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यदि A, B को मारने का इरादा रखता है लेकिन गलती से C को मार देता है तो C को मारने का इरादा A का ही माना जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने उद्देश्य का स्थानांतरण समझाया
यदि A, B को मारने का इरादा रखता है लेकिन गलती से C को मार देता है तो C को मारने का इरादा A का ही माना जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने 'उद्देश्य का स्थानांतरण' समझाया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पाया कि आईपीसी की धारा 301 (जिस व्यक्ति की मृत्यु का इरादा था, उसके अलावा किसी अन्य व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनकर गैर इरादतन हत्या) दुर्भावना के हस्तांतरण या उद्देश्य के स्थानांतरण के सिद्धांत को दर्शाती है। इस प्रावधान की व्याख्या करते हुए न्यायालय ने कहा कि भले ही अपराधी किसी ऐसे व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है, जिसका उसने इरादा नहीं किया था, तब भी गैर इरादतन हत्या की जा सकती है। बशर्ते कि हत्या उस कार्य को करते समय की गई हो, जिसका अपराधी ने इरादा किया था। एक...

आपराधिक मामले में बरी होने से लोक सेवक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही पर रोक नहीं लगती: सुप्रीम कोर्ट
आपराधिक मामले में बरी होने से लोक सेवक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही पर रोक नहीं लगती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि यदि कोई लोक सेवक भ्रष्टाचार के मामले में "उचित संदेह से परे" मानक को पूरा करने वाले साक्ष्य की कमी के कारण बरी हो जाता है, तो भी उसे विभागीय जांच का सामना करना पड़ सकता है। आपराधिक कार्यवाही में, अपराध को उचित संदेह से परे साबित किया जाना चाहिए, जबकि विभागीय जांच के लिए केवल संभावनाओं की अधिकता की आवश्यकता होती है। न्यायालय ने कहा कि इस अंतर का अर्थ है कि आपराधिक मामले में बरी होने से अनुशासनात्मक जांच में बाधा या रुकावट नहीं आती है, इसलिए भले ही लोक सेवक को...

सक्षम न्यायालय वसीयतकर्ता के नाम को रिकॉर्डों में तभी बदल सकता है, जब वसीयत साबित हो गई हो: कर्नाटक हाईकोर्ट
सक्षम न्यायालय वसीयतकर्ता के नाम को रिकॉर्डों में तभी बदल सकता है, जब वसीयत साबित हो गई हो: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने दोहराया कि वसीयत के आधार पर अपने पक्ष में एक्सक्लूसिव टाइटल का दावा कर रहे भाई-बहन रिकॉर्ड में अपना नाम तब तक नहीं बदलवा सकते, जब तक कि वसीयत प्रमाणित न हो जाए। सिंगल जज जस्टिस सचिन शंकर मगदुम ने उल्लास कोटियन याने उल्लास के.वी. की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया, जिन्होंने सहायक आयुक्त के आदेश को खारिज करने वाले उपायुक्त के आदेश को चुनौती दी थी और तहसीलदार को मूल मलिक, यानि याचिकाकर्ता की मां, कमलाम्मा का नाम रिकॉर्डों में बहाल करने का निर्देश दिया...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने HCBA अध्यक्ष से प्रयागराज में वकीलों पर पुलिस हमले की घटनाओं का ब्यौरा देते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने HCBA अध्यक्ष से प्रयागराज में वकीलों पर पुलिस हमले की घटनाओं का ब्यौरा देते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा

4 फरवरी को प्रयागराज में वकीलों पर हमला करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करने वाली एक आपराधिक रिट जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से वकीलों पर पुलिस की बर्बरता की सभी घटनाओं का ब्यौरा देते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा।सीनियर एडवोकेट और बार अध्यक्ष अनिल तिवारी द्वारा मामले का उल्लेख किए जाने पर सुनवाई करते हुए जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने उनसे प्रयागराज शहर में वकीलों के खिलाफ पुलिस...

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे डिस्कवरी चैनल के अधिकारियों को मिली धमकियों के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम बापू पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे डिस्कवरी चैनल के अधिकारियों को मिली धमकियों के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा प्रदान की

सुप्रीम कोर्ट ने डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया के अधिकारियों और संपत्ति को स्वयंभू बाबा आसाराम बापू पर डॉक्यूमेंट्री के संबंध में प्रसारण चैनल को मिल रही धमकियों के खिलाफ अंतरिम पुलिस सुरक्षा प्रदान की।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ डिस्कवरी इंडिया के शीर्ष अधिकारियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया कि 'कल्ट ऑफ फियर- आसाराम बापू' नामक शो के रिलीज होने के बाद ब्रॉडकास्टर्स के सोशल मीडिया अकाउंट पर डिस्कवरी और इससे जुड़े लोगों के...

