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दिल्ली हाईकोर्ट: मुस्लिम पुरुष की संपत्ति से पोते-पोतियां केवल तब बाहर होंगे, जब उसके बेटे-बेटियां जीवित हों
दिल्ली हाईकोर्ट: मुस्लिम पुरुष की संपत्ति से पोते-पोतियां केवल तब बाहर होंगे, जब उसके बेटे-बेटियां जीवित हों

दिल्ली हाईकोर्ट: मुस्लिम पुरुष की संपत्ति से पोते-पोतियां केवल तब बाहर होंगे, जब उसके बेटे-बेटियां जीवित हों दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मुस्लिम पुरुष की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति से पोते-पोतियां केवल तभी बाहर किए जा सकते हैं, जब उस समय उसका बेटा या बेटी जीवित हो। यदि मृतक के कोई अन्य संतान नहीं है तो पोते-पोतियाँ उसके एकमात्र जीवित वंशज होने के नाते उत्तराधिकार से वंचित नहीं किए जा सकते।जस्टिस मनीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की एकलपीठ मोहम्मद आरिफ की संपत्ति से जुड़े विवाद की सुनवाई कर रही...

बृजभूषण शरण सिंह के सीएम को लिखे पत्र पर वकील की मानहानि शिकायत में पत्रकारों को तलब करने का आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया रद्द
बृजभूषण शरण सिंह के सीएम को लिखे पत्र पर वकील की मानहानि शिकायत में पत्रकारों को तलब करने का आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ खंडपीठ) ने हाल ही में एक अहम आदेश पारित करते हुए लखनऊ की विशेष सीजेएम अदालत द्वारा पारित उस आदेश को निरस्त किया जिसके तहत दो पत्रकारों को मानहानि के मामले में तलब किया गया था। यह शिकायत एडवोकेट डॉ. मोहम्मद कमरान ने दायर की थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के आधार पर प्रकाशित समाचार से उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।मामला संडे व्यूज़ अख़बार की रिपोर्ट से जुड़ा है, जिसके मालिक दिव्या श्रीवास्तव और संपादक...

निष्पक्ष सुनवाई की अवधारणा से समझौता: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों को थानों से गवाही देने की अनुमति देने वाले नोटिफिकेशन पर जताई चिंता
निष्पक्ष सुनवाई की अवधारणा से समझौता: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिसकर्मियों को थानों से गवाही देने की अनुमति देने वाले नोटिफिकेशन पर जताई चिंता

दिल्ली हाईकोर्ट ने को कहा कि उपराज्यपाल (LG) द्वारा 13 अगस्त को जारी वह अधिसूचना जिसके तहत राजधानी के सभी पुलिस थानों को पुलिसकर्मियों की गवाही दर्ज करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये अदालत के समक्ष पेश होने की जगह नामित किया गया, प्रथम दृष्टया निष्पक्ष सुनवाई की अवधारणा से समझौता करती है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि LG को स्थान निर्धारित करने का अधिकार है। हालांकि, सवाल यह है कि क्यों विशेष रूप से पुलिस थानों को ही नामित किया गया।खंडपीठ ने...

पीड़िता के द्वारा रिश्ते को जारी रखने की इच्छा जताने पर हाईकोर्ट ने युवक पर पॉक्सो केस खत्म किया
पीड़िता के द्वारा रिश्ते को जारी रखने की इच्छा जताने पर हाईकोर्ट ने युवक पर पॉक्सो केस खत्म किया

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक 18 साल के युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही खत्म कर दी। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता और उसके माता-पिता की ओर से युवक के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है।जस्टिस जी. गिरीश ने बताया कि पीड़िता, जो अब 18 साल की है, ने हलफनामे में कहा है कि वह याचिकाकर्ता के साथ अपने रिश्ते को आगे भी जारी रखना चाहती है। कोर्ट के अनुसार, दोनों स्कूल के साथी थे और एक-दूसरे से प्यार करते थे। जब पीड़िता की उम्र करीब 17½ साल थी, तब दोनों की सहमति से कुछ नज़दीकी संबंध बने। फिर...

