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CAT ने 2021 आर्यन खान ड्रग्स मामले में कथित चूक के लिए समीर वानखेड़े के खिलाफ विभागीय जांच पर रोक लगाई
CAT ने 2021 आर्यन खान ड्रग्स मामले में कथित चूक के लिए समीर वानखेड़े के खिलाफ विभागीय जांच पर रोक लगाई

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े को अस्थायी राहत देते हुए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने बुधवार (27 अगस्त) को 2021 आर्यन खान ड्रग्स मामले की जांच में कथित चूक के लिए उनके खिलाफ शुरू की गई विभागीय जांच पर अंतरिम रोक लगा दी।CAT की प्रधान पीठ (नई दिल्ली), जिसमें अध्यक्ष जस्टिस रंजीत मोरे और प्रशासनिक सदस्य राजिंदर कश्यप शामिल थे, उन्होंने कहा कि उक्त मामले में वानखेड़े की जांच से संबंधित मामला पहले से ही बॉम्बे हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जिसने...

पीड़िता के नाबालिग होने के ठोस सबूत नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भतीजी से दुष्कर्म के दोषी की सजा कम की
'पीड़िता के नाबालिग होने के ठोस सबूत नहीं': छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भतीजी से दुष्कर्म के दोषी की सजा कम की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को दोषी ठहराने के आदेश में बदलाव किया है, जिस पर भतीजी के साथ जबरन यौन संबंध बनाने का आरोप है, जिसने अपने पिता द्वारा यौन उत्पीड़न के बाद शरण ली थी, इस आधार पर कि उसके अल्पसंख्यक होने का दावा करने के लिए रिकॉर्ड पर कोई ठोस या कानूनी रूप से स्वीकार्य सबूत उपलब्ध नहीं है।IPC की धारा 376 (3) से सजा को संशोधित करते हुए, जो सोलह वर्ष से कम उम्र की महिला पर बलात्कार की सजा को धारा 376 (2) (f) आईपीसी (रिश्तेदार द्वारा बलात्कार) के साथ-साथ आजीवन कारावास से 10 साल की सजा...

ट्रेडमार्क्स एक्ट की धारा 35: संरक्षण पाने के लिए पूरा नाम लिखना ज़रूरी नहीं – दिल्ली हाईकोर्ट
ट्रेडमार्क्स एक्ट की धारा 35: संरक्षण पाने के लिए पूरा नाम लिखना ज़रूरी नहीं – दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 की धारा 35 का लाभ, जो प्रतिवादियों द्वारा उसके नाम को ट्रेडमार्क के रूप में उपयोग करने के खिलाफ दी जा रही किसी भी निषेधाज्ञा को प्रतिबंधित करता है, प्रतिवादी द्वारा पूरे नाम के उपयोग तक ही सीमित नहीं है।जस्टिस सी. हरिशंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा, "धारा 35 ऐसी कोई सीमा नहीं लगाती है। अदालत वसुंधरा ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रेडमार्क "वसुंधरा" पर वसुंधरा फैशन ज्वैलरी एलएलपी...

हिंदू विवाह केवल रजिस्टर्ड न होने से अमान्य नहीं हो जाता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हिंदू विवाह केवल रजिस्टर्ड न होने से अमान्य नहीं हो जाता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह केवल रजिस्टर्ड न होने से अमान्य नहीं हो जाता। इसलिए फैमिली कोर्ट आपसी तलाक याचिका में विवाह रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने पर ज़ोर नहीं दे सकती।न्यायालय ने आगे कहा कि यद्यपि राज्य सरकारों को ऐसे विवाहों के रजिस्ट्रेशन के लिए नियम बनाने का अधिकार है, उनका उद्देश्य केवल 'विवाह का सुविधाजनक साक्ष्य' प्रस्तुत करना है। इस आवश्यकता का उल्लंघन हिंदू विवाह की वैधता को प्रभावित नहीं करता है।जस्टिस मनीष कुमार निगम की पीठ ने यह टिप्पणी याचिकाकर्ता (सुनील दुबे)...

