हाईकोर्ट
विवाह अमान्य होने पर भी लागू रहेगी IPC की धारा 498A: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कल यह निर्णय दिया कि भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 498A — जो किसी विवाहित महिला के प्रति उसके पति या ससुराल वालों द्वारा की गई क्रूरता को अपराध घोषित करती है — तब भी लागू होगी जब पति-पत्नी के बीच विवाह बाद में अवैध घोषित कर दिया जाए।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा, “पति की परिभाषा की उद्देश्यमूलक व्याख्या करते हुए यह कहा जा सकता है कि ऐसे व्यक्ति भी इसके दायरे में आते हैं जो विवाहिक संबंध में प्रवेश करते हैं, भले ही वह विवाह बाद में तकनीकी रूप से अमान्य घोषित हो जाए। इसलिए...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने POSH मामले में सुनवाई से इनकार करने पर ICC रिपोर्ट को चुनौती देने वाली अकासा एयर के पायलट की रिट याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि POSH Act के तहत कार्यवाही में गवाहों से क्रॉस एक्जामिनेशन करने का अवसर न मिलने मात्र से जांच स्वतः ही दोषपूर्ण नहीं हो जाती, खासकर जहां मूल तथ्य स्वीकार कर लिए गए हों और कोई पूर्वाग्रह प्रदर्शित न हुआ हो। कोर्ट ने कहा कि आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के समक्ष कार्यवाही तथ्यान्वेषण प्रकृति की होती है। साक्ष्य संबंधी सख्त नियमों से बंधी नहीं होती।जस्टिस एन.जे. जमादार अकासा एयर में कैप्टन के रूप में कार्यरत पायलट द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें ICC की अंतिम...
ज़मानत आदेशों का होगा सीधा प्रसारण, कैदियों की तत्काल रिहाई: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़मानत के बाद समय पर रिहाई के निर्देश जारी किए
ज़मानत मिलने के बाद भी किसी व्यक्ति को जेल में न रहना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को ज़मानत आदेशों के सीधे इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण और ज़मानत आदेश प्रबंधन प्रणाली (BOMS) के माध्यम से कैदियों की तत्काल रिहाई के लिए व्यापक निर्देश जारी किए, जो सुप्रीम कोर्ट के 2023 के ज़मानत अनुदान नीति रणनीति संबंधी फैसले के अनुरूप है।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने अपहरण के आरोपी को ज़मानत देते हुए ज़मानत आदेशों के क्रियान्वयन में लगातार हो रही देरी पर...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना मुद्दे तय किए और साक्ष्य दर्ज किए मुस्लिम दंपत्ति के बीच तलाक की घोषणा करने पर फैमिली कोर्ट की आलोचना की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश पर आश्चर्य और हैरानी व्यक्त की, जिसमें बिना मुद्दे तय किए और साक्ष्य दर्ज किए मुस्लिम महिला को उसके पति से तलाक की घोषणा कर दी गई।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा;"हम इस बात से आश्चर्यचकित और स्तब्ध हैं कि फैमिली कोर्ट ने सीपीसी के आदेश VII नियम 11 के तहत मामले को कैसे लिया। प्रतिवादी/वादी (पति) को राहत दी, जो मुद्दे तय करने और साक्ष्य दर्ज करने के बाद ही दी जानी चाहिए थी। तलाक की घोषणा प्राप्त करके मुकदमा दायर...
मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी के रजिस्ट्रेशन से पहले पहली पत्नी की बात ज़रूर सुनी जाए, अगर वह आपत्ति करे तो पक्षकारों को अदालत भेजा जाए: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में व्यवस्था दी कि केरल विवाह पंजीकरण (सामान्य) नियम 2008 के अनुसार, मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी का रजिस्ट्रेशन करते समय वैधानिक प्राधिकारियों द्वारा पहली पत्नी को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए।जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने कहा कि यद्यपि मुस्लिम व्यक्ति कुछ परिस्थितियों में किसी पुरुष को दूसरी शादी की अनुमति देता है। फिर भी यदि विवाह का पंजीकरण किया जाता है तो देश का कानून लागू होगा। तब धर्म संवैधानिक अधिकारों के आगे गौण हो जाता है।यह टिप्पणी एक मुस्लिम पुरुष और उसकी...
