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अनुच्छेद 226(3) के तहत दायर आवेदन दो सप्ताह में निपटाना हाइकोर्ट की संवैधानिक जिम्मेदारी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) का निपटारा करते हुए इलाहाबाद हाइकोर्ट को संविधान के अनुच्छेद 226(3) के तहत उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी की याद दिलाई।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम आदेश को निरस्त करने के लिए दायर आवेदन को हाइकोर्ट को दो सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से तय करना होता है।यह मामला इलाहाबाद हाइकोर्ट द्वारा पारित अंतरिम यथास्थिति आदेश से जुड़ा है, जिसे चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने...
अनुच्छेद 226 के तहत ED रिट याचिका दायर कर सकती है या नहीं, केरल और तमिलनाडु की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (20 जनवरी) को केरल और तमिलनाडु राज्यों द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिनमें यह अहम संवैधानिक सवाल उठाया गया कि क्या प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दायर करने का अधिकार है।कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। हालांकि किसी प्रकार की अंतरिम रोक नहीं लगाई गई।यह मामला जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया। केरल राज्य की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश...
सोशल मीडिया पर ठगी के लिए सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की तस्वीरों के दुरुपयोग पर दिल्ली हाइकोर्ट का सख्त रुख
दिल्ली हाइकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की तस्वीरों का सोशल मीडिया पर दुरुपयोग कर लोगों से ठगी किए जाने के मामले में अहम अंतरिम आदेश पारित किया। हाइकोर्ट ने ऐसी सभी तस्वीरों को हटाने या हटवाने का निर्देश दिया, जिनका उपयोग बिना अनुमति के किया जा रहा है।जस्टिस ज्योति सिंह ने अंतरिम आदेश में ज्ञात और अज्ञात (जॉन डो) व्यक्तियों व संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की तस्वीरों का किसी भी प्रकार से अनधिकृत उपयोग कर आर्थिक लाभ न उठाएं।सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की ओर से पेश...
दूसरी शादी के दस्तावेज को प्रमाणित करने पर मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने पूर्व नोटरी को लगाई कड़ी फटकार
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने एडवोकेट की याचिका पर कड़ी नाराजगी जताई, जिसमें उसने अपनी नोटरी प्रैक्टिस समाप्त किए जाने के आदेश को चुनौती दी। यह कार्रवाई उस वकील के खिलाफ इसलिए की गई, क्योंकि उसने एक पक्षकार की दूसरी शादी के संपन्न होने से संबंधित दस्तावेज को प्रमाणित (अटेस्ट) किया, जबकि उसे ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं था।इतना ही नहीं यह प्रमाणन उस समय किया गया था जब संबंधित व्यक्ति की पहली शादी अभी भी कायम थी।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने...
महत्वपूर्ण DNA साक्ष्य आरोपी के सामने न रखने से ट्रायल हुआ दूषित: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने मौत की सजा रद्द की, नए सिरे से सुनवाई के आदेश
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने एक पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराए गए विनोद उर्फ मुन्ना को दी गई मौत की सजा रद्द की। हाइकोर्ट ने कहा कि आरोपी का बयान दर्ज करते समय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 313 के तहत गंभीर प्रक्रियात्मक चूक हुई, जिससे पूरे ट्रायल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।हाइकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि DNA रिपोर्ट और अन्य अहम फोरेंसिक साक्ष्य आरोपी के समक्ष नहीं रखे गए, जिससे उसे अपना पक्ष स्पष्ट करने का अवसर नहीं मिला। यह आरोपी के साथ अन्याय है...
साथ रहने या सार्थक संपर्क के बिना ससुराल पक्ष पर क्रूरता के आरोप स्वभावतः अविश्वसनीय: पटना हाइकोर्ट
पटना हाइकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि पति के रिश्तेदारों के साथ न तो साझा निवास हो और न ही कोई सार्थक संपर्क, तो ससुराल पक्ष के खिलाफ क्रूरता के आरोप अपने आप में अविश्वसनीय हो जाते हैं। हाइकोर्ट ने इस आधार पर आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।यह मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धाराओं 85, 115(2), 118(1) और 191(2) के तहत दर्ज एक शिकायत से जुड़ा था। ट्रायल कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए पति के रिश्तेदारों ने हाइकोर्ट का...
