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The Indian Contract Act में Consideration के बगैर एग्रीमेंट
प्रतिफल के बिना भी कोई करार शून्य होता है यदि किसी करार में कोई प्रतिफल नहीं है तो ऐसी स्थिति में करार शून्य हो जाता है। इसके संबंध में अधिनियम की धारा 25 में उल्लेख किया गया है परंतु इसके कुछ अपवाद दिए गए। कुछ अपवादों को छोड़कर प्रतिफल के बिना किए गए करार शून्य होते हैं।जैसे ख को किसी प्रतिफल के बिना 1000 रूपये देने का क वचन देता है यह शून्य करार है।कामता प्रसाद बनाम अपर जिला जज द्वितीय मैनपुरी एआईआर 1996 इलाहाबाद 201 के प्रकरण में यह कहा गया है कि यदि कोई करार इस प्रकार का है कि वह प्रतिफल से...
The Indian Contract Act में Lawful Consideration का महत्व
किसी भी करार में विधिपूर्ण प्रतिफल का होना नितांत आवश्यक होता है। विधिपूर्ण प्रतिफल के साथ विधिपूर्ण उद्देश भी होना चाहिए। यदि किसी करार में विधिपूर्ण उद्देश्य नहीं होता है तथा विधिपूर्ण प्रतिफल का अभाव होता है तो उस करार को शून्य करार कहा जाता है अर्थात ऐसे करार का प्रारंभ से ही कोई अस्तित्व नहीं रहता है। यदि किसी करार के सक्षम पक्षकार नहीं होते हैं और किसी करार में स्वतंत्र सहमति नहीं होती है तो इस प्रकार के करार को व्यथित पक्षकार की इच्छा पर शून्यकरणीय कोर्ट द्वारा घोषित कर दिया जाता है परंतु...
लाल किले के दो यादगार ट्रायल - बहादुर शाह ज़फ़र से लेकर आज़ाद हिन्द फौज तक
15 अगस्त 1947 को लाल किले के लाहौरी गेट पर तिरंगा फहराया गया था और तब से हर साल, 17वीं सदी का यह स्मारक स्वतंत्रता दिवस समारोहों का स्थल रहा है। लाल किला - जो कभी देशी संप्रभुता का प्रतीक था, भारत की स्वतंत्रता की ओर बढ़ते कदम का ऐतिहासिक प्रतीक है। दिलचस्प बात यह है कि किले का दीवान-ए-ख़ास और दूसरी मंज़िल पर स्थित एक साधारण-सा शयनगृह भी उपनिवेशवादियों द्वारा दो यादगार विजेताओं के ट्रायल के लिए अदालत कक्ष के रूप में चुने गए थे - 1858 में मुग़ल सम्राट बहादुर शाह ज़फ़र का और 1945 में आज़ाद हिन्द...
AMU कुलपति के रूप में प्रोफ़ेसर नईमा खातून की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा: 'पति का अपनी पत्नी के नाम के चयन वाली बैठक में शामिल होना संदेह पैदा करता है'
सुप्रीम कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की पहली महिला कुलपति के रूप में प्रोफ़ेसर नईमा खातून की नियुक्ति पर मौखिक रूप से सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि उनके पति प्रोफ़ेसर मोहम्मद गुलरेज़ उस कार्यकारी परिषद की बैठक में शामिल थे जिसने पैनल के लिए उनका नाम चुना था। बता दें, प्रोफे़सर मोहम्मद गुलरेज़ उस समय यूनिवर्सिटी केकार्यवाहक कुलपति थे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ प्रोफ़ेसर मुज़फ़्फ़र उरुज रब्बानी और प्रोफ़ेसर फ़ैज़ान...
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में 105 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के खिलाफ AAP सांसद संजय सिंह की याचिका पर विचार करने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 105 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को वापस ले लिया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने रिट याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि मामला पहले से ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित है।16 जून के एक फैसले और उसके बाद 24 जून के आदेश के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे 105 विद्यालयों को बंद करने की घोषणा की। कथित तौर पर यह फैसला तब लिया गया, जब...
