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दिल्ली हाईकोर्ट ने विप्रो को कर्मचारी को बदनाम करने वाले टर्मिनेशन लेटर पर ₹2 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने विप्रो लिमिटेड के साथ काम करने वाले एक कर्मचारी के चरित्र के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी को उसके बर्खास्तगी पत्र से हटा दिया है।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कर्मचारी की प्रतिष्ठा को नुकसान, भावनात्मक कठिनाई और उसकी पेशेवर विश्वसनीयता के नुकसान के निवारण के लिए कर्मचारी के पक्ष में 2 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया। अदालत ने कहा, "इसके अलावा, किसी भी मानहानिकारक सामग्री से रहित वादी को एक नया टर्मिनेशन लेटर जारी किया जाएगा, और इसके परिणामस्वरूप, जहां तक मानहानिकारक सामग्री का...
दो दिनों में प्रमाणन पर फैसला लेंगे: योगी आदित्यनाथ पर आधारित फिल्म पर CBFC ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि वह 'अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी' नामक फिल्म के निर्माताओं द्वारा प्रमाणन के लिए दायर याचिका पर दो कार्यदिवसों के भीतर फैसला करेगा।फिल्म के निर्माताओं ने प्रमाणन के लिए उनके आवेदन पर जल्द से जल्द फैसला लेने के निर्देश देने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने CBFC के सीनियर वकील अभय खांडेपारकर का बयान दर्ज किया कि वे दो कार्यदिवसों के भीतर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने समलैंगिक साथी को मेडिकल प्रतिनिधि के रूप में मान्यता देने की याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को नोटिस जारी किया। यह याचिका महिला अर्शिया टक्कर द्वारा दायर की गई, जिसमें मांग की गई कि मरीज के समलैंगिक साथी को मेडिकल प्रतिनिधि के रूप में मान्यता दी जाए ताकि वह आपातकालीन मेडिकल स्थितियों में मरीज की ओर से निर्णय ले सके और सहमति दे सके।जस्टिस सचिन दत्ता की एकल पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय...
पंजाब एंड हरियाणा सुप्रीम कोर्ट ने जिला अस्पतालों में बुनियादी मेडिकल अवसंरचना पर राज्यों की नीतियों की जानकारी मांगी
जिला अस्पतालों में आवश्यक मेडिकल उपकरणों की कमी पर चिंता जताते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन से बुनियादी मेडिकल अवसंरचना पर अपनी नीति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए एक विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा,"प्रत्येक जिला अस्पताल में बुनियादी चिकित्सा अवसंरचना के संबंध में राज्य की मेडिकल नीति क्या है?"यह देखते हुए कि जिला अस्पताल मलेरकोटला में MRI और सीटी स्कैन मशीन अभी तक नहीं खरीदी गई,...
क्या बार काउंसिल्स नामांकन शुल्क परिसीमा पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रही हैं? सुप्रीम कोर्ट ने BCI से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई को आदेश पारित करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन और सीनियर एडवोकेट मनन मिश्रा को अदालत में उपस्थित होने को कहा ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि 30 जुलाई, 2024 के फैसले में राज्य बार काउंसिल्स को नामांकन शुल्क के नाम पर अत्यधिक राशि वसूलने से रोकने के जो निर्देश दिए गए थे उनका पालन हुआ है या नहीं।गौरव कुमार बनाम भारत संघ इस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बार काउंसिल्स एडवोकेट्स एक्ट 1961 की धारा 24 के तहत निर्धारित फीस से अधिक शुल्क नहीं ले सकतीं।...
हाईकोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी जांच अधिकारियों को केस डायरी प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया
दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली पुलिस ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि अब से सभी जांच अधिकारी न्यायिक जांच के लिए मामले की केस डायरी प्रस्तुत करेंगे।यह तब हुआ जब जस्टिस गिरीश कठपालिया ने एक अन्य मामले में यह टिप्पणी की कि जांच अधिकारी केस डायरी वाली मूल जांच फ़ाइल नहीं लाए हैं।न्यायालय ने कहा,"जांच फ़ाइल की केवल फोटोकॉपी ही लाई गई। जांच को प्रमाणित करने के लिए केस डायरी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ हफ़्तों में यह देखा गया है कि जाँच अधिकारी केस डायरी प्रस्तुत नहीं करते हैं।"इसके बाद...
