हाईकोर्ट

ST/ST Act का दुरुपयोग, राज्य के साथ धोखाधड़ी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता को प्रभावित करने के लिए आरोपी पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया
ST/ST Act का दुरुपयोग, राज्य के साथ धोखाधड़ी': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता को प्रभावित करने के लिए आरोपी पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कड़े आदेश में SC/ST Act, 1989 के तहत दर्ज एक मामले में तीन पीड़ितों और 19 आरोपियों दोनों को कड़ी फटकार लगाई। न्यायालय ने कानून की प्रक्रिया के 'गंभीर दुरुपयोग' और अधिनियम के कल्याणकारी प्रावधानों के 'घोर दुरुपयोग' का खुलासा किया।1989 के SC/ST Act की धारा 14-ए (1) के तहत 19 आरोपियों द्वारा दायर आपराधिक अपील खारिज करते हुए जस्टिस शेखर कुमार यादव की पीठ ने कथित पीड़ितों, एक दलित महिला और उसकी दो बहुओं को राज्य सरकार से प्राप्त ₹4.5 लाख की पूरी मुआवज़ा राशि वापस करने का...

जबरदस्ती वसूली धमकी के बाद पूर्व डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री को दी जाए पुलिस सुरक्षा: दिल्ली हाईकोर्ट
जबरदस्ती वसूली धमकी के बाद पूर्व डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री को दी जाए पुलिस सुरक्षा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह रोहित गोदारा गिरोह द्वारा जबरन वसूली की धमकी के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री द्वारा पुलिस सुरक्षा के लिए किए गए अनुरोध पर शीघ्र कार्रवाई करे।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि एक बीट कांस्टेबल अगले दो हफ़्तों तक हर दिन कम से कम एक बार खत्री से मिलकर उनकी कुशलक्षेम सुनिश्चित करेगा।खत्री का कहना था कि 29 सितंबर को उन्हें यूक्रेन में रजिस्टर्ड एक फ़ोन नंबर से धमकी भरे...

केवल अधिनियमन पर्याप्त नहीं: केरल हाईकोर्ट ने JJ Actऔर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु निर्देश जारी किए
'केवल अधिनियमन पर्याप्त नहीं': केरल हाईकोर्ट ने JJ Actऔर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु निर्देश जारी किए

केरल हाईकोर्ट ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 और सम्पूर्णा बेहुरा बनाम भारत संघ [2018 (4) SCC 433] में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं।चीफ जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस बसंत बालाजी की खंडपीठ ने दो संबंधित मामलों में निर्णय सुनाते हुए ये निर्देश जारी किए, एक स्वत: संज्ञान याचिका और दूसरी नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उसके कार्यक्रम निदेशक सम्पूर्णा बेहुरा द्वारा स्थापित...

क्या धोखा शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं? — डाबर की याचिका पर पतंजलि के च्यवनप्राश विज्ञापन पर दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल
"क्या 'धोखा' शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं?" — डाबर की याचिका पर पतंजलि के च्यवनप्राश विज्ञापन पर दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को पतंजलि आयुर्वेद से उसके उस टीवी विज्ञापन पर सवाल किया जिसमें उसने अपने अलावा बाकी सभी च्यवनप्राश उत्पादों को “धोखा” कहा है।जस्टिस तेजस कारिया ने टिप्पणी की कि जहां अन्य च्यवनप्राश उत्पादों को “साधारण” या “कमतर” कहना विज्ञापन की छूट के दायरे में आ सकता है, वहीं उन्हें “धोखा” कहना अपमानजनक (disparaging) नहीं माना जाएगा क्या? अदालत ने इस मामले में डाबर इंडिया लिमिटेड द्वारा दाखिल अंतरिम निषेधाज्ञा (interim injunction) याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। डाबर इंडिया ने...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बोल्ला काली पूजा के दौरान सामूहिक पशु बलि पर प्रतिबंध लगाने संबंधी वचनपत्र का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बोल्ला काली पूजा के दौरान सामूहिक पशु बलि पर प्रतिबंध लगाने संबंधी वचनपत्र का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और बोल्ला काली पूजा समिति को बोल्ला काली पूजा के दौरान सामूहिक पशु बलि की रोकथाम के संबंध में 3 नवंबर, 2025 को हुई बैठक में दर्ज वचनपत्रों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया।एक्टिंग चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने कहा कि अधिकारी और पूजा समिति यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं कि पशु क्रूरता निवारण (वधशाला) नियम, 2001 के तहत निर्दिष्ट क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में कोई पशु वध न हो।कोर्ट ने बैठक में लिए गए इस निर्णय पर...

