ताज़ा खबरे

बांके बिहारी मंदिर के बेहतर प्रशासन के लिए अध्यादेश लाया गया; धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं: उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
बांके बिहारी मंदिर के बेहतर प्रशासन के लिए अध्यादेश लाया गया; धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं: उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास अध्यादेश, 2025 के खिलाफ दायर याचिकाओं के मामले में सोमावार को सुप्रीम कोर्ट में दलील पेश की। सरकार ने कहा कि उसका इस अध्यादेश के माध्यम से किसी भी धार्मिक अधिकार में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है। सरकार ने दावा किया कि अध्यादेश को जल्द ही अनुमोदन के लिए विधानसभा में पेश किया जाएगा।उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज प्रस्तुत किया,"पहले मैं अध्यादेश को स्पष्ट कर दूं...इसका पहले की रिट याचिका से कोई...

उचित प्रक्रिया से इनकार नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 21 के तहत अभियुक्तों के अधिकारों को पुष्ट किया
उचित प्रक्रिया से इनकार नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 21 के तहत अभियुक्तों के अधिकारों को पुष्ट किया

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आपराधिक मामले में संदिग्ध व्यक्ति भी "भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21" के तहत पूर्ण सरंक्षण के हकदार हैं। इसमें गरिमा का अधिकार, निष्पक्ष प्रक्रिया और मनमानी गिरफ्तारी के विरुद्ध सुरक्षा शामिल है। यह निर्णय एक महिला सीईओ से जुड़े मामले से उत्पन्न हुआ, जिसे अंधेरा होने के बाद और अन्य अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन किए बिना गिरफ्तार किया गया था। यह चर्चा प्रक्रियात्मक दुरुपयोग और रोज़मर्रा की पुलिसिंग में मौलिक अधिकारों के क्रमिक ह्रास के बारे...

परिवार के कमाने वाले की मृत्यु के लंबे समय बाद भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं मांगी जा सकती, यह हमेशा के लिए जारी नहीं रहती: दिल्ली हाईकोर्ट
परिवार के कमाने वाले की मृत्यु के लंबे समय बाद भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं मांगी जा सकती, यह हमेशा के लिए जारी नहीं रहती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार के कमाने वाले की मृत्यु के लंबे समय बाद भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं मांगी जा सकती। यह ऐसा अधिकार नहीं है, जो हमेशा के लिए जारी रहे।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति एक बहुत ही विशिष्ट आवश्यकता को पूरा करती है, जो समय के साथ समाप्त हो जाती है।अदालत ने कहा,"परिवार के कमाने वाले की मृत्यु के लंबे समय बाद भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं मांगी जा सकती। यह ऐसा अधिकार नहीं है, जो शुद्धिकरण तक हमेशा के लिए जारी रहे।"इसमें आगे कहा...

2019 अनाज मंडी अग्निकांड: दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था के अभाव का हवाला देते हुए भवन मालिक के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश बरकरार रखा
2019 अनाज मंडी अग्निकांड: दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था के अभाव का हवाला देते हुए भवन मालिक के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश बरकरार रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर के अनाज मंडी क्षेत्र के सदर बाजार स्थित एक भवन के मालिकों में से एक के खिलाफ आरोप तय करने के निचली अदालत का आदेश बरकरार रखा। इस भवन में 8 दिसंबर 2019 की तड़के भीषण आग लग गई थी, जिसमें 45 लोगों जिनमें अधिकतर मजदूर थे, की जान चली गई थी।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि आरोपी मोहम्मद इमरान चौथी मंजिल के एक हिस्से के साथ-साथ भवन की छत पर बने स्टोररूम का भी मालिक था, जो अनधिकृत और अवैध संरचनाएं थीं, जिससे भवन निर्माण मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन परिलक्षित होता है।अदालत ने...

जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर 8 अगस्त को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर 8 अगस्त को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट 8 अगस्त को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और कहा कि इसे 8 अगस्त को सूचीबद्ध दिखाया गया। उन्होंने अनुरोध किया कि इस मामले को उस दिन की सूची से न हटाया जाए। चीफ जस्टिस ने अनुरोध स्वीकार कर लिया।संयोग से आज यानी 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को...

