जानिए हमारा कानून
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 40 और 41: वसीयत और दत्तक ग्रहण प्राधिकार को प्रस्तुत करना
आइए, पंजीकरण अधिनियम, 1908 (Registration Act, 1908) के भाग VIII को समझते हैं, जो वसीयत (Wills) और दत्तक ग्रहण के प्राधिकार (Authorities to Adopt) जैसे दस्तावेजों को पंजीकृत करने की प्रक्रिया पर केंद्रित है। यह भाग इन संवेदनशील दस्तावेजों के लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया प्रदान करता है।धारा 40. वसीयत और दत्तक ग्रहण प्राधिकार प्रस्तुत करने के हकदार व्यक्ति (Persons entitled to present wills and authorities to adopt)यह धारा उन व्यक्तियों को परिभाषित करती है जिन्हें वसीयत और दत्तक ग्रहण प्राधिकार को...
क्या बिना VVPAT की 100% गिनती के चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकती है?
Supreme Court ने Association for Democratic Reforms बनाम Election Commission of India (2024) मामले में Electronic Voting System (EVM प्रणाली) की वैधानिकता और पारदर्शिता (Transparency) से जुड़ी संवैधानिक (Constitutional) बातों पर विचार किया।इस मुकदमे में EVM की पारदर्शिता, मतदाता की पुष्टि (Verification) का अधिकार, और न्यायपालिका की भूमिका जैसे मूलभूत मुद्दे (Fundamental Issues) शामिल थे। अदालत ने तथ्यों की बजाय उस व्यवस्था (Systemic Safeguards) पर ध्यान केंद्रित किया जो पहले से ही लागू है और...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 9-11: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के पदाधिकारियों का चयन, कार्यकाल और पद से हटाना
हमने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की स्थापना, उसकी संरचना, और अध्यक्ष (Chairperson) व सदस्यों (Members) के कार्यकाल के बारे में जाना। लेकिन इन महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों का चयन कैसे होता है? यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ये पद ऐसे व्यक्तियों को दिए जाएं जो योग्य, निष्पक्ष और जानकार हों। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 9 (Section 9) इसी प्रक्रिया को परिभाषित करती है, जिसे चयन समिति (Selection Committee) कहते हैं।धारा 9: चयन समिति (Selection Committee)धारा 9(1) में यह बताया गया है कि CCI...
Boards के अधिकार और कार्य: वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 16-17
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, हवा की गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण को रोकने के अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (State Pollution Control Boards) दोनों को महत्वपूर्ण अधिकार देता है।अधिनियम का अध्याय III विशेष रूप से इन निकायों को सौंपे गए कार्यों की विस्तृत श्रृंखला का वर्णन करता है, जिसमें उनकी सलाहकार (Advisory), नियोजन (Planning), समन्वयकारी (Coordinative) और प्रवर्तन (Enforcement) भूमिकाएँ शामिल हैं। ये प्रावधान वायु प्रदूषण...
The Hindu Succession Act में वसीयत करने का अधिकार
इस अधिनियम की धारा 30 के अंतर्गत किसी हिंदू व्यक्ति को यह अधिकार दिया गया है कि वह अपनी संपत्ति को कहीं भी वसीयत कर सकता है, यहां तक वह अपनी साहदायिकी संपत्ति को भी वसीयत कर सकता है। साहदायिकी संपत्ति उस संपत्ति को कहा जाता है जो संयुक्त परिवार की संपत्ति होती है तथा जिसमें सभी साहदायिक अधिकारी होते हैं।कोई भी हिंदू व्यक्ति अपनी संपत्ति की वसीयत भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 के प्रावधानों के अंतर्गत करता है। भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 समस्त भारत के नागरिकों पर लागू होता है। इस अधिनियम के...
