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CAT ने 2021 आर्यन खान ड्रग्स मामले में कथित चूक के लिए समीर वानखेड़े के खिलाफ विभागीय जांच पर रोक लगाई
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े को अस्थायी राहत देते हुए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने बुधवार (27 अगस्त) को 2021 आर्यन खान ड्रग्स मामले की जांच में कथित चूक के लिए उनके खिलाफ शुरू की गई विभागीय जांच पर अंतरिम रोक लगा दी।CAT की प्रधान पीठ (नई दिल्ली), जिसमें अध्यक्ष जस्टिस रंजीत मोरे और प्रशासनिक सदस्य राजिंदर कश्यप शामिल थे, उन्होंने कहा कि उक्त मामले में वानखेड़े की जांच से संबंधित मामला पहले से ही बॉम्बे हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जिसने...
मतदाता सूची में नए व्यक्तियों के नाम जोड़े जाने के प्रावधान
Representation of the People Act, 1950 की धारा 23 विशेष रूप से मतदाता सूचियों में नामों को शामिल करने से संबंधित है, जो मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करती है। यह धारा उन व्यक्तियों को अनुमति देती है जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे पंजीकरण अधिकारी से नाम जोड़ने का आवेदन कर सकते हैं। धारा 23 का महत्व इसलिए है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि योग्य मतदाता चुनाव में भाग ले सकें, लेकिन नामांकन की अंतिम तिथि के बाद कोई बदलाव न हो, जो चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखता है।लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950...
चुनावी मतदाता सूची में अमेंडमेंट करने का कानून
Representation of the People Act, 1950) का मुख्य उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण, मतदाता सूचियों की तैयारी और चुनावों का संचालन सुनिश्चित करना है। अधिनियम की विभिन्न धाराएं मतदाता पंजीकरण, नामांकन, चुनावी अपराध और अन्य संबंधित मुद्दों को कवर करती हैं। इस एक्ट की धारा 22 मतदाता पंजीकरण अधिकारी को मतदाता सूची में गलतियों को सुधारने, नामों को स्थानांतरित करने या हटाने की शक्ति प्रदान करती है। यह धारा लोकतंत्र की शुद्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती...
'पीड़िता के नाबालिग होने के ठोस सबूत नहीं': छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भतीजी से दुष्कर्म के दोषी की सजा कम की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को दोषी ठहराने के आदेश में बदलाव किया है, जिस पर भतीजी के साथ जबरन यौन संबंध बनाने का आरोप है, जिसने अपने पिता द्वारा यौन उत्पीड़न के बाद शरण ली थी, इस आधार पर कि उसके अल्पसंख्यक होने का दावा करने के लिए रिकॉर्ड पर कोई ठोस या कानूनी रूप से स्वीकार्य सबूत उपलब्ध नहीं है।IPC की धारा 376 (3) से सजा को संशोधित करते हुए, जो सोलह वर्ष से कम उम्र की महिला पर बलात्कार की सजा को धारा 376 (2) (f) आईपीसी (रिश्तेदार द्वारा बलात्कार) के साथ-साथ आजीवन कारावास से 10 साल की सजा...
ट्रेडमार्क्स एक्ट की धारा 35: संरक्षण पाने के लिए पूरा नाम लिखना ज़रूरी नहीं – दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 की धारा 35 का लाभ, जो प्रतिवादियों द्वारा उसके नाम को ट्रेडमार्क के रूप में उपयोग करने के खिलाफ दी जा रही किसी भी निषेधाज्ञा को प्रतिबंधित करता है, प्रतिवादी द्वारा पूरे नाम के उपयोग तक ही सीमित नहीं है।जस्टिस सी. हरिशंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा, "धारा 35 ऐसी कोई सीमा नहीं लगाती है। अदालत वसुंधरा ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रेडमार्क "वसुंधरा" पर वसुंधरा फैशन ज्वैलरी एलएलपी...
