जानिए हमारा कानून

कानून के किस फंदे में फंसे हैं राज कुंद्रा और भारत में अश्लीलता पर क्या कहता है कानून?
कानून के किस फंदे में फंसे हैं राज कुंद्रा और भारत में अश्लीलता पर क्या कहता है कानून?

राज कुंद्रा पोर्नोग्राफी मामला ज़ोर पर है। अश्लीलता को भारत में अपराध माना गया है और अश्लीलता के ख़िलाफ़ भारत में ज्यादा कठोर तो नहीं फिर भी सज़ा दिए जाने जितना कानून तो मौजूद ही है। आइए जानते हैं अश्लीलता से जुड़ा भारत का कानून-अश्लीलता- भारत की गुनाहों की किताब आई पी सी की धारा 292 अश्लीलता शब्द का मतलब बताती है। इस दफ़ा में अश्लीलता उसे माना गया है जिसमे कुछ ऐसा हो जिससे लोगों की सेक्स को लेकर भावना भड़क जाए या फिर जिसे देखकर सेक्स करने का मन करने लगे। अगर कुछ भी ऐसा किसी किताब में, किसी अखबार में,...

सम्पत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 भाग 3: सूचना क्या होती है और कितने प्रकार की होती है
सम्पत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 भाग 3: सूचना क्या होती है और कितने प्रकार की होती है

संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882 भारत में अधिनियमित सिविल विधियों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस सीरीज के अंतर्गत लेखक द्वारा संपत्ति अंतरण अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर आलेख लिखे जा रहे हैं इस श्रंखला में इस आलेख के अंतर्गत इस अधिनियम की धारा 3 जोकि इस अधिनियम में उपयोग किए गए महत्वपूर्ण शब्दों की परिभाषाएं तथा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करती है का वर्णन किया जा रहा है। इससे पूर्व के आलेख में इस ही धारा से संबंधित स्थावर संपत्ति शब्द पर विस्तारपूर्वक टीका टिप्पणी की गई थी। इस आलेख के अंतर्गत संपत्ति...

मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act], 2019 भाग 4: मध्यस्थ की नियुक्ति कैसे होती है (Appointment of Arbitrator)
मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act], 2019 भाग 4: मध्यस्थ की नियुक्ति कैसे होती है (Appointment of Arbitrator)

मध्यस्थता करार के संबंध में पिछले आलेख में विस्तारपूर्वक उल्लेख किया गया था, इस आलेख के अंतर्गत मध्यस्थ की नियुक्ति के संबंध में अध्ययन किया जा रहा है।मध्यस्थ की नियुक्ति-मध्यस्थ की नियुक्ति मध्यस्थता करार के प्रावधानों के अनुसार की जाती है। मध्यस्थ की नियुक्ति तीन प्रकार से की जा सकती है-1. पक्षकारों द्वारा-2. निर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा-3. मध्यस्थता अधिकरण द्वारा-1. पक्षकार द्वारा मध्यस्थ की नियुक्ति-जहाँ मध्यस्थ या मध्यस्थों को नियुक्ति पक्षकारों द्वारा की गई हो, वहां वह तत्काल को मध्यस्य...

मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act], 2019 भाग 3: मध्‍यस्‍थता करार क्या होता है
मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act], 2019 भाग 3: मध्‍यस्‍थता करार क्या होता है

पिछले आलेख में मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम से संबंधित विशेष शब्दों का अध्ययन किया गया था, इस आलेख में 'मध्यस्थता करार' के संबंध में विस्तार से अध्ययन किया जा रहा हैइस अधिनियम की धारा 7 मध्यस्थता करार को परिभाषित नहीं करती है। धारा 7 की उपधारा (1) उल्लेखित करती है कि मध्यस्थता करार एक ऐसा करार हैं जो विवाद के मामलों में यह प्रावधान करती है कि ऐसे विवाद को मध्यस्थ को सौंपा जाना चाहिये।पक्षकारों के मध्य किसी विवाद किसी मध्यस्थता को सौंपने का करार मध्यस्थता करार वर्तमान के विवादों या भविष्य के...

मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act], 2019 भाग 2: मध्‍यस्‍थता और सुलह अधिनियम से संबंधित विशेष शब्द
मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act], 2019 भाग 2: मध्‍यस्‍थता और सुलह अधिनियम से संबंधित विशेष शब्द

मध्‍यस्‍थता एवं सुलह (संशोधन) अधिनियम [Arbitration and Conciliation (Amendment) Act] के पिछले आलेख में मध्‍यस्‍थता और सुलह अधिनियम 1996 से संबंधित सामान्य परिचय प्रस्तुत किया गया था, इस आलेख में इस अधिनियम से संबंधित विशेष शब्दों का वर्णन किया जा रहा है।मध्‍यस्‍थता और सुलह अधिनियम 1996 के अंतर्गत कुछ ऐसे शब्द हैं जिन पर इस अधिनियम के अंतर्गत विशेष प्रकाश डाला गया है तथा यह शब्द अधिनियम में विशेष रूप से उपयोगी है। इस आलेख के अंतर्गत ऐसे शब्दों को विस्तारपूर्वक वर्णित किया जा रहा है। 1....

आवासीय परिसर के लिए सिक्योरिटी ‌डिपॉजिट के रूप में केवल दो महीने का किराया; किरायेदारी की अवधि के बाद किराया बढ़ेगा: ड्राफ्ट मॉडल टेनेंसी एक्ट की मुख्य विशेषताएं
आवासीय परिसर के लिए सिक्योरिटी ‌डिपॉजिट के रूप में केवल दो महीने का किराया; किरायेदारी की अवधि के बाद किराया बढ़ेगा: ड्राफ्ट मॉडल टेनेंसी एक्ट की मुख्य विशेषताएं

अशोक किनिकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मॉडल टेनेंसी एक्ट को मंजूरी दी।अब, यह मॉडल एक्‍ट सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा जाएगा, ताकि वे नए कानून बनाकर या मौजूदा किरायेदारी के कानूनों में उपयुक्त संशोधन करके अनुकूलन कर सकें। सरकार के अनुसार, मॉडल टेनेंसी एक्ट का उद्देश्य देश में एक जीवंत, टिकाऊ और समावेशी रेंटल हाउसिंग मार्केट बनाना है।सरकार की प्रेस विज्ञ‌प्ति में कहा गया है, "इससे सभी आय समूहों के लिए किराये के मकानों का पार्याप्त निर्माण हो सकेगा, जिससे बेघरों की समस्या को हल किया...

किशोर-न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 के अंतर्गत संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक के संदर्भ में प्रावधान
किशोर-न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 के अंतर्गत संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक के संदर्भ में प्रावधान

किशोर न्याय अधिनियम केवल किशोरों के संबंध में उन किशोरों के लिए ही उपबंध नहीं करता है जो किसी अपराध में संलिप्त है अपितु इसमे उन बालकों को भी शामिल किया गया है जिन्हें देख रेख की आवश्यकता है। इससे संबंधित प्रावधानों को यहां इस आलेख में प्रस्तुत किया जा रहा है।चाइल्ड वेलफेयर कमेटीइस अधिनियम की धारा 29 के अंतर्गत प्रत्येक जिले के लिए, जैसा कि अधिसूचना में विहित किया जाए देख रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक के कल्याण के लिए ऐसी समिति को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग और कर्तव्यों का निर्वहन करने के...

किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत विधि विरोधी किशोर तथा किशोर न्याय बोर्ड
किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत विधि विरोधी किशोर तथा किशोर न्याय बोर्ड

किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित पिछले आलेख में इस अधिनियम का सामान्य परिचय तथा इस अधिनियम में दिए गए विशेष शब्दों की परिभाषाओं का अध्ययन किया गया था। इस आलेख के अंतर्गत विधि विरोधी किशोर के संबंध में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया तथा किशोर न्याय बोर्ड के गठन पर चर्चा की जा रही है।किशोर न्याय बोर्डइस अधिनियम की धारा 4 किशोर न्याय बोर्ड से संबंधित धारा है। इस धारा के अंतर्गत किशोर न्याय बोर्ड का गठन किया गया है। इस धारा में विधि-विरोधी कार्यों में लिप्त किशोरों के मामलों में जाँच एवं सुनवाई आदि हेतु...