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20 मई से पहले जॉइन करने वाले ज्यूडिशियल ऑफिसर दूसरे राज्यों में सर्विस के लिए अप्लाई करने के लिए 3 साल की प्रैक्टिस की ज़रूरत से नहीं बंधे हैं: सुप्रीम कोर्ट
20 मई से पहले जॉइन करने वाले ज्यूडिशियल ऑफिसर दूसरे राज्यों में सर्विस के लिए अप्लाई करने के लिए 3 साल की प्रैक्टिस की ज़रूरत से नहीं बंधे हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि जो ज्यूडिशियल ऑफिसर 20 मई, 2025 को दिए गए फ़ैसले से पहले सर्विस में शामिल हुए थे - जिसमें ज्यूडिशियल सर्विस में आने के लिए बार में तीन साल की प्रैक्टिस की ज़रूरत को फिर से लागू किया गया- उन्हें किसी दूसरे राज्य में ज्यूडिशियल सर्विस के लिए अप्लाई करने पर प्रैक्टिस की यह शर्त पूरी करने की ज़रूरत नहीं है। हालांकि, यह इस शर्त पर है कि उन्होंने मौजूदा राज्य में तीन साल की सर्विस पूरी कर ली हो।चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने...

एमएफ हुसैन की पेंटिंग वापस न करने के मामले में कांग्रेस नेता को वर्चुअली पेश होने की मिली इजाज़त
एमएफ हुसैन की पेंटिंग वापस न करने के मामले में कांग्रेस नेता को वर्चुअली पेश होने की मिली इजाज़त

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और पूर्व गृह राज्य मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जो उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की थी। इस आदेश में मशहूर कलाकार एमएफ हुसैन की पेंटिंग वापस न करने के मामले में उनके खिलाफ क्रिमिनल ब्रीच ऑफ़ ट्रस्ट का मुकदमा चलाने का निर्देश दिया गया था, जिसकी कीमत कथित तौर पर ₹1 करोड़ से ज़्यादा है।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने दिल्ली पुलिस के साथ-साथ शिकायतकर्ता रोहित सिंह महियारिया से भी जवाब मांगा।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि...

पर्सनल लॉ के तहत चार शादी करना चाहता था मुस्लिम पति, हाईकोर्ट ने कहा- स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करने के बाद ऐसा नहीं किया जा सकता
पर्सनल लॉ के तहत चार शादी करना चाहता था मुस्लिम पति, हाईकोर्ट ने कहा- स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करने के बाद ऐसा नहीं किया जा सकता

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार जब दोनों स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत शादी कर लेते हैं तो एक्ट की धारा 22 के तहत वैवाहिक अधिकारों की बहाली से जुड़े नियम पूरी तरह से लागू होते हैं, भले ही वे किसी भी पर्सनल लॉ को मानते हों।कोर्ट ने पति की इस दलील को खारिज कर दिया कि मुस्लिम होने के नाते वह चार महिलाओं से शादी करने का हकदार है, इसलिए उसकी पत्नी का ससुराल छोड़ना गलत था।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस राजेश कुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि वैवाहिक अधिकारों की बहाली सिर्फ कानून का नतीजा नहीं है।...

MLA के हॉस्पिटल आने पर खड़ा नहीं हुआ डॉक्टर: हरियाणा सरकार ने की कार्रवाई, हाईकोर्ट ने कार्रवाई की आलोचना करते हुए लगाया जुर्माना
MLA के हॉस्पिटल आने पर खड़ा नहीं हुआ डॉक्टर: हरियाणा सरकार ने की कार्रवाई, हाईकोर्ट ने कार्रवाई की आलोचना करते हुए लगाया जुर्माना

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना की, क्योंकि उसने सरकारी डॉक्टर के खिलाफ डिसिप्लिनरी कार्रवाई शुरू की और उसका नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) सिर्फ इसलिए रोक दिया, क्योंकि वह COVID-19 महामारी के दौरान लेजिस्लेटिव असेंबली के एक मेंबर (MLA) के हॉस्पिटल जाने पर अपनी सीट से नहीं उठा।कोर्ट ने राज्य को तुरंत NOC जारी करने का निर्देश दिया और इस कार्रवाई को “असंवेदनशील,” “मनमाना” और फ्रंटलाइन मेडिकल प्रोफेशनल्स से “गलत उम्मीदों” को दिखाने वाला बताया। इसने राज्य पर 50,000 रुपये का...

