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हाईकोर्ट प्रारंभिक खारिज आदेश वापस लेकर अग्रिम ज़मानत नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट प्रारंभिक खारिज आदेश वापस लेकर अग्रिम ज़मानत नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस असामान्य आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत अग्रिम ज़मानत याचिका, जिसे शुरू में खारिज कर दिया गया था, बाद में वापस ले ली गई और अग्रिम ज़मानत दे दी गई।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एसवीएन भट्टी की खंडपीठ के समक्ष शिकायतकर्ता ने तर्क दिया कि एक बार अग्रिम ज़मानत की याचिका खारिज करने वाला विस्तृत आदेश पारित हो जाने के बाद कार्यवाही पूरी तरह समाप्त हो गई और उसे वापस बुलाकर पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता था, बहाल करना तो दूर की बात है।याचिकाकर्ता...

आरोपी द्वारा आत्म-दोषपूर्ण तथ्य न बताना, स्वीकारोक्ति से इनकार करना असहयोग नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
आरोपी द्वारा आत्म-दोषपूर्ण तथ्य न बताना, स्वीकारोक्ति से इनकार करना असहयोग नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी द्वारा जांच अधिकारी द्वारा पूछे गए प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर न देना या कोई भी स्वीकारोक्ति देने से इनकार करना असहयोग नहीं कहा जा सकता।जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा कि किसी आरोपी द्वारा अपने विरुद्ध कोई भी आरोप लगाने वाली बात कहने से इनकार करना भी असहयोग नहीं कहा जा सकता।अदालत एक आरोपी द्वारा जबरन वसूली के मामले में अग्रिम ज़मानत की मांग करते हुए दायर याचिका पर विचार कर रहा था। यह FIR भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 384 (जबरन वसूली), 385 (जबरन वसूली के लिए किसी...

अरविंद केजरीवाल को नहीं मिल रहा सरकारी बंगला, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा- मनमर्जी पर आधारित नहीं हो सकता
अरविंद केजरीवाल को नहीं मिल रहा सरकारी बंगला, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा- 'मनमर्जी पर आधारित नहीं हो सकता'

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को टिप्पणी की कि आवासीय आवास का आवंटन पूरी तरह से अधिकारियों की मनमर्जी पर आधारित नहीं हो सकता, क्योंकि उसने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को आवासीय आवास आवंटित करने की याचिका पर सुनवाई की।जस्टिस सचिन दत्ता ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव और संपदा निदेशालय के निदेशक को अगली सुनवाई की तारीख 25 सितंबर को वर्चुअल रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया।केंद्र सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि 35, लोधी एस्टेट...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बार काउंसिल में नामांकन न होने के कारण न्यायपालिका एग्जाम एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बार काउंसिल में नामांकन न होने के कारण न्यायपालिका एग्जाम एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2024 के लिए रजिस्टर्ड कई अभ्यर्थियों द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन अभ्यर्थियों में लोक अभियोजक और सहायक लोक अभियोजक भी शामिल है, जो परीक्षा के विज्ञापन की तिथि पर बार काउंसिल में 'एडवोकेट' के रूप में नामांकित नहीं है। इन अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती दी थी, जबकि उन्हें पहले परीक्षा के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई।बुधवार (17 सितंबर) शाम को वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए इस तर्कसंगत आदेश...

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 1999 में बलात्कार के दोषी व्यक्ति की उम्र निर्धारित करने के लिए किशोर परीक्षण कराने का निर्देश दिया
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 1999 में बलात्कार के दोषी व्यक्ति की उम्र निर्धारित करने के लिए किशोर परीक्षण कराने का निर्देश दिया

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 1999 में बलात्कार के दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति की उम्र निर्धारित करने के लिए किशोर परीक्षण कराने का निर्देश दिया। यह निर्देश तब आया, जब दोषी ने दावा किया कि अपराध के समय वह नाबालिग था, जिससे उसके मामले में किशोर न्याय प्रावधानों की प्रयोज्यता पर सवाल उठे।स्कूल छोड़ने के प्रमाण पत्र के आधार पर अपीलकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि कथित अपराध की तारीख को उसकी उम्र 16 वर्ष 06 महीने और 17 दिन थी और यद्यपि ट्रायल कोर्ट के समक्ष किशोर होने का तर्क नहीं दिया गया। फिर भी विभिन्न...

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने BJP MLA की चुनाव याचिका खारिज करने की मांग वाली याचिका खारिज की
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने BJP MLA की चुनाव याचिका खारिज करने की मांग वाली याचिका खारिज की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी विधायक (BJP MLA) देवेंद्र अत्री द्वारा कांग्रेस (Congress) उम्मीदवार बिजेंद्र सिंह द्वारा उनके खिलाफ दायर चुनाव याचिका खारिज करने की मांग वाली याचिका खारिज की।पहले सिंह ने अत्री के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने पुनर्मतगणना की मांग की थी और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था। बाद में कांग्रेस उम्मीदवार ने संशोधित याचिका दायर की, जिसमें भ्रष्ट आचरण के आरोपों को हटा दिया गया और उनकी याचिका को केवल पुनर्मतगणना तक ही सीमित रखा गया।अदालत ने...

Customs Act | ज़ब्त की गई वस्तु की अस्थायी रिहाई से 2018 से पहले के मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी करने की समय-सीमा नहीं बढ़ेगी: सुप्रीम कोर्ट
Customs Act | ज़ब्त की गई वस्तु की अस्थायी रिहाई से 2018 से पहले के मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी करने की समय-सीमा नहीं बढ़ेगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा ज़ब्त की गई आयातित मासेराती कार को छोड़ने का निर्देश दिया गया। अदालत ने हाईकोर्ट के इस विचार को बरकरार रखा कि कस्टम एक्ट, 1962 के तहत निर्धारित समय के भीतर कारण बताओ नोटिस जारी न करने पर व्यक्ति ज़ब्त की गई वस्तु को छोड़ने का हकदार हो जाता है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने आगे कहा कि कस्टम एक्ट की धारा 110ए के तहत ज़ब्त की गई वस्तु की अस्थायी रिहाई धारा 110(2) के...