पैनल चर्चा के दौरान हिंदू देवता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर मौलाना के खिलाफ दर्ज नहीं होगी FIR: कोर्ट
पैनल चर्चा के दौरान हिंदू देवता के खिलाफ 'अपमानजनक' टिप्पणी को लेकर मौलाना के खिलाफ दर्ज नहीं होगी FIR: कोर्ट

दिल्ली कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में टाइम्स नाउ समाचार चैनल पर पैनल चर्चा के दौरान एक हिंदू देवता के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में अखिल भारतीय इमाम संगठन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किया।साकेत कोर्ट के एडिशनल सेशन जज नवजीत बुद्धिराजा ने वकील अमिता सचदेवा द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें मौलाना के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई।सचदेवा ने आरोप लगाया कि पैनल चर्चा के...

पटना हाईकोर्ट ने वकीलों पर हमले के मामले में DB-3 की स्वतः संज्ञान लेने की क्षमता पर उठाए सवाल, जांच पर मांगी रिपोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने वकीलों पर हमले के मामले में DB-3 की स्वतः संज्ञान लेने की क्षमता पर उठाए सवाल, जांच पर मांगी रिपोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को DPS पटना के बाहर दो वकीलों पर हुए कथित हमले के मामले में स्वतः संज्ञान लेने वाली डिवीज़न बेंच-3 की अधिकारिता पर सवाल खड़े किए।अदालत ने कहा कि जिस विषय पर किसी बेंच को रोस्टर ही आवंटित नहीं है। उस पर वह स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कैसे कर सकती है।यह मामला 9 सितंबर को जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेंद्र पांडे की खंडपीठ द्वारा क्रिमिनल रिट स्वतः संज्ञान के रूप में दर्ज किया गया, जो बुधवार को एक्टिंग चीफ जस्टिस पीबी बजंथ्री और जस्टिस आलोक कुमार सिन्हा की खंडपीठ...

संपत्ति विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रिया कपूर को दिवंगत संजय कपूर की सभी संपत्तियों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया
संपत्ति विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रिया कपूर को दिवंगत संजय कपूर की सभी संपत्तियों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (10 सितंबर) को बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा कपूर और किआन राज कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि दिवंगत संजय कपूर की दूसरी पत्नी प्रिय कपूर उनकी सभी चल-अचल संपत्तियों का पूरा ब्यौरा अदालत में पेश करें।संजय कपूर का 12 जून, 2025 को निधन हो गया था। इसके बाद उनकी संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार के भीतर विवाद सामने आया।जस्टिस ज्योति सिंह ने आदेश दिया कि वाद को विधिवत सूट के रूप में दर्ज किया जाए। प्रतिवादियों को दो हफ्तों में लिखित बयान दाखिल...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्टर ध्रुव सरजा के खिलाफ धोखाधड़ी मामले में आरोपपत्र दाखिल न करने का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्टर ध्रुव सरजा के खिलाफ धोखाधड़ी मामले में आरोपपत्र दाखिल न करने का निर्देश दिया

कन्नड़ एक्टर ध्रुव सरजा उर्फ ​​ध्रुव कुमार को अस्थायी राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुंबई पुलिस को फिल्म निर्माता राघवेंद्र हेगड़े द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराए गए आपराधिक मामले में आरोपपत्र दाखिल न करने का आदेश दिया। उन पर कथित तौर पर 9 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने आदेश पारित कर मुंबई पुलिस को अदालत की अनुमति के बिना मामले में आरोपपत्र दाखिल न करने का निर्देश दिया।सरजा के खिलाफ हेगड़े के कहने पर FIR दर्ज की गई है। हेगड़े...

दिल्ली हाईकोर्ट ने विमान में सामान में गोला-बारूद मिलने पर अग्निवीर के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की
दिल्ली हाईकोर्ट ने विमान में सामान में गोला-बारूद मिलने पर अग्निवीर के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय सेना की एक यूनिट में तैनात अग्निवीर के खिलाफ दिल्ली से कोलकाता जाते समय उसके सामान से गोला-बारूद मिलने पर दर्ज FIR रद्द की।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि यह मामला अग्निवीर की लापरवाही का प्रतीत होता है और गोला-बारूद की मात्र हिरासत बिना इस तरह के कब्जे की जानकारी के शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध नहीं है।याचिकाकर्ता पर इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पुलिस स्टेशन ने 5.56 मिमी एनएसएएस राइफल की एक जीवित गोली बरामद होने पर शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 25 के तहत मामला दर्ज...