वकीलों के विरोध के बाद पुलिस अधिकारियों के साक्ष्य संबंधी अधिसूचना पर रोक, बार प्रतिनिधियों से मिलेंगे गृह मंत्री
वकीलों के विरोध के बाद पुलिस अधिकारियों के साक्ष्य संबंधी अधिसूचना पर रोक, बार प्रतिनिधियों से मिलेंगे गृह मंत्री

दिल्ली पुलिस ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi LG) द्वारा 13 अगस्त, 2025 को जारी अधिसूचना सभी हितधारकों की सुनवाई के बाद ही लागू की जाएगी। बता दें, उक्त अधिसूचना में दिल्ली के सभी पुलिस थानों को पुलिसकर्मियों के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालतों में गवाही देने के स्थान के रूप में नामित किया गया था।दिल्ली पुलिस द्वारा जारी बयान में कहा गया कि केंद्रीय गृह मंत्री इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बार के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।दिल्ली पुलिस के बयान में कहा...

कॉलेजियम की कार्यवाही पर उठे सवाल, न्यायिक स्वतंत्रता बचाने के दावे पर संदेह
कॉलेजियम की कार्यवाही पर उठे सवाल, न्यायिक स्वतंत्रता बचाने के दावे पर संदेह

हाल की घटनाएँ दिखाती हैं कि चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम गौरवपूर्ण स्थिति में नहीं है। जस्टिस विपुल पंचोली को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने के प्रस्ताव पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, खासकर तब जब खबरों के अनुसार जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताई।रिपोर्टों के मुताबिक, जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि जस्टिस पंचोली की नियुक्ति “न्याय के लिए हानिकारक” होगी। सीनियरिटी के हिसाब से देखें तो जस्टिस पंचोली अक्टूबर 2031 से मई 2033 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने...

जबलपुर एयर कनेक्टिविटी की कमी से वकीलों को हाईकोर्ट बेंचों और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने में दिक्कत: लॉ स्टूडेंट ने हाईकोर्ट को बताया
जबलपुर एयर कनेक्टिविटी की कमी से वकीलों को हाईकोर्ट बेंचों और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने में दिक्कत: लॉ स्टूडेंट ने हाईकोर्ट को बताया

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका में गुरुवार (28 अगस्त) को एक अंतिम वर्ष के विधि छात्र की हस्तक्षेप याचिका स्वीकार की गई, जिसमें जबलपुर से इंदौर और ग्वालियर स्थित हाईकोर्ट की बेंचों तथा दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट तक सीमित हवाई संपर्क के कारण वकीलों और वादकारियों को हो रही कठिनाइयों को उजागर किया गया।याचिकाकर्ता स्टूडेंट पार्थ श्रीवास्तव ने दलील दी कि जबलपुर मुख्य पीठ और उसकी इंदौर व ग्वालियर बेंचों के बीच पर्याप्त हवाई संपर्क नहीं है।इस पर सीनियर एडवोकेट आदित्य सांघी ने...

सीमा पार तस्करी में वृद्धि: P&H हाईकोर्ट ने विदेशी नागरिकों से जुड़े NDPS मामलों में विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय का आह्वान किया
सीमा पार तस्करी में वृद्धि: P&H हाईकोर्ट ने विदेशी नागरिकों से जुड़े NDPS मामलों में विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय का आह्वान किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सिफारिश की है कि जांच एजेंसियां, मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत बड़ी मात्रा में मादक द्रव्य रखने के मामले में आरोपी विदेशी नागरिकों के खिलाफ अपने निष्कर्षों का सार विदेश मंत्रालय के साथ साझा करें। पीठ ने कहा कि,"एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत न्यायालय के पास लगातार बढ़ते मामले हैं, और इन दिनों, भारतीय मादक द्रव्य माफिया द्वारा पाकिस्तान की सीमा से हेरोइन की तस्करी का चलन भी बढ़ रहा है।"अदालत ने आगे कहा,"आज, दुनिया के सबसे उन्नत देशों के...

S.10 CCA के तहत S.34 याचिका के साथ आवेदन दायर करना S.34 A&C एक्ट की आवश्यकताओं को पूरा करता है: राजस्थान हाईकोर्ट
S.10 CCA के तहत S.34 याचिका के साथ आवेदन दायर करना S.34 A&C एक्ट की आवश्यकताओं को पूरा करता है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने कहा है कि यदि वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम ("सीसीए") की धारा 10 के अंतर्गत दायर आवेदन में शीर्षक में मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम ("एसीए") की धारा 34 का उल्लेख नहीं है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि उस आवेदन को धारा 34, एसीए के अंतर्गत आवेदन नहीं माना जा सकता। धारा 10, सीसीए के अंतर्गत आवेदन दायर करना और धारा 34 की याचिका को संलग्न करना धारा 34 की आवश्यकताओं को पूरा करता है और ऐसा आवेदन कानून की दृष्टि से...

