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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी एमएलए की पत्नी के खिलाफ मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत मामला खारिज किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी एमएलए की पत्नी के खिलाफ मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत मामला खारिज किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह समाजवादी पार्टी के निवर्तमान विधायक की पत्नी के खिलाफ आरोपपत्र, संज्ञान आदेश और पूरी कार्यवाही रद्द की। उन पर मानव तस्करी के आरोप थे। साथ ही उन पर किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के साथ-साथ बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने विधायक ज़ैद बेग की पत्नी सीमा बेग को राहत देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष की सामग्री को अगर उसके मूल स्वरूप में भी लिया जाए तो भी किसी भी लागू प्रावधान के तहत प्रथम दृष्टया कोई...

मनोनीत सीजेआई सूर्यकांत ने महिला पत्रकारों के खिलाफ ऑनलाइन हिंसा की ओर इशारा किया, सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग की
मनोनीत सीजेआई सूर्यकांत ने महिला पत्रकारों के खिलाफ ऑनलाइन हिंसा की ओर इशारा किया, सुरक्षा प्रोटोकॉल की मांग की

महिला पत्रकारों के साथ ऑनलाइन दुर्व्यवहार के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को मीडिया संगठनों और नियामक संस्थाओं से महिला पत्रकारों और संपादकों को डिजिटल उत्पीड़न और प्रतिष्ठा को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ठोस सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाने का आग्रह किया।नई दिल्ली में भारतीय महिला प्रेस कोर (IWPC) के 31वें वर्षगांठ समारोह में मुख्य भाषण देते हुए मनोनीत चीफ जस्टिस ने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के हथियारीकरण ने महिला पत्रकारों के...

सुप्रीम कोर्ट ने भारती एयरटेल के खिलाफ कर्मचारी योजना को लेकर 244 करोड़ रुपये के सर्विस टैक्स की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने भारती एयरटेल के खिलाफ कर्मचारी योजना को लेकर 244 करोड़ रुपये के सर्विस टैक्स की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल लिमिटेड के खिलाफ केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्त, गुरुग्राम द्वारा दायर लगभग 244 करोड़ रुपये के सर्विस टैक्स की अपील खारिज की। यह विवाद कंपनी की एयरटेल कर्मचारी सेवा योजना (AESS) से संबंधित है, जो अपने कर्मचारियों को मुफ्त या रियायती दूरसंचार सेवाएं प्रदान करती थी।इस अपील में कस्टम, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (CESTAT), चंडीगढ़ के 27 जनवरी, 2025 के आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें पूरी कर मांग खारिज की गई...

सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक आश्रयों में मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हेतु याचिकाएं निगरानी हेतु NHRC को हस्तांतरित कीं
सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक आश्रयों में मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा हेतु याचिकाएं निगरानी हेतु NHRC को हस्तांतरित कीं

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक वकील द्वारा दायर तीन याचिकाओं को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को हस्तांतरित कर दिया, जिनमें धार्मिक आश्रयों में मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा और कल्याण तथा मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के कार्यान्वयन हेतु निर्देश देने का अनुरोध किया गया।जस्टिस पमिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने यह आदेश इस बात पर गौर करने के बाद पारित किया कि केंद्र और केंद्र शासित प्रदेशों के मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण कार्यरत हैं।कोर्ट ने कहा,"इस...

भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के बदले नौकरी का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के बदले नौकरी का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने लगभग तीन दशक पहले अधिग्रहित भूमि के बदले रोजगार की मांग करने वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 में ऐसा कोई अधिकार प्रदान नहीं किया गया और मुआवजे का भुगतान राज्य के दायित्व को पूरी तरह से पूरा करता है।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ एक व्यक्ति द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसकी पारिवारिक भूमि 1998 में भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिग्रहित की गई। याचिकाकर्ता, जिसका अधिग्रहण के समय जन्म भी नहीं...

