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दिव्यांग कर्मचारियों का PCA भत्ता बंद: सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS दिव्यांग फेडरेशन की याचिका पर जारी किया नोटिस
दिव्यांग कर्मचारियों का PCA भत्ता बंद: सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS दिव्यांग फेडरेशन की याचिका पर जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में AIIMS दिव्यांग फेडरेशन द्वारा दायर अनुच्छेद 32 की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका उन दिव्यांग कर्मचारियों के मुद्दे को उठाती है जो देशभर के केंद्रीय सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत हैं और जिनका पेशेंट केयर अलाउंस (PCA) बंद कर दिया गया है।याचिका में बताया गया है कि यह भत्ता स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 7 मई और 21 अप्रैल 2023 की अधिसूचनाओं के आधार पर विभिन्न अस्पतालों द्वारा बंद कर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना...

पति की तलाक याचिका का बदला लेने के लिए अलग होने के 20 महीने बाद दर्ज की गई FIR: हाईकोर्ट ने पत्नी की क्रूरता की FIR खारिज की
पति की तलाक याचिका का बदला लेने के लिए अलग होने के 20 महीने बाद दर्ज की गई FIR: हाईकोर्ट ने पत्नी की क्रूरता की FIR खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ दर्ज की गई धारा 498ए की क्रूरता FIR को रद्द करते हुए कहा है कि यह मामला स्पष्ट रूप से प्रतिशोध (retaliation) के तौर पर दायर किया गया था। अदालत ने पाया कि पत्नी ने पति से अलग रहने के लगभग 20 महीने बाद यह FIR दर्ज कराई, और वह भी तब जब पति ने तलाक की कार्यवाही शुरू की। इस तरह की देरी और परिस्थितियाँ यह दर्शाती हैं कि मामला केवल बदला लेने के लिए दर्ज किया गया था।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने अपने फैसले में यह भी रेखांकित किया कि पत्नी ने तलाक याचिका का विरोध करते हुए...

पासओवर/स्थगन को वकील का अधिकार न समझें, यह सिर्फ अदालत की शिष्टाचार-भर सुविधा: दिल्ली हाईकोर्ट
पासओवर/स्थगन को वकील का अधिकार न समझें, यह सिर्फ अदालत की शिष्टाचार-भर सुविधा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अदालत द्वारा वकीलों को दिया जाने वाला पासओवर (pass over) या स्थगन (adjournment) किसी भी स्थिति में उनका अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल अदालत की ओर से दी गई एक शिष्टाचार-आधारित सुविधा है।जस्टिस गिरिश काथपालिया ने यह टिप्पणी उस समय की जब अदालत 2006 से लंबित एक सिविल मुकदमे में बचाव पक्ष के गवाह की जिरह करने का अधिकार बंद किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता की ओर से यह दावा किया गया कि ट्रायल कोर्ट ने उचित अवसर नहीं दिया और 1...

दिल्ली दंगों की जांच पर हाईकोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की, 21 नवम्बर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली दंगों की जांच पर हाईकोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की, 21 नवम्बर को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ी FIR की जांच की वर्तमान स्थिति बताने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने दंगों की स्वतंत्र जांच और राजनेताओं पर घृणास्पद भाषण के आरोपों में FIR दर्ज करने संबंधी अनेक याचिकाओं को 21 नवम्बर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।इन याचिकाओं में से एक जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा दायर की गई, जिसमें निवेदन किया गया कि सभी मामलों की जांच स्वतंत्र विशेष जांच दल द्वारा की जाए, जिसकी...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्य बार काउंसिल चुनावों के लिए संशोधित कार्यक्रम निर्धारित किया, निगरानी के लिए समितियां गठित कीं
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्य बार काउंसिल चुनावों के लिए संशोधित कार्यक्रम निर्धारित किया, निगरानी के लिए समितियां गठित कीं

सुप्रीम कोर्ट ने 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य बार काउंसिल के चुनाव कराने की समय-सारिणी में संशोधन किया और आदेश दिया कि ये चुनाव 31 जनवरी, 2026 से 30 अप्रैल, 2026 के बीच पांच चरणों में कराए जाएं।चुनावों को सुगम बनाने के लिए कोर्ट ने क्षेत्रीय स्तर पर उच्चाधिकार प्राप्त चुनाव निगरानी समितियों (HPEMC) के साथ-साथ उच्चाधिकार प्राप्त पर्यवेक्षी समिति (जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जज करेंगे) का गठन किया। समितियों के सदस्यों को कोर्ट द्वारा अपलोड किए गए अपने आदेश में सूचित...

