ताज़ा खबरे
जजों की नियुक्ति के मुद्दे पर प्रशासनिक पक्ष से सरकार के साथ बातचीत जारी: चीफ जस्टिस बीआर गवई
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अपने प्रशासनिक पक्ष से केंद्र सरकार के साथ लंबित न्यायिक नियुक्तियों के मुद्दे पर बातचीत कर रहा है।चीफ जस्टिस ने यह बयान तब दिया जब सीनियर एडवोकेट अरविंद दातार और एडवोकेट प्रशांत भूषण की खंडपीठ उन याचिकाओं का उल्लेख किया, जिनमें केंद्र सरकार को कॉलेजियम की सिफारिशों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। दातार ने कहा कि यह मामला आखिरी बार 5 दिसंबर, 2023 को जस्टिस एसके कौल की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया...
7/11 Mumbai Blasts: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कहा- बरी हुई लोग नहीं जाएंगे वापस जेल
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य द्वारा दायर आपराधिक अपीलों पर नोटिस जारी किया, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी। इस फैसले में 2006 के 7/11 मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया था।महाराष्ट्र राज्य की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की खंडपीठ को बताया कि वह फैसले के बाद जेल से रिहा हुए आरोपियों को आत्मसमर्पण करने का निर्देश देने का आदेश नहीं मांग रहे हैं। हालांकि, उन्होंने फैसले पर रोक लगाने का...
कर्नल सोफिया कुरैशी | जस्टिस यशवंत वर्मा मामला | विकास दिव्यकीर्ति विवाद: कोर्ट्स टुडे- 23.07.25
सुप्रीम कोर्ट में कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को लेकर बीजेपी मंत्री विजय शाह को हटाने की मांग की गई है। जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ इन-हाउस जांच रिपोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट में विशेष बेंच सुनवाई करेगी। उधर, राजस्थान हाईकोर्ट ने दृष्टि IAS के फाउंडर विकास दिव्यकीर्ति के खिलाफ चल रही मानहानि कार्यवाही पर रोक लगा दी है। वहीं बलात्कार मामले में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने ट्रायल कोर्ट में नियमित ज़मानत याचिका दाखिल की है। पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखें-
बंगाल सरकार ने नई OBC सूची अधिसूचना पर हाईकोर्ट की रोक को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
पश्चिम बंगाल राज्य ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की नई सूची पर रोक लगाने के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।राज्य की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई के समक्ष इस मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया, जिस पर चीफ जस्टिस ने इसे अगले सोमवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की।सिब्बल ने कहा,"नई सूची को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया कि हमें कानून बनाना होगा, जो सभी फैसलों के विपरीत है।"चीफ जस्टिस गवई ने...
होमगार्ड स्वयंसेवक, उनके आश्रित अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाीकोर्ट ने दो संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि होमगार्ड के आश्रित राज्य सरकार की रोजगार सहायक योजना के तहत स्थायी नौकरी का दावा नहीं कर सकते, जबकि होमगार्ड ने केवल स्वैच्छिक और अस्थायी नौकरी की है।जस्टिस सत्येन वैद्य ने कहा:"इस प्रकार, जब होमगार्ड द्वारा की गई नौकरी को पूरी तरह से अस्थायी प्रकृति का माना गया तो उनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति योजना के तहत लाभ का हकदार मानना विवेकपूर्ण नहीं होगा। होमगार्ड के आश्रित स्थायी नौकरी का दावा नहीं कर सकते, जबकि...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी घोटाले की साजिश रचने के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया
क्रिप्टो-करेंसी धोखाधड़ी के एक मामले में जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने नरेश कुमार गुलिया की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। गुलिया पर एक बड़ा फ़र्ज़ी क्रिप्टो पोंजी घोटाला रचने का आरोप है जिसने भारत और अन्य जगहों पर कई निवेशकों को ठगा।गिरफ़्तारी से पहले ज़मानत की उनकी याचिका खारिज करते हुए जस्टिस मोहम्मद यूसुफ़ वानी ने कहा,“याचिकाकर्ता पर अपराध की आय से जुड़े होने के कारण आर्थिक प्रकृति के जघन्य अपराधों में शामिल होने का आरोप है। उस पर आरोप है कि उसने हज़ारों लोगों को उनकी मेहनत की कमाई को...