आर्थिक अक्षमता का बहाना नहीं चलेगा: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रेच्युटी रोकने को अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट फैसला सुनाया कि राज्य संस्थाएं अपने कर्मचारियों को सेवांत लाभ (Terminal Benefits) प्रदान करने की वैधानिक बाध्यता को पूरा करने के लिए आर्थिक अक्षमता को बहाना नहीं बना सकती हैं। कोर्ट ने कहा कि इन लाभों को जारी करने की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का उल्लंघन है।जस्टिस महेश्वर राव कुंचेम ऐसे मामले की सुनवाई कर रहे थे जहां कृष्ण जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (DCCB) जो कि अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' के दायरे में आता है, उनके रिटायर...
सामान्य वैवाहिक जीवन में महज ताने दिए जाना और पारिवारिक कलह क्रूरता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक जीवन में सामान्य उतार-चढ़ाव के दौरान केवल ताने आकस्मिक संदर्भ और सामान्य पारिवारिक कलह क्रूरता का अपराध नहीं माना जा सकता।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि सबूतों के अभाव में भी पति के दूर के रिश्तेदारों को भी जो वैवाहिक घर में रहते भी नहीं हैं, घसीटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।कोर्ट ने तर्क दिया कि ऐसा केवल क्रूरता के कथित कृत्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी को उजागर करने के लिए किया जाता है, क्योंकि ऐसे रिश्तेदार पक्षकारों के वैवाहिक कटुता से अवगत हो सकते हैं।जज ने...
सार्वजनिक विश्वास से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में समझौता आपराधिक दायित्व को समाप्त नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक विश्वास से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में पक्षों के बीच समझौता आपराधिक दायित्व को समाप्त नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अपराध निजी विवादों के दायरे से परे होते हैं और सार्वजनिक संस्थाओं की अखंडता पर आघात करते हैं।याचिकाकर्ता पर सरकारी नौकरी का वादा करके शिकायतकर्ता से 4.5 लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया।जस्टिस सुमीत गोयल ने अग्रिम ज़मानत खारिज करते हुए कहा,"याचिकाकर्ता ने सोची-समझी और कपटपूर्ण तरीके से शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों...
बिहार विधानसभा चुनाव | हाईकोर्ट ने नामांकन रद्द होने को चुनौती देने वाली उम्मीदवारों की रिट याचिकाएं खारिज कीं
पटना हाईकोर्ट ने आगामी 6 और 11 नवंबर को होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में क्रमशः राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और लोक जनशक्ति पार्टी (LJSP) के दो उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने को चुनौती देने वाली दो रिट याचिकाओं पर विचार करने से इनकार किया।जस्टिस ए अभिषेक रेड्डी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 329(बी) के तहत विशिष्ट प्रतिबंध और उम्मीदवारों के लिए वैकल्पिक उपायों की उपलब्धता का हवाला दिया।याचिकाकर्ताओं में से एक राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित मोहनिया विधानसभा क्षेत्र...
'हक़' फ़िल्म की रिलीज के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
शाह बानो की बेटी ने मंगलवार (4 नवंबर) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में कहा कि यामी गौतम धर और इमरान हाशमी अभिनीत फिल्म 'हक़' उनकी माँ के व्यक्तित्व अधिकारों को प्रभावित करती है, उनकी छवि को अपमानजनक तरीके से दर्शाती है और इसे रिलीज़ नहीं किया जाना चाहिए।निर्माताओं और सेंसर बोर्ड सहित सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस प्रणय वर्मा ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।यह फिल्म 7 नवंबर को रिलीज़ होने वाली है और कथित तौर पर अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम (1985) के ऐतिहासिक फैसले से प्रेरित है। इस फैसले...
