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मोटर दुर्घटना का दावा | सिर्फ़ इसलिए कि पीड़ित को खास भूमिका में बनाए रखा गया, फंक्शनल डिसेबिलिटी को कम नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना मुआवज़े के मामलों में फंक्शनल डिसेबिलिटी का आकलन करते समय इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि पीड़ित खुली और प्रतिस्पर्धी लेबर मार्केट में कितना कमा सकता है, न कि इस बात पर कि वह व्यक्ति किसी ऐसी जगह काम कर रहा है, जहां उसे बहुत ज़्यादा सुविधाएं दी गईं।कोर्ट ने कहा,"फंक्शनल डिसेबिलिटी की गणना इस आधार पर की जाती है कि पीड़ित की खुली और प्रतिस्पर्धी बाज़ार में कमाने की क्षमता क्या है, न कि इस आधार पर कि उसे किसी खास, बहुत ज़्यादा सुविधा वाली भूमिका में बनाए रखा...

दोषी नहीं हूं, लेकिन सरला भट हत्याकांड में ट्रायल का सामना नहीं करूंगा: यासीन मलिक ने TADA कोर्ट से कहा, मौत की सज़ा की मांग की

जेल में बंद जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक ने 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण और हत्या में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया। साथ ही उन्होंने श्रीनगर की स्पेशल TADA/POTA कोर्ट से कहा है कि उन्होंने आगे ट्रायल की कार्यवाही का सामना न करने का फैसला किया। इसके बजाय कोर्ट से उन्हें मौत की सज़ा देने का अनुरोध किया।मलिक का कहना है कि कार्यवाही का सामना न करने का उनका फैसला अपराध स्वीकार करने या अभियोजन पक्ष के किसी भी आरोप को मानने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।...

सुप्रीम कोर्ट ने NGO एनर्जी वॉचडॉग को बिजली के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही में शामिल होने की इजाज़त दी

सुप्रीम कोर्ट ने NGO 'एनर्जी वॉचडॉग' को झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) द्वारा दो कंपनियों के खिलाफ बिजली की कथित अनधिकृत सप्लाई और इस्तेमाल को लेकर शुरू की गई कार्यवाही में शामिल होने की इजाज़त दी।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने झारखंड हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश में दखल देने से इनकार किया, जिसमें NGO को कार्यवाही में शामिल होने की इजाज़त दी गई ताकि ज़रूरी जानकारी इकट्ठा करने और उस पर विचार करने में आसानी हो। कोर्ट हाईकोर्ट की इस राय से सहमत था कि बिजली की...

अब नागरिकों के घर तक पहुंचेंगी ई-कोर्ट सेवाएं, सुप्रीम कोर्ट ने 26 मोबाइल ई-सेवा वैन को दिखाई हरी झंडी

सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी ने नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (NALSA) और न्याय विभाग के साथ मिलकर शुक्रवार को 26 मोबाइल ई-सेवा वैन को हरी झंडी दिखाई। इनका मकसद दूर-दराज और कम सुविधा वाले इलाकों में रहने वाले नागरिकों तक सीधे ई-कोर्ट सेवाएं, कानूनी मदद और विवाद सुलझाने की सुविधाएं पहुंचाना है।इन वैन को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में हरी झंडी दिखाई गई। ये 73 मोबाइल ई-सेवा वैन के बेड़े का पहला हिस्सा हैं, जिन्हें धीरे-धीरे तय हाई कोर्ट और ज़िला अदालतों के अधिकार...

DNA से सिर्फ़ सेक्सुअल संबंध का पता चलता है, आपसी सहमति से रिश्ता के होने का नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप मामले में बरी का फ़ैसला बरकरार रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि DNA सबूत से आरोपी और पीड़िता के बीच सेक्सुअल संबंध की पुष्टि तो होती है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि रिश्ता आपसी सहमति से था या बिना सहमति के।जस्टिस मधु जैन ने यह टिप्पणी एक ऐसे व्यक्ति को बरी करने का फ़ैसला बरकरार रखते हुए की, जिस पर एक महिला का बार-बार यौन शोषण करने, उसे नशीला पदार्थ देने, धमकाने और अप्राकृतिक यौन कृत्य करने का आरोप था।कोर्ट ने गौर किया कि मामले की DNA रिपोर्ट से यह साबित हुआ कि आरोपी पीड़िता से पैदा हुए बच्चे का बायोलॉजिकल पिता है। हालांकि, कोर्ट...

