हाईकोर्ट
'वीरा राजा वीरा' गाने पर एआर रहमान के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा रद्द
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को वरिष्ठ भारतीय शास्त्रीय गायक उस्ताद फैयाज वसीफुद्दिन डागर के उस मामले में अंतरिम निषेधाज्ञा रद्द की, जिसमें उन्होंने तमिल फिल्म पोन्नियन सेलवन 2 के गाने वीरा राजा वीरा में अपनी शिव स्तुति संगीत रचना के कथित कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया था।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने एआर रहमान द्वारा सिंगल जज के आदेश के खिलाफ दायर अपील स्वीकार की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपील मंजूर करते समय उन्होंने कॉपीराइट उल्लंघन के मुद्दे पर अभी विचार नहीं...
JEE 2025 में गड़बड़ी के आरोप पर दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज, कहा- तकनीकी त्रुटि न होने पर NTA का रिकॉर्ड मान्य
दिल्ली हाईकोर्ट ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) मेन्स 2025 में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर दाखिल याचिका खारिज किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब कोई प्रत्यक्ष तकनीकी त्रुटि सामने नहीं आती तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आधिकारिक रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जाएगी।जस्टिस विकास महाजन की सिंगल बेंच ने शशांक शेखर पांडे द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके पक्ष में कोई प्रथमदृष्टया मामला नहीं बनता।पांडे ने अंतिम उत्तर कुंजी में त्रुटियों की समीक्षा और संशोधन की मांग करते हुए JEE (एडवांस्ड)...
900 ग्राम हेरोइन निगलकर भारत लाने वाले अफगान नागरिक की ज़मानत याचिका खारिज
दिल्ली हाईकोर्ट ने अफगान नागरिक नक़ीबुल्लाह रोडाई को ज़मानत देने से इनकार किया, जिसे जनवरी, 2021 में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी पर आरोप है कि उसने अपने पेट में 113 कैप्सूल निगलकर लगभग 905 ग्राम हेरोइन भारत में तस्करी के लिए छुपाई।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि आरोपी को कई दिन अस्पताल में निगरानी में रखा गया, जिसके दौरान उसके पेट से सभी कैप्सूल निकाले गए। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे हालात में यह मानने का कोई उचित आधार नहीं है कि आरोपी निर्दोष है।अभियुक्त ने लंबे समय से न्यायिक हिरासत...
क्या दक्षिण एशियाई यूनिवर्सिटी को मिली विशेष छूट अदालत की रिट जूरिस्डिक्शन से बाहर करती है? दिल्ली हाईकोर्ट करेगा विचार
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह सवाल विचार के लिए तय किया कि दक्षिण एशियाई यूनिवर्सिटी (SAU) को South Asian University Act, 2008 की धारा 14 और संयुक्त राष्ट्र (विशेषाधिकार और उन्मुक्तियां) अधिनियम 1947 की धारा 3 तथा उसके शेड्यूल के तहत दी गई इम्यूनिटी, क्या उसे अदालतों की रिट जूरिस्डिक्शन से बाहर करती है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ लेटर पेटेंट अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी गई। उस आदेश में कहा गया कि यूनिवर्सिटी को मिली इम्यूनिटी के...
दिल्ली हाईकोर्ट: प्राइवेट स्कूलों पर भी RPwD Act के तहत दिव्यांग स्टूडेंट्स को रीज़नेबल एकॉमोडेशन देने की बाध्यता
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि प्राइवेट स्कूल भी राइट्स ऑफ पर्सन्स विथ डिसएबिलिटीज़ एक्ट (RPwD Act), 2016 की धारा 16 के तहत बाध्य हैं और उन्हें दिव्यांग बच्चों की सीखने की कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। अदालत ने साफ किया कि समावेशी शिक्षा तभी संभव है, जब शिक्षण संस्थान दिव्यांग बच्चों को रीज़नेबल एकॉमोडेशन दें यानी उनकी ज़रूरतों के अनुरूप उचित बदलाव और सुविधाएं उपलब्ध कराएं।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की खंडपीठ ने कहा कि...
