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बिना संज्ञेय अपराध पुलिस पूछताछ नहीं कर सकती: मद्रास हाईकोर्ट ने करंट पेपर इन्क्वायरी की प्रथा पर लगाई फटकार
मद्रास हाईकोर्ट ने बिना किसी वैधानिक आधार के पुलिस अधिकारियों द्वारा करंट पेपर इन्क्वायरी आयोजित करने की प्रथा की कड़ी आलोचना की है।जस्टिस बी. पुगलेंधी ने कहा कि इस तरह की अनौपचारिक कार्यवाही को कानून के तहत कोई मान्यता प्राप्त नहीं है और किसी भी व्यक्ति को पुलिस के सामने पेश होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जब तक कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के अनुसार किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा और रिकॉर्ड न किया गया हो।न्यायालय ने कहा, "यह अदालत यह नोट करने के लिए बाध्य है कि 'करंट...
खालिस्तानी झंडा फहराने के आरोपी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत लगभग पांच साल से जेल में बंद एक व्यक्ति को जमानत दे दी है। इस व्यक्ति पर कथित रूप से खालिस्तानी झंडा फहराने में सहायता करने का आरोप था।जस्टिस दीपक सिब्बल और जस्टिस लपिता बनर्जी की खंडपीठ ने कहा कि, "अपीलकर्ता के खिलाफ आरोप था कि उसने गुरपतवंत सिंह पन्नू का वीडियो देखा और अपने चचेरे भाई इंद्रजीत सिंह (मुख्य आरोपी) को अलग राज्य 'खालिस्तान' के गठन का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया, और उपायुक्त (DC) कार्यालय की शीर्ष...
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रत्यारोपित 253 पेड़ों की जीपीएस-टैग वाली तस्वीरें मांगी, कहा- तस्वीरें दिखाती हैं कि पेड़ 'पूरी तरह काटे गए, लगाए नहीं गए
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित रूप से 'प्रत्यारोपित किए गए 253 पेड़ों की जीपीएस लोकेशन के साथ तस्वीरें पेश करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद मौजूदा तस्वीरों से पता चलता है कि इनमें से किसी भी पेड़ को प्रत्यारोपित नहीं किया गया है,बल्कि उन्हें पूरी तरह से काट दिया गया है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने यह आदेश तब पारित किया जब वह एक समाचार रिपोर्ट पर लिए गए स्वत: संज्ञान के मामले की सुनवाई कर रही थी। इस...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने किया अतिरिक्त बार रूम का वर्चुअल उद्घाटन, तीन नई सिविल कोर्ट भवनों की रखी आधारशिला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज जिला एवं सेशन कोर्ट बलौदाबाजार में नव-निर्मित अतिरिक्त बार रूम का वर्चुअली उद्घाटन किया। इस समारोह में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के तहत भाटापारा सिमगा और कसडोल में बनने वाले आगामी सिविल कोर्ट भवनों के लिए वर्चुअल भूमि पूजन और आधारशिला भी रखी गई।वर्चुअल समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने की। चीफ जस्टिस ने नव-निर्मित बार रूम का उद्घाटन किया और प्रस्तावित सिविल कोर्ट...
राजस्थान हाईकोर्ट ने साइबर क्राइम आरोपी को दी सशर्त जमानत, शर्तों में टेलीग्राम और व्हाट्सएप यूज करने पर लगाई रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में साइबर अपराध के एक 19 वर्षीय आरोपी को सशर्त ज़मानत दी, जिसमें टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया ऐप का इस्तेमाल करने पर रोक भी शामिल है, जमानत दी गई।जस्टिस समीर जैन ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि आवेदक युवा है, "जो अपनी किशोरावस्था के अंतिम चरण में है" और वह 15.07.2025 से हिरासत में है। कोर्ट ने कहा कि आरोप पत्र दायर किया जा चुका है।इस प्रकार, मामले के गुण/दोष पर टिप्पणी किए बिना इस कोर्ट ने निम्नलिखित शर्तों के अधीन ज़मानत याचिका स्वीकार कर ली:1. आवेदक अपने नाम...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अर्धसैनिक बलों के कर्मियों द्वारा तबादलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं में वृद्धि की ओर इशारा किया, कहा- इसमें तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अर्धसैनिक बलों के कर्मियों द्वारा अपने तबादलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं की उसके पास प्रतिदिन बाढ़ आ रही है।जस्टिस सी. हरिशंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि न्यायालय को ऐसे मंच के रूप में नहीं देखा जा सकता, जहां स्थानांतरण आदेशों के कार्यान्वयन की गारंटी हो, भले ही स्थानांतरण दिशानिर्देशों का उल्लंघन न करता हो।कोर्ट ने कहा कि उसने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि कर्मियों को अनावश्यक असुविधा न हो और दिशानिर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन किया...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायपालिका के लिए धनराशि जारी करने में राज्य सरकार की विफलता अवमानना की चेतावनी दी, वित्त सचिव को साथ पेश होने का आदेश दिया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के वित्त सचिव को 13 नवंबर को 10 करोड़ रुपये के ड्राफ्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी।हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि न्यायपालिका के दैनिक कामकाज के लिए स्वीकृत की जाने वाली बकाया राशि अगली तारीख से पहले चुका दी जाती है तो वित्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की आवश्यकता नहीं है।न्यायालय ने माना कि राज्य द्वारा धनराशि जारी करने में लगातार विफलता...
