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SC/ST महिला से छेड़छाड़ की शिकायत पर FIR दर्ज न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने एर्नाकुलम ACP को तलब किया
सुप्रीम कोर्ट ने केरल पुलिस द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) वर्ग की महिला से कथित छेड़छाड़ की शिकायत पर कार्रवाई न किए जाने को गंभीरता से लेते हुए एर्नाकुलम के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ एक आरोपी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केरल हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत देने से इनकार किए जाने को चुनौती दी गई थी। मामला पनंगाड पुलिस स्टेशन में दर्ज कथित मारपीट और आपराधिक...
नागरिकता साबित करने के लिए NRC अंश स्वीकार्य साक्ष्य नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के अंशों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय कुमार मेधी और जस्टिस शमीमा जहां की खंडपीठ ने कहा कि हाल ही में दिए गए एक फैसले में भी अदालत यह स्पष्ट कर चुकी है कि नागरिकता तय करने के मामलों में NRC दस्तावेजों का कानूनी महत्व नहीं है।अदालत ने कहा,“याचिकाकर्ता ने NRC विवरण पर भरोसा किया जिसमें उसे अबुल हाकी का पुत्र बताया गया था। लेकिन यह दस्तावेज साक्ष्य के रूप में...
सिद्धार्थ वरदराजन को OCI कार्ड देने से इनकार करने का केंद्र का फैसला रद्द, दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा कारणयुक्त आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को OCI कार्ड देने से इनकार करने संबंधी केंद्र सरकार का फैसला रद्द किया।अदालत ने कहा कि सरकार की ओर से जारी संचार में कोई कारण नहीं बताया गया, इसलिए उसे बरकरार नहीं रखा जा सकता।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने वरदराजन की OCI कार्ड संबंधी अर्जी को बहाल करते हुए केंद्र सरकार को नया और कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया।वरदराजन की ओर से सीनियर एडवोकेट नित्या रामकृष्णन और एडवोकेट अर्चित कृष्ण ने पक्ष रखा।उन्होंने अदालत को बताया कि...
छोटी कार और कम सोना लाने पर ताने देना क्रूरता की श्रेणी में आता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दहेज में छोटी कार लाने और अपेक्षा से कम सोना देने को लेकर पत्नी को बार-बार ताने देना प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के तहत क्रूरता माना जा सकता है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह टिप्पणी मृत महिला के पिता और राज्य सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की।याचिकाओं में ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें महिला के पति को दहेज मृत्यु और क्रूरता के आरोपों से मुक्त किया गया था।हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ धारा 498ए के तहत...
एक विवादित वोट से सरकार का भविष्य तय हो सकता है तो संवैधानिक अदालतें चुप नहीं रह सकतीं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपत्तूर विधानसभा सीट से एक वोट से चुनाव जीतने वाले TVK विधायक सीनिवासा सेतुपति को फिलहाल फ्लोर टेस्ट में हिस्सा लेने से रोक दिया।अदालत ने कहा कि जब किसी विवादित वोट से सरकार का भविष्य तय होने की स्थिति बन जाए तब संवैधानिक अदालतें मूकदर्शक नहीं रह सकतीं।जस्टिस विक्टोरिया गौरी और जस्टिस एन. सेंथिलकुमार की अवकाशकालीन पीठ ने यह अंतरिम आदेश DMK उम्मीदवार पेरियाकरुप्पन की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।याचिका में आरोप लगाया गया कि उनके पक्ष में पड़ा एक डाक मतपत्र गलती से...
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को स्कूलों में राजस्थानी भाषा पढ़ाने की नीति बनाने का दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को एक विषय के रूप में शुरू करने और पढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। अदालत ने कहा कि मातृभाषा आधारित शिक्षा को लेकर उपयुक्त नीति ढांचे की कमी दिखाई दे रही है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप एक व्यापक और प्रभावी नीति तैयार करनी चाहिए, ताकि मातृभाषा आधारित शिक्षा को लागू...
प्रत्यक्षदर्शी गवाह न होने मात्र से अभियोजन मामला कमजोर नहीं पड़ता : सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के दोषी की सजा बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (11 मई) को एक हत्या के आरोपी की सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि किसी मामले में प्रत्यक्षदर्शी गवाह (Eyewitness) का न होना अभियोजन के लिए घातक नहीं माना जा सकता, यदि परिस्थितिजन्य साक्ष्य और मृतक का मृत्यु पूर्व बयान आरोपी के अपराध को स्पष्ट रूप से साबित करते हों।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। दोनों अदालतों ने आरोपी को हत्या का दोषी ठहराया था।मामला अहमदाबाद के सोमाभाई...
