ताज़ा खबरे
कथित तौर पर जाली दस्तावेज जमा करने के आपराधिक मामले में बरी होने से सेवा के लिए पात्रता नहीं मिलती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान जाली दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के आरोप में याचिकाकर्ता की बर्खास्तगी को बरकरार रखा, जबकि संबंधित विभाग द्वारा दर्ज जालसाजी, मनगढ़ंत और धोखाधड़ी के एक आपराधिक मामले में याचिकाकर्ता को बरी कर दिया गया था। जस्टिस आनंद शर्मा ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि याचिकाकर्ता को बरी कर दिया गया था, यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि इस तरह की बरी किए जाने से याचिकाकर्ता को संबंधित पद पर रहने की पात्रता प्राप्त हो जाती है।"वैसे भी, सिर्फ़ इस तथ्य से कि याचिकाकर्ताओं को...
यूपी सरकार ने हाईकोर्ट में कहा: राहुल गांधी ने विदेश में की सिखों पर टिप्पणी, मजिस्ट्रेट तय करेंगे कि अपराध बनता है या नहीं
सिखों पर कथित टिप्पणी से संबंधित विपक्ष के नेता राहुल गांधी की याचिका का विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दलील दी कि मजिस्ट्रेट को यह आकलन करने के लिए अपने 'स्वतंत्र विचार' का प्रयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं।जस्टिस समीर जैन की पीठ के समक्ष राज्य सरकार ने दलील दी कि पुनर्विचार क्षेत्राधिकार में अदालतों को बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करने की अनुमति नहीं है। यदि मजिस्ट्रेट को लगता है कि संज्ञेय अपराध बनता है तो...
सेवा रिकॉर्ड में जन्मतिथि में सुधार को सेवा के अंतिम चरण में अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि सेवा अभिलेखों में जन्मतिथि में सुधार को अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता, भले ही इसके लिए मैट्रिकुलेशन प्रमाणपत्र जैसे वास्तविक दस्तावेज़ ही क्यों न हों, खासकर जब ऐसा अनुरोध अत्यधिक विलंब (दो दशकों से अधिक) के बाद और सेवानिवृत्ति की तिथि के निकट किया गया हो। तथ्यअपीलकर्ता को मेसर्स भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अंतर्गत 02.12.1986 को अस्थायी भूमिगत लोडर के रूप में नियुक्त किया गया था। अपनी...
बिना दोषसिद्धि के लंबित आपराधिक कार्यवाही पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक अधिकारों को रोकने का आधार नहीं हो सकती: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि बिना दोषसिद्धि के आपराधिक कार्यवाही का लंबित रहना पेंशन, ग्रेच्युटी या अवकाश नकदीकरण रोकने का आधार नहीं हो सकता क्योंकि ये कर्मचारी के वैधानिक अधिकार हैं। तथ्यप्रतिवादी को 01.11.1984 को बी.एन.जे. कॉलेज में अस्थायी आधार पर एक वर्ष की अवधि के लिए हिंदी व्याख्याता के रूप में नियुक्त किया गया था। इसमें एक प्रावधान था कि बिना कारण बताए उनकी सेवाएं कभी भी समाप्त की जा सकती हैं। उन्होंने 07.01.1985 को कॉलेज में...
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप: हाईकोर्ट ने मनोज जरांगे से पूछा, क्या आपने प्रदर्शनकारियों को भड़काया?
मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान मुंबई में सार्वजनिक संपत्ति को कथित नुकसान पहुंचाने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा आदेश दिया। अदालत ने आंदोलन के नेता मनोज जरांगे और अन्य आयोजकों से हलफनामा दायर करने को कहा कि क्या उन्होंने प्रदर्शनकारियों को उकसाया था या नहीं।एक्टिंग चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले में गंभीर आरोप लगे हैं और बिना हलफनामे के याचिका का निस्तारण संभव नहीं।अदालत ने कहा,“आप हलफनामे में स्पष्ट करें कि आप किसी भी नुकसान...
Land Acquisition Act | पुनर्वास योजना के तहत लाभ तभी मिल सकता है जब अधिग्रहण के दौरान पंचायत रजिस्टर में नाम हो: HP हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना का लाभ तब तक नहीं दिया जा सकता जब तक भूमि अधिग्रहण के समय पंचायत के परिवार रजिस्टर में कोई प्रविष्टि न हो। जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा कि, "एक तथ्य जो स्पष्ट है... वह यह है कि वर्ष 2000 में जब याचिकाकर्ता की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उस समय उसका नाम संबंधित गांव के पंचायत परिवार रजिस्टर में दर्ज नहीं था, जो कि योजना के खंड 2.2.3 के अनुसार योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए...