मानव दांत घातक हथियार नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने IPC की धारा 324 के तहत दोषसिद्धि रद्द की
मानव दांत घातक हथियार नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने IPC की धारा 324 के तहत दोषसिद्धि रद्द की

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसले में स्पष्ट किया कि मानव दाँतों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 324 के तहत घातक हथियार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। जस्टिस राकेश कैंथला ने कहा कि दांतों से लगी चोटें इस प्रावधान के अंतर्गत नहीं आतीं। इसलिए ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को इस धारा के तहत दोषी ठहराना और सजा देना त्रुटिपूर्ण था।मामला 5 मार्च, 2007 की रात का है, जब पीड़िता अपने चार वर्षीय बच्चे के साथ सो रही थी। लगभग 11:30 बजे उसने शोर सुना और पाया कि आरोपी उसके कमरे में मौजूद था।पीड़िता ने बताया...

कैज़ुअल और लापरवाह रवैया: दिल्ली सरकार द्वारा वक्फ़ ट्रिब्यूनल गठित न करने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराज़गी
कैज़ुअल और लापरवाह रवैया: दिल्ली सरकार द्वारा वक्फ़ ट्रिब्यूनल गठित न करने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराज़गी

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में अब तक वक्फ़ ट्रिब्यूनल का गठन न होने पर सख़्त नाराज़गी जताई और कहा कि दिल्ली सरकार का इस मामले में रवैया कैज़ुअल और लापरवाह है।जस्टिस सचिन दत्ता ने सुनवाई के दौरान कहा,“ऐसा प्रतीत होता है कि GNCTD ने अभी तक संबंधित वक्फ़ ट्रिब्यूनल के सदस्यों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी नहीं भेजा है। इस अदालत को GNCTD के इस कैज़ुअल और लापरवाह रवैये पर नाराज़गी व्यक्त करनी पड़ रही है।”कार्यवाही के दौरान दिल्ली सरकार के लॉ सचिव ने वर्चुअल माध्यम से अदालत...

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम ज़मानत आवेदनों पर सीधे विचार करने को अस्वीकार किया, जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम ज़मानत आवेदनों पर सीधे विचार करने को अस्वीकार किया, जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सेशन कोर्ट की अवहेलना करते हुए हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम ज़मानत आवेदनों पर सीधे विचार करने की प्रथा पर असहमति व्यक्त की।न्यायालय ने इस प्रथा की उपयुक्तता पर विचार करने का निर्णय लिया और केरल हाईकोर्ट को नोटिस जारी किया। केरल हाईकोर्ट ने चुनौती दिए गए आदेश को पारित किया था। न्यायालय ने एडवोकेट जी. अरुधरा राव की सहायता से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा को इस मामले में एमिक्स क्यूरी नियुक्त किया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने स्वीकार किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सर्विस केस में आदेशों के अनुपालन पर नज़र रखने के लिए निर्णय कार्यान्वयन प्रकोष्ठ बनाने का आह्वान किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सर्विस केस में आदेशों के अनुपालन पर नज़र रखने के लिए 'निर्णय कार्यान्वयन प्रकोष्ठ' बनाने का आह्वान किया

यह देखते हुए कि नौकरशाही की लालफीताशाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण कर्मचारियों को नियमित रूप से देरी और उनके उचित सेवा लाभों से पूरी तरह वंचित करना एक दीर्घकालिक समस्या है, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नौकरशाहों के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए।वर्तमान मामले में न्यायालय की अंतरात्मा को यह देखकर ठेस पहुंची कि याचिकाकर्ता ने 2005 में न्यायालय द्वारा पारित अनुकूल आदेश के बावजूद अपने पद के नियमितीकरण की मांग करते हुए नौवीं बार न्यायालय का रुख किया।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"सार्वजनिक...

सुप्रीम कोर्ट ने अपील में मेडिकल लापरवाही का नया मामला गढ़ने के लिए NCDRC की आलोचना की, डॉक्टर के हक में दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अपील में मेडिकल लापरवाही का नया मामला गढ़ने के लिए NCDRC की आलोचना की, डॉक्टर के हक में दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (9 सितंबर) को एक शिकायतकर्ता को प्राप्त ₹10 लाख का मुआवज़ा वापस करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि NCDRC ने डॉक्टरों के खिलाफ 'प्रसवपूर्व लापरवाही' का मामला गढ़कर गलत मुआवज़ा दिया, जबकि मूल शिकायत 'प्रसवोत्तर लापरवाही' तक ही सीमित थी।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस एससी शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए दोहराया कि ऐसा नया मामला गढ़ना अस्वीकार्य होगा, जिसका ज़िक्र याचिका/शिकायत में कभी नहीं किया गया। चूंकि, NCDRC ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर डॉक्टर को कथित...