The Hindu Succession Act की धारा 22 के प्रावधान
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 की धारा- 22 संपत्ति के वारिसों को एक दूसरे के विरुद्ध अग्रक्रयाधिकार का विकल्प उपलब्ध करती है। इस धारा की महत्वपूर्ण बात यह है कि यह धारा संपत्ति में किसी बाहरी व्यक्ति की घुसपैठ को रोकती है अर्थात कोई अंशधारी अपनी संपत्ति को किसी बाहरी व्यक्ति को बेचकर ना जाए। सबसे पहला अधिकार संपत्ति के अन्य वारिसों को प्राप्त होता है कि वह संपत्ति में हित रखने वाले अन्य अंशधारी का अंश क्रय कर सकता है।जहां निर्वसीयती मृत व्यक्ति की अचल संपत्ति अनुसूची के वर्ग -1 ही के दो या दो से...
क्या हल्की त्रुटियां या जानकारियां छिपाना किसी उम्मीदवार का चुनाव रद्द करने का आधार हो सकता है?
जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की रूपरेखासुप्रीम कोर्ट ने करिखो क्रि बनाम नुने तायंग (Karikho Kri v. Nuney Tayang, 2024) मामले में यह स्पष्ट किया कि कोई चुनाव उम्मीदवार अगर अपने शपथपत्र (Affidavit) में कुछ संपत्तियों या जानकारियों को छुपाता है, तो क्या यह उसके चुनाव को रद्द करने का वैध आधार हो सकता है। इस निर्णय में मुख्य रूप से धारा 100(1)(b), 100(1)(d)(i), 100(1)(d)(iv) और धारा 123(2) की व्याख्या की गई। धारा 100 उन स्थितियों को बताती है जिनमें हाई कोर्ट...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 7-8: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना और संरचना
हमने भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम (Competition Act) के उन महत्वपूर्ण प्रावधानों को देखा है जो Competition (प्रतिस्पर्धा) को नुकसान पहुँचाने वाले व्यवहारों पर रोक लगाते हैं, जैसे Competition-विरोधी समझौते और प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग, और बड़े मर्जर (mergers) व अधिग्रहणों (acquisitions) को नियंत्रित करते हैं। लेकिन इन नियमों को लागू कौन करता है?इन सभी Competition संबंधी मामलों को देखने और उन पर निर्णय लेने के लिए, हमें एक विशेष संस्था की आवश्यकता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम का अध्याय III...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 36, 37, 38, 39: निष्पादकों और गवाहों की उपस्थिति को लागू करना
आइए पंजीकरण अधिनियम, 1908 (Registration Act, 1908) के भाग VII को समझते हैं, जो पंजीकरण प्रक्रिया के लिए निष्पादकों (executants) और गवाहों (witnesses) की उपस्थिति को कैसे सुनिश्चित किया जाता है, इस पर केंद्रित है। यह भाग यह सुनिश्चित करता है कि यदि आवश्यक हो तो पंजीकरण अधिकारी के पास दस्तावेज़ की वैधता की पुष्टि करने के लिए लोगों को बुलाने की शक्ति हो।36. जहां निष्पादक या गवाह की उपस्थिति वांछित हो वहां प्रक्रिया (Procedure where appearance of executant or witness is desired)यह धारा उस प्रक्रिया...
Boards के अधिकार और कार्य: वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 16-17
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, हवा की गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण को रोकने के अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (State Pollution Control Boards) दोनों को महत्वपूर्ण अधिकार देता है।अधिनियम का अध्याय III विशेष रूप से इन निकायों को सौंपे गए कार्यों की विस्तृत श्रृंखला का वर्णन करता है, जिसमें उनकी सलाहकार (Advisory), नियोजन (Planning), समन्वयकारी (Coordinative) और प्रवर्तन (Enforcement) भूमिकाएँ शामिल हैं। ये प्रावधान वायु प्रदूषण...
The Hindu Succession Act में धर्म परिवर्तन के कारण उत्तराधिकार का अधिकार नहीं रहना
किसी हिंदू व्यक्ति के उत्तराधिकार से वारिसों को बेदखल करने के कारण में एक कारण हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 26 के अंतर्गत धर्म परिवर्तन भी है। इस धारा की विशेषता यह है कि यह धर्म छोड़ने वाले उस हिंदू व्यक्ति को तो संपत्ति में अधिकार देती है जो स्वयं धर्म छोड़कर जाता है परंतु उसके बच्चों को उत्तराधिकार प्राप्त करने का अधिकार नहीं होता है।इस धारा के अनुसार एक हिंदू दूसरे धर्म को अंगीकृत करने के कारण हिंदू नहीं रह जाता है। उसके ऐसे धर्म परिवर्तन करने के पश्चात उत्पन्न हुई संतान तथा उसके वंशज...
