ताज़ा खबरे
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955: प्रारंभिक धाराएं
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की शुरुआत इसकी प्रारंभिक धाराओं (Preliminary Sections) से होती है, जो अधिनियम के नाम, उसके विस्तार (Extent) और उन व्यक्तियों (Persons) पर लागू होने (Application) का निर्धारण करती हैं जिन पर यह कानून प्रभावी होगा। ये धाराएँ अधिनियम की नींव (Foundation) रखती हैं और यह स्पष्ट करती हैं कि कौन इसके दायरे (Ambit) में आता है।1. संक्षिप्त नाम और विस्तार (Short Title and Extent) (1) इस अधिनियम को हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 कहा जा सकता है। (This Act may be called the Hindu...
सीजेआई गवई ने बॉम्बे हाईकोर्ट में शुरू की लाइव स्ट्रीमिंग सुविधा
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) भूषण गवई ने शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्यवाही की "लाइव स्ट्रीमिंग" शुरू की।शुरुआत में हाईकोर्ट की केवल पांच बेंचों की कार्यवाही ही लाइव स्ट्रीम की जाएगी, जो इस प्रकार हैं:1. चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस संदीप मार्ने।2. जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ नीला गोखले।3. जस्टिस महेश सोनक और जस्टिस जितेंद्र जैन।4. जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस मिलिंद सथाये।5. जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस राजेश पाटिल।लाइव स्ट्रीमिंग सुविधा के अलावा, सीजेआई गवई ने हाल ही में...
सरकारी भर्ती परीक्षा में डिग्री जालसाजी और नकल साजिश का मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों को राहत देने से किया इंकार
राजस्थान हाईकोर्ट ने तीन व्यक्तियों (जिसमें एक महिला भी शामिल है) की याचिकाएं खारिज कर दीं, जिन्होंने शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जालसाजी और सरकारी भर्ती परीक्षा में नकल के आरोप में दर्ज FIR रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि ये ऐसे गंभीर अपराध हैं, जो जनहित से जुड़े हुए हैं। FIR को समय से पहले रद्द करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा और ईमानदार उम्मीदवारों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाएगा।जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने कहा,“FIR में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...
जनहित के साथ संतुलन आवश्यक: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे में लो विजन और नेत्रहीन अभ्यर्थियों के लिए पदों के विभाजन को उचित ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में रेलवे द्वारा दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए आरक्षित पदों को दो श्रेणियों में विभाजित करने की कार्रवाई को सही करार दिया। एक श्रेणी में ऐसे पद शामिल हैं, जिन्हें लो विजन (एलवी) और नेत्रहीन दोनों उम्मीदवारों द्वारा संभाला जा सकता था, जबकि दूसरी श्रेणी में केवल एलवी उम्मीदवारों के लिए पद निर्धारित किए गए।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस अजय दिग्पौल की खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिकाकर्ताओं की दलीलों को खारिज कर दिया कि नेत्रहीन और एलवी उम्मीदवार एक ही श्रेणी में आते हैं और...
डिजिटल तकनीक से बदल रहा अपराध का चेहरा, सोशल मीडिया पर अश्लील तस्वीरों का प्रसार बर्बाद कर सकता है ज़िंदगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार करते हुए हाल ही में कहा कि जब किसी की अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित की जाती हैं, तो यह ज़िंदगियों को तबाह कर सकती हैं।जस्टिस अजय भनोट की एकल पीठ ने टिप्पणी की,“डिजिटल तकनीक अपराध का चेहरा बदल रही है। किसी व्यक्ति की अश्लील तस्वीरें जब सोशल मीडिया जैसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जाती हैं तो वे ज़िंदगी को तबाह कर सकती हैं। यह समाज की कड़वी सच्चाई है।”आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 352, 351(2), 64(1) और...
