ताज़ा खबरे
Land Acquisition Act | पुनर्वास योजना के तहत लाभ तभी मिल सकता है जब अधिग्रहण के दौरान पंचायत रजिस्टर में नाम हो: HP हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का लाभ तब तक नहीं दिया जा सकता जब तक भूमि अधिग्रहण के समय पंचायत के परिवार रजिस्टर में कोई प्रविष्टि न हो। जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा कि, "एक तथ्य जो स्पष्ट है... वह यह है कि वर्ष 2000 में जब याचिकाकर्ता की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उस समय उसका नाम संबंधित गांव के पंचायत परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं था, जो कि योजना के खंड 2.2.3 के अनुसार योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए...
'सिख टिप्पणी विवाद' पर राहुल गांधी की दलील: विद्रोह के लिए नहीं भड़काया, इरादा पूरी स्पीच से देखा जाए, टुकड़ों से नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट में कांग्रेस (Congress) नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बुधवार को कहा कि उन्होंने सिख समुदाय को विद्रोह के लिए नहीं उकसाया और उनकी पूरी स्पीच को देखे बिना इरादा नहीं निकाला जा सकता।सीनियर एडवोकेट गोपाल चतुर्वेदी ने जस्टिस समीर जैन की पीठ के सामने दलील दी,“सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि किसी भाषण की एक-दो पंक्तियों से इरादा नहीं समझा जा सकता। पूरे भाषण का संदर्भ देखना ज़रूरी है। केवल 25 शब्दों से 'मेंस रिया' नहीं निकाला जा सकता।”गांधी पक्ष ने तर्क...
हाईकोर्ट ने रिटायर्ड पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स को APP बनाने वाले विज्ञापन पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने रिटायर्ड पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स को APP बनाने वाले विज्ञापन पर लगाई रोकदिल्ली हाईकोर्ट ने उस विज्ञापन पर रोक लगा दी, जिसमें केवल रिटायर्ड पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स को असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान किया गया था।जस्टिस सचिन दत्ता ने विकस वर्मा की याचिका पर यह आदेश दिया। 22 अगस्त को दिल्ली सरकार के अभियोजन निदेशालय ने 196 पदों पर संविदा आधार पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था जिसमें केवल रिटायर्ड प्रॉसिक्यूटर्स को ही आवेदन का पात्र माना...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने SSC पुन: परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र रद्द करने को चुनौती देने वाली 'दागी' उम्मीदवारों की याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एसएससी भर्ती प्रक्रिया में 'दागी उम्मीदवारों' की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जो 'नौकरी के बदले नकदी' घोटाले में उलझे हुए हैं। इन उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेशित पुनर्परीक्षा में शामिल होने के लिए अपने प्रवेश पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी थी। कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा राज्य को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने और निर्धारित समय-सीमा का पालन करने का निर्देश दिए जाने के बाद, दागी उम्मीदवारों को नई भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के...
अंतरधार्मिक विवाह पर बयान पर दर्ज FIR में BJP MLA को अंतरिम राहत
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (3 सितंबर) को विजयपुरा के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बसनगौड़ा आर. पाटिल (यतनाल) को बड़ी राहत दी। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि उनके खिलाफ दर्ज FIR पर कोई जबरन कार्रवाई न की जाए। यतनाल पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से बयान दिया था कि कोई भी हिंदू युवक अगर मुस्लिम युवती से विवाह करेगा तो उसे 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।जस्टिस एम.आई. अरुण ने यतनाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अभियुक्त अधिकतम तीन साल की सजा वाले अपराधों में बुक किए गए। उन्होंने जांच में सहयोग...
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दूसरे नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय विधि नियम सम्मेलन की मेजबानी की
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने 30-31 अगस्त को इंडिया हैबिटेट सेंटर में द्वितीय नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय विधि नियम सम्मेलन 2025 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 33 से अधिक न्यायक्षेत्रों के न्यायविदों, विद्वानों और बार के नेताओं ने विधि, न्याय और शासन से संबंधित समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन का विषय था "वैश्विक आर्थिक शासन और विधि नियम के सिद्धांत"।इस कार्यक्रम में निम्नलिखित की उपस्थिति रही- इंटरनेशनल बार एसोसिएशन (IBA)- कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन (CLA) - LAWASIA - इंडोनेशिया...
शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर नियुक्ति एक अलग वर्ग है, जो जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा अधिनियम के तहत नियमितीकरण के लिए पात्र नहीं है: J&K हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर नियुक्त व्याख्याता, स्पष्ट रिक्तियों के विरुद्ध तदर्थ, संविदात्मक या समेकित आधार पर नियुक्त व्याख्याताओं से अलग एक अलग वर्ग का गठन करते हैं, और इसलिए वे जम्मू और कश्मीर सिविल सेवा (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2010 के तहत नियमितीकरण के पात्र नहीं हैं। जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस संजय परिहार की खंडपीठ ने 2010 के अधिनियम की धारा 3(बी), धारा 10(2) और धारा 10(2ए) की वैधता को चुनौती देने वाली और ऐसे नियुक्त व्याख्याताओं के नियमितीकरण के...
