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हथौड़ा और कोर्ट: स्पीकर के निर्णयों में न्यायिक समीक्षा का विश्लेषण
राघव चड्ढा और आप के दो-तिहाई राज्यसभा सदस्यों (विधान पार्टी) ने दसवीं अनुसूची के विलय अपवाद (चौथे पैराग्राफ) और बॉम्बे हाईकोर्ट की मिसाल का हवाला देते हुए भाजपा में विलय कर दिया है। 2019 में, गोवा कांग्रेस के 15 में से 10 विधायकों का भाजपा में विलय हो गया। स्पीकर ने बाद की अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया, वो फैसला जिसे 2022 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था।बॉम्बे हाईकोर्टने पुष्टि की कि दसवीं अनुसूची के तहत वैध विलय के लिए विधायक दल का दो-तिहाई बहुमत पर्याप्त है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे...
भोजशाला स्थल पर मंदिर होने का कोई 'ठोस सबूत' नहीं, नमाज़ की अनुमति देने वाला 1935 का नोटिफिकेशन वैध: मुस्लिम पक्ष की दलील
भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद पर चल रही सुनवाई में मुस्लिम समुदाय के याचिकाकर्ताओं में से एक, काज़ी ज़कुल्लाह ने दलील दी कि विवादित स्थल पर मंदिर होने का कोई ठोस सबूत नहीं है।याचिकाकर्ता ने आगे दलील दी कि धार के शासक द्वारा अगस्त 1935 में जारी किया गया वह 'ऐलान' (घोषणा), जिसमें इस स्थल पर नमाज़ पढ़ने का अधिकार दिया गया था, एक वैध दस्तावेज़ है; क्योंकि 1904 से 1951 के बीच की अवधि में इस स्मारक को सरकार या भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा 'संरक्षित स्थल' घोषित नहीं किया गया।यह विवाद...
AoR परीक्षा रद्द करने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, वकीलों को CJI से गुहार लगाने की छूट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2026 में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AoR) परीक्षा आयोजित नहीं करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया। हालांकि अदालत ने नाराज वकीलों को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के समक्ष प्रशासनिक स्तर पर प्रतिनिधित्व देने की अनुमति दी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी बी वराले की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले पर न्यायिक पक्ष से विचार नहीं किया जा सकता।खंडपीठ ने कहा,“न्याय के हित में यही उचित होगा कि याचिकाकर्ता CJI को विस्तृत प्रतिनिधित्व दें। हमें विश्वास है कि चीफ...
झुग्गी हटाकर वैकल्पिक आवास देना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन नहीं, यदि DUSIB नियमों का पालन हो : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि झुग्गी बस्तियों से लोगों को हटाकर उन्हें वैकल्पिक आवास देना अपने आप में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा, बशर्ते दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की नीति और प्रोटोकॉल में तय सुरक्षा उपायों का पालन किया जाए।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव भाई राम कैंप, DID कैंप और मस्जिद कैंप के निवासियों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इन याचिकाओं में निवासियों ने उन्हें हटाकर सवदा घेवर्रा में वैकल्पिक आवास दिए जाने को चुनौती दी थी।अदालत...
लाइसेंस नवीनीकरण में देरी पर सांप रखने वाले व्यक्ति को जमानत, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा- केवल तकनीकी चूक पर जेल उचित नहीं
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सांपों के कथित अवैध कब्जे के मामले में गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा कि केवल लाइसेंस की अवधि समाप्त हो जाने और समय पर उसका नवीनीकरण न हो पाने के आधार पर किसी को लगातार जेल में रखना उचित नहीं माना जा सकता।जस्टिस आशीष नैथानी आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि आरोपी पहले वैध लाइसेंस के तहत कार्य कर रहा था और...
बिना लाइसेंस सूदखोरी का मुद्दा उठाकर चेक बाउंस सजा से बचने की कोशिश, सुप्रीम कोर्ट ने लगाया एक लाख का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराई गई एक महिला की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह अदालत की प्रक्रिया का “स्पष्ट दुरुपयोग” है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि याचिका का उद्देश्य पहले से अंतिम रूप ले चुके आपराधिक दोषसिद्धि आदेश को दोबारा चुनौती देना था।याचिकाकर्ता एस. गायत्री ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर कर तमिलनाडु में कथित बिना लाइसेंस धन उधार देने की प्रथा पर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने अदालत से ऐसे मामलों के लिए दिशा-निर्देश बनाने,...