'सिख टिप्पणी विवाद' पर राहुल गांधी की दलील: विद्रोह के लिए नहीं भड़काया, इरादा पूरी स्पीच से देखा जाए, टुकड़ों से नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट में कांग्रेस (Congress) नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बुधवार को कहा कि उन्होंने सिख समुदाय को विद्रोह के लिए नहीं उकसाया और उनकी पूरी स्पीच को देखे बिना इरादा नहीं निकाला जा सकता।सीनियर एडवोकेट गोपाल चतुर्वेदी ने जस्टिस समीर जैन की पीठ के सामने दलील दी,“सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि किसी भाषण की एक-दो पंक्तियों से इरादा नहीं समझा जा सकता। पूरे भाषण का संदर्भ देखना ज़रूरी है। केवल 25 शब्दों से 'मेंस रिया' नहीं निकाला जा सकता।”गांधी पक्ष ने तर्क...
हाईकोर्ट ने रिटायर्ड पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स को APP बनाने वाले विज्ञापन पर लगाई रोक
हाईकोर्ट ने रिटायर्ड पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स को APP बनाने वाले विज्ञापन पर लगाई रोकदिल्ली हाईकोर्ट ने उस विज्ञापन पर रोक लगा दी, जिसमें केवल रिटायर्ड पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स को असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान किया गया था।जस्टिस सचिन दत्ता ने विकस वर्मा की याचिका पर यह आदेश दिया। 22 अगस्त को दिल्ली सरकार के अभियोजन निदेशालय ने 196 पदों पर संविदा आधार पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था जिसमें केवल रिटायर्ड प्रॉसिक्यूटर्स को ही आवेदन का पात्र माना...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने SSC पुन: परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र रद्द करने को चुनौती देने वाली 'दागी' उम्मीदवारों की याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एसएससी भर्ती प्रक्रिया में 'दागी उम्मीदवारों' की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जो 'नौकरी के बदले नकदी' घोटाले में उलझे हुए हैं। इन उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेशित पुनर्परीक्षा में शामिल होने के लिए अपने प्रवेश पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी थी। कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा राज्य को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने और निर्धारित समय-सीमा का पालन करने का निर्देश दिए जाने के बाद, दागी उम्मीदवारों को नई भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के...
अंतरधार्मिक विवाह पर बयान पर दर्ज FIR में BJP MLA को अंतरिम राहत
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (3 सितंबर) को विजयपुरा के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बसनगौड़ा आर. पाटिल (यतनाल) को बड़ी राहत दी। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि उनके खिलाफ दर्ज FIR पर कोई जबरन कार्रवाई न की जाए। यतनाल पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से बयान दिया था कि कोई भी हिंदू युवक अगर मुस्लिम युवती से विवाह करेगा तो उसे 5 लाख रुपये दिए जाएंगे।जस्टिस एम.आई. अरुण ने यतनाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अभियुक्त अधिकतम तीन साल की सजा वाले अपराधों में बुक किए गए। उन्होंने जांच में सहयोग...
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दूसरे नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय विधि नियम सम्मेलन की मेजबानी की
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने 30-31 अगस्त को इंडिया हैबिटेट सेंटर में द्वितीय नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय विधि नियम सम्मेलन 2025 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 33 से अधिक न्यायक्षेत्रों के न्यायविदों, विद्वानों और बार के नेताओं ने विधि, न्याय और शासन से संबंधित समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन का विषय था "वैश्विक आर्थिक शासन और विधि नियम के सिद्धांत"।इस कार्यक्रम में निम्नलिखित की उपस्थिति रही- इंटरनेशनल बार एसोसिएशन (IBA)- कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन (CLA) - LAWASIA - इंडोनेशिया...
शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर नियुक्ति एक अलग वर्ग है, जो जम्मू-कश्मीर सिविल सेवा अधिनियम के तहत नियमितीकरण के लिए पात्र नहीं है: J&K हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर नियुक्त व्याख्याता, स्पष्ट रिक्तियों के विरुद्ध तदर्थ, संविदात्मक या समेकित आधार पर नियुक्त व्याख्याताओं से अलग एक अलग वर्ग का गठन करते हैं, और इसलिए वे जम्मू और कश्मीर सिविल सेवा (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2010 के तहत नियमितीकरण के पात्र नहीं हैं। जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस संजय परिहार की खंडपीठ ने 2010 के अधिनियम की धारा 3(बी), धारा 10(2) और धारा 10(2ए) की वैधता को चुनौती देने वाली और ऐसे नियुक्त व्याख्याताओं के नियमितीकरण के...
ईडी आयकर विभाग की ओर से दायर शिकायत में संलग्न अदालती फाइलों और दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकता है: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आयकर विभाग द्वारा दर्ज शिकायत के साथ न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों का निरीक्षण कर सकता है। आयकर विभाग द्वारा याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध आयकर अधिनियम की धारा 277 के अंतर्गत, भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के साथ, शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें विदेशी कर प्राधिकारी द्वारा मूल रूप से पेरिस, फ्रांस में प्राप्त मास्टरशीट के रूप में जानकारी को अभिलेख में रखा गया था।यह आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता विदेशी व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम...