कर्नाटक हाईकोर्ट 30 अगस्त को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने वाले केंद्र के नए कानून के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा
कर्नाटक हाईकोर्ट 30 अगस्त को 'ऑनलाइन मनी गेम्स' पर प्रतिबंध लगाने वाले केंद्र के नए कानून के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा

कर्नाटक हाईकोर्ट शनिवार (30 अगस्त) को ऑनलाइन गेमिंग कंपनी हेड डिजिटल वर्क्स, जो 'ए23 रम्मी' का संचालन करती है, की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें ऑनलाइन गेमिंग प्रचार एवं विनियमन अधिनियम 2025 को चुनौती दी गई है। यह अधिनियम 'ऑनलाइन मनी गेम्स' और बैंक सेवाओं व उससे संबंधित विज्ञापनों की पेशकश पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करता है। यह याचिका गुरुवार (28 अगस्त) को जस्टिस बी एम श्याम प्रसाद की पीठ के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई 30 अगस्त को होगी।उल्लेखनीय है कि यह नया...

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने सहकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 58 से 60 वर्ष करने की याचिका खारिज की
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने सहकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु 58 से 60 वर्ष करने की याचिका खारिज की

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों की सेवा से निवृत्ति की आयु 58 वर्ष ही रहेगी, जैसा कि एसआरओ 233 ऑफ 1988 में निर्धारित है। अदालत ने कहा कि केवल विभागीय प्रस्तावों, ड्राफ्ट संशोधनों या सिफारिशों के आधार पर इस आयु को 60 वर्ष तक नहीं बढ़ाया जा सकता।जस्टिस सिंधु शर्मा और जस्टिस शहज़ाद अज़ीम की खंडपीठ ने दो सहकारी कर्मचारियों की अपीलों को खारिज करते हुए कहा,"जब तक एसआरओ 233 ऑफ 1988 प्रभावी है, सहकारी समितियों के कर्मचारियों की सेवा शर्तें किसी भी...

डेरा सच्चा सौदा आश्रम में मां की गैरकानूनी हिरासत में फंसी नाबालिग बेटी को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश, PGIMER से काउंसलिंग कराने के निर्देश
डेरा सच्चा सौदा आश्रम में मां की गैरकानूनी हिरासत में फंसी नाबालिग बेटी को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश, PGIMER से काउंसलिंग कराने के निर्देश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की को लेकर अहम आदेश पारित किया। अदालत ने निर्देश दिया कि जिस बच्ची को उसकी मां ने सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में कथित तौर पर गैरकानूनी हिरासत में रखा है उसका तत्काल काउंसलिंग PGIMER चंडीगढ़ से कराया जाए।जस्टिस सुभाष मेहला ने कहा,"अभिरक्षा संबंधी मुद्दे पर नाबालिग बच्ची की काउंसलिंग कराई जाए। इसके लिए काउंसलिंग शेड्यूल तय कर दोनों पक्षों के वकीलों को सूचित किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च याचिकाकर्ता वहन करेगा।"यह आदेश गोवा निवासी पिता द्वारा...

GST डिपार्टमेंट तीसरे पक्ष द्वारा GSTIN के दुरुपयोग की जांच नहीं कर सकता, यह अधिकार आर्थिक अपराध शाखा के पास: दिल्ली हाईकोर्ट
GST डिपार्टमेंट तीसरे पक्ष द्वारा GSTIN के दुरुपयोग की जांच नहीं कर सकता, यह अधिकार आर्थिक अपराध शाखा के पास: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यापारी के जीएसटी पहचान संख्या के किसी तीसरे पक्ष द्वारा दुरुपयोग के आरोपों की जांच जीएसटी विभाग द्वारा नहीं की जा सकती। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और शैल जैन की खंडपीठ ने कहा,“सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132 में कुछ अपराधों का प्रावधान है जिनका जीएसटी विभाग संज्ञान ले सकता है। हालांकि, यहां आरोप यह है कि याचिकाकर्ता के जीएसटी नंबर का दुरुपयोग किसी अज्ञात तीसरे पक्ष द्वारा किया गया है। इस न्यायालय की राय में, ऐसी परिस्थितियों में जहां याचिकाकर्ता का...