क्या सांसद राशिद इंजीनियर को संसद सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल दी जा सकती है? दिल्ली हाईकोर्ट ने NIA से पूछा
क्या सांसद राशिद इंजीनियर को संसद सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल दी जा सकती है? दिल्ली हाईकोर्ट ने NIA से पूछा

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से पूछा कि क्या जम्मू-कश्मीर के सांसद राशिद इंजीनियर को संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल दी जा सकती है।जस्टिस विकास महाजन ने NIA के वकील से निर्देश प्राप्त करने को कहा और मामले को कल यानी शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।न्यायालय ने NIA के वकील से पूछा,"वह निर्वाचित सांसद हैं। उन्हें कस्टडी में भेजने में क्या कठिनाई है?"न्यायालय राशिद की उस याचिका पर विचार कर रहा था, जिसमें उसने अपनी दूसरी नियमित जमानत याचिका पर...

गुजरात हाईकोर्ट ने GST धोखाधड़ी के कथित मामले में पत्रकार महेश लांगा को नियमित जमानत देने से किया इनकार
गुजरात हाईकोर्ट ने GST धोखाधड़ी के कथित मामले में पत्रकार महेश लांगा को नियमित जमानत देने से किया इनकार

गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (6 फरवरी) को GST धोखाधड़ी के कथित मामले में पत्रकार महेश लांगा की नियमित जमानत याचिका खारिज की, जिसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट का धोखाधड़ी से लाभ उठाना और राजकोट पुलिस द्वारा दर्ज दस्तावेजों की जालसाजी शामिल है।जस्टिस एमआर मेंगडे ने आदेश सुनाते हुए कहा,"याचिका खारिज की जाती है।"न्यायालय ने मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद 28 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें राज्य ने तर्क दिया कि लंगा प्रभावशाली व्यक्ति हैं। उन पर अत्यधिक गोपनीय सरकारी दस्तावेजों की चोरी के लिए...

यााचिका में बिक्री समझौते को रद्द करने की मांग की गई हो तो क्या एड-वैलोरम कोर्ट फीस का भुगतान संपूर्ण बिक्री मूल्य पर होगा? पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जवाब दिया
यााचिका में बिक्री समझौते को रद्द करने की मांग की गई हो तो क्या एड-वैलोरम कोर्ट फीस का भुगतान संपूर्ण बिक्री मूल्य पर होगा? पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जवाब दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब मुकदमा केवल विक्रय समझौते को रद्द करने और बयाना की रकम को जब्त करने के लिए हो तो कोर्ट फीस केवल बयाना की रकम पर ही लगाया जाना चाहिए, न कि पूर्ण विक्रय प्रतिफल पर। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर तथा जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा, "मांगी गई बयाना रकम पर न्यायालय शुल्क यथामूल्य (Ad Valorem Court Fees) है, हालांकि इसे वादपत्र पर चिपकाया जाना आवश्यक है, बजाय कि सम्पूर्ण विक्रय प्रतिफल पर यथामूल्य न्यायालय शुल्क चिपकाया जाए...."मौजूदा...

Bhima Koregaon Case : सुप्रीम कोर्ट ने सुरेन्द्र गाडलिंग, ज्योति जगताप की जमानत याचिका और महेश राउत की जमानत के खिलाफ NIA की अपील स्थगित की
Bhima Koregaon Case : सुप्रीम कोर्ट ने सुरेन्द्र गाडलिंग, ज्योति जगताप की जमानत याचिका और महेश राउत की जमानत के खिलाफ NIA की अपील स्थगित की

सुप्रीम कोर्ट ने वकील सुरेन्द्र गाडलिंग और ज्योति जगताप द्वारा भीमा कोरेगांव मामले में प्रतिबंधित माओवादी समूहों के साथ कथित संबंधों को लेकर दायर की गई जमानत याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित की।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की खंडपीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा सह-आरोपी महेश राउत को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली अपील पर भी सुनवाई स्थगित की। इन सभी पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए।सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर ने कहा कि गाडलिंग वकील हैं, जो "तथाकथित...