[S.37 NDPS Act] अभियुक्त के 'अपराध करने की संभावना कब नहीं' होती? पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ज़मानत देने की पूर्व-आवश्यकता स्पष्ट की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS Act के तहत वाणिज्यिक मात्रा के मामले में ज़मानत देने की पूर्व-आवश्यकता स्पष्ट की है, जिसमें एक शर्त यह है कि अभियुक्त "ज़मानत पर रहते हुए कोई अपराध करने की संभावना नहीं रखता"।NDPS Act की धारा 37 में कहा गया कि वाणिज्यिक मात्रा के मामले में अभियुक्त को तब तक ज़मानत नहीं दी जानी चाहिए, जब तक कि अभियुक्त दो शर्तों को पूरा न कर ले, यानी यह मानने का उचित आधार कि अभियुक्त ऐसे अपराध का दोषी नहीं है और यह कि ज़मानत मिलने पर अभियुक्त कोई अपराध नहीं करेगा या अपराध करने...
गुजरात हाईकोर्ट ने कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों का निरीक्षण कर श्रमिकों के व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिमों का आकलन करने के लिए पैनल को निर्देश दिया
गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार (23 जुलाई) को अदालत द्वारा नियुक्त समिति को राज्य में कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों का नए सिरे से निरीक्षण करने का निर्देश दिया ताकि श्रमिकों की चिकित्सा स्थिति का आकलन किया जा सके और "व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिमों" का आकलन किया जा सके।अदालत कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य संबंधी खतरों - जैसे एस्बेस्टोसिस, सिलिकोसिस और शोर से होने वाली श्रवण हानि (NIHL) - जिन्हें व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिम बताया गया है, से संबंधित एक...
धोखाधड़ी से प्राप्त आदेशों पर विलय का सिद्धांत लागू नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने विलय नियम के अपवादों की रूपरेखा प्रस्तुत की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि हाईकोर्ट का कोई निर्णय, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा, धोखाधड़ी से प्राप्त किया गया तो पीड़ित पक्ष सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पुनर्विचार की मांग करने के बजाय हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करके उसे चुनौती दे सकता है।न्यायालय ने कहा कि विलय का सिद्धांत (जहा निचली अदालत का निर्णय हाईकोर्ट के आदेश के साथ विलीन हो जाता है) उस स्थिति पर लागू नहीं होगा, जहां विवादित निर्णय/आदेश धोखाधड़ी से प्राप्त किया गया हो।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस...
Hindu Marriage Act में म्यूच्युअल कॉन्सेट से Divorce
म्यूच्यूअल कॉन्सेट से डिवोर्स आधुनिक परिकल्पना है। प्राचीन शास्त्रीय हिंदू विधि के अधीन विवाह एक संस्कार है तथा जन्म जन्मांतरों का संबंध है परंतु आधुनिक परिवेश में तलाक भी समाज की बड़ी आवश्यकता बन कर उभरी है। यदि आपसी मतभेद के बीच रह रहे पति पत्नी के बीच तलाक नहीं हो तो यह बड़े अपराधों को जन्म दे सकता है।Hindu Marriage Act 1955 में जिस समय भारत की संसद द्वारा बनाया गया था तब इसमें पारस्परिक सहमति से विवाह विच्छेद का कोई प्रावधान नहीं था। हिंदू विवाह अधिनियम 1979 में किए गए संशोधनों के अधीन हिंदू...