हिंदू विवाह केवल रजिस्टर्ड न होने से अमान्य नहीं हो जाता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह केवल रजिस्टर्ड न होने से अमान्य नहीं हो जाता। इसलिए फैमिली कोर्ट आपसी तलाक याचिका में विवाह रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने पर ज़ोर नहीं दे सकती।न्यायालय ने आगे कहा कि यद्यपि राज्य सरकारों को ऐसे विवाहों के रजिस्ट्रेशन के लिए नियम बनाने का अधिकार है, उनका उद्देश्य केवल 'विवाह का सुविधाजनक साक्ष्य' प्रस्तुत करना है। इस आवश्यकता का उल्लंघन हिंदू विवाह की वैधता को प्रभावित नहीं करता है।जस्टिस मनीष कुमार निगम की पीठ ने यह टिप्पणी याचिकाकर्ता (सुनील दुबे)...
वकीलों के विरोध के बाद पुलिस अधिकारियों के साक्ष्य संबंधी अधिसूचना पर रोक, बार प्रतिनिधियों से मिलेंगे गृह मंत्री
दिल्ली पुलिस ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi LG) द्वारा 13 अगस्त, 2025 को जारी अधिसूचना सभी हितधारकों की सुनवाई के बाद ही लागू की जाएगी। बता दें, उक्त अधिसूचना में दिल्ली के सभी पुलिस थानों को पुलिसकर्मियों के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालतों में गवाही देने के स्थान के रूप में नामित किया गया था।दिल्ली पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्री इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बार के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।दिल्ली पुलिस के बयान में कहा...
क्या Section 37 Appeal में अदालत Arbitral Award की स्वतंत्र समीक्षा कर सकती है या केवल Section 34 तक सीमित है?
सुप्रीम कोर्ट ने Bombay Slum Redevelopment Corporation Pvt. Ltd. v. Samir Narain Bhojwani (2024 INSC 478) में एक अहम प्रश्न पर विचार किया: क्या Section 37 of the Arbitration and Conciliation Act, 1996 के तहत अपील सुनने वाला Appellate Court किसी मामले को वापस (Remand) Section 34 Court को भेज सकता है?यह मुद्दा इस बात से जुड़ा है कि Arbitration प्रक्रिया (Arbitration Process) में अदालतों की भूमिका कितनी सीमित है और अपीलीय अदालत (Appellate Court) किस सीमा तक दखल दे सकती है। इस केस में सुप्रीम...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 64 और धारा 65: नियम बनाने की शक्ति और कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति
यह लेख भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की दो महत्वपूर्ण धाराओं, धारा 64 (Section 64) और धारा 65 (Section 65) की विस्तृत व्याख्या करता है। ये धाराएं सुनिश्चित करती हैं कि यह अधिनियम प्रभावी ढंग से लागू हो सके और भारत की व्यापक कानूनी प्रणाली (legal system) के साथ सहजता से एकीकृत (integrated) हो सके।धारा 64 "नियम बनाने की शक्ति" (Power to make regulations) प्रदान करती है, जो भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India - CCI) के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र (mechanism) है, जबकि धारा 65...
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 21 से 25 : वन्यजीव अभयारण्यों के लिए भूमि और अधिकारों का अधिग्रहण
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) भारत में वन्यजीव अभयारण्यों की घोषणा और प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट और व्यवस्थित प्रक्रिया स्थापित करता है। इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उन व्यक्तियों और समुदायों से अधिकारों और भूमि का अधिग्रहण (acquisition of rights and land) करना है, जिनका प्रस्तावित अभयारण्य की सीमाओं के भीतर दावा हो सकता है।अधिनियम की धाराएँ, विशेष रूप से धारा 21 से 25, एक विस्तृत रूपरेखा प्रदान करती हैं कि कैसे सरकार, एक नामित कलेक्टर (Collector) के माध्यम...