प्रयागराज में वकीलों पर पुलिस का हमला | इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR और विभागीय कार्रवाई की मांग
प्रयागराज में वकीलों पर 'पुलिस का हमला' | इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR और विभागीय कार्रवाई की मांग

इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने अपने अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट अनिल तिवारी के नेतृत्व में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 4 फरवरी को प्रयागराज में वकीलों पर 'हमला' करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने चीफ जस्टिस अरुण भंसाली को पत्र लिखकर कथित घटना से संबंधित विभिन्न राहत की मांग करने के बाद यह मामला हाईकोर्ट के समक्ष आपराधिक रिट जनहित याचिका के रूप में सूचीबद्ध किया गया।अपने पत्र में बार एसोसिएशन ने...

जब मुकदमे में देरी केवल अभियोजन पक्ष की सुस्ती के कारण हो तो व्यक्तिगत स्वतंत्रता एनडीपीएस एक्ट की धारा 37(1)(बी) के प्रभाव को खत्म कर देती है: केरल हाईकोर्ट
जब मुकदमे में देरी केवल अभियोजन पक्ष की 'सुस्ती' के कारण हो तो व्यक्तिगत स्वतंत्रता एनडीपीएस एक्ट की धारा 37(1)(बी) के प्रभाव को खत्म कर देती है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि जब अभियोजन पक्ष मुकदमे के समापन में देरी के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है, तो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत स्वतंत्रता एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 (1) (बी) के प्रभाव को खत्म कर देती है। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 37 में वाणिज्यिक मात्रा में अपराध होने पर जमानत देने पर एक अतिरिक्त शर्त रखी गई है। यदि अभियोजन पक्ष द्वारा जमानत का विरोध किया जाता है, तो न्यायालय केवल तभी जमानत दे सकता है जब वह संतुष्ट हो कि यह मानने के लिए...

नवंबर से प्रतीक्षा कर रहे मरीज आपका पैसा आने तक जीवित नहीं रह सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य से स्वास्थ्य सेवा बजट खर्च करने की ठोस योजना बनाने को कहा
नवंबर से प्रतीक्षा कर रहे मरीज आपका पैसा आने तक जीवित नहीं रह सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य से स्वास्थ्य सेवा बजट खर्च करने की ठोस योजना बनाने को कहा

नांदेड़ और छत्रपति संभाजी नगर जिलों में सरकारी अस्पतालों में मौतों से संबंधित स्वप्रेरणा जनहित याचिका के संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (5 फरवरी) को राज्य से अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा, जिसमें यह दर्शाया गया हो कि वह सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया किस समय सीमा में पूरी कर लेगा।कोर्ट ने राज्य से स्वास्थ्य क्षेत्र को आवंटित बजट को किश्तों में खर्च करने की ठोस योजना बनाने को भी कहा।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ स्वप्रेरणा...

सुप्रीम कोर्ट ने CLAT 2025 के नतीजों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया
सुप्रीम कोर्ट ने CLAT 2025 के नतीजों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (15 जनवरी) को विभिन्न नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए दिसंबर 2024 में आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट-2025 (CLAT-2025) के नतीजों को चुनौती देने वाली अन्य हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की खंडपीठ ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के संघ द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका में यह आदेश पारित किया।खंडपीठ ने आदेश दिया कि रिकॉर्ड को अन्य हाईकोर्ट से...

Congress में शामिल हुए MLAs के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची BRS, अयोग्यता याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की
Congress में शामिल हुए MLAs के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची BRS, अयोग्यता याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की

