हाईकोर्ट
भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद: जैन समुदाय ने भी मांगा विवादित स्थल पर पूजा करने का अधिकार
भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद पर चल रही सुनवाई में जैन याचिकाकर्ताओं ने बुधवार (6 मई) को यह तर्क दिया कि विवादित स्थल की वास्तुकला की विशेषताएं माउंट आबू में स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिरों से मिलती-जुलती हैं।यह विवाद भोजशाला से जुड़ा है, जो 11वीं सदी का एक स्मारक है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित है। हिंदू इस स्थल को वाग्देवी, यानी देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम इसे कमल मौला मस्जिद मानते हैं। ASI द्वारा 2003 में किए गए एक समझौते के तहत हिंदू मंगलवार...
आरोपी अग्रिम ज़मानत न मिलने के बाद बिना सरेंडर किए या हालात बदले बिना FIR रद्द करने की मांग नहीं कर सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, जिसमें FIR रद्द करने की मांग की गई। कोर्ट ने कहा कि अग्रिम ज़मानत न मिलने के बाद कोई भी आरोपी सीधे तौर पर कोर्ट के 'अंतर्निहित क्षेत्राधिकार' (inherent jurisdiction) का इस्तेमाल करके FIR रद्द करने की मांग नहीं कर सकता, खासकर तब जब उसने न तो सरेंडर किया हो और न ही जांच में सहयोग किया हो।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"याचिकाकर्ता की यह कोशिश 'प्रक्रियात्मक पैंतरा' है। इसका मकसद अलग-अलग कानूनी रास्तों को आपस में मिलाकर अपने खिलाफ आए फैसलों से बचने की एक चाल...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 33 साल पुराने नकली पासपोर्ट वेरिफिकेशन मामले में पूर्व पुलिसकर्मी की सज़ा बरकरार रखी
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस के पूर्व असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) की सज़ा बरकरार रखी। यह मामला 33 साल पुराना है और इसमें नकली दस्तावेज़ों और झूठी पुलिस रिपोर्टों का इस्तेमाल करके पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश की गई।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने पूर्व ASI सूबे सिंह की अपील खारिज की, जिसमें उन्होंने IPC की धारा 120-B और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(d) (सपठित धारा 13(2)) के तहत अपनी सज़ा को चुनौती दी थी।अभियोजन पक्ष का यह मामला 1993 का है, जब चार आरोपियों ने कथित तौर पर नकली दस्तावेज़ों...
परिवार द्वारा प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने से बहन को भाई की प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक नहीं मिल जाता, जब तक कि सेल डीड को चुनौती न दी जाए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि परिवार के सदस्यों द्वारा किसी प्रॉपर्टी का सिर्फ़ इस्तेमाल करने से उस पर मालिकाना हक नहीं मिल जाता, खासकर तब जब मालिकाना हक साबित करने वाली रजिस्टर्ड सेल डीड को चुनौती न दी गई हो।एक महिला और उसके पति द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उन्हें महिला के भाई की प्रॉपर्टी खाली करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने पाया कि उनका वहां रहना सिर्फ़ अनुमति पर आधारित था और इससे उन्हें कोई कानूनी हक नहीं मिल...
संगठित अपराध सिंडिकेट किशोरों का शोषण कर रहे हैं, जघन्य अपराध करने के लिए किशोर न्याय कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि संगठित अपराध सिंडिकेट जघन्य अपराधों को अंजाम देने के लिए किशोरों का इस्तेमाल तेज़ी से कर रहे हैं। इन अपराधों में NDPS Act और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ़ ऑर्गेनाइज़्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) जैसे विशेष कानूनों के तहत आने वाले अपराध भी शामिल हैं।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने आगे कहा कि ये सिंडिकेट किशोर न्याय अधिनियम के उन लाभकारी प्रावधानों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिनमें ज़मानत के लिए कम सख्त नियम हैं।पीठ ने यह टिप्पणी एक हत्या के मामले में आरोपी 'कानून के साथ संघर्षरत...
'न्याय के हित' का मतलब यौन दुराचार के गंभीर आरोपों को दबाना नहीं है: दिल्ली हाईकोर्ट ने समझौते के बावजूद FIR रद्द करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़ी FIR रद्द करने से इनकार किया, भले ही दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। कोर्ट ने कहा कि समझौते के नाम पर यौन दुराचार के गंभीर आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा कि "न्याय के हित" का मतलब यह नहीं है कि किसी विवाद को खत्म करने या लंबित मामलों का बोझ कम करने के लिए गंभीर आरोपों को दबा दिया जाए।बेंच ने टिप्पणी की,"न्याय के हित" का मतलब सिर्फ़ मुक़दमेबाज़ों की सुविधा के हिसाब से किसी मामले को निपटा देना या कोर्ट में मामलों का...
