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Hindu Marriage Act की धारा 9 के प्रावधान
जब विवाह के पक्षकारों में से कोई पक्षकार बिना किसी युक्तियुक्त कारण के विवाह के दूसरे पक्षकार को छोड़कर चला गया है तो ऐसी परिस्थिति में जिस पक्षकार को छोड़ कर गया है वह पक्षकार कोर्ट की शरण ले सकता है। हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 9 विवाह को उस पक्षकार को यह अधिकार देती है कि वह कोर्ट के माध्यम से विवाह के उस पक्षकार को वापस अपने साथ रहने के लिए बुला सकता है जो उसे छोड़ कर गया है।'जबकि पति या पत्नी में से किसी ने युक्तियुक्त प्रतिहेतु के बिना दूसरे से अपना साहचर्य प्रत्याहृत कर लिया है तब...
Hindu Marriage Act में मैरिज के लिए सपिंड नहीं होना और विवाह के लिए ज़रूरी संस्कार का होना
इस एक्ट की धारा 5 के अधीन किसी भी हिंदू विवाह के संपन्न होने के लिए विवाह के पक्षकारों का आपस में सपिंड संबंध का नहीं होना चाहिए। यदि विवाह के पक्षकार आपस में सपिंड संबंध के होते हैं तो इस प्रकार का विवाह अधिनियम की धारा 11 के अनुसार शून्य होता है। सपिंडा रिलेशनशिप का हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत कड़ाई से पालन किए जाने का प्रयास किया गया है।सपिंड नातेदारी के अंदर वाले दो हिंदू पक्षकारों के बीच विवाह प्रारंभ से ही कोई भी वजूद नहीं रखता है तथा इस प्रकार का विवाह किए जाने पर तो अधिनियम के अंतर्गत...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने UAPA और राजद्रोह के अपराध की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124ए (राजद्रोह) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने आज अपना फैसला सुनाते हुए कहा,"UAPA अपने वर्तमान स्वरूप में संवैधानिक रूप से वैध है... चुनौती विफल।"जजों के समक्ष अनिल बाबूरा बेले नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका विचाराधीन थी, जिन्हें 10 जुलाई, 2020 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एल्गार परिषद मामले के...
रशियन माँ द्वारा बच्चे को लेकर भागने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा – उसे ढूंढो और बच्चा पिता को दो
बच्चों की कस्टडी के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उस बच्चे का पता लगाने के लिए आज एक तरह का आदेश पारित किया जो अपनी रूसी मां की कस्टडी में आखिरी बार था। अदालत ने संघ और दिल्ली के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि रूसी महिला देश न छोड़े और साथ ही उसे ढूंढकर उसके भारतीय पिता को बच्चे को सौंप दिया जाए।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ को सूचित किया गया कि रूसी मां और बच्चा जंगल में गायब हो गए हैं। कोर्ट ने निम्नलिखित निर्देश पारित किए: (i) आयुक्त सहित दिल्ली...
हाईकोर्ट ने COVID-19 के दौरान तब्लीगी जमात के लोगों को पनाह देने के आरोप वाले 16 मामले किए रद्द
जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने भारतीय नागरिकों के खिलाफ दर्ज आरोपपत्रों को रद्द कर दिया और उनके खिलाफ दर्ज 16 FIR रद्द करने की उनकी याचिकाओं का निपटारा कर दिया।जज ने आदेश सुनाते हुए कहा,"आरोपपत्र रद्द किए जाते हैं।"इस मामले में 22 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व एडवोकेट आशिमा मंडला ने किया।जनवरी, 2022 में दिल्ली पुलिस ने याचिकाओं को रद्द करने का विरोध करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों ने न केवल दिल्ली सरकार द्वारा जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है, बल्कि कोविड-19...
दिल्ली कोर्ट ने आरोपियों को समय बर्बाद करने की सज़ा के तौर पर हाथ ऊपर करके खड़े रहने को कहा
आपराधिक अतिक्रमण के मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली कोर्ट ने चार आरोपियों को न्यायिक समय बर्बाद करने और समय पर ज़मानत बांड जमा न करने की सज़ा के तौर पर "अदालत उठने तक अपने हाथ ऊपर सीधे खड़े रहने" का आदेश दिया।द्वारका कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ गोयल ने आरोपियों को अदालती अवमानना का दोषी ठहराया और उन्हें भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की धारा 228 (न्यायिक कार्यवाही में लगे किसी लोक सेवक का जानबूझकर अपमान करना या उसके काम में बाधा डालना) के तहत दोषी ठहराया।6 मई को आरोपियों को 15...