कानूनी उत्तराधिकारी का नाम रिकॉर्ड में दर्ज न किए जाने पर सुनवाई से पहले मृत पक्षकार के पक्ष में पारित निर्णय अमान्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (6 नवंबर) को कहा कि किसी ऐसे पक्षकार के पक्ष में दिया गया निर्णय, जिसकी सुनवाई से पहले ही मृत्यु हो गई हो, कानूनी रूप से लागू नहीं होता और कानून में उसका कोई प्रभाव नहीं होता।दूसरे शब्दों में, यदि अपीलकर्ता की अपील की सुनवाई से पहले ही मृत्यु हो जाती है तो अपील रद्द हो जाती है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें दो प्रतिवादियों ने वादी के पक्ष में पारित ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए प्रथम अपील दायर की थी।...
गिरफ्तारी के लिखित आधार गिरफ्तार व्यक्ति की समझ में आने वाली भाषा में प्रस्तुत न किए जाने पर गिरफ्तारी और रिमांड अवैध: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी समझ में आने वाली भाषा में गिरफ्तारी के लिखित आधार उपलब्ध न कराने पर गिरफ्तारी और उसके बाद रिमांड अवैध हो जाती है।कोर्ट ने कहा,"गिरफ्तार व्यक्ति द्वारा न समझी जाने वाली भाषा में आधारों का केवल संप्रेषण ही भारत के संविधान के अनुच्छेद 22 के तहत संवैधानिक आदेश को पूरा नहीं करता। गिरफ्तार व्यक्ति द्वारा समझी जाने वाली भाषा में ऐसे आधार प्रदान न करने से संवैधानिक सुरक्षा उपाय भ्रामक हो जाते हैं और भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के तहत प्रदत्त...
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को पश्चिम बंगाल OBC वर्गीकरण मामले की सुनवाई से रोका
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के वर्गीकरण से संबंधित मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।अदालत पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग (सेवाओं और पदों में रिक्तियों का आरक्षण) अधिनियम, 2012 के तहत 77 समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के रूप में वर्गीकृत करने का हाईकोर्ट का 2024 का आदेश रद्द कर दिया गया।पश्चिम बंगाल राज्य की ओर से गुरुवार को सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने पीठ को सूचित किया कि...
ट्रेडमार्क विवाद में 'गुलशन-ए-करीम' को राहत, 'करीम' नाम इस्तेमाल करने की मिली इजाज़त
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि "करीम" और "गुलशन-ए-करीम" दोनों ट्रेडमार्क समान हैं। हालांकि, गुलशन-ए-करीम के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना अतिशयोक्ति होगी। कोर्ट ने मुरादाबाद स्थित एक रेस्टोरेंट को अपने नाम का इस्तेमाल जारी रखने की अनुमति दी, बशर्ते वह स्पष्ट रूप से बताए कि उसका दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित करीम सीरीज से कोई संबंध नहीं है।जस्टिस सी. हरिशंकर और जस्टिस अजय दिगपॉल की खंडपीठ ने तीस हज़ारी स्थित कॉमर्शियल कोर्ट द्वारा पहले दिए गए उस निषेधाज्ञा को संशोधित किया, जिसमें...
भूमि क्षेत्रफल में कमी स्वामित्व में दोष नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भूस्वामियों का भुगतान रोकने संबंधी आदेश रद्द किया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा जारी पत्र रद्द किया, जिसमें भूस्वामियों को इस आधार पर भुगतान रोक दिया गया था कि भूमि क्षेत्रफल में कमी को सेल डीड के तहत स्वामित्व में दोष नहीं माना जा सकता।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा:"इस कोर्ट का सुविचारित मत है कि भूमि के स्वामित्व में दोष को याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रतिवादी को बेची गई कुल भूमि में कथित कमी के साथ भ्रमित नहीं किया जा सकता।"2017 में याचिकाकर्ता सचिन श्रीधर ने जिला सिरमौर में हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी...
S. 144 BNSS/S.125 CrPC| अविवाहित बालिग ईसाई बेटी पिता से भरण-पोषण का दावा करने की हकदार नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 के अंतर्गत प्रावधान की योजना, बालिग बेटी द्वारा भरण-पोषण के दावे पर विचार नहीं करती, जब तक कि वह शारीरिक या मानसिक असामान्यता या चोट के कारण अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ न हो।जस्टिस डॉ. कौसर एडप्पागथ ने यह भी कहा कि हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम [HAMA] और मुस्लिम पर्सनल लॉ के विपरीत, ईसाइयों पर लागू पर्सनल लॉ में बालिग हो चुकी अविवाहित बेटी के भरण-पोषण...