CPC की धारा 60(1)(CCC) | दिल्ली हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ता के लिए व्यक्ति की पैतृक संपत्ति की नीलामी पर रोक लगाई
CPC की धारा 60(1)(CCC) | दिल्ली हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ता के लिए व्यक्ति की पैतृक संपत्ति की नीलामी पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें पत्नी द्वारा गुजारा भत्ता भुगतान की मांग करते हुए दायर की गई निष्पादन याचिका में पारिवारिक संपत्ति में पति के कथित हिस्से की नीलामी का निर्देश दिया गया था।यह तब हुआ जब पति ने CPC की धारा 60(1)(CCC) के उल्लंघन का हवाला दिया, जिसके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को निवास करने का अधिकार है और किसी व्यक्ति के पास मौजूद एकमात्र आवास के विरुद्ध निष्पादन नहीं किया जा सकता।यह कहते हुए कि CPC की धारा 60(1)(CCC) के तहत प्रदत्त संरक्षण के संबंध...

[पंचायती राज अधिनियम] सरकारी विकास परियोजनाओं की स्थापना के लिए पंचायत से पूर्व परामर्श अनिवार्य नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
[पंचायती राज अधिनियम] सरकारी विकास परियोजनाओं की स्थापना के लिए पंचायत से पूर्व परामर्श अनिवार्य नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि पशु चिकित्सा और भेड़ विस्तार केंद्रों के निर्माण के लिए निविदा जारी करने में हलका पंचायत से पूर्व परामर्श न करना जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम 1989 का उल्लंघन नहीं है और न ही यह निविदा प्रक्रिया को अवैध बनाता है।जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ ने कहा कि यद्यपि पंचायती राज अधिनियम स्थानीय शासन और सामुदायिक भागीदारी की परिकल्पना करता है। फिर भी कोई भी वैधानिक प्रावधान सभी सरकारी विकास परियोजनाओं विशेष रूप से राज्य की भूमि पर कार्यकारी निधि से...

सुप्रीम कोर्ट ने सिविल मामला प्रभावी न होने के कारण आपराधिक मामला रद्द नहीं करने वाले हाईकोर्ट जज को फटकार लगाई, कहा- उन्हें सीनियर जज के साथ बैठाएं
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल मामला प्रभावी न होने के कारण आपराधिक मामला रद्द नहीं करने वाले हाईकोर्ट जज को फटकार लगाई, कहा- उन्हें सीनियर जज के साथ बैठाएं

सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित एक आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उसने आपराधिक शिकायत यह कहते हुए रद्द करने से इनकार कर दिया था कि पैसे की वसूली के लिए दीवानी मुकदमे का उपाय प्रभावी नहीं था।हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आदेश पारित करने वाले हाईकोर्ट के जज को सीनियर जज के साथ खंडपीठ में बैठाया जाना चाहिए। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के जज को कोई भी आपराधिक मामला आवंटित नहीं किया जाना चाहिए।कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को "चौंकाने...

Electricity Act | बिजली खरीद शुल्क समझौते का विषय नहीं, आयोग द्वारा वैधानिक रूप से तय किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने GUVNL की अपीलें खारिज कीं
Electricity Act | बिजली खरीद शुल्क समझौते का विषय नहीं, आयोग द्वारा वैधानिक रूप से तय किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने GUVNL की अपीलें खारिज कीं

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (4 अगस्त) को कहा कि गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) को "आदर्श संस्था" के रूप में कार्य करना चाहिए और पवन ऊर्जा उत्पादकों के प्रति "शाइलॉक" की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए, जो राज्य की अपनी नवीकरणीय ऊर्जा नीति और राज्य विद्युत नियामक आयोग के निर्णय के विपरीत हो।न्यायालय ने कहा,"GUVNL निजी व्यावसायिक संस्था की तरह केवल अपने व्यावसायिक हितों से निर्देशित नहीं हो सकती और एक राज्य-संस्था के रूप में इसका आचरण आदर्श संस्था के स्तर का होना चाहिए। हालांकि, GUVNL द्वारा...

राज ठाकरे के खिलाफ हिंदी भाषियों को निशाना बनाकर भड़काऊ भाषण देने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट का विचार से इनकार, कहा- हाईकोर्ट जाएं
राज ठाकरे के खिलाफ हिंदी भाषियों को निशाना बनाकर भड़काऊ भाषण देने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट का विचार से इनकार, कहा- हाईकोर्ट जाएं

सुप्रीम कोर्ट ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ भाषण की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसके कारण मुंबई में हिंदी भाषी कर्मचारियों के ख़िलाफ़ हिंसा हुई थी। अदालत ने याचिकाकर्ता को बॉम्बे हाईकोर्ट जाने की छूट दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ उत्तर भारतीय विकास सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील शुक्ला द्वारा अनुच्छेद 32 के तहत दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी।इस मामले पर विचार करने से इनकार करते हुए...