भ्रष्टाचार मामले में पूर्व हाईकोर्ट जज निर्मल यादव को बरी किए जाने को CBI की चुनौती पर नोटिस जारी
भ्रष्टाचार मामले में पूर्व हाईकोर्ट जज निर्मल यादव को बरी किए जाने को CBI की चुनौती पर नोटिस जारी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व हाईकोर्ट जज जस्टिस निर्मल यादव और तीन अन्य को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्हें बरी किए जाने को चुनौती दी गई।चंडीगढ़ की स्पेशल CBI कोर्ट ने इस साल अप्रैल में जस्टिस निर्मल यादव को 2008 के भ्रष्टाचार मामले में बरी कर दिया। 89 पृष्ठों के अपने फैसले में स्पेशल कोर्ट ने CBI के इस दावे को खारिज कर दिया कि जज ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सेवा करते हुए 15 लाख रुपये नकद प्राप्त किए।जस्टिस मंजरी...

2008 Malegaon Blast: प्रज्ञा ठाकुर और अन्य आरोपियों को बरी करने के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती
2008 Malegaon Blast: प्रज्ञा ठाकुर और अन्य आरोपियों को बरी करने के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती

2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले के पीड़ितों ने स्पेशल कोर्ट के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसमें पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया था।निसार अहमद सैय्यद बिलाल द्वारा दायर अपील पर जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रंजीतसिंह भोंसले की खंडपीठ 15 सितंबर को सुनवाई कर सकती है।अन्य पीड़ितों शेख लियाकत मोहिउद्दीन, शेख इशाक शेख यूसुफ, उस्मान खान ऐनुल्लाह खान, मुश्ताक शाह हारून शाह और शेख इब्राहिम शेख...

सुप्रीम कोर्ट ने टाइगर रिज़र्व सफ़ारी पर समिति गठित की | मौजूदा टाइगर सफ़ारी को जारी रखने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने टाइगर रिज़र्व सफ़ारी पर समिति गठित की | मौजूदा टाइगर सफ़ारी को जारी रखने की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) को गोवा के महादेई वन्यजीव अभयारण्य और आसपास के क्षेत्रों को बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित करने के मुद्दे की जांच करने और छह सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने गोवा राज्य को उन क्षेत्रों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का भी आदेश दिया, जिन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट ने बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित करने का निर्देश...

PC-PNDT मामलों में बरी किए गए लोगों को चुनौती न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की आलोचना की
PC-PNDT मामलों में बरी किए गए लोगों को चुनौती न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की आलोचना की

सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि राज्य गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन निषेध) अधिनियम के मामलों में अपराधियों को बरी किए जाने के खिलाफ अपील क्यों नहीं दायर कर रहे हैं।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन निषेध) नियम, 1966 के नियम 18ए(5)(vi) का कड़ाई से पालन करने का निर्देश देने की मांग की गई। यह नियम बरी किए जाने के आदेश के मामले में हाईकोर्ट में अपील, पुनर्विचार या अन्य कार्यवाही के लिए...

राष्ट्रपति संदर्भ: कर्नाटक, केरल और पंजाब ने सुप्रीम कोर्ट में कहा– राज्यपाल को बिल अनिश्चितकाल तक रोकने का अधिकार नहीं
राष्ट्रपति संदर्भ: कर्नाटक, केरल और पंजाब ने सुप्रीम कोर्ट में कहा– राज्यपाल को बिल अनिश्चितकाल तक रोकने का अधिकार नहीं

कर्नाटक, केरल और पंजाब राज्यों ने आज राष्ट्रपति को संदर्भित मामले में अपनी दलीलें पूरी कीं, जो बिलों पर सहमति (assent) देने की समयसीमा से जुड़ा है। राज्यों ने कहा कि अनुच्छेद 200 के तहत संवैधानिक ढांचे में राज्यपाल को कोई विवेकाधिकार (discretion) नहीं दिया गया है।सीनियर एडवोकेट के.के. वेणुगोपाल (केरल की ओर से) ने जोर देकर कहा कि राज्यपाल को इस तरह विवेकाधिकार नहीं दिया जा सकता कि वह मनी बिल तक को रोक दें। वहीं, कर्नाटक की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा कि राष्ट्रपति और...