Hindu Marriage Act में पत्नी को प्राप्त Divorce का विशेषाधिकार
इस एक्ट की धारा धारा 13 की उपधारा (2) के अनुसार पत्नी को तलाक के कुछ विशेषाधिकार प्राप्त हैं उन विशेषाधिकारों में पति द्वारा दूसरी शादी करने और बलात्कार पशुगमन, मेंटेनेंस की डिक्री मिलने इत्यादि के आधार पर भी तलाक मांगने का अधिकार है।पति द्वारा एक से अधिक पत्नियां रखनावर्तमान हिंदू विवाह अधिनियम एक पत्नी के सिद्धांत पर अधिनियमित किया गया है। यह अधिनियम बहुपत्नी प्रथा का समर्थन नहीं करता है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13 की उपधारा 2 के खंड 1 के अंतर्गत कोई भी...
PM और सेना पर वीडियो शेयर करने वाले को HP हाईकोर्ट से जमानत, कहा- हिंसा भड़काने वाला नहीं
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फेसबुक पर कथित तौर पर वीडियो साझा करने के लिए गिरफ्तार फारूक अहमद को जमानत दे दी है, जिसमें भारत के प्रधान मंत्री और भारतीय सेना के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां थीं।न्यायालय ने कहा कि हिंसा या सार्वजनिक अव्यवस्था के लिए किसी भी उकसावे की अनुपस्थिति में इस तरह के वीडियो को साझा करना प्रथम दृष्टया राजद्रोह या दुश्मनी को बढ़ावा देने के अपराध को आकर्षित नहीं करता है। जस्टिस राकेश कैंथला ने कहा,"फेसबुक पोस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग अदालत में चलाई गई थी। वे खराब स्वाद में हो...
गलत बुकलेट नंबर भरने पर NEET-UG स्टूडेंट की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की, कहा- काउंसलिंग शुरू हो चुकी है
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने NEET UG 2025 की एक उम्मीदवार द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया है, जिसने ओएमआर शीट में कथित त्रुटि के कारण अपने सही परिणाम की घोषणा न करने के लिए राहत मांगी थी।अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता अपनी गलती से उत्पन्न स्थिति से व्यथित थी, जहां उसने अपनी ओएमआर शीट में गलत बुकलेट नंबर दाखिल किया था। अदालत ने यह भी कहा कि इसके बाद याचिकाकर्ता चुप रहा और उसने समय पर आपत्तियां नहीं उठाईं। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस हिरदेश की खंडपीठ ने कहा, "पक्षों के लिए विद्वान वकील द्वारा दी...
हाईकोर्ट में 'कन्नप्पा' फिल्म डायरेक्टर की बड़ी जीत, मेटा और 'X' से हटाए जाएंगे पायरेटेड लिंक
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा और एक्स को विष्णु मांचू स्टारर तेलुगु फिल्म 'कन्नप्पा' के पायरेटेड लिंक को हटाने का निर्देश दिया।जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म प्रोडक्शन ट्वेंटी-फोर फ्रेम्स फैक्ट्री प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे पर अंतरिम आदेश पारित किया। याचिका में दावा किया गया है कि भगवान शिव और उनके समर्पित अनुयायी के बारे में धार्मिक लोककथाओं पर आधारित कन्नप्पा, प्रोडक्शन हाउस की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, और इसकी पायरेसी न...
कुम्भ मेले पर फेसबुक कमेंट करने पर आदतन अपराधी घोषित किया गया या नहीं? हाईकोर्ट ने राज्य से मांगा जवाब
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह बताने का निर्देश दिया है कि क्या किसी व्यक्ति को उप-संभागीय मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिसमें उसे कुंभ मेले के संबंध में फेसबुक पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए आदतन अपराधी घोषित किया गया था।याचिका में दावा किया गया है कि प्रयागराज में कुंभ मेले के संबंध में एक फेसबुक पोस्ट पर की गई टिप्पणी के आधार पर उनके खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई थी। यह दावा करता है कि टिप्पणी को एक टिप्पणी के रूप में चित्रित किया गया है...