गुजरात हाईकोर्ट ने 2013 के बलात्कार मामले में आसाराम की सज़ा 6 महीने के लिए निलंबित की
गुजरात हाईकोर्ट ने 2013 के बलात्कार मामले में आसाराम की सज़ा 6 महीने के लिए निलंबित की

गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (6 नवंबर) को आसाराम की सज़ा छह महीने के लिए निलंबित की। आसाराम गांधीनगर की एक सत्र अदालत द्वारा 2013 के एक बलात्कार मामले में दोषी ठहराए गए हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।इससे पहले, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति पर जवाब मांगा था। आसाराम के वकील ने पहले हाईकोर्ट को बताया कि अन्य बलात्कार मामले में आवेदक द्वारा दायर एक अलग ज़मानत याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट 29 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले महीने आसाराम की...

राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया, केंद्र और राज्य सरकारों से जन सुरक्षा उपायों पर जवाब मांगा
राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया, केंद्र और राज्य सरकारों से जन सुरक्षा उपायों पर जवाब मांगा

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों को उजागर करने वाली मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया और केंद्र तथा राज्य के विभागों को सड़क और जन सुरक्षा उपायों में सुधार के उपायों सहित अपने रुख का विवरण देते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा,"यह कोर्ट राजस्थान की सड़कों पर बार-बार हो रही मानव मृत्यु पर अत्यंत चिंतित है... इन घातक दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर तत्काल और समन्वित संस्थागत प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। कोर्ट मूकदर्शक बना नहीं रह सकता......

अगर आपको FIR का विवरण चाहिए तो CJI गवई पर वीडियो का लिंक सबमिट करें: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने YouTuber अजीत भारती से कहा
'अगर आपको FIR का विवरण चाहिए तो CJI गवई पर वीडियो का लिंक सबमिट करें': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने YouTuber अजीत भारती से कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने YouTuber अजीत भारती को निर्देश दिया कि अगर वह अपने खिलाफ दर्ज FIR का विवरण चाहते हैं तो वह उस वीडियो का लिंक उपलब्ध कराएं, जिसमें कथित तौर पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बी.आर. गवई पर जूता फेंका गया था।YouTuber अजीत भारती ने CJI बी.आर. गवई के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के संबंध में दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग करते हुए हाईकोरर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जस्टिस सुभाष मेहला ने कहा,"वर्तमान याचिका इस निर्देश के साथ निस्तारित की जाती है कि यदि...

ब्रीफिंग वकीलों और लॉ फर्मों को उद्धृत केस कानूनों का सत्यापन करना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
ब्रीफिंग वकीलों और लॉ फर्मों को उद्धृत केस कानूनों का सत्यापन करना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ब्रीफिंग वकीलों और लॉ फर्मों को उद्धृत केस कानूनों का सत्यापन करना होगा। न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि समीक्षाधीन निर्णयों पर भरोसा करने से न्यायिक प्रक्रिया गुमराह हो सकती है।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा,"निर्देश देने वाले और ब्रीफिंग वकीलों/लॉ फर्मों से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायालय में उद्धृत करने से पहले प्राधिकारियों का पूरी लगन और ईमानदारी से सत्यापन करें। ऐसे लंबित मामलों का खुलासा किए बिना समीक्षाधीन या अपीलाधीन निर्णय पर भरोसा करना कोर्ट के...

केवल किताबी ज्ञान से नहीं बनेगी कुशल प्रशासन की नींव: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
केवल किताबी ज्ञान से नहीं बनेगी कुशल प्रशासन की नींव: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाओं पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल रटकर सीखने और यांत्रिक दोहराव पर आधारित परीक्षाएं प्रभावी प्रशासन और सार्वजनिक सेवा के लिए आवश्यक कौशल को मापने में विफल रहती हैं। न्यायालय ने जोर दिया कि भर्ती प्रक्रियाओं को विकसित होना चाहिए और ऐसे कौशल पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो केवल किताबी ज्ञान से परे हों।जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार की पीठ ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा आयोजित असिस्टेंट एनवायर्नमेंटल इंजीनियर की...