बंगाल मतदाता सूची विवाद: जस्टिस टी.एस. शिवगणनम ने SIR अपीलीय न्यायाधिकरण से दिया इस्तीफा
टी.एस. शिवगणनम ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अपीलीय न्यायाधिकरण से इस्तीफा दे दिया।जस्टिस शिवगणनम कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रह चुके हैं। उन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नियुक्त किए गए 19 रिटायर जजों में शामिल किया गया था।बताया गया कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा। हालांकि,रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा गति से लंबित अपीलों का निपटारा करने में कोलकाता स्थित...
सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की हत्या मामले में तीन आरोपियों को 13 दिन की पुलिस हिरासत
बारासात जिला कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में BJP नेता और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह के रूप में हुई। इन तीनों को पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम ने बिहार और उत्तर प्रदेश में संयुक्त अभियान चलाकर गिरफ्तार किया था।अभियोजन पक्ष ने अदालत से आरोपियों की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए कहा कि यह हत्या पूर्व नियोजित...
दलित-आदिवासी आरोपियों को थाने साफ करने की जमानत शर्त मामला: सुप्रीम कोर्ट बोला- हमारी टिप्पणी किसी जज के खिलाफ नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा की अदालतों द्वारा दलित और आदिवासी समुदाय के आरोपियों को जमानत की शर्त के रूप में पुलिस स्टेशन साफ करने का निर्देश देने वाले मामले में स्पष्ट किया है कि उसकी पिछली टिप्पणियों को किसी हाईकोर्ट जज या न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने कहा कि यदि ऐसा समझा गया तो इससे न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिर सकता है। अदालत ने यह टिप्पणी ओडिशा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दाखिल अनुपालन...
गुरुग्राम 4 वर्षीय बच्ची रेप मामला: SIT ने जांच पूरी की, अस्पताल की लापरवाही और पीड़िता मुआवजे पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में 4 वर्षीय बच्ची से रेप मामले में सोमवार को कहा कि वह अस्पतालों की कथित लापरवाही/मिलीभगत और पीड़िता को मुआवजा दिए जाने के मुद्दे पर विचार करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अब चार्जशीट सक्षम अदालत के समक्ष दाखिल की जाए।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ पीड़ित बच्ची के माता-पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में हरियाणा पुलिस की जांच को असंतोषजनक बताते हुए CBI...
बिना गिरफ्तारी के कारण बताए किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा: यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को दिया आश्वासन
इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने आश्वासन दिया है कि राज्य में किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारण और आधार बताए बिना गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। सरकार ने कहा कि पुलिस गिरफ्तारी की प्रक्रिया को BNSS, 2023 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सख्ती से लागू करेगी।यह आश्वासन राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल (AAG) विनोद कुमार शाही ने जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ के समक्ष दिया।AAG ने अदालत को बताया कि उन्होंने राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) और पुलिस...
यतिन ओझा को सुप्रीम कोर्ट की 'अंतिम माफी', अवमानना दोषसिद्धि और सजा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट यतिन ओझा को बड़ी राहत देते हुए गुजरात हाईकोर्ट द्वारा 2020 के आपराधिक अवमानना मामले में दी गई दोषसिद्धि और सजा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (In Abeyance) कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि उन्होंने इसी तरह का कोई आचरण दोहराया, तो गुजरात हाईकोर्ट की सजा और दोषसिद्धि फिर से प्रभावी की जा सकती है।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। मामला कोविड-19 अवधि के दौरान गुजरात हाईकोर्ट प्रशासन के खिलाफ यतिन ओझा...
जज और युवा वकील के बीच विवाद: युवा वकीलों के प्रति जजों को धैर्य और प्रोत्साहन दिखाना चाहिए- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में जज और युवा वकील के बीच हुए विवाद पर सुनवाई करते हुए कहा कि न्यायपालिका के सभी स्तरों पर जजों को विशेष रूप से युवा वकीलों के प्रति धैर्य, संवेदनशीलता और प्रोत्साहन का भाव रखना चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा था, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस टी राजशेखर राव एक युवा वकील को पुलिस हिरासत में भेजने की चेतावनी देते दिखाई दिए थे।सुप्रीम कोर्ट ने...