PSU ठेकों में SC/ST ठेकेदारों को आरक्षण अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की निविदा शर्तों की वैधता को बरकरार रखा है, जिसमें पेट्रोलियम परिवहन अनुबंधों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) बोलीदाताओं को आरक्षण और रियायतें प्रदान की गई हैं, यह मानते हुए कि सकारात्मक कार्रवाई केवल सार्वजनिक रोजगार तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए।चीफ़ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस संदीप वी. मार्ने की खंडपीठ ने मैसर्स पाटिल रोडलाइन्स और अन्य ट्रांसपोर्टरों द्वारा दायर एक रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें बल्क पीओएल (पेट्रोलियम,...
दिल्ली हाईकोर्ट ने विप्रो को कर्मचारी को बदनाम करने वाले टर्मिनेशन लेटर पर ₹2 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने विप्रो लिमिटेड के साथ काम करने वाले एक कर्मचारी के चरित्र के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी को उसके बर्खास्तगी पत्र से हटा दिया है।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कर्मचारी की प्रतिष्ठा को नुकसान, भावनात्मक कठिनाई और उसकी पेशेवर विश्वसनीयता के नुकसान के निवारण के लिए कर्मचारी के पक्ष में 2 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया। अदालत ने कहा, "इसके अलावा, किसी भी मानहानिकारक सामग्री से रहित वादी को एक नया टर्मिनेशन लेटर जारी किया जाएगा, और इसके परिणामस्वरूप, जहां तक मानहानिकारक सामग्री का...
दो दिनों में प्रमाणन पर फैसला लेंगे: योगी आदित्यनाथ पर आधारित फिल्म पर CBFC ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि वह 'अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी' नामक फिल्म के निर्माताओं द्वारा प्रमाणन के लिए दायर याचिका पर दो कार्यदिवसों के भीतर फैसला करेगा।फिल्म के निर्माताओं ने प्रमाणन के लिए उनके आवेदन पर जल्द से जल्द फैसला लेने के निर्देश देने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने CBFC के सीनियर वकील अभय खांडेपारकर का बयान दर्ज किया कि वे दो कार्यदिवसों के भीतर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने समलैंगिक साथी को मेडिकल प्रतिनिधि के रूप में मान्यता देने की याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को नोटिस जारी किया। यह याचिका महिला अर्शिया टक्कर द्वारा दायर की गई, जिसमें मांग की गई कि मरीज के समलैंगिक साथी को मेडिकल प्रतिनिधि के रूप में मान्यता दी जाए ताकि वह आपातकालीन मेडिकल स्थितियों में मरीज की ओर से निर्णय ले सके और सहमति दे सके।जस्टिस सचिन दत्ता की एकल पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय...
पंजाब एंड हरियाणा सुप्रीम कोर्ट ने जिला अस्पतालों में बुनियादी मेडिकल अवसंरचना पर राज्यों की नीतियों की जानकारी मांगी
जिला अस्पतालों में आवश्यक मेडिकल उपकरणों की कमी पर चिंता जताते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन से बुनियादी मेडिकल अवसंरचना पर अपनी नीति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए एक विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा,"प्रत्येक जिला अस्पताल में बुनियादी चिकित्सा अवसंरचना के संबंध में राज्य की मेडिकल नीति क्या है?"यह देखते हुए कि जिला अस्पताल मलेरकोटला में MRI और सीटी स्कैन मशीन अभी तक नहीं खरीदी गई,...
क्या बार काउंसिल्स नामांकन शुल्क परिसीमा पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रही हैं? सुप्रीम कोर्ट ने BCI से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई को आदेश पारित करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन और सीनियर एडवोकेट मनन मिश्रा को अदालत में उपस्थित होने को कहा ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि 30 जुलाई, 2024 के फैसले में राज्य बार काउंसिल्स को नामांकन शुल्क के नाम पर अत्यधिक राशि वसूलने से रोकने के जो निर्देश दिए गए थे उनका पालन हुआ है या नहीं।गौरव कुमार बनाम भारत संघ इस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बार काउंसिल्स एडवोकेट्स एक्ट 1961 की धारा 24 के तहत निर्धारित फीस से अधिक शुल्क नहीं ले सकतीं।...
हाईकोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी जांच अधिकारियों को केस डायरी प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया
दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली पुलिस ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि अब से सभी जांच अधिकारी न्यायिक जांच के लिए मामले की केस डायरी प्रस्तुत करेंगे।यह तब हुआ जब जस्टिस गिरीश कठपालिया ने एक अन्य मामले में यह टिप्पणी की कि जांच अधिकारी केस डायरी वाली मूल जांच फ़ाइल नहीं लाए हैं।न्यायालय ने कहा,"जांच फ़ाइल की केवल फोटोकॉपी ही लाई गई। जांच को प्रमाणित करने के लिए केस डायरी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ हफ़्तों में यह देखा गया है कि जाँच अधिकारी केस डायरी प्रस्तुत नहीं करते हैं।"इसके बाद...
