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सोशल मीडिया पोस्ट के लिए लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ यूपी कोर्ट में शिकायत दर्ज
पहलगाम आतंकी हमले के संबंध में सोशल मीडिया पर कथित 'देशद्रोही' पोस्ट को लेकर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले कोर्ट में आपराधिक शिकायत दर्ज की गई।शिवेंद्र सिंह नामक व्यक्ति द्वारा वकील मार्तंड प्रताप सिंह के माध्यम से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 210 के तहत दायर की गई शिकायत में दावा किया गया कि राठौर ने सार्वजनिक अशांति को भड़काने और चुनावी लाभ हासिल करने के लिए हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा...
न्यायालय के समय के बाद/छुट्टियों के दिन दायर की गई अत्यावश्यक याचिकाओं को सूचीबद्ध करने से पहले चीफ जस्टिस की मंजूरी की आवश्यकता होती है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (1 मई) को एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें न्यायालय की छुट्टियों के दौरान या नियमित न्यायालय समय के बाद दायर किए गए अत्यावश्यक मामलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई।सर्कुलर में दिनेशभाई भगवानभाई बंभानिया एवं अन्य बनाम गुजरात राज्य एवं अन्य में पहले पारित न्यायिक निर्देशों का उल्लेख है।रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी परिपत्र में आगे कहा गया,"मुझे माननीय चीफ जस्टिस द्वारा यह अधिसूचित करने का निर्देश दिया गया कि न्यायालय की छुट्टियों के दिन या न्यायालय समय के बाद...
राजस्थान समाज में लड़कियों की शिक्षा स्थिति से नाराज हाईकोर्ट, दी यह सलाह
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी बालिका गृह की अधीक्षक को 11 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को बालिका गृह के निकट स्थित किसी भी सरकारी स्कूल में दाखिला देने तथा उसके वयस्क होने तक उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने की अनुमति दी।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने बालिका गृह की अधीक्षक को पीड़िता के स्कूल में दाखिले के दस्तावेजी सबूत के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा उसके वयस्क होने तक जुलाई में वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया।न्यायालय सरकारी बालिका गृह की अधीक्षक द्वारा लिखे गए तीन पत्रों पर सुनवाई कर...
1954 से पहले पाकिस्तान गए लोगों की वापसी से जुड़े पुराने कानून पर दायर याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में खारिज
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1982 से लंबित याचिकाओं के एक बैच का निपटारा कर दिया, जिसमें जम्मू और कश्मीर राज्य अधिनियम, 1982 में पुनर्वास (या स्थायी वापसी) के लिए परमिट की संवैधानिकता को चुनौती दी गई थी।न्यायालय ने कहा कि इस अधिनियम के प्रावधान कभी लागू नहीं हुए, और इसके संचालन पर न्यायालय ने 2002 में पारित एक आदेश द्वारा रोक लगा दी थी। इसके बाद, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के अधिनियमन के बाद इसे निरस्त कर दिया गया था। "हम पाते हैं कि अधिनियम की पांचवीं अनुसूची में चार तालिकाएँ...
मानहानि के लिए माफी मांगने और लक्ष्मी पुरी को मुआवजा देने का आदेश वापस लेने की मांग वाली साकेत गोखली की याचिका खारिज
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद साकेत गोखले की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने उस आदेश को वापस लेने की मांग की थी, जिसमें उनसे सोशल मीडिया पर माफी मांगने और संयुक्त राष्ट्र में भारत की पूर्व सहायक महासचिव लक्ष्मी पुरी को 50 लाख रुपये का हर्जाना देने के लिए कहा गया था।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने राहत मांगने में देरी के लिए गोखले की याचिका भी खारिज कर दी।गोखले ने पिछले साल 01 जुलाई को समन्वय पीठ द्वारा पारित एकपक्षीय आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए आदेश 9...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जांच में हेराफेरी करने के आरोप में बलात्कार के आरोपी हेड कांस्टेबल का तत्काल तबादला करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (Director General) को जांच में हेराफेरी करने के प्रयास में बलात्कार के आरोपी हेड कांस्टेबल का तत्काल तबादला करने का निर्देश दिया।न्यायालय ने बलात्कार की FIR रद्द करने की कांस्टेबल की याचिका खारिज करते हुए पुलिस अधिकारियों को कांस्टेबल को हिरासत में लेने की छूट भी दी। इसके अलावा न्यायालय ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट के दबाव में ही FIR दर्ज की गई।न्यायालय ने कहा कि पुलिस को FIR दर्ज करने में देरी का कारण "पुलिस द्वारा असहयोग" बताना चाहिए था। हालांकि,...