श्री अंजनेय मंदिर के मुख्य पुजारी मामले में आदेश का कथित रूप से पालन न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक कलेक्टर को पेश होने को कहा
श्री अंजनेय मंदिर के मुख्य पुजारी मामले में आदेश का कथित रूप से पालन न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक कलेक्टर को पेश होने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के एक ज़िले के कलेक्टर को अपने समक्ष (ऑनलाइन) पेश होने को कहा, क्योंकि उसे सूचित किया गया कि श्री अंजनेय मंदिर के मुख्य पुजारी के संबंध में उसके पिछले आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है।बता दें, 2018 में ज़िला कलेक्टर ने मंदिर का प्रबंधन उसके मुख्य पुजारी से अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्य पुजारी के पक्ष में अंतरिम आदेश पारित किया और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की।मंदिर के पुजारी की ओर से एडवोकेट विष्णु शंकर जैन द्वारा यह आरोप...

अमेरिकी प्रोफेसर ने भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 9 को दी चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
अमेरिकी प्रोफेसर ने भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 9 को दी चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 9 को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। अधिनियम की यह धारा किसी व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से विदेशी नागरिकता प्राप्त करने पर उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त होने का प्रावधान करती है।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया और इस मामले को डॉ. राधिका थप्पेटा बनाम भारत संघ मामले के साथ जोड़ दिया, जहां ओसीआई (विदेशी भारतीय नागरिक) का दर्जा रद्द करने का एक समान मामला विचाराधीन है।खंडपीठ ने याचिकाकर्ता द्वारा...

PCB प्रदूषणकारी संस्थाओं पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगा सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
PCB प्रदूषणकारी संस्थाओं पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगा सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (4 अगस्त) को फैसला सुनाया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) अपने वैधानिक अधिकार क्षेत्र के तहत प्रदूषणकारी संस्थाओं पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने के लिए अधिकृत हैं।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने कहा,"पर्यावरण नियामक, यानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल और वायु अधिनियमों के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए संभावित पर्यावरणीय क्षति को रोकने के लिए निश्चित राशि के रूप में क्षतिपूर्ति लगा सकते हैं या पूर्व-निर्धारित उपाय के रूप में बैंक गारंटी प्रस्तुत...

शादी का वादा और सहमति पर आधारित संबंध बलात्कार नहीं माना जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने POCSO मामला खारिज किया
शादी का वादा और सहमति पर आधारित संबंध बलात्कार नहीं माना जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने POCSO मामला खारिज किया

यह दोहराते हुए कि शादी के वादे पर आधारित सहमति से बनाया गया संबंध बलात्कार का अपराध नहीं माना जाएगा, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति के खिलाफ POCSO Act के तहत दर्ज मामला खारिज कर दिया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा,"इस न्यायालय ने कई फैसलों में माना है कि शादी का वादा और सहमति से दोनों के बीच शारीरिक संबंध बलात्कार नहीं माना जाएगा। इसके लिए कारण बताए गए हैं (देखें: पृथ्वीराजन बनाम राज्य, 2025 एससीसी ऑनलाइन एससी 696, प्रमोद सूर्यभान पवार बनाम महाराष्ट्र राज्य, (2019) 9 एससीसी 608, महेश्वर तिग्गा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने टाटा पावर के ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में सुनाया फैसला, अज्ञात (जॉन डो) पर लगाया डायनेमिक निषेधाज्ञा
दिल्ली हाईकोर्ट ने टाटा पावर के ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में सुनाया फैसला, अज्ञात (जॉन डो) पर लगाया डायनेमिक निषेधाज्ञा

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में टाटा पावर सोलारूफ और टाटा पावर ईजेड चार्ज सहित अपने ट्रेडमार्क के उल्लंघन के खिलाफ दायर एक मुकदमे में टाटा पावर के पक्ष में सारांश निर्णय पारित किया।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने भी आदेश जारी किया और कंपनी को जॉन डो के किसी अन्य संगठन के खिलाफ राहत मांगने की अनुमति दी। टाटा ने उल्लंघन करने वाली 18 इकाइयों के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। न्यायालय ने नवंबर 2024 में इस मामले में एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा दी थी। जबकि टाटा ने दावा किया कि प्रतिवादी नंबर 2 से 17...

