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मेडिकल टेस्ट में एक दिन की देरी के कारण नौकरी से वंचित आदिवासी महिला को सुप्रीम कोर्ट से राहत
मेडिकल टेस्ट में एक दिन की देरी के कारण नौकरी से वंचित आदिवासी महिला को सुप्रीम कोर्ट से राहत

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जनजाति की उम्मीदवार को राहत दी, जिसका सरकारी पद के लिए चयन केवल इसलिए रद्द कर दिया गया, क्योंकि वह प्रारंभिक मुख्य और साक्षात्कार चरणों में उत्तीर्ण होने के बावजूद मेडिकल परीक्षा में एक दिन देरी से पहुंची थी।उम्मीदवार पूरी इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद अगले दिन मेडिकल टेस्ट के लिए उपस्थित हुई, जबकि झारखंड लोक सेवा आयोग ने उसे अपने इंटरव्यू के अगले दिन उपस्थित होने के लिए कहा था।यह देखते हुए कि विज्ञापन में अगले दिन शब्द अस्पष्ट और अपरिभाषित था, जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटायर्ड मेजर जनरल वी.के. सिंह को RAW से जुड़ी किताब मामले में दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटायर्ड मेजर जनरल वी.के. सिंह को RAW से जुड़ी किताब मामले में दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटायर मेजर जनरल वी.के. सिंह को उन दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति दी है, जो उनके खिलाफ CBI द्वारा दर्ज एफआईआर में शामिल हैं।यह FIR 2007 में सिंह द्वारा रिटायरमेंट के बाद प्रकाशित किताब में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) से संबंधित संवेदनशील और गुप्त जानकारियों के उजागर होने के आरोप पर दर्ज की गई थी।जस्टिस अमित महाजन ने यह नोट किया कि CBI ने दस्तावेजों के निरीक्षण का विरोध नहीं किया बस यह कहा कि दस्तावेज संवेदनशील होने के कारण उनकी हार्ड कॉपी उपलब्ध नहीं कराई जाए।सिंह ने...

तिहाड़ जेल में अफजल गुरु और मोहम्मद मकबूल भट्ट की कब्रें हटाने वाली PIL खारिज की
तिहाड़ जेल में अफजल गुरु और मोहम्मद मकबूल भट्ट की कब्रें हटाने वाली PIL खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आतंकवाद से संबंधित मामलों में मृत अफजल गुरु और मोहम्मद मकबूल भट्ट की कब्रों को केंद्रीय तिहाड़ जेल परिसर से हटाने की मांग की गई थी।याचिका में यह भी अनुरोध किया गया कि उनके शवों को किसी गुप्त स्थान पर विधिक रूप से स्थानांतरित किया जाए ताकि आतंकवाद का महिमामंडन और जेल परिसर के दुरुपयोग को रोका जा सके।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने का निर्देश दिया साथ ही इसे नए...

CAPF अधिकारियों को माता-पिता की बीमारियों के आधार पर पोस्टिंग का अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
CAPF अधिकारियों को माता-पिता की बीमारियों के आधार पर पोस्टिंग का अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की नीति में कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत अधिकारी माता-पिता की बीमारी के आधार पर अपने पोस्टिंग स्थल का चयन कर सकें।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला शामिल की खंडपीठ ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें ऐसे अधिकारियों की कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि CAPF नीति में केवल यह प्रावधान है कि यदि अधिकारी का जीवनसाथी या बच्चा बीमार हो तो यह पोस्टिंग चयन के लिए आधार बन सकता है।कोर्ट ने...

इंदौर ट्रक हादसा: हाईकोर्ट ने मांगी CCTV फुटेज, स्टेटस रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा
इंदौर ट्रक हादसा: हाईकोर्ट ने मांगी CCTV फुटेज, स्टेटस रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (23 सितंबर) को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इंदौर के आवासीय इलाके में घुसे ट्रक हादसे की CCTV फुटेज अदालत में प्रस्तुत की जाए। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि राज्य सरकार द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट को संवेदनशील सामग्री होने के कारण सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाए।यह कार्यवाही सुओ मोटू मामले में हुई, जिसे दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर और वीडियो के आधार पर शुरू किया गया। खबर के अनुसार, कलानी नगर स्क्वायर से बड़ा गणपति स्क्वायर तक लगभग दो किलोमीटर लंबे मार्ग पर...

