हाईकोर्ट
खुद खर्च नहीं दिया, फिर पत्नी की दलीलें हटाने की मांग नहीं कर सकता पति: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पति स्वयं अदालत के आदेश का पालन करते हुए मुकदमे का खर्च समय पर नहीं देता तो वह बाद में पत्नी की लिखित जवाब दाखिल करने में देरी का लाभ उठाकर उसकी पैरवी का अधिकार खत्म करने की मांग नहीं कर सकता।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने पति की उस अपील को खारिज किया, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। फैमिली कोर्ट ने अपने आदेश में पत्नी को लिखित जवाब दाखिल करने का अधिकार बहाल किया था।मामले में पति ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा...
मानव जीवन की रक्षा को लेकर पुलिस की संवेदनशीलता अब भी बेहद कम: हाईकोर्ट ने बदायूं SSP को लगाई फटकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य की पहली जिम्मेदारी मानव जीवन बचाना है केवल अपराध होने के बाद अपराधियों को सजा दिलाना नहीं।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था एजेंसियों की मानव जीवन की रक्षा को लेकर संवेदनशीलता हमेशा कम रही है और आज भी वैसी ही बनी हुई है।अदालत ने ये टिप्पणियां बदायूं की सीनियर पुलिस अधीक्षक द्वारा दाखिल हलफनामे पर असंतोष जताते हुए कीं।मामला ननकराम...
सिर्फ कॉल डिटेल रिकॉर्ड से आपराधिक साजिश साबित नहीं होती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब तक बातचीत की सामग्री या “साझा आपराधिक मंशा” का ठोस प्रमाण न हो, तब तक केवल बार-बार फोन कॉल होना साजिश साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।जस्टिस हिमांशु जोशी की पीठ ने क्राइम ब्रांच में तैनात कांस्टेबल के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही और आरोपपत्र रद्द करते हुए यह फैसला सुनाया।अदालत ने कहा,“बातचीत की सामग्री के अभाव में केवल...
गिरफ्तार लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालना कानून से बाहर की सजा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा गिरफ्तार लोगों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की प्रवृत्ति पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि यह कानून से बाहर की सजा देने जैसा है और इससे निर्दोष माने जाने के मूल सिद्धांत का उल्लंघन होता है।जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि पुलिस जांच के नाम पर किसी आरोपी को दोषी घोषित नहीं कर सकती। अदालत ने इसे पुलिस द्वारा मीडिया ट्रायल बताते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस, तस्वीरों का प्रसार और गिरफ्तारी के प्रदर्शन जैसी कार्रवाइयों के...
केवल पुराने मुकदमों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट में दोषी नहीं ठहराया जा सकता: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल पुराने मुकदमों के पंजीकरण या आपराधिक इतिहास के आधार पर किसी व्यक्ति को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि संगठित आपराधिक गतिविधियों का एक क्रम मौजूद था और आरोपी उसमें साझा उद्देश्य के तहत शामिल थे।जस्टिस आशीष नैथानी गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रहे थे। स्पेशल जज नैनीताल ने...
पहली शादी से औपचारिक तलाक नहीं होने पर भी दूसरी पत्नी को भरण-पोषण का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि पहली शादी से औपचारिक तलाक का डिक्री न होने के बावजूद दूसरी शादी में रह रही महिला को भरण-पोषण पाने का अधिकार मिल सकता है। अदालत ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 में पत्नी शब्द की व्याख्या सामाजिक न्याय के उद्देश्य को ध्यान में रखकर उदार तरीके से की जानी चाहिए।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें पति को महिला को हर महीने 3 हजार रुपये भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था।पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर...
वैवाहिक विवादों में सुलह प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नहीं हो सकती: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि वैवाहिक विवादों में सुलह प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुलह का उद्देश्य पति-पत्नी को गोपनीय माहौल में आमने-सामने बातचीत का अवसर देना होता है, जिसे वर्चुअल माध्यम से प्रभावी ढंग से पूरा नहीं किया जा सकता।जस्टिस रवि नाथ तिलहरी ने यह फैसला अमेरिका के टेक्सास में रह रहे एक पति की याचिका खारिज करते हुए दिया। याचिकाकर्ता ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे सुलह...
देवी दुर्गा पर आपत्तिजनक गीत मामले में आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवी दुर्गा पर कथित आपत्तिजनक गीतों के निर्माण में आर्थिक और अन्य सहयोग देने के आरोपी राजवीर सिंह यादव को जमानत दी। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो कि आरोपी की किसी हरकत से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई हो।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने यह राहत देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ सह-आरोपी के बयान के अलावा कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है।मामला पिछले वर्ष नवरात्रि के दौरान वायरल हुए उन गीतों से जुड़ा है, जिनमें माता दुर्गा के खिलाफ कथित अभद्र...