एमपी हाईकोर्ट ने प्रशासनिक भवनों के प्रस्तावित निर्माण के लिए आवंटित भूमि पर नर्सरी के पेड़ों की काटई पर अंतरिम रोक लगाई
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में राज्य सरकार को मंडला जिले की उस भूमि पर लगे पेड़ों को काटने या फिर से प्रतिरोपित करने से रोक दिया, जहां एक नर्सरी स्थित है और जिसे प्रशासनिक भवनों के निर्माण के लिए आवंटित किया गया है।कोर्ट एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने मंडला जिला कलेक्टर के 1 अक्टूबर 2024 के आदेश को चुनौती दी है।याचिका में कहा गया कि 2,93,588 वर्गफुट क्षेत्रफल वाली भूमि, जिस पर 1981 से नर्सरी है, जिसमें लगभग 10,000 फलदार पेड़ हैं। उसको नया संयुक्त जिला कार्यालय...
आसाराम बापू की बलात्कार मामले में हाईकोर्ट ने अस्थायी जमानत 1 माह और बढ़ाई
गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (3 जुलाई) को आसाराम बापू की अस्थायी जमानत एक महीने के लिए बढ़ा दी। आसाराम बापू 2013 के बलात्कार मामले में गांधीनगर सत्र न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए गए हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।अदालत ने आसाराम बापू के वकील द्वारा दिए गए इस बयान पर ध्यान दिया कि वह आगे अस्थायी जमानत बढ़ाने की मांग नहीं करेंगे और स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य कारणों से अस्थायी जमानत के विस्तार की कोई और प्रार्थना स्वीकार नहीं की जाएगी।कोर्ट ने 27 जून को उनकी अस्थायी जमानत 7 जुलाई तक बढ़ाई थी।...
मोटर दुर्घटना मुआवज़ा अवार्ड पर नई टैक्स व्यवस्था का प्रभाव
केंद्रीय बजट 2025-26 ने मूल आयकर छूट सीमा में उल्लेखनीय वृद्धि की है और ₹12 लाख तक की आय के लिए शून्य-कर सीमा शुरू करके व्यक्तिगत कराधान की रूपरेखा को फिर से तैयार किया है। प्रभावी कर छूट के साथ, रिटर्न दाखिल करने में पर्याप्त वृद्धि की उम्मीद है। असंगठित क्षेत्र, गिग इकॉनमी और स्व-नियोजित पेशेवरों या मामूली आय अर्जित करने वाली गृहणियों में से कई लोगों के लिए, कर का बोझ उठाए बिना रिटर्न दाखिल करने की संभावना झिझक को कम करती है और कर प्रणाली से जुड़ाव बढ़ाती है।नई कर व्यवस्था के तहत मूल छूट सीमा...
नर्सिंग स्टाफ की कमी : PGIMER चंडीगढ़ ने 62% रिक्तियों वाली खबर को बताया गलत, हाईकोर्ट ने मांगे भर्ती नियम
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार (4 जुलाई) को चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल परिचारकों की भर्ती से जुड़े नियम दाखिल करने के निर्देश दिए। अदालत ने यह निर्देश उस स्वत: संज्ञान मामले में दिए, जिसे अदालत ने 'टाइम्स ऑफ इंडिया' में 17.06.2025 को प्रकाशित खबर के आधार पर शुरू किया था। खबर में मरीजों और उनके परिजनों की पीड़ा का हवाला देते हुए अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल परिचारकों की भारी कमी की बात कही गई थी।अखबार की...
POCSO Act के तहत गंभीर अपराधों में जमानत देना कानून की मंशा को कमजोर करता है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाबालिग बालक के साथ कुकर्म के आरोपी को जमानत देने से किया इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाले विशेष कानून (POCSO Act) के तहत गंभीर मामलों में अदालतों को जमानत देने में उदार दृष्टिकोण नहीं अपनाना चाहिए।एकल जज जस्टिस अमित बोरकर ने अपने आदेश में कहा कि हर आरोपी को स्वतंत्रता का मूल अधिकार होता है, लेकिन यह अधिकार पूर्ण नहीं है।जज ने कहा,"यह अदालत यह स्पष्ट करती है कि प्रत्येक आरोपी को स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार है लेकिन यह अधिकार पूर्ण नहीं है। इसे न्याय, सार्वजनिक व्यवस्था और विशेष रूप से नाबालिग पीड़ितों की...