MBBS स्टूडेंट को पहले साल की परीक्षा के लिए चार से ज़्यादा मौके नहीं मिल सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि पहले प्रोफेशनल MBBS कोर्स कर रहे स्टूडेंट को पहले साल के लिए चार से ज़्यादा मौके नहीं दिए जा सकते, चाहे स्टूडेंट ने हर मौके में किसी भी विषय की परीक्षा दी हो। कोर्ट ने एक MBBS स्टूडेंट की याचिका खारिज की, जिसमें उसने चौथी बार एनाटॉमी की परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी थी; कोर्ट ने कहा कि वह पहले ही पहले साल के MBBS कोर्स के लिए चार मौके ले चुकी है।जस्टिस फिरदोष पी. पूनीवाला और जस्टिस आर. आई. छागला की डिवीज़न बेंच एक स्टूडेंट द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी,...

दहेज हत्या में पति को जमानत देना जज को पड़ा भारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जांच की सिफारिश की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पर्याप्त साक्ष्यों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 118 के तहत लागू वैधानिक अनुमान की अनदेखी कर पति को जमानत देने वाले एडिशनल सेशन जज के खिलाफ जांच की सिफारिश की। हाईकोर्ट ने पति को दी गई जमानत भी रद्द की।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने जालौन के उरई स्थित एडिशनल सेशन जज, कोर्ट नंबर-1 द्वारा आरोपी पति को दी गई जमानत के खिलाफ दाखिल जमानत रद्द करने की अर्जी पर यह आदेश दिया।मामला वर्ष 2025 में जालौन जिले के एक थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS)...

वकील को केवल मुवक्किल के निर्देश पर कानूनी नोटिस भेजने के लिए उसके कृत्यों के संबंध में अभियोजित नहीं किया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि किसी पक्ष को मुवक्किल के निर्देश पर कानूनी नोटिस भेजने मात्र से किसी वकील के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, जब तक वह किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा न हो।कानूनी पेशेवरों को पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के दौरान किए गए कार्यों के लिए प्राप्त संरक्षण पर जोर देते हुए जस्टिस डॉ. संजीब कुमार पाणिग्रही की पीठ ने कहा,“यदि हर असफल कानूनी राय या मुवक्किल द्वारा किए गए प्रत्येक तथ्यात्मक प्रतिवेदन को बाद में वकील के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की नींव बना दिया जाए, तो बार...

पेंशन और फैमिली पेंशन पाने वाले सीनियर सिटीजन को भरण-पोषण का अधिकार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि नियमित पेंशन और फैमिली पेंशन प्राप्त कर रहे तथा स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम सीनियर सिटीजन को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 की धारा 4 के तहत भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार नहीं है।जस्टिस नंदेश एस. देशपांडे ने 65 वर्षीय पिता की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। पिता ने वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिकरण और अपीलीय प्राधिकारी के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें अधिनियम की धारा 5 के तहत उनकी अर्जी खारिज कर दी गई। याचिकाकर्ता प्रतिवादी...

राज्य की सलाह के बिना भी RBI मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड को छह महीने से ज़्यादा समय के लिए भी हटा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (3 सितंबर) को कहा कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंकों पर लागू होता है। कोर्ट ने माना कि मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स को हटाने की रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की शक्ति संविधान के आर्टिकल 243ZL(1) में बताई गई छह महीने की समय-सीमा से आगे भी जा सकती है।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फ़ैसला सही ठहराते हुए कहा,"BR Act की धारा 36AAA (1) के तहत मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के बोर्ड ऑफ़...

झारखंड हाईकोर्ट ने सरकारी वकील की बर्खास्तगी के खिलाफ याचिका खारिज की, कहा- पद से सम्मानजनक इस्तीफ़ा अपेक्षित

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि जब सरकार किसी सरकारी वकील की सेवा समाप्त करती है तो रिट कार्यवाही के ज़रिए "हाथ से निकले केस" (lost briefs) के पीछे भागने के बजाय "पद से सम्मानजनक इस्तीफ़ा" देना ही उचित प्रतिक्रिया है।जस्टिस दीपक रोशन की सिंगल जज बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वह अधिकारियों द्वारा अपनी सेवा समाप्ति को चुनौती देने वाली पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की याचिका खारिज कर रहे थे।कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें 8 जुलाई, 2026 का वह आदेश रद्द करने की मांग की गई, जिसके तहत याचिकाकर्ता की पब्लिक...

मूक-बधिर व्यक्ति का मानसिक रूप से अस्वस्थ होना ज़रूरी नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बंटवारे की कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई व्यक्ति बधिर और मूक (सुनने और बोलने में असमर्थ) है, यह नहीं माना जा सकता कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिसके लिए सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश XXXII नियम 3 के तहत किसी संरक्षक की नियुक्ति की आवश्यकता हो।कोर्ट ने कहा कि ऐसी ज़रूरत तभी पैदा होगी जब यह साबित हो जाए कि व्यक्ति मानसिक कमजोरी के कारण संबंधित संपत्ति में अपने हितों की रक्षा करने में असमर्थ है।जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ ने टिप्पणी की:"सिर्फ़ इसलिए कि श्री सोम देव बधिर और मूक...