BREAKING| 'पंजाब केसरी' को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत, पंजाब सरकार को प्रिंटिंग प्रेस के खिलाफ कार्रवाई करने से रोका
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब सरकार को 'पंजाब केसरी' अखबार के पब्लिकेशन के खिलाफ कोई भी जबरदस्ती वाला कदम न उठाने का निर्देश दिया, जबकि मैनेजमेंट द्वारा राज्य की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है।कोर्ट ने आदेश दिया कि अखबार का प्रिंटिंग प्रेस हाईकोर्ट के फैसले के अधीन बिना किसी रुकावट के काम करता रहेगा। यह अंतरिम आदेश हाईकोर्ट के फैसले सुनाए जाने तक और उसके बाद एक हफ्ते तक जारी रहेगा, ताकि पार्टियां अपील के लिए कानूनी रास्ते अपना सकें।चीफ...
प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेशन: सुप्रीम कोर्ट कैबिनेट सेक्रेटरी द्वारा एफिडेविट दाखिल न करने पर केंद्र सरकार से नाराज़
प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ के रेगुलेशन से जुड़े मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (8 जनवरी) भारत सरकार द्वारा शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के ज़रिए कंप्लायंस एफिडेविट दाखिल करने पर नाराज़गी जताई, जबकि साफ निर्देश दिया गया था कि एफिडेविट भारत सरकार के कैबिनेट सेक्रेटरी द्वारा ही दिया जाना चाहिए।कोर्ट देश भर में प्राइवेट और डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटीज़ के रेगुलेशन से जुड़े एक मामले में कंप्लायंस की निगरानी कर रहा था, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके गठन, कामकाज और...
ट्रायल से पहले लोगों को सालों तक जेल में रखना सज़ा के बराबर: पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़
पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि लोगों को सालों तक जेल में रखकर अंडरट्रायल हिरासत को सज़ा का रूप नहीं देना चाहिए। अगर उचित समय में ट्रायल खत्म होने की कोई संभावना नहीं है तो जल्द ट्रायल के मौलिक अधिकार और जीवन के अधिकार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और अंडरट्रायल को ज़मानत दी जानी चाहिए।पूर्व CJI द हिंदू के लिट फॉर लाइफ फेस्टिवल में बोलने की आज़ादी, राष्ट्रीय सुरक्षा और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) पर सवालों के जवाब दे रहे थे।राज्यों द्वारा अंडरट्रायल को...
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे एक्ट के तहत ज़मीन अधिग्रहण में दूसरे ज़मीन अधिग्रहणों की तुलना में असमानता पर चिंता जताई, केंद्र से जांच करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे एक्ट, 1956 के तहत अधिग्रहित ज़मीन के मुआवज़े को तय करने में गहरी संरचनात्मक कमियों पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि जिन ज़मीन मालिकों की ज़मीनें 1956 के एक्ट के तहत अधिग्रहित की गईं, उन्हें उन ज़मीन मालिकों की तुलना में काफी नुकसान होता है जिनकी ज़मीनें अलग-अलग कानूनों के तहत अधिग्रहित की गईं।कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे एक्ट के तहत मुआवज़े के विवाद सरकारी अधिकारियों जैसे कलेक्टर या कमिश्नर द्वारा तय किए जाते हैं, न कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा, जो अक्सर प्रशासनिक कामों...
NEET-PG 2025 | इलाहाबाद हाईकोर्ट में SC/ST/OBC उम्मीदवारों को 'माइनस 40' नंबर के साथ काउंसलिंग की इजाज़त देने के खिलाफ PIL
इलाहाबाद हाईकोर्ट में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के उस फैसले को चुनौती देते हुए जनहित याचिका (PIL) दायर की गई, जिसमें NEET-PG 2025 परीक्षा में 800 में से -40 (माइनस 40) नंबर लाने वाले SC/ST/OBC स्टूडेंट्स को काउंसलिंग की इजाज़त दी गई।याचिकाकर्ता एडवोकेट अभिनव गौर इस कदम को भारत के संविधान के अनुच्छेद 16(4) के खिलाफ बताते हैं। याचिका में इस आधार पर फैसले को चुनौती दी गई कि NEET-PG 2025 के लिए कट-ऑफ नंबरों में भारी कमी से मेरिट-आधारित चयन प्रक्रिया की पवित्रता खत्म हो...