सांसद मोहनभाई डेलकर की आत्महत्या के मामले में दादरा एवं नगर हवेली के प्रशासक और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का फैसला बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा, जिसमें 2021 में सांसद मोहनभाई डेलकर की मौत से संबंधित आत्महत्या के लिए उकसाने और जबरन वसूली के आरोपों वाली FIR रद्द कर दी गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन तथा जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने फैसला सुनाया और कहा:"हाईकोर्ट के आदेश ने (विशेष अनुमति याचिका) की पुष्टि की और उसे खारिज कर दिया।"बेंच ने 4 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने दिवंगत सांसद के बेटे द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने...
राजस्थान हाईकोर्ट ने मृतक की पत्नी की आपत्ति के बावजूद विधवा उम्मीदवारों के लिए आयोजित परीक्षा में महिला को बैठने की अनुमति दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक पुरुष की विधवा होने का दावा कर रही एक महिला को अनुसूचित जनजाति (विधवा) श्रेणी के अंतर्गत प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा कोर्ट पूरा करने की अनुमति दी, जबकि मृतक की पत्नी ने उसकी "विधवा" स्थिति को चुनौती दी थी।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि याचिकाकर्ता की मृतक की "विधवा" या "तलाकशुदा पत्नी" के रूप में स्थिति पर न्यायालय निर्णय नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक विवादित तथ्यात्मक प्रश्न है। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि चूंकि उसे एक अंतरिम आदेश के आधार पर कोर्स जारी रखने की अनुमति...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने राज्य चिह्न के दुरुपयोग पर चिंता जताई, नागरिकों और अधिकारियों से जागरूकता का आह्वान किया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह भारत के राज्य चिह्न (अनुचित प्रयोग निषेध) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के व्यापक दुरुपयोग और उल्लंघन पर गंभीर चिंता व्यक्त की और नागरिकों और सरकारी अधिकारियों, दोनों के बीच इसके उचित उपयोग के बारे में अधिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।चीफ जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस मुरारी श्री रमन की खंडपीठ 'अलोन ट्रस्ट' द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिसका प्रतिनिधित्व इसके प्रबंध न्यासी, दंड संतोष कुमार कर रहे थे।याचिका में भारत के राज्य चिह्न के दुरुपयोग...
हड़तालों के कारण 102 सुनवाइयों में 68 बार स्थगन से राजस्व मामला ठप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को 'आश्चर्यचकित' करते हुए तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह रुदौली (अयोध्या) तहसील के राजस्व मामले में बार-बार स्थगन पर गहरी चिंता व्यक्त की, जहां 102 सुनवाइयों में से 68 स्थानीय बार एसोसिएशन की हड़ताल या शोक संवेदना के कारण स्थगित कर दी गईं।जस्टिस आलोक माथुर की पीठ ने रुदौली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर नियमित आधार पर बहिष्कार के आह्वान के बारे में स्पष्टीकरण देने और यह बताने का निर्देश दिया कि उनके आचरण के प्रत्यक्ष परिणाम स्वरूप "ऐसी दयनीय स्थिति पैदा करने" के लिए उनके विरुद्ध...
अवैध प्रवासियों और धार्मिक कट्टरवाद के बारे में चिंता जताने वाले पत्रकार पर सिर्फ़ दुश्मनी बढ़ाने का अपराध नहीं बनता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अवैध प्रवासियों, धार्मिक कट्टरवाद, आतंकवादी गतिविधियों और मूल निवासियों के लिए जनसांख्यिकीय खतरों के बारे में चिंता जताने वाले पत्रकार को अपने आप में समूहों के बीच दुश्मनी पैदा करने या हिंसा भड़काने का प्रयास नहीं माना जा सकता।पत्रकारिता का मूल कर्तव्य समाज से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाना है, इस पर ज़ोर देते हुए जस्टिस प्रांजल दास की पीठ ने 'दैनिक जन्मभूमि' के पत्रकार कोंगकोन बोरठाकुर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153-ए [विभिन्न समूहों के बीच...