आपसी विश्वास सुनहरा धागा: एमपी हाईकोर्ट ने झूठे आरोपों को क्रूरता मानते हुए पति को दी तलाक की अनुमति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वैवाहिक संबंध में आपसी विश्वास (Mutual Trust) को सुनहरा धागा (Golden Thread) बताते हुए टिप्पणी की कि जब एक जीवनसाथी दूसरे पर बेबुनियाद और मानहानिकारक आरोप लगाता है तो यह विश्वास टूट जाता है। कोर्ट ने पत्नी द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों को क्रूरता मानते हुए और लंबे समय तक परित्याग (Desertion) के आधार पर पति को तलाक की मंजूरी दी।कोर्ट ने कहा,"वैवाहिक संबंध में आपसी विश्वास वह सुनहरा धागा है, जो विवाहित जोड़ों के जीवन में स्नेह और प्रशंसा बुनता है। जब एक पक्ष दूसरे पर बेबुनियाद...
मजिस्ट्रेट सुरक्षित संपत्ति पर कब्ज़ा करते समय पुलिस खर्च वहन करने का निर्देश सुरक्षित ऋणदाता को नहीं दे सकते: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि कोई मजिस्ट्रेट वित्तीय आस्तियों के प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (SARFAESI Act) की धारा 14 के तहत सुरक्षित संपत्ति पर कब्ज़ा करते समय किसी सुरक्षित ऋणदाता को पुलिस सहायता के लिए खर्च जमा करने का निर्देश नहीं दे सकता।जस्टिस आशुतोष कुमार की पीठ ने यह फैसला अलवर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) द्वारा एक वित्तीय कंपनी और उसके ऋणदाताओं के बीच विवाद में लगाई गई शर्त को खारिज करते हुए सुनाया।न्यायालय ने...
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम के तहत PMLA के आरोपियों को ED जांच में प्रत्यक्ष उपस्थिति से बचने का कोई विकल्प नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में प्रत्यक्ष और अनिवार्य उपस्थिति से बचने के लिए धन शोधन के आरोपियों के लिए एक आश्रय के रूप में काम नहीं करते हैं।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा साक्ष्य रिकॉर्डिंग की सुविधा के लिए है, न कि किसी फरार आरोपी को अनिवार्य जांच का सामना करने से बचाने के लिए।यह देखते हुए कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की शुरुआत मुकदमे की प्रगति को सुगम बनाने और उन गवाहों को कम से कम असुविधा...
'बैंकों को पहले ही वसूल की जा चुकी राशि पर ब्याज लेना बंद करना चाहिए': किंगफिशर के बकाया कर्ज पर विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा
भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील दी है कि बैंकों को पहले ही वसूल की जा चुकी राशि पर ब्याज लेना बंद करना चाहिए। माल्या ने अपने और अपनी पूर्ववर्ती एयरलाइन किंगफिशर (यूनाइटेड ब्रुअरीज होल्डिंग्स लिमिटेड) पर बकाया कर्ज की जानकारी मांगने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।जस्टिस ललिता कन्नेगंती के समक्ष माल्या की ओर से सीनियर वकील साजन पोवैया ने दलील दी कि बैंकों को बकाया राशि पहले ही मिल चुकी है और वे यह रुख नहीं अपना सकते कि कार्यवाही लंबित रहने के कारण की गई वसूली को...
नियोक्ता वर्षों तक अभ्यावेदन का जवाब न देने पर कर्मचारी के दावे को अस्वीकार करने में देरी का हवाला नहीं दे सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली द्वारा दायर अपील खारिज की, जिसमें सिंगल जज के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें रिटायर कर्मचारी के उच्च ग्रेड वेतन को वापस लेने को रद्द कर दिया गया था और संस्थान को वित्तीय उन्नयन के उसके दावे पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने माना कि देरी NIT द्वारा कर्मचारी के अभ्यावेदन का जवाब न देने के कारण हुई थी।चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने टिप्पणी की:"इसमें कोई विवाद नहीं है कि वर्ष...