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के फलौदी में हुए राजमार्ग हादसे का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के फलौदी में हुए राजमार्ग हादसे का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के फलौदी में हुए दुखद राजमार्ग हादसे का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें 2 नवंबर को एक टेंपो ट्रैवलर के एक खड़े ट्रक से टकरा जाने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी।यह मामला 10 नवंबर को जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। इसे एक जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया गया।कथित तौर पर दुर्घटना के समय टेंपो जोधपुर से महिलाओं और बच्चों को लेकर जा रहा था, जो बीकानेर तीर्थयात्रा पर गए थे। शाम को जोधपुर लौटते समय, टेंपो भारतमाला...

RTE Act के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों को नियुक्ति के समय योग्यता न होने के कारण बर्खास्त नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
RTE Act के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों को नियुक्ति के समय योग्यता न होने के कारण बर्खास्त नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन शिक्षकों ने बच्चों के निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण की है, उन्हें केवल इसलिए बर्खास्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनकी प्रारंभिक नियुक्ति के समय उनके पास यह योग्यता नहीं थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने दो सहायक अध्यापकों, उमा कांत और एक अन्य की अपील स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया। इन सहायक अध्यापकों को 2012 में...

अंतर्जातीय विवाह राष्ट्रीय हित में, इन्हें पारिवारिक या सांप्रदायिक हस्तक्षेप से बचाया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
अंतर्जातीय विवाह राष्ट्रीय हित में, इन्हें पारिवारिक या सांप्रदायिक हस्तक्षेप से बचाया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अंतर्जातीय विवाह राष्ट्रीय हित में हैं। इन्हें पारिवारिक या सांप्रदायिक हस्तक्षेप से बचाया जाना चाहिए।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि जब दो वयस्क सहमति से विवाह या सहवास का निर्णय लेते हैं तो न तो परिवार और न ही समुदाय कानूनी रूप से उस विकल्प में बाधा डाल सकता है या उन पर दबाव, सामाजिक प्रतिबंध या धमकियां डाल सकता है।कोर्ट ने कहा,"सुप्रीम कोर्ट ने माना कि भारत में जाति का सामाजिक प्रभाव अभी भी मज़बूत है। अंतर्जातीय विवाह एकीकरण को बढ़ावा देकर और जातीय विभाजन को कम करके...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा आयुक्त को अस्पष्ट आदेश के लिए फटकार लगाई, सीनियर अधिकारियों के प्रशिक्षण पर मुख्य सचिव से जवाब मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा आयुक्त को 'अस्पष्ट' आदेश के लिए फटकार लगाई, सीनियर अधिकारियों के प्रशिक्षण पर मुख्य सचिव से जवाब मांगा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में अपीलीय प्राधिकारियों द्वारा वैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए अस्पष्ट आदेश पारित करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।कोर्ट हिसार संभाग के आयुक्त द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जो कथित तौर पर "बिना कोई कारण बताए अस्पष्ट और रहस्यमय आदेश" था।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने हिसार संभाग के आयुक्त को व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि उन्होंने "पूरी तरह से अध्ययन और जांच" क्या की...

मृतक आश्रितों के मोटर दुर्घटना मुआवजे के अधिकार का त्याग नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
मृतक आश्रितों के मोटर दुर्घटना मुआवजे के अधिकार का त्याग नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि एक मृत व्यक्ति मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MV Act) के तहत अपने आश्रितों के मुआवजे का दावा करने के वैधानिक अधिकार का त्याग नहीं कर सकता।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने टिप्पणी की:"कोई व्यक्ति शपथ पत्र या वचन देकर अपना व्यक्तिगत दावा त्याग सकता है, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों या आश्रितों का दावा नहीं।"भारत संघ द्वारा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 173 के तहत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, मंडी द्वारा पारित उस निर्णय के विरुद्ध अपील दायर की गई, जिसमें सड़क दुर्घटना में...

