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दहेज हत्या में पति को जमानत देना जज को पड़ा भारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जांच की सिफारिश की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पर्याप्त साक्ष्यों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 118 के तहत लागू वैधानिक अनुमान की अनदेखी कर पति को जमानत देने वाले एडिशनल सेशन जज के खिलाफ जांच की सिफारिश की। हाईकोर्ट ने पति को दी गई जमानत भी रद्द की।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने जालौन के उरई स्थित एडिशनल सेशन जज, कोर्ट नंबर-1 द्वारा आरोपी पति को दी गई जमानत के खिलाफ दाखिल जमानत रद्द करने की अर्जी पर यह आदेश दिया।मामला वर्ष 2025 में जालौन जिले के एक थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS)...

वकील को केवल मुवक्किल के निर्देश पर कानूनी नोटिस भेजने के लिए उसके कृत्यों के संबंध में अभियोजित नहीं किया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि किसी पक्ष को मुवक्किल के निर्देश पर कानूनी नोटिस भेजने मात्र से किसी वकील के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, जब तक वह किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा न हो।कानूनी पेशेवरों को पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के दौरान किए गए कार्यों के लिए प्राप्त संरक्षण पर जोर देते हुए जस्टिस डॉ. संजीब कुमार पाणिग्रही की पीठ ने कहा,“यदि हर असफल कानूनी राय या मुवक्किल द्वारा किए गए प्रत्येक तथ्यात्मक प्रतिवेदन को बाद में वकील के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की नींव बना दिया जाए, तो बार...

पेंशन और फैमिली पेंशन पाने वाले सीनियर सिटीजन को भरण-पोषण का अधिकार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि नियमित पेंशन और फैमिली पेंशन प्राप्त कर रहे तथा स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम सीनियर सिटीजन को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 की धारा 4 के तहत भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार नहीं है।जस्टिस नंदेश एस. देशपांडे ने 65 वर्षीय पिता की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। पिता ने वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिकरण और अपीलीय प्राधिकारी के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें अधिनियम की धारा 5 के तहत उनकी अर्जी खारिज कर दी गई। याचिकाकर्ता प्रतिवादी...

राज्य की सलाह के बिना भी RBI मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड को छह महीने से ज़्यादा समय के लिए भी हटा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (3 सितंबर) को कहा कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंकों पर लागू होता है। कोर्ट ने माना कि मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स को हटाने की रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की शक्ति संविधान के आर्टिकल 243ZL(1) में बताई गई छह महीने की समय-सीमा से आगे भी जा सकती है।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फ़ैसला सही ठहराते हुए कहा,"BR Act की धारा 36AAA (1) के तहत मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड ऑफ़...

झारखंड हाईकोर्ट ने सरकारी वकील की बर्खास्तगी के खिलाफ याचिका खारिज की, कहा- पद से सम्मानजनक इस्तीफ़ा अपेक्षित
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि जब सरकार किसी सरकारी वकील की सेवा समाप्त करती है तो रिट कार्यवाही के ज़रिए "हाथ से निकले केस" (lost briefs) के पीछे भागने के बजाय "पद से सम्मानजनक इस्तीफ़ा" देना ही उचित प्रतिक्रिया है।जस्टिस दीपक रोशन की सिंगल जज बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वह अधिकारियों द्वारा अपनी सेवा समाप्ति को चुनौती देने वाली पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की याचिका खारिज कर रहे थे।कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें 8 जुलाई, 2026 का वह आदेश रद्द करने की मांग की गई, जिसके तहत याचिकाकर्ता की पब्लिक...

'मूक-बधिर' व्यक्ति का मानसिक रूप से अस्वस्थ होना ज़रूरी नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बंटवारे की कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई व्यक्ति बधिर और मूक (सुनने और बोलने में असमर्थ) है, यह नहीं माना जा सकता कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश XXXII नियम 3 के तहत किसी संरक्षक की नियुक्ति की आवश्यकता हो।कोर्ट ने कहा कि ऐसी ज़रूरत तभी पैदा होगी जब यह साबित हो जाए कि व्यक्ति मानसिक कमजोरी के कारण संबंधित संपत्ति में अपने हितों की रक्षा करने में असमर्थ है।जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ ने टिप्पणी की:"सिर्फ़ इसलिए कि श्री सोम देव बधिर और मूक...

'ज़रूरी तथ्य छिपाए': एमपी हाईकोर्ट ने विध्वंस नोटिस के ख़िलाफ़ याचिका खारिज की, जुर्माना लगाया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आनंद कुमार केडिया की रिट याचिका खारिज की। केडिया 'एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज' को मैनेज करने वाले प्रमोटर ग्रुप के सदस्य हैं। उन्होंने इंदौर नगर निगम द्वारा उनके घर के पास 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए जारी किए गए गिराने के नोटिस को चुनौती दी थी। [2026 LiveLaw (MP) 349]यह देखते हुए कि केडिया ने ज़रूरी तथ्य छिपाए, जस्टिस संदीप एन भट्ट की बेंच ने उन पर ₹20,000 का जुर्माना लगाया।कोर्ट ने कहा,"हालांकि, इस बात को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता ने ज़रूरी तथ्य छिपाए...

