हाईकोर्ट

राज्य अपनाए तभी लागू होंगी ऋषि पाल सिंह मामले की गाइडलाइन, राजस्व अधिकारियों की जांच न होने मात्र से बेदखली आदेश रद्द नहीं होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत होने वाली कार्यवाही में ऋषि पाल सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में बताई गई गाइडलाइन तब तक अनिवार्य नहीं हैं, जब तक राज्य सरकार उन्हें औपचारिक रूप से लागू नहीं करती। केवल इन गाइडलाइन का पालन न किए जाने के आधार पर बेदखली के आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती।जस्टिस करुणेश सिंह पवार ने शाहबान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में समन्वय पीठ के फैसले पर भरोसा करते हुए कहा कि धारा 67 के तहत कार्यवाही उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता...

पति की मौत के बाद अनुकंपा नौकरी पाने वाली विधवा सास-ससुर को नहीं छोड़ सकती: राजस्थान हाईकोर्ट का सास को 25% सैलरी देने का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि मृतक कर्मचारी की पत्नी की मासिक सैलरी का 25% हिस्सा उसकी सास के खाते में ट्रांसफर किया जाए। पत्नी ने पति की मौत के बाद सहानुभूति के आधार पर नौकरी तो हासिल की, लेकिन बाद में दूसरी शादी कर ली और कथित तौर पर मृतक के माता-पिता को छोड़ दिया।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने कहा कि इस वादे के आधार पर सहानुभूति के आधार पर नौकरी का लाभ उठाने के बाद कि वह परिवार के अन्य सदस्यों की भी देखभाल करेगी, पत्नी उस जिम्मेदारी से खुद को अलग नहीं कर सकती जो नौकरी मिलने का आधार थी।आगे...

राजस्थान हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई की और नगर पालिका चुनाव से कुछ घंटे पहले उम्मीदवार को गिरफ्तारी से बचाया
अजमेर के केकड़ी नगर पालिका बोर्ड के चेयरमैन पद के लिए तय चुनाव से कुछ घंटे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार (21 सितंबर) को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उम्मीदवार को डर है कि उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चुनाव में हिस्सा लेने से रोक दिया जाएगा।इस याचिका पर सार्वजनिक अवकाश के दिन सुनवाई हुई।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि जब नागरिकों के मौलिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए तुरंत दखल की ज़रूरत हो तो न्याय के मंदिर के दरवाज़े बंद नहीं रह सकते। आगे कहा गया,"न्याय...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित तौर पर नकली लॉ डिग्री के मामले में FIR का सामना कर रहे वकील को अग्रिम ज़मानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित तौर पर नकली लॉ डिग्री के मामले में FIR का सामना कर रहे वकील को अग्रिम ज़मानत दी। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इस बात से कि यूनिवर्सिटी से डिग्री 'बिना वेरिफ़ाई हुए' (Unverified) वापस आ गई, शुरुआती स्तर पर यह साबित नहीं होता कि दस्तावेज़ जाली है।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की बेंच ने यह आदेश गौरव ब्रजवासी द्वारा दायर अग्रिम ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए दिया। यह अर्ज़ी धोखाधड़ी और जालसाज़ी (BNS के तहत) के अपराधों के लिए दर्ज FIR के सिलसिले में दायर की गई।यह FIR तब दर्ज की गई...

'ज़मानत की शर्तों पर पासपोर्ट जमा करने का मतलब यह नहीं कि उसे रिन्यू नहीं कराया जा सकता': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ज़मानत की शर्तों के तहत पासपोर्ट जमा करने का मतलब यह नहीं है कि उसे हमेशा के लिए रिन्यू नहीं कराया जा सकता, खासकर तब जब आरोपी कानूनी कार्यवाही से भागने की कोशिश न कर रहा हो।जस्टिस वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि पासपोर्ट रखने और विदेश यात्रा करने का अधिकार संविधान के आर्टिकल 21 के तहत व्यक्तिगत आज़ादी का हिस्सा है, लेकिन इस पर कानून और सक्षम अदालत के आदेशों के तहत उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।अदालत ने कहा,"न्यायिक आदेश के तहत पासपोर्ट जमा करने का मतलब यह नहीं है...

Oudh Bar Elections | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिसर में पोस्टर लगाने, खाना बांटने और जुलूस निकालने पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवध बार एसोसिएशन के 2026-27 के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को निर्देश दिया कि वे चुनाव के सिलसिले में हाई कोर्ट परिसर के अंदर पोस्टर या स्टिकर न लगाएं, जुलूस न निकालें और खाने-पीने की चीजें न बांटें।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने उम्मीदवारों को हाईकोर्ट परिसर के अंदर और कोर्ट परिसर के बाहर 100 मीटर के दायरे में बार के सदस्यों को हैंडबिल और पैम्फलेट बांटने से भी रोक दिया।ये निर्देश WPIL नंबर 177/2026 में पहले दिए गए आदेश में बदलाव की मांग करने वाली एक...