Indian Succession Act | धारा 57(क)(ख) के दायरे से बाहर की संपत्तियों से संबंधित हिंदू वसीयतों के लिए प्रोबेट की आवश्यकता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
Indian Succession Act | धारा 57(क)(ख) के दायरे से बाहर की संपत्तियों से संबंधित हिंदू वसीयतों के लिए प्रोबेट की आवश्यकता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी हिंदू के वसीयतनामा उत्तराधिकार में यदि कोई संपत्ति भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 57 (क) और (ख) द्वारा निर्दिष्ट क्षेत्रों में नहीं आती है तो अधिनियम की धारा 213 के तहत प्रोबेट प्राप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 57 वसीयत संबंधी अधिनियम के प्रावधानों को सीमित रूप से हिंदुओं, बौद्धों, सिखों और जैनियों तक विस्तारित करती है। इसमें प्रावधान है कि ये नियम पहले बंगाल, मद्रास और बंबई के पुराने प्रेसीडेंसी शहरों में या उनसे...

गुजरात हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग मामले में लापरवाही जांच का हवाला देते हुए मृत्युदंड रद्द किया
गुजरात हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग मामले में 'लापरवाही' जांच का हवाला देते हुए मृत्युदंड रद्द किया

गुजरात हाईकोर्ट ने अपने ही भाई और भाभी की कथित ऑनर किलिंग के लिए ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए और सज़ा पाए व्यक्ति की मृत्युदंड रद्द किया। न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामले को संतोषजनक ढंग से साबित नहीं कर सका और जांच "लापरवाही" तरीके से की गई थी।शिकायत के अनुसार, 04.08.2017 की रात को शिकायतकर्ता, उसके भाई और भाभी पर पांच नकाबपोश लोगों ने हमला किया, जिनमें से दो तलवारों से लैस थे। भाई और भाभी को नशीला पदार्थ दिया गया और वे बेहोश हो गए। आरोप है कि एक आरोपी ने शिकायतकर्ता की बाईं कलाई पर...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपील दाखिल करने में राज्य सरकार के सुस्त रवैये पर फटकार लगाई, 400 दिनों की देरी माफ करने से इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपील दाखिल करने में राज्य सरकार के 'सुस्त रवैये' पर फटकार लगाई, 400 दिनों की देरी माफ करने से इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की वह अपील खारिज कर दी जिसमें 400 से अधिक दिनों की देरी को माफ (condone) करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार अपने अधिकारियों के सुस्त और गैर-जिम्मेदार रवैये के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही।जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने कहा — “वर्तमान देरी माफी आवेदन में भी राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं है जिससे लगे कि वे अपने अधिकारियों के सुस्त और लापरवाह रवैये के प्रति गंभीर...

सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, कहा — ऊंची बोली खारिज करना अनुचित
सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, कहा — ऊंची बोली खारिज करना अनुचित

सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें राज्य सरकार द्वारा महानदी सैंड क्वारी की पांच साल की रेत खनन लीज़ को कम बोली लगाने वाले को देने के फैसले को सही ठहराया गया था। अदालत ने कहा कि सबसे ऊंची बोली लगाने वाले की अयोग्यता टेंडर की शर्तों की गलत व्याख्या पर आधारित थी, जिससे राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने कहा कि सरकारी निविदा कोई निजी सौदा नहीं होती, बल्कि यह शासन का एक साधन है जिसके माध्यम से राज्य जनता की संपत्ति का...

बिहार विधानसभा चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने RJD उम्मीदवार श्वेता सुमन की नामांकन रद्द होने के खिलाफ याचिका खारिज की
बिहार विधानसभा चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने RJD उम्मीदवार श्वेता सुमन की नामांकन रद्द होने के खिलाफ याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में अपना नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती दी थी।श्वेता सुमन का नामांकन इसलिए रद्द किया गया क्योंकि उनका अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र अमान्य माना गया। वे कैमूर जिले की मोहानिया (आरक्षित) सीट से चुनाव लड़ रही थीं। पटना हाईकोर्ट ने पहले ही उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि संविधान का अनुच्छेद 329(बी) किसी चुनाव को अदालत में चुनौती देने से रोकता है — ऐसे मामलों में केवल चुनाव याचिका (Election...