CBI धारा 91 CrPC के तहत संदिग्ध अपराध आय का डिमांड ड्राफ्ट नहीं मांग सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 91 जो पुलिस को जांच के लिए वांछित 'किसी भी दस्तावेज़ या अन्य वस्तु' को प्रस्तुत करने का अधिकार देती है, उसका इस्तेमाल अपराध की आय होने का संदेह होने वाली राशि का डिमांड ड्राफ्ट मांगने के लिए नहीं किया जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,"अपराध की संदिग्ध आय को सुरक्षित/कुर्क करने के लिए स्थापित साधन और प्रक्रियाएं मौजूद हैं, लेकिन निश्चित रूप से अपराध की आय होने का संदेह होने वाली राशि का ड्राफ्ट तैयार करने का निर्देश, दस्तावेज़ या अन्य वस्तु की परिभाषा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने लिव-इन पार्टनर पर यौन शोषण का मामला मनमाने ढंग से दर्ज करने पर महिला पर 20,000 का जुर्माना लगाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला द्वारा अपने लिव-इन पार्टनर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला मनमाने और लापरवाह तरीके से दर्ज करने पर 20,000 का जुर्माना लगाया।जस्टिस स्वरना कंता शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि महिला ने खुद यह स्वीकार किया कि उसने यह शिकायत कुछ गलतफहमी के चलते दर्ज कराई थी, जबकि वह लंबे समय से आरोपी के साथ रिश्ते में थी।कोर्ट ने कहा कि कानून की प्रक्रिया को इस तरह लापरवाही से या बिना गंभीर विचार किए नहीं चलाया जा सकता। कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि महिला उस वक्त कुछ मेडिकल और भावनात्मक चुनौतियों...
सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल पर रिपोर्ट के लिए FSSAI विशेषज्ञ समिति को समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (15 जुलाई) को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अंतर्गत गठित विशेषज्ञ समिति को पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के आगे पोषण संबंधी चेतावनी लेबल में प्रस्तावित संशोधनों पर तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देने के लिए समय बढ़ा दिया।9 अप्रैल को न्यायालय ने समिति को पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैकेज चेतावनी लेबल (FOPL) पर FSSAI द्वारा प्रस्तावित संशोधनों पर अपनी सिफारिशें देने के लिए तीन महीने का समय दिया था ताकि ग्राहक चीनी, नमक और वसा की मात्रा के बारे में...
ई-कॉमर्स डिलीवरी राइडर्स द्वारा यातायात उल्लंघन का आरोप लगाने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के डिलीवरी कर्मियों द्वारा यातायात उल्लंघन का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग और दिल्ली पुलिस को अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई 8 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध की।यह जनहित याचिका वकील शशांक श्री त्रिपाठी ने दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय...
जस्टिस संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के स्थायी चीफ जस्टिस नियुक्त
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने गुरुवार (17 जुलाई) को राजभवन में हाईकोर्ट के 29वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली।उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शपथ दिलाई।26 दिसंबर, 1964 को दिल्ली में जन्मे चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने दिल्ली पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और 1982 में वाणिज्य में ग्रेजुएट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 1985 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से वाणिज्य ग्रेजुएट (ऑनर्स) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 1988 में दिल्ली...
प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद | मुआवज़ा कानून की ज़रूरत | Unacademy-ANI विवाद: कोर्ट्स टुडे- 16.07.25
सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ SIT जांच को दो सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित रखने का निर्देश दिया है और आगे समन भेजने पर रोक लगाई है। वहीं, कोर्ट ने लंबे समय तक गलत तरीके से जेल में रहे दोषियों के लिए मुआवज़ा देने को लेकर क़ानून बनाने की जरूरत बताई। दिल्ली हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा कानून पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहली या दूसरी शादी से गुज़ारे भत्ते के हक में कोई फर्क नहीं होता। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी कहा कि विवाह वेबसाइटों पर दी गई खुद की जानकारी को आय का प्रमाण नहीं माना...
कर्मचारी की 'ईमानदारी' पर सवाल उठाने वाला बर्खास्तगी आदेश, जिसमें कलंक शामिल हो, उसकी जांच की आवश्यकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्थान राज्य सड़क परिवहन श्रमिक एवं कर्मशाला कर्मचारी स्थायी आदेश, 1965 के खंड 8(iii) और (iv) के तहत संदिग्ध निष्ठा के आधार पर बर्खास्तगी का कोई भी आदेश बिना किसी जांच के पारित नहीं किया जा सकता। आदेशों के खंड 8(iii) में यह प्रावधान था कि किसी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को तभी स्थायी किया जा सकता है जब वह निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण कर ले और नियुक्ति प्राधिकारी उसकी निर्विवाद निष्ठा से संतुष्ट हो।आदेशों के खंड 8(iv) में यह प्रावधान था कि ऐसे परिवीक्षाधीन व्यक्ति को कोई...



