8.5 साल से जेल में बंद अंडरट्रायल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार, 6 महीने में ट्रायल पूरा करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (1 सितंबर 2026) को डकैती/चोरी के एक मामले में साढ़े आठ साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में बंद अंडरट्रायल कैदी को जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, लंबे समय से जेल में रहने और मुकदमे की धीमी गति को देखते हुए कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को छह महीने के भीतर पूरे मुकदमे का निपटारा करने का निर्देश दिया।मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने की। याचिकाकर्ता ने कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा उसकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम...

विदेशी मेडिकल डिग्री का वेरिफिकेशन जरूरी, तभी FMGE में बैठ सकेंगे उम्मीदवार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी मेडिकल डिग्री के वेरिफिकेशन की अनिवार्यता को बरकरार रखते हुए कहा है कि विदेशी मेडिकल योग्यता का प्रमाणीकरण जरूरी है ताकि फर्जी या गलत शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कोई उम्मीदवार विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा यानी FMGE में शामिल न हो सके।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने विदेशों से मेडिकल शिक्षा हासिल करने वाले भारतीय नागरिकों की याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं ने FMGE में शामिल होने की अनुमति नहीं दिए जाने को चुनौती दी थी।याचिकाकर्ताओं ने...

लंबे समय से अलग-अलग कब्जा और मौखिक साक्ष्य से साबित हो सकता है मौखिक बंटवारा: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि संयुक्त परिवार की संपत्ति का मौखिक बंटवारा लिखित दस्तावेज के अभाव में भी मौखिक साक्ष्य और लंबे समय से चले आ रहे अलग-अलग कब्जे के आधार पर साबित किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि पक्षकार कई दशकों से अपने-अपने हिस्से की संपत्ति पर अलग-अलग कब्जा रखते हुए उसका उपयोग और उपभोग कर रहे हैं तो मौखिक बंटवारे को स्वीकार किया जा सकता है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने यह टिप्पणी रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिका में संताल परगना प्रमंडल, दुमका के आयुक्त द्वारा 6 जुलाई 2007 को...

लखनऊ कोर्ट हिंसा | हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव: अब वकीलों की गुप्त जांच IB नहीं, UP Police का इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट करेगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को लखनऊ कोर्ट हिंसा मामले में स्वतः संज्ञान (suo moto) लेते हुए अपने पिछले आदेश में बदलाव किया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन वकीलों पर आरोप लगे हैं, उनके बैकग्राउंड और गतिविधियों की गुप्त जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के बजाय उत्तर प्रदेश पुलिस का इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट करेगा।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने लखनऊ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 21 जुलाई, 2026 को हुई घटना से जुड़ी स्वतः संज्ञान कार्यवाही में यह आदेश पारित किया।यह आदेश तब बदला गया, जब डिप्टी...

देरी माफ किए बिना समय-बाधित अपील में अंतरिम रोक केवल असाधारण मामलों में: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि समय-सीमा के बाद दायर अपील में देरी माफ किए बिना अंतरिम रोक का आदेश केवल अत्यंत असाधारण परिस्थितियों में ही दिया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक अपील दायर करने में हुई देरी को कानून के अनुसार माफ नहीं किया जाता, तब तक अपीलीय प्राधिकारी ऐसी अपील पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं रखता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने राजस्व अपीलीय प्राधिकरण द्वारा समय-सीमा से बाहर दायर अपील में पारित अंतरिम रोक का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसे कोई विशेष या असाधारण...

NCTE की एग्जीक्यूटिव कमिटी को टीचर एजुकेशन इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (3 सितंबर) को टीचर एजुकेशन इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) मांगने के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) और उसकी एग्जीक्यूटिव कमिटी के अधिकार को सही ठहराया।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा,"...काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमिटी के पास टीचर एजुकेशन देने वाले इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगने का पूरा अधिकार है।" बेंच ने दिल्ली हाईकोर्ट की डिविजन बेंच का वह फैसला रद्द किया, जिसमें NCTE की...