पतंग उड़ाने के पीक सीज़न के दौरान 'चाइनीज़ मांझे' के खिलाफ़ मशीनरी एक्टिवेट करने के लिए राज्य सरकार बाध्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते कहा कि राज्य सरकार हाईकोर्ट द्वारा पहले से जारी निर्देशों का पालन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है कि जब पतंग उड़ाने का सीज़न अपने चरम पर हो तो मशीनरी को एक्टिवेट किया जाए ताकि चाइनीज़ मांझे का निर्माण, इस्तेमाल और बिक्री न हो, जिससे इंसानों और पक्षियों की जान को खतरा न हो।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें जौनपुर ज़िले में सिंथेटिक पतंग के धागे पर रोक...
सिर्फ़ हत्या का शक जांच ट्रांसफर करने के लिए काफ़ी नहीं: एमपी हाईकोर्ट ने बेटे की मौत की CBI जांच की पिता की याचिका खारिज की
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति की अपने बेटे की मौत की जांच CBI को ट्रांसफर करने की याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ शक, चाहे वह कितना भी गंभीर क्यों न हो, या पिता का यह मानना कि इसमें हत्या का एंगल है, जांच ट्रांसफर करने के लिए कानूनी तौर पर मान्य सबूतों की जगह नहीं ले सकता।जस्टिस मिलिंद रमेश फडके की बेंच ने कहा,"रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से पता चलता है कि DNA प्रोफाइलिंग के ज़रिए मृतक की पहचान होने के बाद जांच एजेंसी ने सभी ज़रूरी गवाहों के बयान दर्ज करके, कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच...
अनजाने में हुई OMR गलती से अपरिवर्तनीय नुकसान नहीं हो सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने JET-2025 B.Tech एडमिशन बहाल किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत दी, जिसका B.Tech कोर्स में प्रोविजनल एडमिशन जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (JET) 2025 के OMR में अपने अटेम्प्ट किए गए सब्जेक्ट्स को भरने में गलती के कारण रद्द कर दिया गया। कोर्ट ने इसे एक अनजाने में हुई गलती और उसकी तरफ से एक छोटी सी चूक माना।जस्टिस नूपुर भाटी की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को परीक्षा के दौरान ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए था। हालांकि, उसकी तरफ से कोई जानबूझकर गलतबयानी नहीं की गई। ऐसी अनजाने में हुई गलती के लिए उसका एडमिशन रद्द करने से उसे अपरिवर्तनीय...
आरोपी के अधिकारों पर ज़्यादा ज़ोर देने से पीड़ित के अधिकारों को नुकसान पहुंचने का खतरा है, अदालतों को संतुलन बनाना चाहिए: POCSO मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एक नाबालिग लड़की से रेप के मामले में एक आदमी की सज़ा और उम्रकैद बरकरार रखते हुए पीड़ित के अधिकारों को 'नज़रअंदाज़' करते हुए आरोपी के अधिकारों पर 'ज़्यादा ज़ोर' देने के 'खतरे' पर दुख जताया।जस्टिस मनीष पिटाले और जस्टिस मंजुषा देशपांडे की डिवीजन बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पीड़ित ही आपराधिक कानून को शुरू करता है। फिर भी पीड़ित के अधिकारों को अक्सर पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।जजों ने कहा,"हमारे सिस्टम में कभी-कभी आरोपी के अधिकारों पर ज़्यादा ज़ोर देने का...