JEE 2025 में गड़बड़ी के आरोप पर दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज, कहा- तकनीकी त्रुटि न होने पर NTA का रिकॉर्ड मान्य
JEE 2025 में गड़बड़ी के आरोप पर दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज, कहा- तकनीकी त्रुटि न होने पर NTA का रिकॉर्ड मान्य

दिल्ली हाईकोर्ट ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) मेन्स 2025 में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर दाखिल याचिका खारिज किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब कोई प्रत्यक्ष तकनीकी त्रुटि सामने नहीं आती तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आधिकारिक रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जाएगी।जस्टिस विकास महाजन की सिंगल बेंच ने शशांक शेखर पांडे द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके पक्ष में कोई प्रथमदृष्टया मामला नहीं बनता।पांडे ने अंतिम उत्तर कुंजी में त्रुटियों की समीक्षा और संशोधन की मांग करते हुए JEE (एडवांस्ड)...

क्या दक्षिण एशियाई यूनिवर्सिटी को मिली विशेष छूट अदालत की रिट जूरिस्डिक्शन से बाहर करती है? दिल्ली हाईकोर्ट करेगा विचार
क्या दक्षिण एशियाई यूनिवर्सिटी को मिली विशेष छूट अदालत की रिट जूरिस्डिक्शन से बाहर करती है? दिल्ली हाईकोर्ट करेगा विचार

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह सवाल विचार के लिए तय किया कि दक्षिण एशियाई यूनिवर्सिटी (SAU) को South Asian University Act, 2008 की धारा 14 और संयुक्त राष्ट्र (विशेषाधिकार और उन्मुक्तियां) अधिनियम 1947 की धारा 3 तथा उसके शेड्यूल के तहत दी गई इम्यूनिटी, क्या उसे अदालतों की रिट जूरिस्डिक्शन से बाहर करती है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ लेटर पेटेंट अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी गई। उस आदेश में कहा गया कि यूनिवर्सिटी को मिली इम्यूनिटी के...

दिल्ली हाईकोर्ट: प्राइवेट स्कूलों पर भी RPwD Act के तहत दिव्यांग स्टूडेंट्स को रीज़नेबल एकॉमोडेशन देने की बाध्यता
दिल्ली हाईकोर्ट: प्राइवेट स्कूलों पर भी RPwD Act के तहत दिव्यांग स्टूडेंट्स को रीज़नेबल एकॉमोडेशन देने की बाध्यता

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि प्राइवेट स्कूल भी राइट्स ऑफ पर्सन्स विथ डिसएबिलिटीज़ एक्ट (RPwD Act), 2016 की धारा 16 के तहत बाध्य हैं और उन्हें दिव्यांग बच्चों की सीखने की कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। अदालत ने साफ किया कि समावेशी शिक्षा तभी संभव है, जब शिक्षण संस्थान दिव्यांग बच्चों को रीज़नेबल एकॉमोडेशन दें यानी उनकी ज़रूरतों के अनुरूप उचित बदलाव और सुविधाएं उपलब्ध कराएं।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की खंडपीठ ने कहा कि...

बार में 7 साल की प्रैक्टिस पूरी करने वाले न्यायिक अधिकारी जिला जज के पद पर सीधे नियुक्ति के लिए पात्र: सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की दलील [पहला दिन]
बार में 7 साल की प्रैक्टिस पूरी करने वाले न्यायिक अधिकारी जिला जज के पद पर सीधे नियुक्ति के लिए पात्र: सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की दलील [पहला दिन]

सुप्रीम कोर्ट ने आज इस मुद्दे पर संविधान पीठ की सुनवाई शुरू की कि क्या 7 साल तक बार में प्रैक्टिस कर चुके न्यायिक अधिकारी को बार कोटा के तहत जिला जज के पद पर नियुक्त किया जा सकता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस के विनोद चंद्रन की 5-जज पीठ ने इस मामले पर विचार किया।यह पीठ सीजेआई बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की 3-जज पीठ द्वारा 12 अगस्त को दिए गए आदेश के बाद गठित की गई थी, जिसमें मामले को...