जल अधिनियम की धारा 23 और 24 : प्रवेश और निरीक्षण की शक्ति तथा प्रदूषित पदार्थ डालने पर रोक
भारत का जल (Prevention and Control of Pollution) अधिनियम, 1974 एक महत्त्वपूर्ण पर्यावरणीय कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य जल प्रदूषण को रोकना और जल को शुद्ध तथा सुरक्षित बनाए रखना है। इस अधिनियम की धारा 23 और 24 बहुत अहम हैं। धारा 23 अधिकारियों को किसी स्थान में प्रवेश और निरीक्षण (Inspection) की शक्ति देती है, जबकि धारा 24 जल स्रोतों (streams, wells, land, sewer) में प्रदूषित पदार्थ डालने पर स्पष्ट रोक लगाती है। ये दोनों धाराएँ मिलकर कानून के Prevention (रोकथाम) और Enforcement (प्रवर्तन/पालन...
कॉलेजियम की कार्यवाही पर उठे सवाल, न्यायिक स्वतंत्रता बचाने के दावे पर संदेह
हाल की घटनाएँ दिखाती हैं कि चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम गौरवपूर्ण स्थिति में नहीं है। जस्टिस विपुल पंचोली को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने के प्रस्ताव पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, खासकर तब जब खबरों के अनुसार जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताई।रिपोर्टों के मुताबिक, जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि जस्टिस पंचोली की नियुक्ति “न्याय के लिए हानिकारक” होगी। सीनियरिटी के हिसाब से देखें तो जस्टिस पंचोली अक्टूबर 2031 से मई 2033 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने...
जबलपुर एयर कनेक्टिविटी की कमी से वकीलों को हाईकोर्ट बेंचों और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने में दिक्कत: लॉ स्टूडेंट ने हाईकोर्ट को बताया
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका में गुरुवार (28 अगस्त) को एक अंतिम वर्ष के विधि छात्र की हस्तक्षेप याचिका स्वीकार की गई, जिसमें जबलपुर से इंदौर और ग्वालियर स्थित हाईकोर्ट की बेंचों तथा दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट तक सीमित हवाई संपर्क के कारण वकीलों और वादकारियों को हो रही कठिनाइयों को उजागर किया गया।याचिकाकर्ता स्टूडेंट पार्थ श्रीवास्तव ने दलील दी कि जबलपुर मुख्य पीठ और उसकी इंदौर व ग्वालियर बेंचों के बीच पर्याप्त हवाई संपर्क नहीं है।इस पर सीनियर एडवोकेट आदित्य सांघी ने...
सीमा पार तस्करी में वृद्धि: P&H हाईकोर्ट ने विदेशी नागरिकों से जुड़े NDPS मामलों में विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय का आह्वान किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सिफारिश की है कि जांच एजेंसियां, मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत बड़ी मात्रा में मादक द्रव्य रखने के मामले में आरोपी विदेशी नागरिकों के खिलाफ अपने निष्कर्षों का सार विदेश मंत्रालय के साथ साझा करें। पीठ ने कहा कि,"एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत न्यायालय के पास लगातार बढ़ते मामले हैं, और इन दिनों, भारतीय मादक द्रव्य माफिया द्वारा पाकिस्तान की सीमा से हेरोइन की तस्करी का चलन भी बढ़ रहा है।"अदालत ने आगे कहा,"आज, दुनिया के सबसे उन्नत देशों के...
पुलिस ने रोका – आपके अधिकार क्या हैं?
पुलिस ने रोका – आपके अधिकार क्या हैं? (चेकिंग, तलाशी और ट्रैफिक नियम) हम सबके साथ कभी न कभी ऐसा हुआ है कि पुलिस ने रास्ते में रोक लिया हो – कभी ट्रैफिक चेकिंग के नाम पर, तो कभी तलाशी (search) के लिए। लेकिन सवाल ये है कि ऐसे हालात में आपके अधिकार क्या हैं? और पुलिस आपको कहाँ तक रोक सकती है? 1. ट्रैफिक चेकिंग के दौरान आपके अधिकार ड्राइविंग डॉक्यूमेंट्स – मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत, आपसे केवल 4 ज़रूरी डॉक्यूमेंट मांगे जा सकते हैं: (i) ड्राइविंग लाइसेंस (ii) RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) ...