ज़रूरी तथ्य छिपाए: एमपी हाईकोर्ट ने विध्वंस नोटिस के ख़िलाफ़ याचिका खारिज की, जुर्माना लगाया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आनंद कुमार केडिया की रिट याचिका खारिज की। केडिया 'एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज' को मैनेज करने वाले प्रमोटर ग्रुप के सदस्य हैं। उन्होंने इंदौर नगर निगम द्वारा उनके घर के पास 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए जारी किए गए गिराने के नोटिस को चुनौती दी थी। [2026 LiveLaw (MP) 349]यह देखते हुए कि केडिया ने ज़रूरी तथ्य छिपाए, जस्टिस संदीप एन भट्ट की बेंच ने उन पर ₹20,000 का जुर्माना लगाया।कोर्ट ने कहा,"हालांकि, इस बात को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता ने ज़रूरी तथ्य छिपाए...

8.5 साल से जेल में बंद अंडरट्रायल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार, 6 महीने में ट्रायल पूरा करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (1 सितंबर 2026) को डकैती/चोरी के एक मामले में साढ़े आठ साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में बंद अंडरट्रायल कैदी को जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, लंबे समय से जेल में रहने और मुकदमे की धीमी गति को देखते हुए कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को छह महीने के भीतर पूरे मुकदमे का निपटारा करने का निर्देश दिया।मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने की। याचिकाकर्ता ने कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा उसकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम...

विदेशी मेडिकल डिग्री का वेरिफिकेशन जरूरी, तभी FMGE में बैठ सकेंगे उम्मीदवार: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी मेडिकल डिग्री के वेरिफिकेशन की अनिवार्यता को बरकरार रखते हुए कहा है कि विदेशी मेडिकल योग्यता का प्रमाणीकरण जरूरी है ताकि फर्जी या गलत शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कोई उम्मीदवार विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा यानी FMGE में शामिल न हो सके।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने विदेशों से मेडिकल शिक्षा हासिल करने वाले भारतीय नागरिकों की याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं ने FMGE में शामिल होने की अनुमति नहीं दिए जाने को चुनौती दी थी।याचिकाकर्ताओं ने...

लंबे समय से अलग-अलग कब्जा और मौखिक साक्ष्य से साबित हो सकता है मौखिक बंटवारा: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि संयुक्त परिवार की संपत्ति का मौखिक बंटवारा लिखित दस्तावेज के अभाव में भी मौखिक साक्ष्य और लंबे समय से चले आ रहे अलग-अलग कब्जे के आधार पर साबित किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि पक्षकार कई दशकों से अपने-अपने हिस्से की संपत्ति पर अलग-अलग कब्जा रखते हुए उसका उपयोग और उपभोग कर रहे हैं तो मौखिक बंटवारे को स्वीकार किया जा सकता है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने यह टिप्पणी रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिका में संताल परगना प्रमंडल, दुमका के आयुक्त द्वारा 6 जुलाई 2007 को...

लखनऊ कोर्ट हिंसा | हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव: अब वकीलों की गुप्त जांच IB नहीं, UP Police का इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट करेगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को लखनऊ कोर्ट हिंसा मामले में स्वतः संज्ञान (suo moto) लेते हुए अपने पिछले आदेश में बदलाव किया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन वकीलों पर आरोप लगे हैं, उनके बैकग्राउंड और गतिविधियों की गुप्त जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के बजाय उत्तर प्रदेश पुलिस का इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट करेगा।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने लखनऊ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 21 जुलाई, 2026 को हुई घटना से जुड़ी स्वतः संज्ञान कार्यवाही में यह आदेश पारित किया।यह आदेश तब बदला गया, जब डिप्टी...

देरी माफ किए बिना समय-बाधित अपील में अंतरिम रोक केवल असाधारण मामलों में: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि समय-सीमा के बाद दायर अपील में देरी माफ किए बिना अंतरिम रोक का आदेश केवल अत्यंत असाधारण परिस्थितियों में ही दिया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक अपील दायर करने में हुई देरी को कानून के अनुसार माफ नहीं किया जाता, तब तक अपीलीय प्राधिकारी ऐसी अपील पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं रखता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने राजस्व अपीलीय प्राधिकरण द्वारा समय-सीमा से बाहर दायर अपील में पारित अंतरिम रोक का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसे कोई विशेष या असाधारण...

NCTE की एग्जीक्यूटिव कमिटी को टीचर एजुकेशन इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (3 सितंबर) को टीचर एजुकेशन इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) मांगने के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) और उसकी एग्जीक्यूटिव कमिटी के अधिकार को सही ठहराया।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा,"...काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमिटी के पास टीचर एजुकेशन देने वाले इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगने का पूरा अधिकार है।" बेंच ने दिल्ली हाईकोर्ट की डिविजन बेंच का वह फैसला रद्द किया, जिसमें NCTE की...