केवल केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए जारी OBC प्रमाणपत्र दिल्ली सरकार की नौकरियों में आरक्षण के लिए मान्य नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र (OBC सर्टिफिकेट) केवल केंद्र सरकार की नौकरियों में आवेदन के लिए जारी किया गया तो उस प्रमाणपत्र के आधार पर दिल्ली सरकार की नौकरियों में आरक्षण का दावा नहीं किया जा सकता।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस अजय दिगपाल की खंडपीठ दिल्ली सरकार की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जो CAT के आदेश के खिलाफ दायर की गई। CAT ने उम्मीदवार ज्योति को आरक्षण का लाभ देने का आदेश दिया था। ज्योति उत्तर प्रदेश की नाई जाति से हैं जिसे वहां OBC वर्ग...
'मनमाना, अव्यवहारिक, लाखों लोगों को मताधिकार से वंचित करने वाला': बिहार में मतदाता सूची के संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 25 जून को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के लिए पारित आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई।एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (SIR) द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि ECI का आदेश मनमाना है और लाखों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर सकता है।ECI के निर्देश में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन की बात कही गई, जिसके अनुसार 2003 की मतदाता सूची में शामिल नहीं होने वाले मतदाताओं को यह साबित करने के लिए निर्दिष्ट नागरिकता...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में DRT के काम न करने पर चिंता जताई, वित्त मंत्रालय से नियुक्तियों में तेजी लाने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रयागराज में पीठासीन अधिकारी की कमी के कारण ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) के लंबे समय से काम न करने पर संज्ञान लिया। स्थिति को 'चिंताजनक' बताते हुए न्यायालय ने वित्त मंत्रालय से डीआरटी में रिक्त पदों को तत्काल भरने का आग्रह किया।जस्टिस शेखर बी सराफ और जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की खंडपीठ ने एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसमें याचिकाकर्ता ने SARFAESI Act, 2002 की धारा 14 के तहत पारित एकपक्षीय आदेश को चुनौती दी थी।याचिकाकर्ता ने जबरन वसूली...
S.210(1)(c) BNSS| न्यायालय को गवाह का बयान दर्ज करने या अपराध का संज्ञान लेने के लिए पीड़ित पक्ष को बुलाने की बाध्यता नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 210(1)(सी) के तहत मजिस्ट्रेट को किसी अपराध का संज्ञान लेने या प्रक्रिया जारी करने से पहले किसी गवाह का बयान दर्ज करने या पीड़ित पक्ष को बुलाने की बाध्यता नहीं है।बता दें, BNSS की धारा 210(सी) में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट पुलिस अधिकारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से प्राप्त सूचना पर या अपने स्वयं के ज्ञान पर अपराध का संज्ञान ले सकता है कि ऐसा अपराध किया गया।जस्टिस संजय वशिष्ठ ने अपने आदेश में स्पष्ट...
बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने अवैध गिरफ्तारी मामले में रिमांड आदेश को चुनौती देने के लिए उचित याचिका दायर नहीं की: पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को उनकी कथित “अवैध गिरफ्तारी” और उनके चल रहे आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार मामले में बाद में रिमांड में कोई राहत देने से इनकार कर दिया।पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने 25 जून को मजीठिया को कथित रूप से 540 करोड़ रुपये के “ड्रग मनी” के शोधन से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार किया था। मोहाली कोर्ट ने 2 जुलाई को मजीठिया की रिमांड अवधि चार दिन के लिए बढ़ा दी थी।सुनवाई के दौरान, पंजाब के एडवोकेट जनरल (एजी)...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता से विवाह और बच्चे के जन्म को ध्यान में रखते हुए POCSO दोषी को दी जमानत, कहा- 'अपराध का दोष समाप्त हो गया'
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को POCSO Act के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को जमानत दी। मामले में कहा गया दोषी ने पीड़िता से विवाह किया है और वे दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे है। उनके विवाह से एक बच्चा भी पैदा हुआ है।हालांकि यह देखते हुए कि दोषी का कृत्य "न केवल अवैध बल्कि अनैतिक भी था", जस्टिस राजीव मिश्रा की पीठ ने कहा कि "आवेदक/अपीलकर्ता द्वारा किया गया कोई भी अपराध यदि कोई हो, समाप्त हो गया," क्योंकि बाद के घटनाक्रमों में दोनों पक्षों के बीच विवाह और उनके बेटे का जन्म शामिल है।संक्षेप में...
टेंडर अथॉरिटी टेंडर क्लॉज के लिए वैकल्पिक व्याख्या नहीं दे सकता, जो स्पष्ट है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि अधिक संख्या में गोदामों के लिए आवेदन करने वाले बोलीदाताओं को वरीयता देने वाले टेंडर क्लॉज को केंद्रीय भंडार कार्यालय तक नहीं बढ़ाया जा सकता, यदि टेंडर दस्तावेज में दो श्रेणियों के बीच स्पष्ट अंतर किया गया। न्यायालय ने एक बोलीदाता को दिए गए पट्टे को रद्द कर दिया और टेंडर प्रक्रिया को बहाल कर दिया।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस संदीप वी. मार्ने की खंडपीठ वास्ट मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पट्टे के लिए टेंडर प्रक्रिया...
BREAKING| स्टाफ नियुक्तियों में SC/ST कोटे के बाद सुप्रीम कोर्ट में लागू हुआ OBC आरक्षण
सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार स्टाफ नियुक्तियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए भी आरक्षण लागू किया। यह हाल ही में स्टाफ नियुक्तियों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के लिए कोटा लागू करने के फैसले के बाद आया।शारीरिक रूप से दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के लिए भी आरक्षण प्रदान किया गया।यह सुप्रीम कोर्ट अधिकारी और सेवक (सेवा की शर्तें और आचरण) नियम, 1961 में संशोधन के माध्यम से किया गया। 3 जुलाई की अधिसूचना द्वारा, संविधान के अनुच्छेद 146 के खंड (2)...
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के कुलपतियों की नियुक्ति के अधिकार पर संशोधन पर हाईकोर्ट के रोक के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार द्वारा मद्रास हाईकोर्ट द्वारा राज्य संचालित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति के राज्यपाल के अधिकार को छीनने वाले विधायी संशोधनों पर रोक के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने आदेश पारित किया और मामले को न्यायालय के समक्ष लंबित समान मामलों के साथ जोड़ दिया। इसके अलावा, अंतरिम राहत और राज्य को मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए उल्लेख करने की स्वतंत्रता दिए जाने के राज्य के अनुरोध पर प्रतिवादियों को नोटिस...
क्या IPC की धारा 124ए पर रोक के बावजूद राजद्रोह के दोषसिद्धि के खिलाफ अपील आगे बढ़ सकती है? सुप्रीम कोर्ट करेगा स्पष्ट
सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच करने के लिए सहमत हो गया है कि क्या भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 124ए (राजद्रोह) के तहत कार्यवाही पर रोक लगाने वाले उसके 2022 के आदेश से हाईकोर्ट को राजद्रोह के अपराध के लिए दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर निर्णय लेने से रोका जाना चाहिए।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने सफदर नागोरी नामक व्यक्ति द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका में नोटिस जारी किया, जिसे 2017 में भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए (राजद्रोह) के तहत अन्य आरोपों के साथ दोषी ठहराए जाने के बाद...




