S. 482 CrPC/S. 528 BNSS | कुछ FIR रद्द करने वाली याचिकाओं में हाईकोर्ट को मामला दायर करने की पृष्ठभूमि भी समझना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
S. 482 CrPC/S. 528 BNSS | कुछ FIR रद्द करने वाली याचिकाओं में हाईकोर्ट को मामला दायर करने की पृष्ठभूमि भी समझना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (18 सितंबर) को हाईकोर्ट को केवल FIR की विषय-वस्तु के आधार पर याचिकाओं को यंत्रवत् खारिज करने के प्रति आगाह किया। इस बात पर ज़ोर दिया कि कुछ मामलों में FIR दायर करने के परिवेश और परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। न्यायालय ने आगे कहा कि हाईकोर्ट को यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि क्या FIR किसी जवाबी हमले का परिणाम थी या वादी को परेशान करने के किसी अप्रत्यक्ष उद्देश्य से प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के रूप में दर्ज की गई।अदालत ने कहा,“हालांकि यह सच है कि इस स्तर पर...

अरुंधति रॉय की किताब के कवर पर बिना स्वास्थ्य चेतावनी बीड़ी पीते दिखने पर याचिका: केरल हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
अरुंधति रॉय की किताब के कवर पर बिना स्वास्थ्य चेतावनी बीड़ी पीते दिखने पर याचिका: केरल हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

केरल हाईकोर्ट ने अरुंधति रॉय की किताब “Mother Mary Comes To Me” के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता, जो एक अधिवक्ता हैं, ने कहा है कि किताब के कवर पर रॉय बीड़ी पीते हुए दिख रही हैं लेकिन उस पर अनिवार्य स्वास्थ्य चेतावनी नहीं है। उन्होंने मांग की है कि जब तक वैधानिक लेबल नहीं लगाया जाता, तब तक किताब की बिक्री पर रोक लगाई जाए।याचिकाकर्ता ने दलील दी कि यह कवर सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन निषेध और व्यापार, उत्पादन, आपूर्ति एवं वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2013 की...

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला आने तक NHAI द्वारा CLAT-PG अंकों के आधार पर वकीलों की भर्ती पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला आने तक NHAI द्वारा CLAT-PG अंकों के आधार पर वकीलों की भर्ती पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (18 सितंबर) को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की 11 अगस्त की अधिसूचना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें कहा गया कि वकीलों की भर्ती के लिए CLAT-PG अंक आधार होंगे।अदालत ने याचिका पर फैसला सुनाए जाने तक NHAI द्वारा भर्ती पर भी रोक लगाई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने सभी पक्षकारों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।पिछली सुनवाई में NHAI ने हाईकोर्ट को बताया कि वह वकीलों की भर्ती के लिए...

दिल्ली कोर्ट ने अदानी ग्रुप के खिलाफ एकपक्षीय गैग ऑर्डर किया ख़ारिज
दिल्ली कोर्ट ने अदानी ग्रुप के खिलाफ एकपक्षीय 'गैग ऑर्डर' किया ख़ारिज

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने गुरुवार को वह एकपक्षीय आदेश रद्द किया, जिसके तहत चार पत्रकारों को अडानी ग्रुप से संबंधित कथित मानहानिपूर्ण रिपोर्टें प्रकाशित करने से रोका गया। यह आदेश निचली अदालत ने 6 सितंबर को पारित किया।डिस्ट्रिक्ट जज आशीष अग्रवाल ने पत्रकार रवी नायर, अबीर दासगुप्ता, अयस्कांत दास और आयुष जोशी की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि संबंधित लेख पहले से ही लंबे समय से सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट को आदेश पारित करने से पहले पत्रकारों को सुना जाना चाहिए।अदालत ने कहा कि...

बार-बार मुकदमेबाजी की अनुमति नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठाओं को कुंभी दर्जा देने के खिलाफ PIL खारिज की
बार-बार मुकदमेबाजी की अनुमति नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठाओं को कुंभी दर्जा देने के खिलाफ PIL खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के उस शासनादेश (GR) के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज की, जिसके तहत मराठा समुदाय के उन सदस्यों को जो स्वयं को कुंभी मूल का बताते हैं, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में कुंभी जाति का प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अखंड की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले पर पहले से ही याचिका अदालत में लंबित है और नई याचिका दाख़िल करना मुकदमेबाजी की अनावश्यक पुनरावृत्ति होगी।चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की,“हम मुकदमेबाजी...

भ्रष्टाचार मामले में हाईकोर्ट सेशन जज के खिलाफ की विभागीय जांच की सिफारिश
भ्रष्टाचार मामले में हाईकोर्ट सेशन जज के खिलाफ की विभागीय जांच की सिफारिश

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सेशन जज के खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। अदालत ने पाया कि जज ने ज़मीन अधिग्रहण कार्यालय में कार्यरत सरकारी कंप्यूटर ऑपरेटर जिस पर 5 करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि गबन करने का आरोप है, उनके खिलाफ गंभीर धाराओं को नज़रअंदाज़ कर केवल हल्की धारा कायम रखी, जिससे उसे अनुचित लाभ मिला।जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की पीठ ने आदेश दिया कि इस मामले की प्रति प्रिंसिपल रजिस्ट्रार (विजिलेंस), हाईकोर्ट ऑफ़ मध्यप्रदेश, जबलपुर को भेजी जाए और माननीय चीफ जस्टिस के...