गवाह का बयान FIR का आधार हो तो पूरे अभियोजन मामले की जांच FIR के आधार पर की जा सकती है: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी गवाह का बयान ही FIR का आधार बनता है, तो पूरे अभियोजन मामले की जांच FIR के संदर्भ में की जा सकती है और ऐसी स्थिति में FIR भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 11 के तहत प्रासंगिक तथ्य बन जाती है।जस्टिस बिबेक चौधरी और जस्टिस अंसुल की खंडपीठ दो आपराधिक अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जो बेगूसराय की बरौनी थाना कांड संख्या 47/2012 से संबंधित थीं। अपीलकर्ताओं को ट्रायल कोर्ट ने IPC की धारा 364/34, 302/34 और 120B के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।अभियोजन के...
'ट्रैफिक चालान लोक अदालत में लोगों को परेशानी न हो, पूरी व्यवस्था करें': पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान मामलों के सुचारु निपटारे के लिए राज्य प्रशासन को कई निर्देश जारी किए हैं। चीफ़ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ ने कहा कि लोक अदालत के दौरान अदालत परिसरों में आने वाली भीड़ को देखते हुए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि “वन टाइम ट्रैफिक चालान सेटलमेंट स्कीम, 2026” को कैबिनेट मंजूरी के बाद अधिसूचित कर दिया गया है। इसके बाद कोर्ट ने...
बच्चे की देखभाल करने वाली नानी CrPC की धारा 125 के तहत नाबालिग की याचिका दायर कर सकती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत नाबालिग बच्चे की ओर से भरण-पोषण की मांग करने वाली याचिका तब भी स्वीकार्य है, जब उसे बच्चे की नानी ने दायर किया हो—बशर्ते कि बच्चे की वास्तविक देखभाल वही कर रही हो।कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि याचिका की स्वीकार्यता को लेकर उठाई गई तकनीकी आपत्ति के पीछे एक गहरा मुद्दा छिपा है—कि क्या किसी नाबालिग के भरण-पोषण के वैधानिक अधिकार को केवल इसलिए खत्म किया जा सकता है, क्योंकि याचिका उसकी माँ ने दायर नहीं...
नाबालिग यदि स्वयं घर छोड़कर जाए तो साथ जाने मात्र से अपहरण नहीं बनता: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिग अपनी इच्छा से घर छोड़कर जाती है और कोई वयस्क केवल उसके साथ जाता है तो मात्र इस आधार पर उसे वैध अभिभावक की अभिरक्षा से अपहरण का दोषी नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस प्रदीप मित्तल की पीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 361 के तहत ले जाना या बहलाकर साथ ले जाना सिद्ध करने के लिए आरोपी की ओर से कोई सक्रिय और सकारात्मक कृत्य होना आवश्यक है।अदालत ने कहा,“धारा 361 में प्रयुक्त 'ले जाना' शब्द का अर्थ है आरोपी द्वारा ऐसा स्वैच्छिक और जानबूझकर...
दूसरे राज्य में जाने पर स्वतः नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ, भले वही जाति वहां भी सूचीबद्ध हो: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि कोई व्यक्ति यदि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित होता है तो वह अपने साथ अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं ले जा सकता, भले ही उसकी जाति दोनों राज्यों में अनुसूचित जाति के रूप में मान्य हो।जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की पीठ ने कहा कि किसी जाति को किसी विशेष राज्य में अनुसूचित जाति का दर्जा वहां की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दिया जाता है जो दूसरे राज्य में समान हो यह आवश्यक नहीं है।अदालत ने कहा,“एक...
जिन्न उतारने के बहाने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी मौलवी को जमानत नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- अंधविश्वास का उठाया फायदा
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस स्वयंभू धार्मिक उपचारकर्ता को जमानत देने से इनकार किया, जिस पर 'जिन्न उतारने' के नाम पर एक नाबालिग लड़की से यौन शोषण करने का आरोप है।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया दर्शाती है कि आरोपी जिसे मौलवी बताया गया, ने पीड़िता की शारीरिक और मानसिक कमजोरी तथा उसके परिवार के अंधविश्वास का अनुचित लाभ उठाया।मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 तथा POCSO Act की धाराओं 4 और 6 के तहत दर्ज FIR से संबंधित है।अभियोजन के अनुसार नाबालिग लड़की लंबे...
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक मामले में कॉन्ट्रैक्ट लेबर बोर्ड का आदेश रद्द, आपत्ति पर निर्णय न देने पर दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक से जुड़े संविदा श्रमिक विवाद में केंद्रीय सलाहकार संविदा श्रम बोर्ड की कार्रवाई रद्द की। अदालत ने कहा कि बोर्ड ने अधिकार-क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण आपत्ति पर निर्णय ही नहीं दिया और बिना कारण बताए जांच आगे बढ़ाने का आदेश पारित किया।जस्टिस शैल जैन की सिंगल बेंच ने बोर्ड की 90वीं बैठक में लिए गए उस निर्णय को निरस्त किया, जिसमें समिति को बैंक की मुंबई शाखाओं में संविदा श्रमिकों की नियुक्ति संबंधी जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया था।अदालत ने कहा कि बैंक...