पुलिस वकीलों को धमका नहीं सकती, न ही उन्हें मुवक्किलों के साथ बातचीत का ब्यौरा बताने के लिए मजबूर कर सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक पुलिस अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस वकीलों पर अपने मुवक्किलों के साथ 'विशेषाधिकार प्राप्त' बातचीत का ब्यौरा देने का दबाव नहीं डाल सकती।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस संदेश पाटिल की खंडपीठ इस बात से नाराज़ थी कि मुंबई के माटुंगा पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने एक सीनियर सिटीजन के बेटे द्वारा उसके खिलाफ दर्ज कराई गई FIR से संबंधित मामले में उसका प्रतिनिधित्व कर रहे दो वकीलों को कम से कम छह नोटिस जारी किए।जस्टिस मोहिते-डेरे ने...
ST/ST Act का दुरुपयोग, राज्य के साथ धोखाधड़ी': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता को प्रभावित करने के लिए आरोपी पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कड़े आदेश में SC/ST Act, 1989 के तहत दर्ज एक मामले में तीन पीड़ितों और 19 आरोपियों दोनों को कड़ी फटकार लगाई। न्यायालय ने कानून की प्रक्रिया के 'गंभीर दुरुपयोग' और अधिनियम के कल्याणकारी प्रावधानों के 'घोर दुरुपयोग' का खुलासा किया।1989 के SC/ST Act की धारा 14-ए (1) के तहत 19 आरोपियों द्वारा दायर आपराधिक अपील खारिज करते हुए जस्टिस शेखर कुमार यादव की पीठ ने कथित पीड़ितों, एक दलित महिला और उसकी दो बहुओं को राज्य सरकार से प्राप्त ₹4.5 लाख की पूरी मुआवज़ा राशि वापस करने का...
BREAKING: अभियुक्त को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के दो घंटे के अंदर लिखित आधार प्रस्तुत किए जाए, अन्यथा रिमांड होगी अवैध: सुप्रीम कोर्ट
एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (6 नवंबर) को गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में देने की आवश्यकता को IPC/BNS के तहत सभी अपराधों पर लागू करने का निर्णय लिया, न कि केवल PMLA या UAPA जैसे विशेष कानूनों के तहत उत्पन्न होने वाले मामलों पर।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी समझ में आने वाली भाषा में गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में न देने पर गिरफ्तारी और उसके बाद की रिमांड अवैध हो जाएगी।अदालत ने कहा,"भारत के...
जबरदस्ती वसूली धमकी के बाद पूर्व डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री को दी जाए पुलिस सुरक्षा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह रोहित गोदारा गिरोह द्वारा जबरन वसूली की धमकी के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री द्वारा पुलिस सुरक्षा के लिए किए गए अनुरोध पर शीघ्र कार्रवाई करे।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि एक बीट कांस्टेबल अगले दो हफ़्तों तक हर दिन कम से कम एक बार खत्री से मिलकर उनकी कुशलक्षेम सुनिश्चित करेगा।खत्री का कहना था कि 29 सितंबर को उन्हें यूक्रेन में रजिस्टर्ड एक फ़ोन नंबर से धमकी भरे...
BCI ने केरल के सभी लॉ कॉलेजों में 'ट्रांसजेंडर' वर्ग के लिए दो अतिरिक्त सीटों को मंजूरी दी, हाईकोर्ट को दी गई जानकारी
केरल हाईकोर्ट को गुरुवार (6 नवंबर) को यह जानकारी दी गई कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए केरल के सभी लॉ कॉलेजों में ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए दो अतिरिक्त सीटें (supernumerary seats) जोड़ने की अंतरिम स्वीकृति (interim approval) दे दी है।जस्टिस वी.जी. अरुण एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें सरकारी लॉ कॉलेजों में पांच वर्षीय एकीकृत एलएलबी पाठ्यक्रम (Integrated Five-Year LL.B Course) में ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए आरक्षण की मांग की गई थी। अदालत ने कहा,“यह...
"बचपन के मामूली मामलों पर बर्खास्तगी गलत" — छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अधिकारी को राहत दी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी की फूड इंस्पेक्टर पद से बर्खास्तगी रद्द कर दी है। अदालत ने कहा कि बचपन के मामूली मामलों को छिपाने के आधार पर नौकरी से हटाना मनमाना और अनुचित है।चीफ़ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने कहा कि अधिकारी पर दर्ज दोनों आपराधिक मामले 2002 में हुए थे जब वह नाबालिग था, और 2007 में लोक अदालत में समझौते से समाप्त हो गए थे। इसलिए उसे किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 24(1) के तहत सुरक्षा मिलती है, जिसके अनुसार “बाल अपराधियों पर कोई...
'केवल अधिनियमन पर्याप्त नहीं': केरल हाईकोर्ट ने JJ Actऔर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु निर्देश जारी किए
केरल हाईकोर्ट ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 और सम्पूर्णा बेहुरा बनाम भारत संघ [2018 (4) SCC 433] में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं।चीफ जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस बसंत बालाजी की खंडपीठ ने दो संबंधित मामलों में निर्णय सुनाते हुए ये निर्देश जारी किए, एक स्वत: संज्ञान याचिका और दूसरी नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उसके कार्यक्रम निदेशक सम्पूर्णा बेहुरा द्वारा स्थापित...




