सुप्रीम कोर्ट ने वकील के खिलाफ बेबुनियाद शिकायत पर सुनवाई के लिए महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने वकील के खिलाफ बेबुनियाद शिकायत पर सुनवाई के लिए महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (24 सितंबर) को एक वकील के खिलाफ बेबुनियाद शिकायत पर सुनवाई के लिए महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।यह जुर्माना उस वकील को देना होगा, जिसने कार्यवाही का सामना किया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल (BCMG) द्वारा दायर उस अपील पर दिया, जिसमें वकील के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक लगाने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई।यह मामला महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल के...

हिमालय में अस्तित्व का संकट: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से ज़ोनिंग, वनों की कटाई, खनन, निर्माण आदि पर प्रश्न पूछे
"हिमालय में अस्तित्व का संकट": सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से ज़ोनिंग, वनों की कटाई, खनन, निर्माण आदि पर प्रश्न पूछे

इस वर्ष की शुरुआत में राज्य भर में हुई अभूतपूर्व मानसूनी बारिश के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश राज्य को उसकी नाज़ुक पारिस्थितिकी और पर्यावरणीय परिस्थितियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर व्यापक और सत्यापित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।यह आदेश 23 सितंबर को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से हुई व्यापक जान-माल की तबाही के बाद न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए पारित किया गया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि राज्य और समग्र रूप से हिमालयी क्षेत्र एक "गंभीर...

सेशन जज के विरुद्ध अपने ही जज की निंदापूर्ण और अपमानजनक टिप्पणी का हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
सेशन जज के विरुद्ध अपने ही जज की "निंदापूर्ण और अपमानजनक" टिप्पणी का हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

एक दुर्लभ कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार से संबंधित ज़मानत मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट जज के विरुद्ध "निंदापूर्ण" टिप्पणी करने वाले अपने ही जज के "निंदापूर्ण" आदेश पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की।12 सितंबर के अपने आदेश में सिंगल बेंच ने ₹5 करोड़ के सरकारी धन के गबन के आरोपी सरकारी कर्मचारी के विरुद्ध कथित रूप से आरोप हटाने के लिए सेशन जज के विरुद्ध जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया। सिंगल बेंच ने टिप्पणी की कि सेशन जज ने मामले के तथ्यों पर ठीक से...

सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में देरी के कारण न्यायिक अधिकारियों के करियर में ठहराव पर चिंता जताई
सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में देरी के कारण न्यायिक अधिकारियों के करियर में ठहराव पर चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जिला जज के रूप में पदोन्नति में व्यवस्थागत देरी के कारण युवा न्यायिक अधिकारियों के करियर में ठहराव आ रहा है।पांच जजों की संविधान पीठ इस मुद्दे पर विचार कर रही थी कि क्या कोई न्यायिक अधिकारी, जिसने बार में पहले ही सात वर्ष पूरे कर लिए हैं, बार की रिक्ति पर जिला जज के रूप में नियुक्त होने का हकदार है।इस मामले पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ विचार कर...

बिल्डर-बैंक गठजोड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया
बिल्डर-बैंक गठजोड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया

जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में घर खरीदारों का शोषण करने वाले बिल्डर-बैंक गठजोड़ की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने का आदेश दिया था, उसमें आज CBI को एनसीआर के बाहर की परियोजनाओं के संबंध में आपराधिक मामले दर्ज करने की अनुमति दी गई।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने CBI को नियमित मामले दर्ज करने की अनुमति दी, क्योंकि उन्हें सूचित किया गया कि सातवीं प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है और एक संज्ञेय अपराध का खुलासा हुआ।संक्षेप...

3 साल तक केस लिस्टिंग न करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री की आलोचना की, जांच के आदेश दिए
3 साल तक केस लिस्टिंग न करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री की आलोचना की, जांच के आदेश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले को 'सेवा के तुरंत बाद' सूचीबद्ध करने के स्पष्ट न्यायिक आदेश के बावजूद, उसे सूचीबद्ध करने में तीन साल से ज़्यादा की देरी के लिए अपनी रजिस्ट्री की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को इस चूक की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर ज़िम्मेदार अधिकारी की पहचान करते हुए एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ यौन अपराध की पीड़िता द्वारा मद्रास हाईकोर्ट द्वारा आरोपी को ज़मानत देने के आदेश के विरुद्ध दायर याचिका पर...