प्रथम दृष्टया, उम्मीदवारों की संपत्ति सत्यापन रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए ECI ज़िम्मेदार: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया, भारतीय चुनाव आयोग (ECI) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) से प्राप्त चुनावी उम्मीदवारों की संपत्ति प्रकटीकरण की सत्यापन रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए ज़िम्मेदार वैधानिक निकाय प्रतीत होता है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने लोक प्रहरी बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फरवरी 2018 के फैसले के कार्यान्वयन के संबंध में लोक प्रहरी द्वारा अपने महासचिव एसएन शुक्ला (रिटायर आईएएस) के माध्यम से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह...
'लापरवाही' तरीके से पैरोल देने से इनकार करने पर जेल महानिरीक्षक पर लगा ₹10,000 का जुर्माना
मनमाने प्रशासनिक कार्यों की कड़ी आलोचना करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बिना उचित विचार-विमर्श के पैरोल आवेदन खारिज करने पर जेल महानिरीक्षक पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया।जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस सुभाष मेहला की खंडपीठ ने कहा,"भागलपुर के डीएम ने आईजी को...सीपीओ की रिपोर्ट भेजकर याचिकाकर्ता को पैरोल देने की अनुकूल सिफारिश की थी। हालांकि, आईजी द्वारा पारित विवादित आदेश के अवलोकन से पता चलता है कि आईजी ने भागलपुर के डीएम की रिपोर्ट पर "आधार" देकर याचिकाकर्ता की पैरोल की प्रार्थना खारिज कर...
आयुक्त का आदेश अंतिम हो जाने के बाद विकास प्राधिकरण मानचित्र की स्वीकृति को अस्वीकार नहीं कर सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अपील में आयुक्त का आदेश अंतिम हो जाने के बाद विकास प्राधिकरण बाद के मास्टर प्लान के आधार पर मानचित्र की स्वीकृति को अस्वीकार नहीं कर सकता, जो आयुक्त के आदेश के विपरीत हो सकता है।गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के खिलाफ डेवलपर की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस प्रकाश पाडिया ने कहा,“अपील में आयुक्त द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में विकास प्राधिकरण यह विचार करने के लिए बाध्य है कि दिनांक 28.11.2006 के पत्र द्वारा अपेक्षित औपचारिकताएं पूरी की गईं या नहीं और यदि...
चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कोल्हापुर में बॉम्बे हाईकोर्ट की नई सर्किट बेंच का उद्घाटन किया
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) भूषण गवई ने रविवार को पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बॉम्बे हाईकोर्ट की नई और पांचवीं बेंच का उद्घाटन किया।गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट की वर्तमान में एक बेंच मुंबई में है - जो इसका मुख्य न्यायालय है। इसके अलावा, नागपुर तथा औरंगाबाद में दो अलग-अलग बेंच हैं। हाईकोर्ट की एक अन्य बेंच गोवा में है। अब कोल्हापुर पांचवीं बेंच है।यह भी बताना अनुचित नहीं होगा कि पिछले 20 से अधिक वर्षों से वादियों और वकीलों का बोझ कम करने के लिए कोल्हापुर में एक बेंच की मांग की जा रही...
WB Premises Tenancy Act | धारा 7 के तहत यदि स्वीकृत किराया समय पर जमा नहीं किया जाता तो किरायेदार बेदखली से सुरक्षित नहीं: सुप्रीम कोर्ट
पश्चिम बंगाल परिसर किरायेदारी अधिनियम, 1997 (WBPT Act) की व्याख्या करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि एक बार किरायेदार को बेदखली का समन जारी होने के बाद लागू ब्याज सहित बकाया किराया जमा करने की वैधानिक 30-दिन की अवधि अनिवार्य है और इसे परिसीमा अधिनियम की धारा 5 का हवाला देकर बढ़ाया नहीं जा सकता।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार की खंडपीठ ने एक ऐसे मामले पर विचार किया, जिसमें अपीलकर्ता-किरायेदार वैधानिक 30-दिन की अवधि के भीतर स्वीकृत किराया जमा करने में विफल रहा और...