भारत राष्ट्र समिति (BRS) और उसके MLAs ने 2023 के विधानसभा चुनाव में BRS के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले 7 MLAs के संबंध में दायर अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने में तेलंगाना विधानसभा स्पीकर द्वारा की गई देरी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। BRS के उक्त विधायक बाद में राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए।याचिकाकर्ताओं द्वारा जिन विधायकों (प्रतिवादी नंबर 2 से 8) के दलबदल का विरोध किया गया, उनमें शामिल हैं: श्रीनिवास रेड्डी परिगी, बंदला कृष्ण मोहन रेड्डी, काले यादैया, टी. प्रकाश...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कस्टडी मामलों, POCSO मामलों में शामिल बच्चों के लिए कानूनी सहायता पर दिशा-निर्देश मांगने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कस्टडी मामलों, POCSO मामलों में शामिल बच्चों के लिए कानूनी सहायता पर दिशा-निर्देश मांगने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें बच्चों की कस्टडी, फैमिली कोर्ट और POCSO मामलों के लिए राज्य में 'बाल कानूनी सहायता कार्यक्रम' तैयार करने के लिए दिशा-निर्देश मांगे गए। याचिका में हिरासत के मामलों में बच्चों का प्रतिनिधित्व करने के लिए स्वतंत्र वकीलों की नियुक्ति की भी मांग की गई।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ ने बुधवार को राज्य, फैमिली कोर्ट मुंबई के रजिस्ट्रार और महाराष्ट्र राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को नोटिस जारी किए।एक वकील द्वारा दायर याचिका में...

गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों को बंदी प्रत्यक्षीकरण अधिकार क्षेत्र के तहत आगे नहीं बढ़ाया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया
गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों को बंदी प्रत्यक्षीकरण अधिकार क्षेत्र के तहत आगे नहीं बढ़ाया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया है कि गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों को बंदी प्रत्यक्षीकरण के प्रावधान के तहत नहीं लाया जा सकता। ऐसे मामलों को दंड कानून के नियमित प्रावधानों के तहत दायर किया जाना चाहिए।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा,"गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के प्रावधान के तहत नहीं लाया जा सकता। गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों को भारतीय दंड संहिता के नियमित प्रावधानों के तहत दर्ज किया जाना चाहिए और...

धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों को दस्तावेजों की कॉपी उपलब्ध कराने में विफल रहने पर ED निदेशक को समन
धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों को दस्तावेजों की कॉपी उपलब्ध कराने में विफल रहने पर ED निदेशक को समन

दिल्ली कोर्ट ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक को 88 करोड़ रुपये के सेबी से संबंधित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में आरोपियों को अपनी अभियोजन शिकायत (पीसी) के दस्तावेजों की सुपाठ्य प्रतियां उपलब्ध कराने में विफल रहने पर तलब किया।पटियाला हाउस कोर्ट की स्पेशल जज अपर्णा स्वामी ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि 2022 के मामले में बार-बार स्थगन के बावजूद, ED आरोपियों को अपना बचाव करने के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में विफल रही।अभियुक्तों की ओर से पेश हुए वकील वी. गोविंदा रामनन ने...

धारा 498ए के तहत मुकदमा चलाने की समय-सीमा क्रूरता की अंतिम घटना से शुरू होगी: बॉम्बे हाईकोर्ट
धारा 498ए के तहत मुकदमा चलाने की समय-सीमा क्रूरता की अंतिम घटना से शुरू होगी: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498-ए के तहत अपराध के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 468 के तहत समय-सीमा क्रूरता के अंतिम कृत्य से शुरू होगी।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस रोहित जोशी की खंडपीठ ने कहा कि धारा 498ए के तहत मुकदमा चलाने की समय-सीमा अनिश्चित काल तक जारी नहीं रहेगी।खंडपीठ ने 29 जनवरी को सुनाए गए आदेश में कहा,"हमारा मानना ​​है कि आईपीसी की धारा 498-ए के तहत दंडनीय अपराध के लिए परिसीमा क्रूरता के अंतिम कृत्य से शुरू होगी। आईपीसी की धारा...

यह आरोप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि न्यायालय ने वकील का बयान दर्ज किया, जो कभी दिया ही नहीं गया: सुप्रीम कोर्ट ने वादी को फटकार लगाई, जुर्माना लगाया
'यह आरोप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि न्यायालय ने वकील का बयान दर्ज किया, जो कभी दिया ही नहीं गया': सुप्रीम कोर्ट ने वादी को फटकार लगाई, जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ आंध्र प्रदेश लिमिटेड को इस आरोप के लिए फटकार लगाई कि न्यायालय ने अपने आदेश में वकील का बयान दर्ज किया, जबकि वकील ने कभी ऐसा बयान नहीं दिया।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने न्यायालय के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कड़ी असहमति जताई।खंडपीठ ने कहा,"हम आवेदनों में लगाए गए आरोपों को पढ़कर स्तब्ध हैं। आरोप यह है कि हालांकि हमने आवेदकों की ओर से पेश हुए वकील का बयान दर्ज किया। वास्तव में हमारे समक्ष ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया। हम यह जानकर...