The Hindu Succession Act में उत्तराधिकार में संपत्ति कब नहीं मिलती है?
Hindu Succession Act के अंतर्गत किसी संपत्ति में उत्तराधिकार रखने वाले वारिसों के बेदखल के संबंध में भी प्रावधान किए गए। कुछ परिस्थितियां ऐसी है जिनके आधार पर विधि वारिसों को उत्तराधिकार के हित से अयोग्य कर देती है। उत्तराधिकार के संबंध में जो योग्यता चाहिए होती है यदि उसमें कुछ कमियां रह जाती है तो ऐसी परिस्थिति में किसी संपत्ति के उत्तराधिकार का वारिस अयोग्य हो जाता है।इस अधिनियम के अंतर्गत धारा 25 और 26 में किसी हिंदू पुरुष और नारी की संपत्ति में उत्तराधिकार रखने वाले वारिसों को संपत्ति के...
क्या Linear Projects के लिए Environmental Clearance की छूट नागरिकों की भागीदारी और पर्यावरण सुरक्षा को नज़रअंदाज़ कर सकती है?
सुप्रीम कोर्ट ने Noble M. Paikada बनाम भारत संघ (2024) के फैसले में यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया कि क्या केंद्र सरकार कुछ विकास परियोजनाओं को Environmental Clearance (EC) यानी पर्यावरणीय स्वीकृति से छूट दे सकती है, वह भी बिना सार्वजनिक सूचना और पर्याप्त सुरक्षा उपायों (safeguards) के?यह मामला एक सरकारी अधिसूचना (notification) पर आधारित था जिसमें Appendix IX के Item 6 के अंतर्गत "linear projects" जैसे सड़कों (roads), पाइपलाइनों (pipelines) आदि के लिए ordinary earth (साधारण मिट्टी) की खुदाई को EC से...
वायु अधिनियम, 1981 की धारा 11-14 के तहत राज्य बोर्डों की परिचालन संरचना : समितियां, विशेषज्ञ और स्टाफिंग
अपने मुख्य सदस्यों (Core Membership) के अलावा, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (State Pollution Control Boards - SPCBs) एक लचीले परिचालन ढाँचे (Flexible Operational Framework) से लैस हैं जो उन्हें विशेष विशेषज्ञता (Specialized Expertise) का लाभ उठाने, कार्यों को सौंपने (Delegate Tasks) और एक समर्पित स्टाफ (Dedicated Staff) बनाए रखने की अनुमति देता है।वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, इन महत्वपूर्ण प्रावधानों (Provisions) को रेखांकित करता है, जिसमें बताया गया है कि SPCBs समितियाँ...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 - धारा 34 और 35: पंजीकरण से पहले जांच और निष्पादन की प्रक्रिया
धारा 34. पंजीकरण अधिकारी द्वारा पंजीकरण से पहले जांच (Enquiry before registration by registering officer)यह धारा पंजीकरण अधिकारी के लिए कुछ अनिवार्य कदमों को सूचीबद्ध करती है जो किसी भी दस्तावेज़ को पंजीकृत करने से पहले उठाए जाने चाहिए। उपधारा (1) में कहा गया है कि कुछ विशेष मामलों (जैसे धारा 41, 43, 45, 69, 75, 77, 88 और 89) को छोड़कर, किसी भी दस्तावेज़ को इस अधिनियम के तहत तब तक पंजीकृत नहीं किया जाएगा जब तक कि उस दस्तावेज़ को निष्पादित करने वाले व्यक्ति, या उनके प्रतिनिधि (representatives),...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 6: संयोजनों का विनियमन - CCI की मंजूरी क्यों है ज़रूरी?