सेशन जज के विरुद्ध अपने ही जज की "निंदापूर्ण और अपमानजनक" टिप्पणी का हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
एक दुर्लभ कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार से संबंधित ज़मानत मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट जज के विरुद्ध "निंदापूर्ण" टिप्पणी करने वाले अपने ही जज के "निंदापूर्ण" आदेश पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की।12 सितंबर के अपने आदेश में सिंगल बेंच ने ₹5 करोड़ के सरकारी धन के गबन के आरोपी सरकारी कर्मचारी के विरुद्ध कथित रूप से आरोप हटाने के लिए सेशन जज के विरुद्ध जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया। सिंगल बेंच ने टिप्पणी की कि सेशन जज ने मामले के तथ्यों पर ठीक से...
आपसी तलाक़ मामलों में कूलिंग पीरियड थोपना केवल पीड़ा बढ़ाना : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब पति-पत्नी आपसी सहमति से अलग होने का निश्चय कर चुके हों, तो अदालत को उन पर अनिवार्य “कूलिंग-ऑफ पीरियड” थोपने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि इससे केवल उनकी पीड़ा बढ़ेगी।जस्टिस पी.बी. बालाजी ने सुप्रीम कोर्ट और अन्य हाईकोर्ट्स के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों पक्षकारों ने अलग-अलग हलफनामों में स्पष्ट रूप से अपनी मर्ज़ी से अलग होने की बात कही है। न तो बच्चों का सवाल है और न ही किसी तरह का धोखा, दबाव या साज़िश। ऐसे में अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि उन पर थोपना...
लाइलाज बीमारी छिपाने पर पति को तलाक का अधिकार : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक विवाह को रद्द करते हुए कहा कि यदि कोई जीवनसाथी विवाह से पहले यह तथ्य छिपाता है कि वह “सिरिब्रल पाल्सी” जैसी असाध्य बीमारी से पीड़ित है, तो यह दूसरे जीवनसाथी के लिए हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक लेने का आधार हो सकता है।जस्टिस नितिन सुर्यवंशी और जस्टिस संदीपकुमार मोरे की खंडपीठ ने उस पति की अपील पर फैसला सुनाया, जिसकी तलाक याचिका को फैमिली कोर्ट ने 17 अगस्त 2023 को खारिज कर दिया था। पति ने आरोप लगाया था कि पत्नी जन्म से सिरिब्रल पाल्सी से पीड़ित है, जिसके कारण वह अक्सर...
NEET-PG: तेलंगाना हाईकोर्ट ने NRI कोटे के तहत एडमिशन के लिए OCI कार्ड धारक की याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया
तेलंगाना हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए केंद्र सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड धारक स्टूडेंट की याचिका पर विचार किया जाए, जिसने NRI कोटा के अंतर्गत NEET-PG में एडमिशन की पात्रता का दावा किया।चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने यह आदेश स्टूडेंट की याचिका पर पारित किया। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि उसने एम्बेसी सर्टिफिकेट ऑफ स्पॉन्सर के लिए विदेश मंत्रालय में आवेदन किया। हालांकि, इसे यह कहते हुए...
MP हाईकोर्ट ने बार काउंसिल को वकील का नाम बिना फीस रजिस्टर्ड करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में वकील रोहित पाठक के नाम को राज्य बार काउंसिल में अस्थायी रूप से रजिस्टर्ड करने का निर्देश दिया। इस दौरान किसी फीस का भुगतान नहीं करने का निर्देश भी दिया।यह आदेश उस याचिका पर आया, जिसमें एडवोकेट ने दावा किया था कि उन्होंने अपनी प्रैक्टिस दिल्ली से जबलपुर ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया था। बार काउंसिल ऑफ मध्य प्रदेश ने रजिस्ट्रेशन स्वीकार करने की शर्त के रूप में 15,000 रुपये का अत्यधिक फीस मांगी।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय साराफ की खंडपीठ ने...