DV Act की धारा 31 केवल संरक्षण आदेशों के उल्लंघन पर लागू होती है, न कि भरण-पोषण या निवास आदेशों जैसे अन्य आदेशों पर: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस राकेश कैंथला की पीठ ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act (DV Act)) की धारा 31 केवल संरक्षण आदेशों (महिलाओं को हिंसा के कृत्यों से बचाने के लिए) के उल्लंघन के लिए दंड से संबंधित है, न कि भरण-पोषण (वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए), मुआवज़ा (चोटों के लिए मुआवज़ा देने के लिए) या निवास (आश्रय प्रदान करने के लिए) जैसे अन्य आदेशों से।मामले की पृष्ठभूमि:अक्षय ठाकुर (याचिकाकर्ता) ने महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के अधिनियम, 2005 (DV Act) की धारा 31 के...
26 साल तक पुलिस सर्विस में रहा कांस्टेबल निकला पाकिस्तानी, हाईकोर्ट ने लिया यह फैसला
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व कांस्टेबल के निर्वासन पर अस्थायी रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह देखते हुए रोक लगाई कि अदालत में प्रस्तुत राजस्व रिकॉर्ड जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में उनके वास्तविक निवास का प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करते हैं।जस्टिस राहुल भारती की पीठ सरकार द्वारा उन्हें और उनके परिवार को जारी किए गए निर्वासन नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह वर्षों से पुंछ जिले में रह रहे...
अगर डॉक्टर सिर्फ जेनेरिक दवाएं लिखें, तो दवा कंपनियों की रिश्वतखोरी रुक सकती है: सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट ने आज मौखिक टिप्पणी की कि दवा कंपनियों द्वारा डॉक्टरों को अत्यधिक या तर्कहीन दवाएं लिखने के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने और उच्च लागत वाले अधिक कीमत वाले ब्रांडों पर जोर देने का मुद्दा हल हो जाएगा, बशर्ते डॉक्टरों के लिए जेनेरिक दवाएं लिखने का वैधानिक आदेश हो। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया है कि दवा कंपनियां डॉक्टरों को व्यापार लाने और अत्यधिक और/या तर्कहीन दवाएं लिखने और उच्च लागत या अधिक कीमत वाले ब्रांडों...
जजों पर 'डॉग माफिया' टिप्पणी पर सजा देने के हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें एक महिला को अदालत की अवमानना के लिए दोषी ठहराया गया था, और उसे सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट / उनके जजों के खिलाफ उसकी "डॉग माफिया" टिप्पणी पर 1 सप्ताह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ महिला की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह आदेश पारित किया। नवी मुंबई स्थित एक सोसायटी और डॉग फीडर के बीच लंबित विवाद के संबंध में, याचिकाकर्ता-महिला (सोसाइटी...
राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 32 से 36: भू अभिलेख निरीक्षण प्रणाली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका
राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 (Rajasthan Land Revenue Act, 1956) में ग्रामीण प्रशासन और भूमि अभिलेखों के रख-रखाव से संबंधित कई महत्त्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।इनमें से धारा 32 से लेकर 36 तक की धाराएँ विशेष रूप से पटवारियों, गिरदावर कानूनगो, रिकॉर्ड निरीक्षक तथा सदर कानूनगो जैसे अधिकारियों के कार्यक्षेत्र, नियुक्ति, योग्यता, निरीक्षण व्यवस्था और आम नागरिकों की सूचनाएं देने की जिम्मेदारी को स्पष्ट करती हैं। यह लेख इन धाराओं की सरल भाषा में व्याख्या करता है जिससे आमजन, किसान तथा राजस्व...
क्या NDPS Act के तहत ट्रायल में देरी होने पर जमानत दी जा सकती है?
सुप्रीम कोर्ट ने मो. मुस्लिम बनाम राज्य (एनसीटी दिल्ली) के फैसले में यह अहम सवाल उठाया कि क्या एनडीपीएस कानून (NDPS Act) के तहत किसी आरोपी को जमानत (Bail) दी जा सकती है जब ट्रायल में अत्यधिक देरी हो रही हो?इस फैसले में यह साफ किया गया कि यदि ट्रायल लंबा खिंचता है और आरोपी को बिना दोषी ठहराए सालों तक जेल में रखा जाता है, तो यह अनुच्छेद 21 (Article 21) के तहत मिलने वाले जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार (Right to Life and Liberty) का उल्लंघन हो सकता है। एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 का मतलब (Meaning of...
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 441 और 442 के अंतर्गत एडिशनल सेशन जज तथा हाईकोर्ट की पुनर्विचार शक्ति
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) देश में आपराधिक प्रक्रिया का नया आधार है, जो पुरानी प्रक्रिया संहिता की जगह लेकर 1 जुलाई 2024 से लागू हुई है।इस संहिता का अध्याय बत्तीस (Chapter XXXII) पुनरीक्षण (Revision) और संदर्भ (Reference) से संबंधित प्रावधानों को निर्धारित करता है। इस लेख में हम धारा 441 और 442 के माध्यम से यह समझने का प्रयास करेंगे कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (Additional Sessions Judge) और हाईकोर्ट (High Court) को किन-किन परिस्थितियों में...
S. 482 CrPC | FIR रद्द करने की याचिका में जांच रिपोर्ट पर भरोसा करना हाईकोर्ट के लिए संभव नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट CrPC की धारा 482 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए जांच रिपोर्ट का आकलन या प्रस्तुत करने के लिए नहीं कह सकते, क्योंकि यह अधिकार केवल मजिस्ट्रेट के पास है।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की खंडपीठ ने गुजरात हाईकोर्ट का निर्णय खारिज कर दिया, जिसने अपीलकर्ता की याचिका खारिज करने के लिए जांच रिपोर्ट पर भरोसा किया था। साथ ही अपीलकर्ता के खिलाफ आपराधिक मामला रद्द करने से इनकार कर दिया था।प्रतिभा बनाम रामेश्वरी देवी (2007) 12 एससीसी 369 के मामले पर भरोसा करते...
राजस्थान कोर्ट फीस और वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 की धारा 48 और 49: उन Suits का मूल्य निर्धारण जिनके लिए कोई विशेष प्रावधान मौजूद नहीं है
धारा 48 का उद्देश्य उन वादों (Suits) की वैल्यू तय करना है जिनके लिए इस अधिनियम (Act) या किसी अन्य कानून (Law) में स्पष्ट रूप से कोई वैल्यू निर्धारण का तरीका नहीं दिया गया है।उपधारा (1) कहती है कि यदि किसी वाद (Suit) की वैल्यू तय करने के लिए अदालत की अधिकारिता (Jurisdiction) के उद्देश्य से कोई विशेष प्रावधान मौजूद नहीं है, तो उस वाद की वैल्यू वही मानी जाएगी जो कोर्ट फीस (Court Fees) निकालने के लिए मानी जाती है। यानी, जिस रकम के आधार पर कोर्ट फीस ली जाती है, वही रकम अदालत की अधिकारिता तय करने के...