हमने पिछली बार भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम (Competition Act) की धारा 5 को समझा, जिसमें यह बताया गया है कि किन वित्तीय सीमाओं को पार करने वाले बड़े विलय (mergers) और अधिग्रहणों (acquisitions) को "संयोजन" (combination) माना जाएगा।अब, धारा 6 (Section 6) इस प्रक्रिया को आगे ले जाती है। यह बताती है कि एक बार जब किसी डील को "संयोजन" के रूप में पहचान लिया जाता है, तो कानून उसे कैसे नियंत्रित करता है। यह धारा सुनिश्चित करती है कि कोई भी बड़ा मर्जर या अधिग्रहण Competition (प्रतिस्पर्धा) को नुकसान न...
The Hindu Succession Act में हिन्दू नारी की संपत्ति अपने वारिसों को मिलना
इस धारा के अंतर्गत हिंदू नारी के उत्तराधिकार के संबंध में साधारण नियमों का उल्लेख किया गया है।हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 के पारित होने के बाद किसी हिंदू नारी के पास तीन प्रकार की संपत्तियां होती हैं-पिता या माता से उत्तराधिकार में प्राप्त संपत्ति-पति या ससुर से उत्तराधिकार में प्राप्त संपत्ति-अन्य सभी प्रकार की संपत्ति-जैसा कि यह साधारण नियम है किसी भी हिंदू व्यक्ति को अपने को उत्तराधिकार में प्राप्त संपत्ति और अपने द्वारा अर्जित की गई संपत्ति वसीयत करने का अधिकार प्राप्त है। वह अपनी संपत्ति...
The Hindu Succession Act की धारा 9 के प्रावधान
हिंदू मृत पुरुष की संपत्ति का उत्तराधिकार उसके वसीयत नहीं किए जाने की परिस्थिति में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 की धारा 8 के अंतर्गत तय होता है। अधिनियम की धारा 8 उन वारिसों का उल्लेख करती है जिन्हें इस प्रकार से किसी हिंदू पुरुष की संपत्ति प्राप्त होती है। इसके बाद का प्रश्न आता है कि यदि यह संपत्ति धारा-8 में बताए गए वारिसों को प्राप्त होगी तो उन्हें प्राप्त होने का क्रम क्या होगा! इस प्रश्न का उत्तर हमें अधिनियम की धारा 8 में प्राप्त होता है। अधिनियम की धारा 9, 10, 11, 12 और 14 इस संबंध...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 32, 32A, 33: पंजीकरण के लिए दस्तावेज़ कौन प्रस्तुत करेगा और मुख्तारनामे के नियम
आइए, पंजीकरण अधिनियम, 1908 (Registration Act, 1908) के भाग V के तहत दस्तावेज़ों को पंजीकरण के लिए प्रस्तुत करने (Presenting Documents for Registration) से संबंधित महत्वपूर्ण धाराओं को समझते हैं। यह भाग बताता है कि कौन दस्तावेज़ प्रस्तुत कर सकता है और इसके लिए क्या विशेष आवश्यकताएँ हैं।32. पंजीकरण के लिए दस्तावेज़ प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति (Persons to present documents for registration)यह धारा उन व्यक्तियों को परिभाषित करती है जो किसी दस्तावेज़ को पंजीकरण के लिए उचित पंजीकरण कार्यालय में...
वायु अधिनियम, 1981 की धारा 8-10 के तहत राज्य बोर्डों की अयोग्यताएँ, रिक्तियाँ और बैठकें
किसी भी नियामक निकाय (Regulatory Body) का प्रभावी कामकाज न केवल उसके गठन और शक्तियों (Powers) पर निर्भर करता है, बल्कि उसके सदस्यों की ईमानदारी (Integrity) और उसकी परिचालन प्रक्रियाओं (Operational Procedures) की दक्षता (Efficiency) पर भी निर्भर करता है।वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, अपने बाद की धाराओं में इन पहलुओं को बारीकी से संबोधित करता है, विशेष रूप से राज्य बोर्ड (State Board) के सदस्यों के लिए अयोग्यताओं (Disqualifications), ऐसी अयोग्यताओं के उनकी सीटों पर तत्काल...


