मणिपुर हाईकोर्ट ने कुकी महिलाओं की मुआवजे वाली याचिका पर राज्य और केंद्र सरकार से मांगा जवाब
मणिपुर हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्र और राज्य सरकार से नोटिस जारी करते हुए काउंटर-एफ़िडेविट दाखिल करने को कहा। यह याचिका कुकी महिलाओं द्वारा कथित रूप से साइबोल गांव, कांगपोक्पी जिले में हुए प्रदर्शन के दौरान अर्धसैनिक बलों द्वारा की गई कार्रवाई में चोटें प्राप्त करने के मामले से संबंधित है।याचिका में कई मांगें की गईं, जिनमें शामिल हैं:1. प्रभावित महिलाओं के खिलाफ FIR दर्ज करना।2. अभियोग की अनुमति प्रदान करना।3. SIT द्वारा जांच करवाना।4. पीड़ितों को मुआवजा देना।याचिकाकर्ता संगठन का कहना कि...
पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण केवल एक बार का लाभ, करियर उन्नति का साधन नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों को दिया जाने वाला आरक्षण एक बार का लाभ है, जिसका उद्देश्य केवल पुनर्नियोजन की सुविधा देना है। इसे करियर में बार-बार उन्नति पाने का साधन नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने पूर्व सैनिक की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के पद पर आरक्षण का लाभ लेकर नियुक्ति के बाद दोबारा जूनियर अकाउंटेंट पद पर उसी आरक्षण का दावा किया था।मामलायाचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह अभी दो साल की...
दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला: रोलेक्स घड़ी व्यक्तिगत उपयोग के लिए, कॉमर्शियल क्वांटिटी नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एयर पैसेंजर से जब्त की गई रोलेक्स घड़ी को कॉमर्शियल क्वांटिटी नहीं माना जा सकता।जस्टिस प्रतीभा एम. सिंह और शैल जैन की खंडपीठ ने कहा,“स्पष्ट है कि एक रोलेक्स घड़ी को कॉमर्शियल क्वांटिटी नहीं माना जा सकता और इसे व्यक्तिगत उपयोग के लिए रखा जा सकता है।”यह आदेश दुबई निवासी एक यात्री की याचिका पर आया, जिसकी एक रोलेक्स घड़ी भारत आगमन पर कस्टम द्वारा बिना घोषणा के आरोप में जब्त कर ली गई।यात्री को 1,80,000 का जुर्माना अदा कर घड़ी को री-एक्सपोर्ट (पुनः निर्यात) करने की...
हाथ पर हाथ धरे बैठी है पुलिस: एमपी हाईकोर्ट ने बजाज फाइनेंस की कथित जबरन वसूली पर प्रारंभिक जांच के आदेश दिए
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बजाज फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर पुलिस की निष्क्रियता को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया। कंपनी पर आरोप है कि उसने 25.69 लाख के व्यवसायिक ऋण की वसूली के लिए धमकाने, दुर्व्यवहार करने और जबरन तरीकों का सहारा लिया।जस्टिस प्रणय वर्मा की सिंगल बेंच ने कहा कि पुलिस अधिकारी मामले पर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।अदालत ने कहा,“अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे...
पंचायत प्रधान की बहाली के आदेश पर अमल क्यों नहीं? राजस्थान हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य अधिकारियों से जवाब तलब किया कि उन्होंने पंचायत समिति उचैन के प्रधान की बहाली के अदालत के आदेश पर अब तक अमल क्यों नहीं किया और न ही आदेश को चुनौती दी।जस्टिस गणेश राम मीणा ने सख़्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या राज्य अधिकारी अदालत के आदेश पर बिना अमल किए लंबे समय तक बैठे रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को उनके कार्यकाल से वंचित रखना जबकि संवैधानिक अदालत उनके पक्ष में आदेश दे चुकी है, गंभीर मामला है और इसे सख्ती से निपटाया जाना चाहिए।मामला एक अवमानना...