लाल किला ब्लास्ट: हाईकोर्ट ने आरोपी जसीर बिलाल की अपने वकील से मिलने की रिक्वेस्ट ठुकराई
लाल किला ब्लास्ट: हाईकोर्ट ने आरोपी जसीर बिलाल की अपने वकील से मिलने की रिक्वेस्ट ठुकराई

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हाल ही में हुए लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मामले में सह-आरोपी जसीर बिलाल वली को NIA हेडक्वार्टर में अपने वकील से मिलने की इजाज़त देने वाला अर्जेंट ऑर्डर पास करने से मना कर दिया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वली ट्रायल कोर्ट का कोई ऐसा ऑर्डर नहीं दिखा पाए, जिसमें उन्हें ऐसी राहत देने से मना किया गया हो। इसलिए कोर्ट कोई नया प्रोसीजर नहीं बना सकता।जज ने कहा,"यह (केस) कोई स्पेशल नहीं है।"जस्टिस शर्मा ने वली के वकील के सिर्फ़ बोलकर दिए गए इस बयान पर भी सवाल उठाया कि...

PMLA के तहत ED की तलाशी सिर्फ शिकायत में नामजद लोगों तक ही सीमित नहीं, इसमें अपराध से मिले पैसे रखने वाले लोग भी शामिल हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
PMLA के तहत ED की तलाशी सिर्फ शिकायत में नामजद लोगों तक ही सीमित नहीं, इसमें अपराध से मिले पैसे रखने वाले लोग भी शामिल हैं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को साफ किया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 17 प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सिर्फ उन लोगों के ठिकानों पर तलाशी लेने तक सीमित नहीं करती, जिनका नाम प्रॉसिक्यूशन शिकायत में है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की डिवीजन बेंच ने कहा कि तलाशी का प्रावधान उन लोगों पर भी लागू होता है, जिनके पास अपराध से मिले पैसे हैं। फिर भी उन पर किसी शेड्यूल्ड अपराध या मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का आरोप नहीं है।कोर्ट ने कहा कि PMLA की धारा 17 यह नहीं कहती कि तलाशी सिर्फ...

एमपी हाईकोर्ट ने हाईवे से 500 मीटर के अंदर शराब की दुकानें हटाने की मांग वाली PIL पर जारी किया नोटिस
एमपी हाईकोर्ट ने हाईवे से 500 मीटर के अंदर शराब की दुकानें हटाने की मांग वाली PIL पर जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (17 नवंबर) को एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन पर राज्य और केंद्र सरकारों को नोटिस जारी किया, जिसमें नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर के अंदर स्थित सभी शराब की दुकानों को बंद करने या हटाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का सख्ती से पालन करने की मांग की गई।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया,"नोटिस जारी करें। प्रतिवादी नंबर 2 और 3 की ओर से पेश हुए वकील ने नोटिस स्वीकार किया और निर्देश लेने के लिए समय मांगा है। दो हफ्ते बाद लिस्ट...