सुप्रीम कोर्ट ने लू से होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने और असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों की सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को लू के प्रभाव से बचाने और बढ़ते तापमान के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए व्यापक उपाय करने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने मामले पर विचार करने पर सहमति जताई और याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिका में केंद्र और राज्य सरकारों को निम्नलिखित निर्देश देने की मांग की गई:(1) बाध्यकारी राष्ट्रीय ताप संरक्षण नियमन...
'धोखाधड़ी सब कुछ उजागर कर देती है': सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में धोखाधड़ी से प्राप्त अपना आदेश वापस लिया
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि धोखाधड़ी से प्राप्त कोई भी निर्णय या आदेश अमान्य है। उसे अपील, पुनर्विचार या रिट कार्यवाही में चुनौती दिए बिना, संपार्श्विक कार्यवाही में भी चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच ने रेड्डी वीराना बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2022) में दिया गया अपना ही 2022 का फैसला रद्द करने के लिए इसी सिद्धांत को लागू किया और कहा कि यह फैसला धोखाधड़ी से प्राप्त किया गया था और इसलिए अमान्य है।अदालत ने कहा,"उल्लेखनीय...
दिल्ली सरकार और पुलिस द्वारा महिला व बाल सहायता केंद्रों के संचालन पर हाईकोर्ट असंतुष्ट, दिए आवश्यक निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में हिंसा का सामना कर रही महिलाओं और बच्चों को सहायता मुहैया कराने के लिए वन स्टॉप सेंटर चलाने में दिल्ली सरकार और पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों और उपायों से संतुष्ट नहीं है।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की खंडपीठ ने अधिकारियों को दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि इस मामले में आवश्यक कदम और कार्रवाई दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा नहीं की गई है। केंद्रों की स्थापना महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को दर्ज करने के...
भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 की धारा 70-72 : झूठी जानकारी के लिए दंड, नियम बनाने की शक्ति और सार्वजनिक सूचना देने का तरीका
भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 के ये खंड फर्मों के पंजीकरण (Registration) से संबंधित अंतिम महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डालते हैं। ये धाराएँ पंजीकरण प्रक्रिया में सत्यनिष्ठा (Integrity) बनाए रखने के लिए दंड का प्रावधान करती हैं, अधिनियम के प्रशासन (Administration) के लिए नियम बनाने की सरकार की शक्ति को परिभाषित करती हैं, और सार्वजनिक सूचना (Public Notice) देने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को निर्धारित करती हैं। ये प्रावधान समग्र रूप से यह सुनिश्चित करते हैं कि फर्मों का पंजीकरण और उनसे संबंधित...
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 26-27: बच्चों की अभिरक्षा और संपत्ति का निपटारा
हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (Hindu Marriage Act, 1955) न केवल विवाह को नियंत्रित करता है बल्कि इसके विघटन (Dissolution) से उत्पन्न होने वाले महत्वपूर्ण पहलुओं, विशेष रूप से बच्चों के कल्याण (Welfare of Children) और विवाह के समय प्राप्त संपत्ति (Property acquired during marriage) के निपटारे पर भी ध्यान केंद्रित करता है।धारा 26 (Section 26) नाबालिग बच्चों की अभिरक्षा (Custody of Minor Children), भरण-पोषण (Maintenance) और शिक्षा (Education) से संबंधित है, जबकि धारा 27 (Section 27) विवाह से संबंधित...






![[S.37 NDPS Act] अभियुक्त के अपराध करने की संभावना कब नहीं होती? पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ज़मानत देने की पूर्व-आवश्यकता स्पष्ट की [S.37 NDPS Act] अभियुक्त के अपराध करने की संभावना कब नहीं होती? पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ज़मानत देने की पूर्व-आवश्यकता स्पष्ट की](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2025/04/21/500x300_596667-750x450533446-justice-sumeet-goel-punjab-and-haryana-hc4.jpg)