Surat Rape Case: हाईकोर्ट ने नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की याचिका पर नोटिस जारी किया
गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते 2019 में रेप केस में दोषी ठहराए गए नारायण साई की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की मांग की।जस्टिस इलेश जे वोरा और जस्टिस आरटी वच्छानी की डिवीज़न बेंच ने अपने आदेश में कहा:"नोटिस, जिसका जवाब 26.02.2026 को देना है। सरकारी वकील ने प्रतिवादी-राज्य की ओर से नोटिस लेने से छूट दी। याचिकाकर्ता के वकील को मूल शिकायतकर्ता की ओर से पेश होने वाले वकील श्री नंदीश ठक्कर को नोटिस देने की अनुमति दी गई।"साई को 30 अप्रैल, 2019 को सूरत...
हाईकोर्ट ने धनगर कोटा विरोध याचिका पर अर्जेंट सुनवाई से इनकार किया, मराठा प्रदर्शनकारियों का किया उल्लेख
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मराठा समुदाय के उन प्रदर्शनकारियों की आलोचना की, जिन्होंने सितंबर 2025 में मुंबई शहर को ठप कर दिया और समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते हुए शहर की सड़कों पर गंदगी फैलाई और ज़्यादा समय तक रुके रहे।जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस अभय मंत्री की डिवीजन बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रदर्शनकारियों को शहर के आज़ाद मैदान में, जो सभी तरह के विरोध प्रदर्शनों और सार्वजनिक सभाओं के लिए तय जगह है, सिर्फ़ एक दिन के लिए विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त दी गई। फिर भी वे ज़्यादा समय तक...
NDTV के फाउंडर्स राधिका रॉय और प्रणय रॉय के खिलाफ बार-बार IT रीअसेसमेंट उत्पीड़न के बराबर: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि NDTV के फाउंडर्स राधिका रॉय और प्रणय रॉय के खिलाफ एक ही साल के लिए इनकम टैक्स असेसमेंट को बार-बार खोलना उनके "गैर-ज़रूरी उत्पीड़न" के बराबर है।जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनोद कुमार की डिवीजन बेंच ने यह बात असेसमेंट ईयर 2009-10 के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा शुरू की गई रीअसेसमेंट कार्यवाही पर सुनवाई करते हुए कही।कोर्ट ने कहा कि ऐसा कदम "निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया की जड़ पर ही चोट करता है" और "अराजकता नहीं तो अनिश्चितता/अस्थिरता" पैदा करता है।यह मामला रॉय दंपत्ति...
मेडिकल कॉलेज फैकल्टी के लिए आधार और GPS आधारित अटेंडेंस सिस्टम निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं: पटना हाईकोर्ट
एक महत्वपूर्ण फैसले में पटना हाईकोर्ट ने बिहार के मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी सदस्यों की अटेंडेंस दर्ज करने के लिए आधार-आधारित फेशियल ऑथेंटिकेशन और GPS लोकेशन शेयरिंग की आवश्यकता को सही ठहराया।जस्टिस बिबेक चौधरी की सिंगल जज बेंच एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक पब्लिक नोटिस को चुनौती दी गई। इस नोटिस में राज्य के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में फेस-आधारित आधार ऑथेंटिकेशन और GPS-सक्षम अटेंडेंस को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया।याचिकाकर्ता अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों और...
राज्य बिना मान्यता वाले मदरसे को बंद नहीं कर सकता, लेकिन सरकारी ग्रांट देने से मना कर सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो डिस्ट्रिक्ट माइनॉरिटी वेलफेयर ऑफिसर को उत्तर प्रदेश राज्य में बिना मान्यता वाले मदरसे को बंद करने का अधिकार दे।याचिकाकर्ता मदरसा अहले सुन्नत इमाम अहमद रज़ा की मैनेजमेंट कमेटी ने श्रावस्ती के डिस्ट्रिक्ट माइनॉरिटी वेलफेयर ऑफिसर के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसमें याचिकाकर्ता मदरसे को बिना मान्यता प्राप्त होने के कारण बंद करने का आदेश दिया गया।याचिकाकर्ता के वकील ने उत्तर प्रदेश गैर-सरकारी अरबी और फारसी मदरसा मान्यता,...




