क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने पर मजिस्ट्रेट जमानत दे सकते हैं, भले ही हाईकोर्ट ने पहले की याचिका खारिज कर दी हो: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के बाद मजिस्ट्रेट को अभियुक्त को जमानत देने का अधिकार है, भले ही हाईकोर्ट या सत्र न्यायालय ने उसकी पिछली जमानत याचिका खारिज कर दी हो। ये टिप्पणियां साइकिल और जूते चुराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक अभियुक्त को अंतरिम जमानत देते समय की गईं।हाईकोर्ट ने कहा,"ऐसे मामलों में जहां कोई अभियुक्त न्यायिक हिरासत में है और सत्र न्यायालय या हाईकोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर दी है या उनके समक्ष लंबित है, और इस बीच, जांच या तो ऐसे...
जस्टिस तारा वितस्ता गंजू के ट्रांसफर को लेकर हाईकोर्ट के वकीलों ने CJI को लिखा पत्र
दिल्ली हाईकोर्ट के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी.आर. गवई को पत्र लिखकर जस्टिस तारा वितस्ता गंजू के प्रस्तावित ट्रांसफर पर पुनर्विचार की अपील की। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने हाल ही में उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट भेजने का प्रस्ताव रखा है। इस फैसले के खिलाफ 94 वकीलों और 66 महिला वकीलों ने अलग-अलग पत्र लिखे हैं।94 वकीलों के पत्र में कहा गया कि जस्टिस गंजू ने जज बनने से पहले तीन दशक तक दिल्ली हाईकोर्ट बार में काम किया और उनका रिकॉर्ड पूरी तरह निष्कलंक रहा है। पत्र में यह भी...
सुप्रीम कोर्ट ने ISL 2025-26 का आयोजन करने का निर्देश दिया, निगरानी के लिए जस्टिस नागेश्वर राव को नियुक्त किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) और उसके वाणिज्यिक साझेदार द्वारा 2025-26 फुटबॉल सत्र के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकार किया। साथ ही AIFF को अपने नियंत्रण में आने वाली फुटबॉल प्रतियोगिताओं को समय पर शुरू करने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कहा,"हम AIFF को निर्देश देते हैं कि वह फुटबॉल कैलेंडर को समय पर शुरू करने और 2025-2026 सत्र के लिए सुपर कप और उसके नियंत्रण में आने वाली अन्य प्रतियोगिताओं के संबंध में...
गैरकानूनी सट्टेबाजी केस : Congress MLA की गिरफ्तारी को पत्नी की चुनौती, हाईकोर्ट ने ED को जारी किया नोटिस
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (3 सितंबर) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया। यह नोटिस कांग्रेस विधायक (Congress MLA) के.सी. वीरेंद्र की पत्नी आर.डी. चैत्रा की याचिका पर जारी किया गया, जिसमें विधायक की गिरफ्तारी को अवैध मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 19 व 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया।जस्टिस एम. आई. अरुण की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर के लिए निर्धारित की।विधायक वीरेंद्र को ED ने 23 अगस्त, 2025 को अवैध...
बच्चा बदलने के आरोप में अस्पताल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा दंपति
सुप्रीम कोर्ट अस्पताल के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करने वाली माता-पिता की याचिका पर विचार करने वाला है, जिसने कथित तौर पर प्रसव के तुरंत बाद उनके बेटे को एक लड़की से बदल दिया था।जस्टिस मनोज कुमार और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रायपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के निदेशक और उनकी पत्नी (जो अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं) के खिलाफ प्रसव के तुरंत बाद शिशु के अपहरण के कथित अपराध के लिए FIR दर्ज करने का...
केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कॉलेज के पास भी खुल सकेगा पेट्रोल पंप
केरल हाईकोर्ट ने अहम आदेश में स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम आउटलेट (पेट्रोल पंप) की स्थापना के लिए तय किए गए सिटिंग क्राइटेरिया में कॉलेजों को संवेदनशील स्थल की श्रेणी में नहीं रखा गया। अदालत ने कहा कि केवल स्कूल और 10 बेड से अधिक क्षमता वाले अस्पताल ही इस श्रेणी में आते हैं।याचिकाकर्ता बिंदु कुनिपाराम्बथ ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की आमंत्रण प्रक्रिया के तहत अपने भूखंड पर पेट्रोल पंप स्थापित करने की अनुमति मांगी थी। प्रारंभिक स्तर पर जॉइंट चीफ कंट्रोलर ऑफ एक्सप्लोसिव्स ने अनुमति दी और जिला...
कानूनी सेवाओं के विज्ञापनों पर PIL दाखिल, हाईकोर्ट ने रोका, जनहित कहां है दिखाइए
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (2 सितंबर) को कानूनी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ताओं से पूछा कि इस मामले को जनहित याचिका (PIL) के दायरे में कैसे लाया जा सकता है।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से सवाल किया कि जब मामला निजी या विशेष शिकायत जैसा प्रतीत होता है तो यह जनहित कैसे है।याचिका में कहा गया कि संबंधित...



