भगोड़े आरोपियों का मुकदमा कैसे चलेगा? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने BNSS की धारा 356 के तहत 'अनुपस्थिति में ट्रायल' की पूरी प्रक्रिया बताई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि यदि कोई घोषित भगोड़ा आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी और मुकदमे से बचता है तो उसकी अनुपस्थिति में भी आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है। अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 356 के तहत अनुपस्थिति में ट्रायल की विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित की।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरी की पीठ ने इस प्रावधान को भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक प्रावधान बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया से भागने वाले आरोपियों के कारण होने वाली देरी...
23 आपराधिक मामले लंबित होने के बावजूद पासपोर्ट नवीनीकरण का अधिकार, विदेश यात्रा मौलिक अधिकार: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने 23 लंबित आपराधिक मामलों का सामना कर रहे 66 वर्षीय व्यक्ति को राहत देते हुए पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र देने से इनकार करने वाले कोटा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द किया।जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की पीठ ने कहा कि केवल लंबित आपराधिक मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति को पासपोर्ट नवीनीकरण से वंचित कर विदेश यात्रा से रोकना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी सहित विभिन्न...
गोद लेने के आदेश का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट को देना वैध, 2021 संशोधन बरकरार: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम (JJ Act) में वर्ष 2021 में किए गए उस संशोधन को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया, जिसके तहत गोद लेने के आदेश जारी करने की शक्ति अदालतों से लेकर जिला मजिस्ट्रेट को सौंप दी गई।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने कहा कि केवल मंच बदलने से संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं होता और यह संशोधन गोद लेने की प्रक्रिया को अधिक त्वरित एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया।याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि गोद लेने का...
नाबालिग स्टूडेंट को बुर्का पहनाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव के आरोपी स्टूडेंट को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत, मिली अग्रिम जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूली स्टूडेंट को अग्रिम जमानत दी, जिस पर आरोप है कि उसने नाबालिग स्टूडेंट का कथित रूप से ब्रेनवॉश कर उसे बुर्का पहनने और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला।जस्टिस अवनीश सक्सेना की पीठ ने आरोपी स्टूडेंट मालिश्का उर्फ मालिश्का फातमा को राहत देते हुए कहा कि पीड़िता के बयान के अतिरिक्त रिकॉर्ड पर ऐसा कोई अन्य ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे आरोपी की संलिप्तता प्रथम दृष्टया स्थापित हो सके।आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 5(1) के...
अवमानना कार्यवाही शुरू करने से इनकार के खिलाफ इंट्रा-कोर्ट अपील नहीं होगी, जब तक अदालत ने अधिकार क्षेत्र न लांघा हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया कि अवमानना अदालत द्वारा कार्यवाही शुरू करने से इनकार किए जाने के आदेश के खिलाफ विशेष अपील अथवा इंट्रा-कोर्ट अपील दाखिल नहीं की जा सकती, जब तक यह न दिखाया जाए कि अवमानना अदालत ने अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करते हुए पक्षकारों के अधिकारों या मूल विवाद के गुण-दोष पर फैसला दे दिया।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि यदि अवमानना अदालत बिना मूल विवाद के गुण-दोष में गए केवल कार्यवाही प्रारंभ करने से इनकार करती है, तो उसके आदेश के विरुद्ध...
आखिरी बार आरोपियों के साथ दिखी बच्ची, 10 घंटे में मिला शव: पटना हाईकोर्ट ने दुष्कर्म-हत्या मामले में उम्रकैद बरकरार रखी
पटना हाईकोर्ट ने आठ वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म और हत्या मामले में दो दोषियों की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि जब अभियोजन यह साबित कर दे कि पीड़िता आखिरी बार आरोपियों के साथ देखी गई थी और कुछ ही घंटों बाद उसका शव बरामद हुआ तो ऐसी स्थिति में आरोपियों पर यह दायित्व आ जाता है कि वे मृत्यु के संबंध में स्पष्टीकरण दें।जस्टिस बिबेक चौधुरी और जस्टिस अंसुल की खंडपीठ ने मुजफ्फरपुर की स्पेशल POCSO कोर्ट द्वारा 2018 में सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा के आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज करते हुए यह फैसला दिया।दोनों...
सांभर झील के पास सौर परियोजना को हाईकोर्ट की मंजूरी, प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए लगाए कड़े निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर जिले में सांभर झील के निकट प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना को अनुमति दी। साथ ही प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई शर्तें भी लगाईं।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि जिस भूमि पर परियोजना स्थापित की जानी है। वह सांभर झील अथवा किसी अधिसूचित आर्द्रभूमि का हिस्सा नहीं है, हालांकि यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण प्रजनन स्थल है।अदालत ने कहा कि शीतकाल में इस क्षेत्र में...




