बार और बेंच न्याय के रथ के दो पहिए, आपसी टकराव से न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर पड़ सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट यतीन ओझा के खिलाफ अवमानना कार्यवाही बंद करते हुए कहा कि बार और बेंच “न्याय के रथ के दो पहिए” हैं और इनके बीच टकराव न्याय प्रणाली में जनता के विश्वास को कमजोर कर सकता है।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदूरकर की खंडपीठ ने कहा कि वकालत पेशा और न्यायपालिका न्याय व्यवस्था के दो मूल स्तंभ हैं और दोनों को परस्पर सम्मान व संयम बनाए रखना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि यह मामला बार और बेंच के बीच “दुर्भाग्यपूर्ण टकराव” का उदाहरण है।मामला वर्ष 2020 का है, जब कोविड-19...
केवल व्यभिचार के आरोप लगाकर पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल पत्नी पर व्यभिचार (Adultery) के आरोप लगाकर उसे दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत अंतरिम भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता, जब तक कि ऐसे आरोपों के समर्थन में ठोस और कानूनी रूप से स्वीकार्य साक्ष्य मौजूद न हों।जस्टिस नीरजा के. कालसन ने कहा कि वैवाहिक मुकदमेबाजी को “चरित्र हनन” का मंच नहीं बनने दिया जा सकता, ताकि लंबित कार्यवाही के दौरान किसी जीवनसाथी को आर्थिक रूप से परेशान किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आरोप, बिना मजबूत...
स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाने वाले मुस्लिम व्यक्ति का धर्मांतरण आवेदन खारिज करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ADM को लगाई फटकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गैरकानूनी धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के तहत एक मुस्लिम व्यक्ति के हिंदू धर्म अपनाने के मामले में ADM की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने कहा कि ADM ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बार-बार पुलिस जांच करवाई और आपराधिक मामले को आधार बनाकर धर्मांतरण प्रमाणन आवेदन खारिज कर दिया।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने फिलहाल प्रयागराज के ADM (प्रशासन) द्वारा पारित उस आदेश को स्थगित कर दिया है, जिसमें याचिकाकर्ता के 'सनातन धर्म'...
सरकारी नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी गंभीर अपराध, समझौते से आरोप कम नहीं होते: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह के अपराध समाज पर गंभीर प्रभाव डालते हैं और संस्थागत प्रक्रियाओं में लोगों का भरोसा कमजोर करते हैं।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि,“फर्जी नियुक्ति पत्रों और सरकारी नौकरी के झूठे आश्वासनों के जरिए बेरोजगार युवाओं का शोषण करना गंभीर अपराध है। केवल पक्षों के बीच समझौता हो जाने या कुछ रकम लौटाने का दावा करने से आरोपों की गंभीरता कम नहीं हो जाती।” अदालत ने कहा कि...
रेलवे अधिकारी की गिरफ्तारी पर खबर छापने के मामले में 'हिंदुस्तान' के प्रधान संपादक को हाईकोर्ट से राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दैनिक समाचार पत्र हिंदुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर के खिलाफ चल रही आपराधिक मानहानि कार्यवाही पर रोक लगाई।जस्टिस बृज राज सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश शशि शेखर की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।मामला गोंडा कोर्ट में दायर मानहानि शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता दिलीप कुमार वर्मा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर तैनात थे। उन पर शीशम के पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में रेलवे संपत्ति अधिनियम, 1966 की धारा 3 के तहत FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में उनकी...
कथित जातिगत गाली-गलौज किसी निजी घर के अंदर किए जाने पर SC/ST Act के तहत कोई अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (11 मई) को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामला रद्द किया। इस व्यक्ति पर आरोप था कि उसने एक घर की चारदीवारी के अंदर, अनुसूचित जाति श्रेणी से ताल्लुक रखने वाले शिकायतकर्ता के साथ जाति-आधारित गाली-गलौज की थी।चूंकि FIR में यह ज़िक्र नहीं था कि अपीलकर्ता नंबर 1 और अन्य अपीलकर्ताओं द्वारा गाली-गलौज और धमकाने की कथित घटना किसी ऐसी जगह पर हुई, जहां आम लोगों की नज़र पड़ सकती हो, इसलिए कोर्ट ने यह माना कि SC/ST...
Order XII Rule 6 CPC | आपराधिक मामले में की गई स्वीकारोक्ति का इस्तेमाल सिविल कार्यवाही में किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश XII नियम 6 के तहत स्वीकारोक्ति पर आधारित फैसला, उन स्वीकारोक्तियों पर भी आधारित हो सकता है, जो लिखित दलीलों (Pleadings) के बाहर की गई हों।ट्रायल कोर्ट, पहली अपीलीय अदालत और हाईकोर्ट के एक जैसे फैसलों में दखल देने से इनकार करते हुए जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने प्रतिवादी (Defendant) की याचिका खारिज की। इस प्रतिवादी को आपराधिक कार्यवाही के दौरान की गई स्वीकारोक्तियों के आधार पर विवादित जगह खाली करने का...