S.10 CCA के तहत S.34 याचिका के साथ आवेदन दायर करना S.34 A&C एक्ट की आवश्यकताओं को पूरा करता है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने कहा है कि यदि वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम ("सीसीए") की धारा 10 के अंतर्गत दायर आवेदन में शीर्षक में मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम ("एसीए") की धारा 34 का उल्लेख नहीं है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि उस आवेदन को धारा 34, एसीए के अंतर्गत आवेदन नहीं माना जा सकता। धारा 10, सीसीए के अंतर्गत आवेदन दायर करना और धारा 34 की याचिका को संलग्न करना धारा 34 की आवश्यकताओं को पूरा करता है और ऐसा आवेदन कानून की दृष्टि से...
कर्नाटक हाईकोर्ट 30 अगस्त को 'ऑनलाइन मनी गेम्स' पर प्रतिबंध लगाने वाले केंद्र के नए कानून के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा
कर्नाटक हाईकोर्ट शनिवार (30 अगस्त) को ऑनलाइन गेमिंग कंपनी हेड डिजिटल वर्क्स, जो 'ए23 रम्मी' का संचालन करती है, की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें ऑनलाइन गेमिंग प्रचार एवं विनियमन अधिनियम 2025 को चुनौती दी गई है। यह अधिनियम 'ऑनलाइन मनी गेम्स' और बैंक सेवाओं व उससे संबंधित विज्ञापनों की पेशकश पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करता है। यह याचिका गुरुवार (28 अगस्त) को जस्टिस बी एम श्याम प्रसाद की पीठ के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई 30 अगस्त को होगी।उल्लेखनीय है कि यह नया...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने सहकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 58 से 60 वर्ष करने की याचिका खारिज की
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों की सेवा से निवृत्ति की आयु 58 वर्ष ही रहेगी, जैसा कि एसआरओ 233 ऑफ 1988 में निर्धारित है। अदालत ने कहा कि केवल विभागीय प्रस्तावों, ड्राफ्ट संशोधनों या सिफारिशों के आधार पर इस आयु को 60 वर्ष तक नहीं बढ़ाया जा सकता।जस्टिस सिंधु शर्मा और जस्टिस शहज़ाद अज़ीम की खंडपीठ ने दो सहकारी कर्मचारियों की अपीलों को खारिज करते हुए कहा,"जब तक एसआरओ 233 ऑफ 1988 प्रभावी है, सहकारी समितियों के कर्मचारियों की सेवा शर्तें किसी भी...
डेरा सच्चा सौदा आश्रम में मां की गैरकानूनी हिरासत में फंसी नाबालिग बेटी को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश, PGIMER से काउंसलिंग कराने के निर्देश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की को लेकर अहम आदेश पारित किया। अदालत ने निर्देश दिया कि जिस बच्ची को उसकी मां ने सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में कथित तौर पर गैरकानूनी हिरासत में रखा है उसका तत्काल काउंसलिंग PGIMER चंडीगढ़ से कराया जाए।जस्टिस सुभाष मेहला ने कहा,"अभिरक्षा संबंधी मुद्दे पर नाबालिग बच्ची की काउंसलिंग कराई जाए। इसके लिए काउंसलिंग शेड्यूल तय कर दोनों पक्षों के वकीलों को सूचित किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च याचिकाकर्ता वहन करेगा।"यह आदेश गोवा निवासी पिता द्वारा...
GST डिपार्टमेंट तीसरे पक्ष द्वारा GSTIN के दुरुपयोग की जांच नहीं कर सकता, यह अधिकार आर्थिक अपराध शाखा के पास: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यापारी के जीएसटी पहचान संख्या के किसी तीसरे पक्ष द्वारा दुरुपयोग के आरोपों की जांच जीएसटी विभाग द्वारा नहीं की जा सकती। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और शैल जैन की खंडपीठ ने कहा,“सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132 में कुछ अपराधों का प्रावधान है जिनका जीएसटी विभाग संज्ञान ले सकता है। हालांकि, यहां आरोप यह है कि याचिकाकर्ता के जीएसटी नंबर का दुरुपयोग किसी अज्ञात तीसरे पक्ष द्वारा किया गया है। इस न्यायालय की राय में, ऐसी परिस्थितियों में जहां याचिकाकर्ता का...




