आरोपित के निष्पक्ष मुक़दमे के अधिकार को पुलिस की निजता पर प्राथमिकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिकारी के मोबाइल लोकेशन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश दिया
आरोपित के निष्पक्ष मुक़दमे के अधिकार को पुलिस की निजता पर प्राथमिकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिकारी के मोबाइल लोकेशन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ नियंत्रण कानून के एक मामले में आरोपी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। आरोपी का कहना था कि जिस पुलिस अधिकारी ने उसके ख़िलाफ़ बरामदगी दिखाई वह घटना से पहले ही स्थल पर मौजूद था और उसी ने उसके पास से बरामद दिखाए गए पदार्थ को वहां रखा। इसी पृष्ठभूमि में न्यायालय ने उक्त अधिकारी के मोबाइल टावर लोकेशन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।जस्टिस अनुप कुमार ढांड ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि यद्यपि इस प्रकार का निर्देश पुलिस...

अपनी मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई के लिए क्यों?: झारखंड विधानसभा नियुक्तियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI से पूछा
'अपनी मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई के लिए क्यों?': झारखंड विधानसभा नियुक्तियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड विधानसभा में नियुक्तियों की जांच के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से सवाल किया कि उसका इस्तेमाल राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए क्यों किया जा रहा है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ झारखंड विधानसभा द्वारा झारखंड हाईकोर्ट के सितंबर 2024 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें झारखंड राज्य विधानसभा में नियुक्तियों और पदोन्नतियों में कथित अनियमितताओं की CBI जांच का निर्देश दिया गया। नवंबर,...

अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप से जुड़े बैंक घोटाले की स्वतंत्र जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप से जुड़े बैंक घोटाले की स्वतंत्र जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने देश के कथित सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक की जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, अनिल धीरूभाई अंबानी समूह और अनिल अंबानी को नोटिस जारी किया। यह याचिका पूर्व केंद्रीय सचिव ई.ए.एस. शर्मा द्वारा दाखिल की गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बी आर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि रिलायंस संचार तथा समूह की अन्य कंपनियों में लंबे समय तक भारी धन...

बच्चे की कस्टडी तय करते समय माता-पिता के अप्रमाणित अनैतिक कृत्य प्रासंगिक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
बच्चे की कस्टडी तय करते समय माता-पिता के अप्रमाणित अनैतिक कृत्य प्रासंगिक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि बच्चों की कस्टडी के मामलों में निर्णय एक माता-पिता द्वारा दूसरे पर "नैतिक आचरण के अप्रमाणित आरोप" के आधार पर नहीं हो सकता।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि कस्टडी विवादों में नाबालिग बच्चे का कल्याण माता-पिता के कानूनी अधिकारों से ऊपर, नियंत्रित और सर्वोपरि सुनवाई योग्य होता है।कोर्ट ने कहा,"हालांकि माता-पिता की वित्तीय स्थिरता या संपन्नता एक प्रासंगिक कारक हो सकती है, लेकिन यह अकेले भावनात्मक सुरक्षा, अपनेपन की भावना और...

फिर तो हमें रूमाल के इस्तेमाल पर भी नज़र रखनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों के बैंड के पर्यावरण-अनुकूल निपटान की याचिका खारिज की
फिर तो हमें रूमाल के इस्तेमाल पर भी नज़र रखनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों के बैंड के पर्यावरण-अनुकूल निपटान की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देश भर की सभी अदालतों में इस्तेमाल हो चुके वकीलों के बैंड के संग्रह, पृथक्करण, निपटान और पुनर्चक्रण के लिए एक समान और पर्यावरण-अनुकूल प्रणाली की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की बात सुनी, जो व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं और खुद को एक वकील की पत्नी बताया। उन्होंने दलील दी कि दिवाली की छुट्टियों के दौरान उन्हें कई फेंके हुए वकीलों के बैंड मिले, जिनके बारे में उनका दावा था...

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: बिना किसी आपराधिक इरादे के जोर से खींचने पर महिलाओं का सिर ढकने वाला कपड़ा गिरना शरम-भंग नहीं
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: बिना किसी आपराधिक इरादे के जोर से खींचने पर महिलाओं का सिर ढकने वाला कपड़ा गिरना 'शरम-भंग' नहीं

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि किसी महिला का सिर ढकने वाला कपड़ा (हिजाब/दुपट्टा/ओढ़नी) महज़ जोर लगने के कारण गिर जाना तब तक 'शरम-भंग' (Section 354 IPC) के अपराध की श्रेणी में नहीं आता, जब तक आरोपी का स्पष्ट इरादा महिला की मर्यादा भंग करने का न हो। अदालत ने कहा कि महिला के साथ किसी भी प्रकार का बल प्रयोग या हमला तभी दंडनीय है, जब उसके पीछे महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने का उद्देश्य या ऐसी संभावना का ज्ञान मौजूद हो।जस्टिस संजय धर एक याचिका पर सुनवाई कर...