ईडी आयकर विभाग की ओर से दायर शिकायत में संलग्न अदालती फाइलों और दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकता है: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आयकर विभाग द्वारा दर्ज शिकायत के साथ न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकता है। आयकर विभाग द्वारा याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध आयकर अधिनियम की धारा 277 के अंतर्गत, भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के साथ, शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें विदेशी कर प्राधिकारी द्वारा मूल रूप से पेरिस, फ्रांस में प्राप्त मास्टरशीट के रूप में जानकारी को अभिलेख में रखा गया था।यह आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता विदेशी व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम...
क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने पर मजिस्ट्रेट जमानत दे सकते हैं, भले ही हाईकोर्ट ने पहले की याचिका खारिज कर दी हो: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के बाद मजिस्ट्रेट को अभियुक्त को जमानत देने का अधिकार है, भले ही हाईकोर्ट या सत्र न्यायालय ने उसकी पिछली जमानत याचिका खारिज कर दी हो। ये टिप्पणियां साइकिल और जूते चुराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक अभियुक्त को अंतरिम जमानत देते समय की गईं।हाईकोर्ट ने कहा,"ऐसे मामलों में जहां कोई अभियुक्त न्यायिक हिरासत में है और सत्र न्यायालय या हाईकोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर दी है या उनके समक्ष लंबित है, और इस बीच, जांच या तो ऐसे...
जस्टिस तारा वितस्ता गंजू के ट्रांसफर को लेकर हाईकोर्ट के वकीलों ने CJI को लिखा पत्र
दिल्ली हाईकोर्ट के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी.आर. गवई को पत्र लिखकर जस्टिस तारा वितस्ता गंजू के प्रस्तावित ट्रांसफर पर पुनर्विचार की अपील की। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने हाल ही में उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट भेजने का प्रस्ताव रखा है। इस फैसले के खिलाफ 94 वकीलों और 66 महिला वकीलों ने अलग-अलग पत्र लिखे हैं।94 वकीलों के पत्र में कहा गया कि जस्टिस गंजू ने जज बनने से पहले तीन दशक तक दिल्ली हाईकोर्ट बार में काम किया और उनका रिकॉर्ड पूरी तरह निष्कलंक रहा है। पत्र में यह भी...
सुप्रीम कोर्ट ने ISL 2025-26 का आयोजन करने का निर्देश दिया, निगरानी के लिए जस्टिस नागेश्वर राव को नियुक्त किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) और उसके वाणिज्यिक साझेदार द्वारा 2025-26 फुटबॉल सत्र के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकार किया। साथ ही AIFF को अपने नियंत्रण में आने वाली फुटबॉल प्रतियोगिताओं को समय पर शुरू करने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कहा,"हम AIFF को निर्देश देते हैं कि वह फुटबॉल कैलेंडर को समय पर शुरू करने और 2025-2026 सत्र के लिए सुपर कप और उसके नियंत्रण में आने वाली अन्य प्रतियोगिताओं के संबंध में...
गैरकानूनी सट्टेबाजी केस : Congress MLA की गिरफ्तारी को पत्नी की चुनौती, हाईकोर्ट ने ED को जारी किया नोटिस
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (3 सितंबर) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया। यह नोटिस कांग्रेस विधायक (Congress MLA) के.सी. वीरेंद्र की पत्नी आर.डी. चैत्रा की याचिका पर जारी किया गया, जिसमें विधायक की गिरफ्तारी को अवैध मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 19 व 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया।जस्टिस एम. आई. अरुण की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर के लिए निर्धारित की।विधायक वीरेंद्र को ED ने 23 अगस्त, 2025 को अवैध...
बच्चा बदलने के आरोप में अस्पताल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा दंपति
सुप्रीम कोर्ट अस्पताल के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करने वाली माता-पिता की याचिका पर विचार करने वाला है, जिसने कथित तौर पर प्रसव के तुरंत बाद उनके बेटे को एक लड़की से बदल दिया था।जस्टिस मनोज कुमार और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रायपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के निदेशक और उनकी पत्नी (जो अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं) के खिलाफ प्रसव के तुरंत बाद शिशु के अपहरण के कथित अपराध के लिए FIR दर्ज करने का...
केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कॉलेज के पास भी खुल सकेगा पेट्रोल पंप
केरल हाईकोर्ट ने अहम आदेश में स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम आउटलेट (पेट्रोल पंप) की स्थापना के लिए तय किए गए सिटिंग क्राइटेरिया में कॉलेजों को संवेदनशील स्थल की श्रेणी में नहीं रखा गया। अदालत ने कहा कि केवल स्कूल और 10 बेड से अधिक क्षमता वाले अस्पताल ही इस श्रेणी में आते हैं।याचिकाकर्ता बिंदु कुनिपाराम्बथ ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की आमंत्रण प्रक्रिया के तहत अपने भूखंड पर पेट्रोल पंप स्थापित करने की अनुमति मांगी थी। प्रारंभिक स्तर पर जॉइंट चीफ कंट्रोलर ऑफ एक्सप्लोसिव्स ने अनुमति दी और जिला...