मध्यस्थता के लिए सहमति देने वाले पक्षों को मध्यस्थता न होने के आधार पर पंचाट का विरोध करने से रोका गया: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि ट्रस्टों से संबंधित विवादों में जब कोई पक्ष स्वेच्छा से मध्यस्थता के लिए प्रस्तुत होता है और सहमति डिक्री स्वीकार कर लेता है तो एस्टोपल का सिद्धांत लागू होता है। इससे उस पक्ष के लिए बाद में इस आधार पर डिक्री को चुनौती देना अनुचित हो जाता है कि ऐसे विवाद मध्यस्थता-योग्य नहीं हैं।जस्टिस ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल ट्रस्ट के न्यासियों के बीच उत्पन्न विवाद की सुनवाई की। प्रतिवादियों ने शुरू में स्थायी...
मिलिट्री ट्रेनिंग के दौरान दिव्यांग हुए कैडेटों की समस्याओं का सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
सैन्य प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग हुए कैडेटों की समस्याओं का सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ "सैन्य प्रशिक्षण के दौरान विकलांग हुए कैडेटों के संघर्ष" शीर्षक से स्वतः संज्ञान लिए गए मामले की सुनवाई करेगी।यह कदम 12 अगस्त को मीडिया रिपोर्ट के बाद उठाया गया, जिनमें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी जैसे प्रमुख संस्थानों में दिव्यांगता के बाद मेडिकल लीव से छुट्टी पाए कैडेटों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला गया। चूंकि उनकी चोटें कमीशनिंग...
The Indian Contract Act की धारा 18 और 20 के प्रावधान
भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 18 के अंतर्गत दुर्व्यपदेशन को परिभाषित किया गया है। किसी भी सहमति के स्वतंत्र सहमति होने के लिए उसमे दुर्व्यपदेशन नहीं होना चाहिए इसे सुझाव मात्र के रूप में नहीं होना चाहिए। इसे उन परिस्थितियों के अधीन होना चाहिए जहां बोलने का कर्तव्य हो।दुर्व्यपदेशन के अंतर्गत वह पक्ष शामिल है जो उस व्यक्ति की जिसे वह करता है उसकी जानकारी से समर्थित न हो। यदि वह व्यक्ति उसकी सत्यता में विश्वास करता है हालांकि कपट एवं दुर्व्यपदेशन इन दोनों में मिथ्या कथन के परिणामस्वरुप संविदा के...
The Indian Contract Act में कपट के बगैर ही सहमति फ्री मानी जाती है?
अधिनियम की धारा 14 के अंतर्गत स्वतंत्र सहमति की परिभाषा प्रस्तुत की गई है जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि सहमति कब फ्री मानी जाएगी। इस धारा में यह भी उल्लेख है कि किसी भी सहमति में कपट नहीं होना चाहिए। यदि किसी सहमति में कपट नहीं है तब ऐसी परिस्थिति में ही सहमति स्वतंत्र सहमति होती है।किसी भी व्यक्ति द्वारा जब जानबूझकर दुर्व्यपदेशन किया जाता है यह कपट हो जाता है। भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत धारा 17 में कपट की परिभाषा प्रस्तुत की गई है। इस परिभाषा के अंतर्गत मिथ्या कथन जिसका सत्य होने के रूप...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (11 अगस्त, 2025 से 15 अगस्त, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार की ज़मानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत के विरुद्ध अपीलों से संबंधित सिद्धांतों का सारांश प्रस्तुत कियाबुधवार (13 अगस्त) को सागर धनखड़ हत्याकांड में ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार की ज़मानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत के विरुद्ध अपील के संबंध में सिद्धांत...




















