेजने के कारण की गई थी।मामला जून 2016 का है, जब याचिकाकर्ता को महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों और अन्य संवेदनशील वर्गों से संबंधित अपराधों के मामलों का त्रैमासिक विवरण (1 अप्रैल से 30 जून 2016 तक) हाईकोर्ट को भेजना था। याचिकाकर्ता ने 2 जुलाई 2016 को जानकारी भेज दी थी...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शराब की अधिक कीमत वसूलने से संबंधित याचिका पर राज्य को नोटिस जारी किया
विक्रेताओं द्वारा शराब की अधिक कीमत वसूलने से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य को नोटिस जारी किया। साथ ही इस संबंध में उनके द्वारा की गई कार्रवाई का संकेत देते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा,"प्रतिवादियों को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है, जिसमें (i) 01.04.2025 से 15.06.2025 तक अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री के आरोप के संबंध में प्राप्त शिकायतों तथा/या की गई छापेमारी...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बाल बलात्कार मामले में मृत्युदंड की सजा कम की, कहा- 'यह कृत्य क्रूर था, लेकिन क्रूरता से नहीं किया गया'
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (19 जून) को अनुसूचित जनजाति के 20 वर्षीय व्यक्ति की मृत्युदंड की सजा कम की, जिसे 4 वर्षीय बच्चे के साथ बलात्कार करने का दोषी पाया गया था। निचली अदालत ने यह देखते हुए मृत्युदंड दिया था कि बच्चा स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया था। हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता स्वीकार करते हुए कहा कि यद्यपि यह कृत्य निर्विवाद रूप से क्रूर था, लेकिन इसे क्रूरता से नहीं किया गया।खंडपीठ ने सजा आजीवन कारावास में बदलते हुए दोषी के इतिहास, उसकी शिक्षा की कमी और आदिवासी पृष्ठभूमि जैसे कुछ कम...
यदि पक्षकार निर्देशों का पालन करता है तो एकपक्षीय आदेश वापस लिया जा सकता है और कानूनी मुद्दों पर उचित निर्णय के लिए पूर्ण सुनवाई की आवश्यकता होती है: MP हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की पीठ ने माना कि एकपक्षीय आदेश को तब वापस लिया जा सकता है जब संबंधित पक्ष बाद में पेश हो, न्यायालय के निर्देशों का पालन करे, और मामले में जटिल कानूनी मुद्दे शामिल हों, जिसके लिए प्रभावी निर्णय के लिए दोनों पक्षों की निष्पक्ष सुनवाई की आवश्यकता हो। तथ्ययह आवेदन इस न्यायालय द्वारा 15.07.2024 को पारित एकपक्षीय आदेश को वापस लेने के लिए दायर किया गया है, जिसके तहत इस न्यायालय ने माना कि आवेदक द्वारा मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 47, 48 और 49 के...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केन्द्रीय विद्यालय द्वारा सरकारी आदिवासी एवं अनुसूचित जाति गर्ल्स हॉस्टल के अनाधिकृत उपयोग से संबंधित याचिका पर केन्द्र एवं राज्य को जारी किया नोटिस
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी सीनियर आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल एवं सरकारी सीनियर बालिका अनुसूचित जाति हॉस्टल, जबलपुर में रहने वाली बालिकाओं की निजता के उल्लंघन से संबंधित जनहित याचिका पर केन्द्र एवं राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।याचिका के अनुसार बालिका हॉस्टल के परिसर में सरकारी विद्यालय चलाया जा रहा है।न्यायालय ने केन्द्रीय विद्यालय संगठन के उपायुक्त एवं सहायक आयुक्त को भी नोटिस जारी किया।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा,"नोटिस जारी किया जाता है। प्रतिवादी...
धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले व्हाट्सएप मैसेज फॉरवर्ड करने के आरोप में गिरफ्तार लेक्चरर को मिली जमानत : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक गेस्ट लेक्चरर जमानत दे दी है, जिन पर व्हाट्सएप पर कथित रूप से आपत्तिजनक धार्मिक सामग्री प्रसारित करने का आरोप था, जिससे एक समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं।कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि केवल इस आधार पर कि किसी व्यक्ति ने ऐसे मैसेज या वीडियो फॉरवर्ड किए हैं जो दूसरों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं, उसे अनिश्चितकाल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता।जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा, “प्रथम दृष्टया कहा जा सकता है कि एक शिक्षित व्यक्ति और...