अदालतों को आरोपी के त्वरित सुनवाई के अधिकार की सक्रिय रूप से रक्षा करनी चाहिए, न कि देरी पर विलाप करना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अदालतों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे आरोपी के त्वरित सुनवाई के अधिकार को पहचानें और उसके प्रति सचेत रहें तथा उसे पराजित होने से रोकें, न कि बहुत देर से जागकर विलाप करें कि ऐसा अधिकार पराजित हो गया।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने धोखाधड़ी के मामले में व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा कि मुकदमे को समाप्त होने में बहुत समय लगेगा।न्यायालय ने कहा कि आरोपी पहले ही एक वर्ष से अधिक न्यायिक हिरासत में रह चुका है तथा उसे 'कारावास' का सामना करना पड़ा है। साथ ही कहा कि उसे...
जाति जनगणना: सुप्रीम कोर्ट का 2021 का फैसला, 2011 की SECC रिपोर्ट सार्वजनिक करने से किया था इनकार
एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव में, केंद्र सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि आगामी राष्ट्रीय जनगणना में जाति आधारित जनगणना शामिल होगी। आखिरी बार भारत की जनसंख्या की गणना जाति के आधार पर आजादी से पहले 1931 में की गई थी। वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा एक सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) की गई थी। हालांकि, इसकी रिपोर्ट प्रकाशित नहीं की गई थी।इस संदर्भ में, 2021 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित एक आदेश पर फिर से विचार करना दिलचस्प होगा, जिसने केंद्र को सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (एसईसीसी) 2011 की...
रंगमहल में हाईकोर्ट शिफ्ट करने के विरोध पर असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से दिया इस्तीफा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को गुहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।गुहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (GHCBA) के गुहाटी से रंगमहल स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध करने के बाद मुख्यमंत्री का इस्तीफा आया है। GHCBA के अध्यक्ष को 30 अप्रैल को लिखे अपने पत्र में, सीएम ने कहा कि यह उनके संज्ञान में आया है कि "गुहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 18.10.2023 को आयोजित अपनी पूर्ण न्यायालय की बैठक में माननीय गुहाटी हाईकोर्ट की सिफारिश के अनुसार रंगमहल,...
अनुच्छेद 142 के तहत मध्यस्थ निर्णय में संशोधन संभव: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया फैसले में कहा है कि अनुच्छेद 142 के तहत पूर्ण न्याय करने की शक्तियों का इस्तेमाल किसी मध्यस्थ पंचाट में संशोधन के लिये किया जा सकता है, बशर्ते इससे लंबे समय तक चले मुकदमे को समाप्त करने में मदद मिले।CJI संजीव खन्ना द्वारा लिखित बहुमत की राय ने समझाया कि अनुच्छेद 142 के तहत पूर्ण न्याय करने की शक्ति का उपयोग किसी पुरस्कार को संशोधित करने के लिए सावधानी से किया जा सकता है, जब तक कि यह पुरस्कार की योग्यता में हस्तक्षेप नहीं करता है। यह फैसला चीफ़ जस्टिस संजीव खन्ना की...
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में 3 और आरोपियों को अंतरिम जमानत दी
छत्तीसगढ़ कोर्ट ने छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला मामले में 3 और आरोपियों लक्ष्मीकांत तिवारी, मनीष उपाध्याय और पारेख कुर्रे को अंतरिम जमानत दी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने 3 मार्च के पहले के आदेश में दर्ज कारणों को अपनाते हुए यह आदेश पारित किया, जिसके तहत मामले के अन्य आरोपियों (पूर्व सिविल सेवक सौम्या चौरसिया और रानू साहू सहित) को भी इसी तरह की राहत दी गई थी।अंतरिम जमानत की मंजूरी आरोपी द्वारा ट्रायल कोर्ट के समक्ष संतोषजनक जमानत बांड प्रस्तुत करने पर निर्भर है।अगली...




