CBI धारा 91 CrPC के तहत संदिग्ध अपराध आय का डिमांड ड्राफ्ट नहीं मांग सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 91 जो पुलिस को जांच के लिए वांछित 'किसी भी दस्तावेज़ या अन्य वस्तु' को प्रस्तुत करने का अधिकार देती है, उसका इस्तेमाल अपराध की आय होने का संदेह होने वाली राशि का डिमांड ड्राफ्ट मांगने के लिए नहीं किया जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,"अपराध की संदिग्ध आय को सुरक्षित/कुर्क करने के लिए स्थापित साधन और प्रक्रियाएं मौजूद हैं, लेकिन निश्चित रूप से अपराध की आय होने का संदेह होने वाली राशि का ड्राफ्ट तैयार करने का निर्देश, दस्तावेज़ या अन्य वस्तु की परिभाषा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने लिव-इन पार्टनर पर यौन शोषण का मामला मनमाने ढंग से दर्ज करने पर महिला पर 20,000 का जुर्माना लगाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला द्वारा अपने लिव-इन पार्टनर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला मनमाने और लापरवाह तरीके से दर्ज करने पर 20,000 का जुर्माना लगाया।जस्टिस स्वरना कंता शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि महिला ने खुद यह स्वीकार किया कि उसने यह शिकायत कुछ गलतफहमी के चलते दर्ज कराई थी, जबकि वह लंबे समय से आरोपी के साथ रिश्ते में थी।कोर्ट ने कहा कि कानून की प्रक्रिया को इस तरह लापरवाही से या बिना गंभीर विचार किए नहीं चलाया जा सकता। कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि महिला उस वक्त कुछ मेडिकल और भावनात्मक चुनौतियों...
सुप्रीम कोर्ट ने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल पर रिपोर्ट के लिए FSSAI विशेषज्ञ समिति को समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (15 जुलाई) को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अंतर्गत गठित विशेषज्ञ समिति को पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के आगे पोषण संबंधी चेतावनी लेबल में प्रस्तावित संशोधनों पर तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देने के लिए समय बढ़ा दिया।9 अप्रैल को न्यायालय ने समिति को पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैकेज चेतावनी लेबल (FOPL) पर FSSAI द्वारा प्रस्तावित संशोधनों पर अपनी सिफारिशें देने के लिए तीन महीने का समय दिया था ताकि ग्राहक चीनी, नमक और वसा की मात्रा के बारे में...
ई-कॉमर्स डिलीवरी राइडर्स द्वारा यातायात उल्लंघन का आरोप लगाने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के डिलीवरी कर्मियों द्वारा यातायात उल्लंघन का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग और दिल्ली पुलिस को अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई 8 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध की।यह जनहित याचिका वकील शशांक श्री त्रिपाठी ने दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय...
जस्टिस संजीव सचदेवा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के स्थायी चीफ जस्टिस नियुक्त
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने गुरुवार (17 जुलाई) को राजभवन में हाईकोर्ट के 29वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली।उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शपथ दिलाई।26 दिसंबर, 1964 को दिल्ली में जन्मे चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने दिल्ली पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और 1982 में वाणिज्य में ग्रेजुएट की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 1985 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से वाणिज्य ग्रेजुएट (ऑनर्स) की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 1988 में दिल्ली...
प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद | मुआवज़ा कानून की ज़रूरत | Unacademy-ANI विवाद: कोर्ट्स टुडे- 16.07.25
सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ SIT जांच को दो सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित रखने का निर्देश दिया है और आगे समन भेजने पर रोक लगाई है। वहीं, कोर्ट ने लंबे समय तक गलत तरीके से जेल में रहे दोषियों के लिए मुआवज़ा देने को लेकर क़ानून बनाने की जरूरत बताई। दिल्ली हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा कानून पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहली या दूसरी शादी से गुज़ारे भत्ते के हक में कोई फर्क नहीं होता। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी कहा कि विवाह वेबसाइटों पर दी गई खुद की जानकारी को आय का प्रमाण नहीं माना...
कर्मचारी की 'ईमानदारी' पर सवाल उठाने वाला बर्खास्तगी आदेश, जिसमें कलंक शामिल हो, उसकी जांच की आवश्यकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्थान राज्य सड़क परिवहन श्रमिक एवं कर्मशाला कर्मचारी स्थायी आदेश, 1965 के खंड 8(iii) और (iv) के तहत संदिग्ध निष्ठा के आधार पर बर्खास्तगी का कोई भी आदेश बिना किसी जांच के पारित नहीं किया जा सकता। आदेशों के खंड 8(iii) में यह प्रावधान था कि किसी परिवीक्षाधीन व्यक्ति को तभी स्थायी किया जा सकता है जब वह निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण कर ले और नियुक्ति प्राधिकारी उसकी निर्विवाद निष्ठा से संतुष्ट हो।आदेशों के खंड 8(iv) में यह प्रावधान था कि ऐसे परिवीक्षाधीन व्यक्ति को कोई...