धार्मिक जुलूसों में शोर की सीमा लागू करने के लिए मंडलों को सिक्योरिटी डिपॉज़िट जमा करना होगा, पटाखों पर लगेगी रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (22 सितंबर) को कहा कि वह विस्तृत आदेश जारी करेगा, जिसमें तय सीमा से ज़्यादा शोर करने वाले पटाखों और धार्मिक जुलूसों के दौरान ढोल समूहों द्वारा म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले सिलेंडरों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की डिवीज़न बेंच ने सोमवार को धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर प्रदूषण के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया था।मामला जब सुनवाई के लिए आया तो बेंच ने एमिक्स...

हाईकोर्ट ने सागर में ज़हरीली शराब से हुई मौतों की जांच की मांग वाली PIL का निपटारा किया, कहा- राज्य पहले ही कार्रवाई कर चुका है
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार, 22 सितंबर को सागर ज़िले में ज़हरीली शराब से हुई मौतों की जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) का निपटारा किया। [2026 LiveLaw (MP) 383]यह देखते हुए कि राज्य ने पहले ही हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आयोग का गठन कर दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीज़न बेंच ने याचिका का निपटारा किया।खंडपीठ ने कहा,"फिलहाल, राज्य द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट होने के बाद कोर्ट इस मामले में आगे...

CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र की गलत पहचान बताने वाली पोस्ट हटाई गईं: सुधीर चौधरी ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
पत्रकार सुधीर चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटाईं, जिनमें एक छात्र एक्टिविस्ट की गलत पहचान बताई गई। आरोप है कि इस एक्टिविस्ट ने जून में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान संसद को नष्ट करने और भारत को नेपाल में बदलने की धमकी देने जैसी बातें कही थीं।यह बयान पत्रकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन ने जस्टिस तुषार राव गेडेला के सामने दिया।कोर्ट छात्र एक्टिविस्ट विजय शेरावत द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई कर रहा है।...

वकील ने फैसला नहीं बताया तो 27 दिन की देरी पर अपील खारिज नहीं की जा सकती: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि यदि वकील ने अपने मुवक्किल को फैसले की जानकारी समय पर नहीं दी और इसी वजह से अपील दाखिल करने में देरी हुई, तो केवल इस आधार पर अपील खारिज नहीं की जा सकती, खासकर तब जब मामले में कोई गंभीर लापरवाही या अत्यधिक देरी न हो। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में देरी को माफ करने के आवेदन पर उदार दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।जस्टिस मौलिक जे. शेलत ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें एक व्यक्ति ने दीवानी मुकदमे में जिला जज के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने में हुई 27 दिन की...

सब्सिडी पर PG मेडिकल पढ़ाई के बाद सरकारी सेवा बांड से नहीं बच सकते डॉक्टर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काउंसलिंग का मौका देने का दिया निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी संस्थान में रियायती दर पर पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा हासिल करने वाले डॉक्टर केवल इस आधार पर अनिवार्य सरकारी सेवा बांड से मुक्त नहीं हो सकते कि पढ़ाई पूरी होने के बाद सरकार ने उन्हें सेवा के लिए नियुक्ति देने में कुछ प्रशासनिक देरी की।हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अनिवार्य सरकारी सेवा के लिए निर्धारित काउंसलिंग में डॉक्टर को शामिल होने का अवसर देना जरूरी है। जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्धेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने संजय गांधी स्नातकोत्तर...

18 साल से अधिक उम्र के उम्मीदवारों को कानूनी अभिभावक प्रमाणपत्र जरूरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया कहा है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके NEET-UG उम्मीदवारों से एनआरआई कोटे के तहत प्रवेश के लिए Guardians and Wards Act, 1890 के तहत कानूनी अभिभावक प्रमाणपत्र मांगना लागू नहीं होता।जस्टिस जस्मीत सिंह ने कहा कि Guardians and Wards Act मुख्य रूप से नाबालिगों और उनकी देखभाल करने वाले अभिभावकों से संबंधित है। इसलिए इसके प्रावधान 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों पर लागू होते नहीं दिखते।क्या है मामला?मामला NEET-UG 2026 में सफल एक उम्मीदवार से जुड़ा है, जिसने 15%...

पुलिस भर्ती फॉर्म में लंबित मुकदमे की जानकारी न देना अपने आप में गलत घोषणा नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द किया चयन रद्द करने का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पुलिस भर्ती के आवेदन पत्र में अभ्यर्थी से केवल यह पूछा गया हो कि क्या उसे किसी अदालत ने दोषी ठहराया और लंबित आपराधिक मामले की जानकारी देने के लिए कोई अलग कॉलम या सवाल न हो, तो केवल लंबित मुकदमे का खुलासा नहीं करने के आधार पर अभ्यर्थी को गलत घोषणा करने वाला या जानबूझकर तथ्य छिपाने वाला नहीं माना जा सकता।जस्टिस अब्धेश कुमार चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी से किसी तथ्य का स्पष्ट रूप से खुलासा करने के लिए पूछा ही नहीं गया हो तो आवेदन के समय उस तथ्य की जानकारी न देना अपने आप...