कानूनी सेवाओं के विज्ञापनों पर PIL दाखिल, हाईकोर्ट ने रोका, जनहित कहां है दिखाइए
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (2 सितंबर) को कानूनी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ताओं से पूछा कि इस मामले को जनहित याचिका (PIL) के दायरे में कैसे लाया जा सकता है।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से सवाल किया कि जब मामला निजी या विशेष शिकायत जैसा प्रतीत होता है तो यह जनहित कैसे है।याचिका में कहा गया कि संबंधित...
नाइजीरियाई नागरिक के फरार होने पर बोला सुप्रीम कोर्ट: सरकार विदेशी आरोपियों को भागने से रोकने के लिए नीति बना सकती
साइबर धोखाधड़ी के मामले में ज़मानत तोड़कर नाइजीरिया भाग गए विदेशी नागरिक की उपस्थिति सुनिश्चित न कर पाने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ज़मानत रद्द करने के मामले का निपटारा कर दिया। साथ ही केंद्र सरकार को यह नीति बनाने का विकल्प खुला छोड़ दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि विदेशी नागरिक अपराध करने के बाद प्रक्रिया से भाग न पाएं।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने कार्यवाही बंद कर दी, क्योंकि यह स्पष्ट किया गया कि भारत और नाइजीरिया के बीच कोई द्विपक्षीय संधि नहीं है। इसलिए...
कैदियों की रिहाई में देरी से बचने के लिए ज़मानतदारों के डिजिटल सत्यापन की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत प्राप्त कैदियों की रिहाई में देरी से बचने के लिए ज़मानतदारों के सत्यापन हेतु डिजिटल तकनीक का उपयोग करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग वाली रिट याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस मामले में नोटिस जारी किया। खंडपीठ ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) को भी उसके सदस्य सचिव के माध्यम से पक्षकार बनाया।याचिकाकर्ता सीनियर सिटीजन हैं, जो पिछले 23 वर्षों से इटली में बसे हुए हैं। उन्हें जनवरी में दिल्ली घरेलू...
S. 37(1)(a) Arbitration Act | विलंबित भुगतानों पर ब्याज को प्रतिबंधित करने वाला खंड, अपने आप में लंबित ब्याज पर रोक नहीं लगाएगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल लंबित ब्याज दे सकता है, जब तक कि अनुबंध में स्पष्ट रूप से या निहित रूप से ऐसा करने पर रोक न लगाई गई हो। न्यायालय ने आगे कहा कि विलंबित भुगतानों पर ब्याज पर रोक लगाने वाला संविदात्मक खंड, किसी आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल को लंबित ब्याज, यानी मध्यस्थता लंबित रहने की अवधि के लिए ब्याज देने से नहीं रोकता।अदालत ने टिप्पणी की,“आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल को लंबित ब्याज देने के अपने अधिकार से केवल तभी वंचित किया जा सकता है, जब पक्षों के बीच समझौता/अनुबंध इस...
Presidential Reference | 'राज्यपाल को विधेयकों पर कार्रवाई करते समय कोई विवेकाधिकार नहीं': सिब्बल और सिंघवी के तर्क से असहमत
सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि राष्ट्रपति के संदर्भ का विरोध करने वालों द्वारा दिए गए तर्क अनुच्छेद 200 को पढ़ने के उनके विभिन्न दृष्टिकोणों के संदर्भ में, स्वयं-विरोधाभासी हैं।जस्टिस विक्रम नाथ ने यह बात सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल (पश्चिम बंगाल राज्य की ओर से) द्वारा दिए गए तर्क के संदर्भ में कही कि राज्यपाल केवल एक डाकघर नहीं हैं। अनुच्छेद 200 में निहित साक्ष्य हैं, जो दर्शाते हैं कि वह राष्ट्रपति के पुनर्विचार के लिए विधेयक भेजने में स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं। इसके बाद...
ED समन के खिलाफ सीनियर एडवोकेट को राहत, हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर लगाई रोक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (1 सितंबर) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन पर एडवोकेट अनिल गौड़ा को अंतरिम राहत दी। अदालत ने ED को निर्देश दिया कि जब तक अंतरिम राहत पर आदेश पारित नहीं हो जाते, तब तक एडवोकेट के खिलाफ कोई जबरन या जल्दबाजी में कार्रवाई न की जाए।जस्टिस सचिन शंकर मागदुम ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत दलीलें पेश की गई हैं और रिकॉर्ड में मौजूद आपत्तियों व दस्तावेजों का गहन अध्ययन आवश्यक है।अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि मुख्य मुद्दा क्या ED वकीलों...




