कैश-फॉर-क्वेरी विवाद: CBI की चार्जशीट को अनुमति देने के खिलाफ महुआ मोइत्रा की याचिका पर 21 नवंबर को होगी सुनवाई
कैश-फॉर-क्वेरी विवाद: CBI की चार्जशीट को अनुमति देने के खिलाफ महुआ मोइत्रा की याचिका पर 21 नवंबर को होगी सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका को 21 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया, जिसमें उन्होंने लोकपाल द्वारा CBI को उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति देने वाले आदेश को चुनौती दी।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा कि वह पहले लोकपाल का विस्तृत स्वीकृति आदेश पढ़ेगी, जिसे सीलबंद लिफाफे में दाखिल किया गया। अदालत ने कहा कि आदेश का अवलोकन करने के लिए मामले को शुक्रवार के लिए रखा जाए।महुआ मोइत्रा ने 12 नवंबर को पारित आदेश...

अंतरिम निषेधाज्ञा पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश अपील योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश
अंतरिम निषेधाज्ञा पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश अपील योग्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में यह साफ कर दिया कि अंतरिम निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) के लिए दायर आवेदन पर केवल नोटिस जारी करने का आदेश न तो निषेधाज्ञा देने के समान है और न ही उसे अस्वीकार करने के रूप में देखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि ऐसा आदेश न तो अंतिम निर्णय है और न ही अपील योग्य, इसलिए इसे वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 13 के तहत चुनौती नहीं दी जा सकती।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने यह फैसला परपेचुअल विज़न एलएलपी एवं अन्य द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए...

हेड कॉन्स्टेबल पर रिश्वत लेते दिखाने वाले एडिटिड वीडियो मामले में पत्रकार को मिली अग्रिम ज़मानत
हेड कॉन्स्टेबल पर रिश्वत लेते दिखाने वाले एडिटिड वीडियो मामले में पत्रकार को मिली अग्रिम ज़मानत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार 17 नवंबर को तेज़ इंडिया यूट्यूब चैनल पर वायरल हुए वीडियो के मामले में पत्रकार रफ़ीक़ ख़ान की अग्रिम ज़मानत मंज़ूर की। ख़ान पर आरोप है कि उन्होंने वीडियो को एडिट कर ऐसा दिखाया कि रतलाम के एक हेड कॉन्स्टेबल ने ऑटोरिक्शा चालक से रिश्वत ली।मामले की डायरी के अनुसार हेड कॉन्स्टेबल ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी कि रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान उन्हें ऑटोरिक्शा चालक वाहनों की आवाजाही में बाधा डालता मिला। चालक के भागने पर कुछ दूरी पर उसे रोककर 'नो पार्किंग...

संरक्षित वन्यजीवों के शिकार से पारिस्थितिक संतुलन पर गंभीर असर, सख्ती से निपटना ज़रूरी: एमपी हाईकोर्ट ने आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज की
संरक्षित वन्यजीवों के शिकार से पारिस्थितिक संतुलन पर गंभीर असर, सख्ती से निपटना ज़रूरी: एमपी हाईकोर्ट ने आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 14 नवंबर को सोन चिड़िया अभयारण्य, घटियागांव में अवैध शिकार के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति की ज़मानत याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार न केवल कानून का गंभीर उल्लंघन है बल्कि जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए ऐसे अपराधों से कठोरता से निपटना आवश्यक है।जस्टिस मिलिंद रमेश फडके की सिंगल बेंच ने टिप्पणी की कि आरोपित कृत्य संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित प्रजाति के अवैध शिकार से संबंधित हैं। इस तरह के अपराध...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने वनशक्ति मामले में कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने पर रोक लगाने वाला फैसला वापस लिया, जस्टिस भुयान ने जताई असहमति
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने 'वनशक्ति' मामले में कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने पर रोक लगाने वाला फैसला वापस लिया, जस्टिस भुयान ने जताई असहमति

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 नवंबर) को 2:1 के बहुमत से वनशक्ति मामले में अपने उस फैसले को वापस ले लिया, जिसमें केंद्र सरकार को कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने से रोक दिया गया था।वनशक्ति बनाम भारत संघ मामले में जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने 15 मई को दिए गए अपने फैसले में केंद्र सरकार को भविष्य में "कार्योत्तर" पर्यावरणीय मंज़ूरी (EC) देने से रोक दिया और खनन परियोजनाओं के लिए कार्योत्तर पर्यावरणीय मंज़ूरी देने की अनुमति देने वाले पिछले कार्यालय ज्ञापनों और अधिसूचनाओं को...