प्रवेश प्रक्रिया में बाधा नहीं डाल सकते: राजस्थान हाईकोर्ट ने IIT काउंसलिंग से पहले 12वीं कक्षा के अंक सुधारने के लिए समय मांगने वाली छात्र की याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक छात्रा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को निर्देश देने की मांग की थी कि उसे पूरक परीक्षाओं के माध्यम से 12वीं कक्षा में अपने अंकों में सुधार करने और आईआईटी में प्रवेश के लिए पात्र बनने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। उसने अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की थी कि उसे जेईई मेन्स परीक्षा के अनुसार चयन के बाद आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए अनंतिम आवंटन सुनिश्चित करने हेतु अपनी प्रगति रिपोर्ट कार्ड जमा करने के लिए पर्याप्त अवसर और समय...
जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 के तहत आरक्षण जनसंख्या के आधार पर श्रेणी में हिस्सेदारी के आधार पर: J&K हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने माना कि जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम के तहत किसी समुदाय के आरक्षण का प्रतिशत उस समुदाय की जनसंख्या हिस्सेदारी पर आधारित है। इस प्रकार, न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण नियम, 2005 के विभिन्न प्रावधानों की वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति दे दी, यह देखते हुए कि मूल अधिनियम की धारा 3 को किसी भी याचिका में चुनौती नहीं दी गई थी।जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस राजेश सेखरी की पीठ ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 3 की व्याख्या पर...
'सारे तर्कों को झुठलाता है': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2025 में मान्यता प्राप्त संस्थानों को 2023-24 और 2024-25 सत्रों के लिए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित करने से रोका
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (16 जुलाई) को एक अंतरिम आदेश में उन पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों पर वर्ष 2023-2024 और वर्ष 2024-2025 के शैक्षणिक सत्र संचालित करने पर रोक लगा दी, जिन्हें राज्य पैरामेडिकल परिषद द्वारा वर्ष 2025 में मान्यता प्रदान की गई थी। यह देखते हुए कि 2023-24 के लिए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थान, जबकि वे स्वयं 2025 में अस्तित्व में आए थे, तर्क से परे हैं, न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति दीपक खोत की पीठ ने अपने आदेश में...
पेंशन संवैधानिक अधिकार, उचित प्रक्रिया के बिना इसे कम नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मचारी को राहत प्रदान की, जिसकी पेंशन निदेशक मंडल से परामर्श किए बिना एक-तिहाई कम कर दी गई थी। तर्क दिया गया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (कर्मचारी) पेंशन विनियम, 1995 ("विनियम") के तहत अनिवार्य है।न्यायालय ने दोहराया कि पेंशन कर्मचारी का संपत्ति पर अधिकार है, जो संवैधानिक अधिकार है, जिसे कानून के अधिकार के बिना अस्वीकार नहीं किया जा सकता, भले ही किसी कर्मचारी को कदाचार के कारण अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया गया हो।बैंक के विनियम 33 में स्पष्ट रूप...
'वैश्या' शब्द महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला: कोर्ट ने व्यक्ति को दोषी ठहराया"
दिल्ली कोर्ट ने कहा कि 'वैश्या' शब्द किसी व्यक्ति का अपमान करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द नहीं है, बल्कि यह किसी भी मेहनती महिला की शील भंग करने के लिए बाध्य है।द्वारका कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट हरजोत सिंह औजला ने व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की धारा 506 (आपराधिक धमकी) और 509 (महिला की शील भंग करना) के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया।शिकायतकर्ता ने 2021 में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने उसके साथ अभद्र या गंदी भाषा का...
जम्मू-कश्मीर CAT ने नायब तहसीलदार पद के लिए उर्दू जानने को अनिवार्य करने वाले नियम पर लगाई रोक
जम्मू-कश्मीर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने जम्मू-कश्मीर राजस्व (अधीनस्थ) सेवा भर्ती नियम, 2009 के उस प्रावधान के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है, जिसमें नायब तहसीलदार के पद के लिए न्यूनतम योग्यता के रूप में उर्दू के ज्ञान के साथ स्नातक की डिग्री अनिवार्य की गई थी।सदस्य राम मोहन जौहरी और राजिंदर सिंह डोगरा की बेंच ने कहा कि भाषा प्रतिबंध प्रथम दृष्टया भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है, खासकर जम्मू-कश्मीर राजभाषा अधिनियम, 2020 के आलोक में, जो केंद्र शासित प्रदेश के लिए पाँच आधिकारिक भाषाओं, उर्दू,...
वित्त मंत्री के खिलाफ मानहानि मामले में पेश न होने पर AAP नेता की पत्नी पर लगा जुर्माना
दिल्ली कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सोमनाथ भारती की पत्नी पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मामले में पेश न होने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के एसीजेएम पारस दलाल ने पाया कि बार-बार बुलाने के बावजूद शिकायतकर्ता लिपिका मित्रा की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ और दोपहर 2:30 बजे मामले को स्थगित कर दिया।भोजन के बाद के सेशन में मित्रा की ओर से कोई भी अदालत में या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश नहीं हुआ।इस पर जज ने आदेश...



