सुनवाई के दौरान 'निष्पक्ष टिप्पणियों' पर मीडिया की सनसनी फैलाने वाली रिपोर्टिंग चिंताजनक: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान की गई 'केवल सनसनी फैलाने' के लिए की गई 'निष्पक्ष टिप्पणियों' की मीडिया रिपोर्टिंग के 'चिंताजनक चलन' की ओर इशारा किया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,"हाल के दिनों में यह एक चिंताजनक चलन बन गया है कि किसी मामले की सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा की गई कुछ सबसे निष्पक्ष टिप्पणियों, जो कार्यवाही से जुड़ी भी हो सकती हैं या नहीं भी, की रिपोर्टिंग केवल सनसनी फैलाने के लिए की जाती है।"जज ने आगे कहा,"अदालती कार्यवाही की ऐसी रिपोर्टिंग, जो जनता में अधिक रुचि के...
विवाह पुरुष को पत्नी पर असीमित अधिकार नहीं देता, महिलाओं की सहनशीलता को सहमति नहीं माना जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक 80 वर्षीय व्यक्ति की बरी को रद्द करते हुए उसे धारा 498A (पत्नी के प्रति क्रूरता) के तहत फिर से दोषी ठहराया है। अदालत ने कहा कि विवाह पुरुष को पत्नी पर असीम अधिकार नहीं देता और पत्नी की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान सुनिश्चित करना पति की मुख्य वैवाहिक जिम्मेदारी है।जस्टिस एल. विक्टोरिया गौरी ने कहा कि भारतीय पुरुषों को यह पुरानी सोच छोड़नी चाहिए कि विवाह उन्हें अधिकार देता है। कोर्ट ने कहा, “पत्नी की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा कोई द्वितीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वैवाहिक बंधन का मूल...
अयोध्या मामला: अंतिम फैसले के बाद भी बोल रहे हैं जज
श्रीनिवासन जैन के साथ एक साक्षात्कार में बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मुद्दे पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की टिप्पणियों ने राष्ट्रीय बहस को फिर से छेड़ दिया है। ध्यान आकर्षित करने वाले उनके बयानों में से एक था मस्जिद के निर्माण को "अपवित्रता का एक मौलिक कृत्य" बताना, और साथ ही उनका यह विचार कि पुरातात्विक साक्ष्य इस निष्कर्ष का समर्थन करते हैं (स्टाफ, 2025)।न्यायपालिका में कभी सर्वोच्च पद पर आसीन रहे किसी व्यक्ति के ये बयान सामान्य से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। ये केवल टिप्पणी मात्र...
पासपोर्ट की अवधि तय नहीं होने पर केवल एक साल का पासपोर्ट जारी करना सही: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर सक्षम आपराधिक अदालत किसी व्यक्ति को विदेश यात्रा की अनुमति या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) देती है लेकिन उसमें पासपोर्ट की अवधि का उल्लेख नहीं होता, तो पासपोर्ट प्राधिकरण द्वारा सिर्फ एक वर्ष की वैधता वाला पासपोर्ट जारी करना उचित है।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह फैसला रहीमुद्दीन की याचिका पर दिया। उन्होंने सीजेएम पीलीभीत से मिले एनओसी के आधार पर 10 साल की वैधता वाले पासपोर्ट की मांग की थी। पासपोर्ट कार्यालय ने केवल एक वर्ष...
'लव जिहाद' शब्द का असल मतलब क्या है?: फिल्म 'हाल' पर आपत्तियों की सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट का सवाल
सोमवार (3 अक्टूबर) को शेन निगम अभिनीत फिल्म 'हाल' पर दर्ज आपत्तियों की सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने यह सवाल उठाया कि “लव जिहाद” शब्द का वास्तव में अर्थ क्या है?जस्टिस वी.जी. अरुण ने मौखिक रूप से पूछा, “लव जिहाद' शब्द का असल मतलब क्या है? जब यह एक विशेष धर्म से जुड़ा होता है, तो इसे 'जिहाद' क्यों कहा जाता है?” यह शब्द केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा दायर काउंटर एफिडेविट में इस्तेमाल किया गया था। इसमें कहा गया था कि रीवाइजिंग कमेटी, जिसमें दो विषय विशेषज्ञ शामिल थे, ने यह पाया कि...




