सुप्रीम कोर्ट: धारा 163A में नो-फॉल्ट जिम्मेदारी सिर्फ थर्ड पार्टी तक सीमित है या नहीं, मामला बड़ी पीठ को भेजा
सुप्रीम कोर्ट: धारा 163A में 'नो-फॉल्ट' जिम्मेदारी सिर्फ थर्ड पार्टी तक सीमित है या नहीं, मामला बड़ी पीठ को भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक बड़ी पीठ को इस सवाल का उल्लेख किया है कि क्या स्व-दुर्घटनाओं में मरने वाले वाहन मालिकों के परिवारों को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के "नो-फॉल्ट लायबिलिटी" प्रावधान (धारा 163A) के तहत मुआवजे की अनुमति दी जा सकती है, या क्या ऐसे दावे केवल तीसरे पक्ष की देयता तक ही सीमित हैं।हालांकि न्यायालय ने यह विचार व्यक्त किया कि दुर्घटना में मरने वाले वाहन मालिकों के कानूनी उत्तराधिकारी मोटर वाहन अधिनियम की धारा 163 ए के तहत नो-फॉल्ट लायबिलिटी स्कीम के हिस्से के रूप में मुआवजे की...

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल और उनके बेटे से कहा – शराब घोटाले व अन्य मामलों में अंतरिम राहत के लिए हाईकोर्ट जाएं
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल और उनके बेटे से कहा – शराब 'घोटाले' व अन्य मामलों में अंतरिम राहत के लिए हाईकोर्ट जाएं

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पुत्र चैतन्य बघेल को निर्देश दिया कि वे प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और राज्य पुलिस द्वारा दर्ज कोयला घोटाला, शराब घोटाला, महादेव सट्टेबाजी मामलों, राइस मिलिंग मामलों और डीएमएफ घोटाला मामलों में अंतरिम राहत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख करें।संक्षेप में कहें तो चैतन्य बघेल (जिन्हें 2 सप्ताह पहले गिरफ्तार किया गया था) ने उनकी गिरफ्तारी की आवश्यकता पर सवाल उठाया और छत्तीसगढ़ शराब 'घोटाले' के संबंध में दर्ज ईडी के मामले...

संदेशखली के पूर्व TMC नेता शाहजहां शेख मामले की CBI जांच में हस्तक्षेप करने से हाईकोर्ट का इनकार
संदेशखली के पूर्व TMC नेता शाहजहां शेख मामले की CBI जांच में हस्तक्षेप करने से हाईकोर्ट का इनकार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेशखली के पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता शाहजहां शेख की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने वाले एकल जज के आदेश के खिलाफ अपील खारिज की।बता दें, शेख पर बलात्कार जबरन वसूली और मारपीट सहित कई अपराधों का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही, कथित तौर पर उनके आदेश पर ही ED की एक टीम पर हमला किया गया था, जिसे राशन घोटाले के सिलसिले में उनके परिसरों की तलाशी लेने के लिए तैनात किया गया था।एकल पीठ का आदेश बरकरार रखते हुए जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस प्रसेनजीत बिस्वास की खंडपीठ...

PMLA पर पुनर्विचार और विजय मदनलाल फैसले को एक साथ संदर्भित करने की याचिकाओं पर जस्टिस सूर्यकांत से चर्चा करेंगे चीफ जस्टिस बीआर गवई
PMLA पर पुनर्विचार और 'विजय मदनलाल' फैसले को एक साथ संदर्भित करने की याचिकाओं पर जस्टिस सूर्यकांत से चर्चा करेंगे चीफ जस्टिस बीआर गवई

सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने सोमवार (4 अगस्त) को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) से अनुरोध किया कि 'विजय मदनलाल चौधरी' फैसले (जिसमें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों को बरकरार रखा गया) को वृहद पीठ को सौंपने की मांग वाली याचिकाओं को उक्त फैसले के विरुद्ध पुनर्विचार याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध किया जाए, जिन पर 6 अगस्त को सुनवाई होनी है।हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता समीक्षा के सीमित दायरे का विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं।चीफ जस्टिस...