मैंने जज के पद को कभी पावर की कुर्सी नहीं, बल्कि सेवा करने का मौका समझा: CJI बीआर गवई ने विदाई भाषण में कहा
मैंने जज के पद को कभी पावर की कुर्सी नहीं, बल्कि सेवा करने का मौका समझा: CJI बीआर गवई ने विदाई भाषण में कहा

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई ने कहा कि उन्होंने जज के पद को कभी पावर की कुर्सी नहीं बल्कि देश की सेवा करने का एक ज़रिया समझा।सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें विदाई देने के लिए आयोजित सेरेमोनियल बेंच में बोलते हुए CJI ने कहा,"एक वकील के तौर पर और फिर हाईकोर्ट के जज और फिर सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि यह पद पावर का पद नहीं है, बल्कि समाज और देश की सेवा करने का एक मौका है।"जस्टिस गवई 23 नवंबर को रिटायर होंगे।उन्होंने आगे कहा कि एक वकील से जज बनने तक के उनके सफर...

चार्ज तय करने में देरी : सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट्स को एमिक्स क्यूरी को मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
चार्ज तय करने में देरी : सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट्स को एमिक्स क्यूरी को मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में ट्रायल कोर्ट द्वारा चार्ज फ्रेमिंग में हो रही देरी को रोकने के लिए दिशानिर्देश बनाने के अपने प्रस्तावित प्रयास के तहत शुक्रवार को सभी हाईकोर्ट्स के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि वह एमिक्स क्यूरी को मांगी गई सूचनाएं जल्द उपलब्ध कराएं।न्यायालय ने कहा कि हाईकोर्ट के चीफ जज जिला अदालतों से जानकारी जुटाने के लिए आवश्यक होने पर समितियां गठित कर सकते हैं और संबंधित आंकड़े अमिकस को भेज सकते हैं। मामले में सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा और नागामुथु एमिक्स क्यूरी के रूप में...

कैश फॉर क्वेरी प्रकरण : लोकपाल द्वारा CBI को मंज़ूरी के खिलाफ महुआ मोइत्रा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा, अंतरिम राहत नहीं
कैश फॉर क्वेरी प्रकरण : लोकपाल द्वारा CBI को मंज़ूरी के खिलाफ महुआ मोइत्रा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा, अंतरिम राहत नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा दायर उस याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने लोकपाल द्वारा CBI को चार्जशीट दाखिल करने की मंज़ूरी देने के आदेश को चुनौती दी है। हालाँकि अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि सभी पक्षों की दलीलें सुन ली गई हैं और निर्णय सुरक्षित रखा जा रहा है।अदालत ने यह निर्णय मोइत्रा CBI और शिकायतकर्ता निशिकांत दुबे की ओर से विस्तृत बहस सुनने के...

Art 226 | अगर हाईकोर्ट के अलग अधिकार क्षेत्र में दूसरा उपाय मौजूद है तो आमतौर पर रिट पिटीशन पर विचार नहीं किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
Art 226 | अगर हाईकोर्ट के अलग अधिकार क्षेत्र में दूसरा उपाय मौजूद है तो आमतौर पर रिट पिटीशन पर विचार नहीं किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब किसी दूसरे अधिकार क्षेत्र में हाई कोर्ट के सामने कोई असरदार दूसरा कानूनी उपाय मौजूद होता है तो रिट पिटीशन नॉन-मेंटेनेबल हो जाती है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले में दखल देने से इनकार करते हुए कहा, जिसमें अपील करने वाले की रिट पिटीशन को नॉन-मेंटेनेबल बताते हुए खारिज कर दिया गया, क्योंकि कस्टम्स, एक्साइज और गोल्ड (कंट्रोल) अपीलेट ट्रिब्यूनल एक्ट, 1962 के खिलाफ हाई कोर्ट के सामने रेफरेंस लेने का एक दूसरा उपाय मौजूद...