धार्मिक शिक्षा देने वाले संस्थानों के नियमन की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के फैसले का इंतजार करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों के पंजीकरण, मान्यता और निगरानी की मांग वाली याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार करने को कहा।जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय स्वयं अदालत में पेश हुए। याचिका में दावा किया गया कि देशभर में बड़ी संख्या में गैर-पंजीकृत संस्थान बच्चों को धार्मिक शिक्षा देने के नाम पर कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे हैं।...
पत्नी को जानवर की तरह नहीं रख सकता पति, उसे सम्मान के साथ जीने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा के आरोपी एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि पति अपनी पत्नी के साथ जानवरों जैसा व्यवहार नहीं कर सकता और उसे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।मामले में आरोप है कि आरोपी ने शराब के नशे में अपनी पहली पत्नी के साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, उसने पत्नी को जमीन पर फेंक दिया,...
सुप्रीम कोर्ट ने केवल पत्नी को मिले तलाक के विशेष अधिकार को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वह जनहित याचिका खारिज की, जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम की ऐसी धारा को चुनौती दी गई, जो केवल पत्नी को तलाक मांगने का विशेष अधिकार देती है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13(2)(iii) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।यह प्रावधान पत्नी को यह अधिकार देता है कि यदि पति के खिलाफ भरण-पोषण का आदेश पारित होने के बाद एक वर्ष या उससे अधिक समय तक साथ रहना दोबारा शुरू नहीं होता तो वह तलाक की मांग कर...
AOR परीक्षा रद्द करने के फैसले से नाराज़ वकील CJI को दें प्रतिनिधित्व: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (11 मई) को उन याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिनमें सुप्रीम कोर्ट बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन द्वारा वर्ष 2026 में एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) परीक्षा आयोजित न करने के फैसले को चुनौती दी गई थी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले पर न्यायिक पक्ष (Judicial Side) में विचार नहीं किया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को चीफ जस्टिस के समक्ष प्रशासनिक पक्ष (Administrative Side) पर विस्तृत प्रतिनिधित्व देने की अनुमति दी।पीठ ने कहा, “न्याय...
परिवार के एक सदस्य को विदेशी घोषित करने से बाकी सदस्य स्वतः विदेशी नहीं हो जाते: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी परिवार के एक सदस्य को विदेशी घोषित कर देने मात्र से उसके अन्य परिजन स्वतः विदेशी नहीं माने जा सकते। अदालत ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ अलग से कार्यवाही और संदर्भ आवश्यक है।जस्टिस संजय कुमार मेधी और जस्टिस शमीमा जहां की खंडपीठ एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। महिला ने विदेशी न्यायाधिकरण के 2019 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसे और उसके बेटों-बेटियों को विदेशी घोषित कर दिया गया।हाईकोर्ट ने महिला को विदेशी घोषित करने का...
West Bengal SIR | BJP के साथ वोटों का अंतर हटाए गए नामों से कम: TMC ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने यह दावा किया कि मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) में किए गए नामों को हटाने के काम ने पश्चिम बंगाल की कुछ विधानसभा सीटों के नतीजों पर काफ़ी असर डाला है।सीनियर वकील कल्याण बंदोपाध्याय ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्य बागची की बेंच के सामने यह बात रखी कि 31 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की AITC पर जीत का अंतर, SIR जांच प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की संख्या से भी कम...
“तारीख पर तारीख” सिर्फ जजों की गलती नहीं, सरकार और पुलिस भी जिम्मेदार: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला अदालतों में लंबित आपराधिक मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि “तारीख पर तारीख” वाली स्थिति के लिए केवल न्यायिक अधिकारी जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि राज्य सरकार और पुलिस तंत्र की कमियां भी इसके लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की पीठ ने बॉलीवुड फिल्म दमिनी के मशहूर संवाद “तारीख पर तारीख… मिलती है तो सिर्फ तारीख” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आम लोगों की न्याय व्यवस्था के प्रति धारणा को दर्शाता है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त स्टाफ,...




