किसी वकील को धमकाना स्वीकार्य नहीं: आंध्र प्रदेश के युवा वकीलों ने बार एसोसिएशन के रुख का किया विरोध
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के कई युवा वकीलों ने जज द्वारा जूनियर वकील को न्यायिक हिरासत में भेजने की धमकी देने के मामले में एसोसिएशन के रुख पर आपत्ति जताई है। युवा वकीलों ने कहा कि मामले को आपसी सहमति से सुलझा हुआ बताना बार के जूनियर सदस्यों की भावना को नहीं दर्शाता।दो सौ से अधिक युवा वकीलों ने एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र लिखकर गहरी निराशा जताई। पत्र में कहा गया कि किसी भी वकील को केवल फाइल जोर से रखने पर न्यायिक हिरासत की धमकी देना उचित नहीं है।विवाद उस वीडियो क्लिप से जुड़ा है,...
पांच साल से जेल में बंद आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत, कहा- लंबी अंडरट्रायल कैद अनुच्छेद 21 का उल्लंघन
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपहरण और हत्या के एक मामले में आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित मामले में लंबे समय तक मुकदमे से पहले जेल में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले त्वरित सुनवाई के अधिकार के खिलाफ है।जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने आरोपी रंजीत मेहतो को नियमित जमानत दी। वह वर्ष 2021 से जेल में बंद था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 364ए और 365 के तहत FIR दर्ज की गई। बाद में धारा 302 और 201 भी जोड़ी गईं।अभियोजन के अनुसार, श्याम मोहन शुक्ला का अपहरण...
POCSO मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- यौन हमले को साबित करने के लिए हाइमेन फटना जरूरी नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने छह वर्षीय बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के दोषी व्यक्ति की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि POCSO कानून के तहत भेदन संबंधी यौन हमले को साबित करने के लिए हाइमेन का फटना जरूरी नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम प्रवेश भी इस अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त है।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने यह टिप्पणी राजेंद्र शर्मा की अपील पर सुनवाई करते हुए की। राजेंद्र शर्मा को POCSO कानून की धारा 6 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(एफ) के तहत दोषी ठहराया गया। हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार...
अमन गुप्ता के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा करेगा दिल्ली हाईकोर्ट, फर्जी प्रचार और AI सामग्री पर सख्त रुख
दिल्ली हाईकोर्ट ने शार्क टैंक इंडिया के जज और इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड बोट लाइफस्टाइल के सह-संस्थापक अमन गुप्ता के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अंतरिम आदेश पारित करने का संकेत दिया।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान कहा,“हम आदेश पारित करेंगे।” अमन गुप्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट दिया कपूर और एडवोकेट नकुल गांधी अदालत में पेश हुए। सुनवाई के दौरान अदालत को कथित उल्लंघनकारी सामग्री की सूची और व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े पुराने फैसलों का ब्यौरा सौंपा गया।याचिका...
अदालत में कही गई 'नहीं छोड़ेंगे' जैसी बात आपराधिक धमकी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला वादकारी को कथित तौर पर दोबारा कोर्ट आई तो नहीं छोड़ा जाएगा, कहने के आरोपी वकील को राहत देते हुए उसके बरी होने का फैसला बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि यह बयान केवल बहस और झड़प के दौरान किया गया सामान्य गुस्से भरा कथन था, जिसे आपराधिक धमकी नहीं माना जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 503 और 506 के तहत आपराधिक धमकी साबित करने के लिए स्पष्ट धमकी, नुकसान पहुंचाने की मंशा और पीड़ित में वास्तविक डर पैदा होना जरूरी है। केवल गुस्से...
NDTV की खबरों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे अनिल अंबानी, कोर्ट ने किया अंतरिम राहत देने से इनकार
उद्योगपति अनिल अंबानी ने CBI और ED मामलों से जुड़ी कथित मानहानिकारक खबरों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में न्यूज़ चैनल NDTV के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। इस मामले की सुनवाई जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद की अदालत में हुई।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने NDTV को नोटिस जारी करते हुए अनिल अंबानी की अंतरिम रोक लगाने की मांग पर जवाब मांगा। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया और मामले की अगली सुनवाई जुलाई में तय की।सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रसाद ने कहा,“समाचार और विचार में फर्क होता है,...