भोपाल में पेड़ काटने पर रोक: वनस्पति नष्ट करने पर हाईकोर्ट ने सीनियर अधिकारियों को तलब किया
भोपाल में पेड़ काटने पर रोक: वनस्पति नष्ट करने पर हाईकोर्ट ने सीनियर अधिकारियों को तलब किया

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 20 नवंबर को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि भोपाल में कोई भी पेड़ बिना कोर्ट की अनुमति के न काटा जाए, न छांटा जाए और न ही स्थानांतरित किया जाए। अदालत ने कहा कि अधिकारी “विकास” के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों को नष्ट कर रहे हैं।यह मामला तब उठा जब टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया कि PWD ने बिना अनुमति 488 पेड़ काट दिए। कोर्ट ने पहले भी PWD से पेड़ों की संख्या पर हलफनामा मांगा था, जिसमें बताया गया कि कुछ पेड़ों का प्रतिरोपण किया गया था, लेकिन राज्य के पास Tree...

कोर्ट नोटिस भेजने में नाकामी पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डाक विभाग को फटकार लगाई
कोर्ट नोटिस भेजने में नाकामी पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डाक विभाग को फटकार लगाई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डाक विभाग द्वारा एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोर्ट द्वारा जारी नोटिस को प्रेषित न किए जाने पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की है। न्यायालय ने इस स्थिति को “चौंकाने वाला” बताया और रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि नए तारीख़ के साथ ताज़ा नोटिस जारी किए जाएँ।समीक्षा याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि 14 अक्टूबर 2025 को प्रतिवादी को जारी नोटिस न तो वापस आया और न ही संबंधित पक्ष को सेवा हुआ। गौरतलब है कि आधिकारिक ट्रैकिंग सिस्टम में भी 'नो बुकिंग इन्फ़ॉर्मेशन' दिख रहा...

केरल में SIR स्थगित करने की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने ECI को नोटिस जारी किया; अगली सुनवाई 26 नवंबर को
केरल में SIR स्थगित करने की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने ECI को नोटिस जारी किया; अगली सुनवाई 26 नवंबर को

सुप्रीम कोर्ट ने आज केरल सरकार की उस याचिका पर चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी किया है, जिसमें राज्य ने केरल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया को स्थानीय निकाय चुनाव समाप्त होने तक स्थगित करने का अनुरोध किया है।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस भट्टी और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की तीन-न्यायाधीशीय पीठ ने मामले को 26 नवंबर को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल केरल सरकार की ओर से उपस्थित हुए। राज्य सरकार की याचिका के साथ-साथ पीठ ने आईयूएमएल महासचिव...

सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना ​​मामले में ED अधिकारी को तलब करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना ​​मामले में ED अधिकारी को तलब करने वाले आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें अवमानना ​​याचिका में ED अधिकारी को नोटिस जारी किया गया। अवमानना ​​याचिका यह आरोप लगाते हुए दायर की गई कि ED हाई कोर्ट के स्टे ऑर्डर को नज़रअंदाज़ करते हुए जांच जारी रखे हुए है।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट में अवमानना ​​की कार्यवाही लंबित होने के कारण बेंच ED की याचिका पर विचार करने को तैयार नहीं है। हाईकोर्ट के सामने सभी...

राज्यपाल व राष्ट्रपति के लिए समय-सीमा तय करना गलत: तमिलनाडु फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
राज्यपाल व राष्ट्रपति के लिए समय-सीमा तय करना गलत: तमिलनाडु फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

राष्ट्रपति द्वारा संदर्भित 14 विधिक प्रश्नों पर अपना अभिमत देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने आज स्पष्ट किया कि तमिलनाडु राज्यपाल वाले निर्णय के वे पैराग्राफ, जिनमें राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए अनुच्छेद 200/201 के तहत समय-सीमा निर्धारित की गई थी, त्रुटिपूर्ण (erroneous) हैं।8 अप्रैल को दो-जजों पीठ ने यह फैसला दिया था कि तमिलनाडु के राज्यपाल ने विधानसभा द्वारा पुनः पारित किए गए विधेयकों को राष्ट्रपति के पास भेजकर दुर्भावनापूर्ण तरीके (mala fide) से कार्य किया। उस फैसले में कोर्ट ने उन विधेयकों को...