जज को 'प्रभावित करने की कोशिश' का मामला: सीनियर IAS ऑफिसर के खिलाफ कंटेम्प्ट केस की सुनवाई से अलग हुए हाईकोर्ट जज
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने गुरुवार को सीनियर IAS ऑफिसर और देवी पाटन मंडल कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल से जुड़े क्रिमिनल कंटेम्प्ट मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया। यह मामला उन आरोपों पर था कि उन्होंने एक ज्यूडिशियल ऑफिसर को प्रभावित करने और धमकाने की कोशिश की थी।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने निर्देश दिया कि मामले को किसी दूसरी बेंच के सामने लिस्ट किया जाए, जिसके जस्टिस श्रीवास्तव मेंबर नहीं हैं।ऑर्डर में लिखा है: "इस केस को किसी...

बकाया भुगतान के नोटिस देना ब्लैकलिस्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं, चेतावनी और सुनवाई जरूरी: राजस्थान हाईकोर्ट ने 3 साल की रोक हटाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि ठेकेदार को बकाया राशि जमा करने के लिए बार-बार नोटिस देना उसे भविष्य की निविदाओं से बाहर करने या ब्लैकलिस्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यदि विभाग ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट या भविष्य की निविदाओं से वंचित करने की कार्रवाई करना चाहता है तो उसे पहले स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि भुगतान न करने पर ऐसी कार्रवाई की जा सकती है और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर भी देना होगा।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने एक ठेकेदार के खिलाफ पारित वह आदेश रद्द किया, जिसके तहत उसे विभाग...

संयुक्त परिवार के सदस्यों के बीच बंटवारे के मुकदमे में बाहरी व्यक्ति द्वारा की गई संपत्ति की बिक्री को चुनौती नहीं दी जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि संयुक्त परिवार की संपत्ति को किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने को परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे बंटवारे के मुकदमे का हिस्सा नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिस बाहरी व्यक्ति ने संपत्ति हस्तांतरित की है, उसके पास उस संपत्ति का मालिकाना हक था या नहीं, यह सवाल संयुक्त परिवार की संपत्तियों के बंटवारे से जुड़े मुकदमे में तय नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप वी.मारने ने यह टिप्पणी एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें...

UGC-NETअंग्रेजी परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और NTA से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने UGC-NET जून 2026 की अंग्रेजी विषय की परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जवाब मांगा। कोर्ट ने संबंधित परीक्षा शुल्क वापस करने के मुद्दे पर भी अधिकारियों को फैसला लेने का निर्देश दिया।जस्टिस जस्मीत सिंह ने विभिन्न अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को नोटिस जारी किया।मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। याचिका में NTA की ओर से 16 अगस्त को जारी...

चांद तक पहुंच गए लेकिन जाति व्यवस्था अब भी कायम: मैनुअल स्कैवेंजिंग पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, महाराष्ट्र की भेदभावपूर्ण नीति रद्द
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा जारी रहने पर महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि 21वीं सदी में भारत चांद के दूसरे छोर तक पहुंचने का गौरव हासिल कर रहा है, लेकिन जाति व्यवस्था जैसी सामाजिक बुराई अब भी समाज में मौजूद है। हाईकोर्ट ने कहा कि यही व्यवस्था आज भी कुछ लोगों को मानव गरिमा से नीचे का काम करने के लिए मजबूर करती है।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने मैनुअल स्कैवेंजिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार की 2019 और 2025 की...

CCTVs In Police Stations | सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा: नई आधुनिकीकरण योजना के इंतज़ार में मौजूदा फंड को बेकार न पड़ा रहने दें
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह यह सुनिश्चित करे कि 'पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता' (ASUMP) योजना के तहत पहले से उपलब्ध फंड का इस्तेमाल पुलिस स्टेशनों में CCTV इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने के लिए किया जाए, न कि इस फंड को तब तक बेकार पड़ा रहने दिया जाए जब तक केंद्र पुलिस आधुनिकीकरण की नई योजना पर काम कर रहा है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच देश भर के पुलिस स्टेशनों में चालू CCTV कैमरों की कमी से जुड़े स्वतः...

NIA ने कथित आतंकी संबंधों के कारण ज़ब्त की फीस: सुप्रीम कोर्ट ने MBBS छात्रा की डिग्री सर्टिफिकेट की याचिका पर जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक MBBS छात्रा की याचिका पर नोटिस जारी किया। छात्रा ने मांग की थी कि 'चेट्टिनाड एकेडमी ऑफ़ रिसर्च एंड एजुकेशन' को निर्देश दिया जाए कि वे उसे कोर्स पूरा होने का सर्टिफिकेट और MBBS डिग्री सर्टिफिकेट दें। इसके लिए उस फीस को दोबारा भरने पर ज़ोर न दें, जिसे NIA ने कथित आतंकी संबंधों के कारण ज़ब्त कर लिया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच 13 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई करेगी।यह SLP (स्पेशल लीव पिटिशन) पूजा कुमारी नाम की छात्रा ने मद्रास हाईकोर्ट की...