वकीलों के सामूहिक बहिष्कार पर मद्रास हाईकोर्ट का कड़ा रुख: कहा- बार एसोसिएशन ट्रेड यूनियन नहीं, किसी के प्रतिनिधित्व पर रोक असंवैधानिक
वकीलों के सामूहिक बहिष्कार पर मद्रास हाईकोर्ट का कड़ा रुख: कहा- बार एसोसिएशन ट्रेड यूनियन नहीं, किसी के प्रतिनिधित्व पर रोक असंवैधानिक

मद्रास हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशनों द्वारा सामूहिक बहिष्कार और किसी पक्ष को कानूनी प्रतिनिधित्व से वंचित करने की प्रथा पर सख्त टिप्पणी की। जस्टिस बी. पुगालेंधी ने स्पष्ट किया कि कोई भी बार एसोसिएशन या वकीलों का समूह यह तय नहीं कर सकता कि अदालत में किसे बचाया या पेश किया जाए। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को न्यायालय में प्रतिनिधित्व का अधिकार कोई विशेष अनुग्रह नहीं बल्कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त एक मौलिक गारंटी है और इस अधिकार में हस्तक्षेप कानून के शासन की जड़ पर प्रहार है।जस्टिस पुगालेंधी ने...

पोते के पालन-पोषण के लिए दादा-दादी का स्नेह अटूट अंग, उन्हें भी मुलाकात का अधिकार: ओडिशा हाईकोर्ट
पोते के पालन-पोषण के लिए दादा-दादी का स्नेह अटूट अंग, उन्हें भी मुलाकात का अधिकार: ओडिशा हाईकोर्ट

ओडिशा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में एक दो वर्षीय बच्चे के पिता और दादा-दादी को उससे मिलने का अधिकार प्रदान किया। न्यायालय ने कटक फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मुलाकात के अधिकार की याचिका को खारिज कर दिया गया था।जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की एकल पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए दादा-दादी और पोते-पोती के बीच भावनात्मक बंधन और स्नेह महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय समाज में दादा-दादी बच्चों के पालन-पोषण का एक अभिन्न अंग होते हैं और...

अधिकार क्षेत्र न रखने वाली अदालतों को भेजे गए मामले प्रिंसिपल जिला जज को वापस किए जाएंगे: दिल्ली हाईकोर्ट
अधिकार क्षेत्र न रखने वाली अदालतों को भेजे गए मामले प्रिंसिपल जिला जज को वापस किए जाएंगे: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यदि कोई भी मामला गलती से ऐसी अदालत को आवंटित हो जाता है, जिसके पास उसे सुनने का अधिकार क्षेत्र नहीं है तो फाइल को तत्काल संबंधित प्रिंसिपल जिला एंड सेशन जज को वापस करना होगा ताकि उसे सही अधिकार क्षेत्र वाली सक्षम अदालत को नए सिरे से आवंटित किया जा सके।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी जिलों के प्रिंसिपल जिला एंड सेशन जजों को इस संबंध में प्रशासनिक परिपत्र (Administrative...

केरल में गुम हुआ कुवैती व्यक्ति, हाईकोर्ट ने कहा- हर जीवन अमूल्य; SIT को दिया खोजने का निर्देश
केरल में गुम हुआ कुवैती व्यक्ति, हाईकोर्ट ने कहा- 'हर जीवन अमूल्य'; SIT को दिया खोजने का निर्देश

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार (5 नवंबर) को सूरज लामा के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) से कहा कि वह उनके बेटे संतन लामा द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करे। सूरज लामा कुवैत से कोच्चि पहुंचने के बाद 5 अक्टूबर से लापता बताए जा रहे हैं।जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस एम.बी. स्नेहलता की खंडपीठ ने संतन लामा द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में अपने पिता की तस्वीर को अतिरिक्त दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार करने के लिए एक अंतरिम आवेदन स्वीकार कर लिया।आवेदन के साथ दायर हलफनामे में उनके लापता पिता...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा – नियुक्ति के समय उम्र कम थी, पर धोखाधड़ी नहीं हुई; फॉरेस्टर की नौकरी बहाल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा – नियुक्ति के समय उम्र कम थी, पर धोखाधड़ी नहीं हुई; फॉरेस्टर की नौकरी बहाल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी वन मंडल के वन संरक्षक का 2003 का आदेश रद्द कर दिया, जिसके तहत 1991 में नियुक्त एक फॉरेस्टर का नियमितीकरण यह कहते हुए रद्द कर दिया गया था कि नियुक्ति के समय वह नाबालिग था।जस्टिस विकास बुधवार की पीठ ने कहा कि यह मामला धोखाधड़ी या गलत जानकारी का नहीं है और याचिकाकर्ता 1991 से सेवा में कार्यरत है। अदालत ने कहा कि उसकी नियुक्ति में यदि कोई गलती हुई भी, तो वह “अनियमितता” थी, “अवैधता” नहीं। मामले में याचिकाकर्ता को 1991 में वन दरोगा के रूप में नियुक्त किया गया था। 26 मार्च...