हम किस ओर बढ़ रहे हैं? परेशान करने वाली घटनाएं
आप के सात राज्यसभा सदस्यों का दलबदल और सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होना सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी के लिए एक खतरनाक संकेत है।दलबदल लोगों के जनादेश का उल्लंघन करते हैं जो लोकतंत्र की आत्मा है। लोकतंत्र एक मजाक में बदल जाता है। यह इस बीमारी को दूर करने के लिए है कि दलबदल विरोधी कानून-संविधान की अनुसूची X लाया गया था। जबकि दोष देने वाले सदस्यों/विधायकों को अयोग्यता का सामना करना पड़ता है, पैराग्राफ 4- में कुछ अपवाद बनाया गया है कि यह विलय के मामले में लागू नहीं होगा। ऐसा लगता है कि वर्तमान मामले में...
निलंबन से लेकर सिविल डेथ तकः भारतीय सेवा न्यायशास्त्र में निर्वाह भत्ते पर पुनर्विचार
एक लोकतांत्रिक राज्य की वैधता एक सामाजिक अनुबंध पर टिकी हुई है जहां संप्रभु अपने सेवकों की आजीविका की रक्षा करता है। सेवा न्यायशास्त्र के ढांचे के भीतर, निर्वाह भत्ता का प्रावधान प्राथमिक तंत्र है जो प्रशासनिक निलंबन को जीवन के संवैधानिक अधिकार के उल्लंघन में विकसित होने से रोकता है। लेकिन व्यावहारिक सवाल उठता है कि क्या राज्य निलंबन का सामना कर रहे कर्मचारियों के ऐसे अधिकार की रक्षा करने में सक्षम है।"सब्सिस्ट" शब्द का शब्दकोश अर्थ "भोजन की तरह जीवित रहना; अस्तित्व में रहना" और "निर्वाह" "जीवन...
सोहराबुद्दीन कथित फर्जी मुठभेड़ मामला: 22 पुलिसकर्मियों की बरी होने के खिलाफ दायर अपील हाईकोर्ट ने की खारिज
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 22 पुलिसकर्मियों को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपीलों को खारिज किया।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने गुरुवार को खुले न्यायालय में यह फैसला सुनाया।ये अपीलें सोहराबुद्दीन के भाइयों रुबाबुद्दीन और नयाबुद्दीन द्वारा दायर की गई थीं, जिनमें स्पेशल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें गुजरात के 22 पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया गया।सुनवाई के दौरान केंद्रीय...
चार्जशीट के बाद अदालत में पेश होना गिरफ्तारी नहीं, CrPC की धारा 170 का गलत अर्थ नहीं निकाला जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने जालसाजी के मामले में आरोपियों के खिलाफ जारी जमानती वारंट रद्द करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 170 के तहत आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने का अर्थ उसकी गिरफ्तारी या न्यायिक हिरासत नहीं होता।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की पीठ ने कहा कि यदि जांच एजेंसी ने जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार करना आवश्यक नहीं समझा, तो केवल चार्जशीट दाखिल होने के बाद औपचारिक रूप से जमानत विचार के लिए आरोपी को हिरासत में नहीं भेजा जा सकता।अदालत ने कहा,“CrPC...
वीजा अवधि से अधिक रुकने की आरोपी बांग्लादेशी हिंदू महिला को राहत नहीं, धार्मिक उत्पीड़न का दावा साबित करना होगा: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी हिंदू महिला के खिलाफ अवैध रूप से भारत में रहने के मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न की शिकार होने के कारण उसे कानूनी संरक्षण मिल सकता है या नहीं, इसका फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी ने कहा कि Immigration and Foreigners (Exemption) Order, 2025 के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को संरक्षण दिया गया है, लेकिन यह...
दोहरे दंड के खिलाफ याचिका देरी के आधार पर खारिज नहीं की जा सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि 'दोहरे दंड' (double jeopardy) के सिद्धांत का हवाला देने वाली याचिकाओं को केवल देरी या सबूत पेश करने की ज़रूरत के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि दोहरे दंड से सुरक्षा एक संवैधानिक और मौलिक अधिकार है। इसे ट्रायल के दौरान किसी भी समय इस्तेमाल किया जा सकता है।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की बेंच ने यह टिप्पणी की:"जब ऐसी कोई याचिका, जिसमें दोहरे दंड के सिद्धांत का हवाला दिया गया हो, दायर की जाती है तो उसे न तो देरी के आधार पर और न ही इस आधार पर...



