पत्नी की बिना सहमति ली गई व्हाट्सएप चैट साक्ष्य के रूप में मंजूर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक वैवाहिक विवाद की सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि व्हाट्सएप जैसे निजी चैट भी परिवार न्यायालय अधिनियम की धारा 14 के तहत साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य हो सकते हैं, भले ही उन्हें बिना सहमति प्राप्त किया गया हो या वे भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 के तहत स्वीकार्य न हों।जस्टिस आशीष श्रोटी ने अपने आदेश में कहा, "चूंकि हमारे संविधान के तहत कोई भी मौलिक अधिकार पूर्ण नहीं है, इसलिए जब दो मौलिक अधिकारों में टकराव हो—जैसे कि इस मामले में निजता का...
शिक्षा विभाग की साख बचाने के लिए पारित आदेश: एमपी हाईकोर्ट ने अनियमित मूल्यांकन में कोई प्रत्यक्ष भूमिका न होने पर कॉलेज प्रिंसिपल के निलंबन को रद्द किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक सरकारी कॉलेज के प्राचार्य के निलंबन आदेश को रद्द करते हुए कहा कि यह आदेश केवल जनता के बीच विभाग की छवि बचाने और यह दिखाने के लिए पारित किया गया था कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितता के लिए उचित कार्रवाई की गई है। न्यायालय ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट पर विचार किए बिना आदेश पारित किया, जिसमें पता चला कि याचिकाकर्ता कथित अनियमितता में 'सीधे' शामिल नहीं था।जस्टिस संजय द्विवेदी ने आदेश में कहा, "कर्मचारी को निलंबित करने का मुख्य उद्देश्य...
श्रम न्यायालय की ओर से डिप्लोमा धारक पर्यवेक्षक को राहत के बावजूद राज्य सरकार रेवेन्यू नोटिस के निष्पादन में लापरवाही बरती; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2024 के एक आदेश के खिलाफ दायर राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया। 2024 के आदेश में श्रम न्यायालय की ओर से 2013 में दिए गए आदेश में संशोधन के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया था। साथ ही हाईकोर्ट ने श्रम न्यायालय के आदेश के बाद पारित रेवेन्यू नोटिस के निष्पादन में 'सोए रहने' और निष्क्रियता बरतने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई न करने के लिए अथॉरिटीज़ की आलोचना की। हाईकोर्ट ने उल्लेख किया कि श्रम न्यायालय ने नवंबर 2013 में प्रतिवादी के पक्ष में अपना...
NEET UG 2025: हाईकोर्ट ने इंदौर केंद्रों पर बिजली कटौती की शिकायत करने वाले अभ्यर्थियों के परिणाम घोषित करने पर लगाई रोक
इंदौर में परीक्षा के दौरान केंद्रों पर बिजली कटौती का दावा करने वाले 2025 NEET-UG अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (9 जून) को अपने पहले के आदेश को संशोधित किया, जिसमें 11 इंदौर केंद्रों के परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई गई थी, जिससे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को याचिकाकर्ताओं को छोड़कर सभी अभ्यर्थियों के परिणाम घोषित करने की स्वतंत्रता मिल गई।जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी ने अपने आदेश में कहा:"प्रतिद्वंद्वी पक्षकारों द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और प्रस्तुतीकरण तथा...
MP हाईकोर्ट ने आबकारी अधिनियम के उस प्रावधान को अवैध माना, जिसके तहत डीएम को अवैध शराब के साथ वाहन जब्त करने और मालिक को बचाव का मौका न देने की अनुमति दी गई थी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धारा 47ए एमपी आबकारी अधिनियम-जो डीएम को वाहन जब्त करने का अधिकार देता है और वाहन के उपयोग के बारे में ज्ञान के बचाव पर भरोसा करने से मालिक को वंचित करता है-को संविधान के तहत पेशे का अभ्यास करने के अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(जी)) और संपत्ति के अधिकार (अनुच्छेद 300) के विरुद्ध घोषित किया है। गौवंश अधिनियम के तहत डीएम की जब्ती शक्ति के संबंध में-जिसकी संवैधानिकता को चुनौती नहीं दी गई थी, न्यायालय ने माना कि हालांकि जब्ती की कार्यवाही आपराधिक मुकदमे के समानांतर शुरू की जा सकती...
पत्नी की मर्जी के खिलाफ अप्राकृतिक सेक्स और मारपीट क्रूरता के तहत अपराध: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि पति का पत्नी के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाना और विरोध करने पर उस पर हमला करना IPC की धारा 498 A के तहत क्रूरता की परिभाषा के अंतर्गत आएगा।जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया ने अपने आदेश में कहा, 'पत्नी के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाना और उसका विरोध करना, उस पर हमला करना और उसके साथ शारीरिक क्रूरता से पेश आना निश्चित रूप से क्रूरता की परिभाषा में आएगा। यहां यह उल्लेख करना असंगत नहीं है कि दहेज की मांग क्रूरता के लिए अनिवार्य...




