पार्टी की सदस्यता छोड़ने पर विधायक की अयोग्यता सिर्फ विधानसभा सदस्यता तक, लोकसभा चुनाव लड़ने पर रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई विधायक स्वेच्छा से अपनी राजनीतिक पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है और इसके कारण संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य हो जाता है, तो यह अयोग्यता केवल उस सदन की सदस्यता तक सीमित रहती है, जिसका वह उस समय सदस्य था। ऐसी अयोग्यता उसे संसद का चुनाव लड़ने से नहीं रोकती।जस्टिस राज बीर सिंह ने यह टिप्पणी 78-भदोही लोकसभा सीट से निर्वाचित डॉ. विनोद कुमार बिंद के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए की।निचली सदन की सदस्यता पर ही लागू होगी अयोग्यताकोर्ट ने...

शादीशुदा बेटे की मां भी फैमिली मेंबर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकती है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी सरकारी कर्मचारी की मां, उसके विवाहित होने और पत्नी या बच्चों के मौजूद होने के बावजूद फैमिली मेंबर सर्टिफिकेट के लिए स्वतंत्र रूप से आवेदन कर सकती है।जस्टिस बी. एस. भानुमति की एकल पीठ ने तहसीलदार द्वारा मां के आवेदन को खारिज करने वाला आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने तहसीलदार को G.O.Ms.No.145, Revenue (SER.II) Department में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया।क्या है मामला?मामला एक पुलिस कांस्टेबल की मां से जुड़ा है, जिसकी...

11 मामलों में बरी होने के बावजूद लंबित दिखाया, एक ही दिन में NSA हिरासत आदेश; MP हाईकोर्ट ने किया रद्द
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत जारी एक व्यक्ति के निरोध आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि अधिकारियों ने रिकॉर्ड की सही जानकारी की जांच किए बिना यांत्रिक तरीके से कार्रवाई की और 11 ऐसे मामलों को लंबित बताया, जिनमें आरोपी पहले ही बरी हो चुका था।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि रिकॉर्ड से अधिकारियों की ओर से “दिमाग का इस्तेमाल न करने” (non-application of mind) की स्थिति स्पष्ट होती है।एक ही दिन में पूरी प्रक्रियामामले में...

बेटे की सगाई और कोर्ट मैरिज के लिए 64 वर्षीय महिला को पासपोर्ट वापस देने की अनुमति
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2021 के आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी 64 वर्षीय महिला को अपने बेटे की सगाई और कोर्ट मैरिज में शामिल होने के लिए अमेरिका जाने हेतु अस्थायी रूप से पासपोर्ट वापस लेने की अनुमति दी है।जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने हालांकि जमानत की शर्त के तहत पासपोर्ट जमा करने में दो साल से अधिक की देरी को देखते हुए महिला को दिल्ली के एक सरकारी स्कूल को ₹2 लाख मूल्य का फर्नीचर या अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।पासपोर्ट जमा करने में हुई थी देरीमहिला ने ट्रायल कोर्ट के...

एमपी हाईकोर्ट का अहम फैसला: कोर्ट जांच एजेंसी को अपनी राय के मुताबिक चार्जशीट दाखिल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट पर विचार करते समय अदालत जांच एजेंसी को केवल इसलिए चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश नहीं दे सकती कि अदालत जांच के नतीजे पर जांच एजेंसी की राय से सहमत नहीं है। जांच के बाद मामले में आरोप पत्र दाखिल किया जाए या क्लोजर रिपोर्ट पेश की जाए, इस संबंध में राय बनाना जांच एजेंसी के वैधानिक अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, कानून के तहत सक्षम अदालत को उपलब्ध न्यायिक अधिकार बरकरार रहते हैं।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस...

डेजर्टेशन के आधार पर तलाक मिलने से पत्नी का भरण-पोषण का अधिकार खत्म नहीं होता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि यदि किसी महिला को पति से डेजर्टेशन यानी परित्याग के आधार पर तलाक मिला हो, तब भी वह सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पूर्व पति से भरण-पोषण मांग सकती है। इसके लिए शर्त है कि उसने दोबारा शादी न की हो और वह स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम न हो।जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने सुल्तानपुर फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली महिला की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की। फैमिली कोर्ट ने महिला के भरण-पोषण का दावा खारिज किया...

एशियन गेम्स में खिलाड़ी को किसी वर्ग से बाहर रखने के फैसले में कोर्ट दखल नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी खिलाड़ी को किसी विशेष वर्ग में प्रतियोगिता से बाहर रखने का फैसला यदि संबंधित प्राधिकरण और विशेषज्ञों ने वस्तुनिष्ठ आधार पर लिया है, तो अदालत उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी 20वें एशियन गेम्स में महिला प्लस 87 किलोग्राम वर्ग के लिए चयन ट्रायल नहीं कराने के फैसले को चुनौती देने वाली खिलाड़ी मुस्कान राठी की याचिका खारिज करते हुए की।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि किसी खिलाड़ी को किसी विशेष वर्ग में भाग लेने से बाहर रखने का फैसला संबंधित प्राधिकरण और...
