चुनाव लोकतंत्र की जान हैं, निष्पक्ष और पारदर्शी होने चाहिए, हर वोट की अहमियत है: उत्तराखंड हाईकोर्ट

Praveen Mishra

16 Aug 2025 4:22 PM IST

  • चुनाव लोकतंत्र की जान हैं, निष्पक्ष और पारदर्शी होने चाहिए, हर वोट की अहमियत है: उत्तराखंड हाईकोर्ट

    उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि चुनाव लोकतंत्र की जीवनरेखा हैं और चूँकि हर वोट मायने रखता है, इसलिए चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाने चाहिए।

    जस्टिस रवीन्द्र मैथानी की पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब वह पुष्पा नेगी द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। नेगी ने यह याचिका इस मांग के साथ दाखिल की थी कि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष के आगामी चुनाव को पारदर्शी ढंग से कराए जाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएँ।

    नेगी ने अदालत को बताया कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर आशंका है और इसी कारण उन्होंने 6 अगस्त 2025 को राज्य चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त को एक विस्तृत अभ्यावेदन भी दिया था। उन्होंने हाईकोर्ट से प्रार्थना की कि आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएँ।

    राज्य की ओर से और राज्य चुनाव आयोग की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को आश्वस्त किया कि चुनाव वास्तव में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराए जाएँगे।

    इन बयानों को दर्ज करते हुए अदालत ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं और हर एक वोट का महत्व है। अदालत ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि चुनाव लोकतंत्र की जीवनरेखा हैं। हर वोट मायने रखता है। चुनाव निश्चित रूप से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाने चाहिए।”

    हालाँकि, राज्य और चुनाव आयोग दोनों की ओर से दिए गए स्पष्ट आश्वासन को देखते हुए अदालत ने कहा कि अब किसी अन्य दिशा-निर्देश की आवश्यकता नहीं है।

    नतीजतन, याचिका का निपटारा किया गया।

    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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