किसी व्यक्ति को जंगली जानवर समझकर गलती से गोली मारना लापरवाही है, हत्या नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को जंगली जानवर समझकर गलती से गोली मारना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत लापरवाही से हुई मौत है, न कि BNS की धारा 103 के तहत हत्या का अपराध।जस्टिस राकेश कैंथला ने टिप्पणी की:"...उनका सोम दत्त की मृत्यु का इरादा नहीं था और उन्हें प्रथम दृष्टया BNS की धारा 103 के तहत दंडनीय अपराध के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, वह BNS की धारा 106 के तहत दंडनीय अपराध के लिए उत्तरदायी होंगे, जो प्रकृति में जमानती है।"याचिकाकर्ता ने BNS, 2023 की...
पहली पत्नी की मृत्यु के बाद सरकारी कर्मचारी के पेंशन रिकॉर्ड में दूसरी पत्नी शामिल होगी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि रिटायरमेंट सरकारी कर्मचारी की पहली पत्नी की मृत्यु के बाद उसकी दूसरी पत्नी को पेंशन देने से इनकार नहीं किया जा सकता, भले ही हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 5 के तहत विवाह तकनीकी रूप से अमान्य हो।अदालत ने श्रीरामबाई बनाम कैप्टन रिकॉर्ड ऑफिसर, 2023 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि "यदि एक पुरुष और एक महिला लंबे समय तक लगातार साथ रहते हैं तो विवाह के वैध होने का अनुमान लगाया जा सकता है"।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा:"यह सच है कि हिंदू विवाह...
'महंगी बाइकों का आनंद लेते हुए अपनी ज़िम्मेदारियों से बच रहा है': हाईकोर्ट ने पति को पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करने का निर्देश देने वाला आदेश बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (22 सितंबर) को एक व्यक्ति की याचिका खारिज की, जिसमें उसने अपनी पत्नी और बच्चों के पक्ष में फैमिली कोर्ट के भरण-पोषण आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि पति महंगी बाइकों के साथ जीवन का आनंद लेते हुए अपनी ज़िम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रहा है।जस्टिस गजेंद्र सिंह ने कहा कि यह विवाद उनके छोटे बच्चे के जन्म के बाद उत्पन्न हुआ, जिसे गंभीर मेडिकल और विकासात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा:"यह माँ/प्रतिवादी नंबर 1 है, जो सभी प्रकार की चुनौतियों का सामना...
जाति आधारित राजनीतिक रैलियों पर रोक, पुलिस रिकॉर्ड और वाहनों से हटेंगे जाति उल्लेख: हाईकोर्ट आदेश पर यूपी सरकार की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए जाति-आधारित उल्लेखों को पुलिस अभिलेखों, आधिकारिक प्रारूपों, वाहनों और सार्वजनिक स्थानों से हटाने का 10 सूत्रीय आदेश जारी किया है। साथ ही, पूरे राज्य में जाति-आधारित राजनीतिक रैलियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। आदेश में कहा गया कि ऐसी रैलियाँ जातिगत संघर्ष को बढ़ावा देती हैं और "राष्ट्रीय एकता" के खिलाफ हैं। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया फैसले के अनुपालन में जारी हुआ है, जिसमें कोर्ट ने जाति-गौरव प्रदर्शन को "असंवैधानिक" और "राष्ट्र-विरोधी"...
'बेटी पढ़ाओ' अभियान के बावजूद बेटियों की पढ़ाई की अनदेखी: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक व्यक्ति की तबादला स्थगित करने की अर्जी खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ता ने अपनी बेटी की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा को देखते हुए मार्च 2026 तक वर्तमान पदस्थापन स्थल पर बने रहने की मांग की थी।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारें “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान चला रही हैं, तब उनके अधिकारी बेटियों की वास्तविक ज़रूरतों के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं। कोर्ट...



