मुंबई पुलिस ने आधी रात को गिराई डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा स्थापित ऐतिहासिक प्रिंटिंग प्रेस, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में मुंबई पुलिस को उसके "बिना सोचे-समझे" दिए गए हलफनामे के लिए फटकारा। इस हलफनामे में पुलिस ने दादर के एक प्लॉट पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा 1945 में स्थापित प्रिंटिंग प्रेस को अचानक गिराए जाने के मामले में अपनी "निष्क्रियता" को सही ठहराने की कोशिश की थी।इस संपत्ति को 25 जून, 2016 की सुबह-सवेरे तब गिरा दिया गया, जब 400 से 500 लोगों की भीड़ उस जगह पर जमा हो गई।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की डिवीज़न बेंच ने 30 अप्रैल को आदेश जारी किया। इस आदेश में पुलिस...
S. 138 NI Act | बाउंस हुए चेक पर साइन न करने वाले जॉइंट अकाउंट होल्डर पर केस नहीं चल सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
चेक बाउंस होने से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में फिर से दोहराया कि जॉइंट अकाउंट होल्डर, जिसने विवादित चेक पर साइन नहीं किए, उस पर Negotiable Instruments Act, 1881 (NI Act) की धारा 138 के तहत केस नहीं चलाया जा सकता।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने यह भी साफ किया कि NI Act की धारा 141, जो परोक्ष दायित्व (vicarious liability) से जुड़ी है, सिर्फ़ कंपनियों और पार्टनरशिप फर्मों पर लागू होती है, व्यक्तियों पर नहीं।इस तरह सिंगल जज ने आवेदक (मधु सिंह) के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द...
'लॉरेंस ऑफ़ पंजाब' विवाद: फ़िल्म रिलीज़ के ख़िलाफ़ केंद्र की एडवाइज़री रद्द, हाईकोर्ट ने दिया टाइटल बदलने का निर्देश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फ़िल्म की रिलीज़ का विरोध करने वाली केंद्र की एडवाइज़री रद्द की, जिससे इसकी रिलीज़ का रास्ता साफ़ हो गया। हालांकि, कोर्ट ने यह देखते हुए निर्देश दिया कि टाइटल बदला जाए कि इसमें "लॉरेंस बिश्नोई" या "पंजाब" शब्द नहीं होने चाहिए, ताकि कोई भ्रामक अर्थ न निकले।जस्टिस जगमोहन बंसल ने फ़िल्म देखने के बाद पाया कि यह किसी एक गैंगस्टर के बारे में नहीं है, न ही यह बंदूक संस्कृति का महिमामंडन करती है, बल्कि यह इसके ख़िलाफ़ है।यह याचिका 23 अप्रैल और 24 अप्रैल, 2026 को अधिकारियों...
YouTube चैनल '4PM' से हटा बैन, हाईकोर्ट ने 'आपत्तिजनक' वीडियो को ब्लॉक करने का दिया निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में YouTube चैनल "4PM" को बहाल करने का आदेश दिया। इस चैनल को केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद ब्लॉक किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया गया था। यह बहाली इस शर्त पर की गई कि 26 कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो को अस्थायी रूप से निलंबित रखा जाएगा।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने यह आदेश चैनल के एडिटर संजय शर्मा और 4PM न्यूज़ नेटवर्क द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इस याचिका में YouTube चैनल और उसके...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1983 के 'सामूहिक बलात्कार' मामले में 3 लोगों को बरी किया, कहा- कोई मेडिकल सबूत नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 1983 के एक कथित सामूहिक बलात्कार मामले में 3 लोगों को बरी किया। इस मामले में पीड़िता घटनाक्रम के समय 7 महीने की गर्भवती थी।जस्टिस अवनीश सक्सेना की बेंच ने आरोपियों को 'संदेह का लाभ' दिया। बेंच ने पाया कि FIR दर्ज करने में बिना किसी वजह के देरी हुई और मामले की पुष्टि करने वाले मेडिकल सबूतों की पूरी तरह कमी है।कोर्ट ने FIR को 'अस्पष्ट' भी बताया, क्योंकि कथित तौर पर पीड़िता के साथ चार लोगों ने बलात्कार किया था, लेकिन FIR में सिर्फ तीन लोगों के नाम थे।बेंच ने टिप्पणी...
उत्तराखंड ज़मींदारी उन्मूलन अधिनियम: गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए किसी सोसाइटी को ज़मीन हस्तांतरित करने हेतु पूर्व अनुमति अनिवार्य - हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि उत्तराखंड में लागू 'उत्तर प्रदेश ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम, 1950' की धारा 154 के तहत, गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए किसी सोसाइटी के पक्ष में ज़मीन का हस्तांतरण करने हेतु राज्य सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य है; भले ही यह हस्तांतरण 'उपहार विलेख' (Gift Deed) के माध्यम से किया गया हो। कोर्ट ने टिप्पणी की कि धारा 154 के तहत वैधानिक प्रतिबंध केवल 'बिक्री' के माध्यम से होने वाले हस्तांतरण तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि हस्तांतरण के सभी मान्यता प्राप्त...




















